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  <title>EnewsMP.com - Hindi News, Rewa News, Madhya Pradesh News, Satna News, Sidhi News, City News, Latest News, Life Style And Vindhya Khabar</title>
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  <pubDate>2026-08-04T12:00:00</pubDate>


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    <title>आज कुसमी में होगी उपखंड स्तरीय जनसुनवाई, कलेक्टर विकास मिश्रा स्वयं सुनेंगे लोगों की समस्याएं</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-04 06:42:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- कुसमी विकासखंड के नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आज (4 अगस्त) जनपद पंचायत सभागार, कुसमी में उपखंड स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जनसुनवाई में कलेक्टर विकास मिश्रा स्वयं उपस्थित रहकर आमजन की शिकायतें सुनेंगे तथा उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे।

मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से अब जिला मुख्यालय के साथ-साथ विकासखंड स्तर पर भी नियमित जनसुनवाई की व्यवस्था शुरू की गई है।

जिला मुख्यालय में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में सभी संबंधित विभागों के खंड स्तरीय अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं ग्राम पंचायत सचिव अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का मौके पर परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने कुसमी विकासखंड के नागरिकों से अपील की है कि वे आज आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि उनका समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण किया जा सके।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विकासखंड स्तर पर जनसुनवाई शुरू होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।
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  <item>
    <title>दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर सीधी में जश्न, कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाई और की आतिशबाजी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-03 20:44:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत के बाद जिला कांग्रेस कमेटी सीधी ने रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय जवाहर कांग्रेस भवन के सामने विजय उत्सव मनाया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की, ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की।

इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए दतिया की जनता का आभार जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा कि दतिया उपचुनाव का परिणाम प्रदेश की जनता के कांग्रेस के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने इसे प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण संदेश बताते हुए कहा कि आमतौर पर उपचुनाव में सत्तारूढ़ दल को बढ़त मिलती है, लेकिन दतिया की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में जनादेश देकर अलग संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेगी और किसानों, युवाओं, कर्मचारियों, व्यापारियों तथा अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी। उनके अनुसार इस जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है, जिसका असर आगामी चुनावों में भी देखने को मिलेगा।

विजय उत्सव में नगर पालिका उपाध्यक्ष दानबहादुर सिंह, जिला संगठन महामंत्री ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश सिंह 'रिंकू', उपाध्यक्ष हरिहर सोनी, महामंत्री अशोक कोरी, भूपेंद्र सिंह, जिला कार्यालय प्रभारी दिनेश पाठक, नगर कांग्रेस अध्यक्ष हल्के सोनी, शशिकला द्विवेदी, गोविंद गुप्ता, कृतिमा सिंह, रेखा सिंह, रामभिलाष पटेल, सुनील सिंह, नागेश्वर साकेत, अजीत सिंह, कैलाश वर्मा, जैनेन्द्र जायसवाल, श्रीनिवास जायसवाल, रमेश सेन, विक्रमादित्य बघेल, दिग्विजय सिंह, मोहम्मद बिलाल, रोहित द्विवेदी, अलंकार द्विवेदी, गंगा वर्मा, अभिनव बघेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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  <item>
    <title>दतिया उपचुनाव: 8वें राउंड के बाद कांग्रेस 6,583 वोटों से आगे, 7 राउंड की मतगणना बाकी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-03 14:14:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>दतिया(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में आठवें राउंड के बाद कांग्रेस ने बढ़त मजबूत कर ली है। ताजा रुझानों के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार 6,583 मतों से आगे चल रहे हैं। हालांकि अभी सात राउंड की मतगणना शेष है और अंतिम परिणाम आना बाकी है। 

दतिया पॉलीटेक्निक कॉलेज में चल रही मतगणना के आठवें राउंड में कांग्रेस को 6,828 और भाजपा को 3,540 वोट मिले। इसके बाद कांग्रेस की कुल बढ़त बढ़कर 6,583 वोट हो गई। कुल 15 राउंड की मतगणना में से अब सात राउंड शेष हैं। 

 कांग्रेस ने जताया जीत का भरोसा

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि भाजपा के जिस नेता का टिकट कटा, उनके समर्थकों का भी कांग्रेस को समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक समीकरण कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं और पार्टी मजबूत स्थिति में है।

 भाजपा ने भी जताया जीत का विश्वास

वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा ही चुनाव जीतेगी। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे संगठन की मेहनत का परिणाम होगा। मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी नेताओं ने पूरी ताकत से चुनाव प्रचार किया है और उसका सकारात्मक परिणाम मिलेगा। 

क्यों हो रहा है उपचुनाव?

दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। उनकी सदस्यता सहकारी ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े धोखाधड़ी प्रकरण में सजा मिलने के बाद समाप्त हुई थी। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों से हराया था। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था और आज मतगणना जारी है। </description>
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    <title>सावन का पहला सोमवार आज: शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे मंदिर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-03 10:01:38</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- सावन माह के पहले सोमवार पर जिले भर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचे। पूरे जिले में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला और "हर-हर महादेव" तथा "बम-बम भोले" के जयघोष से शिवालय गूंज उठे।

जिले के प्रसिद्ध बढ़ौरानाथ शिव मंदिर (बढ़ौरा), नीलकंठ महादेव मंदिर (मौहार), देवतालाब शिव मंदिर तथा चंदरेह स्थित शिव मंदिर में सुबह से ही दर्शन और पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

 पूरे सावन भर होंगे विशेष धार्मिक आयोजन

सावन माह को लेकर सभी प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां की गई हैं। मंदिरों में रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन, शिव महापुराण पाठ, महाआरती और प्रसाद वितरण जैसे आयोजन पूरे माह चलते रहेंगे। दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

 पहले सोमवार पर बना शुभ संयोग

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष सावन के पहले सोमवार पर बना विशेष शुभ संयोग भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना और व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

 सुरक्षा और व्यवस्थाओं के रहे विशेष इंतजाम

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसरों में सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस एवं प्रशासनिक अमला प्रमुख मंदिरों में तैनात रहा, वहीं मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, दर्शन व्यवस्था और प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
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    <title>आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे प्रदेशभर के पटवारी, राजस्व विभाग की कई सेवाएं होंगी प्रभावित</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-03 08:06:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। संघ का कहना है कि जब तक वर्षों से लंबित मांगों पर शासन ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य और ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।

 दूसरे राज्यों से कम ग्रेड पे मिलने का आरोप

पटवारी संघ का कहना है कि मध्यप्रदेश में पटवारियों को अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम ग्रेड पे दिया जा रहा है। संघ के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में पटवारियों को 2800 रुपये ग्रेड पे मिल रहा है। कर्नाटक में 3600 रुपये तथा उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कुछ अन्य राज्यों में 4200 रुपये ग्रेड पे दिया जा रहा है।

संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र बघेल ने बताया कि मांगों को लेकर पहले चरणबद्ध आंदोलन किया गया। पहले काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया, इसके बाद शासकीय व्हाट्सएप समूहों और ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया गया। शासन स्तर पर सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है।

ये हैं पटवारियों की प्रमुख मांगें

पटवारी संघ ने शासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें पटवारी कैडर रिव्यू, लंबित नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा का शीघ्र आयोजन, जज प्रोटेक्शन एक्ट की तर्ज पर विधिक संरक्षण, कर्मचारियों के हित में पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करना, अतिरिक्त कार्यों का युक्तियुक्तकरण कर उचित पारिश्रमिक देना तथा वर्षों से लंबित सभी मांगों का शीघ्र निराकरण शामिल है।

इन सेवाओं पर पड़ेगा असर

हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के 12 से अधिक ऑनलाइन पोर्टल और विभिन्न शासकीय सेवाएं प्रभावित होंगी। इनमें ई-टोकन, वेब जीआईएस, रिकॉर्ड अपडेट, सारा पोर्टल, सारा एप्लिकेशन, आरसीएमएस, सीएम हेल्पलाइन, लघु सिंचाई गणना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े रिकॉर्ड सत्यापन, रिकॉर्ड स्कैनिंग, राजस्व वसूली और फार्मर रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।

इसके अलावा नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, खसरा-खतौनी, गिरदावरी, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई, कब्जा दिलाने, कानून-व्यवस्था से जुड़े राजस्व दायित्व तथा अन्य फील्ड और कार्यालयीन कार्य भी प्रभावित होने की संभावना है। इससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

 सरकार से जल्द समाधान की मांग

पटवारी संघ का कहना है कि वर्तमान में उनसे लगातार नए-नए ऑनलाइन और मैदानी कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन उनकी वर्षों पुरानी मांगों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। संघ का आरोप है कि राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों की वेतनमान और पदोन्नति संबंधी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

संघ ने सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
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  <item>
    <title>एमपी में 7 अगस्त से शुरू होगा 'जन विश्वास अभियान', लंबित विभागीय नियुक्तियों की भी होगी समीक्षा</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-02 19:04:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार 7 अगस्त से प्रदेशव्यापी **मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026** शुरू करने जा रही है। अभियान के दौरान आम जनता की समस्याओं के निराकरण, विकास कार्यों की समीक्षा और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन के साथ-साथ विभिन्न विभागों एवं समितियों में लंबित राजनीतिक और विभागीय नियुक्तियों की भी समीक्षा की जाएगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू होने वाले इस अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना है। अभियान के तहत मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी जिलों का दौरा कर विकास कार्यों एवं जनशिकायतों की समीक्षा करेंगे। 

 लंबित नियुक्तियों का तैयार होगा ब्योरा

अभियान के दौरान विभिन्न विभागों, निगमों, मंडलों, प्राधिकरणों और समितियों में लंबित नियुक्तियों की भी समीक्षा की जाएगी। सरकार ऐसे सभी प्रकरणों का ब्योरा तैयार कर रही है, ताकि आवश्यक नियुक्तियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। 

 विकास कार्यों और योजनाओं की होगी निगरानी

जन विश्वास अभियान के तहत जिलों में विकास परियोजनाओं की प्रगति, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतें, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान योजना, जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी सेवाएं, किसानों से जुड़े मुद्दे तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की जाएगी। जहां संभव होगा, शिकायतों का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। 

 हर शुक्रवार होंगे मैदानी दौरे

राज्य सरकार की योजना के अनुसार 7 अगस्त से अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इन दौरों के दौरान नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए जाएंगे।</description>
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  <item>
    <title>एमपी में 4-5 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून, सीधी-रीवा समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-02 08:30:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में दो दिन सामान्य बारिश के बाद एक बार फिर मानसून रफ्तार पकड़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 4 और 5 अगस्त से प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। सीधी, सतना, रीवा, पन्ना, शहडोल और उमरिया सहित कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अगले दो दिन हल्की से मध्यम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होती रहेगी। फिलहाल अगले 48 घंटों के दौरान किसी भी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान के ऊपर एक निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है, जबकि मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है।

 4 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

5 अगस्त को यहां बरसेंगे तेज बादल

5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

 अधिकांश जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 43 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें सीधी, सिंगरौली, सतना, रीवा संभाग के कई जिले, छतरपुर, पन्ना, जबलपुर, कटनी, सागर, दमोह, मंडला, डिंडौरी, बैतूल, उज्जैन, रतलाम, विदिशा, शिवपुरी, मुरैना सहित कई जिले शामिल हैं।

वहीं भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, भिंड और कुछ अन्य जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदी-नालों के आसपास सावधानी बरतने तथा मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
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  <item>
    <title>बदहाल सड़क बनी मजबूरी: किशोर के शव को खाट पर रखकर पैदल ले गए ग्रामीण</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-01 15:00:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले के सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत दुधमनियां गांव में सड़क की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है। यहां 16 वर्षीय किशोर की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को उसका शव खाट पर रखकर करीब आधा किलोमीटर पैदल मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। बारिश के कारण कच्ची सड़क दलदल में तब्दील हो गई थी, जिससे एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। घटना शुक्रवार की है, जबकि इसका वीडियो शनिवार को सामने आया।

 खराब सड़क बनी सबसे बड़ी बाधा

जानकारी के अनुसार, दुधमनियां निवासी 16 वर्षीय सुनील सिंह, पिता राजमोहन सिंह, की शुक्रवार को मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव को मुख्य मार्ग तक ले जाना था, लेकिन गांव की कच्ची और कीचड़युक्त सड़क के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखकर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में सड़क व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

बारिश में दलदल बन जाती है सड़क

स्थानीय निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव से मुख्य सड़क तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह कच्ची है। बारिश के दिनों में यह मार्ग दलदल में बदल जाता है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ हजार आबादी वाले इस गांव के लोग वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

किशोर ने फांसी लगाकर की थी आत्महत्या

सरई थाना प्रभारी प्रहलाद मैस्क्युले ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। परिजनों के अनुसार, पिछले करीब दो सप्ताह से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को सरई तक लाने के लिए वाहन की व्यवस्था की थी, लेकिन सड़क की अत्यंत खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। थाना प्रभारी ने स्वीकार किया कि क्षेत्र की जर्जर सड़क के कारण ही ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई।
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    <title>सीएम आज करेंगे पौधारोपण महाअभियान की शुरुआत, 362 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-01 11:13:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जबलपुर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे 11 लाख पौधारोपण महाअभियान का शुभारंभ करेंगे और शहर को 362 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य आकर्षण 11 लाख पौधारोपण महाअभियान रहेगा। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विभिन्न सरकारी विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सहभागिता से पौधारोपण किया जाएगा। 

इसके अलावा मुख्यमंत्री 362 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सीवेज एवं अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं के शुरू होने से शहर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर शहरी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। 

राज्य सरकार का कहना है कि पौधारोपण अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। सरकार नागरिकों से पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल में भी सक्रिय भागीदारी की अपील कर रही है। 

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    <title>सीधी में दिल दहला देने वाली वारदात: 5 दिन की नवजात को पानी भरे ड्रम में डुबोकर मारने का आरोप, मां गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-01 09:21:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र अंतर्गत भेलकी गांव में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महज पांच दिन की नवजात बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि नवजात की मौत पानी से भरे ड्रम में डूबने से हुई थी। पुलिस ने आरोपी मां के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम भेलकी निवासी **पंकज पटेल** की पांच दिन की नवजात बेटी की संदिग्ध मौत की सूचना मिलने पर चुरहट थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, शव पंचनामा, साक्ष्य संकलन तथा परिजनों के बयान दर्ज किए गए।

जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि नवजात की मां **सोनू पटेल (21 वर्ष)** प्रसव के बाद मानसिक रूप से अत्यधिक तनाव में थी। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि दूसरी बार बेटी होने और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारियों को लेकर वह परेशान थी। इसी मानसिक स्थिति में उसने कथित रूप से घर के स्नान स्थल में रखे पानी से भरे नीले प्लास्टिक ड्रम में नवजात बच्ची को डुबो दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण **पानी में डूबने से श्वासावरोध (दम घुटना)** बताया गया है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ **भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)** के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे मानसिक तनाव को कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
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    <title>जिले में डिप्टी कलेक्टरों के बीच कार्यों का नया बंटवारा, कलेक्टर विकास मिश्रा ने जारी किए आदेश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-08-01 07:37:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी एवं सुचारु संचालन के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा ने संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदारों के बीच नवीन कार्य विभाजन के आदेश जारी किए हैं। यह व्यवस्था प्रभारी डिप्टी कलेक्टर आर.पी. त्रिपाठी के सेवानिवृत्त होने तथा डिप्टी कलेक्टर सागर जैन एवं स्वर्णा दीवान द्वारा प्रशिक्षण उपरांत कार्यभार ग्रहण करने के बाद लागू की गई है।
जारी आदेश के अनुसार संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार पाण्डेय को उपखण्ड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) मझौली का दायित्व सौंपा गया है।
वहीं डिप्टी कलेक्टर प्रिया पाठक को उपखण्ड अधिकारी (राजस्व) गोपद बनास नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें भू-अभिलेख, भू-प्रबंधन, नजूल एवं जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) से संबंधित कार्यों का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
डिप्टी कलेक्टर (परिवीक्षाधीन) सागर जैन को उपखण्ड मजिस्ट्रेट कुसमी के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी प्रकार डिप्टी कलेक्टर (परिवीक्षाधीन) स्वर्णा दीवान को जिला आपूर्ति अधिकारी का प्रभार दिया गया है। साथ ही उन्हें राजस्व राहत, सीएम हेल्पलाइन, जनसंपर्क निधि, व्यवहार न्यायालय, कार्यालय अधीक्षक सहित विभिन्न प्रशासनिक शाखाओं की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
इसके अतिरिक्त प्रभारी तहसीलदार (नजूल) मीनाक्षी जायसवाल को जनसुनवाई, आवक-जावक, टाइपिंग एवं कम्प्यूटर शाखा, जनगणना-2027, वन व्यवस्थापन, प्रतिलिपि शाखा, अल्प बचत, संस्थागत वित्तीय कार्य एवं सामान्य अभिलेखागार सहित कई महत्वपूर्ण शाखाओं का दायित्व सौंपा गया है।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के बीच लिंक ऑफिसर भी नियुक्त किए हैं। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रभारित कार्यों का निर्वहन पूर्ण जवाबदेही, बेहतर समन्वय और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करें।</description>
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    <title>मंडी शुल्क बढ़ाने के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, फैसला वापस लेने की मांग</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-31 17:15:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को मंडी कार्यालय सीधी पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने मंडी शुल्क में की गई वृद्धि को किसानों और व्यापारियों के हितों के विपरीत बताते हुए निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ, भोपाल तथा जिला कांग्रेस कमेटी सीधी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह के निर्देशानुसार कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मंडी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि मंडी शुल्क बढ़ने से किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसका सीधा असर कृषि उपज के कारोबार और किसानों की आय पर पड़ने की आशंका है।

कांग्रेस ने मांग की कि मंडी शुल्क से संबंधित किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले व्यापारी संगठनों, किसान प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित हितधारकों से व्यापक चर्चा की जाए। सभी पक्षों की सहमति के आधार पर ही नई व्यवस्था लागू की जाए, ताकि किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।

ज्ञापन में भविष्य में मंडी शुल्क में वृद्धि अथवा किसी अन्य नीतिगत बदलाव से पहले संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत विमर्श किए जाने की मांग भी की गई।

इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी सीधी उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, जिला कांग्रेस कमेटी सीधी के संगठन महासचिव ज्ञानेन्द्र अग्निहोत्री, महासचिव जय सिंह, सचिव उमेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष रजनीश श्रीवास्तव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विवेक सिंह, उपाध्यक्ष सानेन्द्र सिंह, शुभम पटेल, राहुल पाण्डेय, सद्दाम पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, व्यापारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    <title>मझौली में हत्या का 48 घंटे में खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; नाबालिग अभिरक्षा में</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-31 17:07:26</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मझौली थाना क्षेत्र के ग्राम खरबर में हुई 50 वर्षीय व्यक्ति की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में एक 21 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना में शामिल एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार 28 जुलाई को ग्राम खरबर निवासी छबीलाल बैगा का शव जंगल चौकी के पास नाले में मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि 27 जुलाई की शाम छबीलाल मवई नदी पार कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में रामप्रसाद बैगा और उसके साथ मौजूद एक विधि विरुद्ध बालक से उसका विवाद हो गया।

विवाद बढ़ने पर दोनों ने लकड़ी के डंडों से छबीलाल पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि दोनों उसे नाले में फेंककर मौके से फरार हो गए। उपचार नहीं मिल पाने के कारण 28 जुलाई को उसकी मौत हो गई।

 प्रत्यक्षदर्शियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुला मामला

पुलिस ने जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाया। जांच के बाद थाना मझौली में धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने रामप्रसाद बैगा (21), निवासी ग्राम बड़वाही, थाना जनकपुर, जिला एमसीबी (छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया। वहीं घटना में शामिल एक नाबालिग को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

नाले से बरामद किए हत्या में इस्तेमाल डंडे

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी और विधि विरुद्ध बालक से मिली जानकारी के आधार पर घटना में प्रयुक्त दो लकड़ी के डंडे जंगल चौकी के पास नाले से बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी कुसमी संतोष तिवारी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी मझौली उप निरीक्षक विशाल शर्मा के नेतृत्व में की गई।
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    <title>मध्य प्रदेश में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 4 रिश्वतखोर रंगेहाथ गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-31 08:38:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जिलों से चार रिश्वतखोरों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। ग्वालियर, दमोह, नरसिंहपुर और झाबुआ में हुई इन कार्रवाइयों में एक कार्यपालन यंत्री, एक रोजगार सहायक, एक तहसील कार्यालय का बाबू और एक पटवारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए।

ग्वालियर: रिटायरमेंट से एक दिन पहले इंजीनियर गिरफ्तार

ग्वालियर नगर निगम के जलकार्य विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे को लोकायुक्त टीम ने उनके कार्यालय में 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। खास बात यह है कि सुशील कटारे का अगले ही दिन सेवानिवृत्त होना था।

 दमोह: रोजगार सहायक 8 हजार रुपये लेते पकड़ा गया

दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासई में पदस्थ रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को सागर लोकायुक्त की टीम ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

 नरसिंहपुर: तहसील कार्यालय का बाबू गिरफ्तार

नरसिंहपुर जिले में लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान तहसील कार्यालय का एक बाबू 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया।

झाबुआ: पटवारी पर भी गिरी गाज

झाबुआ जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक पटवारी को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एक ही दिन में प्रदेश के चार अलग-अलग जिलों में हुई इन कार्रवाइयों को भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। सभी मामलों में लोकायुक्त पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
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    <title>एमपी में एक्टिव हुए 3 स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम, 12 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; सीधी-रीवा समेत कई जिलों में भी बरसेंगे बादल</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-31 07:00:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में एक साथ तीन मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने से बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को उज्जैन सहित 12 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में भी बारिश होने का अनुमान है।

 इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम केंद्र के अनुसार, मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अगले दो दिन सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिलों में अति भारी बारिश की संभावना है। वहीं नीमच, आगर-मालवा, उज्जैन, देवास, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, खंडवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश होने की संभावना है।

 बैतूल में दीवार गिरने से युवक की मौत

गुरुवार को भोपाल, उज्जैन, रतलाम, हरदा और खरगोन सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के दौरान रेलवे की बाउंड्री वॉल एक झोपड़ी पर गिर गई। हादसे में 27 वर्षीय राहुल उइके की मौत हो गई, जबकि शनि सिंह घायल हो गया।

वहीं, बैतूल के सारणी स्थित सतपुड़ा बांध के सात गेट इस मानसून सीजन में पहली बार खोले गए।

 सामान्य से अब भी 15 प्रतिशत कम बारिश

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 373.3 मिमी (14.7 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 438.3 मिमी (17.2 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी अभी भी प्रदेश में करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा

प्रदेश के 47 जिलों में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें सीधी, रीवा, सिंगरौली, सतना, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, सागर, पन्ना, छतरपुर, धार, झाबुआ, खरगोन, उज्जैन, ग्वालियर, बैतूल और विदिशा समेत कई जिले शामिल हैं।

वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में अब तक करीब 29 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
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  <item>
    <title>सीधी:गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में लापरवाही, विकासखंड कम्युनिटी मोबेलाइजर को सेवा समाप्ति नोटिस</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-30 20:47:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीयन और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग में लापरवाही सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर नैकिन के विकासखंड कम्युनिटी मोबेलाइजर अखिलेश सोनी को सेवा समाप्ति पूर्व कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

 लक्ष्य के अनुरूप नहीं हुआ गर्भवती महिलाओं का पंजीयन

जारी नोटिस के अनुसार कमिश्नर रीवा संभाग की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक और जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सभी गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर प्रथम त्रैमास में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए थे।

इसके बावजूद हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में रामपुर नैकिन क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं का पंजीयन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

 आशा कार्यकर्ताओं की मॉनिटरिंग में भी लापरवाही

सीएमएचओ द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आशा कार्यकर्ताओं और आशा सुपरवाइजरों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं की गई। इसके कारण गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी।

विभाग ने इसे कार्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना है।

तीन दिन में मांगा लिखित जवाब

नोटिस में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मानव संसाधन मैनुअल-2025 के प्रावधानों का हवाला देते हुए संबंधित कर्मचारी को तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो सेवा समाप्ति का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेज दिया जाएगा।
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  <item>
    <title>सीधी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5 किलो 80 ग्राम गांजा जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-30 19:46:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पिपराव चौकी पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 5 किलो 80 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूछताछ में सामने आए सह-आरोपी की तलाश की जा रही है।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी **"नशे से दूरी है जरूरी 2.0"** अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी चुरहट रवि प्रकाश कौल के मार्गदर्शन में पिपराव चौकी पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

 मुखबिर की सूचना पर अंधियारी बगीचा में दबिश

पुलिस के अनुसार 28 जुलाई 2026 को चौकी पिपराव की टीम अपराध विवेचना एवं क्षेत्र भ्रमण पर थी। इसी दौरान ग्राम बघवार स्थित अंधियारी बगीचा क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली कि उमेश कुमार कुशवाहा निवासी ग्राम चोरगड़ी, कोतर मोड़, थाना रामपुर नैकिन काले रंग के बैग में गांजा लेकर बिक्री के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर संदिग्ध व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई।

 बैग में मिले गांजा के पांच पैकेट

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से काले रंग का बैग बरामद हुआ। बैग के अंदर ब्राउन टेप से पैक किए गए गांजा के पांच पैकेट मिले। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल करने पर गांजे का कुल वजन 5 किलो 80 ग्राम निकला। पुलिस ने जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई है।

बरामद गांजा और बैग को नियमानुसार सीलबंद कर जब्त किया गया। पूरी कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर की गई।

 पूछताछ में सामने आया सह-आरोपी का नाम

पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी उमेश कुमार कुशवाहा (33) ने बताया कि उसे यह गांजा ग्राम चोरगड़ी निवासी सुरेन्द्र द्विवेदी पिता हीराल द्विवेदी ने बिक्री के लिए दिया था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 20(बी) एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जबकि नाम सामने आए सह-आरोपी सुरेन्द्र द्विवेदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है।

 इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में चौकी प्रभारी पिपराव उप निरीक्षक शेषमणि मिश्रा के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक राममणि मिश्रा, आरक्षक प्रदीप सेन (336), आरक्षक सचिन साहू (271), आरक्षक अनिल यादव (502) सहित चौकी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जिला पुलिस ने कहा है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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  <item>
    <title>सीधी में सड़क हादसा,दो हिस्सों में बटा ट्रक,आधा रोड़ और आधा खाईं में </title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-30 12:29:59</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित छुहिया घाटी में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर भीषण हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक दो हिस्सों में बंट गया। वाहन का अगला हिस्सा पहाड़ी से नीचे जा गिरा, जबकि पिछला हिस्सा सड़क पर ही रह गया। हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद रीवा रेफर किया गया है।

 सड़क पर भीड़ देखकर रुके प्रत्यक्षदर्शी

प्रत्यक्षदर्शी शैलेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि सुबह सड़क पर लोगों की भीड़ देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी। मौके पर पहुंचने पर ट्रक दो हिस्सों में टूटा हुआ मिला और चालक गंभीर हालत में पड़ा था। स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

 क्रेन की मदद से हटाया गया ट्रक का पिछला हिस्सा

हादसे की सूचना मिलते ही पिपराव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी शेषमणि मिश्रा ने बताया कि सड़क पर पड़े ट्रक के पिछले हिस्से को हटाने के लिए क्रेन की मदद ली गई। ट्रक का हिस्सा हटाए जाने के बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई।

 तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना बना हादसे का कारण

प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खो देना हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस घायल चालक और ट्रक मालिक की पहचान सहित अन्य जानकारी जुटाने में लगी है।

अगर चाहें तो इसके लिए मैं **एक दमदार न्यूज हेडलाइन के 5 विकल्प और प्रतीकात्मक फोटो का डिजाइन** भी तैयार कर सकता हूं।
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  <item>
    <title>एमपी में मानसून का जोर बरकरार, 52 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-30 06:47:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 52 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसूनी ट्रफ, चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और कम दबाव की प्रणाली के कारण बारिश का यह दौर जारी है। यह मौसम प्रणाली पूर्वी और मध्य हिस्सों में अधिक प्रभावी बनी हुई है, जिससे अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। 
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। 

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, नर्मदापुरम, शहडोल और चंबल संभाग सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम और तेज बारिश होने के आसार हैं। कई स्थानों पर जलभराव, नदी-नालों के उफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। ऐसे में किसानों को मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने तथा आम नागरिकों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 

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    <title>मध्य प्रदेश के 5 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, 10 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-29 07:29:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 5 जिलों में अति भारी बारिश और 10 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान कुछ इलाकों में 4 इंच तक बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। वहीं देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर और छतरपुर में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार प्रदेश के ऊपर से मानसूनी ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) गुजर रहा है। इसके अलावा प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भी एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में मजबूत वर्षा प्रणाली बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि यह सिस्टम ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए आगे बढ़ रहा है, जिससे मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में व्यापक और तेज बारिश होने की संभावना है। बाद में यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होकर पहले अवदाब और फिर निम्न दाब क्षेत्र में परिवर्तित हो जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी भोपाल सहित राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। वहीं किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।</description>
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    <title>मध्य प्रदेश में 8 IAS अधिकारियों के तबादले,शहडोल सहित कई जिलों के कलेक्टर बदले </title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-28 19:38:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के आठ अधिकारियों के तबादले करते हुए नई पदस्थापनाएं की हैं। हाल ही में जारी तबादला सूची में भी संशोधन किया गया है। सबसे बड़ा बदलाव 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह की पदस्थापना को लेकर किया गया है। पहले उन्हें शहडोल का कलेक्टर नियुक्त किया गया था, लेकिन संशोधित आदेश में उनकी पदस्थापना अपर आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि मिशा सिंह ने गर्भावस्था के चलते भोपाल या इंदौर में पदस्थापना का अनुरोध किया था, जिसके बाद सरकार ने उनके स्थानांतरण आदेश में संशोधन किया।

 कई जिलों के कलेक्टर बदले

सरकार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार पार्थ जायसवाल को छतरपुर से स्थानांतरित कर शहडोल का नया कलेक्टर बनाया गया है। वहीं मृणाल मीणा को बालाघाट से स्थानांतरित कर छतरपुर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुमार सत्यम को बालाघाट जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा मंदसौर कलेक्टर आदित्य गर्ग को पद से हटाकर परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।

### खाद्य, तकनीकी शिक्षा और सामान्य प्रशासन विभाग में भी फेरबदल

दिनेश जैन को अपर सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से स्थानांतरित कर ओएसडी, संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा अपर सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग बनाया गया है।

गिरीश शर्मा को परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग में पदस्थ किया गया है।

वहीं अंकित अस्थाना को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के उप सचिव पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग का उप सचिव बनाया गया है। उन्हें संचालक, कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

### स्वरोचिष सोमवंशी और ऋषि गर्ग को अतिरिक्त जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने स्वरोचिष सोमवंशी को आगामी आदेश तक आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी के साथ सचिव, राज्य योजना आयोग तथा संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

इससे पहले उक्त संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग के पास था। नए आदेश के साथ यह जिम्मेदारी अब स्वरोचिष सोमवंशी को सौंप दी गई है।

राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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    <title>भोपाल पहुंचे किसानों का शक्ति प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़कर राजधानी में किया प्रवेश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-28 16:45:25</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' मंगलवार को भोपाल पहुंच गई। राजधानी की सीमा पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए किसान शहर में दाखिल हुए और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच शुरू कर दिया।

मंडीदीप स्थित भोपाल सीमा पर कलियासोत नदी के पुल के पास पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात था, लेकिन बड़ी संख्या में किसान बैरिकेडिंग पार कर राजधानी में प्रवेश कर गए। करीब दो हजार किसान पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़े, जबकि उनके पीछे ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी चलता रहा।

राजधानी में प्रवेश के दौरान किसान हाथों में तिरंगा लेकर 'जय जवान, जय किसान' के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। किसानों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन में शामिल किसान लंबी तैयारी के साथ भोपाल पहुंचे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात दिन का राशन, पानी और आवश्यक सामग्री लेकर आए किसानों का कहना है कि वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। कई किसान अपने साथ पहले से तैयार भोजन भी लेकर पहुंचे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सुबह औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा के पास प्रशासन ने किसान नेताओं से बातचीत कर उन्हें कुछ देर रोकने का प्रयास किया, लेकिन बाद में किसान पैदल मार्च करते हुए भोपाल की ओर बढ़ गए।

किसानों की प्रमुख मांगों में प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी की गारंटी, खाद वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार और किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों पर ठोस निर्णय शामिल हैं।

वहीं किसान संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से कई किसानों को गांवों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। उनका कहना है कि विदिशा, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम और बुधनी क्षेत्रों में गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने वाले मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर किसानों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया। किसान नेताओं का आरोप है कि कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर आंदोलन पर नजर रखी जा रही है।

फिलहाल किसानों का मार्च राजधानी में जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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    <title>अमरनाथ यात्रा पर जा रहे मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं से भरी बस खाई में गिरी, 40 से अधिक घायल</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-28 12:43:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>श्रीनगर/भोपाल(ईन्यूज एमपी)- अमरनाथ यात्रा पर जा रहे मध्यप्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालुओं से भरी एक यात्री बस मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। बस अनियंत्रित होकर करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के समय बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे में करीब 40 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 रंगा मोड़ के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना गांदरबल जिले के रंगा मोड़ के पास हुई। श्रद्धालुओं से भरी बस बालटाल से श्रीनगर की ओर जा रही थी। इसी दौरान बस अचानक चालक का नियंत्रण खो बैठी और सड़क से नीचे लगभग 50 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

 पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। सभी घायलों को खाई से सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

 मध्यप्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालु घायल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल हुए अधिकांश श्रद्धालु मध्यप्रदेश और राजस्थान के निवासी हैं। मध्यप्रदेश के घायलों में दिनेश (48), रिजवान (40), मुकेश (40), राहुल (45), प्रेम भाई (50), ललिता (55), राजेश कुमार (52), किशोर पंडित (52), चंद्रलाल (35), गायत्री (56), विश्वास राठौड़ (58), यशोदा (52), देविंदर राठौड़ (48), मीरा (48), सागर लाल कुमार (45), सालक राम (55), इंद्र (57) और चंदर कंतन (48) शामिल हैं। अन्य घायल राजस्थान के विभिन्न जिलों के बताए जा रहे हैं।

घायलों का अस्पताल में उपचार जारी

सभी घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने घायलों के परिजनों को हादसे की सूचना देना शुरू कर दिया है।

हादसे के कारणों की जांच शुरू

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि बस अनियंत्रित होने के कारण हादसा हुआ, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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  <item>
    <title>रीवा में नशीली कफ सिरप का बड़ा जखीरा बरामद, पति-पत्नी गिरफ्तार; 930 शीशी और ₹1.70 लाख नकद जब्त</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-28 10:44:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झांझर कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारकर प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 930 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप,1 लाख 70 हजार रुपये नकद तथा अन्य सामग्री जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

 सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस को सूचना मिली थी कि झांझर कॉलोनी के एक किराए के मकान से अवैध रूप से नशीली कफ सिरप की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत दो लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

 नकदी भी हुई जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने ₹1.70 लाख नकद भी बरामद किए। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि यह रकम नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है। इसके अलावा अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त कर जांच के लिए भेजी गई है।

 पति-पत्नी गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विनय दीपांकर और उसकी पत्नी पलक पाण्डेय को मौके से गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।

 सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप कहां से लाई जाती थी और किन-किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जाती थी। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

 सीएसपी ने दी जानकारी

सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि विश्वविद्यालय थाना पुलिस को मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप और नकदी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

 नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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  <item>
    <title>आज मझौली में जनसुनवाई करेंगे कलेक्टर विकास मिश्रा, प्रज्ञा भवन में सुनेंगे आमजन की समस्याएं</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-28 07:28:16</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, परिणाममुखी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में कलेक्टर विकास मिश्रा क्रमबद्ध तरीके से जिले के विभिन्न उपखंडों में स्वयं पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुनेंगे। इससे लोगों को अपनी शिकायतें सीधे कलेक्टर के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

इसी क्रम में मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को कलेक्टर विकास मिश्रा जनपद पंचायत मझौली स्थित **प्रज्ञा भवन** में आयोजित जनसुनवाई में शामिल होंगे। यहां वे नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनेंगे तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। साथ ही लंबित मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय भी लिए जाएंगे।

जिला प्रशासन का मानना है कि कलेक्टर की उपखंड स्तर पर नियमित मौजूदगी से जनसुनवाई व्यवस्था अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा, जिससे उनके समय, श्रम और धन की बचत होगी।

स्थानीय स्तर पर ही शिकायतों के त्वरित समाधान से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद तथा विश्वास भी मजबूत होगा। यह पहल शासन की सुशासन और जनसेवा की मंशा को और अधिक प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर जनपद पंचायत मझौली के प्रज्ञा भवन में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत करें, ताकि उनका शीघ्र, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
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    <title>मंगलवार को 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम से पूर्वी मध्य प्रदेश में मूसलाधार वर्षा की चेतावनी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-27 21:47:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से बने गहरे अवदाब, सक्रिय मानसूनी द्रोणिका और दो ऊपरी हवा के चक्रवातों के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को 29 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी करते हुए छह जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।

सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा बालाघाट जिले के मलाजखंड में हुई, जहां शाम साढ़े पांच बजे तक 74 मिलीमीटर पानी बरसा। इसके अलावा बैतूल में 4.0 मिलीमीटर, रीवा में 0.5 मिलीमीटर और इंदौर में 0.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

 इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को **उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट** जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं सीधी, सिंगरौली, रीवा, सतना सहित पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

 चक्रवाती सिस्टम बना बारिश की वजह

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार ओडिशा की ओर बढ़ रहे गहरे अवदाब, रीवा-दतिया से होकर गुजर रही मानसूनी द्रोणिका तथा दो सक्रिय ऊपरी हवा के चक्रवातों के कारण प्रदेश में यह मौसम प्रणाली बनी हुई है। इनमें एक चक्रवात दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और दूसरा उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय है, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं।

पश्चिमी हिस्से में फिलहाल हल्की बारिश

प्रदेश के पश्चिमी जिलों में फिलहाल बारिश का असर अपेक्षाकृत कम है। यहां अधिकांश स्थानों पर केवल हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। राजधानी भोपाल में भी दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रही।

 बारिश के बावजूद नहीं मिली उमस से राहत

लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के कई इलाकों में उमस बनी हुई है और तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मलाजखंड में भारी वर्षा के बावजूद अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक था।

इसी तरह जबलपुर में 34.4 डिग्री (सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक), सतना में 35.5 डिग्री (3.8 डिग्री अधिक), सीधी में 35.6 डिग्री (3.2 डिग्री अधिक) और पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस (4.0 डिग्री अधिक) तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहने, आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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  <item>
    <title>अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, शाखा जाने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की सूची</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-27 18:57:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- अगर अगस्त महीने में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो पहले छुट्टियों का कैलेंडर जरूर देख लें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार अगस्त 2026 में विभिन्न राज्यों में त्योहारों, राष्ट्रीय अवकाश, रविवार तथा दूसरे और चौथे शनिवार को मिलाकर बैंक कुल 14 दिन बंद रहेंगे। हालांकि, इन छुट्टियों के दौरान UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।

अगस्त में बैंक अवकाश सभी राज्यों में एक जैसे नहीं होंगे। कई छुट्टियां राज्य विशेष के त्योहारों और स्थानीय आयोजनों के कारण रहेंगी, जबकि रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार को देशभर में बैंक बंद रहेंगे। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि शाखा में जाने से पहले अपने राज्य के बैंक अवकाश की जानकारी अवश्य जांच लें। 

 अगस्त में प्रमुख बैंक अवकाश

* रविवार की साप्ताहिक छुट्टियां
* दूसरा शनिवार
* चौथा शनिवार
* स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)
* विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले क्षेत्रीय पर्व और धार्मिक त्योहारों के अवसर पर स्थानीय बैंक अवकाश ([mint][1])

ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी जारी

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहक मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, UPI, एटीएम, नकद निकासी, फंड ट्रांसफर और अन्य डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। ऐसे में जिन ग्राहकों को चेक जमा करने, ड्राफ्ट बनवाने या शाखा में जाकर अन्य कार्य कराने हैं, उन्हें छुट्टियों से पहले ही अपना काम निपटाने की सलाह दी गई है। </description>
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    <title>एमपी बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: परीक्षा पास कर बन सकेंगे नियमित कर्मचारी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-27 15:22:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियों में कार्यरत साढ़े छह हजार से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। ऊर्जा विभाग ने "संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना-2026" लागू कर दी है। इस योजना के तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ संविदा सेवा अवधि के आधार पर बोनस अंक जोड़कर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी।

 किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

यह योजना मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी, पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों तथा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों पर लागू होगी। इसमें लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर सहित अन्य पात्र संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। हालांकि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को इस योजना से बाहर रखा गया है।

 दो वर्ष की सेवा अनिवार्य

योजना का लाभ केवल उन संविदा कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने योजना की स्वीकृति तिथि तक संबंधित कंपनी में कम से कम दो वर्ष की संविदा सेवा पूरी कर ली हो। यदि दो अनुबंधों के बीच अंतराल रहा है तो उसे सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा, लेकिन उस अवधि को अनुभव में नहीं जोड़ा जाएगा। अनुभव प्रमाण-पत्र कार्यपालन अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा।

