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Home मध्य प्रदेश शिवराज कैबिनेट कि बैठक संपन्न,सरकार SGST में देगी 15 साल तक छूट.....

शिवराज कैबिनेट कि बैठक संपन्न,सरकार SGST में देगी 15 साल तक छूट.....

भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। कैबिनेट की मीटिंग के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि मप्र की सरकार लगातार प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रही है। आज मप्र के इतिहास के सबसे बड़े निवेश प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।

विश्वास सारंग ने बताया, सीएम की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की निवेश संवर्धन सब कमेटी की बैठक में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) को मध्यप्रदेश में अभी तक के सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट के लिए बड़ी रियायतें देने का निर्णय लिया है। बीना रिफाइनरी के कैंपस में ही भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड अपना एक विस्तारित प्लांट लगाने जा रहा है। इस प्लांट में BPCL लगभग 45 से 50 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट मध्यप्रदेश में करेगा। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट होगा। इसमें गैसोलीन, डीजल, एलएलडीपी और पॉलीप्रोपलीन आदि का प्रोडक्शन होगा। इस प्लांट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दो लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

बीपीसीएल ने मप्र सरकार से कुछ रियायतें मांगी थीं। सरकार ने बीपीसीएल के नए वेंचर के लिए स्टेट जीएसटी में 15 हजार करोड़ की छूट 15 साल के लिए देने का निर्णय किया है। BPCL को 500 करोड़ रुपए का इंटरेस्ट फ्री लोन उपलब्ध कराएगी। BPCL ने बिजली में 1 रु. प्रति यूनिट की रियायत मांगी है। इसे भी निवेश संवर्धन समिति ने मंजूरी दी है। यह मध्यप्रदेश के लिए बड़ी प्रसन्नता की बात है

सारंग ने कहा- मोटे अनाज मिलेट्स को लेकर देश भर में बडे़ स्तर पर जन जागरण हुआ है। आज कैबिनेट में मध्य प्रदेश राज्य मिलेट्स मिशन की घोषणा की गई है। यह इस उद्देश्य के साथ स्थापित किया गया है कि हम मोटे अनाज के प्रचार प्रसार उसके उत्पादन और उसके उपयोग इन तीनों आयामों पर काम करेंगे। इस मिशन की अवधि 2025 तक 2 साल के लिए रहेगी। इसमें किसानों को सहकारी संस्थानों द्वारा मोटे अनाज के बीच 80% सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि किसान ज्यादा से ज्यादा मोटे अनाज का उत्पादन करें। इसके साथ ही किसानों को इस उत्पादन के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्यशाला और प्रशिक्षण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।मोटे अनाज के वैल्यू एडिशन के लिए सरकार अलग से जन जागरण अभियान चलाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि जो किसान मोटे अनाज का उत्पादन करते हैं। उन्हें बड़े स्तर पर उसका आर्थिक लाभ मिल सके।

मंत्री सारंग ने बताया कि मोटे अनाज की ज्यादा से ज्यादा लोगों में लोकप्रियता हो, इसके लिए मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि सरकारी कार्यों में जहां भोजन की व्यवस्था रहती है, उसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि कम से कम एक डिश मिलेट्स से बनी हुई हो। हफ्ते में एक दिन मिड डे मील में बच्चों को भी मोटे अनाज का भोजन कराने पर विचार करने को कहा है। हॉस्टल में भी हफ्ते में एक दिन मोटे अनाज से बने व्यंजन बनाने की बात मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए हैं। मध्यप्रदेश में मोटे अनाज को लेकर जागरूकता के लिए अगले 2 सालों में बड़े स्तर पर काम करेंगे। इस मिशन के लिए अलग से लगभग 2325 लाख रूपए के बजट का प्रावधान रखा गया है। जो किसानों को बीज उपलब्धता के साथ जन जागरण के लिए मदद करेगा।

सारंग ने बताया गेहूं अधिसूचित कृषि उपज में आती है। कि किसानों के हित में आज निर्णय करते हुए कैबिनेट ने यह निर्णय किया है कि गेहूं एक्सपोर्ट करने के लिए यदि किसान मंडी शुल्क देते हैं तो उसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। इसका प्रावधान आज की मंत्रिपरिषद में किया गया है।

सारंग ने कहा- देश में ग्रीष्मकालीन मूंग का 40% उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। बीते साल मध्यप्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था। उसका उपार्जन मार्कफेड द्वारा किया गया था। लेकिन मार्कफेड से सिर्फ 25% मूंग केंद्र सरकार द्वारा ली गई थी। बाकी प्रति 75% मूंग का विक्रय मार्कफेड द्वारा किया गया था। उससे किसानों के हित में लाभ मिल सके और उचित दाम मिल सके। सरकार ने यह निश्चित किया था कि मूंग को लेकर मार्कफेड को जो आर्थिक हानि हुई है उसकी प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी।

सारंग ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों एक निर्णय दिया था कि ट्रांसजेंडर समुदाय को पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाए। आज मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया है कि पिछड़ा वर्ग की सूची में क्रमांक 94 पर ट्रांसजेंडर को सम्मिलित किया जाएगा।

कैबिनेट ने सिंचाई की बड़ी 2 परियोजनाओं की स्वीकृति दी। उज्जैन जिले के महिदपुर विकासखंड के ग्राम डूंगरिया के समीप छपरा नदी पर बांध बनाया जाएगा इसमें 104 करोड रुपए की लागत से बांध निर्माण होगा। इसके साथ ही टिटौली डिस्ट्रीब्यूटर परियोजना के पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति भी आज की बैठक में दी गई।

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