 ऑनलाइन परीक्षा से होगा चयन

नियमित पदों पर भर्ती के लिए पात्र संविदा कर्मचारियों की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। भर्ती केवल उन्हीं पदों पर होगी, जिनके समकक्ष नियमित पद उपलब्ध होंगे। परीक्षा के अंकों के साथ सेवा अवधि के आधार पर बोनस अंक जोड़कर श्रेणीवार मेरिट सूची तैयार की जाएगी। नियमित नियुक्तियां मध्यप्रदेश शासन के आरक्षण नियमों के अनुसार की जाएंगी।

 आयु सीमा में मिलेगी छूट

संविदा कर्मचारियों को आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। यदि कोई कर्मचारी नियमित पद पर चयनित होता है, तो उसे पहले अपने संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। इसके लिए एक माह की नोटिस अवधि के प्रावधान को शिथिल किया गया है।

 नियमित बनने के बाद नहीं मिलेगा संविदा सेवा का लाभ

ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमित नियुक्ति के लिए त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद संविदा सेवा समाप्त मानी जाएगी। इसके बाद कर्मचारी भविष्य में उसी संविदा सेवा के आधार पर वरिष्ठता, पदोन्नति या किसी अन्य सेवा लाभ का दावा नहीं कर सकेगा।

ऊर्जा विभाग के इस निर्णय से प्रदेश की बिजली कंपनियों में वर्षों से संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों को नियमित सेवा में आने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके रोजगार में स्थायित्व और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
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    <title>सीधी में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से 11 वर्षीय छात्र की मौत</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-27 12:14:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हनुमानगढ़ में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में तालाब में डूबने से 11 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान गंगा साहू के पुत्र आकाश साहू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही सेमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से बच्चे का शव तालाब से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया भेज दिया।

स्कूल जाते समय तालाब पर रुक गया था आकाश

जानकारी के अनुसार, आकाश सोमवार सुबह अपने साथियों के साथ स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में स्थित देवी तालाब पर वह नहाने के लिए रुक गया, जबकि उसके साथी स्कूल चले गए। नहाने के दौरान वह तालाब के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया।

ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया तलाश अभियान

काफी देर तक आकाश के तालाब से बाहर नहीं आने पर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सेमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से तालाब में तलाश अभियान शुरू किया। कुछ देर बाद बच्चे का शव तालाब से बाहर निकाल लिया गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि हादसा सोमवार सुबह करीब **9:30 बजे** हुआ।

तालाब के गहरीकरण पर उठे सवाल

घटना के बाद गांव के समाजसेवी प्रियांजीव पांडे ने तालाब के गहरीकरण और साफ-सफाई कार्यों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि तालाब का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से गहरीकरण तथा नियमित सफाई कराई गई होती, तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

सेमरिया थाना प्रभारी केदार परौहा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों की सहायता से बच्चे का शव तालाब से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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  <item>
    <title>आकाशीय बिजली का कहर: 11 वर्षीय बच्चे समेत 3 की मौत, 5 घायल</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-27 11:13:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल(ईन्यूज एमपी)- जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में रविवार को तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में 11 वर्षीय बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। सभी घटनाएं खेतों और खुले स्थानों पर हुईं। सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पहली घटना झींक बिजुरी चौकी क्षेत्र के ग्राम झींक में हुई। यहां धान की रोपाई कर रहे लोगों पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में 28 वर्षीय किशन (पत्नी राकेश) गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें पहले झींक बिजुरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

दूसरी घटना दरशिला चौकी क्षेत्र के छुटकी टोला में हुई। खेत में धान की रोपाई कर रहे 45 वर्षीय किसान सुंदर पर आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।

इसी दरशिला चौकी क्षेत्र के रेकोवा गांव में भी खेत में काम कर रहे दो लोग बिजली की चपेट में आकर झुलस गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।

तीसरी घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुसरा में हुई। तेज बारिश के दौरान घर के बाहर खड़े 11 वर्षीय धर्मेंद्र सिंह (पिता प्रेमलाल सिंह) पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी भाभी भी घायल हुई हैं, जिनका उपचार चल रहा है।

पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए लोगों से खराब मौसम में खेतों, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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    <title>एमपी में फिर तेज होगा मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 4 दिन सतर्क रहने की सलाह</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-27 07:43:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, 27 से 30 जुलाई तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 50 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और डिप्रेशन भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने से बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी। इसी वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 15.5 इंच (395.2 मिमी) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत दर्ज की गई है।

हालांकि कुछ जिलों में बारिश की स्थिति बेहतर रही है। प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि 41 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में हैं। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूरी बनाए रखने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।
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  <item>
    <title>सूंड से उठाकर जमीन पर पटका, फिर पैर से कुचला; महावत हिरासत में, जांच शुरू</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-26 18:23:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>इंदौर में हाथी के हमले से ऑटो चालक की मौत, गुड़ खिलाते समय भड़का हाथी

 
इंदौर(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दर्दनाक हादसे में हाथी के हमले से ऑटो चालक की मौत हो गई। घटना शनिवार शाम राजनगर पुलिस चौकी के पास हुई, जहां ऑटो चालक हाथी को गुड़ खिला रहा था। इसी दौरान हाथी अचानक उग्र हो गया और चालक को सूंड से उठाकर जमीन पर पटकने के बाद पैर से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल चालक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।

मृतक की पहचान विजय उर्फ लक्ष्मण राव होलकर (49) के रूप में हुई है। घटना का वीडियो रविवार को सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।

 मांगलिक कार्यक्रम के बाद इलाके में घुमाया जा रहा था हाथी

चंदन नगर थाना पुलिस के अनुसार, हाथी को उज्जैन से जैन समाज के एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर लाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद महावत हाथी को लेकर इलाके में घूम रहा था और भिक्षावृत्ति कर रहा था।

इसी दौरान ऑटो चालक विजय राव ने हाथी को रोककर उसे गुड़ खिलाना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही क्षणों में हाथी अचानक आक्रामक हो गया। उसने विजय को सूंड से उठाकर जोर से जमीन पर पटक दिया और फिर उसके ऊपर पैर रख दिया।

 लोगों ने बचाया, लेकिन नहीं बच सकी जान

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह हाथी को काबू किया और घायल विजय को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए वर्मा यूनियन अस्पताल रेफर किया गया। रात करीब 7:30 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

 महावत हिरासत में, पुलिस कर रही जांच

थाना प्रभारी तिलक करोले ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। हाथी के महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही घटना की जानकारी इंदौर चिड़ियाघर के अधिकारियों को भी दी गई है, ताकि हाथी की स्थिति और व्यवहार का परीक्षण किया जा सके।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि घटना के समय मृतक के शराब के नशे में होने की आशंका है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

पहले भी हो चुके हैं हाथी के हमले

इंदौर में हाथी के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर में सीतलामाता बाजार और पाटनीपुरा क्षेत्र में हाथियों द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा घटना के बाद सार्वजनिक स्थानों पर हाथियों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
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  <item>
    <title>बिजली गुल होते ही जमीन पर सोना पड़ा भारी, जहरीले सर्प के डसने से 20 वर्षीय युवक की मौत</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-26 18:00:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>ढाई माह की मासूम बेटी के सिर से उठा पिता का साया, सिंगरौली के देवसर क्षेत्र की घटना

सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले के जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत जियावन के ग्राम अकौरी में एक दर्दनाक हादसे में जहरीले सांप के डसने से 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान **तेरस लाल कोल (20), पिता गंगाराम कोल** के रूप में हुई है। युवक विवाहित था और उसकी ढाई माह की एक मासूम बेटी है। इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई की रात क्षेत्र में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। गर्मी के कारण तेरस लाल घर के अंदर जमीन पर सो गए। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर लेकर पहुंचे।

बताया गया कि स्थानीय सरपंच पति **महादेव साकेत** भी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से चर्चा कर युवक का तत्काल उपचार शुरू कराया। डॉक्टरों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन शरीर में जहर तेजी से फैल जाने के कारण 26 जुलाई की दोपहर करीब 2 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर जियावन पुलिस अस्पताल पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।

युवक की असमय मौत से ग्राम अकौरी सहित आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। ढाई माह की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ जाने और पत्नी के सुहाग उजड़ जाने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

घटना के बाद सरपंच पति महादेव साकेत ने क्षेत्रवासियों से बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सांप और अन्य विषैले जीव अधिक निकलते हैं। ऐसे में जमीन पर सोने से बचें, रात में पर्याप्त रोशनी या टॉर्च का उपयोग करें, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं।

उन्होंने बताया कि देवसर क्षेत्र में हाल के दिनों में सर्पदंश की कई घटनाएं सामने आई हैं। समय पर उपचार और थोड़ी सी सावधानी से ऐसे हादसों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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    <title>लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्रवाई,4 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ बाबू...</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-26 15:00:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- रीवा लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए त्योंथर स्थित जल संसाधन विभाग कार्यालय में पदस्थ बड़े बाबू रामवरण मिश्रा को ₹4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मृत कर्मचारी की पत्नी की पारिवारिक पेंशन का प्रकरण आगे बढ़ाने के एवज में ₹7 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मोनू नापित, थाना सोहागी क्षेत्र के निवासी हैं। उनके पिता जल संसाधन विभाग में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे, जिनका मार्च 2026 में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी माता की पारिवारिक पेंशन का प्रकरण विभाग में लंबित था।

आरोप है कि पेंशन संबंधी फाइल आगे बढ़ाने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के बदले बड़े बाबू रामवरण मिश्रा ने शिकायतकर्ता से ₹7 हजार की रिश्वत की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान होकर मोनू नापित ने 24 जुलाई को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को ₹4 हजार की रिश्वत राशि लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही रामवरण मिश्रा ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

लोकायुक्त निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद जल संसाधन विभाग में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त टीम ने मौके से आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। मामले की आगे जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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    <title>मन की बात में गूंजा सीधी का नाम, प्रधानमंत्री मोदी ने की 1,500 तालाबों के निर्माण की सराहना</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-26 13:58:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश का सीधी जिला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में सीधी जिले का विशेष उल्लेख करते हुए यहां जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने बताया कि 'कैच द रेन' अभियान के तहत सीधी जिले में करीब 1,500 तालाबों का निर्माण किया गया है, जो जनभागीदारी और जल संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशभर में 'कैच द रेन' अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप मिल रहा है और लोग बढ़-चढ़कर इसमें भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से सीधी जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां बड़ी संख्या में तालाबों का निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया है।

प्रधानमंत्री के इस उल्लेख से सीधी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। 'मन की बात' जैसे देश के सबसे लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रम में सीधी का नाम आने को जिले के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। यह उपलब्धि जल संरक्षण के प्रति जिला प्रशासन की योजनाबद्ध कार्यशैली, जनसहभागिता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

जिले में निर्मित इन तालाबों से वर्षा जल के संरक्षण के साथ-साथ भूजल स्तर में सुधार, सिंचाई की सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा सीधी जिले की सराहना किए जाने के बाद जिले में उत्साह का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने इसे पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है। भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री के इस उल्लेख का स्वागत करते हुए इसे सीधी के विकास कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान बताया है।

जल संरक्षण के क्षेत्र में सीधी जिले का यह मॉडल अब प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में ऐसे प्रयासों का और अधिक विस्तार होगा तथा जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में सीधी की यह पहल एक मिसाल साबित होगी।
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    <title>एमपी के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 50 जिलों में बारिश के आसार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-26 08:36:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे के दौरान शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश (हैवी रेन) का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 4 इंच या इससे अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर सहित प्रदेश के करीब 50 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में मानसून ट्रफ, शियर जोन तथा पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय दो लो प्रेशर एरिया के कारण बारिश की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। इसी वजह से आगामी चार दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है।

 बारिश की कमी में हुआ सुधार

प्रदेश में पिछले पांच दिनों के दौरान बारिश के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया गया है। 20 जुलाई तक जहां सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी, वहीं यह कमी घटकर 21 जुलाई को 14 प्रतिशत, 22 जुलाई को 11 प्रतिशत, 23 जुलाई को 10 प्रतिशत और 24-25 जुलाई तक 11 प्रतिशत रह गई है।

अब तक प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य रूप से इस अवधि तक 370.9 मिमी (करीब 14.6 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्यप्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

 इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

वहीं सीधी, सिंगरौली, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
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    <title>सीधी:लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों में लापरवाही पर दो पंचायत सचिवों पर अर्थदंड</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-25 22:28:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर कलेक्टर एवं जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) तथा द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी विकास मिश्रा द्वारा दो पंचायत सचिवों पर कार्रवाई करते हुए एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।

 	जारी आदेश के अनुसार विभागीय पोर्टल के परीक्षण में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित अधिसूचित सेवाओं के आवेदन निर्धारित समय-सीमा से बाहर लंबित पाए गए। इस संबंध में पूर्व में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो समय पर जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही लंबित आवेदनों का निराकरण किया गया, जिससे आवेदकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं।

 	मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 की धारा 6(2) एवं 7(1)(क) के तहत ग्राम पंचायत पिपरहा, जनपद पंचायत सिहावल के सचिव अविनाश चतुर्वेदी तथा ग्राम पंचायत हनुमानगढ़, जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के सचिव लालमणि सिंह पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।


उक्त जानकारी से एक समाचार बनाओ 

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों में लापरवाही पर दो पंचायत सचिवों पर कार्रवाई, कलेक्टर ने लगाया अर्थदंड
सीधी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर सीधी कलेक्टर एवं जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) तथा द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी विकास मिश्रा ने दो पंचायत सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पर ₹1,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया है।

जारी आदेश के अनुसार, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित अधिसूचित सेवाओं के आवेदनों की विभागीय पोर्टल पर समीक्षा के दौरान कई आवेदन निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक लंबित पाए गए। इस पर संबंधित अधिकारियों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।

प्रशासन के अनुसार, नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित पंचायत सचिवों ने न तो निर्धारित समय में अपना जवाब प्रस्तुत किया और न ही लंबित आवेदनों का निराकरण किया। इससे आवेदकों को समय पर शासकीय सेवाओं का लाभ नहीं मिल सका।

मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 की धारा 6(2) एवं 7(1)(क) के तहत ग्राम पंचायत पिपरहा, जनपद पंचायत सिहावल के सचिव अविनाश चतुर्वेदी तथा ग्राम पंचायत हनुमानगढ़, जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के सचिव लालमणि सिंह पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आम नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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    <title>लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्यवाही 78000 रिश्वत लेते रंगे हांथो इन्हे किया गिरफ्तार...</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-25 20:10:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा ( ईन्यूज एमपी) लोकायुक्त पुलिस रीवा ने आज वन विभाग के एक वनपाल डिप्टी रेंजर को 78000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ट्रक छोड़ने और जुर्माने की राशि कम कराने के एवज में 2 लाख की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत की जांच सही पाए जाने के बाद आज लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए 78 हजार की रिश्वत लेते समय ट्रैप किया। 

बतादें कि 10 जुलाई को ,ट्रक चालक नीरज यादव लकड़ी से भरा यूपी-पासिंग ट्रक लेकर मुरादाबाद जा रहा था। त्योंथर चौकी क्षेत्र में वन विभाग ने ट्रक को पकड़ लिया और उसे नहीं छोड़ा गया। इसके बाद ट्रक चालक नीरज यादव वन विभाग के डिप्टी रेंजर दिनेश कुमार के पास पहुंचा। तो  ट्रक छोड़ने और जुर्माने की राशि कम कराने के बदले रेंजर ने 2 लाख की रिश्वत की मांग की।पीड़ित ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 25 जुलाई को लोकायुक्त की टीम ने  कार्रवाई की और वन परिक्षेत्र त्योंथर में वनपाल डिप्टीपदस्थ रेंजर दिनेश कुमार को 78 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस आरोपी के खिलाफ और भी जानकारी जुटा रही है   ।</description>
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    <title>खनिज माफियाओं पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार, अवैध परिवहन करते 7 वाहन जब्त</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-25 18:22:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार जारी रहेगा अभियान

सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा तथा पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन एवं जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में गठित खनिज-पुलिस संयुक्त दल ने गोपदबनास एवं चुरहट क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाकर अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त 7 वाहनों को जब्त किया है।

 	संयुक्त दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के खनिजों का परिवहन करते हुए 4 ट्रैक्टर गिट्टी, 1 डम्पर रेत, 1 ट्रैक्टर बोल्डर तथा 1 हाइवा रेत जब्त किए गए। सभी जब्त वाहनों को नियमानुसार थाना चुरहट, यातायात थाना एवं थाना जमोड़ी में सुरक्षित अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। प्रकरणों में मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) संबंधी प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

 	कलेक्टर विकास मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। शासन के राजस्व को क्षति पहुंचाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच, आकस्मिक निरीक्षण एवं संयुक्त अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।

 	जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार जब्ती, अर्थदंड एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनन एवं परिवहन संबंधी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा एवं शासन के राजस्व की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।</description>
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    <title>केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, कहा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-25 15:08:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- देशभर में परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने देश के युवाओं की भावनाओं और आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि छात्रों के भविष्य और देश के युवाओं की भावनाएं किसी भी पद से बड़ी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने अपील की कि वर्तमान स्थिति का किसी भी प्रकार से दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। 

 छात्र आंदोलन के बीच लिया फैसला

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब देश के कई हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलनकारी लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हाल के दिनों में यह आंदोलन और तेज हो गया था, जिसके बाद सरकार पर दबाव बढ़ता गया।

 सरकार ने पहले किए थे कई बड़े ऐलान

इस्तीफे से पहले केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों पर सख्ती दिखाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़े कानून लाने की घोषणा की थी। सरकार का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। 

 राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताया है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि यह फैसला युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की प्रक्रिया जारी रहेगी। 

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपती है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। </description>
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    <title>NH-39 पर आवारा पशुओं के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान, मोहनिया टनल से बहरी तक गौशालाओं में भेजे जाएंगे मवेशी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-25 10:40:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवारा पशुओं के कारण बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान मोहनिया टनल से बहरी तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलाया जाएगा, जिसके तहत सड़क पर विचरण कर रहे निराश्रित एवं आवारा पशुओं को चिन्हित कर सुरक्षित रूप से गौशालाओं में भेजा जाएगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि सड़क सुरक्षा और आमजन के जीवन की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह अभियान संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों के समन्वय से संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़कर निकटवर्ती गौशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर खुले में घूमने वाले मवेशी सड़क हादसों का प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे में पशुओं के साथ-साथ वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों की समुचित देखभाल करें और उन्हें खुले में अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर विचरण के लिए न छोड़ें। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान यदि कोई पशु सड़क पर घूमता हुआ पाया जाता है तो उसे गौशाला में भेज दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित पशुपालक की होगी।

जिला प्रशासन ने नागरिकों एवं पशुपालकों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग जनहित और यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
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  <item>
    <title>मध्यप्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई IAS अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के कलेक्टर बदले</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-25 07:02:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय प्रभार बदले गए हैं, वहीं कई जिलों के कलेक्टरों सहित विभिन्न विभागों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं। सरकार ने तत्काल प्रभाव से इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
कई वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागीय प्रभार में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
के.सी. गुप्ता को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सचिन सिन्हा को अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बनाया गया है।
राजेन्द्र कुमार सिंह को प्रमुख सचिव, वन विभाग का दायित्व दिया गया है। उनके पास आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
संदीप यादव को प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग नियुक्त किया गया है।
जॉन किंग्सली वी.आर. को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव बनाया गया है तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

डॉ. सुदाम पंडरीनाथ खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
भास्कर लाक्षाकार को इंदौर संभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
कई जिलों के कलेक्टर बदले

सरकार ने कई जिलों में नए कलेक्टरों की भी नियुक्ति की है।
अजय कटेसरिया – कलेक्टर, रतलाम
रजत झा – कलेक्टर, अनूपपुर
सुश्री मिषा सिंह – कलेक्टर, शहडोल
श्री गुरु प्रसाद – कलेक्टर, खरगोन
श्री दिव्यांक सिंह – कलेक्टर, मंदसौर
डॉ. रौर सिंह मीना – कलेक्टर, आगर मालवा

अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापनाएं
हरबल पंचोली को कार्यपालन संचालक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (EPCO) भोपाल बनाया गया।
श्रीमती प्रीति यादव को कार्यकारी संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, इंदौर की जिम्मेदारी सौंपी गई।
हिमांशु प्रजापति को जिला पंचायत इंदौर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बनाया गया।
सिद्धार्थ जैन को उप सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय में पदस्थ किया गया।
केदार सिंह को अपर सचिव, लोक निर्माण विभाग नियुक्त किया गया।

कई अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार में बदलाव
सरकार ने आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार भी बदले हैं।
नीरज मंडलोई को ऊर्जा विभाग का प्रभार रखते हुए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
मनीष सिंह को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के साथ ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
डॉ. ई. रमेश कुमार को नर्मदा घाटी विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
सचिन सिन्हा द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर मनीष सिंह उस विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे।
हरबल पंचोली की पदस्थापना के बाद सुधीर कुमार कोचर को EPCO के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया।
प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की कवायद
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  <item>
    <title>संजय टाइगर रिजर्व में 42 पदोन्नत अधिकारियों का अलंकरण</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-24 21:06:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>33 वनरक्षक बने वनपाल, 9 वनपाल पदोन्नत होकर बने उप वनक्षेत्रपाल


सीधी (ईन्यूज एमपी)-संजय टाइगर रिजर्व सीधी द्वारा शुक्रवार को जामोड़ी विश्रामगृह में पदोन्नत अधिकारियों के सम्मान एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से गरिमामय अलंकरण समारोह सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में वनरक्षक से वनपाल तथा वनपाल से उप वनक्षेत्रपाल पद पर पदोन्नत अधिकारियों को विभागीय प्रतीक चिह्न (बैज) पहनाकर सम्मानित किया गया तथा उनके नवीन दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

  मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी पदोन्नति आदेशों के तहत संजय टाइगर रिजर्व के कुल 42 कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई। इनमें 33 वनरक्षकों को वनपाल तथा 9 वनपालों को उप वनक्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नत किया गया। यह पदोन्नति विभागीय कार्यों में उनकी निष्ठा, कार्यकुशलता एवं उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान है।

  समारोह में उप संचालक राजेश कन्ना टी. ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को विभागीय बैज पहनाकर अलंकृत किया। उन्होंने कहा कि पदोन्नति केवल पद परिवर्तन नहीं, बल्कि विभाग द्वारा अधिकारी की कार्यक्षमता, अनुशासन, निष्ठा एवं सेवा भावना पर व्यक्त विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी पदोन्नत अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने नवीन दायित्वों का पूर्ण ईमानदारी, समर्पण एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करते हुए वन एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

  अलंकरण समारोह के साथ आयोजित प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण, प्रभावी गश्त, वन अपराधों की रोकथाम, मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण तथा विभागीय दायित्वों के प्रभावी निर्वहन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पदोन्नत अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के अनुरूप दक्ष बनाना तथा संरक्षित वन क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए तैयार करना था।

  कार्यक्रम में सहायक संचालक सीधी, अधीक्षक सोनघड़ियाल अभयारण्य, अधीक्षक बघदरा अभयारण्य, परिक्षेत्र अधिकारी डुबरी, बस्तुआ, ब्यौहारी, मड़वास, टमसर, भुईमांड एवं सोनघड़ियाल सहित विभिन्न परिक्षेत्रों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मानसेवी जिला वन्यप्राणी अभिरक्षक डॉ. कैलाश तिवारी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।

  समारोह के अंत में सभी पदोन्नत अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं समर्पण से संजय टाइगर रिजर्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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    <title>जंगल में छात्र पर भालू का जानलेवा हमला, पालतू कुत्ते ने दिखाई बहादुरी, भिड़कर बचाई जान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-24 15:10:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>इटारसी(ईन्यूज एमपी)- नर्मदापुरम जिले के आदिवासी विकासखंड केसला-सुखतवा क्षेत्र के छींदापानी भीलट देव के जंगल में गुरुवार शाम एक 16 वर्षीय छात्र पर भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। छात्र अपनी गाय लेने जंगल गया था, तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। इस दौरान छात्र के साथ मौजूद पालतू कुत्ते ने साहस का परिचय देते हुए भालू से भिड़कर उसे जंगल की ओर खदेड़ दिया, जिससे छात्र की जान बच गई।

4 से 5 मिनट तक करता रहा हमला

वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक शर्मा ने बताया कि घायल विकलेश कासदे, कक्षा 11वीं का छात्र है। छात्र के अनुसार, वह गुरुवार शाम करीब 5 बजे अपनी गाय को लाने जंगल गया था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपा करीब 4 से 5 फीट ऊंचा भालू अचानक बाहर निकला और उस पर टूट पड़ा।

भालू ने विकलेश को जमीन पर गिराकर करीब 4 से 5 मिनट तक पंजों और दांतों से हमला किया, जिससे उसके पेट और पैर में गंभीर चोटें आईं।

 पालतू कुत्ते ने दिखाई वफादारी और साहस

हमले के दौरान छात्र का पालतू कुत्ता लगातार भौंकता रहा और भालू पर झपट पड़ा। कुत्ते के आक्रामक रवैये से भालू घबरा गया और जंगल की ओर भाग निकला। भालू के भागने के बाद घायल छात्र ने अपने पिता रमेश कासदे को मोबाइल फोन से घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा घायल छात्र को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में रात करीब 10 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 30 टांके लगे, हालत खतरे से बाहर

ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अनिकेत सिंह ने बताया कि भालू के हमले में छात्र के पेट और पैर पर गहरे घाव हुए हैं। उपचार के दौरान घायल छात्र के शरीर पर करीब 30 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।

वन विभाग से सहायता की मांग

घायल छात्र के पिता रमेश कासदे ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है। उन्होंने वन विभाग से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

 16 दिन में दूसरी घटना

क्षेत्र में भालुओं की बढ़ती मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले 16 दिनों में भालू के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 8 जुलाई को छींदापानी निवासी दिलीप कुमरे भी मवेशी चराने के दौरान भालू के हमले का शिकार हुए थे।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जंगल से सटे गांवों में निगरानी बढ़ाने, लोगों को सतर्क करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
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    <title>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पन्ना को देंगे ₹204.26 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, 22 कार्यों का करेंगे लोकार्पण और भूमि-पूजन</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-24 10:53:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>पन्ना(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को पन्ना जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जिले को ₹204.26 करोड़ की लागत से तैयार 22 विकास कार्यों की सौगात देंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। 

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पन्ना जिले के अमानगंज में आयोजित किया जाएगा, जहां वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और नगरीय विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत होगी। प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। 

 22 विकास कार्यों की मिलेगी सौगात

सरकारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 22 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इन कार्यों की कुल लागत ₹204.26 करोड़ है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास को गति देना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 

 विभिन्न विभागों की परियोजनाएं शामिल

इन विकास कार्यों में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय विकास, शिक्षा तथा अन्य विभागों की योजनाएं शामिल हैं। नई परियोजनाओं के पूर्ण होने से सड़क संपर्क बेहतर होगा, पेयजल सुविधाओं का विस्तार होगा और विभिन्न शासकीय संस्थानों के भवनों का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा। 

 जनसभा को भी करेंगे संबोधित

मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी देंगे। साथ ही विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभ वितरित किए जाने की संभावना है। 

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। </description>
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    <title>जनसुनवाई में शिकायत पहुंची तो शिक्षक पर गिरी गाज, जांच के बाद कलेक्टर ने किया निलंबित</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-24 06:55:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)-सिंगरौली जिले में जनसुनवाई के दौरान एक शासकीय विद्यालय के शिक्षक के खिलाफ मिली शिकायत पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद कलेक्टर ने संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 

जानकारी के अनुसार, जनसुनवाई में ग्रामीणों ने शिक्षक पर विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने, पढ़ाई में लापरवाही बरतने और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए। जांच दल ने विद्यालय का निरीक्षण कर ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। 

जांच के दौरान शिक्षक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल सामने आए। निरीक्षण में विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया तथा शिक्षक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा। इसके आधार पर संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 

निलंबन आदेश में कहा गया है कि शिक्षक का आचरण शासकीय सेवक के कर्तव्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध जांच के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

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    <title>MP पुलिस भर्ती का इंतजार खत्म: 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी, 8,500 आरक्षक समेत SI, सूबेदार और स्टेनो कैडर के पदों पर होगी नियुक्ति</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-23 21:52:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में कुल 9,662 पदों पर भर्ती को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए बताया कि गृह विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के पदों पर भर्ती के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब कर्मचारी चयन मंडल (ESB) जल्द ही विस्तृत भर्ती विज्ञापन जारी करेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है और इसी दिशा में यह बड़ा निर्णय लिया गया है।

 8,500 आरक्षक पदों पर होगी सीधी भर्ती

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस भर्ती में सबसे अधिक 8,500 आरक्षक (कॉन्स्टेबल) पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें—

* 7,500 पद कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी - GD) के होंगे।
* 1,000 पद कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से पूरी की जाएगी।

 SI और सूबेदार के पद भी शामिल

आरक्षक भर्ती के अलावा पुलिस विभाग में अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत—

* 507 पद उप निरीक्षक (SI) एवं सूबेदार के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
* इसके अलावा 655 स्टेनो कैडर के पदों पर भी भर्ती होगी।

इस प्रकार कुल 9,662 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

 गृह विभाग ने जारी की प्रशासनिक मंजूरी

गृह विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के पदों पर भर्ती के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। अब अगला चरण कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा विस्तृत भर्ती नियम, पात्रता, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा प्रक्रिया और आवेदन तिथियों के साथ आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करना होगा।

 जल्द जारी होगा भर्ती नोटिफिकेशन

सरकार के अनुसार ESB जल्द ही विस्तृत भर्ती विज्ञापन जारी करेगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें पदवार योग्यता, चयन प्रक्रिया, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET), लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन सहित सभी आवश्यक जानकारी प्रकाशित की जाएगी।

 युवाओं में खुशी की लहर

लंबे समय से मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है। विशेष रूप से कॉन्स्टेबल और उप निरीक्षक पदों की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। भर्ती की प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अभ्यर्थियों की नजर अब ESB द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन पर टिकी हुई है।
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    <title>सीधी: युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, 4 घंटे तक बंद रहा सीधी-ब्यौहारी मार्ग</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-23 16:06:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के मझौली थाना क्षेत्र के छुही गांव में एक युवक का शव फांसी के फंदे पर मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने युवक के शव को सीधी-ब्यौहारी मुख्य मार्ग पर रखकर करीब चार घंटे तक चक्का जाम किया। सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर करीब 3 बजे तक चलता रहा, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक युवक एक माह पूर्व मझौली थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी था। इस प्रकरण में दो लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से एक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि मृतक युवक फरार बताया जा रहा था। बताया जा रहा है कि बीती रात पुलिस उसकी तलाश में उसके घर पहुंची थी और दबिश दी थी। इसके अगले दिन युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।

युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक के साथ मारपीट की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। वहीं, प्रदर्शन के दौरान कुछ परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दुष्कर्म पीड़िता के परिवार की ओर से पैसों की मांग की जा रही थी। हालांकि इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इनकी जांच की जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चार थानों के थाना प्रभारियों सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों से लगातार चर्चा कर उन्हें शांत कराने तथा मार्ग से जाम हटाने का प्रयास किया।

प्रदर्शनकारियों ने युवक की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की। उनका कहना था कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

करीब चार घंटे तक चले चक्का जाम के कारण सीधी-ब्यौहारी मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। बाद में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और मार्ग पर यातायात बहाल कराया गया।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवक की मौत के कारणों, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा अन्य सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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  <item>
    <title>मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में घट रही विद्यार्थियों की संख्या</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-23 10:35:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन में लगातार गिरावट का बड़ा खुलासा हुआ है। विधानसभा में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में कक्षा 1 से 12 तक लगभग 78 लाख विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है, जबकि पिछले 6 वर्षों (2020-21 से 2026-27) के दौरान ही करीब 28 लाख विद्यार्थियों का नामांकन घट गया है। इसके साथ ही राज्य में सरकारी विद्यालयों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

विधानसभा में विधायक श्रीप्रताप ग्रेवाल द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में स्कूल शिक्षा विभाग ने यह जानकारी उपलब्ध कराई। विभाग ने विभिन्न परिशिष्टों के माध्यम से वर्षवार विद्यालयों और विद्यार्थियों के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं।

 सरकारी स्कूलों की संख्या में भी बड़ी कमी

विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1,14,237 से घटकर 81,663 रह गई है।** यानी इस अवधि में 32,574 शासकीय विद्यालय कम हो गए। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

 6 साल में 28 लाख विद्यार्थियों की कमी

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार वर्ष 2020-21 से 2026-27 के बीच कक्षा 1 से 12 तक सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या में लगभग 28 लाख की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं पिछले 15 वर्षों में यह कमी करीब 78 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच गई है।

 विधानसभा में सरकार का जवाब

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की ओर से विधानसभा में दिए गए लिखित उत्तर में बताया गया कि विस्तृत आंकड़े प्रश्न के साथ संलग्न परिशिष्टों में उपलब्ध हैं। वहीं कक्षा 1 से 12 तक नामांकन में आई कमी को लेकर तैयार कराई गई विश्लेषणात्मक रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।

 कई अन्य जानकारियां भी मांगी गईं

विधायक द्वारा पूछे गए प्रश्न में सरकारी एवं निजी विद्यालयों में नामांकन, विद्यालयों की संख्या, नियमित एवं अतिथि शिक्षकों की स्थिति, रिक्त पद, जर्जर भवन, खेल मैदान, शौचालय, टेम्पलेट, बाउंड्री वॉल और खेल शिक्षकों की उपलब्धता जैसी जानकारियां भी मांगी गई थीं। विभाग ने इनमें से अधिकांश जानकारियां अलग-अलग परिशिष्टों में उपलब्ध होने की बात कही है।

सरकारी आंकड़ों के सामने आने के बाद प्रदेश में सरकारी स्कूलों में लगातार घटते नामांकन और विद्यालयों की संख्या को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर नई बहस शुरू होने की संभावना है।
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    <title>मध्यप्रदेश के नए मुख्य सचिव बने अशोक वर्णवाल, देर रात जारी हुआ आदेश </title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-23 06:53:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के प्रशासनिक महकमे में बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक वर्णवाल को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार देर रात आदेश जारी कर दिए।

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति (ACC) ने 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। उनके नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव का पद रिक्त होने वाला था, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने अशोक वर्णवाल की नियुक्ति का निर्णय लिया।

अशोक वर्णवाल वर्ष 1991 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। नियुक्ति से पहले वह लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, सार्वजनिक राहत एवं पुनर्वास विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अशोक वर्णवाल तत्काल प्रभाव से मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव का दायित्व संभालेंगे। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

अशोक वर्णवाल की नियुक्ति को राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अब उनके नेतृत्व में प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</description>
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  <item>
    <title>नव नियुक्त एल्डरमैन मिले भाजपा जिला अध्यक्ष से, जताया आभार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-22 18:52:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- नगर पालिका परिषद सीधी में नव नियुक्त एल्डरमैन भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नव नियुक्त एल्डरमैनों का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर शुभकामनाएं दीं।

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे ने बताया कि नव नियुक्त एल्डरमैनों में मुनिराज विश्वकर्मा, राकेश सिंह चौहान, विभा शर्मा, निर्मला नामदेव और सुरेंद्र गुप्ता शामिल हैं।

स्वागत एवं अभिनंदन समारोह के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि नगर पालिका परिषद में एल्डरमैनों की नियुक्ति से प्रदेश एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी नव नियुक्त एल्डरमैन पार्टी की गतिविधियों एवं कार्यक्रमों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर नव नियुक्त एल्डरमैनों ने केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व, सांसद, विधायक तथा भाजपा जिला अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष शिवदान साकेत, मनीला सिंह चौहान, जिला महामंत्री अनिल पाण्डेय, सुनीता रानी वर्मा, संगीता सिंह चौहान सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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  <item>
    <title>तहसीलदार की मौजूदगी में न्यायालय परिसर में दिलाई गई नशा मुक्ति की शपथ</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-22 13:29:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>कुसमी (ईन्यूज एमपी)- जिला पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में चलाए जा रहे 15 जुलाई से 30 जुलाई तक के विशेष नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को कुसमी न्यायालय परिसर में तहसीलदार नारायण सिंह की मौजूदगी में किसानों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम का आयोजन थाना कुसमी अंतर्गत थाना प्रभारी अरुण द्विवेदी के निर्देशन में किया गया। इस दौरान एएसआई नंद प्रकाश सिंह सहित प्रधान आरक्षक हृदयलाल दीवान (धड़कन) तथा पुलिसकर्मी रामेश्वर सिंह, कमलेश प्रजापति, अजय विश्वकर्मा, अभिषेक यादव, विवेक राठौर, पुष्पेंद्र यादव, सूरज पांडेय एवं अर्चना मुवेल उपस्थित रहे।

पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। साथ ही युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन अपनाने की अपील की गई।

पुलिस द्वारा बताया गया कि यह जनजागरूकता अभियान कुसमी थाना क्षेत्र में लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यालयों, आम सभाओं, बाजार, हाट, बसों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य सामुदायिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नशामुक्ति अभियान से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।</description>
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  <item>
    <title>मध्य प्रदेश सरकार लेगी अब तक का सबसे बड़ा कर्ज, 20 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-22 11:36:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा कर्ज लेने जा रही है। सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपये का ऋण जुटाएगी। इसके लिए 20 वर्ष की अवधि वाला बॉन्ड जारी किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार इसके अलावा तीन किश्तों में 4,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज भी लेने की तैयारी कर रही है। इस तरह सरकार बड़े पैमाने पर बाजार से धन जुटाकर विभिन्न विकास कार्यों और वित्तीय दायित्वों को पूरा करेगी।

20 हजार करोड़ रुपये का यह ऋण राज्य के इतिहास में एक बार में लिया जाने वाला सबसे बड़ा कर्ज माना जा रहा है। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक बाजार उधारी प्रक्रिया के तहत 20 वर्षीय बॉन्ड जारी करेगा, जिसके माध्यम से निवेशकों से राशि जुटाई जाएगी।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस राशि का उपयोग विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना निर्माण, योजनागत खर्च और अन्य वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जा सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से इस राशि के उपयोग को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

राज्य सरकार द्वारा बड़े स्तर पर कर्ज लेने के इस फैसले पर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार इस संबंध में और विस्तृत जानकारी साझा कर सकती है।
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    <title>मानसून सत्र का तीसरा दिन आज, अनुपूरक बजट सहित छह विधेयकों पर होगी चर्चा; विपक्ष के हंगामे के आसार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-22 10:11:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन आज हंगामेदार रहने के आसार हैं। सदन में सरकार 17,455 करोड़ 76 लाख 55 हजार 54 रुपये के अनुपूरक बजट पर चर्चा कराएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस बजट पर करीब एक घंटे तक चर्चा होगी।

इसके अलावा सदन में छह महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक, आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक तथा निरसन विधेयक सहित अन्य प्रस्तावित विधेयक शामिल हैं।

आज की कार्यवाही के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों पर नौ ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिन पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

वहीं, विपक्ष ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। माना जा रहा है कि इन मुद्दों पर सदन में जोरदार हंगामा हो सकता है। विपक्षी दल मंगलवार रात से ही सदन के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते आज की कार्यवाही के दौरान तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

सरकार जहां विधायी कार्यों और वित्तीय प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष जनहित और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोलने के मूड में है। ऐसे में मानसून सत्र का तीसरा दिन काफी अहम और राजनीतिक रूप से गर्म रहने की संभावना है।
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    <title>एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिन झमाझम बारिश के आसार; 15 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-22 06:55:02</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में लंबे अंतराल के बाद मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 36 घंटे से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को प्रदेश के 15 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है।

इसके अलावा श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

वहीं राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी तंत्र के दोबारा सक्रिय होने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी, जिससे खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा। हालांकि, जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने भी नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों के निवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है। भारी बारिश के दौरान जलभराव, बिजली गिरने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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    <title>जिले में डिप्टी कलेक्टरों के बीच कार्यों का नया बंटवारा, कलेक्टर ने जारी किया आदेश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-21 21:46:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार पाण्डेय को जिला आपूर्ति अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार, प्रिया पाठक को नजूल एवं डूडा की जिम्मेदारी

सीधी(ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा ने प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी एवं सुचारु संचालन के उद्देश्य से पूर्व में जारी कार्य विभाजन आदेशों को अधिक्रमित करते हुए जिले में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टरों के मध्य नवीन कार्य विभाजन आदेश जारी किए हैं।

  जारी आदेश के अनुसार संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार पाण्डेय को जिला आपूर्ति अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही उन्हें उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन), जिला सीधी की जिम्मेदारी भी दी गई है। वे इस हैसियत से मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन संबंधी कार्यों का संपादन करेंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें राजस्व लेखा, भू-अभिलेख, राहत, जनसंपर्क निधि, व्यवहारवाद, सीएम हेल्पलाइन, तकाबी सहित अन्य संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

  प्रिया पाठक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गोपद बनास को नजूल शाखा तथा प्रभारी परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा), सीधी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे अपने नियमित दायित्वों के साथ इन शाखाओं के कार्यों का भी संचालन करेंगी।

  इसी प्रकार प्रभारी तहसीलदार नजूल मीनाक्षी जायसवाल को जनसुनवाई, आवक- जावक, टायपिंग एवं कम्प्यूटर शाखा, जनगणना-2011 तथा सामान्य अभिलेखागार शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए संजीव कुमार पाण्डेय एवं प्रिया पाठक को एक-दूसरे का लिंक ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वहीं मीनाक्षी जायसवाल के लिए प्रिया पाठक को लिंक ऑफिसर बनाया गया है, ताकि किसी अधिकारी की अनुपस्थिति की स्थिति में शासकीय कार्य प्रभावित न हों।

  कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अपने-अपने प्रभारित कार्यों का निर्वहन पूर्ण जवाबदेही, समन्वय एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करें, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवाओं का संचालन प्रभावी रूप से होता रहे।
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    <title>सीधी: मझौली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चालक गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-21 18:15:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के मझौली थाना पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रेत से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए वाहन, रेत और अन्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 2 लाख 50 हजार 400 रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, सोमवार को मझौली पुलिस की टीम वारंट तामील एवं नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान चुवाही चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम पोड़ी (पाण्ड़) की ओर से एक नीले रंग का ट्रैक्टर अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए मझौली की ओर आ रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम पाण्ड़-छांदा मार्ग पर घेराबंदी की। पुलिस वाहन को देखकर ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर भागने लगा, लेकिन पीछा करने पर उसने पंचायत भवन के पास पड़वारी नदी पुलिया के नीचे ट्रैक्टर छोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

जांच के दौरान ट्रॉली में अवैध रेत भरी मिली। साथ ही दो फावड़े और तीन तगाड़ियां भी बरामद हुईं। पूछताछ में चालक ने अपना नाम राजेन्द्र प्रसाद साहू (38 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 11, मझौली बताया। पुलिस द्वारा रेत के उत्खनन एवं परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने सोनालिका कंपनी का बिना नंबर का ट्रैक्टर, रेत से भरी ट्रॉली, दो फावड़े और तीन तगाड़ियां जब्त कर लीं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग ₹2.50 लाख आंकी गई है।

आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 317(5) तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21/4 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    <title>मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामे के बीच यूसीसी विधेयक पारित, विपक्ष के विरोध के बावजूद सदन से मिला अनुमोदन</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-21 15:52:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सदन से पारित हो गया। विपक्ष के तीखे विरोध, वेल में प्रदर्शन और विधेयक को प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजने की मांग के बावजूद सरकार ने इसे सदन में पारित करा लिया।

सत्र की शुरुआत में सरकार ने यूसीसी विधेयक को चर्चा के लिए सदन के पटल पर रखा। विधेयक प्रस्तुत होते ही विपक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधेयक को विस्तृत समीक्षा के लिए प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। सरकार ने यह मांग स्वीकार नहीं की, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

 दो बार स्थगित करनी पड़ी कार्यवाही

मांग खारिज होने के बाद कांग्रेस विधायक विरोध जताते हुए सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। बढ़ते हंगामे और अव्यवस्था के कारण विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही पहले 10 मिनट और बाद में 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

 संविधान और अल्पसंख्यक अधिकारों का मुद्दा उठा

कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायक **बाला बच्चन**, नेता प्रतिपक्ष **उमंग सिंघार**, विधायक **आतिफ अकील** और **आरिफ मसूद** ने विधेयक का विरोध जारी रखा। विपक्ष ने इसे राजनीतिक एजेंडा बताते हुए संविधान के **अनुच्छेद 29** का हवाला दिया और अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकारों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।

दूसरी ओर सरकार ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाना है। चर्चा और विरोध के बीच सदन में उपलब्ध बहुमत के आधार पर विधेयक पारित कर दिया गया।

 सदन के बाहर भी कांग्रेस का विरोध

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस ने यूसीसी के विरोध में सांकेतिक नाटक का मंचन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों की बजाय सांप्रदायिक विषयों को प्राथमिकता दे रही है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार संविधान के दायरे में रहकर जनहित में निर्णय ले रही है।

अब विधेयक पारित होने के बाद आगे की संवैधानिक एवं विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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    <title>सीधी: बारिश के बाद छत्रसाल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का छज्जा गिरा, बड़ा हादसा टला</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-21 10:17:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- बीती रात हुई बारिश के बाद शहर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित छत्रसाल स्टेडियम शासकीय कॉम्प्लेक्स की दुकानों के सामने बना छज्जा (बारजा) सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना रात के समय हुई, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। यदि दिन के समय यह हादसा होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और जिला कलेक्टर तथा नगर पालिका अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह शासकीय कॉम्प्लेक्स करीब **30 वर्ष से अधिक पुराना** है और इसकी छत सहित भवन के कई हिस्से काफी जर्जर हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि फिलहाल केवल सामने का छज्जा गिरा है, लेकिन भवन की छत भी कमजोर स्थिति में है, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

हाल ही में रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर में जर्जर दीवार गिरने से हुई जनहानि का हवाला देते हुए नागरिकों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस भवन की मरम्मत या आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटना की पुनरावृत्ति हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि शहर में स्थित सभी पुराने और जर्जर शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों का सर्वे कराया जाए। साथ ही जिन इमारतों की स्थिति खतरनाक है, उन्हें चिन्हित कर मरम्मत, बैरिकेडिंग या आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

फिलहाल नगर पालिका द्वारा मलबा हटाने का कार्य कराया जा रहा है। भवन की तकनीकी जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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  <item>
    <title>सीधी:जनहित के कार्यों में लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही- कलेक्टर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-21 06:34:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-जिले में आगामी 15 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुरूप पुलिस परेड ग्राउंड में समारोह का भव्य, गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्यों में समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए तथा जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

  कलेक्टर ने समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्व समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बैठक व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, यातायात सहित सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

  बैठक में कलेक्टर ने जिले में बीएसएनएल टॉवर स्थापना के लिए भूमि आवंटन की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा प्रश्नों के उत्तर निर्धारित समय-सीमा में भेजने, लंबित विधानसभा आश्वासनों को पोर्टल पर दर्ज कराने तथा ध्यानाकर्षण सूचनाओं के जवाब प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

  प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा समय पर प्रगति प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करना सुनिश्चित करे।

  कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन विभागों में ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू है, वहां कर्मचारियों की उपस्थिति केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर ही मान्य होगी। साथ ही सभी कार्यालयीन कार्य अनिवार्य रूप से ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से किए जाएं, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति बनी रहे।

  उन्होंने दस्तक अभियान को पूरी गंभीरता से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अभियान के दौरान पांच वर्ष तक की आयु के प्रत्येक बच्चे के घर-घर पहुंचकर गंभीर बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का चिन्हांकन किया जाए, जिससे समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

  छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग को आपसी समन्वय से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा आवश्यकता अनुसार उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से स्वीकृत कार्यों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र शीघ्र प्रस्तुत करने तथा विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों की तकनीकी स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

  कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी जर्जर भवन में विद्यालय अथवा आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए आवश्यक होने पर वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। साथ ही वॉश ऑन व्हील व्यवस्था को बढ़ावा देते हुए शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में सफाई संबंधी कार्य इसी व्यवस्था के माध्यम से कराने के निर्देश दिए।

  बैठक के अंत में कलेक्टर ने जिले की सड़कों की नियमित निगरानी करने तथा जहां भी आवश्यकता हो वहां तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करें और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें।

  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक, सिहावल राकेश शुक्ला सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    <title>सीधी: रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर में जर्जर दीवार गिरी, दो की मौत, दो गंभीर घायल</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-20 18:23:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर में सोमवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। तेज बारिश के दौरान एक जर्जर भवन की दीवार अचानक ढह गई, जिससे उसके पास खड़े चार लोग मलबे में दब गए। हादसे में दो लोगों सुखसेन केवट और रामसजीवन साहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कुछ लोग न्यायालय परिसर में स्थित एक पुराने भवन की दीवार की आड़ में खड़े हो गए। इसी दौरान भवन की जर्जर दीवार भरभराकर गिर गई और चार लोग मलबे के नीचे दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन को आशंका थी कि मलबे के नीचे अन्य लोग भी दबे हो सकते हैं, जिसके चलते देर शाम तक रेस्क्यू अभियान जारी रहा।

हादसे में न्यायालय के काम से आए सुखसेन केवट की मलबे में दबने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पुत्र राजेश केवट गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका अस्पताल में उपचार जारी है। वहीं हादसे की चपेट में आए रामसजीवन साहू और सलाही साहू आपस में सगे भाई हैं। दीवार गिरने से सलाही साहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई रामसजीवन साहू गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लगातार हो रही बारिश के कारण भवन की पहले से कमजोर और जर्जर दीवार अचानक ढह गई। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। साथ ही न्यायालय परिसर के अन्य पुराने भवनों की स्थिति का भी निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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  <item>
    <title>सीधी: जंगल में पेड़ से लटका मिला नवविवाहिता का शव, हत्या या आत्महत्या? पुलिस हर पहलू से कर रही जांच</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-20 14:37:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुड़िका गांव में सोमवार को एक 22 वर्षीय नवविवाहिता का शव जंगल के पास पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही बहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल मामले की हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।

 जंगल के पास मिला शव

मृतका की पहचान कृष्णा देवी साहू (22), पत्नी गोरेलाल साहू, निवासी मुड़िका के रूप में हुई है। उनका शव कुसियारी-मुड़िका मार्ग किनारे जंगल के पास एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।

 पति ने क्या बताया?

मृतका के पति गोरेलाल साहू ने पुलिस को बताया कि रविवार रात उनकी पत्नी घर पर ही थी। सुबह वह कब घर से निकली, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों से पत्नी का शव पेड़ पर लटका होने की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी।

पति के अनुसार, दोनों की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी और उनके बीच किसी प्रकार का पारिवारिक विवाद नहीं था।

 पुलिस जुटी जांच में

बहरी थाना पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

थाना प्रभारी राजेश पांडे ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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    <title>एमपी में शुरू हुई 'सुमन पंचायत' पहल, मातृ और शिशु मृत्यु शून्य रखने वाली पंचायतों को मिलेगा 1 लाख रुपये का पुरस्कार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-20 12:28:52</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से **'सुमन पंचायत' (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत)** पहल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत वे ग्राम पंचायतें, जो पूरे वर्ष एक भी मातृ मृत्यु, पांच वर्ष से कम आयु के किसी बच्चे की मृत्यु तथा खसरा-रूबेला से होने वाली मौतों को शून्य रखने में सफल होंगी, उन्हें 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी सोच के साथ पंचायतों को स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है। 
 पंचायतों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

सुमन पंचायत पहल के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, नियमित प्रसवपूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात एवं बच्चों का पूर्ण टीकाकरण, कुपोषण की रोकथाम तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर भी विशेष जोर रहेगा। 

 राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ी पहल

यह पहल सुमन रोडमैप-2030 की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक रोकी जा सकने वाली मातृ एवं नवजात मृत्यु को समाप्त करना, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी लाना, सार्वभौमिक प्रसवपूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है। 

 स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार

विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायतों को प्रोत्साहन राशि से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी मजबूत होगी। इससे आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय विकसित होगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।</description>
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    <title>देर रात दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, दोनों चालक गंभीर घायल</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-20 11:02:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> 
 तेज रफ्तार और विपरीत दिशा से वाहन चलाना बना हादसे की वजह, पुलिस ने शुरू की जांच

सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले के बैढ़न क्षेत्र में रविवार देर रात स्टेडियम के पास स्थित क्रॉसिंग पर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। भीषण सड़क हादसे में दोनों बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना तेज रफ्तार और विपरीत दिशा से वाहन चलाने के कारण हुई। दोनों बाइकें तेज गति से आमने-सामने टकराईं, जिससे दोनों चालक सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों द्वारा दोनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने स्टेडियम क्रॉसिंग पर बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
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    <title>आज से शुरू होगा मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र, यूसीसी समेत 9 विधेयक होंगे पेश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-20 08:38:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> पांच दिवसीय सत्र के पहले दिन दो अध्यादेश पेश करेगी सरकार, कांग्रेस ने यूसीसी समेत कई मुद्दों पर घेरने की बनाई रणनीति

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलने वाले पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। इस बार का सत्र कई अहम विधायी प्रस्तावों और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस के कारण हंगामेदार रहने की संभावना है।

सरकार ने इस सत्र में कुल नौ विधेयक लाने की तैयारी की है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 है, जिसे हाल ही में मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली है। सरकार इसे सदन से पारित कराने का प्रयास करेगी। इसके अलावा वर्षों से लंबित मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक तथा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक-2026 सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे।

 पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगा सत्र

मानसून सत्र का पहला दिन कई मायनों में खास रहेगा। पहली बार विधानसभा की कार्यवाही पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे सदन की कार्यप्रणाली अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनने की उम्मीद है।

पहले दिन पेश होंगे दो अध्यादेश

सत्र के पहले दिन सरकार दो अध्यादेश सदन में रखेगी। इनमें मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश-2026 तथा मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश-2026 शामिल हैं। इसके अलावा सदन में दो ध्यानाकर्षण सूचनाएं और 25 याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी।

 दिवंगत हस्तियों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

सत्र के पहले दिन प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र, लोकगायिका तीजन बाई (यदि विधानसभा अभिलेखानुसार निधन उल्लेख सूची में शामिल) तथा पूर्व विधायकों एवं पूर्व मंत्री सहित दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही शुरू होगी।

कांग्रेस ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति

मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह सदन में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का विरोध करेगी। इसके अलावा किसानों की समस्याएं, भूमि संबंधी मुद्दे, इथेनॉल परियोजनाएं, केन-बेतवा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, बेरोजगारी और अन्य जनहित के विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी की गई है।

विपक्ष का कहना है कि वह प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा, जबकि सत्ता पक्ष का दावा है कि सरकार सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए तैयार है।

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस पांच दिवसीय मानसून सत्र में कई अहम विधेयकों पर चर्चा होने के साथ-साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
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    <title>दूसरे पंचायत के ग्रामीणों के नाम पर मजदूरी दिखाकर राशि आहरण का आरोप, हितग्राही ने सीईओ से की शिकायत</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-19 17:50:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>कुसमी (ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत कुसमी की ग्राम पंचायत कवछ के हितग्राही गणेश प्रसाद गुप्ता ने तालाब निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत कुसमी से शिकायत की है। शिकायत 15 जून 2026 को की गई थी, लेकिन उनका कहना है कि अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत के अनुसार वर्क कोड कार्य क्रमांक 22012035354624 के तहत स्वीकृत तालाब निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। हितग्राही का आरोप है कि तालाब की खुदाई पूरी नहीं हुई तथा मेड़बंदी का कार्य भी अधूरा पड़ा है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों एवं रोजगार सहायक की कथित मिलीभगत से निर्माण कार्य को पूर्ण दर्शाकर राशि का आहरण कर लिया गया।

गणेश प्रसाद गुप्ता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि मास्टर रोल क्रमांक 11395, 11396, 11397 एवं 11398 के माध्यम से ग्राम पंचायत भदौरा के ग्रामीणों के नाम पर मजदूरी दर्ज कर उनके खातों में राशि हस्तांतरित कर शासकीय धन का आहरण किया गया। उनका कहना है कि वास्तविक निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद भुगतान कर दिया गया।

हितग्राही ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई, फर्जी भुगतान की जांच तथा अधूरे तालाब निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है।</description>
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    <title>मध्यप्रदेश में यूसीसी को कैबिनेट की मंजूरी,लिव-इन पंजीयन से लेकर संपत्ति में बेटियों के समान अधिकार तक कई बड़े प्रावधान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-19 15:06:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल से सटे जगदीशपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में यूसीसी विधेयक-2026 के प्रारूप को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि समानता भारतीय संस्कृति और मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है और उसी भावना के अनुरूप यह कानून लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, "राम और रहीम सभी के लिए कानून एक समान होगा।"

हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित यूसीसी के दायरे से अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) समुदाय को बाहर रखा गया है।

 लिव-इन संबंधों के लिए अनिवार्य होगा पंजीयन

प्रस्तावित विधेयक के अनुसार लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को एक माह के भीतर अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति बिना पंजीयन के लिव-इन संबंध में रहता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। ऐसे संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों को उत्तराधिकार सहित सभी कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे।

 विवाह और तलाक के लिए होंगे समान नियम

यूसीसी लागू होने के बाद विवाह से जुड़े नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह विच्छेद केवल मौखिक घोषणा के आधार पर मान्य नहीं होगा। तलाक के लिए विधिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।

 निकाह हलाला जैसी प्रथाओं पर होगी सख्ती

प्रस्तावित कानून में निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। तलाक के बाद दोबारा विवाह के लिए किसी महिला को ऐसी अपमानजनक या बाध्यकारी प्रक्रिया से गुजरने के लिए विवश करना अथवा उसे बढ़ावा देना अपराध माना जाएगा।

सभी बच्चों को मिलेगा समान कानूनी दर्जा

यूसीसी विधेयक में विवाहित और अविवाहित माता-पिता से जन्मे बच्चों, गोद लिए गए बच्चों, जैविक संतान तथा सरोगेसी से जन्मे बच्चों को समान कानूनी दर्जा देने का प्रावधान किया गया है। सभी बच्चों को कानून के तहत बराबर अधिकार प्राप्त होंगे।

 बेटियों को संपत्ति में बराबरी का अधिकार

प्रस्तावित कानून के तहत पुत्र और पुत्री दोनों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा। उत्तराधिकार के मामलों में वैवाहिक स्थिति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।

 माता-पिता और जीवनसाथी को समान अधिकार

विधेयक में जीवित माता और पिता दोनों को क्लास-1 उत्तराधिकारी माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसकी संपत्ति में माता-पिता को भी जीवनसाथी और बच्चों के समान अधिकार मिलेगा। विधवा और विधुर के साथ भी समान व्यवहार सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।

 विवाह का पंजीयन जरूरी, लेकिन विवाह अमान्य नहीं होगा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि विवाह का पंजीयन आवश्यक होगा, लेकिन यदि किसी कारणवश पंजीयन नहीं कराया जाता है तो केवल इसी आधार पर विवाह अमान्य नहीं माना जाएगा। साथ ही यदि रजिस्ट्रार बिना उचित लिखित कारण के पंजीयन आवेदन निरस्त करता है तो उसके विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

 कांग्रेस से समर्थन की अपील

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि कांग्रेस को छोड़कर अन्य राजनीतिक दलों ने यूसीसी के संबंध में अपने सुझाव दिए हैं। उन्होंने कांग्रेस से भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की।

 स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा से जुड़े बड़े फैसले

कैबिनेट बैठक में यूसीसी के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। प्रदेश की 71 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही वर्तमान में जबलपुर स्थित प्रदेश की एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्यभार को विभाजित करते हुए उज्जैन में दूसरी मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

अन्य विधेयकों को भी मिली मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने श्रम संहिता, निजी विश्वविद्यालय संशोधन, नागरिक सुरक्षा तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से संबंधित विधेयकों को भी स्वीकृति प्रदान की है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रशासनिक व्यवस्था और निवेश के माहौल में सुधार होगा।

जगदीशपुर को बनाया जाएगा पर्यटन केंद्र

कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित करने का उद्देश्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देना है। उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य करेगी।

 भोपाल के इतिहास का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने भोपाल के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र परमार राजवंश, राजा भोज और सनातन संस्कृति से जुड़ा रहा है। उन्होंने गोंड राजवंश के शासकों मदन शाह और संग्राम शाह के योगदान का भी स्मरण किया। साथ ही राजा निजाम शाह की विष देकर हत्या और रानी कमलापति द्वारा अपने पुत्र तथा प्रजा की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल का इतिहास विभिन्न संस्कृतियों और शासकों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

यूसीसी विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब सभी की निगाहें विधानसभा के मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और आगे की प्रक्रिया तय होगी।
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    <title>ITR भरने वालों के लिए बड़ा अपडेट: अब गिफ्ट, सब्सिडी और हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन की देनी होगी जानकारी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-19 11:18:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>आयकर विभाग ने बढ़ाई निगरानी, गलत जानकारी या आय छिपाने पर हो सकती है कार्रवाई

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने वाले करदाताओं के लिए इस वर्ष कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आयकर विभाग ने आय और वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से आईटीआर फॉर्म में नए खुलासे (डिस्क्लोजर) अनिवार्य किए हैं। अब करदाताओं को 50 हजार रुपये या उससे अधिक मूल्य के गिफ्ट, सब्सिडी, अनुदान और अन्य उच्च मूल्य के वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी रिटर्न में देनी होगी। इन नए प्रावधानों का उद्देश्य आय छिपाने और टैक्स चोरी पर रोक लगाना है। 

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी व्यक्ति को एक वित्तीय वर्ष में 50 हजार रुपये या उससे अधिक का गिफ्ट, सरकारी सब्सिडी, अनुदान या अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त होता है, तो उसकी जानकारी निर्धारित नियमों के अनुसार आयकर रिटर्न में देना आवश्यक होगा। आयकर विभाग इन जानकारियों का मिलान विभिन्न एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों से प्राप्त आंकड़ों से भी करेगा। 

इसके अलावा बैंक खातों में बड़े नकद जमा, उच्च मूल्य की खरीद-फरोख्त, निवेश, संपत्ति की खरीद, शेयर एवं म्यूचुअल फंड में निवेश तथा अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन भी विभाग की निगरानी में रहेंगे। यदि रिटर्न में दी गई जानकारी और विभाग के पास उपलब्ध रिकॉर्ड में अंतर पाया जाता है तो संबंधित करदाता से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि करदाताओं को आईटीआर दाखिल करते समय सभी आय स्रोतों, बैंक खातों, निवेश और प्राप्त उपहारों की सही एवं पूरी जानकारी दर्ज करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने या गलत विवरण देने पर आयकर विभाग की ओर से नोटिस, जुर्माना अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 

आयकर विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से कर प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही ईमानदारी से कर भुगतान करने वाले करदाताओं के लिए भी रिटर्न प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय होगी। इसलिए करदाताओं को सलाह दी गई है कि आईटीआर दाखिल करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन का मिलान अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</description>
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  <item>
    <title>एमपी में आज भी बारिश का दौर जारी,34 जिलों में बूंदाबांदी के आसार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-19 07:57:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में मौसम रहेगा साफ

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग ने रविवार को छतरपुर और पन्ना जिले में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं जबलपुर, ग्वालियर, सीधी, रीवा, सिंगरौली सहित 34 जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश और उसके आसपास वर्तमान में चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) तथा एक ट्रफ सक्रिय है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा दर्ज की गई। यही स्थिति रविवार को भी बनी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

वहीं राजधानी भोपाल, राजगढ़, सीहोर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर और देवास जिलों में मौसम सामान्य रहने तथा धूप निकलने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
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    <title>महिला पतंजलि योग समिति सीधी रोली सारस्वत सम्मान से सम्मानित </title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-18 21:30:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी रोली मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 16 जुलाई 2026 को रोली सारस्वत सम्मन प्रदान किया गया। इस वर्ष ट्रस्ट ने सीधी जिले में संचालित योग समितियों को सम्मानित किया जिसमें प्रमुख रूप से महिला पतंजति योग समिति सीधी का सम्मान शाल, श्रीफल के साथ ही भव्य सम्मान पत्र के साथ किया गया, जिसे महिला योग समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुजाता मिश्रा ने समिति के सदस्यों के साथ ग्रहण किया।  
रोली मेमोरियल सभागार में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सीधी की अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह रहीं जबकि अध्यक्षता शिक्षाविद डा. लहरी सिंह ने किया। 
इस अवसर पर प्रखर वक्ता इन्द्रशरण सिंह ने अपने उद्बोधन में योग के इतिहास तथा उसकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला।
वक्ता पुष्पराज सिंह परिहार ने कहा कि योग जीवन के प्रत्येेक चरण में उपयोगी है। 
सुशील अग्रवानी ने जीवन के हर चरण में योग का पालन आवश्यक बताया।  
डा. मंजू सिंह ने चिकित्सीय ब्याख्या के साथ बताया कि योग हर प्रकार की ब्याधियों से बचने का एकमात्र उपाय है।  
श्रीमती मीना गुप्ता ट्रस्टी ने अतिथियों का सम्मान पुष्प गुच्छ से किया। श्रीमती गुप्ता ने बताया कि रोली मेमोरियल मे अनवरत प्रातः योग की कक्षायें संचालित हैं जिसका लाभ लिया जाना चाहिये। सम्मान पत्र का वाचन श्रीमती श्रीपाली गुप्ता ने किया। 
इस अवसर पर पतंजलि योग समिति सीधी के सभी प्रकल्पों के पदाधिकारियों को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया। 
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कमलेश्वर प्रसाद द्विवेदी, मुकुटधारी सिंह, संतोष सिंह बंजारी, मंगलेश्वर सिंह, पंकज सिंह अध्यक्ष लघु वनोपज संघ सीधी उपेन्द्र सिंह अध्यक्ष मप्र पटवारी संघ श्रीराम सिंह कर्चुली, सुखलाल गुप्ता, राजबहोरन शर्मा, राजनारायण सिंह, योगेन्द्र सिंह, गिरजेश तिवारी, अखण्ड शर्मा वीडी कुशवाहा, रिंकू कुशवाहा, सिंधी पंचायत के अध्यक्ष कमल कामदार, श्रीमती सुजाता मिश्रा, श्रीमती पुष्पा सिंह श्रीमती सुनीता सिंह, वरिष्ट पत्रकारगण, पतंजलि योग के सदस्यगण मीडिया के सभी सम्मानितजन सहित सीधी नगर के प्रबुद्ध गणमान्यजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन स्वयं ट्रस्टी चन्द्रमोहन गुप्त ने किया जब कि व्यवस्था में पूरा सहयोग उत्कर्ष गुप्ता तथा उनके साथियों का रहा।</description>
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    <title>सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने छतीसगढ़ सीमावर्ती विद्यालयों का किया निरीक्षण, विद्यार्थियों को वितरित किए स्कूल बैग एवं अध्ययन सामग्री</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-18 18:49:38</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भुईमाड़(ईन्यूज एमपी)-सीधी जिले के सीमावर्ती भुईमाड़ क्षेत्र के प्रवास के दौरान शनिवार को कलेक्टर विकास मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए शासकीय हाई स्कूल केशलार तथा शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुरूर्च का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, मूलभूत सुविधाओं एवं विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन की स्थिति का अवलोकन किया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कक्षाओं में पहुँचकर विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया तथा नियमित अध्ययन, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें थप्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालय की आवश्यकताओं, भवन की स्थिति, फर्नीचर एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।इस अवसर पर कलेक्टर ने छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग, कॉपी एवं पेन वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है तथा शासन ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, शिक्षा विभाग का अमला एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। कलेक्टर ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश भी दिए।</description>
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    <title>सीधी:प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह: जंगल में मिले युवती के कंकाल की गुत्थी सुलझी, प्रेमी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-18 18:17:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शादी का दबाव बना विवाद का कारण, पत्थर से हत्या कर जंगल में छोड़ा शव; मोबाइल तोड़कर सबूत मिटाने की भी कोशिश

सीधी(ईन्यूज एमपी)- चुरहट थाना क्षेत्र के ग्राम कोष्टा पवाई के जंगल में मिले अज्ञात मानव कंकाल की गुत्थी को सीधी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार यह मामला एक प्रेम प्रसंग से जुड़ा हत्या का निकला, जिसमें शादी के लिए दबाव बनाए जाने पर प्रेमी ने युवती की पत्थर से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार 30 जून 2026 को ग्राम कोष्टा पवाई के जंगल में एक अज्ञात मानव कंकाल मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर चुरहट थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई के बाद जांच में हत्या की आशंका सामने आई। इसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

डीएनए परीक्षण और परिजनों द्वारा पहचान के बाद मृतका की शिनाख्त 19 वर्षीय प्रियंका साकेत, निवासी ग्राम मवई, थाना चुरहट के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के मोबाइल नंबर का तकनीकी विश्लेषण किया और उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर ग्राम चिलरी कला निवासी 20 वर्षीय पवन कारपेंटर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभ में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मृतका की वर्ष 2024 में कॉलेज के दौरान जान-पहचान हुई थी और वर्ष 2025 से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। मृतका लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी अलग-अलग जाति होने का हवाला देकर विवाह से इंकार कर रहा था।

पुलिस के अनुसार 24 जून 2026 को आरोपी युवती को चुरहट बुलाकर ग्राम कोष्टा पवाई के जंगल में ले गया। वहां शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने मौके पर पड़े पत्थर से युवती के सिर के पीछे और कान के पास कई वार कर उसकी हत्या कर दी।

घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। पुलिस के अनुसार उसने मृतका का मोबाइल बंद कर उसके व्हाट्सएप से उसकी बहन को भ्रामक संदेश भेजे, ताकि किसी को संदेह न हो। बाद में मोबाइल तोड़कर नरकुई नदी में फेंक दिया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में हत्या के अलावा साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी वैधानिक कार्रवाई की है। मामले में अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक रीता त्रिपाठी और चुरहट थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की गई है।
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    <title>एमपी में फिर जोर पकड़ेगा मानसून, आज 44 जिलों में बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-18 10:45:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें डिंडौरी और उमरिया जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है।

प्रदेश में शुक्रवार को करीब नौ दिन बाद कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उमरिया, डिंडौरी और बालाघाट में तेज वर्षा हुई, जबकि राजधानी भोपाल में भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके साथ सक्रिय ट्रफ लाइन प्रदेश में पर्याप्त नमी पहुंचा रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार से नया मौसम तंत्र भी सक्रिय हो रहा है, जिससे अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। यदि यह सिस्टम और मजबूत होता है तो मध्यप्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

वहीं श्योपुर, गुना, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने तथा धूप निकलने के आसार हैं। हालांकि इन क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान मौसम प्रणाली सक्रिय बनी रही तो जुलाई के शेष दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने से खेती और जल स्रोतों को बड़ी राहत मिलेगी।
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    <title>सीधी में आज लगेगी विशेष लोक अदालत, चेक बाउंस के मामलों का होगा त्वरित निपटारा</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-18 05:56:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> आपसी समझौते से धारा 138 एनआई एक्ट के लंबित प्रकरणों का होगा निराकरण

सीधी(ईन्यूज एमपी)- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आज 18 जुलाई (शनिवार) को जिला न्यायालय परिसर सीधी में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

विशेष लोक अदालत में अपीलीय न्यायालय के लिए तृतीय जिला न्यायाधीश रविंद्र कुमार शर्मा तथा विचारण न्यायालय के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोनू जैन की खंडपीठों का गठन किया गया है। इन खंडपीठों के माध्यम से आपसी सहमति के आधार पर लंबित चेक बाउंस मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार शिवहरे ने धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित सभी पक्षकारों से विशेष लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आपसी समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान होने पर न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि लंबी न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिलती है।

उन्होंने सभी संबंधित पक्षकारों से निर्धारित तिथि पर विशेष लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने लंबित प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्र निराकरण कराने का आग्रह किया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कर न्याय प्रक्रिया को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाना है।
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    <title>लापता 9 वर्षीय मासूम का जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव, जंगली जानवर के हमले और हत्या दोनों एंगल पर जांच</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-17 15:11:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> 24 घंटे से लापता था बच्चा, 500 मीटर दूर जंगल में मिला शव; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारणों का खुलासा

सतना(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के सतना जिले में 24 घंटे से लापता 9 वर्षीय बालक का शव गुरुवार शाम जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है, जबकि परिजनों ने अपहरण के बाद हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की है। पुलिस ने दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।

पुलिस के अनुसार मझगवां थाना क्षेत्र के पिंडरा गांव निवासी लल्लू यादव का 9 वर्षीय पुत्र नितिन यादव पांचवीं कक्षा का छात्र था। बुधवार शाम वह स्कूल से घर लौटा था। घर पहुंचने के बाद वह बाहर लगे हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही चित्रकूट एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे और मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गुरुवार सुबह पुलिस, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल, एसडीआरएफ, क्यूआरएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। शाम को गांव से करीब 500 मीटर दूर पहाड़ी से लगे जंगल में बच्चे का शव बरामद हुआ।

पुलिस के अनुसार शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था। बच्चे का सिर और हाथ एक स्थान पर मिले, जबकि धड़ कुछ दूरी पर पड़ा था। शव की स्थिति देखकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस इलाके में शव मिला है, वहां तेंदुए की आवाजाही पहले से दर्ज होती रही है। प्रथम दृष्टया शव की स्थिति जंगली जानवर के हमले की ओर संकेत करती है, लेकिन इसकी पुष्टि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।

वहीं, मृतक के परिजनों का आरोप है कि नितिन का पहले अपहरण किया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया गया। उनका कहना है कि बाद में जंगली जानवरों ने शव को क्षत-विक्षत कर दिया होगा। पुलिस ने इस आशंका को भी गंभीरता से लेते हुए जांच के दायरे में शामिल किया है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।

उधर, चित्रकूट रेंजर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि वन विभाग की टीम शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पगमार्क और अन्य साक्ष्य जुटाने पहुंचने वाली थी, लेकिन देर रात हुई बारिश के कारण कई महत्वपूर्ण निशान मिट गए, जिससे जांच प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेत नहीं मिले हैं, जबकि तेंदुए की गतिविधियां पहले से दर्ज हैं।

पुलिस और वन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से जुटाए गए तथ्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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    <title>मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, किसान, रोजगार, भ्रष्टाचार और यूसीसी समेत कई मुद्दे होंगे प्रमुख</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-17 13:44:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस ने सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। पार्टी ने किसानों की समस्याओं, युवाओं के रोजगार, सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, कथित भूमि घोटाले, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी एवं दलित अधिकारों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को सदन में प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया है।

इन मुद्दों पर अंतिम रणनीति तय करने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 19 जुलाई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी और सभी विधायकों के बीच मुद्दों का समन्वय किया जाएगा।

उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा में जनता से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासियों और दलितों के अधिकार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जैसे विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि घोटाले का मामला भी सदन में उठाया जाएगा। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक जॉब कैलेंडर जारी करने, भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार और युवाओं को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी जाएगी।

इधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने पशुपालन विभाग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अपने पास रखने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि क्या केवल विभाग बदलने से व्यवस्था भी बदल जाएगी। उनका कहना है कि जिन विभागों का प्रभार पहले से मुख्यमंत्री के पास है, उनमें भी जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम नहीं दिखाई दे रहे हैं।

पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने वर्षों तक गाय को अपनी राजनीति का प्रमुख विषय बनाया, लेकिन प्रदेश में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई गौशालाओं में चारे, पानी, उपचार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी लगातार सामने आती रही है, जिस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि मानसून सत्र में वह जनता से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को मजबूती से उठाएगी, जबकि सरकार की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिए जाने की संभावना है। ऐसे में इस बार का विधानसभा मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी गर्म रहने के आसार हैं।
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    <title>सीधी:करंट की चपेट में आने से दो भैंसों की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-17 10:45:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> चौफाल कोठार गांव की घटना, विद्युत व्यवस्था पर उठे सवाल

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के वनांचल क्षेत्र स्थित जमोड़ी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत चौफाल कोठार में करंट की चपेट में आने से दो भैंसों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और पशुपालकों में भारी नाराजगी देखी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चौफाल कोठार निवासी पिंटू यादव पिता मैनेजर यादव की दो भैंसें सुनील पाण्डेय के घर के पास बिजली के खम्भे से जमीन पर फैले विद्युत करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगने से दोनों भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पशुओं की अचानक हुई मौत से पशुपालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

घटना की सूचना संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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    <title>सरकारी बैठकों में अब नहीं चलेगी लेटलतीफी, केंद्र सरकार ने अफसरों के लिए जारी की नई गाइड</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-17 10:30:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> समय पर बैठक, तय एजेंडा और स्पष्ट निर्णय पर जोर; फाइलों के तेजी से निपटारे और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की पहल

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- सरकारी बैठकों में होने वाली देरी, लंबी और निष्कर्षहीन बैठकों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नई कार्यप्रणाली (वर्किंग गाइड) जारी की है। इस गाइड में वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी सुधार करने की सलाह दी गई है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी आए और आम जनता को समय पर बेहतर सेवाएं मिल सकें।

भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों (एटीआई) के महानिदेशकों को पत्र भेजकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली में व्यवहारिक सुधार लाने पर जोर दिया है। पत्र में कहा गया है कि विषयगत प्रशिक्षण के साथ-साथ सरकारी कार्यों की दैनिक प्रक्रिया, निर्णय लेने की क्षमता और व्यवहारिक प्रबंधन पर भी अधिकारियों का मार्गदर्शन आवश्यक है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि सरकारी बैठकों की शुरुआत अक्सर निर्धारित समय से देर से होती है और वे जरूरत से ज्यादा लंबी चलती हैं। कई बार घंटों तक चली बैठकों के बाद भी स्पष्ट निर्णय नहीं निकल पाते। यदि इस व्यवस्था में सुधार किया जाए तो फाइलों के निराकरण में तेजी आएगी, योजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ेगी और जनता को सरकारी सेवाएं समय पर मिल सकेंगी।

कैबिनेट सचिव ने अधिकारियों को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा है कि लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारी कई बार पुरानी कार्यशैली और आदतों में बंध जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक अधिकारी को स्वयं से यह प्रश्न पूछना चाहिए कि क्या वह हर वर्ष अपने कार्य करने के तरीके में सुधार कर रहा है या केवल वर्षों पुरानी कार्यप्रणाली को दोहरा रहा है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि सेवा के अंतिम वर्षों में कई अधिकारियों के सामने यह स्थिति बन जाती है कि उनके पास वास्तव में 30 वर्षों का अनुभव है या फिर एक वर्ष के अनुभव को 30 बार दोहराया गया है। इसलिए निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और कार्यशैली में सुधार करना आवश्यक है।

नई गाइड के अनुसार अब बिना स्पष्ट उद्देश्य के बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। यदि किसी विषय का समाधान ई-मेल, टेलीफोन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभव है तो अनावश्यक बैठक बुलाने से बचा जाएगा। इससे अधिकारियों का समय बचेगा और वे जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

गाइड में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि बैठक का एजेंडा पहले से सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में शामिल हों। केवल उन्हीं अधिकारियों को बुलाया जाए जिनकी उपस्थिति आवश्यक हो। इससे बैठकें छोटी, प्रभावी और परिणामोन्मुख बन सकेंगी।

बैठक समाप्त होने के बाद अनिवार्य रूप से "मिनट्स ऑफ मीटिंग" तैयार किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट रूप से दर्ज होगा कि कौन-सा निर्णय लिया गया, किस अधिकारी को कौन-सी जिम्मेदारी सौंपी गई, उसे पूरा करने की समय-सीमा क्या होगी और अगली समीक्षा कब की जाएगी। इससे लंबित मामलों की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।

गाइड में जूनियर अधिकारियों की राय को भी महत्व देने पर जोर दिया गया है। बैठक का वातावरण ऐसा बनाने की सलाह दी गई है, जहां सभी अधिकारी बिना किसी झिझक के अपने सुझाव और असहमति खुलकर रख सकें। इससे बेहतर निर्णय लेने और नवाचार को बढ़ावा मिलने की संभावना बढ़ेगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होने वाली बैठकों के लिए भी अलग दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें बैठक शुरू होने से पहले तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच, सभी प्रतिभागियों को समान अवसर देने तथा बैठक के दौरान अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है तो सरकारी निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामकारी होगी। इसका सीधा लाभ विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता एवं गति में देखने को मिलेगा।
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    <title>रोली मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट में छात्रों को पठन-पाठन सामग्री वितरित</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-16 20:28:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- शिक्षा को बढ़ावा देने और जरूरतमंद विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से रोली मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा इस वर्ष भी "रोली सारस्वत सम्मान" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम सुश्री प्रिया पाठक शामिल हुईं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन सामग्री वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री फाली गुप्ता द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन में ट्रस्ट के संचालक, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी भैया चंद्र मोहन गुप्ता ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी एवं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को "रोली सारस्वत सम्मान" के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें बेहतर अध्ययन के लिए प्रेरित करना है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, पेन, पेंसिल, टिफिन बॉक्स, पानी की बोतल तथा मिठाई सहित पठन-पाठन सामग्री की किट प्रदान की गई। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

मुख्य अतिथि एसडीएम प्रिया पाठक ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें सम्मानित करना उनके लिए सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को प्रोत्साहन और स्नेह की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। उन्हें शिक्षा से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराना न केवल उनकी पढ़ाई में सहायक है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। उन्होंने इस सराहनीय पहल के लिए ट्रस्ट के संचालक भैया चंद्र मोहन गुप्ता एवं पूरी आयोजन समिति को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में श्रीमती मीना गुप्ता, ट्रस्टी उत्कर्ष गुप्ता, श्री फाली गुप्ता, समाजसेवी पुष्पा सिंह, सुनीता सिंह, रितु सिंह, अधिवक्ता गिरिजेश तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और उन्हें सम्मानित कर पठन-पाठन सामग्री प्रदान की गई।
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    <title>सीधी: 51 लापरवाह कर्मचारियों का कटा वेतन, देखिए क्या थी वजह...</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-16 18:53:08</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>- सार्थक एप में लापरवाही पर 51 कर्मचारियों का वेतन कटा

- स्वास्थ्य विभाग में अनुशासन पर सख्ती, डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं करने वालों पर हुई कार्रवाई

सीधी(ईन्यूज एमपी)- स्वास्थ्य विभाग में अनुशासन, समयबद्ध उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। सार्थक एप में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 51 कर्मचारियों के वेतन में नियमानुसार कटौती की गई है। विभाग की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से दर्ज की जाती है। इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और कार्यस्थल पर उपलब्धता की नियमित निगरानी करना है, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

विभागीय समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि 51 कर्मचारियों ने निर्धारित नियमों के अनुसार सार्थक एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की। इसे सेवा नियमों का उल्लंघन और गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित कर्मचारियों के वेतन में नियमानुसार कटौती की गई।

डॉ. खरे ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहना और डिजिटल माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशों की अनदेखी या कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन निर्धारित समय पर सार्थक एप में अपनी उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें तथा अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। साथ ही मरीजों और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा आगे भी जारी रहेगी। यदि भविष्य में कोई कर्मचारी डिजिटल उपस्थिति या विभागीय अनुशासन का पालन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    <title>जनपद पंचायत सीधी की सामान्य सभा संपन्न, विकास योजनाओं की प्रगति और क्षेत्रीय समस्याओं पर हुई विस्तृत समीक्षा</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-16 18:04:09</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत सीधी की सामान्य सभा एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक गुरुवार को जनपद पंचायत सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने की। बैठक में विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों, वित्तीय प्रगति तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई क्षेत्रीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही व्ही.बी.-जी राम जी योजना की प्रगति एवं क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनपद पंचायत की विभिन्न स्थायी समितियों की कार्यवाही की समीक्षा कर वर्ष 2025-26 के प्रशासनिक प्रतिवेदन का अनुमोदन भी किया गया।

बैठक में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष इंजीनियर सुमन सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदूलाल पनिका सहित जनपद पंचायत के सभी सदस्य उपस्थित रहे। सदस्यों में आकांक्षा तिवारी, सुमन कोल, प्रीति सिंह, नीतू सिंह, प्रेमवती सिंह, सुषमा सिंह, दीपशिखा सिंह, संतोष सिंह, दीपक पनिका, शिवेंद्र सिंह, विनोद पटेल, प्रदीप सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रामलखन पनिका, रामवती सिंह एवं श्यामकली प्रजापति सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को बैठक में प्रमुखता से उठाया।

बैठक के दौरान सभी खंड स्तरीय विभागों के अधिकारियों से उनके विभागों की भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों की वन-टू-वन समीक्षा की गई। विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, सड़क, निर्माण कार्यों, हितग्राही मूलक योजनाओं तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया गया, जिनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने सभी जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए विकास कार्यों में समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचे और क्षेत्रीय समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सामान्य सभा की बैठक का समापन किया गया।
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    <title>एमपी में 19 जुलाई से बदलेगा मौसम, फिर सक्रिय होगा मानसून; आज 36 जिलों में बारिश का अलर्ट, ग्वालियर-भोपाल समेत कई शहरों में गर्मी के आसार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-16 15:20:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से कमजोर पड़े मानसून के बीच अब राहत की उम्मीद दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने जा रहे नए पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम तंत्र और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल मानसून की सक्रियता कमजोर बनी हुई है, जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश नहीं हो रही है। हालांकि 19 जुलाई के बाद नई मौसम प्रणालियों के असर से कई जिलों में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। 

गुरुवार को मौसम विभाग ने इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित 36 जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। 

वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है। इन क्षेत्रों में बादल छाने के बावजूद तेज धूप और अधिक नमी के कारण लोगों को असहज मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है, बल्कि फिलहाल अनुकूल मौसम प्रणालियों के अभाव में बारिश की गतिविधियां सीमित हैं। यदि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्न दाब क्षेत्र मजबूत होता है और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अपेक्षित रहा, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी। 

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि जिन जिलों में गरज-चमक और तेज हवा की संभावना है, वहां खुले स्थानों पर जाने से बचें तथा बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी मौसम का पूर्वानुमान देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। </description>
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    <title>पेंशन रोकना सचिव को पड़ा भारी: सीईओ ने लगाया 21,500 रुपये का जुर्माना, तीन साल बाद विधवा को मिला हक</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-16 13:11:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>लापरवाही उजागर होने पर पंचायत सचिव पर कार्रवाई, जुर्माने की राशि पीड़ित बुजुर्ग महिला के खाते में कराई जमा**

सिंगरौली/देवसर(ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत गन्नई में एक आदिवासी विधवा बुजुर्ग महिला को तीन वर्षों तक विधवा पेंशन से वंचित रखना पंचायत सचिव को भारी पड़ गया। मामले की जांच में लापरवाही सिद्ध होने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जगदीश गोमे (आईएएस) ने ग्राम पंचायत गन्नई के सचिव तुलसीराम यादव पर 21,500 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद उतनी ही राशि पीड़ित महिला के बैंक खाते में जमा कराकर उसे न्याय दिलाया गया।

जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गन्नई की 69 वर्षीय आदिवासी विधवा नानाबाई अगरिया पिछले तीन वर्षों से विधवा पेंशन के लाभ से वंचित थीं। आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर नानाबाई आज भी कच्चे खपरैल के मकान में रहने को विवश हैं। पेंशन नहीं मिलने के कारण उन्हें रोजमर्रा के खर्च और जीवन-यापन में गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

जांच में सामने आई सचिव की लापरवाही

मामला जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आने के बाद तत्काल जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पात्र हितग्राही होने के बावजूद पंचायत सचिव की लापरवाही के कारण नानाबाई अगरिया को वर्षों तक विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल सका। इसके बाद सीईओ ने सख्त रुख अपनाते हुए सचिव तुलसीराम यादव पर **21,500 रुपये का आर्थिक दंड** लगाया।

महिला के खाते में पहुंची पूरी राशि

कार्रवाई के बाद न केवल नानाबाई की विधवा पेंशन स्वीकृत कराई गई, बल्कि तीन वर्षों की लंबित पेंशन के बराबर **21,500 रुपये** उनके बैंक खाते में भी जमा करा दिए गए। इससे बुजुर्ग महिला को बड़ी राहत मिली है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का भी मिलेगा लाभ

प्रशासन ने केवल पेंशन तक ही राहत सीमित नहीं रखी, बल्कि नानाबाई अगरिया को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की। उनका नाम प्रधानमंत्री आवास प्लस-2024 की सूची में शामिल कराया गया है, जिससे भविष्य में उन्हें पक्का मकान मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।

लापरवाह कर्मचारियों को सख्त संदेश

जिला पंचायत सीईओ की इस कार्रवाई के बाद पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को वंचित करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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  <item>
    <title>NH39 पर हादसा,आधी रात मौत बनकर घर में घुसा लोडेड हाईवा</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-16 09:59:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>राष्ट्रीय राजमार्ग से उतरकर मकान में पलटा वाहन, तिवारी मशीनरी की दुकान भी हुई तबाह; लाखों के नुकसान की आशंका

सिंगरौली/देवसर(ईन्यूज एमपी)- सिंगरौली जिले के देवसर स्थित पूर्वी बाईपास पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में पूरा परिवार चमत्कारिक रूप से बच गया। रात करीब 2 बजे एक तेज रफ्तार लोडेड हाईवा अनियंत्रित होकर राष्ट्रीय राजमार्ग से नीचे उतर गया और सीधे एक मकान में जा घुसा। मकान से टकराने के बाद वाहन पलट गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि कुछ सेकंड का भी अंतर होता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।

जानकारी के अनुसार, CG 15 EE 5449 क्रमांक का लोडेड हाईवा अचानक चालक का नियंत्रण खो बैठा और सड़क छोड़ते हुए शुक्ला परिवार के मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास का इलाका तेज धमाके से गूंज उठा।

गहरी नींद में था परिवार, धमाके से खुली आंखें

घटना के समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर परिवार के लोग घबराकर बाहर निकले। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाईवा कुछ फीट इधर-उधर होता तो पूरा परिवार उसकी चपेट में आ सकता था।

मशीनरी की दुकान भी क्षतिग्रस्त

हादसे में मकान के साथ ही पास स्थित **तिवारी मशीनरी** की दुकान को भी भारी नुकसान पहुंचा। दुकान में रखी मशीनें और अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस दुर्घटना में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

वृद्ध ने बताया सबसे भयावह अनुभव

घर में मौजूद वृद्ध **मथुरा प्रसाद गुप्ता** घटना के समय सो रहे थे। तेज आवाज से उनकी नींद खुली और वे किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे भयावह अनुभव बताया। घटना के बाद उनका बयान और घटनास्थल का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू

हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। दुर्घटना के कारण कुछ समय तक पूर्वी बाईपास पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को हटाने के साथ दुर्घटना की जांच शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा की मांग

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पूर्वी बाईपास पर तेज रफ्तार से दौड़ने वाले भारी वाहनों पर चिंता जताई है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए, आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।
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  <item>
    <title>एमपी में बारिश पर ब्रेक, 35 जिलों में सूखे जैसे हालात; 19 जुलाई के बाद फिर सक्रिय होगा मानसून</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-16 07:20:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में पिछले एक सप्ताह से भारी या अति भारी बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। सबसे अधिक चिंता पूर्वी मध्यप्रदेश को लेकर है, जहां सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 35 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 270.3 मिमी होनी चाहिए थी। इस प्रकार प्रदेश में अब तक करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की कमी और अधिक गंभीर है, जहां सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा** रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

 पूर्वी मध्यप्रदेश में बढ़ी चिंता

बारिश की कमी का सबसे अधिक असर जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में खेतों की नमी कम होने लगी है, जिससे खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं जलाशयों और छोटे जल स्रोतों में भी अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है।

 19 जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र विकसित हो रहा है तथा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन प्रणालियों के प्रभाव से मध्यप्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने और कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

 आज इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना

गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवा चलने का अनुमान है।

वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर जिलों में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अच्छी बारिश की उम्मीद

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है, लेकिन पूर्वी हिस्से में वर्षा की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी निम्न दाब क्षेत्र और अन्य मौसम प्रणालियों की दिशा एवं तीव्रता पर आगे की बारिश निर्भर करेगी। यदि सभी मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो **जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है**, जिससे किसानों और जल संसाधनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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  <item>
    <title>15 से 30 जुलाई तक सीधी जिले में चलेगा ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जनजागरूकता अभियान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-15 19:02:14</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>प्रतिदिन आयोजित होंगे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14446 एवं मानस हेल्पलाइन 1933 का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार

सीधी(ईन्यूज एमपी)-उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के अंतर्गत 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में व्यापक नशामुक्ति जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का संचालन पुलिस, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सहित विभिन्न विभागों तथा गायत्री परिवार, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसी सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा।

 	उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में नशामुक्ति विषयक व्याख्यान, लघु फिल्मों का प्रदर्शन, रील एवं शॉर्ट फिल्म प्रदर्शन, चित्रकला, निबंध, पेंटिंग, स्लोगन, रंगोली एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, एनसीसी, स्काउट-गाइड, ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों तथा जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से रैलियां, जागरूकता कार्यक्रम एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 	अभियान के अंतर्गत प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, बसों, डिजिटल स्क्रीन तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन माध्यमों के जरिए नशामुक्ति संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, गीत एवं अन्य सांस्कृतिक माध्यमों से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही स्कूलों के आसपास तंबाकू एवं सिगरेट की बिक्री पर निगरानी रखने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

 	अभियान के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के शौर्य दल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, ग्राम एवं नगर सुरक्षा समितियां, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठन तथा अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से भी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एम-नहित (Mnhit) ऐप के माध्यम से नशा प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

 	उप संचालक ने बताया कि यह अभियान भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान’ के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। अभियान के दौरान राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 एवं मानस हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही अधिक से अधिक नागरिकों को एनएमबीए पोर्टल पर ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में पंजीकृत करने, ई-प्लेज (ePledge) के माध्यम से नशामुक्ति की शपथ दिलाने तथा आयोजित सभी गतिविधियों को एनएमबीए मोबाइल एप पर अपलोड करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</description>
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    <title>प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डांगा का लोकार्पण, ग्रामीणों को मिली बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-15 18:52:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>गांवों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता - विधायक कुँवर सिंह टेकाम

सीधी(ईन्यूज एमपी)-ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डांगा का लोकार्पण धौहनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुँवर सिंह टेकाम के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

 	लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक कुँवर सिंह टेकाम ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है, ताकि लोगों को उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों की ओर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डांगा के प्रारंभ होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को समय पर उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।

 	विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य केवल उपचार का विषय नहीं, बल्कि जनकल्याण और सामाजिक विकास का आधार है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी संवेदनशीलता, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ मरीजों की सेवा करें तथा शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

 	उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ लें तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।

 	मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी, प्रसव सेवाएं, टीकाकरण, सामान्य उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्र में चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम सहित आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की गई है। साथ ही आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

 	कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने नव-लोकार्पित भवन का निरीक्षण किया तथा स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस स्वास्थ्य केंद्र के प्रारंभ होने से डांगा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी तथा समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की बचत होगी।

 	कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कृष्णलाल पयासी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्यकर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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    <title>एमपी सरकार में बड़ा फेरबदल: सीएम ने छीना मंत्री से विभाग?</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-15 13:36:49</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार अपने पास ले लिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बदलाव के साथ ही राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेकर उन्हें आनंद विभाग का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब प्रदेश के कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी स्वयं संभालेंगे। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय तथा अब पशुपालन एवं डेयरी विभाग भी शामिल हो गया है।

 लखन पटेल को मिला नया दायित्व

मंत्रिमंडल में हुए इस बदलाव के तहत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। अब उन्हें आनंद विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे।

 प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर

विभागों के इस फेरबदल के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पशुपालन विभाग को सीधे अपने अधीन लेने को महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इस बदलाव के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।

 पशुपालन विभाग क्यों है महत्वपूर्ण

पशुपालन एवं डेयरी विभाग प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, दुग्ध उत्पादन, पशुधन विकास और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े प्रमुख विभागों में से एक है। राज्य सरकार द्वारा इस विभाग के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गौ-संवर्धन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और पशुपालकों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इस विभाग का प्रभार अपने पास रखना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिसूचना जारी, नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के साथ ही विभागों के नए प्रभार तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। अब संबंधित विभागों में नई जिम्मेदारियों के अनुसार प्रशासनिक कार्य संचालित किए जाएंगे। सरकार के इस निर्णय को आगामी योजनाओं और विभागीय प्राथमिकताओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
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    <title>मध्यप्रदेश में दूसरी बार बदली टेक होम राशन व्यवस्था, आजीविका मिशन से वापस लिया गया जिम्मा</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-15 11:15:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में टेक होम राशन (टीएचआर) योजना के संचालन को लेकर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण का दायित्व मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एमपीएसआरएलएम) से वापस लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) को सौंपने का निर्णय लिया है। यह दूसरी बार है जब इस योजना की जिम्मेदारी एक विभाग से दूसरे विभाग को हस्तांतरित की गई है। 

सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में संचालित सात पोषण आहार संयंत्रों के संचालन की नई रूपरेखा तैयार की जा रही है। इन संयंत्रों के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को टेक होम राशन उपलब्ध कराया जाता है। 

 पहले भी बदल चुकी है व्यवस्था

टेक होम राशन योजना का संचालन पहले महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन था। बाद में इसे महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार उपलब्ध कराने और आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को सौंपा गया था। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित उत्पादन इकाइयों में पोषण आहार तैयार कर आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाता रहा। अब सरकार ने एक बार फिर इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी है। 

 हजारों महिलाओं की आजीविका पर असर की आशंका

इस निर्णय के बाद स्वयं सहायता समूहों और पोषण आहार संयंत्रों से जुड़े हजारों महिला सदस्यों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इन इकाइयों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में महिलाएं, मजदूर, परिवहन कर्मी और अन्य कर्मचारी जुड़े हुए हैं। जिम्मेदारी बदलने के कारण उनके रोजगार और आय पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। 

 नई व्यवस्था में विभाग करेगा संचालन

नई व्यवस्था लागू होने के बाद टेक होम राशन के उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, भंडारण और वितरण की पूरी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन होगी। विभाग यह तय करेगा कि उत्पादन सरकारी व्यवस्था के माध्यम से होगा या किसी अन्य एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। 

 योजना का उद्देश्य

टेक होम राशन योजना के तहत छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य कुपोषण कम करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना है। यह योजना समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और पोषण अभियान के तहत संचालित की जाती है। 

आगे क्या?

सरकार के निर्णय के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई व्यवस्था कब से पूरी तरह लागू होगी और वर्तमान में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों तथा पोषण आहार संयंत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि इस बदलाव से टेक होम राशन की गुणवत्ता और समय पर वितरण व्यवस्था में कितना सुधार आता है। 
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  <item>
    <title>एमपी के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, 20 जुलाई तक सभी विभागों में पदोन्नति की तैयारी तेज</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-15 06:39:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने सभी विभागों में लंबित पदोन्नतियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। लक्ष्य है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले अधिकतम विभागों में विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें आयोजित कर पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए पदोन्नति नियमों के बाद विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत सभी विभागों को रिक्त पदों का आकलन करने, पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची का परीक्षण करने तथा विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 करीब एक दशक बाद तेज हुई प्रक्रिया

मध्यप्रदेश में पदोन्नति का मामला लंबे समय तक कानूनी विवादों के कारण प्रभावित रहा। आरक्षण और पदोन्नति से जुड़े विभिन्न मामलों के चलते कई वर्षों तक नियमित प्रमोशन नहीं हो सके, जिससे हजारों अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो गए। अब नए नियम लागू होने के बाद सरकार बड़े स्तर पर लंबित पदोन्नतियों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

 इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा तत्काल लाभ

सरकारी निर्देशों के अनुसार ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी, जिनके खिलाफ विभागीय जांच लंबित है, गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है या जिनकी वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) प्रतिकूल है, उन्हें फिलहाल पदोन्नति का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।

 विभागों में तैयार हो रही पात्र कर्मचारियों की सूची

सभी विभागों में पात्र कर्मचारियों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है। वरिष्ठता सूची, सेवा अभिलेख, गोपनीय प्रतिवेदन तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है ताकि डीपीसी की बैठकों में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। इसके साथ ही रिक्त पदों का सत्यापन भी किया जा रहा है।

 हाईकोर्ट में सुनवाई भी जारी

पदोन्नति नियमों से संबंधित कुछ मामलों पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। सरकार न्यायालय की प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई कर रही है। ऐसे में जिन मामलों पर न्यायालय के निर्देश लागू होंगे, उनका पालन करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

 कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद

लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों में सरकार की इस पहल से नई उम्मीद जगी है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी होती है तो विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी गति आने की संभावना है।

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    <title>एमपी में UCC का फाइनल ड्राफ्ट तैयार, लिव-इन रिलेशनशिप का कराना होगा पंजीयन; विवाह पंजीयन अनिवार्य, बहुविवाह पर रोक </title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-14 13:46:10</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उच्च स्तरीय समिति ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यूसीसी का अंतिम ड्राफ्ट सौंप दिया है। इस ड्राफ्ट में लिव-इन रिलेशनशिप, विवाह, तलाक और संपत्ति अधिकारों को लेकर कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं। सरकार अब इस ड्राफ्ट का कानूनी परीक्षण करा रही है और मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक पेश किए जाने की संभावना है।

ड्राफ्ट के अनुसार प्रदेश में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रार के समक्ष पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन के बाद रजिस्ट्रार इसकी एक प्रति संबंधित थाना भेजेंगे। साथ ही लिव-इन में रहने वाले युवक-युवती के अभिभावकों को भी इसकी जानकारी दी जाएगी। यदि कोई जोड़ा बिना पंजीयन के लिव-इन में रहता है तो उसे दंडनीय अपराध माना जाएगा और इसके लिए सजा का भी प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

 सभी धर्मों के लिए विवाह पंजीयन अनिवार्य

ड्राफ्ट में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह का पंजीयन अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। विवाह के 30 से 60 दिनों के भीतर पंजीयन कराना होगा। सरकार का मानना है कि इससे विवाह संबंधी विवादों में कमी आएगी और कानूनी दस्तावेज उपलब्ध रहेंगे।

 कोर्ट से ही मान्य होगा तलाक

यूसीसी ड्राफ्ट में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि किसी भी धर्म के लोगों के लिए केवल न्यायालय द्वारा स्वीकृत तलाक ही वैध माना जाएगा। मौखिक या प्रथागत तलाक को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी और ऐसे मामलों को दंडनीय बनाने की सिफारिश की गई है।

 बहुविवाह पर पूर्ण रोक

ड्राफ्ट में सभी धर्मों के लिए एक समान नियम लागू करने का प्रस्ताव है। इसके तहत पति या पत्नी के जीवित रहते अथवा विधिक तलाक हुए बिना दूसरी शादी पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। बहुविवाह को अपराध की श्रेणी में रखने की अनुशंसा की गई है।

 संपत्ति में बेटा-बेटी को समान अधिकार

ड्राफ्ट में सभी धर्मों के लोगों के लिए बेटा और बेटी को पैतृक संपत्ति में समान उत्तराधिकार का अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। इससे उत्तराधिकार संबंधी नियमों में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है।

 आदिवासी और विशेष पिछड़ी जातियां रहेंगी बाहर

समिति ने अपनी सिफारिश में अनुसूचित जनजातियों तथा कुछ संकटग्रस्त और विशेष पिछड़ी जनजातियों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने का सुझाव दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही इस संबंध में संकेत दे चुके हैं।

 तीन खंडों में तैयार हुआ ड्राफ्ट

यूसीसी का ड्राफ्ट तीन भागों में तैयार किया गया है। पहले भाग में समिति की अनुशंसाएं और विभिन्न देशों व राज्यों के कानूनों का विश्लेषण है। दूसरे भाग में प्रस्तावित विधेयक का प्रारूप है, जिसमें 4 भाग, 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल हैं। तीसरे भाग में जनपरामर्श का विस्तृत विवरण दिया गया है। समिति के अनुसार ड्राफ्ट तैयार करने से पहले 9.58 लाख से अधिक सुझावों का अध्ययन किया गया।

अब यह ड्राफ्ट विधि विभाग के परीक्षण के बाद राज्य सरकार के समक्ष अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। इसके बाद सरकार आवश्यक संशोधन कर विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता विधेयक प्रस्तुत कर सकती है।
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    <title>शहडोल में चिकन शॉप संचालक की गोली मारकर हत्या, विरोध करने पर सीने में दागीं दो गोलियां</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-14 09:21:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नकाबपोश बदमाश ने पहले की हवाई फायरिंग, फिर वारदात को दिया अंजाम; पुलिस ने जिलेभर में की नाकाबंदी

शहडोल(ईन्यूज एमपी)- शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर में सोमवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात में चिकन शॉप संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रज्जन कहार (32) के रूप में हुई है। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात एक नकाबपोश युवक पल्सर बाइक से चिकन शॉप के पास पहुंचा और पहले हवाई फायर किया। दुकान पर मौजूद रज्जन कहार ने इसका विरोध करते हुए कहा, "हो गया, इतना ही..."। इसी बात से नाराज होकर हमलावर ने रज्जन के सीने में गोली मार दी।

दुकान में मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने जब आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने दूसरी गोली भी रज्जन के सीने में दाग दी। गंभीर रूप से घायल रज्जन सड़क पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल रज्जन को अनूपपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही अमलाई थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस पुरानी रंजिश, आपसी विवाद और नशे से जुड़े एंगल सहित सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपी के स्थानीय होने की आशंका भी जताई जा रही है।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बीते महीने भी रामपुर क्षेत्र में गोलीबारी की एक घटना सामने आई थी। ऐसे में लगातार हो रही फायरिंग की घटनाओं ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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  <item>
    <title>एमपी में सुस्त पड़ा मानसून, आज 22 जिलों में बूंदाबांदी के आसार; 16 जुलाई से फिर तेज होगी बारिश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-14 08:49:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>पांच दिनों से भारी बारिश पर ब्रेक, नया मौसम सिस्टम बनने के संकेत; सीधी, रीवा, सतना, सिंगरौली समेत कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले पांच दिनों से प्रदेश में भारी बारिश का दौर थम गया है और मौसम विभाग ने सोमवार को किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि प्रदेश के 22 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 जुलाई से नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने के बाद प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ([Ground Report][1])

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया सहित 22 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन सहित कई बड़े शहरों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम है। ([IBC24 News][2])

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश में कोई मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके कारण वर्षा की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। पिछले चार से पांच दिनों में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। हालांकि 16 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी की ओर नया मौसम तंत्र विकसित होने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में फिर से अच्छी और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ([Ground Report][1])

विशेषज्ञों का मानना है कि भारी बारिश से मिले इस अस्थायी विराम का फायदा खरीफ फसलों को मिल सकता है। लगातार वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे फसलों में सड़न और नुकसान की आशंका बढ़ रही थी। हल्की बारिश और धूप का संतुलन फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल माना जा रहा है। ([Ground Report][1])

मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के ताजा पूर्वानुमानों पर नजर बनाए रखें। यदि 16 जुलाई से नया सिस्टम अपेक्षित रूप से सक्रिय होता है तो प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर तेज बारिश का दौर लौट सकता है।

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    <title>जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-13 20:28:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>आधार सेवाओं में सुधार के लिए कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, 15 दिन में जिले की रैंकिंग सुधारने के निर्देश

सीधी(ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत सभागार में जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आधार नामांकन एवं अद्यतन (अपडेट) कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आधार सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

 	बैठक में यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से सहायक प्रबंधक दीपक शर्मा ने जिले में आधार नामांकन एवं अपडेट की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में 77 आधार ऑपरेटर एवं सुपरवाइजर कार्यरत हैं, लेकिन अधिकांश ऑपरेटरों का प्रतिदिन औसत नामांकन 10 से भी कम है। उन्होंने सभी ऑपरेटरों की कार्यक्षमता बढ़ाते हुए शत-प्रतिशत नामांकन एवं अद्यतन कार्य सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 	समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग तथा 100 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के आधार अद्यतन के लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक है। इस पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (एनआईसी) को आधार कार्यों की सतत निगरानी कर प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

 	कलेक्टर ने निर्देशित किया कि विद्यालयों में आयोजित होने वाले आधार शिविरों में 5 से 7 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट प्राथमिकता से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस अनिवार्य अद्यतन के लिए यदि कोई आधार ऑपरेटर निर्धारित नियमों के विरुद्ध शुल्क वसूलता है तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए उसकी आईडी निलंबित कराई जाए।

 	बैठक में विद्यालय स्तर पर आधार नामांकन एवं अपडेट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिले की वर्तमान आधार रैंकिंग 46वीं होने पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर ठोस कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाया जाए तथा जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार करते हुए उसे शीर्ष 10 जिलों में लाने का प्रयास किया जाए।

 	बैठक के उपरांत यूआईडीएआई के सहायक प्रबंधक दीपक शर्मा द्वारा जिले के आधार ऑपरेटरों एवं सुपरवाइजरों का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में आधार नामांकन एवं अद्यतन से जुड़े विशेष (Exceptional) प्रकरणों के निराकरण, तकनीकी प्रक्रियाओं, दस्तावेज सत्यापन तथा विभिन्न जटिल मामलों के समाधान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही आधार सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक हितैषी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, जिला सूचना अधिकारी दशरथ प्रजापति, जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक मनीष सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं आधार ऑपरेटर उपस्थित रहे।

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    <title>सीधी में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-13 16:53:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>चेक बाउंस मामले में विधिक सलाह के नाम पर मांगे थे 20 हजार रुपये, शिकायत के बाद लोकायुक्त रीवा ने की कार्रवाई

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने सोमवार को बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई करते हुए अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बताते चलें कि न्यायालय परिसर के बाहर अभियोजन अधिकारी रिश्वत ले रहे थे लेकिन लोकायुक्त की टीम को देखते ही पैसे फेंक कर भाग चलें जिन्हें लोकायुक्त की टीम ने दौड़कर पकड़ा है।कार्रवाई से अभियोजन कार्यालय में हड़कंप मच गया। फिलहाल लोकायुक्त की टीम सर्किट हाउस में आरोपी से पूछताछ और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।

जानकारी के अनुसार फरियादी पंकज कुमार तिवारी ने लोकायुक्त पुलिस रीवा से शिकायत की थी कि उनके विरुद्ध चेक बाउंस का एक प्रकरण दर्ज है। मामले में विधिक सलाह के लिए आवेदन अभियोजन कार्यालय सीधी भेजा गया था। आरोप है कि अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत ने विधिक राय देने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

शिकायत के अनुसार आरोपी पहले ही 8 हजार रुपये ले चुका था और शेष राशि के रूप में 10 हजार रुपये लेने के लिए फरियादी को बुलाया था। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त पुलिस रीवा ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।

सोमवार को जैसे ही फरियादी ने आरोपी को 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद अभियोजन कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

लोकायुक्त पुलिस आरोपी को सर्किट हाउस ले गई, जहां रिश्वत प्रकरण से संबंधित दस्तावेजी और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।
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    <title>पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पदोन्नतियों की बड़ी सौगात, 121 अधिकारियों को मिला प्रमोशन</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-13 12:57:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>संयुक्त आयुक्त से लेकर विकासखंड अधिकारी तक हुए पदोन्नत, सरकार ने जारी किए चार अलग-अलग आदेश; पदस्थापना आदेश अलग से होंगे जारी

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों की प्रक्रिया को तेज करते हुए 121 अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है। विभाग ने चार अलग-अलग आदेश जारी कर संयुक्त आयुक्त (विकास), उपायुक्त (विकास), मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और विकासखंड अधिकारियों (बीडीओ) को उच्च पदों पर पदोन्नत किया है। सभी पदोन्नतियां अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न रूप से प्रभावी रहेंगी।

जारी आदेशों के अनुसार 5 संयुक्त आयुक्त (विकास) को अतिरिक्त संचालक के पद पर, 20 उपायुक्त (विकास) को संयुक्त आयुक्त (विकास) के पद पर, 56 मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को उपायुक्त (विकास) तथा 40 विकासखंड अधिकारियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इस प्रकार कुल 121 अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है।

पदोन्नति आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारी अपने वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने निम्न पद के कार्यभार से भारमुक्त कर उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत की गई हैं तथा पदोन्नति में आरक्षण संबंधी अधिनियम एवं नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है।

आदेश के अनुसार सभी पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) क्रमांक 13954/2016 तथा भविष्य में सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित किए जाने वाले आदेशों के अधीन रहेंगी।

वेतन निर्धारण के लिए पदोन्नत अधिकारियों को आदेश प्राप्त होने की तिथि से एक माह के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी पदोन्नत अधिकारी के विरुद्ध पदोन्नति की तिथि पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई या दंड लंबित पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी की पदोन्नति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।

प्रदेश में करीब एक दशक बाद बड़े पैमाने पर शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया के तहत विभिन्न विभागों में लगातार आदेश जारी किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की यह कार्रवाई इसी क्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, जिससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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    <title>सुस्त पड़ा मानसून, 5 दिन से बारिश पर ब्रेक; 16 जुलाई से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-13 09:31:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी, रीवा, सतना, सिंगरौली समेत 22 जिलों में हल्की बारिश के आसार, नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद फिर तेज बारिश की संभावना

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून फिलहाल सुस्त पड़ गया है। पिछले पांच दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर थम गया है और केवल छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी, जबकि 16 जुलाई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने के बाद प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके कारण अधिकांश जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की ही संभावना है। सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया सहित प्रदेश के 22 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक मानसून की गतिविधियां सामान्य बनी रहेंगी। हालांकि 16 जुलाई से बंगाल की खाड़ी की ओर नया सिस्टम बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में फिर से अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल बारिश में आई यह कमी खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया था। अब कुछ दिनों की हल्की बारिश और धूप फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल रहेगी।

मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि मौसम में बदलाव को देखते हुए विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर नजर रखें। वहीं किसानों से खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और आगामी बारिश को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कृषि कार्य समय पर पूरा करने की अपील की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 16 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है और कई जिलों में तेज बारिश का दौर लौटने की संभावना है।
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  <item>
    <title>आज होगी पदोन्नति में आरक्षण मामले की अहम सुनवाई, लाखों कर्मचारियों की निगाहें हाईकोर्ट पर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-13 06:26:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>लंबे समय से लंबित विवाद पर आज जबलपुर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई, फैसले का पदोन्नति प्रक्रिया पर पड़ सकता है बड़ा असर

जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in Promotion) से जुड़े बहुचर्चित मामले में आज सोमवार को जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इस मामले पर प्रदेश के लाखों सरकारी अधिकारी और कर्मचारी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि सुनवाई के नतीजे का राज्य में चल रही पदोन्नति प्रक्रिया पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। 

प्रदेश में करीब एक दशक बाद पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन पदोन्नति में आरक्षण का मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण कई विभागों में अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में आज होने वाली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर हाईकोर्ट में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई के दौरान मामले को आज सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया गया था। अब कर्मचारी संगठनों और विभिन्न विभागों के अधिकारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि न्यायालय की कार्यवाही के बाद आगे की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी। 

राज्य सरकार पहले ही विभागों को पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दे चुकी है। कई विभागों में विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। हालांकि पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े कानूनी पहलुओं के कारण कुछ मामलों में अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश पर निर्भर माना जा रहा है।

कर्मचारी संगठनों का मानना है कि हाईकोर्ट की सुनवाई से लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। वहीं, सभी की निगाहें अब आज होने वाली सुनवाई और न्यायालय की अगली टिप्पणी या आदेश पर टिकी हुई हैं।

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    <title>20 साल का इंतजार खत्म होने की उम्मीद, भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार; जल्द जनता से मांगे जाएंगे सुझाव</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-12 21:08:59</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- राजधानी भोपाल के करीब दो दशक से लंबित मास्टर प्लान-2047 का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रशासनिक स्तर पर तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुतीकरण के बाद अंतिम मसौदा तैयार होने की जानकारी सामने आई है। अब इसके सार्वजनिक होने का इंतजार है, जिसके बाद नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।

जानकारी के अनुसार भोपाल का मास्टर प्लान वर्ष 1995 के बाद प्रभावी रूप से अपडेट नहीं हो सका। वर्ष 2031 के लिए तैयार मसौदा भी विभिन्न प्रशासनिक और राजनीतिक कारणों से लागू नहीं हो पाया था। अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) ने **'अमृत काल-2047'** की अवधारणा के अनुरूप नया मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसे उच्च प्रशासनिक स्तर पर सहमति मिल चुकी है।

दिशा समिति की बैठक में गरमाई राजनीति

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मास्टर प्लान को लेकर राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला। बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील की फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष से तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। हालांकि विवाद के बावजूद सभी जनप्रतिनिधियों ने शहर के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।

 मास्टर प्लान पर पक्ष-विपक्ष की सहमति

भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि राजधानी के व्यवस्थित विकास के लिए सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मास्टर प्लान को शीघ्र लागू करने का आग्रह किया जाएगा। वहीं कांग्रेस ने भी इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार को सहयोग देने की बात कही है।

 दिग्विजय सिंह ने भी जताया समर्थन

मास्टर प्लान को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज रही। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सांसद आलोक शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भोपाल के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान अत्यंत आवश्यक है और इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी।

 बिना योजना के बढ़ा शहर, बढ़ीं चुनौतियां

शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि मास्टर प्लान लागू होने में लगातार देरी के कारण राजधानी का विस्तार बिना समुचित योजना के होता रहा। इसके चलते ट्रैफिक जाम, अवैध कॉलोनियों का विस्तार, आधारभूत सुविधाओं पर बढ़ता दबाव तथा पर्यावरण संरक्षण जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती गईं।

अब उम्मीद जताई जा रही है कि ड्राफ्ट सार्वजनिक होने के बाद नागरिकों से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के निराकरण के पश्चात मास्टर प्लान-2047 को अधिसूचित कर लागू किया जाएगा, जिससे राजधानी के भविष्य के विकास को सुनियोजित दिशा मिल सकेगी।
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    <title>मध्यप्रदेश में लोकायुक्त का बड़ा खुलासा: 44 साल में 949 करोड़ की अघोषित संपत्ति उजागर, हर चौथा राजपत्रित अधिकारी जांच के घेरे में</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-12 14:50:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>1982 से मई 2026 तक 7,717 प्रकरण दर्ज, 1,954 राजपत्रित अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप; करोड़ों की बेनामी संपत्तियां और नकदी जब्त

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। लोकायुक्त के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1982 से मई 2026 तक की कार्रवाई में करीब 949 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस अवधि में दर्ज मामलों से यह भी सामने आया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में **हर चौथा राजपत्रित अधिकारी** जांच के दायरे में आया है। 

लोकायुक्त पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 1982 से मई 2026 तक 7,717 भ्रष्टाचार संबंधी प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें 1,954 राजपत्रित अधिकारियों** के खिलाफ मामले दर्ज हुए, जो कुल आरोपितों का लगभग 25 प्रतिशत हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में अराजपत्रित कर्मचारी और अन्य आरोपी भी कार्रवाई के दायरे में आए। 

लोकायुक्त की छापामार कार्रवाई के दौरान नकदी, सोना-चांदी, अचल संपत्ति, आलीशान मकान, फार्म हाउस, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य बेनामी निवेश सहित कुल **949 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित संपत्तियों** का खुलासा हुआ है। इन मामलों में कई अधिकारियों के पास उनकी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति पाई गई। 

लोकायुक्त पुलिस लगातार ट्रैप कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति के मामलों और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में साक्ष्य जुटाकर नियमानुसार न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई भी की जा रही है। 

लोकायुक्त के ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।</description>
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  <item>
    <title>ई-अटेंडेंस लगाकर फरार हो रहे ग्रामीण शिक्षकों पर कसावट, शिक्षकों की अटेंडेंस व्यवस्था में सरकार ने किया बड़ा बदलाव</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-12 09:28:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>अब स्कूल परिसर से ही करना होगा लॉग-आउट, 'हमारे शिक्षक' एप अपडेट; छुट्टी के बाद स्कूल से दूर मिली थी 50% शिक्षकों की लोकेशन

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। अब शिक्षकों को केवल स्कूल पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराना ही नहीं, बल्कि स्कूल की छुट्टी के बाद स्कूल परिसर से ही ई-अटेंडेंस का लॉग-आउट भी करना अनिवार्य होगा। इसके लिए विभाग ने 'हमारे शिक्षक' एप का नया अपडेट जारी कर दिया है।

विभागीय जानकारी के अनुसार यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि समीक्षा के दौरान पाया गया कि छुट्टी के समय करीब 50 प्रतिशत शिक्षकों की लोकेशन स्कूल परिसर से दूर दर्ज हुई। इससे यह संकेत मिला कि कई शिक्षक ई-अटेंडेंस लगाने के बाद विद्यालय छोड़कर अपने घर या अन्य स्थानों के लिए रवाना हो जाते थे। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों के बीच ऐसी शिकायतें अधिक सामने आई थीं।

नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षक स्कूल परिसर से बाहर जाकर लॉग-आउट नहीं कर सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि शिक्षक निर्धारित समय तक विद्यालय में उपस्थित रहें और विद्यार्थियों को पूरा शैक्षणिक समय मिल सके।

स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था का उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज करना नहीं, बल्कि शिक्षण व्यवस्था में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है। एप के नए संस्करण में तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिससे शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य अवधि की अधिक प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।

विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 90 प्रतिशत नियमित शिक्षक, 93 प्रतिशत अतिथि शिक्षक तथा 100 प्रतिशत प्राचार्य 'हमारे शिक्षक' एप के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं।

जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो बैतूल, सतना, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट और नीमच जैसे जिलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 95 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। वहीं **भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम और रायसेन** जिलों में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम पाया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, विद्यालयों में अनुशासन बढ़ेगा और विद्यार्थियों को पूरे समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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  <item>
    <title>सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर 12 विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-12 04:49:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर  विकास मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर 12 विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। जारी नोटिस जनजातीय कार्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, जिला अस्पताल, लोक निर्माण विभाग, लीड बैंक (वित्त विभाग), वाणिज्यिक कर विभाग, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को जारी किए गए हैं। 

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि विभागों द्वारा सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही, निर्धारित समय-सीमा का पालन न करना तथा शिकायतों के समाधान में उदासीनता पाई गई है। संबंधित अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करते हुए लंबित शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</description>
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    <title>वर्ल्ड रिकॉर्ड अवॉर्ड से सम्मानित हुए शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-12 04:43:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया एवं मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, पर्यावरण संरक्षण के जन-जागरूकता अभियान को मिली राष्ट्रीय पहचान

सीधी(ईन्यूज एमपी)- शिक्षा के साथ समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण को अपना मिशन बनाने वाले सीधी जिले के रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सामुदायिक पहुँच (Community Outreach) के माध्यम से संचालित विशाल पर्यावरण जन-जागरूकता अभियान के लिए उनका नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया एवं मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 11 जुलाई 2026 को दिल्ली-एनसीआर (फरीदाबाद) में आयोजित भव्य समारोह में वर्ल्ड रिकॉर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया
दयाशंकर द्विवेदी वर्षों से शिक्षा के साथ-साथ समाजहित के कार्यों में सक्रिय हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल को "कोरोना रथ" बनाकर गांव-गांव जाकर लोगों को संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक किया। इसके बाद जनगणना 2026-27 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य के दौरान अपनी स्कूटी से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचकर लोगों को सही जानकारी दी। वहीं स्थानीय निकाय एवं नगरीय निकाय मतदाता सूची पुनरीक्षण-2026 के दौरान खंजनी बजाकर मतदाता जागरूकता अभियान भी चलाया
उनके सामाजिक कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण अभियान "संकल्प से समाधान" रहा, जिसकी शुरुआत 27 मई 2026 को उनके पैतृक ग्राम बड़खरा-740 से हुई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे एक लाख लोगों तक पहुँचकर प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करेंगे
सिर्फ 24 दिनों में उन्होंने गांव, कस्बों, रेलवे स्टेशन, प्रशिक्षण संस्थानों, जनकल्याण शिविरों, मेलों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचकर एक लाख से अधिक लोगों को जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। 18 जून 2026 को सीधी में आयोजित जनकल्याण शिविर में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने अपना लक्ष्य पूरा होने की घोषणा की।

उनके अभियान की खबरें लगातार प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित होती रहीं। इसके बाद वर्ल्ड रिकॉर्ड्स संस्था ने उनके कार्यों का सत्यापन कराया। सभी तथ्य सही पाए जाने पर 4 जुलाई 2026 को उन्हें आधिकारिक रूप से वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया की मान्यता प्रदान की गई तथा उनका नाम मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया।

सम्मान समारोह की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी अपनी 78 वर्षीय माता श्रीमती कृष्णा द्विवेदी को साथ लेकर सम्मान ग्रहण करने पहुँचे। उन्होंने कहा, "मेरे पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन जो संस्कार मुझे मिले हैं, वे मेरे माता-पिता की देन हैं। इसलिए इस सम्मान की सबसे बड़ी हकदार मेरी माताजी हैं।"

दयाशंकर द्विवेदी की इस उपलब्धि पर सीधी जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर है। शिक्षा जगत, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है। उनकी यह उपलब्धि समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।</description>
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    <title>सीएम डॉ. मोहन लाड़ली बहनों के खाते में ट्रांसफर करेंगे 1835 करोड़ रुपये</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-11 20:28:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार पहुंचेगे। सीएम डॉ. यादव यहां आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के तहत प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 15 हजार से अधिक बहनों के खातों में सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार की इस अत्यंत लोकप्रिय योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को योजना की शुरुआत से अब तक की 38वीं नियमित मासिक किश्त का भुगतान किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा माह नवंबर 2025 से इस मासिक आर्थिक सहायता राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद से सभी पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की निरंतर वित्तीय सहायता मिल रही है। योजना की शुरुआत यानी जून 2023 से लेकर जून 2026 तक सरकार द्वारा कुल 37 किश्तों का नियमित अंतरण सफलता पूर्वक किया जा चुका है।

कई कामों की होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 238.96 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके 40 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही, क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 83.33 करोड़ की लागत वाली 16 नई लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का भूमि-पूजन और शिलान्यास भी किया जाएगा।</description>
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    <title>कुसमी को मिले नए एसडीएम, अजय शर्मा ने सम्हाला पदभार </title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-11 19:07:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>कुसमी (ईन्यूज एमपी) सीधी जिले के कुसमी अनुभाग को नए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के रूप में अजय शर्मा का नेतृत्व मिल गया है। उन्होंने 7 जुलाई को कुसमी पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने राजस्व विभाग की बैठक लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया तथा राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पदभार ग्रहण करने के बाद एसडीएम अजय शर्मा ने क्षेत्र का दौरा भी शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।

मीडिया से चर्चा करते हुए एसडीएम अजय शर्मा ने कहा कि आम नागरिकों को शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा।

उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि बेहतर टीमवर्क से ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।


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    <title>सीधी में विश्व जनसंख्या दिवस अभियान का शुभारंभ</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-11 18:48:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>11 से 18 जुलाई तक परिवार नियोजन एवं जनजागरूकता पर रहेगा विशेष फोकस

सीधी(ईन्यूज एमपी)- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक खरे के निर्देशन में शनिवार को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 से 18 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा अभियान का शुभारंभ जिला मुख्यालय से जनजागरूकता रैली निकालकर किया गया। रैली में आशा पर्यवेक्षकों एवं आशा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता करते हुए परिवार नियोजन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक किया।

अभियान का उद्देश्य परिवार नियोजन सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना, शहरी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना तथा योग्य दंपत्तियों को छोटे एवं स्वस्थ परिवार के महत्व के प्रति जागरूक करना है। अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य दंपत्तियों से संपर्क करेंगी तथा उन्हें परिवार नियोजन के अस्थायी एवं स्थायी साधनों की जानकारी प्रदान करेंगी। विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों एवं सघन बस्तियों में व्यापक जनसंपर्क कर पात्र हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

अभियान के अंतर्गत अंतरा इंजेक्शन, छाया टैबलेट एवं कंडोम बॉक्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों को नसबंदी सहित विभिन्न परिवार नियोजन सेवाओं के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़े और स्वस्थ एवं समृद्ध परिवार की अवधारणा को बढ़ावा मिल सके।</description>
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    <title>मध्यप्रदेश में 10 साल बाद प्रमोशन प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, पुलिस में 11 हजार और ऊर्जा विभाग में 4500 पदोन्नतियां जल्द</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-11 10:04:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग हुए सक्रिय, रोजाना ली जा रही पदोन्नति प्रक्रिया की समीक्षा

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में करीब एक दशक बाद शुरू हुई अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अब रफ्तार पकड़ने लगी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हस्तक्षेप के बाद विभागीय स्तर पर पदोन्नति संबंधी कार्य तेज कर दिए गए हैं। सबसे अधिक उत्साह उन कर्मचारियों में देखा जा रहा है, जो पिछले 10 वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश में एक जुलाई से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन शुरुआती दिनों में इसकी गति धीमी रही। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय मंत्रियों को स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को भी पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी विभागों को पदोन्नति की प्रगति ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में पिछले दो दिनों से विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं। सबसे बड़ी प्रक्रिया पुलिस विभाग में चल रही है, जहां **11 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों** की पदोन्नति प्रस्तावित है। वहीं ऊर्जा विभाग में अब तक करीब **4500 पदोन्नतियां** किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण, सामान्य प्रशासन, पशुपालन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभागों में भी पदोन्नति की प्रक्रिया जारी है।

सामान्य प्रशासन विभाग सभी विभागों से उपलब्ध रिक्त पदों और जारी किए गए पदोन्नति आदेशों का प्रतिदिन ब्योरा ले रहा है। विभागों को नियमित रूप से अपनी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस विभाग में आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई), एएसआई से उपनिरीक्षक (एसआई) तथा उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद तक पदोन्नति की सूची तैयार की जा रही है। एएसआई स्तर तक की पदोन्नतियां जिला स्तर पर की जाएंगी, जबकि उससे ऊपर की पदोन्नति प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय द्वारा पूरी की जाएगी।

वहीं निरीक्षक से उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर पदोन्नति के लिए गृह विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए राज्य लोक सेवा आयोग से समय लेकर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।

सरकार का मानना है कि लंबे समय से लंबित पदोन्नतियां होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और शासकीय कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार आएगा।
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    <title>एमपी में अगले 3 दिन हल्की बारिश के आसार, भारी बारिश से मिलेगी राहत; 14 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-11 07:13:25</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश के बाद अब मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में अगले तीन दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। 11, 12 और 13 जुलाई को अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 14 जुलाई से एक बार फिर कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश के सभी 55 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

 पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय हो रहा नया सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है। इसका प्रभाव अगले सप्ताह मध्य प्रदेश के मौसम पर देखने को मिल सकता है, जिसके चलते 14 जुलाई के बाद कुछ जिलों में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

खरीफ फसलों के लिए राहत

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश का कुछ समय के लिए थमना खरीफ फसलों के लिए लाभदायक रहेगा। पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश से कई जिलों में खेतों में जलभराव हो गया था, जिससे फसलों में गलन और नुकसान की आशंका बढ़ गई थी। अब हल्की बारिश और धूप का संतुलन फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

सामान्य से अधिक बारिश दर्ज

प्रदेश में जून महीने में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई थी, लेकिन जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई अच्छी वर्षा ने इसकी भरपाई कर दी है। अब तक मध्य प्रदेश में **240 मिमी (करीब 9.5 इंच)** बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य **222.1 मिमी (करीब 8.8 इंच)** से लगभग **8 प्रतिशत अधिक** है।

आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 24 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

 जुलाई में होती है सबसे ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार जुलाई मानसून का सबसे सक्रिय महीना होता है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इसी महीने दर्ज होता है। मध्य प्रदेश की औसत वार्षिक मानसूनी वर्षा **37.3 इंच** है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है। ऐसे में जुलाई के शेष दिनों में भी अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
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    <title>सीधी रिहायशी इलाके में पहुंचा मगर, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-10 14:21:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के पनवार क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मगरमच्छ नहर से निकलकर चौहान टोला के रिहायशी इलाके में पहुंच गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सफल रेस्क्यू अभियान चलाया और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर सोन घड़ियाल अभ्यारण के गऊघाट में छोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार वनमंडल सीधी के कंट्रोल रूम में अरुण सिंह चौहान द्वारा सूचना दी गई कि पनवार के चौहान टोला गांव में नहर से निकलकर एक मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी प्रीति अहिरवार के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी सीधी रविंद्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में तत्काल रेस्क्यू टीम का गठन किया गया।

रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक अभियान चलाया और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सोन घड़ियाल अभ्यारण के गऊघाट में छोड़ दिया गया।

रेस्क्यू अभियान में वनपाल पंकज मिश्रा, राधे साकेत, संजीव सोनकर तथा वनरक्षक कृष्णकुमार पनिका और वृजेंद्र तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में मगरमच्छ या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो स्वयं पकड़ने या छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग के कंट्रोल रूम या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके।
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    <title>सीधी: छुहिया घाटी में भीषण सड़क हादसा, अल्ट्राटेक प्लांट की बस और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-10 10:50:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>48 कर्मचारियों को लेकर रीवा से बघवार प्लांट जा रही थी बस, घायलों का रीवा के संजय गांधी अस्पताल में इलाज जारी**

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले की प्रसिद्ध छुहिया घाटी में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के कर्मचारियों को लेकर जा रही स्टाफ बस की सामने से आ रहे ट्रक से आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के समय बस में 48 कर्मचारी सवार थे। दुर्घटना में कई कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल सामान्य है।

जानकारी के अनुसार अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की स्टाफ बस (क्रमांक **MP 17 ZL 7499**) शुक्रवार सुबह रीवा से बघवार स्थित प्लांट के लिए रवाना हुई थी। सुबह करीब 9 बजे सीधी-रीवा सीमा पर स्थित छुहिया घाटी के पहाड़ी मार्ग में सामने से आ रहे एक ट्रक से बस की जोरदार टक्कर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि बस और ट्रक दोनों करीब 20-20 फीट पीछे खिसक गए। हादसे में दोनों वाहनों का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

प्रत्यक्षदर्शी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद बस में सवार कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए निजी वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटाकर यातायात बहाल कराया गया।

रीवा के संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टर रामकुमार वर्मा ने बताया कि हादसे में घायल कर्मचारियों के हाथ-पैर में चोटें आई हैं, जबकि एक कर्मचारी के सिर में चोट लगी है। सभी घायलों का उपचार जारी है और फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं है।

हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

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    <title>एमपी में मानसून का जोर बरकरार, 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश; कई जिलों में रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-10 07:23:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>प्रदेश में अब तक 25% कोटे की बारिश पूरी, अगले चार दिन भारी से अति भारी वर्षा के आसार; सतना, पन्ना, सीधी और रीवा संभाग के जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में मानसून का मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार को भी कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक मानसून सीजन की निर्धारित औसत बारिश का करीब 25 प्रतिशत (9.4 इंच) पानी गिर चुका है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश** रिकॉर्ड की गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि पूरे जुलाई माह में बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे वर्षा का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

गुरुवार को मंडला में सबसे अधिक करीब पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिंगरौली में आधा इंच से अधिक तथा बालाघाट में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी सहित कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई।

मौसम विभाग ने भिंड जिले के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विशेष रूप से पन्ना और सतना जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक वर्षा हो सकती है।

इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अनेक जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने नागरिकों से भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों में न रुकने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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    <title>एमपी को मिलेगी बड़ी सौगात, सीएम डॉ. यादव 10 जुलाई को करेंगे  5 017 करोड़ की परियोजना का भूमि पूजन</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-09 20:10:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सड़क अधोसंरचना विकास में 10 जुलाई को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। इस दिन उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग परियोजना का भूमि पूजन होगा। लगभग 98.73 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण 5,017 करोड़ रुपये की लागत से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जाएगा। यह परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट एवं जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। दो वर्ष में पूर्ण होने वाली इस परियोजना से लगभग 35 लाख आबादी तथा 62 ग्राम प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग के निर्माण से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा एवं तेज संपर्क मिलेगा। विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 के दौरान राजस्थान, गुजरात तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए यह मार्ग अत्यंत सुगम और सुविधाजनक साबित होगा। साथ ही इंदौर, भोपाल एवं मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी और अधिक सुदृढ़ होगी। परियोजना के अंतर्गत 98.73 किलोमीटर ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग, 3 रेल ओवरब्रिज, 9 वृहद पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जावरा बायपास पर दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से महू–नीमच फोरलेन मार्ग तक दोनों ओर सर्विस रोड का भी निर्माण प्रस्तावित है।

औद्योगिक, व्यापारिक एवं कृषि विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक एवं कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी। किसानों को अपनी उपज विभिन्न कृषि उपज मंडियों तक शीघ्र पहुँचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं उद्योगों, लॉजिस्टिक्स एवं निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा समय एवं ईंधन की बचत होगी तथा सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना मध्यप्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है, जिसके पूर्ण होने पर प्रदेश की आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी तथा मालवा क्षेत्र के समग्र विकास को महत्वपूर्ण गति प्राप्त होगी।</description>
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    <title>प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने 57 लाख रुपये लागत से निर्मित सामुदायिक पार्क का किया लोकार्पण</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-09 19:57:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा सीधी जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने नगर पालिका परिषद सीधी अंतर्गत अमृत 2.0 (ट्रेच-2) योजना के तहत 57 लाख रुपये की लागत से संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के समीप नव निर्मित सामुदायिक पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री तथा विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से शहरों में गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित शहर, विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला हैं। शासन का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, हरित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि सामुदायिक पार्क केवल भ्रमण और मनोरंजन के स्थल नहीं होते, बल्कि सामाजिक सहभागिता, स्वास्थ्य संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। ऐसे पार्क बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने नागरिकों से पार्क की स्वच्छता, हरियाली एवं सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विकसित मध्यप्रदेश के विजन के अनुरूप सीधी नगर में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। अमृत 2.0 जैसी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सामुदायिक पार्क नगरवासियों के लिए स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है, जिसे प्रत्येक नागरिक को आगे बढ़ाना चाहिए।

कार्यक्रम में समाजसेवी देव कुमार सिंह चौहान, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, उपखंड अधिकारी प्रिया पाठक, मुख्य नगर पालिका अधिकारी महमूद हसन सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
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    <title>सीधी:9 साल पुराने रिश्वत प्रकरण में प्रधान आरक्षक के खिलाफ चालान पेश, लोकायुक्त ने विशेष न्यायालय सीधी में दायर किया अभियोग पत्र</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-09 18:30:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-लोकायुक्त संगठन रीवा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के लंबित प्रकरणों के निराकरण की दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2017 के एक रिश्वत प्रकरण में तत्कालीन प्रधान आरक्षक मनोज सिंह बघेल के विरुद्ध माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सीधी में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है।

लोकायुक्त रीवा से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में की गई। आरोपी मनोज सिंह बघेल वर्ष 2017 में चौकी मड़वास, थाना मझौली, जिला सीधी में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे।

लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता हरिश्चंद्र तिवारी के ओवरलोड ट्रक से संबंधित प्रकरण में जेल नहीं भेजने के एवज में आरोपी ने 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद 4 अगस्त 2017 को लोकायुक्त रीवा की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित रूप से 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

इस मामले में अपराध क्रमांक 156/2017 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं धारा 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। जांच पूरी होने पर आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध पाए जाने के बाद मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई।

इसके उपरांत 9 जुलाई 2026 को लोकायुक्त रीवा ने माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सीधी में अभियोग पत्र क्रमांक 23/2026 प्रस्तुत किया। न्यायालय में इस मामले को विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2026 के रूप में दर्ज किया गया है।

लोकायुक्त की इस कार्रवाई को लंबित भ्रष्टाचार प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में होगी।</description>
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    <title>रीवा से इंदौर जा रही बस में चलते-चलते लगी भीषण आग</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-09 16:27:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>इंदौर(ईन्यूज एमपी)- रीवा से इंदौर जा रही जय अंबे ट्रैवल्स की एक यात्री बस गुरुवार को इंदौर जिले के शिप्रा क्षेत्र में आग का शिकार हो गई। आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलती बस में अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चालक और परिचालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा बस का टायर फटने के बाद हुआ। माना जा रहा है कि टायर फटने के बाद हुए घर्षण से आग लगी, जिसने कुछ ही देर में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते बस से काले धुएं का गुबार उठने लगा और आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं।

घटना की सूचना मिलते ही शिप्रा पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे के एक हिस्से पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। आशंका थी कि आग डीजल टैंक तक पहुंचने पर बड़ा विस्फोट हो सकता है, इसलिए आसपास मौजूद लोगों को भी सुरक्षित दूरी पर हटाया गया। मौके पर 108 एंबुलेंस भी पहुंच गई थी।

देवास और इंदौर से दमकल वाहनों को तत्काल रवाना किया गया। हालांकि बताया जा रहा है कि देवास से निकला एक दमकल वाहन रसूलपुर क्षेत्र में सड़क निर्माण के कारण लगे जाम में फंस गया, जिससे पहुंचने में देरी हुई। इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

औद्योगिक थाना देवास के टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।

इस हादसे में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई, लेकिन सभी यात्रियों के सुरक्षित बच जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
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    <title>पहली बारिश में बह गया 15 लाख का चेकडेम, ग्रामीण बोले– विकास नहीं, भ्रष्टाचार हुआ</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-09 12:08:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत कठदहा में करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेकडेम पहली ही बारिश में बह गया। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य पूरा हुए अभी महज 15 दिन ही हुए थे। पहली बारिश में ही चेकडेम के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

ग्रामीणों के अनुसार, चेकडेम का निर्माण जल संरक्षण और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश का पानी यह निर्माण नहीं झेल सका। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण लाखों रुपये की लागत से बना चेकडेम कुछ ही दिनों में ध्वस्त हो गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप किया गया होता तो चेकडेम इतनी जल्दी नहीं बहता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही बरती गई, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।

घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त चेकडेम का पुनर्निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल इस मामले को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चेकडेम के क्षतिग्रस्त होने के पीछे तकनीकी खामी, निर्माण गुणवत्ता या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
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    <title>NH-43 पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार,पांच लोगों की दर्दनाक मौत </title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-09 09:55:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>उमरिया(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में गुरुवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक मासूम बच्चा, तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। हादसा इतना भयावह था कि तेज रफ्तार अर्टिगा कार ट्रक में पीछे से घुस गई और उसके परखच्चे उड़ गए।

जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच कोतवाली थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर भरौला स्थित सिद्ध बाबा क्षेत्र के समीप हुआ। पुलिस के मुताबिक, अनूपपुर जिले के लीला गांव का एक परिवार अर्टिगा कार (एमपी-18-जेडई-9677) से चित्रकूट जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से जा टकराई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद वाहन में सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक व्यक्ति कार के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद फंसे व्यक्ति को बाहर निकाला और सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया, जबकि उपचार के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में कुल पांच लोगों की जान चली गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि मृतक सभी अनूपपुर जिले के लीला गांव के निवासी थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार चित्रकूट किसी परीक्षा में शामिल होने के लिए जा रहा था। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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  <item>
    <title>दो दिवसीय प्रवास पर आज सीधी आएंगे प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल....</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-09 05:59:11</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा सीधी जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल 9 और 10 जुलाई को दो दिवसीय प्रवास पर सीधी जिले में रहेंगे। इस दौरान वे जिले में विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण, हितलाभ वितरण, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से मुलाकात तथा जिला विकास एवं विभागीय समीक्षा बैठकों में शामिल होकर विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री 9 जुलाई को सुबह 9 बजे चुरहट सर्किट हाउस पहुंचेंगे। इसके बाद सुबह 10:45 बजे जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से मुलाकात करेंगे। सुबह 11:15 बजे जनपद पंचायत रामपुर नैकिन की ग्राम पंचायत कुआं में पांच नवीन आंगनबाड़ी भवनों का भूमिपूजन करेंगे। इसके उपरांत सुबह 11:45 बजे नगर पंचायत रामपुर नैकिन के सामुदायिक भवन में आयोजित हितलाभ वितरण कार्यक्रम में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित करेंगे।

दोपहर 1 बजे हनुमानगढ़ तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण तथा दोपहर 1:30 बजे सेमरिया तहसील कार्यालय भवन का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे उच्च विश्राम गृह, सीधी में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से भेंट करेंगे।

दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके पश्चात शाम 4 बजे विभागीय समीक्षा बैठक में वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, रेलवे भू-अर्जन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, कृषि, जल संसाधन तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों की योजनाओं और प्रगति की विस्तार से समीक्षा करेंगे।

शाम 5:30 बजे प्रभारी मंत्री सीधी शहर में नव-निर्मित पार्क का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे परसिली के लिए रवाना होंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम प्रस्तावित है।

**10 जुलाई को भी रहेंगे व्यस्त**

प्रभारी मंत्री 10 जुलाई को सुबह 9:30 बजे सेमरिहा में संचालित कटहल प्रसंस्करण इकाई का अवलोकन करेंगे। इसके बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताला में आयोजित किसान एवं महिला सम्मेलन में शामिल होकर हितग्राहियों से संवाद करेंगे। दोपहर 1:30 बजे ग्राम पंचायत खजुरिहा में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे अनूपपुर जिले के बिजुरी के लिए प्रस्थान करेंगे।

दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रभारी मंत्री का फोकस जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन से सीधे संवाद पर रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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  <item>
    <title>सीधी कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का छापा, तीन हजार की घूस लेते तहसील का चपरासी गिरफ्तार....</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-08 12:44:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- सीधी जिले की गोपद बनास तहसील में बुधवार सुबह लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में पदस्थ चपरासी दामोदर प्रसाद साकेत को कथित रूप से तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई सुबह करीब 10:30 बजे तहसील कार्यालय में की गई, जिससे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, खजुरी निवासी नागेंद्र तिवारी ने वारिसाना (उत्तराधिकार) संबंधी प्रकरण के निराकरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि कार्य कराने के एवज में चपरासी द्वारा रिश्वत की मांग की गई। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त रीवा की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालय में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जांच केवल रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि जांच के दौरान किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, फिलहाल लोकायुक्त की ओर से किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

लोकायुक्त रीवा की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी उजागर होती है।

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    <title>बड़ी खबर: सीधी में 'रिश्वत का खेल' बेनकाब: कलेक्ट्रेट परिसर से चपरासी लोकायुक्त के शिकंजे में, मचा हड़कंप</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-08 11:36:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)- सीधी जिले के गोपद बनास तहसील कार्यालय में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब रीवा लोकायुक्त की टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित तहसील कार्यालय में पदस्थ चपरासी दामोदर प्रसाद साकेत को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस कार्रवाई से पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई।

जानकारी के अनुसार, खजुरी निवासी नागेंद्र तिवारी ने वारिसाना (उत्तराधिकार) संबंधी प्रकरण के निराकरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने के बदले चपरासी द्वारा रिश्वत की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद रीवा लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और आरोपी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

कार्रवाई के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक चपरासी पर रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसमें किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की कोई भूमिका है या नहीं। हालांकि, अब तक किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। मामले की जांच जारी है।</description>
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    <title>अमिलिया बाजार में देर रात घुसा घड़ियाल, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित पकड़कर सोन नदी में छोड़ा</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-08 10:39:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के सिहावल विकासखंड अंतर्गत अमिलिया मुख्य बाजार में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घड़ियाल आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। रात करीब 11 बजे घड़ियाल बाजार स्थित एक बीज भंडार की दुकान तक पहुंचा और अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन शटर बंद होने के कारण वह दुकान में प्रवेश नहीं कर सका। घड़ियाल दिखाई देते ही स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय समाजसेवी राजू गुप्ता ने सोन घड़ियाल अभ्यारण्य की रेस्क्यू टीम को जानकारी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों को करीब एक घंटे तक घड़ियाल की निगरानी करते हुए इंतजार करना पड़ा। बाद में टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित रेस्क्यू अभियान चलाकर घड़ियाल को पकड़ लिया।

रेस्क्यू अभियान में सोन घड़ियाल अभ्यारण्य के अंजनी शर्मा, शिवेंद्र मिश्रा, रामजीत कोटवार सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया। टीम ने सावधानीपूर्वक घड़ियाल को पकड़कर बिना किसी नुकसान के उसके प्राकृतिक आवास सोन नदी में छोड़ दिया।

ग्रामीण सूर्य सिंह ने बताया कि पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में घड़ियाल और मगरमच्छ देखे जाते रहे हैं। कई बार ये रिहायशी इलाकों और घरों तक पहुंच जाते हैं। उनका कहना है कि समय पर रेस्क्यू टीम नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को पूरी रात अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले लगभग एक वर्ष से अमिलिया तालाब में भी एक घड़ियाल रह रहा था। हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद उसके सोन नदी में लौटने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, लोगों को आशंका है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अन्य घड़ियाल भी तालाबों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ सकते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी और त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    <title>एमपी में मानसून का कहर, अगले चार दिन भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-08 09:26:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, नदियां उफान पर; सीधी-सिंगरौली सहित पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पन्ना, छतरपुर, खंडवा समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को कई मार्ग जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित रहा, जबकि नदियां और नाले उफान पर रहे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश दर्ज हो सकती है।

इसके अलावा ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

वहीं, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, भोपाल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा उफनती नदियों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है। वहीं, आपदा प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
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    <title>जनसुनवाई में 350 से अधिक आवेदकों की समस्याएं सुनीं, समयबद्ध निराकरण के निर्देश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-07 19:54:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 350 से अधिक आवेदकों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर पात्र हितग्राहियों को वास्तविक राहत पहुंचाने वाला होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक आवेदन का अवलोकन करते हुए जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव था, उनमें मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं जटिल प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को उसकी समस्या का शीघ्र समाधान उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें तथा निर्धारित समयावधि में उन्हें राहत मिले।

जनसुनवाई के दौरान उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धनंजय मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों पर आवेदकों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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    <title>मध्यप्रदेश में राजस्व प्रशासन को मिले 190 नए डिप्टी कलेक्टर, भू-अभिलेख अधीक्षकों को पदोन्नति</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-07 16:44:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्वीकृति के बाद प्रदेश के 190 भू-अभिलेख अधीक्षकों (सुपरिंटेंडेंट लैंड रिकॉर्ड्स) को पदोन्नति देकर **डिप्टी कलेक्टर** बनाया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। लंबे समय से लंबित इस पदोन्नति का लाभ मिलने से संबंधित अधिकारियों में उत्साह का माहौल है।

प्रदेश में राजस्व विभाग के कार्यों में तेजी लाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों का उपयोग विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर स्तर के प्रशासनिक एवं राजस्व दायित्वों के निर्वहन में किया जाएगा। अधिकारियों की पदस्थापना संबंधी आदेश पृथक से जारी किए जाने की संभावना है। 

राज्य सरकार का मानना है कि डिप्टी कलेक्टर स्तर पर रिक्त पदों की पूर्ति होने से राजस्व प्रकरणों के निराकरण, भूमि अभिलेखों के प्रबंधन, सीमांकन, नामांतरण, भू-अर्जन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी। इससे आम नागरिकों को भी राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी। 
गौरतलब है कि भू-अभिलेख अधीक्षक राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण तकनीकी एवं प्रशासनिक संवर्ग है, जो भूमि अभिलेखों के रखरखाव, सर्वेक्षण और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों का संचालन करता है। अब पदोन्नति के बाद ये अधिकारी डिप्टी कलेक्टर के रूप में व्यापक प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाएंगे।

सरकार के इस निर्णय को राजस्व प्रशासन में रिक्तियों को दूर करने तथा अनुभवी अधिकारियों को उच्च दायित्व सौंपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जिलों में प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ने के साथ-साथ राजस्व प्रबंधन की दक्षता में भी सुधार होने की उम्मीद है। </description>
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    <title>सीधी:थाना परिसर में प्रधान आरक्षक पर हमला, सिर में गंभीर चोट, 23 टांके लगे</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-07 14:14:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी/कुसमी(ईन्यूज एमपी)- सीधी जिले के भुईमाड़ थाना परिसर में सोमवार दोपहर एक प्रधान आरक्षक पर कथित रूप से हुए हमले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना में प्रधान आरक्षक **बलबीर निखरे** गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर में गहरी चोट आने पर चिकित्सकों ने 23 टांके लगाए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय सीधी रेफर किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर ओमप्रकाश द्विवेदी (21 वर्ष), पिता वैजनाथ द्विवेदी, निवासी भुईमाड़ किसी बात को लेकर थाना परिसर पहुंचा और विवाद करने लगा। आरोप है कि विवाद के दौरान उसने प्रधान आरक्षक बलबीर निखरे के सिर पर किसी कठोर वस्तु से हमला कर दिया। हमले में प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए।

घटना के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने घायल प्रधान आरक्षक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनके सिर में गंभीर चोट होने के कारण 23 टांके लगाए। हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय सीधी रेफर कर दिया गया।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 351, 115, 132, 121 एवं 196 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    <title>हाइवे में सड़क हादसा: तेज रफ्तार XUV ट्रक में घुसी, पांच युवकों की मौत</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-07 10:37:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>मैहर(ईन्यूज एमपी)-जिले में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर हुए भीषण सड़क हादसे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नादन देहात थाना क्षेत्र के रिगरा गांव के पास रात करीब 2 बजे उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार महिंद्रा एक्सयूवी-700 आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी युवक वाहन में फंस गए।

सूचना मिलते ही डायल-112, हाईवे पेट्रोलिंग और नादन देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे छह युवकों को बाहर निकाला। इनमें पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल मिला। घायल को पहले अमरपाटन सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया। उसका उपचार जारी है।

जन्मदिन समारोह से लौट रहे थे युवक

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी युवक अमरपाटन जनपद उपाध्यक्ष मनोज पटेल का जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे। हादसे में जान गंवाने वाले सभी युवक पूर्व विधायक लालजी भाई पटेल (निर्दलीय) और पूर्व कांग्रेस विधायक स्वर्गीय मथुरा पटेल के परिवार से जुड़े बताए गए हैं। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

 पांच मृतकों की हुई पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान अंकुर पटेल (40), पिता गोविंद पटेल, मृदुल पटेल (32), पिता महेंद्र पटेल, विजय पटेल (30), पिता नागेंद्र पटेल, हरीशंकर पटेल (25), पिता नागेंद्र पटेल तथा शिवा पटेल (23), पिता संजू पटेल के रूप में की है। इनमें चार युवक मैहर जिले के तनाजा गांव के निवासी थे, जबकि शिवा पटेल नरोरा गांव का रहने वाला था। हादसे में घायल ओम पटेल का सतना में उपचार चल रहा है।

 ट्रक चालक ने बताई हादसे की वजह

ट्रक चालक चितरंजन दास चंदेल ने बताया कि उसका ट्रक करीब 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रही एक्सयूवी ने ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक के पीछे के दोनों टायर क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि वाहन पलटने से बच गया।

 मृतक अलग-अलग व्यवसायों से जुड़े थे

मृतक अंकुर पटेल खेती के साथ व्यवसाय करते थे। मृदुल पटेल वेयरहाउस का संचालन करते थे। विजय पटेल जबलपुर में नौकरी करते थे। हरीशंकर पटेल खेती से जुड़े थे, जबकि शिवा पटेल नौकरी करते थे। सभी युवक सामाजिक रूप से सक्रिय परिवारों से संबंध रखते थे।

 तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक्सयूवी (क्रमांक MP 13 L 1887) अत्यधिक तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके चलते वह आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। दुर्घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया।

नादन देहात थाना प्रभारी पंचराज सिंह ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मैहर सिविल अस्पताल की मॉर्चुरी भेज दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे से मैहर और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।
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    <title>संयुक्त कलेक्टर विकास कुमार आनंद हुए भारमुक्त, कलेक्टर ने जारी किया आदेश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-07 06:37:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के स्थानांतरण आदेश के अनुपालन में सीधी जिले के संयुक्त कलेक्टर विकास कुमार आनंद को सोमवार को औपचारिक रूप से भारमुक्त कर दिया गया। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा ने आदेश जारी करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के 15 जून 2026 के आदेश के तहत संयुक्त कलेक्टर विकास कुमार आनंद का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण संयुक्त कलेक्टर, जिला अशोकनगर एवं सक्षम प्राधिकारी, गेल इंडिया लिमिटेड विजयपुर–सी-2 एवं सी-3 विजयपुर-बीना पाइपलाइन परियोजना के पद पर किया गया है। शासन के आदेश के पालन में उन्हें 6 जुलाई 2026 को सीधी जिले के दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए उपखंड अधिकारी (राजस्व) चुरहट का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आदेश के अनुसार, उपखंड अधिकारी (राजस्व) मझौली रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी आगामी आदेश तक चुरहट एसडीएम का प्रभार भी संभालेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

आदेश की प्रतिलिपि सामान्य प्रशासन विभाग, राजस्व विभाग, आयुक्त भू-अभिलेख एवं भू-राजस्व प्रबंधन, रीवा संभाग के आयुक्त, कलेक्टर अशोकनगर, अपर कलेक्टर सीधी सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं जानकारी के लिए भेजी गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, श्री विकास कुमार आनंद के स्थानांतरण के बाद जिले में प्रशासनिक दायित्वों का पुनर्विन्यास किया गया है, ताकि राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और संबंधित अधिकारी निर्धारित दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे।
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    <title>अवकाश दिवसों में भी खुले रहेंगे शासकीय कार्यालय, विधानसभा प्रश्नों के समयबद्ध उत्तर भेजने के निर्देश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-06 22:11:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- विधानसभा के मानसून सत्र जुलाई-2026 को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने विधानसभा प्रश्नों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उत्तर तैयार कर शासन को प्रेषित करने के लिए अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

जारी आदेश के अनुसार विधानसभा का मानसून सत्र प्रारंभ होने के कारण प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन तथा विधानसभा प्रश्नों के त्वरित निराकरण के लिए अवकाश दिवसों में भी जिले के सभी शासकीय कार्यालय खुले रहेंगे। सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि विधानसभा प्रश्नों के उत्तर निर्धारित समय-सीमा में तैयार कर शासन को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित करे, ताकि विधानसभा प्रश्नों से संबंधित जानकारी का संकलन, परीक्षण तथा उत्तर तैयार करने का कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि विधानसभा प्रश्नों के उत्तर शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही भेजे जाएं तथा वे तथ्यपरक, अद्यतन और त्रुटिरहित हों।

कलेक्टर ने सभी विभागों को विधानसभा कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विधानसभा प्रश्नों के उत्तर निर्धारित समय पर शासन को उपलब्ध कराए जा सकें।
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    <title>बहरी पुलिस ने 12 लाख की चोरी का किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, 11 लाख का माल बरामद</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-06 19:17:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले की बहरी थाना पुलिस ने 12 लाख रुपये की चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 11 लाख रुपये मूल्य के चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात एवं वनप्लस कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय **अमन मिश्रा** के मार्गदर्शन में बहरी थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार 24 जून 2026 को बहरी निवासी रामरक्षा गुप्ता (50) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके दुकान जाने के दौरान अज्ञात चोर घर में घुसकर आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा वनप्लस कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल चोरी कर ले गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई थी। शिकायत के आधार पर बहरी थाने में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर विकेश सिंह गहरवार (23) निवासी कुर्सी खाड़, गेट नंबर-3, थाना बैढ़न, जिला सिंगरौली से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 11 लाख रुपये मूल्य के चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात एवं वनप्लस मोबाइल बरामद कर लिया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल सीधी भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बहरी निरीक्षक राजेश पाण्डेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-100/112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
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    <title>सीएम डॉ. यादव ने किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-06 16:42:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 जुलाई को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिससे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष नाता रहा है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। कल ही चंबल के शिवपुरी में ढाई हजार करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। इससे पूर्व मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। शिवपुरी में बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी, जो पाकिस्तान के किसी भी कोने तक पहुंच सकेगी।

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश भी विकास के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश को देखकर विरोधियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इस आयोजन में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति और औद्योगिक घराने शामिल हुए। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज 30 लाख करोड़ के निवेश में से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश में पहली बार 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर आने का नया कीर्तिमान बना है। किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में ही 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है। अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है। अब बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिया मिलेगा।

सभी के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य में अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि डंके की चोट पर हर हालत में यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। अब मध्यप्रदेश एक समान कानून लागू करने वाला देश के बड़े राज्यों में शामिल प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हमारे साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है। प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी खत्म कर दी गई है। बिजली, पानी और सड़क हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। उन्होंने कहा कि सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे।

नंबर-1 राज्य बनेगा मध्यप्रदेश
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक प्रदेश बन रहा है। आज हुजूर विधानसभा के सतगढ़ी में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन एक नई सौगात है, जिसकी सालों से प्रतीक्षा थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) आयोजित की, जिसमें कई बड़े औद्योगिक घरानों ने प्रदेश में निवेश प्रस्ताव दिए। अब निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश अब कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास की यात्रा में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश के धार में पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी ने किया। अब सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और जन कल्याण के क्षेत्र में संतुलन के साथ कार्य किया है। मध्यप्रदेश संतुलित विकास के साथ आदर्श और नंबर-1 राज्य बनेगा। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के पहले उद्योग मंत्री थे। उनके नाम पर बन रहा सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर भोपाल की नई पहचान बनेगा। तालाब और झीलों की नगरी भोपाल अब औद्योगिक विकास का केंद्र बन रही है। सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क से युवाओं के लिए अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस पार्क से सीधे तौर पर 5 हजार से अधिक बहनों को गारमेंट सेक्टर में काम मिलेगा।

रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है पार्क
मध्य प्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग (IPIP) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि भोपाल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य की नई आधारशिला रखने का अवसर है। सतगढ़ी स्थित यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से लगभग 1.4 किमी की दूरी पर स्थित है तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से उत्कृष्ट संपर्क रखता है। इससे भोपाल पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था के उद्योगों का भी केंद्र बनेगा।</description>
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    <title>देवसर बाजार में बड़ा हादसा टला, आम से लदी पिकअप ने कई ठेलों और गोमतियों को मारी टक्कर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-06 10:34:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले के देवसर बाजार में सोमवार देर रात बड़ा हादसा टल गया। जियावन थाने के सामने रात करीब 2 बजे सीधी की ओर से आम लेकर आ रही एक बोलेरो पिकअप (क्रमांक MP 66 G 1966) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी फल एवं सब्जी की कई ठेलों और गोमतियों से जा टकराई। हादसे में कई ठेले और गोमतियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप स्थानीय फल व्यवसायी पिंटू फल वाले की बताई जा रही है। तेज रफ्तार से हुई टक्कर के बाद बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।

गनीमत रही कि घटना के समय ठेलों के आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि बाजार में लोगों की आवाजाही होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस दुर्घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।

घटना के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय व्यापारियों ने क्षतिग्रस्त ठेलों एवं गोमतियों का सर्वे कर प्रभावित दुकानदारों को उचित मुआवजा दिलाने और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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    <title>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, भोपाल को मिलेगा विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-06 10:05:37</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज (6 जुलाई) राजधानी भोपाल के सतगढ़ी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे **डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क** का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश और देश के 200 से अधिक उद्योगपति, निवेशक तथा उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह परियोजना प्रदेश को औद्योगिक एवं निवेश के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

लगभग 173 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाला यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन संपर्क, आईटी और एआई आधारित सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स से सुसज्जित होगा। परियोजना को 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जहां उद्योगों के साथ कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी समन्वित विकास होगा।

पार्क में उच्च मूल्य विनिर्माण, गारमेंट, टॉयज, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों की स्थापना की योजना है। इससे राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे तथा 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता 25 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा। 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला यह परिसर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियों, व्यापारिक आयोजनों तथा वैश्विक व्यावसायिक कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस एवं एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

रणनीतिक दृष्टि से यह परियोजना राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड और प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत सुविधाजनक होगी। पार्क में एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना भोपाल को औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार का नया केंद्र बनाने के साथ-साथ मध्य प्रदेश की निवेश क्षमता को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
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    <title>एमपी में मानसून मेहरबान, 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-06 07:33:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>20 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश, पांढुर्णा में आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। रविवार को 20 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश हुई, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार के लिए 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं और कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा भोपाल, सीधी, रीवा, सतना, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, निवाड़ी, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा और राजगढ़ सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

रविवार को पांढुर्णा जिले के सीतापार के पगड़ी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 48 वर्षीय सुलोचना तड़ाम की मौत हो गई। वहीं सीहोर में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। शाजापुर में सर्वाधिक 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि मंदसौर में इस मानसून सीजन की कुल वर्षा 6.04 इंच पहुंच गई। लगातार बारिश के कारण कालीसिंध नदी उफान पर बह रही है।

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को छिंदवाड़ा में सबसे अधिक ढाई इंच से ज्यादा बारिश हुई। सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में लगभग पौन इंच तथा टीकमगढ़ और ग्वालियर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सीधी, रीवा, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, बालाघाट, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, राजगढ़, इंदौर और अन्य जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा।

लगातार बारिश से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल में 32.2 डिग्री, उज्जैन में 32.7 डिग्री, जबलपुर में 34 डिग्री और ग्वालियर में 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 39 डिग्री और सबसे कम बैतूल में 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक 163.1 मिलीमीटर यानी लगभग 6.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 172.8 मिलीमीटर मानी जाती है। इस प्रकार अब तक प्रदेश में औसतन 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अभी भी 29 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास सतर्क रहने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों में नहीं जाने की सलाह दी है।
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    <title>सीधी अवैध रेत कारोबार पर बड़ी कार्रवाई</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-05 21:47:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> खनिज-पुलिस की संयुक्त टीम का एक्शन, दो वाहन जब्त, 74 ट्रॉली अवैध रेत का भंडारण पकड़ा

सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध रेत परिवहन वाहनों को जब्त किया है। वहीं अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से भंडारित 74 ट्रॉली रेत भी जब्त की गई। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा तथा पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में खनिज एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

अपर कलेक्टर वी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी तथा खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में 4 जुलाई 2026 को उपखंड गोपदबनास क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्राम डेम्हा में बिना नंबर के दो टाटा-407 डंपर अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए पकड़े गए।

संयुक्त दल को देखकर वाहन चालक रेत खाली कर मौके से भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को पकड़ लिया। जांच के दौरान वाहन चालकों के पास रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध अनुमति या दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद दोनों वाहनों को जब्त कर थाना कोतवाली सीधी की अभिरक्षा में सौंप दिया गया।

कार्रवाई के दौरान ग्राम गाड़ा एवं कुर्रवाह में अवैध रूप से भंडारित 74 ट्रॉली रेत भी जब्त की गई। नियमानुसार जब्त रेत को रेलवे ठेकेदार मेसर्स एस.एम.एस. प्रा. लि. की सुपुर्दगी में दिया गया है।

खनिज विभाग ने बताया कि संबंधित वाहन चालकों एवं स्वामियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं जब्त रेत के संबंध में मध्यप्रदेश रेत नियम, 2019 के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

बिना नंबर वाले वाहनों से खनिज परिवहन किए जाने के मामले में मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए जिला परिवहन अधिकारी को भी पृथक पत्र भेजा जाएगा।

रात्रि 8 बजे से शुरू होकर सुबह लगभग 4 बजे तक चले इस अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी लगातार टीम के संपर्क में रहे और कार्रवाई की मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। अभियान में उप पुलिस अधीक्षक अमन मिश्रा, रक्षित निरीक्षक वीरेंद्र कुमरे, खनि निरीक्षक शिशिर यादव सहित पुलिस एवं खनिज विभाग का अमला मौजूद रहा।

कलेक्टर विकास मिश्रा और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    <title>मध्यप्रदेश में अब अडाणी करेगा मिशाइल का निर्माण , 5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, मोहन और सिंधिया ने किया शिलान्यास....</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-05 18:34:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल ( ईन्यूज एमपी) मध्यप्रदेश मे अडाणी डिफेंस अब मिशाइल का निर्माण करेगी सरकार  के लिए 5 जुलाई का दिन ऐतिहासिक रहा चूंकि अब मध्यप्रदेश देश की रक्षा में बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां से बनीं मिसाइलें दुश्मनों के घरों में घुसकर उन्हें ढेर करेंगीं। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी जिले में 2,500 करोड़ की लागत के अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अदाणी ग्रुप के युवा नेतृत्व करण अदाणी, जीत अदाणी भी मौजूद थे। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने 211 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किया।  

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज यहां अद्भुत समागम हो रहा है। यहां एक साथ स्नेहा का लेपन और प्रेम का वातारवरण उमड़ पड़ा है। चंबल की ये धरा कई सौ साल से अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रही है। यहां के बांके लड़ाके, सेना के जवान, अफसर, यहां के नागरिक अपनी जान की बाजी लगाकर सीमा पर देश की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि चंबल ने जब-जब भी कदम बढ़ाया, तब-तब देशभक्ति का नया गीत गाया है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि आज नया इतिहास लिखा गया है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने मथुरा में कंस को मारने के बाद मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन, जब तक वे गुजरात जाकर द्वारिकाधीश नहीं हुए, तब तक आनंद नहीं आया। चाहे महात्मा गांधी का समय हो, सरदार वल्लभ भाई पटेल का समय हो, या नरेंद्र मोदी-अमित शाह का समय हो, गुजरात जो करता है सबसे अलग करता है। उन्होंने कहा कि आज शिवपुरी से डिफेंस का नया अध्याय शुरू हो रहा है। यहां से जो मिसाइल बनेगी, वो लंबी दूरी तय करके दुश्मन के देश में गिरेगी और भारत का मान-सम्मान बढ़ाएगी। आज हमारा ये सपना भी साकार हो रहा है। 


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। अब यहां रोजगार का नया मौका मिलेगा। इस प्रोजेक्ट से करीब 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। आज माधव नेशनल पार्क पर्यटन का नया केंद्र बना है। कुछ दिनों पहले गुना में सीमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ। इस तरह यह पूरा ग्वालियर-गुना क्षेत्र बदलने वाला है। आज मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वर्णिम भविष्य लिखा गया है। उन्होंने कहा कि सुदामा-कृष्ण की जोड़ी हमारे लिए सबक है। अगर संकट के समय दोस्त आपके पास आए तो आप उसे नहीं भूलना। मित्रता के समय भाव बराबर होना चाहिए, पैसा तो आता-जाता रहेगा। भगवान कृष्ण ने सुदामा को अपने पास 8 महीने रखा, जाते वक्त कुछ हाथ में नहीं दिया। सुदामा की आंखें नीची न हों, इसके लिए पीठ पीछे उनका महल बनवा दिया। उन्होंने कहा कि हम दोनों के गुरु के नाम पर प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनवा रहे हैं। हमारा सांदीपनि विद्यालय देश का सबसे अच्छा स्कूल है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में तो स्कूल में बैठने के लिए टाट-पट्टी नहीं मिलती थी। आज हालत यह है कि लोग प्राइवेट स्कूल छोड़कर सांदीपनि स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। शिवपुरी को पर्यटन का केंद्र बनाएंगे। शिवपुरी को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए 120 करोड़ की लागत से 14 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी यूनिट की स्थापना की जाएगी। खोड में कला-वाणिज्य-विज्ञान का नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा। शिवपुरी में नवीन तहसील सुभाषपुरा बनाई जाएगी। पिछोर में एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। करेगा-भितरवार रोड से समोहा डैम तक नई सड़क बनाई जाएगी। खनियाधाना कृषि उपज मंडी की स्थापना की जाएगी। ग्राम पंचायत खतौरा में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना की जाएगी। शिवपुरी में 200 बिस्तरों का मातृ-शिशु अस्पताल स्थापित किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज नए इतिहास की इबारत लिखी जा रही है। भगवान शिव संकल्प-शक्ति और विजय के देव हैं। इसलिए भगवान शिव की शिवपुरी में आधार शिला रखी जा रही है। एक नया इतिहास एक नया सवेरा राष्ट्र निर्माण का, एक इतिहास एक नया सवेरा राष्ट्र सेवा का हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बन रहा है। उनके नेतृत्व में भारत का मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि संकट के समय विश्व की भारत की ओर आशा से देखता है। विकसित भारत-2047 मां भारती का लक्ष्य बन चुका है। शिवपुरी नया सितारा बन कर चमकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों का विश्वास जीता है। अदाणी समूह के युवा नेतृत्व जीत अदाणी ने कहा कि आज खास दिन है। यहां मिशन रेडी मिसाइल बनाई जाएंगी। मध्यप्रदेश सबसे तेजी से विकास कर रहा है। डॉ. मोहन यादव की मेहनत का परिणाम है कि यह राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है। अदाणी समूह राज्य के कई जिलों में निवेश कर रहा है। यह निवेश केवल किसी योजना में नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की जनता और उसके भविष्य में निवेश है। शिवपुरी में इस योजना से 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।</description>
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    <title>सीधी एसपी की पहल से गांव-गांव पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-05 17:54:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत सरपंच-सचिवों को किया गया जागरूक, 1930 हेल्पलाइन के उपयोग और साइबर ठगी से बचाव की दी गई जानकारी

कुसमी(ईन्यूज एमपी)-सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार कोरी के निर्देशन में जिलेभर में संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के अंतर्गत रविवार को जनपद पंचायत कुसमी के सभागार में सरपंचों एवं पंचायत सचिवों की महत्वपूर्ण जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाना रहा।

बैठक में थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर विस्तार से जानकारी देते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, व्हाट्सएप एवं इंस्टाग्राम हैकिंग, ओटीपी साझा करने के खतरे, अनजान लिंक पर क्लिक करने से होने वाले नुकसान, महिला अपराध, गुड टच-बैड टच तथा यातायात नियमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सरपंचों एवं सचिवों से अपील की कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न बने।

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार कोरी ने अपने संदेश में कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण जनभागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से नियमित जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, लोगों को संदिग्ध कॉल, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी देने तथा किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

एसपी ने बताया कि 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की तत्काल शिकायत दर्ज कर संबंधित बैंक अथवा डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म को अलर्ट भेजा जाता है, जिससे राशि को रोकने या वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही शिकायत संबंधित साइबर पुलिस इकाई तक पहुंचाकर त्वरित जांच की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

उन्होंने बाजार और हाट क्षेत्रों में स्थित दुकानों एवं घरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी आग्रह किया, जिससे अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की पहचान में पुलिस को सहायता मिल सके।

बैठक में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विमल जायसवाल, सरपंच संघ अध्यक्ष मकरंद सिंह, व्यापारी एकता संघ कुसमी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, उपाध्यक्ष पुल्लू गुप्ता, सचिव रामभद्र शुक्ला, राजेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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    <title>पुलिस भर्ती में बड़ा बदलाव: एमपी में बनेगा पुलिस भर्ती बोर्ड, 10 हजार पदों पर जल्द होगी भर्ती</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-05 12:30:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी राहत और रोजगार का अवसर लेकर सरकार जल्द ही नया पुलिस भर्ती बोर्ड गठित करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्वीकृति के बाद गृह विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावना है कि जुलाई में होने वाली मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।

नए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन के साथ ही प्रदेश में पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) के 7500 पदों सहित लगभग 10 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में पुलिस आरक्षक और उप निरीक्षक (एसआई) सहित विभिन्न वर्दीधारी पदों की भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होती है, जिससे चयन प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। सरकार अब उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अलग पुलिस भर्ती बोर्ड बनाकर भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

प्रस्तावित बोर्ड केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जेल प्रहरी, वनरक्षक (फॉरेस्ट गार्ड), आबकारी विभाग, परिवहन विभाग और अन्य वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती भी इसी बोर्ड के माध्यम से कराई जाएगी। इससे सभी वर्दीधारी विभागों की नियुक्तियां एक ही मंच से संचालित होंगी।

सूत्रों के अनुसार गृह विभाग ने बोर्ड के संचालन के लिए करीब 200 पदों की मांग की थी, लेकिन वित्त विभाग ने फिलहाल 95 पदों को मंजूरी दी है। इन स्वीकृत पदों के आधार पर बोर्ड का प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही भर्ती बोर्ड के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

सरकार का मानना है कि नए भर्ती बोर्ड के गठन से नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आएगी, रिक्त पद समय पर भरे जा सकेंगे और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभागों में मानव संसाधन की कमी भी दूर होगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बन सकेगी।
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    <title>दो साल का इंतजार खत्म: 5017 चयनित शिक्षकों को मिली नियुक्ति, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-05 10:17:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के हजारों चयनित शिक्षकों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। करीब दो वर्षों की प्रतीक्षा के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने 5017 चयनित शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। नियुक्ति आदेश जारी होने के साथ ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद बढ़ गई है।

जारी आदेशों के अनुसार 4067 माध्यमिक शिक्षकों तथा 950 प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति प्रदान की गई है। सभी चयनित शिक्षक नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में अपनी सेवाएं देंगे।

गौरतलब है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति आदेश लंबे समय तक जारी नहीं होने से अभ्यर्थियों में लगातार असंतोष बना हुआ था। नियुक्ति की मांग को लेकर चयनित अभ्यर्थियों ने कई बार प्रदर्शन भी किए और शासन से जल्द आदेश जारी करने की मांग उठाई थी।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्ति आदेश जारी किए जाने के बाद चयनित शिक्षकों में खुशी का माहौल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद उन्हें आखिरकार राहत मिली है और अब वे विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकेंगे।

सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों से प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। नए शिक्षकों के कार्यभार संभालने से स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल वर्षों से लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ हुआ है, बल्कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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    <title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे 2,500 करोड़ के अडानी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास, खुलेंगे रोजगार के अवसर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-04 21:33:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 जुलाई को शिवपुरी में अडानी समूह द्वारा स्थापित किए जा रहे लगभग 2,500 करोड़ रुपए की लागत वाले अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के औद्योगिक विकास के विज़न को नई गति प्रदान करेगी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया 211.29 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसमें स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही क्षेत्र के छोटे एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।</description>
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    <title>मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र की जांच तेज, 6 जुलाई को दस्तावेजों सहित तलब</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-04 16:27:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने जारी किया नोटिस, कांग्रेस ने फर्जी एससी प्रमाणपत्र का आरोप दोहराया**

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। मामले की जांच कर रही राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने मंत्री प्रतिमा बागरी को नोटिस जारी कर 6 जुलाई को अनुसूचित जाति विकास आयुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी जाति से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

समिति ने जांच के दौरान सतना जिला प्रशासन को भी निर्देश दिए थे कि मंत्री के गांव, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में मुनादी कराई जाए तथा यदि किसी व्यक्ति के पास उनकी जाति से संबंधित कोई साक्ष्य या जानकारी हो तो वह समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सके। प्रशासन द्वारा समिति के निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित क्षेत्र में मुनादी भी कराई गई है।

अब 6 जुलाई को मंत्री प्रतिमा बागरी को समिति के समक्ष उपस्थित होकर यह स्पष्ट करना होगा कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हैं और उनका जाति प्रमाणपत्र वैध एवं नियमों के अनुरूप जारी किया गया है। इसके लिए उन्हें सभी दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

वहीं, इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार का दावा है कि प्रतिमा बागरी राजपूत समाज से हैं और उन्होंने कथित रूप से फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ा तथा मंत्री पद हासिल किया। उनका कहना है कि जांच में यह तथ्य सामने आ जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदीप अहिरवार ने ही मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अब राज्य स्तरीय छानबीन समिति की जांच और 6 जुलाई को होने वाली सुनवाई के बाद इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति होने की संभावना जताई जा रही है।
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    <title>88,638 करोड़ के फसल ऋण का लक्ष्य, किसानों को मिलेगा आसान कृषि ऋण</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-04 16:11:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को अधिक से अधिक संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) और वित्त विभाग की बैठक में कृषि क्षेत्र के लिए व्यापक वार्षिक ऋण योजना को मंजूरी दी गई।

बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए कृषि क्षेत्र में कुल 1 लाख 65 हजार 117 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें फसल ऋण के लिए 88 हजार 638 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के लक्ष्य से अधिक है। वहीं कृषि ऋण (फार्म क्रेडिट) का कुल लक्ष्य 1 लाख 28 हजार 866 करोड़ रुपये रखा गया है। 

राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को मजबूत करना, कृषि उत्पादन बढ़ाना तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही पशुपालन, उद्यानिकी और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को भी संस्थागत वित्त उपलब्ध कराया जाएगा। 

बैठक में प्रदेश के लिए **5 लाख 856 करोड़ रुपये** की वार्षिक ऋण योजना को भी स्वीकृति दी गई। इसमें कृषि के साथ-साथ एमएसएमई, उद्योग, सेवा क्षेत्र और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए भी बड़े पैमाने पर ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की। उन्होंने अधिकारियों और बैंकों को निर्देश दिए कि जिला स्तर की ऋण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र किसानों और हितग्राहियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके। </description>
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    <title>एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 45 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-04 09:32:09</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर, भोपाल सहित प्रदेश के 45 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है। 

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण अगले 24 से 48 घंटे तक अधिकांश हिस्सों में वर्षा का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से दक्षिण, मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलने की उम्मीद है। 

 इन जिलों में बारिश का अलर्ट

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और अशोकनगर सहित 45 जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है। 

 कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के उफान तथा बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है। 
 किसानों के लिए राहत

लगातार सक्रिय हो रहे मानसून से प्रदेश के किसानों को राहत मिलने लगी है। कई जिलों में सोयाबीन, धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुआई तेज हो गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह वर्षा होती रही तो कृषि गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

 मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों पर न रुकने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ([The </description>
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    <title>एमपी में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 IPS अधिकारियों के तबादले</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-04 06:36:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों के तबादलों की नई सूची जारी करते हुए नौ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में कई जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए हैं, जबकि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 

तबादला आदेश के अनुसार, रुचिवर्धन मिश्र को आईजी भोपाल ग्रामीण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, प्रियंका शुक्ला को शाजापुर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। शहडोल के पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव के स्थान पर कुमार अग्रवाल को पदस्थ किया गया है। 

सरकार का उद्देश्य पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना बताया जा रहा है। नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित अधिकारी शीघ्र ही अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।

बताया जा रहा है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से यह तबादला सूची जारी की गई है। आने वाले दिनों में पुलिस महकमे में कुछ और प्रशासनिक बदलाव भी संभव माने जा रहे हैं। 

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    <title>सीधी:बैंक पहुंचे कलेक्टर, स्व-सहायता समूहों के लंबित ऋण प्रकरणों के तत्काल निराकरण के निर्देश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 20:58:50</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में स्व-सहायता समूहों को समय पर बैंक ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा ने शुक्रवार को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की तेंदुआ शाखा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत लंबित समूह ऋण प्रकरणों की समीक्षा करते हुए बैंक अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने शाखा में समूहवार लंबित ऋण प्रकरणों की जानकारी ली और ऋण वितरण में हो रही देरी के कारणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र स्व-सहायता समूहों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है। प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र समूहों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी आजीविका गतिविधियां प्रभावित न हों।

उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) एनआरएलएम तथा बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शाखा में संयुक्त रूप से बैठकर सभी लंबित मामलों की एक-एक कर समीक्षा करें। जिन प्रकरणों में दस्तावेजों या अन्य औपचारिकताओं की कमी है, उन्हें तत्काल पूरा कराया जाए तथा पात्र मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करते हुए ऋण स्वीकृत किया जाए।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार हैं। समूहों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने बैंक और एनआरएलएम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक अवध बिहारी चौधरी, जिला परियोजना प्रबंधक एनआरएलएम पुष्पेंद्र सिंह, बैंक शाखा के अधिकारी, बैंक सखी एवं एनआरएलएम का अमला उपस्थित रहा।
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    <title>अन्नदाता का कल्याण हमारा कर्तव्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 20:00:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा

उत्कृष्ट कार्य करने वाले मैदानी कार्यकर्ताओं तथा पशुपालकों को पुरस्कृत और सम्मानित करने के लिए उज्जैन में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 जुलाई को किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किए गए कार्यक्रमों की मंत्रालय में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण राज्य सरकार का कर्तव्य है। खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए गतिविधियों को प्राथमिकता पर लिया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। कृषकों के हित संवर्धन के लिए लागू कार्यक्रमों और योजनाओं का क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए। किसानों से सीधे संवाद के लिए राजधानी से लेकर मैदानी स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष रूप से सहायक है। अतः किसानों को उन्नत नस्ल की गाय उपलब्ध कराने में निजी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए। ग्रामीण स्तर पर इस तरह के केन्द्रों का अधिक से अधिक विस्तार हो। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को कम पानी और अल्प अवधि की फसलों के लिए जागरूक किया जाए। फसल चक्र में परिवर्तन और प्राकृतिक व जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए वातावरण बनाना आवश्यक है। खेती-किसानी से जुड़े स्थानीय पर्व और त्यौहारों तथा फसल चक्र के अनुसार किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसानों की सुगमता और सरलता सुनिश्चित करते हुए सहकारी समितियों की प्रक्रियाओं का डिजिटलाइजेशन किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल और किसानों के लिए ई-पासबुक सुविधा का शुभारंभ जुलाई माह में ही किया जाएगा। राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन भी होगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले मैदानी कार्यकर्ताओं तथा पशुपालकों को पुरस्कृत और सम्मानित करने के लिए उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होगा। प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जाएंगे और सभी संभागीय मुख्यालयों पर फूड फेस्टिवल होंगे।

इंदौर में होगा सब्जी महोत्सव और एक्वाकल्चर मार्केटिंग सिम्पोजियम

बैठक में बताया गया कि खरगोन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन और कपास एवं मिर्च महोत्सव के आयोजन की योजना है। अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि पर जबलपुर में कार्यक्रम होगा। इसी प्रकार जबलपुर में ही कुक्कुट पालकों और उद्यमियों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। बुरहानपुर में केला महोत्सव, उज्जैन में हाईटेक नर्सरी और संरक्षित खेती पर कार्यशाला, सागर और रतलाम में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) का राज्य स्तरीय सम्मेलन, नीमच में उद्यानिकी में आधुनिक तकनीक पर कार्यशाला, इंदौर में सब्जी महोत्सव तथा एक्वाकल्चर मार्केटिंग सिम्पोजियम और भोपाल पराली प्रबंधन पर कार्यशाला के साथ ही नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव के अंतर्गत राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन भी प्रस्तावित है।
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    <title>तबादला निरस्त कराने 5 हजार की रिश्वत लेते मेडिकल ऑफिसर लोकायुक्त के हत्थे चढ़े</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 19:19:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल(ईन्यूज एमपी)-लोकायुक्त पुलिस रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी चिकित्सक पर शिकायतकर्ता की पत्नी का सलग्नीकरण आदेश निरस्त कराने और रवानगी रोकने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

लोकायुक्त के अनुसार उमरिया जिले के ग्राम पटनार खुर्द निवासी वीरेंद्र सिंह ने 18 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी पार्वती सिंह के सलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने तथा रवानगी नहीं होने देने के एवज में मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी पहले 5 हजार रुपये ले चुका था और शेष 5 हजार रुपये की मांग कर रहा था।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के निर्देशन में ट्रैप टीम गठित की गई। शुक्रवार को जयसिंहनगर बस स्टैंड पर योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान आरोपी मेडिकल ऑफिसर को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।

आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया एवं निरीक्षक एस. राम मरावी के नेतृत्व में लोकायुक्त रीवा की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।

लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा के हेल्पलाइन नंबर **98936 07619** पर करें।
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    <title>NH-39 पर फिर मचा हड़कंप, अनियंत्रित होकर पलटा बल्कर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 16:35:39</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली/देवसर(ईन्यूज एमपी)-राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर स्थित सजहर-खाखन पुल एक बार फिर सड़क हादसे का गवाह बना। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे तेज रफ्तार एक बल्कर वाहन अनियंत्रित होकर पुल पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। चालक के सुरक्षित बच जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थिति को नियंत्रित किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सजहर-खाखन पुल पर यह कोई पहली घटना नहीं है। इस स्थान पर आए दिन भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं, जिससे यह क्षेत्र दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट बनता जा रहा है। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर क्षेत्रवासियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रशासन से पुल का तकनीकी सर्वे कराने, दुर्घटनाओं के कारणों की जांच करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय जैसे चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल और सड़क सुधार कार्य शीघ्र कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा जनहानि का कारण बन सकता है।
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    <title>रीवा के श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में 243 नए पदों की तैयारी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 12:30:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश सरकार रीवा स्थित श्रीरामानुज संस्कृत परिसर को संस्कृत, वैदिक अध्ययन और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, लक्ष्मण बाग, रीवा के सशक्तीकरण एवं संस्थागत विकास से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 243 पदों के सृजन का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान परिसर में अध्ययन-अध्यापन, शोध, प्रकाशन, परीक्षा, प्रशासनिक कार्यों एवं विस्तार गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधनों की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रस्ताव के अनुसार परिसर में कुल 243 पदों का सृजन किया जाएगा, जिन्हें आगामी तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। इनमें 117 शैक्षणिक, 4 प्रशासनिक तथा 122 गैर-शैक्षणिक पद शामिल हैं। इन पदों के सृजन से परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों व शोधार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि श्रीरामानुज संस्कृत परिसर को संस्कृत भाषा, वैदिक अध्ययन, भारतीय दर्शन, प्राचीन शास्त्रों और भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन-अध्यापन एवं शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध मार्गदर्शन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

उन्होंने परिसर के रखरखाव, शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पदों की स्वीकृति के बाद परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जाएगा। इससे संस्कृत भाषा, वैदिक ज्ञान, भारतीय दर्शन और पारंपरिक विद्या प्रणालियों के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रसार को नई दिशा मिलेगी।

श्रीरामानुज संस्कृत परिसर की स्थापना मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 अक्टूबर 2023 को की गई थी। वर्तमान में परिसर में सीमित संसाधनों के साथ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

परिसर में वेद, वेदान्त दर्शन, व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, संस्कृत, योग, पुराणेतिहास, धर्मशास्त्र, वास्तुशास्त्र, संगीत, मानविकी, पौरोहित्य, हिन्दू अध्ययन, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा शिक्षाशास्त्र सहित विभिन्न विभागों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव है।

उप मुख्यमंत्री ने इन विभागों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुरूप प्रोफेसर, सह प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पदों के सृजन का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रीवा का श्रीरामानुज संस्कृत परिसर भविष्य में भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान के संरक्षण एवं शोध का एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरेगा।
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    <title>सीएम की 'A+' नोटशीट लंबित रखने वाले अफसरों पर होगी सख्त कार्रवाई, मंत्रालय में समीक्षा आज</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 10:44:39</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता वाले मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। मुख्यमंत्री द्वारा 'ए प्लस (A+)' श्रेणी में चिन्हित नोटशीटों और महत्वपूर्ण प्रकरणों को लंबे समय तक लंबित रखने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

इसी उद्देश्य से मंत्रालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न विभागों की लंबित 'A+' नोटशीटों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। समय-सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा और आवश्यक होने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। 

सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री स्तर पर भेजी गई नोटशीटों का समय पर निराकरण होना चाहिए, ताकि महत्वपूर्ण योजनाओं और जनहित से जुड़े निर्णयों के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो। इसी कारण विभागों में लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, समीक्षा के दौरान उन विभागों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां लंबे समय से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले प्रस्ताव लंबित हैं। अधिकारियों को समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाने और शासन के निर्देशों का त्वरित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाना है, ताकि जनहित से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण हो सके।</description>
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    <title>एमपी में मानसून मेहरबान, तेज बारिश-बिजली से दो की मौत, कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 07:02:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में मानसून ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। लगातार वर्षा से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं कुछ स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। सतना और झाबुआ में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सतना में गर्ल्स स्कूल परिसर में पेड़ गिरने से दो युवतियां घायल हो गईं।

दमोह जिले में लगातार हो रही बारिश से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। राजधानी भोपाल में दिनभर रुक-रुककर तेज बारिश होती रही, जबकि इंदौर में भी रात के समय कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

इसके अलावा अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को मध्यप्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका है। करीब नौ दिनों में मानसून ने सभी जिलों को कवर कर लिया है, हालांकि इस वर्ष इसकी दस्तक सामान्य अवधि की तुलना में लगभग नौ दिन देरी से हुई।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने, आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों एवं पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा नदी-नालों के आसपास अनावश्यक जाने से बचने की अपील की है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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    <title>संभागायुक्त ने विकास कार्यों की समीक्षा की, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-03 06:46:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-रीवा संभाग के संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने गुरुवार को सीधी जिले के प्रवास के दौरान जिला अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, विकास कार्यों तथा विभागीय उपलब्धियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे तथा विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं।

बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी धनंजय मिश्रा सहित समस्त उपखंड अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

संभागायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं में गति लाएं। उन्होंने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

जल संरक्षण और पौधारोपण पर विशेष जोर

जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने सभी स्वीकृत कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु को देखते हुए ऐसे स्थानों पर पौधारोपण करने को कहा, जहां पौधों का संरक्षण बेहतर ढंग से हो सके। साथ ही मियावाकी गार्डन तथा "एक बगिया मां के नाम" अभियान के तहत स्वीकृत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 प्रधानमंत्री आवास योजना में अधूरे निर्माण पूरे कराने के निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों को राशि जारी हो चुकी है, उनके आवास हर हाल में पूर्ण कराए जाएं। राशि मिलने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

पीएम जनमन और धरती आबा अभियान को प्राथमिकता

संभागायुक्त ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए इनके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बंद पड़े शौचालयों का सत्यापन कर उन्हें पुनः उपयोग में लाने पर भी जोर दिया।

 शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश

उन्होंने विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का उपयोग विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्राथमिकता से करने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन, कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने, सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग तथा पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड विशेष शिविर लगाकर बनाने के निर्देश दिए। जिन बच्चों की समग्र आईडी नहीं बनी है, उनके आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाकर तत्काल समग्र आईडी तैयार कराने को कहा।

राजस्व प्रकरणों और फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश

संभागायुक्त ने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री एवं नक्शा-खसरा मिलान का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत पूरा करने पर जोर दिया।

 विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस

जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों एवं साइकिलों का वितरण 15 जुलाई तक पूरा किया जाए तथा वर्षा ऋतु में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

 कृषि, बिजली और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश

बैठक में कृषि विभाग को किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने, ऊर्जा विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा अमृत सरोवरों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले में अवैध नशीले सिरप एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया।

संभागायुक्त ने महान परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए व्यापारियों एवं उद्यमियों के साथ बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में कलेक्टर विकास मिश्रा ने संभागायुक्त को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी पालन कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सतत निरीक्षण, सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई, राजस्व प्रकरणों एवं अन्य लोकहित से जुड़े मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए जिले को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
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    <title>संभावित अल्प वर्षा पर सीएम डॉ. मोहन की नजर, कहा- सभी विभाग रखें समन्वित तैयारी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-02 21:41:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- संभावित अल्पवर्षा के मद्देजनर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 जुलाई को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य संबंधित विभागों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक खेती और समयबद्ध तैयारी के अवसर के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, ताकि प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश का प्रत्येक किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी के साथ करे। समय पर सही निर्णय और विभागों के प्रभावी समन्वय से हम संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं।

किसानों को अलर्ट करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को जल्दबाजी में बुआई नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। खेतों में पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुआई की जाए तथा नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों के सुझावों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संभावित अल्प वर्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है। सभी संबंधित विभाग पूर्व नियोजित कार्य योजना के अनुसार समन्वित रूप से कार्य करें और किसानों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और उनकी सुरक्षा, समृद्धि तथा कृषि उत्पादन को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।

अगले दो वर्षों की तैयारी
प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हांकन एवं टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार कर अमृत 2.0 के अंतर्गत जलप्रदाय योजनाओं का समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की ग्रामवार समीक्षा, बंद, अपूर्ण नल-जल योजनाओं की मरम्मत का 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। "जलाभिषेक 2.0" के तहत प्रदेश में पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं का सर्वे एवं जीर्णोद्धार, मनरेगा अभिसरण से प्रति विकासखंड न्यूनतम 100 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन दो वर्षों में किया जाएगा। भूजल पुनर्भरण अभियान के तहत सभी विकासखंडों में रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम एवं खेत-तालाब निर्माण का मिशन मोड कार्यक्रम; "खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में" सिद्धांत पर चलाया जाएगा। नहरों की सफाई मरम्मत रबी से पूर्व पूर्ण, टेल-एंड तक पानी पहुंचाने की जवाबदेही तय की जायेगी।

हर तरह का तैयार किया जा रहा प्लान
बैठक में बताया गया कि कम जल मांग वाली फसलों  यथा दलहन, तिलहन, श्रीअन्न (मोटे अनाज) प्रोत्साहन एवं एमएसपी पर उपार्जन, ग्रीष्मकालीन धान-मूंग पर जल उपलब्धता आधारित सलाह, धान क्षेत्रों में डीएसआर (सीधी बुवाई) एवं वैकल्पिक गीला-सूखा पद्धति एवं प्रत्येक जिले के लिए कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जा रहा है। जलविद्युत एवं जलाशय प्रबंधन के तहत सभी प्रमुख जलाशयों, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, बाणसागर, गांधीसागर के लिए रूल कर्व का कड़ाई से पालन; जल उपयोग की प्राथमिकता  दी जाएगी। पहले पेयजल, फिर सिंचाई, फिर विद्युत उत्पादन का स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किया जा रहा है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे। "जल गंगा संवर्धन" की तर्ज पर जनभागीदारी आधारित सतत् अभियान चलाए जाएंगे। प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट आकस्मिक योजना बनाई जाएगी।

किसानों को किया जाएगा जागरूक
बैठक में बताया गया कि आरबीसी 6(4) के अंतर्गत क्षति सर्वे हेतु राजस्व, कृषि एवं पंचायत अमले का संयुक्त प्रशिक्षण अभी से पूर्ण; डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं सैटेलाइट इमेजरी आधारित क्षति आकलन प्रणाली का सत्यापन कराया जाएगा, ताकि सर्वे 15 दिवस में पूरा हो सके। फसल बीमा का कवरेज विस्तार एवं दावा तत्परता से हो, इस संबंध में कार्यवाही की जाएगी। राज्य स्तरीय मॉडल आकस्मिक कार्य योजना तैयार कराकर विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराई गई हैं। विभिन्न योजनाओं में फसल प्रदर्शनों, उन्नत फसल किस्मों के बीज वितरण के लक्ष्य जिलों को जारी किए गए हैं। वर्षा जल संरक्षण हेतु बलराम तालाब अन्तर्गत जिलों को लक्ष्य जारी किए गए। सोशल मीडिया का अधिकाधिक उपयोग कर कृषकों को जागरूक किया जाएगा। मौसम के पूर्वानुमान, फसलों में मौसम अनुसार किए जाने वाले कार्यों तथा अन्य समसामयिक सलाह कृषकों को उपलब्ध कराई जा रही है। सभी जिले के कलेक्टरों को सिंचाई, जल भराव की स्थिति, जीवन रक्षक सिंचाई हेतु विद्युत की उपलब्धता, सूखे की निगरानी व्यवस्था हेतु समस्त विभागों से कार्यवाही की नियमित समीक्षा हेतु लेख किया गया है। 26 से 30 जून की अवधि में आयोजित ग्राम सभाओं में आकस्मिक कार्य योजना की चर्चा की गई।</description>
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    <title>सीधी:मामूली विवाद बना जानलेवा, हत्या का आरोपी यूपी से गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-02 18:48:14</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-जमोड़ी थाना पुलिस ने हत्या के एक मामले में फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त कांसे का लोटा भी बरामद कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अमन मिश्रा के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी जमोड़ी उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार 23 जून 2026 की रात करीब 11:15 बजे ग्राम डड़हवा में मामूली कहासुनी और गाली-गलौज के दौरान आरोपी रुद्र लाल उर्फ सोनू कोल (26) ने बंश राखन कोल (32) के सिर पर कांसे के लोटे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजनों ने घायल को तत्काल जिला चिकित्सालय सीधी पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय रीवा रेफर किया गया।

अस्पताल से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना जमोड़ी में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ी गईं। उपचार के दौरान 1 जुलाई 2026 को बंश राखन कोल की मृत्यु हो जाने पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) का इजाफा किया गया।

घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कांसे का लोटा भी बरामद कर जब्त किया गया।

आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले में बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 109(1) एवं 103(1) के तहत विवेचना जारी है।

गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम

आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक आर.डी. साकेत, प्रधान आरक्षक गुरु प्रसन्न, प्रधान आरक्षक राम खेलावन, आरक्षक के.पी. सिंह तथा आरक्षक आजाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    <title>टावर निर्माण का विरोध पड़ा भारी, पाइप उखाड़ते ही हवा में उछले ग्रामीण की मौत</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-02 14:48:16</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के खम्हरिया ग्राम पंचायत अंतर्गत परसदेही गांव में टावर निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माण कार्य का विरोध कर रहे एक ग्रामीण की जमीन में गड़े पाइप को उखाड़ने के प्रयास के दौरान मौके पर ही मौत हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, परसदेही गांव में पावरग्रिड कंपनी द्वारा टावर निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान जमीन मालिक जगदीश शाह निर्माण स्थल पर पहुंचे और कार्य का विरोध करने लगे। विरोध के दौरान उन्होंने जमीन में दबाव के साथ गाड़े गए पाइप को उखाड़ने का प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइप को निकालने के दौरान अचानक अत्यधिक दबाव के कारण वह तेज गति से उछल गया। पाइप के साथ जगदीश शाह भी हवा में उछल गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हादसे की भयावहता साफ दिखाई दे रही है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा उपायों और विरोध-प्रदर्शन के समय बरती जाने वाली सावधानियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    <title>त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने किया अभिनंदन</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-02 12:59:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में होंगे शामिल 

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गुरुवार को निवास कार्यालय, भोपाल में आत्मीय अभिनंदन किया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा और उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के मध्य विभिन्न समसामयिक विषयों और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को लेकर चर्चा हुई। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती स्वप्ना साहा भी उपस्थित थीं। त्रिपुरा मुख्यमंत्री डॉ. साहा मध्यप्रदेश प्रवास पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. साहा भोपाल में आयोजित 28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

      एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश स्टेट चैप्टर तथा पीपुल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में यह राष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 जुलाई 2026 तक पीपुल्स यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की थीम “क्रिएटिंग अ होलसम सर्जन” अर्थात “समग्र सर्जन का निर्माण” है। यह सम्मेलन ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अकादमिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश के प्रख्यात विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक, शोधकर्ता तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। सम्मेलन में नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों, जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं तथा चिकित्सा शिक्षा के विविध आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।</description>
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    <title>एमपी में लागू हुई 'वीबी-जी राम जी' योजना, ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार, समय पर काम नहीं तो मिलेगा भत्ता</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-02 10:40:24</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश सरकार ने 1 जुलाई से ग्रामीण परिवारों के लिए नई रोजगार गारंटी योजना 'वीबी-जी राम जी' लागू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने के साथ-साथ गांवों में स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जो मनरेगा के 100 दिनों की तुलना में 25 दिन अधिक है।

योजना के नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। हालांकि इन्हें राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाना था, लेकिन बैठक नहीं होने के कारण राजपत्र के माध्यम से अधिसूचना जारी की गई। योजना का संचालन केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी में होगा, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

योजना के अनुसार रोजगार के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में रोजगार नहीं दिया जाता है, तो संबंधित पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। पहले 30 दिनों तक निर्धारित मजदूरी का 25 प्रतिशत और इसके बाद 50 प्रतिशत तक बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर भी श्रमिकों को राहत मिलेगी। यदि कार्य पूर्ण होने के बाद 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो 16वें दिन से प्रत्येक दिन की देरी पर 0.05 प्रतिशत की दर से क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) दी जाएगी।

योजना के तहत रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित अथवा डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। प्रत्येक आवेदन की रसीद देना भी अनिवार्य होगा।

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं ग्रामीण परिवारों को मिलेगा, जिनका पंजीकरण होगा तथा जिनके वयस्क सदस्यों का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य रोजगार के लिए आवेदन कर सकेगा।

योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, तालाब एवं बांध निर्माण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण सड़क निर्माण, आजीविका संवर्धन, मूलभूत अधोसंरचना विकास तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

योजना के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा। कार्यों की निगरानी के लिए जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली, रियल टाइम डैशबोर्ड तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सकेगी।

राज्य सरकार ने योजना में कमजोर और वंचित वर्गों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया है। ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें पहले रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित हो सके।

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' के माध्यम से गांवों का समग्र और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना भी है। पंचायत स्तर की विकास योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे।
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    <title>किसानों के बीच सीएम मोहन, खेत में रोपा धान और खोला विकास का खजाना</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-02 06:51:26</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिवनी(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सिवनी जिले में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव एवं कोदो-कुटकी प्रोत्साहन राशि वितरण समारोह में अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपाई की, उनके साथ बैठकर भोजन किया और आत्मीय संवाद करते हुए खेती-किसानी से जुड़े अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री की सादगी और किसानों के बीच सहज व्यवहार ने कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले को 494.16 करोड़ रुपये की लागत से 629 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 349.33 करोड़ रुपये की लागत से 586 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 144.83 करोड़ रुपये की लागत से 43 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि एवं मिलेट्स आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कन्या पूजन में भी भाग लिया। उन्होंने सिवनी जिले के लिए बालाघाट-सिवनी फोरलेन सड़क निर्माण, चमारा विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय, स्टेडियम सहित कई नई विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के धान को जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जिससे प्रदेश के किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3,941 किसानों के बैंक खातों में एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से कोदो-कुटकी उत्पादन पर 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ श्रीअन्न उत्पादक किसानों को बोनस भी प्रदान कर रही है। पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो-कुटकी की खरीद शुरू की गई है और इसके ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा विपणन पर भी कार्य किया जा रहा है। डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी तथा बैगनी अरहर को जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की मांग बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से अंतरित की गई है।

उन्होंने कहा कि संबल योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये तथा स्थायी अपंगता की स्थिति में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, वंचित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र हितग्राहियों को भी आवास उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलों को गरीबों की फसल कहा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें "श्रीअन्न" का सम्मान दिलाकर देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने किसानों से मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विविध फसलों की खेती अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों को अनेक योजनाओं का लाभ दे रही है। सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना का लाभ दिया गया है और अब धान उत्पादक किसानों के लिए भी भावांतर योजना लागू की जाएगी, जिससे न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेत से लेकर बाजार तक कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि किसानों की आय बढ़े और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं और विकास कार्यों से सिवनी सहित पूरे प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।
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    <title>मध्यप्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-02 06:36:26</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय होता जा रहा है। बुधवार को मानसून ने सागर और भोपाल संभाग के कई जिलों में दस्तक दी। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को मानसून उज्जैन तथा ग्वालियर-चंबल संभाग के शेष हिस्सों में भी पहुंच सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में 5 जुलाई तक कई क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 3 जुलाई को धार और बड़वानी जिलों में तथा 4 जुलाई को खरगोन जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इस वर्ष मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही है। अब तक प्रदेश में औसतन 100.2 मिलीमीटर (करीब 4 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 139.7 मिलीमीटर (करीब 5.4 इंच) की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत कम है।

मौसम विभाग का कहना है कि जून में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई में अच्छी वर्षा की संभावना है। सामान्यतः जुलाई माह में पूरे मानसून की लगभग 40 प्रतिशत वर्षा होती है। इसी कारण कृषि कार्यों और जल स्रोतों की दृष्टि से यह महीना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच है। वर्तमान में अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि भोपाल, इंदौर, सीहोर, शाजापुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, बुरहानपुर और श्योपुर सहित कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, नदी-नालों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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    <title>सीएम डॉ. यादव का नवकरणीय ऊर्जा पर फोकस, कहा- नए अध्याय की शुरुआत कर रहा एमपी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-01 16:26:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जुलाई को नई दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा  उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में प्री-बिड मीटिंग का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने बताया कि दावोस में की गई घोषणा के अनुरूप प्रदेश 24 घंटे हरित ऊर्जा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव तथा विभिन्न कपंनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना ने देश में सबसे कम सौर टैरिफ स्थापित कर भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। शाजापुर-नीमच सौर परियोजनाओं ने 2.14 रुपये प्रति यूनिट का प्रदेश में सबसे कम टैरिफ अर्जित किया। हाल ही में मुरैना में चार घंटे की स्टोरेज परियोजना के लिए 2.70 रुपये प्रति यूनिट पर पीपीए हुआ, यह देश की सबसे प्रतिस्पर्धी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतियां, त्वरित निर्णय और उत्कृष्ट अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से मध्य प्रदेश की ऊर्जा क्रांति के सहभागी बनने का अनुरोध किया।

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता है हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल परियोजनाएं स्थापित करना नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाना राज्य सरकार का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना और सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयास से 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास की दिशा में ऐतिहासिक सिद्ध होगी। नई दिल्ली की प्री-बिड मीटिंग में टाटा पावर, रिलायंस एनर्जी, टोरेंट पावर, जिंदल रिन्युएबल, एन.टी.पी.सी., अडानी ग्रीन्स, हिन्दुस्तान पॉवर, महिंद्रा सिस्टम आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।</description>
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    <title>बकवा में 6 जनजातीय होम स्टे का शुभारंभ, ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार को मिली नई उड़ान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-01 14:44:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल और इन्द्रवती नाट्य समिति, सीधी के समन्वय से जिले के ग्राम पंचायत बकवा में जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंगलवार को आयोजित भव्य समारोह में होम स्टे परियोजना के प्रथम चरण के तहत छह जनजातीय होम स्टे का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस पहल से स्थानीय जनजातीय परिवार पर्यटन आधारित स्वरोजगार से जुड़ेंगे और सीधी जिले को ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन के नए केंद्र के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के अंतर्गत प्रथम चरण में घोटिहारी होम स्टे (संसार सिंह), सइलाडंडा होम स्टे (लल्लू सिंह), करमा होम स्टे (वरुण सिंह), संगम होम स्टे (जगन्नाथ जायसवाल), सुआ छपइया होम स्टे (चंद्रभान सिंह) तथा डमरू होम स्टे (कृष्ण प्रताप सिंह) का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीधी-सिंगरौली संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्र रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने की। विशिष्ट अतिथियों में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू रामजी सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एवं व्यापारी संघ जिलाध्यक्ष लालचंद गुप्ता तथा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य इंद्रशरण सिंह चौहान उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार तिलक, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर गुदुम बाजा, घसिया करमा, सइला और अहिराई लाठी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।

स्वागत उद्बोधन में इन्द्रवती नाट्य समिति के संरक्षक इंजी. आर.बी. सिंह 'दादाभाई' ने कहा कि समिति जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और ग्रामीण पर्यटन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाएगी।

इन्द्रवती नाट्य समिति द्वारा मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत बकवा में कुल 10 होम स्टे विकसित किए गए हैं। प्रथम चरण में छह होम स्टे शुरू किए गए हैं, जबकि शेष होम स्टे भी आगामी चरणों में प्रारंभ किए जाएंगे। इन होम स्टे में आने वाले पर्यटक स्थानीय जनजातीय जीवन शैली, पारंपरिक भोजन, लोक संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

इस परियोजना में हुनरशाला फाउंडेशन ने तकनीकी सहयोगी संस्था के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि इन्द्रवती नाट्य समिति ने सहयोगी संस्था के रूप में परियोजना के सफल क्रियान्वयन का दायित्व निभाया। जरब जनजातीय पर्यटन, शिक्षा एवं लोक कला विकास समिति, बकवा ने स्थानीय स्तर पर परियोजना के संचालन और समन्वय में सहयोग किया।

परियोजना के समन्वय का दायित्व पीएसओ रोशनी प्रसाद मिश्र ने संभाला। वहीं रजनीश कुमार जायसवाल और प्रजीत कुमार साकेत ने सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। होम स्टे निर्माण एवं परियोजना के क्रियान्वयन में प्रवीण सिंह चौहान की विशेष भूमिका रही। सम्पूर्ण परियोजना का नेतृत्व इन्द्रवती नाट्य समिति के सचिव नीरज कुंदेर ने किया।

अपने संबोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू रामजी सिंह ने कहा कि यह पहल जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि सीधी जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने इस मॉडल को जिले के अन्य गांवों तक विस्तारित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे सीधी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय एवं सांस्कृतिक पर्यटन की नई पहचान मिल सकती है।

मुख्य अतिथि सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने इन्द्रवती नाट्य समिति की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना जनजातीय समाज के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने नीरज कुंदेर, रोशनी प्रसाद मिश्र, रजनीश कुमार जायसवाल, प्रजीत कुमार साकेत सहित पूरी टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सभी हितग्राहियों को शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की रूपरेखा नीरज कुंदेर ने प्रस्तुत की, मंच संचालन रोशनी प्रसाद मिश्र ने किया तथा अंत में विवेक सिंह चौहान ने आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन जनजातीय संस्कृति के संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन के विकास और स्थानीय परिवारों को पर्यटन आधारित स्वरोजगार से जोड़ने के संकल्प के साथ हुआ। यह पहल सीधी जिले को जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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    <title>सिवनी में आज 494 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे सीएम डॉ. मोहन यादव, किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-01 11:09:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
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भोपाल/सिवनी(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सिवनी जिले में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे जिले को 494.16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 629 विकास कार्यों की सौगात देंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन करने के साथ ही कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि भी अंतरित करेंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 349.33 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 144.83 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और नगरीय विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।

धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि अंतरित करेंगे। राज्य सरकार द्वारा श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

कार्यक्रम स्थल पर कृषि, प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न (मिलेट्स), जीआई टैग उत्पादों, स्व-सहायता समूहों के उत्पादों तथा आधुनिक कृषि यंत्रों पर आधारित थीम प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहां किसान नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

 सड़क और पुल निर्माण को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री दौंदीवाड़ा-बरटोला-ओखाटोला-अमुरला मार्ग सहित कई सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा बरबसपुर-सुनवारा-आमानाला वैनगंगा नदी सेतु तथा घोघराटोला-मंगलटोला हिर्री नदी सेतु का भी लोकार्पण किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कई पुल निर्माण कार्यों का शुभारंभ भी होगा।

 पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

जिले में जल जीवन मिशन के तहत बरघाट में 145.60 करोड़ रुपये, केवलारी में 67.34 करोड़ रुपये, सिवनी में 52.19 करोड़ रुपये तथा लखनादौन में 44.49 करोड़ रुपये की नल-जल योजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही सिहोरा, घंसौर, केदारपुर, लखनवाड़ा, बींझावाड़ा और तिघरा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्य भी जनता को समर्पित किए जाएंगे।

### शिक्षा, खेल और नगरीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम में केवलारी खेड़ा-टालाटाली मार्ग तथा गनेशगंज-लामटा-सुनवारा-पिंडरई-देवरी टीका मार्ग का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा सिवनी में बबरिया गार्डन स्विमिंग पूल, नवीन फायर स्टेशन और नगर पालिका कार्यालय भवन की आधारशिला रखी जाएगी।

लखनादौन में मिनी स्टेडियम तथा धूमा में 100-100 सीट क्षमता वाले बालक एवं बालिका छात्रावासों के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी होगा। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कन्या शिक्षा परिसर सिवनी और लखनादौन एप्रोच रोड के निर्माण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत नवीन आंगनवाड़ी भवनों का भी भूमिपूजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का यह दौरा जिले के विकास, किसानों की आय बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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    <title>मध्यप्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-01 07:14:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में मानसून अब तेजी से सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को बालाघाट और डिंडौरी जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मंगलवार को मानसून ने आगे बढ़ते हुए भोपाल, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकांश जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। अब अगले दो से चार दिनों के भीतर भोपाल, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के शेष जिलों में भी मानसून के पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। वहीं नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और रतलाम में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

इस वर्ष जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर लगातार बना रहा। पूरे जून में औसतन 88.2 मिलीमीटर (करीब 3.5 इंच) वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 131.1 मिलीमीटर (करीब 5.1 इंच) है। इस प्रकार जून में सामान्य से लगभग 33 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आएगी। इससे किसानों को खरीफ फसलों की बुआई में मदद मिलेगी, वहीं गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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    <title>कुसमी क्षेत्र में सात जंगली हाथियों का मूवमेंट, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-07-01 06:50:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सीधी(ईन्यूज एमपी)-सीधी जिले के कुसमी वन परिक्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। वन विभाग के अनुसार मंगलवार, 30 जून 2026 की शाम करीब 5 बजे पोंड़ी परिक्षेत्र के सांईडोल उत्तर बीट अंतर्गत आरएफ-308 के तिरसुलिहा गोड़ा क्षेत्र में सात जंगली हाथियों का झुंड देखा गया। हाथियों के मूवमेंट की सूचना मिलते ही वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल हाथियों का दल उक्त क्षेत्र में स्थिर है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है। हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्र से सांईडोल, कुन्दौर एवं लुरघुटी गांव की दूरी लगभग चार से पांच किलोमीटर है। ऐसे में ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

वन विभाग ने जंगल से लगे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं, विशेषकर रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचें। यदि कहीं हाथियों का झुंड दिखाई दे तो उनके पास जाने, फोटो या वीडियो बनाने अथवा उन्हें किसी भी प्रकार से परेशान करने का प्रयास न करें।

विभाग ने ग्रामीणों से यह भी कहा है कि हाथियों की गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें और जन-धन की हानि से बचा जा सके।

वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सभी आवश्यक सावधानियों का पालन करें, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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  <item>
    <title>सीधी:अवैध रेत पर संयुक्त कार्यवाही,16 वाहन जब्त</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-30 20:18:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए संचालित विशेष जांच पखवाड़ा अभियान के तहत जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 16 वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन तथा अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में खनिज विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

  जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सतत सघन जांच एवं भ्रमण के दौरान पिपरांव चौकी, थाना सेमरिया, थाना जमोड़ी, यातायात थाना, थाना बहरी, मोहनिया चौकी, थाना अमिलिया, थाना रामपुर नैकिन तथा टिकरी चौकी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए 13 हाइवा, एक टाटा-909, एक टाटा-407 एवं दो ट्रैक्टर सहित कुल 16 वाहनों को पकड़कर संबंधित थाना एवं चौकियों में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया। सभी वाहनों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

  जिला खनिज विभाग ने बताया कि सभी प्रकरणों को अग्रिम कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। जिन वाहनों का उपयोग बिना पंजीयन अथवा बिना नंबर के किया गया है, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए जिला परिवहन अधिकारी को भी पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही अवैध खनिज कारोबार में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

  जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 200 प्रकरण दर्ज कर शासन के कोष में 1.37 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में अब तक 93 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनसे 35 लाख रुपये शासकीय कोष में जमा कराए गए हैं। यह कार्रवाई अवैध खनिज कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन की सतत निगरानी और सख्ती को दर्शाती है।

  इस कार्रवाई में नगर सैनिक शिवशंकर सिंह, तेज़बहादुर सिंह एवं अनिल पाठक का योगदान सराहनीय रहा।
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  <item>
    <title>सीएम डॉ. मोहन यादव ने किए माता के दर्शन, मांगी प्रदेश की खुशहाली और जनता का कल्याण</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-30 17:34:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/राजगढ़(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में 30 जून को जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजगढ़ पहुंचे। उन्होंने भैंसवामाता क्षेत्र स्थित पवित्र दूध तलैया में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने भैंसवामाता एवं माता बिजासन से प्रदेश की सुख-समृद्धि-जनकल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने हरित भारत का संदेश भी दिया। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ने भैंसवामाता मंदिर के प्रस्तावित स्वरूप का अवलोकन किया तथा विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्तावित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इससे पहले सीएम डॉ. मोहन यादव का यहां पारंपरिक स्वागत किया गया। मंदिर के प्रवेश द्वार पर आदिवासी नृत्य दल ने पूरे उत्साह, उमंग और जोश के साथ अपनी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चियों ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका आत्मीय स्वागत किया।

*सफलता का राज जनसहभागिता*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भरता की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से तैयार किए जा रहे ईको ब्रिक्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का अनुकरणीय मॉडल है। दूसरी ओर, उन्होंने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए लखपति दीदी समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहनों का वितरण भी किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे अभियान जनसहभागिता से ही सफल होंगे।</description>
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  <item>
    <title>एमपी में बदले पदोन्नति के नियम, 4.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-30 13:20:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के करीब 4.5 लाख शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने के लिए नए पदोन्नति नियमों पर अमल शुरू कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर कैडरवार एवं एकमुश्त वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह प्रक्रिया मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत पूरी की जाएगी। 

करीब दस वर्षों से प्रदेश में पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी हुई थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए। अब नए नियम लागू होने के बाद लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। 

मेरिट और वरिष्ठता दोनों को मिलेगा महत्व

नए नियमों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति मैरिट-कम-सीनियरिटी के आधार पर होगी, जबकि अन्य कर्मचारियों के लिए सीनियरिटी-कम-मैरिट का सिद्धांत लागू किया जाएगा। पदोन्नति में गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जिन कर्मचारियों की एसीआर उपलब्ध नहीं होगी और इसमें उनकी कोई गलती नहीं होगी, उन्हें केवल इस आधार पर पदोन्नति से वंचित नहीं किया जाएगा। केवल कारण बताओ नोटिस जारी होने मात्र से भी पदोन्नति नहीं रोकी जाएगी। 

 आरक्षण के प्रावधान भी रहेंगे लागू

पदोन्नति के लिए रिक्त पदों का आरक्षण के अनुसार वर्गीकरण किया जाएगा। इनमें 16 प्रतिशत पद अनुसूचित जाति और 20 प्रतिशत पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए निर्धारित रहेंगे। शेष पदों पर सभी पात्र कर्मचारी प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। 

 दो लाख पद होंगे रिक्त, युवाओं को मिलेगा अवसर

सरकार का अनुमान है कि बड़े पैमाने पर पदोन्नतियां होने से करीब दो लाख पद रिक्त होंगे। इन रिक्त पदों पर भविष्य में नई भर्तियों का रास्ता खुलेगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरी के अधिक अवसर मिल सकेंगे। 

 कानूनी पहलुओं पर भी सरकार की तैयारी

पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर पूर्व में विभिन्न न्यायालयों में विवाद चल चुके हैं। सरकार का कहना है कि संभावित कानूनी अड़चनों का अध्ययन कर आवश्यक तैयारी की गई है। हालांकि कुछ कर्मचारी संगठनों ने नए नियमों पर आपत्ति भी जताई है और उनका कहना है कि इससे आरक्षण व्यवस्था को लेकर असंतुलन उत्पन्न हो सकता है। 

सरकार का उद्देश्य लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द पूरा कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाना और कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ उपलब्ध कराना है। </description>
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  <item>
    <title>पलटते ही धू-धू कर जला कोयला लोड ट्रक, चालक की बची जान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-30 10:53:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली/देवसर(ईन्यूज एमपी)-राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर देवसर क्षेत्र स्थित खाखन पुल पर सोमवार शाम एक बार फिर बड़ा सड़क हादसा हो गया। शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच कोयला लोड एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुल के समीप पलट गया। हादसे के कुछ ही देर बाद ट्रक में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने साहस का परिचय देते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे चालक की जान बच गई। हालांकि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा ट्रक जलकर खाक हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक ट्रक पूरी तरह जल चुका था। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खाखन पुल लंबे समय से दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है। यहां अक्सर भारी वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण यह स्थान क्षेत्र का एक खतरनाक ब्लैक स्पॉट बन चुका है।

ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि खाखन पुल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। यहां चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल उपाय, सड़क सुरक्षा बैरियर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से भी अपील की है कि खाखन पुल से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और ओवरलोड या तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बचें। उनका कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी इस स्थान पर बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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    <title>2 जुलाई से मध्यप्रदेश में मानसून होगा एक्टिव, कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश के आसार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-30 09:17:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज होने जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से प्रदेश में नया मौसम तंत्र सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का भी अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने मंगलवार को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान करीब 4 इंच तक वर्षा होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित 50 जिलों में वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। इंदौर, गुना, बालाघाट, शिवपुरी, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, सीधी, खंडवा, सीहोर और देवास में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बालाघाट में डेढ़ इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि शिवपुरी में पौन इंच और जबलपुर में आधा इंच से अधिक बारिश हुई।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी बना रहा। खजुराहो में अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में 40.5 डिग्री और ग्वालियर में 40.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री, इंदौर में 33.2 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 24 जून को मानसून की एंट्री हुई थी और अब तक अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी सहित 15 जिलों में मानसून पहुंच चुका है। इसके बाद मानसून की प्रगति कुछ दिनों के लिए धीमी पड़ गई थी, जिससे उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर बढ़ गया।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 2 जुलाई से सक्रिय होने वाले नए सिस्टम के प्रभाव से मानसून फिर गति पकड़ेगा और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ खरीफ फसलों की बुआई में भी तेजी आने की उम्मीद है।
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    <title>वायरल ऑडियो मामले में पटवारी रघुनाथ प्रसाद साकेत निलंबित</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-29 22:27:49</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के रामपुर नैकिन तहसील अंतर्गत जमुनिहा हल्का नंबर-02 के पटवारी रघुनाथ प्रसाद साकेत को सोशल मीडिया पर रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उपखंड अधिकारी (राजस्व) रामपुर नैकिन विकास आनंद द्वारा की गई है।

जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें सीमांकन की पुष्टि के लिए तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच कराई गई।

प्रथम दृष्टया जांच में पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार, कदाचार तथा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के तथ्य सामने आने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि निर्धारित अवधि में उनके द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना भी पाई गई।

इन तथ्यों के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत पटवारी रघुनाथ प्रसाद साकेत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता एवं कर्तव्यों में लापरवाही के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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    <title>सीएम डॉ. मोहन कर रहे सपने साकार, एमपी को मिली 2080 करोड़ के 500MW और 450MW के सोलर पार्क की सौगात</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-29 21:54:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश ने 29 जून को हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हरित विकास हमारा लक्ष्य है। हरित विकास के जरिए प्रदेश में अधिकाधिक मात्रा में निवेश लाने और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा से इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। नीमच न केवल मध्यप्रदेश का, बल्कि ग्रीन पावर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में कुल 675 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं, और लगभग 1 हजार 952 से अधिक मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं। 

नीमच के नए सोलर पार्क से  मिलेगी 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीमच में नए सोलर पार्क का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। नीमच की धरती ने प्रदेश को दो मुख्यमंत्री दिए। नीमच ने अफीम उत्पादन और नेत्रदान अभियान में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य देवता ऊर्जा के स्त्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून तक कुंए, बावड़ी, नदी, तालाब और अन्य सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य सरकार ने 3 महीने में 10 हजार करोड़ की राशि खर्च कर प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया है। जल गंगा संरक्षण अभियान में नीमच ने देश में 10वां और प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों के लिए नीमच के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आज 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। कुल 2080 करोड़ की लागत से नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 करोड़ मेगावॉट के सोलर पार्क की सौगात मिली है। साथ ही नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। नीमच के नए सोलर पार्क से 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी, जो देश में सबसे सस्ती दर है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार देने वाला राज्य है। प्रदेश में फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं। नीमच में 1200 करोड़ से अधिक लागत का सोलर ग्लास तैयार करने वाले प्लांट का भूमि-पूजन हुआ है। नीमच को बहुत जल्द जावरा-उज्जैन होकर भोपाल राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है। मंदसौर से भोपाल तक नया हाईवे भी बनाया जाएगा। नीमच में गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का नया घर बन चुका है। बहुत जल्द यहां दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे।

गेहूं खरीदी में पंजाब से आगे एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदा गया है। किसानों को गेहूं के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल कीमत का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा है। गेहूं के उत्पादन और खरीदी में मध्यप्रदेश ने पंजाब जैसे राज्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध करा रही है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के किसानों को शून्य ब्याज दर पर आवश्यक लोन मिल रहा है और इसे चुकाने के लिए भी 31 मार्च की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख से लोन लेंगे, उसके अगले 12 माह की अवधि में किसी भी तारीख पर लोन चुकाने की सुविधा मिलेगी। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का बराबर सम्मान है।

जन-कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दी जा रही है। राज्य सरकार ने गरीब-जरूरतमंदों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। राहवीर योजना में भी सड़क हादसों के घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रदेश में श्रीराम गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। राज्य में भव्य सांदीपनि विद्यालय और प्रत्येक नगरीय निकायों में गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक के एक गांव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराम अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 40 लाख लागत की गोशाला शुरू करने पर राज्य सरकार 10 लाख रुपए का अनुदान दे रही है।

बेहतर परिणाम के लिए मिला सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच में भादवा माता मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में अव्वल रहे नीमच जिले की पंचायतों को  जल संचयन कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित भी किया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री जोशी ने 1,553.98 करोड़ रुपये की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का भी भूमि-पूजन और लोकार्पण  किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 550 मेगावॉट क्षमता वाला आगर सोलर पार्क भी निर्माणाधीन है, जिसकी इकाइयों के लिए 2.44 और 2.45 रुपये प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। 

निवेश के लिए विशेष मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 33 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। करीब 10 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतरे। पिछले ढाई वर्षों में वैश्विक कंपनियों का 9 हजार 200 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मध्यप्रदेश की धरती पर उतर रहा है, जिससे 4,200 से अधिक नौकरियां सृजित हो रही हैं। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य, जहां लेबर केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू है। उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन, पानी और बिजली उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, औषधीय संपदा और उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध नीमच अब विनिर्माण, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का भी केंद्र बनने जा रहा है। आज 1 हज़ार 481 करोड़ रुपये की लागत से 30 औद्योगिक इकाइयों की सौगात नीमच क्षेत्र को मिल रही है। 

नवकरणीय ऊर्जा में आगे बढ़ता एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। राज्य ने 12 हज़ार 18 मेगावाट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है। जलूद में 271 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 60 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। मक्सी में जैक्सन इंटीग्रेटेड सोलर लिमिटेड द्वारा 6 गीगावाट क्षमता की अत्याधुनिक सोलर विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक होगी। रीवा का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क और ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट देश में उदाहरण स्थापित कर रहे हैं।

अभ्युदय मध्यप्रदेश के घोष वाक्य के साथ प्रदेश में हो रहा विकास का सूर्योदय
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह मां वाग्देवी (सरस्वती) की भूमि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश में राजाभोज की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार ने अभ्युदय मध्यप्रदेश के घोष वाक्य के साथ विकास का सूरज उदय करने का संकल्प लिया है। आज प्रदेश के नीमच और शाजापुर को नए सोलर प्रोजेक्ट की सौगात मिली है। दुनिया में सोलर एनर्जी का सबसे कम टैरिफ 2.14 पैसे प्रति यूनिट मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। विश्व में स्विट्जरलैंड के बाद भारत दूसरा देश है, जहां रेलवे का शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। मध्यप्रदेश भारतीय रेलवे को बिजली उपलब्ध करा रहा है। मुरैना में 440 मेगावॉट सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार है। इससे सूर्यास्त के बाद भी 2.70 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिल पा रही है। दूसरी ओर, नीमच में गांधी सागर पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जो ताप विद्युत के मुकाबले आधी लागत में बिजली उत्पादन करेगा।

किसानों के लिए समृद्धि के द्वार
केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और पीएम कुसुम जैसी योजनाएं किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, पीएम जन-मन जैसी योजनाओं में समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में 5960 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका लाभ मध्यप्रदेश को भी मिलेगा। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के अंतर्गत विकास कार्यों को गति देने में अव्वल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के गांव-गांव को रोड नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में हवाई नेटवर्क का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। उज्जैन में नए एयरपोर्ट बनाने की योजना और पीएमश्री पर्यटन हेलीसेवा की शुरुआत एक अभूतपूर्व पहल है।

पीएम मोदी का एमपी पर विशेष ध्यान
केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में 18 नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत हो रही है। मध्यप्रदेश भारत में ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का मध्यप्रदेश पर विशेष आशीर्वाद है। बहुत जल्द प्रदेश को पीएम कुसुम 2 योजना के अंतर्गत बड़ा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को और बढ़ाने की आवश्यकता है। आज देश के कुल बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। मध्यप्रदेश, पवन ऊर्जा से बिजली उत्पादन को 2 वर्ष में 10 गीगावॉट बढ़ाने का लक्ष्य रखे। इससे बिजली उत्पादन की लागत और घट जाएगी। भारत ग्रीन हाइड्रोजन, चिप मेकिंग में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। देश में वर्ष 2014 में सोलर एनर्जी प्रोडक्शन मात्र 2.6 गीगावॉट था, जो अब बढ़कर 157 गीगावॉट तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने SUN की शक्ति को पहचाना, जबकि विपक्षी दल सिर्फ अपने एक SON को आगे बढ़ाने में लगा है। मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी सेक्टर और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।</description>
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    <title>जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हिरन नदी उद्गम स्थल पर आयोजित हुआ नदी अनुभूति कार्यक्रम</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-29 20:23:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रामगढ़ नम्बर-2 में 100 दिवसीय ग्रामोत्सव के अंतर्गत जल संरक्षण, श्रमदान एवं जनजागरूकता गतिविधियां जारी


सीधी (ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत रविवार को ग्राम पंचायत रामगढ़ नम्बर-2 स्थित हिरन नदी के उद्गम स्थल पर नदी अनुभूति, दीप प्रज्वलन, नदी आरती एवं पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना रहा।

  कार्यक्रम में जिला समन्वयक मुकेश कुमार गौर, विकासखंड समन्वयक अनिल पाठक तथा सरपंच शिवटहल कोल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला समन्वयक मुकेश कुमार गौर ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और नदियों, बावड़ियों सहित सभी पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिरन नदी क्षेत्र की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए जल का संरक्षण करने का आह्वान किया।

  कार्यक्रम के दौरान ग्रामवासियों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए हिरन नदी के उद्गम क्षेत्र एवं आसपास स्थित जल संरचनाओं की स्वच्छता, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए श्रमदान किया। सभी ने जल स्रोतों को सुरक्षित रखने एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।

100 दिवसीय ग्रामोत्सव में चल रहे विविध आयोजन

ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति, रामगढ़ नम्बर-2 के तत्वावधान में तथा अमित कुमार गौतम ष्स्वतंत्रष् के संयोजन में 10 जून से 100 दिवसीय ग्रामोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। संयोजक अमित कुमार गौतम ष्स्वतंत्रष् ने बताया कि पिछले 12 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे ग्रामोत्सव को इस वर्ष विशेष रूप से 100 दिवसीय स्वरूप दिया गया है।

  उन्होंने बताया कि ग्रामोत्सव के बारहवें से बीसवें दिवस तक हिरन नदी में श्रमदान, साज-सज्जा, बीजारोपण, बीज संग्रह, नदी पूजन, दीपदान, आदि शंकराचार्य के जीवन परिचय पर आधारित पुस्तकों का वितरण तथा जनसंवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिव्यांग परिवार के लिए रोजगार की शुरुआत भी कराई गई है। आगामी दिनों में ग्रामीणों एवं पशुओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।

  कार्यक्रम में ग्रामोत्सव संयोजक अमित कुमार गौतम स्वतंत्र, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सचिव प्रवीण शुक्ल, सीएमसीएलडीपी परामर्शदाता विनय तिवारी, अश्वनी पटेल, पूजा पाण्डेय, युवा समाजसेवी निखिल शुक्ला, शिवशंकर शुक्ला, संदीप मिश्रा, प्रेम मिश्रा, राजमणि प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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    <title>200 एकड़ वन भूमि से हटाया अतिक्रमण, 600 अधिकारी-कर्मचारियों ने 6 घंटे चलाया अभियान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-29 15:07:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>खंडवा(ईन्यूज एमपी)-खंडवा जिले के आमाखुजरी जंगल में सोमवार को प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 200 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस दौरान लगभग 600 अधिकारी-कर्मचारी और 30 जेसीबी मशीनें कार्रवाई में शामिल रहीं। अभियान करीब छह घंटे तक चला।

प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने वन भूमि पर पेड़-पौधे और झाड़ियां काटकर मक्के की फसल बो दी थी। वन भूमि को मूल स्वरूप में लाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाया गया।

कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। 60 महिला पुलिसकर्मियों सहित पुलिस दल आंसू गैस के गोले भी साथ लेकर पहुंचा था। हालांकि जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्ते में वाहन को झटका लगने से एक आंसू गैस का गोला गलती से फट गया, जिससे कुछ पुलिसकर्मी उसकी चपेट में आ गए। बाद में सुरक्षा के मद्देनजर गैस की पेटी खोलकर शेष गैस बाहर निकाली गई।

अभियान के दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारणेकर और वन मंडलाधिकारी राकेश कुमार डामोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले रविवार को वन विभाग की टीम जंगल में अवैध बुआई रोकने पहुंची थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद अतिक्रमणकारियों ने वन अमले का विरोध किया। आरोप है कि महिलाओं को आगे कर गोफन और लाठियों से हमला किया गया तथा पथराव किया गया। इस घटना में आठ वनकर्मी घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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    <title>न्याय संगत दुनिया के लिए समर्पित लेखक  विनीत तिवारी को फेलोशिप प्रदान: प्रलेस ने बधाई दी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-29 09:51:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- -अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस)  राष्ट्रीय सचिव मंडल के वरिष्ठ सदस्य विनीति तिवारी को शोधपरक पुस्तक लेखन के लिए शंकर ब्रह्म समाज विज्ञान ग्रंथालय, पुणे द्वारा फैलोशिप प्रदान किए जाने पर प्रलेस इकाई सीधी के अध्यक्ष सोमेश्वर सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए विनीति तिवारी को बधाई दी है।

प्रख्यात वास्तुकार शंकर ब्रह्म की स्मृति में स्थापित भारत के गिने-चुने प्रगतिशील शोध संस्थानों में शंकर ब्रह्म समाज विज्ञान ग्रंथालय, पुणे एक है,जिसे प्रतिबद्ध मार्क्सवादी अर्थशास्त्री डॉ. सुलभा ब्रह्म ने बौद्धिक एवं अनुसंधान संस्थान के तौर पर विकसित किया है। इस अनुसंधान संस्थान ग्रंथालय ने साल 2026 के लिए अपनी विशेष शोध एवं पुस्तक लेखन फैलोशिप लेखक, कवि और सामाजिक-मानवाधिकार कार्यकर्ता विनीति तिवारी को दी है। जो शोधपरक पुस्तक का लेखन करेंगे। इस शोध हेतु विनीति तिवारी को पचास हजार रुपये की ग्रांट भी प्रदान की गई है।

विनीति तिवारी तीन लम्बे समय से सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता के रुप में जन-आंदोलनों में सक्रिय हैं। पेशे से सिविल इंजीनियर रहे विनीति तिवारी बाद में पत्रकारिता, काव्य और नाट्य-लेखन के माध्यम से सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय हुए। वह संभव केंद्र, इंडोर के फाउंडिंग मेंबर हैं और जोशी-अधिकारी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज, दिल्ली के जुड़े हुए हैं। 

विनीति तिवारी प्रलेस के राष्ट्रीय सचिव मंडल के सदस्य के अलावा अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन (एपो) के राष्ट्रीय सचिवमंडल के सदस्य, इंडो-फैलोशियन सॉलिडेरिटी नेटवर्क के कोर सेंट्रल कमेटी मेंबर व इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) के राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के तौर पर भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में विनीति तिवारी ने फैलोशियन के वेस्ट बैंक हमास के ग्राउंड-लेवल दौरा किया और वहां की जमीनी हकीकत से रू-ब-रू हुए।

ग्रंथालय द्वारा अपने आधिकारिक पत्र में विनीति तिवारी के लंबे समय से एक अमन, इंसाफ और न्यायसंगत दुनिया के लिए समर्पण एवं प्रतिबद्धता का सम्मान करते हुए कहा गया है कि एक इंसाफ वाली और शांतिपूर्ण दुनिया के लिए विनीति तिवारी के पक्के कमिटमेंट ने फैलोशियन पर पब्लिक डिस्कोर्स को काफी बेहतर बनाया है। उनका काम पूरे भारत में आज के लेखकों और जन-कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

प्रलेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष पी लक्ष्मीनारायण, महासचिव डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा ने प्रलेस के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों की ओर से विनीति तिवारी को इस विलक्षण और उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुबारकबाद प्रदान करते हुए उनके सफल, सुखद, समृद्ध, स्वर्गीय एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं अर्पित की है।

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    <title>अवैध रेत परिवहन पर नहीं लग रहा अंकुश, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई शिकायत</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-29 09:40:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)-बैढ़न थाना क्षेत्र के ग्राम बलियरी में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और मामला सार्वजनिक होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते क्षेत्र में अवैध रेत का परिवहन दिन-रात जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की नदियों से लगातार अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ ही शासन को राजस्व की हानि हो रही है। कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में गांव के लोगों ने अवैध रेत से भरे कई ट्रैक्टरों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि रातभर तेज रफ्तार से दौड़ने वाले ट्रैक्टरों के कारण लोगों की नींद प्रभावित होती है। वहीं तेज गति से वाहन चलाए जाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अनियंत्रित ट्रैक्टर नालियों और मकानों की दीवारों को भी क्षतिग्रस्त कर चुके हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध रेत परिवहन में लगे कुछ ट्रैक्टर नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे हैं। साथ ही कई चालक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है, जिससे अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए तथा कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।

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    <title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव 29 जून को करेंगे 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-29 05:55:09</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जून को नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे।

अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट के नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट के शाजापुर सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आयी है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है।

एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने बताया कि लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी 1593.98 करोड़ की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे।

परियोजनाओं का विवरण

*नीमच सोलर पार्क (500 मेगावॉट) - यूनिट-1 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.14 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट।

*शाजापुर सोलर पार्क (450 मेगावॉट) - यूनिट-1 : 2.35 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.33 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.339 रुपये प्रति यूनिट।

*आगर सोलर पार्क (550 मेगावॉट) (निर्माणाधीन) -यूनिट-1 : 2.45 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-2 : 2.44 रुपये प्रति यूनिट।</description>
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    <title> 01 जुलाई से सीधी जिले की सभी यात्री बसें नवीन बस स्टैंड से होंगी संचालित</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-28 21:56:02</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत जिला प्रशासन ने 01 जुलाई 2026 से सीधी जिले की समस्त यात्री बसों का संचालन नवीन बस स्टैंड से किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। इस तिथि के बाद पुराने बस स्टैंड से किसी भी यात्री बस का संचालन नहीं होगा और जिले की सभी बसें केवल नवीन बस स्टैंड से ही संचालित की जाएंगी।

यह निर्णय शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने, मुख्य मार्गों पर लगने वाले यातायात जाम को कम करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नवीन बस स्टैंड के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

जिला प्रशासन ने सभी बस संचालकों, वाहन स्वामियों एवं चालकों को निर्देशित किया है कि वे 01 जुलाई से अपनी सभी बसों का संचालन केवल नवीन बस स्टैंड से करें। पुराने बस स्टैंड या किसी अन्य अनधिकृत स्थान से बसों का संचालन अथवा सवारी बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभागों द्वारा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। आदेशों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों एवं वाहन स्वामियों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 तथा अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत चालानी कार्रवाई के साथ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों एवं यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के लिए केवल नवीन बस स्टैंड का ही उपयोग करें और सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
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  <item>
    <title>स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता में टॉप पर, सीएम डॉ. मोहन बोले- माता-पिता के बाद डॉक्टर ही भगवान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-28 19:29:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- 'कहावत है कि हमने भगवान नहीं देखा, लेकिन कष्ट से समय जब हम डॉक्टरों को अपना इलाज करते देखते हैं और ठीक होते हैं तो हमें लगता है कि माता-पिता के बाद यही भगवान हैं, जो हमारे सामने खड़े हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि हमारे सभी फील्ड के डॉक्टरों का रिकॉर्ड तारीफ के काबिल है। हमने सरकार के गठन के साथ ही स्वास्थ्य को प्राथमिकता पर रखा। यही कारण है कि हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई प्रयोग भी किए। हमने दो मंत्रालयों को एक किया, भले ही यह चुनौतीपूर्ण था।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 जून को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन  एवं प्रबंधकीय अकादमी में कही। सीएम डॉ. यादव ने यहां पल्स पोलियो अभियान और सुमन पंचायत कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने स्टेट एंट्रीबेक्टीरियल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी का अनावरण भी किया। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान और स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना के समय जब पूरी दुनिया में हाहाकार मचा था, उस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की मदद से हम उस विभीषिका से बाहर निकले। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा की थी, उस वक्त मैं डर गया था। प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, उनका आप पर, जनता पर, देश की क्षमता पर जो विश्वास था, उसका परिणाम हमें मिला। कोविड के उस दौर में दुनिया ने भारत को इस बीमारी से निपटते भी देखा और इससे बचकर आगे बढ़ते भी देखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कई संकल्प हाथ में लिए। देश की सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमाओं के पार से आने वाले स्वास्थ्य संकटों से मुकाबला करना भी उतना ही आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग की स्टेट एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी इसी सोच का सशक्त उदाहरण है और वास्तव में एक अतुलनीय पहल है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना हम सभी की जिम्मेदारी है। हम 'सर्वे सन्तु निरामया' के मंत्र पर चलते हैं, लेकिन यह केवल बोलने से नहीं होता। यह हमारी संस्कृति का मूल भी है, अंत्योदय सुशासन का संकल्प भी है। यह मंत्र युवा-नारी-गरीब-किसान के कल्याण के लिए समग्र रूप से काम करता है। 

*बड़े स्तर पर चल रहा पोलियो अभियान*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान योजना के लिए 60 करोड़ से अधिक भाई-बहनों को रक्षा कवच प्रदान किया। पुराने दौर में लगता था कि बीमारी का इलाज कराने विदेश जाना होगा, वह भी बीमा पॉलिसी के भरोसे। लेकिन, आज बीमा पॉलिसी के भरोसे आज विदेश में भी बड़े पैमाने पर लोग भारत की तरफ देख रहे हैं। भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जहां चाहो इलाज कराओ का रास्ता निकाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल हमारे लिए वरदान है। उनके माध्यम से हमारे बड़े-बड़े लक्ष्य पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, यकृत मिशन, सिकल सेल उन्मूलन, एक के  बाद एक योजनाओं से भारत की जनता को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जब लाड़ली बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने का भी संकल्प लिया गया है। मातृ दो महीन में हमारे विभाग ने इस बीमारी के टीकाकरण का 96 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के लिए प्रदेश में 1400 विशेष मोबाइल टीमें बनी हैं। 43 हजार टीमें घर-घर जाकर वैक्सीनेशन करेंगी। 1 लाख 66 हजार वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर इस अभियान में लगे हैं। प्रदेश में 83 हजार पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। मैं अभियान के लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूं।</description>
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    <title>सीएम डॉ. मोहन ने कुकरू में किया योग-रोपा पौधा, की अपील- योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं हम</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-28 10:32:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/बैतूल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल के हिल स्टेशन कुकरू में 28 जून की शुरुआत योगाभ्यास से की। उन्होंने सभी को अपनी जीवनशैली में योग को शामिल करने का सन्देश भी दिया। इससे साथ-साथ उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रुद्राक्ष पौधा भी रोपा। उनकी योग और पौधरोपण करती तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर हुईं। सीएम डॉ. मोहन ने यहां के कॉफी बगान का निरीक्षण भी किया। 

बता दें, मुख्यमंत्री. मोहन यादव ने यहां मयूर आसन,शीर्षासन सहित अन्य कठिन आसनों को भी करके दिखाया। इस दौरान प्रमुख रूप से ताड़ासन,वृक्षासन, त्रिकोणासान, भद्रासन  वक्रासन,भुजंगासन ,शलभासन आदि आसनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया गया। योगाभ्यास में नाड़ी शोधन, तितली और भ्रामरी प्राणायाम भी किया गया। इस दौरान अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे भी मौजूद थे। 

ऊर्जा प्रदान करता है योग
योगाभ्यास के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, आज बैतूल जिले के कुकरू में स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया। योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलन, ऊर्जा एवं सकारात्मकता प्रदान करता है। स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।</description>
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  <item>
    <title>आज से शुरू होगा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, जिले के 1.92 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दवा</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-28 08:55:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>1182 पोलियो बूथ बनेंगे, तीन दिन चलेगा अभियान; अभिभावकों से बच्चों को बूथ तक लाने की अपील

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में 28 से 30 जून तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद दवा पिलाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने जिले के सभी अभिभावकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने की अपील की है।

सीएमएचओ डॉ. खरे ने बताया कि जिले में इस बार 1 लाख 92 हजार 650 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2 लाख 25 हजार 784 घरों तक स्वास्थ्य विभाग की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के पहले दिन 28 जून को जिलेभर में 1182 पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।

अभियान के सफल संचालन के लिए 1376 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें 2762 वैक्सीनेटर और 184 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 25 ट्रांजिट बूथ बनाए जाएंगे, जबकि प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 6 विशेष मोबाइल टीमें भी कार्य करेंगी।

डॉ. खरे ने कहा कि पोलियो एक गंभीर और संक्रामक बीमारी है, जो बच्चों को आजीवन दिव्यांग बना सकती है। भारत वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है, लेकिन पड़ोसी देशों में अभी भी इसके मामले सामने आने के कारण सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चे को पहले पोलियो की खुराक मिल चुकी हो, तब भी प्रत्येक अभियान में अतिरिक्त खुराक अवश्य पिलानी चाहिए।

सीएमएचओ ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे 28 जून को अपने निकटतम पोलियो बूथ पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं तथा यदि किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाते हैं तो 29 और 30 जून को घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें।

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  <item>
    <title>हिल स्टेशन कुकरू पहुंचे सीएम डॉ. मोहन, ग्रामीणों-महिलाओं ने बताया पहले से कितनी बेहतर हुई जिंदगी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-27 22:10:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/बैतूल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को दो दिन के प्रवास के लिए बैतूल के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू पहुंचे। उन्होंने यहां कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह द्वारा तैयार किए गए मावा और रबड़ी का स्वाद लिया तथा महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं से समूह की गतिविधियों, आय के स्रोत तथा शासकीय योजनाओं से प्राप्त सहयोग की जानकारी ली और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा उन्होंने कुकरू से सिपना सनसेट पॉइंट भी देखा। वे यहां के प्राकृतिक वातारवरण में खो से गए। 

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दुकान में उपलब्ध मावा  बनाने की प्रोसेस को देखा और महिलाओं से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह कुकरू की अध्यक्ष शोभा गायने ने बताया कि समूह को विभिन्न योजनाओं के तहत सीसीएल से 3 लाख रुपये, सीआईएफ से 1 लाख रुपये, आरएफ से 11 हजार रुपये तथा पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि समूह में 11 सदस्य कार्यरत हैं। आजीविका मिशन से मावा बनाने की स्वचलित मशीन क्रय की गई। इससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपए की मासिक आय प्राप्त हो रही है। समूह की सदस्य महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी एवं श्रीखंड निर्माण के साथ-साथ कृषि कार्य भी कर रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाओं को लगभग 15 से 18 हजार की मासिक आय प्राप्त हो रही है। जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। 

सीएम डॉ. मोहन ने दिए ये निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुकरू का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने कुकरू स्थित सिपना सनसेट पॉइंट पर पहुंचकर सूर्यास्त के मनोहारी एवं अलौकिक दृश्य का अवलोकन किया तथा क्षेत्र की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। वे कुकरू की रमणीय पर्वत श्रृंखलाओं, हरित वनों और प्राकृतिक वातावरण से अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि कुकरू प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित होने की अपार संभावनाएं रखता है। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से समृद्ध कुकरू न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगा।</description>
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    <title>सीधी:7 दिन में जमा करें बैंक ऋण, नहीं तो वेतन से होगी सीधी कटौती</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-27 20:44:39</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>कलेक्टर विकास मिश्रा का सख्त निर्देश, डिफॉल्टर शासकीय कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सीधी के प्रशासक एवं कलेक्टर विकास मिश्रा ने ऋण अदायगी में लापरवाही बरतने वाले शासकीय कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को बैंक मुख्यालय में आयोजित ऋण वसूली समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत जिन कर्मचारियों के बैंक ऋण खाते ओवरड्यू अथवा एनपीए श्रेणी में पहुंच गए हैं, वे आगामी 7 दिनों के भीतर अपनी बकाया राशि जमा करें।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई शासकीय कर्मचारी लंबे समय से बैंक ऋण की किश्तें समय पर जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति और नए ऋण वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

कलेक्टर ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभाग के डिफॉल्टर कर्मचारियों की पहचान कर निर्धारित समयसीमा के भीतर ऋण की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवक के रूप में वित्तीय अनुशासन का पालन करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर संबंधित कर्मचारी बकाया ऋण जमा नहीं करते हैं, तो नियमानुसार उनके आगामी माह के वेतन से ऋण की बकाया राशि की सीधी कटौती कर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के खाते में जमा कराई जाएगी। इस मामले में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि सहकारी बैंक किसानों, स्व-सहायता समूहों और आम नागरिकों को ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में समय पर ऋण वसूली बैंक की वित्तीय मजबूती और नए ऋण वितरण के लिए आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा करते हुए ऋण वसूली अभियान में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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    <title>सिंहस्थ को लेकर सीएम डॉ. मोहन ने सुनाए रोचक किस्से, बताया क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इस बार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-27 17:28:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/उज्जैन(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को उज्जैन में आयोजित 'सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प' कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यशाला में वे अधिकारी और लोग शामिल हुए, जिन्हें पिछले कुंभ मेलों का अनुभव था। अधिकारियों ने कुंभ को लेकर अपने-अपने अनुभव भी साझा किए। उनके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कुंभ मेलों से जुड़े उनके रोचक अनुभव सुनाए। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो। आसपास के राज्यों से भी समन्वय करने की जरूरत है। इस बार का सिंहस्थ भव्य होगा। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उज्जैन से हमारा संबंध है। महाकाल की नगरी उज्जैन से जुड़ने पर जीवन धन्य होता है। मनुष्य तो छोड़ो देवताओं की भी कामना होती है कि काश उज्जैन में निवासरत होने का अवसर मिले। इसके इतिहास के साक्षी बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दौर बदल रहा है। वो दिन गए जब हम बड़े दिनों-त्योहारों का इंतजार करते थे, अब तो 12 महीने बसंत है, आनंद का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में धार्मिक पर्यटन भी लोगों को आकर्षित कर रहा है, इस तरह के नगर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा ऐसे काम करने की है, जिसके दूरगामी परिणाम हों। बाबा महाकाल की कृपा से कोई आदमी इस तरह के शहर से निकलता है और सरकार के सर्वोच्च पद पर बैठता है। महाकाल की नगरी से आपका भी जुड़ना एक संयोग है। इस तरह आपका और हमारा भी अमृत कुंभ चल रहा है। 

सभी के अनुभव जानना जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 80 के दशक के कुंभ में मैं स्काउट गाइड के सदस्य के रूप में यहां सेवा कर रहा था। इसी तरह 1992 के कुंभ में मैं सिंहस्थ समिति में था। एक बार मुझे बुजुर्ग कार्यालय सहायक ने दरवाजे पर रोक दिया। पूछा कि कहां जा रहे हो, मैंने कहा कि मैं मोहन यादव हूं तो उन्होंने कहा कि मैं तो उनको जानता हूं, तुम्हारे बराबर तो उनके बच्चे होंगे। वो बोले कि तुम जाओ यहां से। मैंने कहा कि मैं ही मोहन यादव हूं, मुझे ही जाना है। फिर जैसे-तैसे वो वाक्या पूरा हुआ। यह सब मैं इसलिए बता रहा हूं क्योंकि, उस समय जब सिंहस्थ समिति बनती थी, तो सब लोगों को उसमें जोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि अभी हमने कुछ समितियों का गठन नहीं किया है। हम चाहते हैं कि केवल उज्जैन के प्रतिनिधि इसमें शामिल न हों, बल्कि अन्य लोग को भी इसमें जोड़ा जाए। ताकि, आप सभी के अनुभव का लाभ मिले। 

सारी पुरानी रुकावटें दूर करने का प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ सबका है। पुराने समय और अभी के समय में अंतर है। पहले एक-दो होटल होती थीं, जिसमें से कुंभ के बाद एक बंद हो जाती थी। लेकिन, अब लोगों को ठहराना बड़ी चुनौती है। आज उज्जैन का समय बदल गया है। हम पुराने दौर के सारे दबाव दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने हर रोड चौड़ी की है, ताकि बाहर से आने वालों को समस्या न हो। हमने स्नान की चुनौती भी करीब-करीब पूरी कर ली है। सारे देव स्थानों को बड़ा किया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नदी तो हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मिट्टी की वजह से इसकी धारा कभी दाएं-कभी बाएं मुड़ जाती थी, लेकिन अब घाट पक्के होने से यह समस्या दूर हो गई है। पहले जिन लोगों को धर्मशाला मिलनी चाहिए, उसे नहीं मिल पाती थी। लेकिन, इस बार इसका भी ख्याल रखा गया है। हमें रेलवे में हुए बदलाव का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार के सिंहस्थ के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय करना पड़ेगा, ताकि अव्यवस्था फैलने से रोका जा सके। मेरी शुभकामना है कि 2028 का सिंहस्थ भव्य रूप से करेंगे।</description>
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    <title>बहरी में आज लगेगा युवा संगम मेला</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-27 09:54:09</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>एक ही मंच पर मिलेंगे रोजगार, स्वरोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए आज शनिवार, 27 जून को शासकीय विद्यालय बहरी परिसर में एक दिवसीय युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा, जहां युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के विभिन्न अवसर एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार आयोजित होने वाला जून माह का युवा संगम मेला कलेक्टर के निर्देशानुसार 16 जून के स्थान पर आज 27 जून को आयोजित किया जा रहा है।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला रोजगार कार्यालय, शासकीय आईटीआई एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सीधी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले में देश, प्रदेश एवं स्थानीय स्तर की प्रतिष्ठित निजी कंपनियां भाग लेंगी। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा स्वरोजगार योजनाओं, ऋण सुविधाओं, कौशल विकास प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप से संबंधित स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

मेले में युवाओं को रोजगार के अवसरों के साथ-साथ उद्यमिता, स्वरोजगार योजनाओं और कौशल विकास संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के अधिक से अधिक शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों से अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, बायोडाटा, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ मेले में उपस्थित होकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की है।

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    <title>15 जिलों में एंट्री के बाद आगे नहीं बढ़ा मानसून, आज रीवा-सीधी समेत कई जिलों में बारिश के आसार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-27 07:53:24</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के शेष हिस्सों में मानसून के पहुंचने के लिए अभी दो से तीन दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक 24 जून को मानसून ने प्रदेश में प्रवेश किया था। सबसे पहले आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून की एंट्री दर्ज की गई थी। इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि परिस्थितियां अनुकूल होने पर मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग के जिलों में आगे बढ़ेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल अंचल में इसकी दस्तक सबसे अंत में होगी।

इस बीच शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने तथा किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी है।
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    <title>सीएम डॉ. मोहन ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, कहा- आपकी वजह से भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-26 20:18:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 जून को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी शांति लाल संघवी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने हमेशा देश की लड़ाई को रोकने का प्रयास किया। हमारे देश के आजाद होने के बाद कई राष्ट्र आजाद हुए। जापान तो द्वितीय विश्वयुद्ध में करीब-करीब खत्म हो गया था, लेकिन वो देश आज कहां हैं और हमारा देश कहां है। इंदिरा गांधी की आज चौथी पीढ़ी मैदान में हैं, लेकिन विचारधारा और नीति में कांग्रेस न तब सुधरी थी, न अब सुधरी है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान चुनौती भरा माहौल था। घर के मुखिया को उठाकर सीधे जेल में बंद कर देते थे। उसके बाद न वकील, न अपील, न दलील। किसी को कुछ पता नहीं होता था कि क्या होगा। बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे, कौन घर देखेगा, कौन फीस भरेगा। मीसाबंदियों से कहा जाता था कि कांग्रेस में शामिल हो जाओ, इंदिरा की जय-जयकार करो तो छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के समान है। आपकी लड़ाई की वजह से आज लोकतंत्र सुरक्षित है। जिसके कारण गरीब परिवार से निकला हुआ व्यक्ति आज देश का प्रधानमंत्री है। मुझे आज इस बात पर गर्व है कि आज हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है।

कांग्रेस ने किया संविधान का दुरुपयोग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा आज हमारा देश प्रगति कर रहा है। जबकि, हमारे साथ ही आजाद हुए पाकिस्तान में लोकतंत्र बेहाल है। आज के समय में लोकंतत्र की मशाल को जलाए रखना, हमारे लिए जरूरी है। कांग्रेसी हाथ में संविधान की किताब लेकर बात करते हैं, लेकिन संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किसी न किया है, तो वो कांग्रेस ही है। उनकी पांच पीढ़ियों ने दुरुपयोग किया है। वो किस मुंह संविधान की बात करते हैं। कांग्रेस ने केवल एक परिवार को आगे बढ़ाया, बाकी लोगों को दबा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शासन करने का बहुत लंबा समय मिला, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10-12 साल का समय मिला। इतने सालों में कितने प्रकार के काम हुए। यह वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष है। उन्होंने कहा कि हम सबको इस बात पर गर्व है कि हम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसे विशाल परिवार का हिस्सा हैं। यह परिवार तब-तब कसौटी पर खरा उतरा है, जब-जब देश को जरूरत पड़ी है। 

आपातकाल को किया याद
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आज 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे मीसाबंदियों का सम्मान हो रहा है। प्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा चली आ रही है। डॉ. मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे। उन्होंने मीसाबंदियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह हमारा सौभाग्य है कि आज एक मीसाबंदी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। लोकतंत्र सेनानी जब मिलते हैं तो एक ऊर्जा प्रवाहित होती है। एक शख्सियत ने अपनी जिद के लिए लोकतंत्र को खत्म कर उनके फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नागरिकों को जेलों में डाला। लोकनायक जयप्रकाश अग्रवाल देश में लोकतंत्र की मिसाल हैं। कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी कोई आस्था नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में भारत परमाणु शक्ति संपन्न बना। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग को समझा और दिल से उनका सम्मान समारोह आयोजित कराने की शुरुआत की है। अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानी और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण पत्र जारी कर कई प्रकार की सुविधाएं दी हैं। देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कीं ये घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए एक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने की घोषणा की। लोकतंत्र सेनानी प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन नि:शुल्क ठहर सकेंगे। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर उनके गांव, कस्बों में शिलालेख स्थापित करने के साथ ही स्थानीय पार्क, मार्ग और खेल मैदानों के नाम लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखे जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क इलाज और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। जो लोकतंत्र सेनानी ताम्रपत्र प्राप्त करने से वंचित हैं, बहुत जल्द उन्हें भी ताम्रपत्र दिए जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों को पूरा सम्मान मिले, यह सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के कल्याण के लिए उनके सुझावों को भी लागू किया जाएगा।</description>
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    <title>खुद बने मिसाल: कलेक्टर और जिला पंचायत CEO ने किया रक्तदान</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-26 20:16:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी में आयोजित शिविर में 18 यूनिट रक्त संग्रहित, युवाओं से नियमित रक्तदान की अपील

सीधी(ईन्यूज एमपी)- मानवता की सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक संदेश देते हुए जिला रक्त केंद्र, सीधी में कलेक्टर विकास मिश्रा के मार्गदर्शन में शुक्रवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कलेक्टर विकास मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने स्वयं रक्तदान कर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया तथा नागरिकों, विशेषकर युवाओं से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा जीवनदान है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। यदि समाज में नियमित रक्तदान की संस्कृति विकसित हो जाए तो किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

शिविर में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कुल 18 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य विशेष अवसरों को रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से जोड़ें और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करें।

शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग एवं जिला रक्त केंद्र की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे, सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे, ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अमन सिंह चंदेल, पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुनिधि सिंह सहित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से शिविर का सफल संचालन किया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए संपूर्ण जीवन का उपहार बन सकता है। रक्तदान न केवल किसी की जान बचाता है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी सशक्त बनाता है।
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    <title>रीवा संभाग में राजस्व रिकॉर्ड पर कमिश्नर का बड़ा एक्शन, छह कलेक्टरों को सख्त निर्देश</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-26 18:44:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- रीवा संभाग के नवागत कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने पदभार संभालते ही राजस्व अभिलेखों को लेकर बड़ी पहल की है। उन्होंने रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज के कलेक्टरों को पत्र जारी कर राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्य में तेजी लाने और जमीनी हकीकत के अनुरूप रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि राजस्व रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की विसंगति आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रही है और इससे शासन की छवि भी प्रभावित होती है।

 जारी पत्र में कमिश्नर ने कहा है कि उनके संज्ञान में आया है कि कई स्थानों पर खसरा, नक्शा और मौके की वास्तविक स्थिति में एकरूपता नहीं है।इसके कारण आम नागरिक अपनी ही भूमि से संबंधित मामलों में भ्रम की स्थिति का सामना करते हैं और शिकायत लेकर अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं।

कमिश्नर ने याद दिलाया कि राजस्व अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे मौके की स्थिति के अनुरूप राजस्व अभिलेखों को स्वतः अद्यतन रखें। इसके लिए किसानों या आम नागरिकों से आवेदन लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि विशेष अभियान चलाकर खसरा, नक्शा और मौके की स्थिति का मिलान कर अभिलेखों को अपडेट कराया जाए।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अभियान की हर 15 दिन में समीक्षा स्वयं कमिश्नर कार्यालय द्वारा की जाएगी, जिससे कार्य की प्रगति पर लगातार निगरानी बनी रहे।

गौरतलब है कि जिन छह जिलों के कलेक्टरों को यह पत्र भेजा गया है, उनमें रीवा, सीधी और सिंगरौली के कलेक्टर अपनी सक्रिय कार्यशैली, जनसुनवाई और सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए इनकी सराहना भी होती रही है। इसके बावजूद भूमि अभिलेखों में व्याप्त विसंगतियां और राजस्व संबंधी शिकायतें पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी हैं। यही वजह है कि नवागत कमिश्नर ने इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए व्यापक सुधार अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

राजस्व मामलों में यह पहल किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों के लिए राहत देने वाली मानी जा रही है। यदि निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो जमीन संबंधी विवादों में कमी आने के साथ-साथ लोगों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।</description>
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    <title>कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में सीएस सख्त, इंदौर और सिंगरौली कलेक्टर को लगाई फटकार</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-26 09:54:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- राजधानी भोपाल में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्वास्थ्य संबंधी सूचकांकों (हेल्थ इंडिकेटर्स) में लापरवाही को लेकर कई जिलों के कलेक्टरों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कलेक्टर बिना पूरी जानकारी के आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इंदौर और सिंगरौली के कलेक्टरों को फटकार लगाई। सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि जिले में 100 में से केवल 25 गर्भवती महिलाओं तक ही आवश्यक दवाएं पहुंच पा रही हैं, जबकि इस दिशा में बेहतर कार्य की जरूरत है।

वहीं इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को भी गलत आंकड़े प्रस्तुत करने और समीक्षा बैठक के दौरान मोबाइल देखकर जानकारी देने पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए।

मुख्य सचिव ने इंदौर कलेक्टर से कहा, *"आपने यूपीएससी टॉप किया होगा, आप इंटेलिजेंट भी होंगे, लेकिन जो एसीएस बताना चाह रहे हैं, उसे भी सुनिए। मोबाइल देखकर आंकड़े मत बताइए।"*

मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित समीक्षा करें, जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाएं और सही व अद्यतन आंकड़ों के साथ ही समीक्षा बैठकों में शामिल हों, ताकि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

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    <title>जिला चिकित्सालय सीधी में वृहद रक्तदान शिविर आज</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-26 06:53:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार खरे ने जिलेवासियों से की स्वैच्छिक रक्तदान की अपील

सीधी(ईन्यूज एमपी)- मानवता की सेवा और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज शुक्रवार, 26 जून को जिला चिकित्सालय सीधी में वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगा, जिसमें जिले के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने समाजसेवी संगठनों, युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, शासकीय एवं अशासकीय कर्मचारियों सहित सभी स्वस्थ नागरिकों से इस पुनीत अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनदान साबित हो सकता है तथा एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

डॉ. खरे ने बताया कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। स्वस्थ व्यक्ति नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकता है, जिससे शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण भी होता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करता है।

उन्होंने जानकारी दी कि शिविर में जिला चिकित्सालय की ब्लड बैंक टीम द्वारा रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच, हीमोग्लोबिन परीक्षण और सुरक्षित रक्त संग्रहण की समुचित व्यवस्था की गई है। रक्तदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र और स्वल्पाहार भी प्रदान किया जाएगा।

सीएमएचओ ने कहा कि थैलेसीमिया, एनीमिया, प्रसूति, दुर्घटना और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान अनेक लोगों के जीवन की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जिलेवासियों से आज आयोजित रक्तदान शिविर में पहुंचकर मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देने की अपील की।

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    <title>सीएम डॉ. मोहन ने हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर किए 203.56 करोड़, कहा- बुजुर्गों-असहाय लोगों का आदर करना हमारा धर्म</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-25 17:51:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जून को सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण के लिए मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने 33 लाख 92 हजार 695 से अधिक भाई-बहनों और बुजुर्गों के खातों में मई महीने की 203 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि सिंगल क्लिक से उनके खातों में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि घर में बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद होना, तपती धूप में ठंडी छांव के समान होता है। हमारी संस्कृति में बुजुर्गों, असहायों और समाज के सबसे कमजोर वर्ग को आदर देना केवल कर्तव्य नहीं बल्कि हमारा धर्म माना गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि राज्य का कोई भी निर्धन परिवार, माताएं, बहनें या हमारे दिव्यांग साथी स्वयं को बेसहारा न समझें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के कल्याण में जुटी है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं है, अपितु निर्धन परिवारों, दिव्यांग साथियों में आपके प्रति सरकार का स्नेह, सम्मान और सुरक्षा का वचन है। राज्य सरकार सभी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसान हितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के किसानों को शून्य ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा और इसे चुकाने की समयावधि 31 मार्च नहीं होगी, बल्कि किसान जिस तारीख को कर्ज लेंगे, उसे अगले 12 माह की अवधि में लोन भरना होगा। 

10 साल में देश के 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज देश का प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है। पिछले 10 वर्षों में देश के 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत, जल-जीवन मिशन, उज्जवला योजना जैसी योजनाओं ने जन-कल्याण का इतिहास लिखा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी है। सरकार गरीब, युवा, नारी और किसान कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से वरिष्ठजन, माताएं-बहनें और हितग्राही वर्चुअली सम्मिलत हुए।</description>
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    <title>महुआ गुठली बीनने गए बुजुर्ग पर बाघ का हमला, मौत; शव के पास घंटों बैठा रहा टाइगर</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-25 11:57:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>उमरिया(ईन्यूज एमपी)- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में गुरुवार को बाघ के हमले में एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान लगभग 60 वर्षीय अन्नू रजक के रूप में हुई है, जो उत्तर पलझा क्षेत्र में महुआ गुठली बीनने के लिए जंगल गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, जब बुजुर्ग काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल में एक महुआ पेड़ के नीचे उनके जूते और शर्ट मिले, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने हाथियों की मदद से सघन सर्च अभियान शुरू किया।

काफी मशक्कत के बाद जंगल की झाड़ियों में बुजुर्ग का शव मिला। बताया जा रहा है कि शव के पास ही बाघ बैठा हुआ था, जिसके कारण वन अमले को रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। वन विभाग की टीम हाथियों की सहायता से बाघ को शव से दूर हटाने का प्रयास करती रही।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जांच में बुजुर्ग की मौत बाघ के हमले से होना माना जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जून माह में बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों ने वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा प्रभावित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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    <title>27 जून को भोपाल में जुटेंगे उद्यमी, ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश’ सम्मेलन में शामिल होंगे सीएम मोहन यादव</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-25 10:40:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर 27 जून को राजधानी भोपाल में “सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश” सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य रूप से शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को नई दिशा देना, निवेश को प्रोत्साहित करना तथा उद्यमियों को वित्त, निर्यात और नवाचार से जुड़ी नई संभावनाओं से जोड़ना है। 

सम्मेलन में प्रदेशभर के उद्यमी, उद्योग प्रतिनिधि, स्टार्टअप संस्थापक, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और नीति विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई क्षेत्र में निवेश, वित्तीय सहायता, निर्यात विस्तार, तकनीकी नवाचार और उद्यम विकास जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। 

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच, वैश्विक निर्यात अवसरों और पूंजी उपलब्धता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही उद्योग जगत के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के साथ संवाद का अवसर भी मिलेगा। 

प्रदेश सरकार एमएसएमई क्षेत्र को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार मानते हुए लगातार नई पहल कर रही है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत औद्योगिक एवं स्टार्टअप इकाइयों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन मध्यप्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को नई गति देने, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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    <title>अगले 2-3 दिन में पूरा प्रदेश होगा मानसूनमय, सीधी में लू तो कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-25 07:54:24</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है, जबकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में पूरे प्रदेश को मानसून के दायरे में आने की संभावना जताई है। गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर, शहडोल और रीवा संभाग के अधिकांश जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की भी संभावना जताई गई है। दूसरी ओर नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

मौसम विभाग ने बताया कि भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सतना, सीधी, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

### इन 15 जिलों में पहुंच चुका है मानसून

मौसम विभाग ने आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून की एंट्री की पुष्टि की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। ग्वालियर-चंबल अंचल में सबसे अंत में मानसून पहुंचने की संभावना है।

प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट आने और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने तथा आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

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    <title>साहस की मूर्ति को सीएम डॉ. मोहन ने किया नमन, कहा- अद्वितीय पराक्रम-साहस की मिसाल थीं वीरांगना रानी दुर्गावती</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-24 18:45:14</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जून को वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन वीरांगना रानी दुर्गावती के समाधि स्थल नर्रई नाला पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरूआत में ग्राम नर्रई नाला स्थित वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीद वीर नारायण की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही गौंड समाज के आराध्य देवता बड़ा देव का पूजन-अर्चन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती, अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहस की प्रतिमूर्ति थीं। नारी शक्ति का पराक्रम मां दुर्गावती के व्यक्तित्व में नजर आता है। मुगलों को युद्धों में धूल चटाने वाली ऐसी वीरांगना रानी दुर्गावती का आज 463वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य में 52 गढ़ों पर शासन किया। पति की असमय मृत्यु के बाद 5 साल के बेटे को सिंहासन पर बैठाया और 15 साल तक जनता की सेवा के लिए और क्षेत्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। 

*प्रदेश के लिए सम्मान और आदर की बात*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती का जन्म हुआ, लेकिन आज पूरा देश और प्रदेश उन्हें आदर के साथ स्मरण करता है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश सरकार के गठन के बाद मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित कर आयोजित की गई थी। इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती के गौंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। 

*नए संस्थान का जल्द होगा लोकार्पण*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती को समर्पित नवीन संस्थान जबलपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से मदन महल के पास तैयार हो रहा है, जिसका लोकार्पण बहुत जल्द किया जाएगा। इस संस्थान से प्रदेश की भावी पीढ़ी रानी दुर्गावती के गौरवशाली अतीत और कार्यों से परिचित होंगी। जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर (जू) और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर बन रहा है। इसके साथ ही 35वीं बटालियन मंडला का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को सही रूप में प्रस्तुत करने के लिए 'विरासत से विकास' अभियान शुरू किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का शासन काल, गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग था। रानी दुर्गावती ने किसान कल्याण के लिए उस दौर में बीज संग्रह, फसल चक्रण और जल संचय के महत्वपूर्ण कार्य कराए थे। उनके प्रबंधन के परिणाम स्वरूप अनाज के भंडार भरे हुए थे।

*किसानों के कल्याण के लिए ठोस निर्णय ले रही है सरकार*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए संकल्पित है और पूरा वर्ष किसानों को समर्पित करते हुए ठोस निर्णय ले रही है। अब किसान बंधुओं के लिए शून्य ब्याज दर पर 31 मार्च तक कर्ज चुकाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, तब से एक वर्ष की समयावधि में कर्ज चुकाया जा सकेगा। राज्य सरकार 880 करोड़ रुपए का भुगतान वित्तीय संस्थाओं को करेगी। राज्य सरकार पर्यटन, उद्योगों और अधोसंरचना विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शासकीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करने पर सरकार किसानों को अब चार गुना मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना से कोदो-कुटकी पैदा करने वाले किसानों को लाभ मिल रहा है। प्रदेश की लाड़ली बहनों को हर माह जारी हो रहे 1500 रुपए से उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। रानी दुर्गावती द्वारा किसानों के कल्याण के लिये चलाए गए कार्यक्रमों से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार भी निरंतर कृषक हित में कार्य कर रही है। हमारी सरकार के पास किसान कल्याण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार कार्य कर रहे हैं। देश में पहली बार जनजातीय वर्ग द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर रही हैं। राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के भाव से काम कर रही है। हमारी सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है।</description>
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    <title>बस हादसे के बाद भड़का आक्रोश, बस में तोड़फोड़; चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-24 09:37:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार बस की टक्कर से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। हादसा रात करीब 8 बजे जयसवाल ढाबा के सामने हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने रीवा-सिंगरौली नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस काफी तेज गति से आ रही थी। इसी दौरान उसकी चपेट में आने से मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। बच्चे की मौत से आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

गुस्साए लोगों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार बस में तोड़फोड़ करते हुए उसके शीशे फोड़ दिए। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और रीवा-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

घटना की जानकारी मिलते ही बरगवां थाना पुलिस तथा जिले के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद यातायात व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई शुरू की गई।

बरगवां थाना प्रभारी मोहम्मद समीर ने बताया कि मृतक बच्चे के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है।

पुलिस ने यह भी बताया कि बस में तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

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    <title>5.25 करोड़ की लागत से बनेगा नवीन जनपद भवन, विधायक रीती पाठक ने किया भूमिपूजन</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-24 07:02:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के ग्राम पंचायत नौढ़िया में 5 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नवीन जनपद पंचायत कार्यालय भवन का भूमिपूजन समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सीधी विधायक रीती पाठक मुख्य अतिथि तथा जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

विधायक रीती पाठक ने कहा कि नवीन जनपद कार्यालय भवन केवल एक प्रशासनिक परिसर नहीं होगा, बल्कि यह आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और सुशासन को मजबूत करने का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे, इसी उद्देश्य से इस भवन का निर्माण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सीधी जिले में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। जिले में सांदीपनि विद्यालय, लॉ कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल उन्नयन, गोपालदास मंदिर जीर्णोद्धार, सड़कों का निर्माण, डिजिटल लाइब्रेरी, कन्या महाविद्यालय ऑडिटोरियम, नए बस स्टैंड और सब्जी मंडी जैसी अनेक परियोजनाएं विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं।

विधायक ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित सीधी की मजबूत नींव आज से ही रखनी होगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी से गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा में भवन निर्माण पूर्ण करने का आग्रह किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवीन जनपद कार्यालय भवन ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

कार्यक्रम में गोपद बनास एसडीएम प्रिया पाठक, समाजसेवी देवेंद्र सिंह मुन्नू, यदुनाथ सिंह चौहान, लालचंद गुप्ता, पुनीत नारायण शुक्ला, विश्वबंधु द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, पंकज पाण्डेय, योगेन्द्र सिंह चौहान, आरईएस के कार्यपालन यंत्री सी.एल. साकेत, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदूलाल पानिका सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


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    <title>भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में सीधी  सिंगरौली से चार नेताओं का प्रतिनिधित्व...</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-23 18:46:52</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश द्वारा घोषित नई प्रदेश कार्यसमिति में सीधी और सिंगरौली जिले के चार नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेतृत्व द्वारा जारी प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों की सूची में सीधी जिले से रीती पाठक, शरदेंदु तिवारी, कुंअर सिंह टेकाम और  सिंगरौली से गिरीश द्विवेदी को सदस्य बनाया गया है।

जारी सूची में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ विभिन्न जिलों के अनुभवी एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को स्थान दिया गया है। सीधी सिंगरौली जिले से चार नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किए जाने से जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

पूर्व सांसद सीधी विधायक एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता रीती पाठक को एक बार फिर प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व मिला है। वहीं पूर्व विधायक शरदेंदु तिवारी, धौहनी विधायक प्रदेश प्रवक्ता कुंअर सिंह टेकाम और सिंगरौली से गिरीश द्विवेदी को भी प्रदेश कार्यसमिति में शामिल कर संगठन ने उन पर विश्वास जताया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश कार्यसमिति में सीधी जिले का प्रतिनिधित्व बढ़ने से क्षेत्र के संगठनात्मक और विकास संबंधी मुद्दों को प्रदेश स्तर पर मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं को भी स्थान दिया गया है।

भाजपा मध्यप्रदेश प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सूची
1. डॉ. मोहन यादव
2. श्री शिवराज सिंह चौहान
3. डॉ. वीरेन्द्र कुमार
4. श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
5. श्री जगदीश देवड़ा
6. श्री राजेन्द्र शुक्ल
7. श्री डी.डी. उइके
8. श्रीमती सावित्री ठाकुर
9. श्री कैलाश विजयवर्गीय
10. श्री प्रह्लाद पटेल
11. श्री राकेश सिंह
12. श्री विष्णु दत्त शर्मा
13. श्री फग्गन सिंह कुलस्ते
14. श्री नरोत्तम मिश्रा
15. श्री लाल सिंह आर्य
16. श्री अरविंद भदौरिया
17. श्रीमती संपतिया उइके
18. श्री कुंअर विजय शाह
19. श्री इंदर सिंह परमार
20. श्री उदय प्रताप सिंह
21. श्री तुलसीराम सिलावट
22. श्री प्रहलाद सिंह पटेल
23. सुश्री निर्मला भूरिया
24. श्री गोविंद सिंह राजपूत
25. श्री विश्वास सारंग
26. श्री नारायण सिंह कुशवाह
27. श्री चेतन्य कुमार काश्यप
28. श्री भूपेन्द्र सिंह
29. श्रीमती कृष्णा गौर
30. श्रीमती संध्या राय
31. श्री गणेश सिंह
32. श्रीमती हिमाद्री सिंह
33. सुश्री कविता पाटीदार
34. श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि
35. श्रीमती माया नारोलिया
36. श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह
37. श्री हरिशंकर खटीक
38. श्री कमल पटेल
39. श्री गजेन्द्र पटेल
40. श्री रामस्वरूप शर्मा
41. श्री गिरिराज डण्डौतिया
42. श्री ओ.पी.एस. भदौरिया
43. श्री विपिन गोस्वामी
44. श्रीमती रक्षा सिरोनिया
45. श्री अभय चौधरी
46. श्रीमती इमरती देवी
47. श्री वीरेन्द्र जैन
48. श्री नरेन्द्र बिषेरे
49. श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया
50. श्री हरिसिंह यादव
51. श्रीमती विनोद पंथी
52. श्रीमती ललिता यादव
53. श्रीमती ममता गुप्ता
54. श्री गौरव तिवारी
55. श्रीमती रीती पाठक
56. श्री के.पी. त्रिपाठी
57. श्री अखण्ड प्रताप सिंह
58. श्री मुगेंद्र सिंह
59. श्री सरदेंदु तिवारी
60. श्रीमती रीति पाठक
61. श्री कुंवर सिंह टेकाम
62. श्री योगेश पाल गुप्ता
63. श्रीमती प्रेमवती खेखवार
64. श्री गिरीश द्विवेदी
65. सुश्री मीना सिंह मांडेवे
66. सुश्री जानवती

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    <title>स्कूल होंगे अपग्रेड, किसान कल्याण पर फोकस, जानें सीएम डॉ.मोहन ने कैबिनेट में क्या-क्या लिए फैसले?</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-23 16:57:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपयेकी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। 

मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या-विधवा-परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रुपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है।

शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन
कैबिनेट ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मेपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी। राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

किसानों के हित में अहम फैसला
कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी। इसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। योजना में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष बेस रेट के साथ-साथ डयू डेट आदि का निर्धारण किया जाता है और निर्धारित बेसरेट में से भारत सरकार से प्राप्त होने वाली ब्याज सहायता को कम करते हुए शेष राशि राज्य शासन द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है जिससे कृषकों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण उपलब्ध होता है।

शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एल एल बी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के 'लीगल एजुकेशन रूल्स' के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रुपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।</description>
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    <title>स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव: 1 जुलाई से सभी कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य, आदेश जारी</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-23 12:27:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अब ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1 जुलाई 2026 से विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों एवं प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शासकीय कर्मचारी "हमारे शिक्षक" प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे।

लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल से जारी आदेश में बताया गया है कि पूर्व में शिक्षकों के लिए लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अब विभाग के सभी शासकीय कर्मचारियों तक विस्तारित किया जा रहा है। इसके तहत कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपस्थिति और अवकाश का विवरण दर्ज करेंगे।

आदेश के अनुसार संबंधित कार्यालय प्रमुख और प्रशिक्षण संस्थान प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ सभी कर्मचारी "हमारे शिक्षक" पोर्टल पर ऑनलाइन होकर नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज करें। साथ ही निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित प्रमुखों की होगी।

विभाग का मानना है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों की उपस्थिति पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी तथा कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। इससे कार्यालयों में समयबद्धता और अनुशासन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार लगातार शासकीय व्यवस्थाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है। इसी कड़ी में अब स्कूल शिक्षा विभाग के समस्त कर्मचारियों को भी डिजिटल उपस्थिति प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।

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    <title>5 दिन से लापता मासूम का जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव, हत्या या जंगली जानवर का हमला? जांच में जुटी पुलिस</title>
    <lastmod>2026-08-04T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-23 10:10:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>डिंडौरी(ईन्यूज एमपी)- जिले के करंजिया क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। 17 जून से लापता पांच वर्षीय मासूम इमरान खान का शव जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। शव के अंग अलग-अलग स्थानों पर बिखरे मिले, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। 

जानकारी के अनुसार, करंजिया थाना क्षेत्र के ग्राम तरेरा निवासी इख्तियार खान का पांच वर्षीय पुत्र इमरान खान 17 जून की सुबह करीब 7 बजे घर से अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद करंजिया थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। 

मासूम की तलाश के लिए करंजिया, समनापुर और बजाग थाना पुलिस पिछले पांच दिनों से जंगलों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रही थी। सोमवार सुबह एक महिला ने जंगल में बच्चे के शव के अंग बिखरे होने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान इमरान खान के रूप में की। बताया जा रहा है कि शव के अंग घर से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर जंगल में अलग-अलग स्थानों पर मिले। 

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अशीष खरे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और डॉग स्क्वाड टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस हत्या, दुर्घटना और जंगली जानवर के हमले सहित सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। 

हालांकि परिजन और ग्रामीण इस घटना को हत्या का मामला मान रहे हैं, वहीं पुलिस की प्रारंभिक आशंका जंगली जानवर के हमले की भी है, क्योंकि शव के अंग अलग-अलग स्थानों पर बिखरे मिले हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। 

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 




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