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  <title>EnewsMP.com - Hindi News, Rewa News, Madhya Pradesh News, Satna News, Sidhi News, City News, Latest News, Life Style And Vindhya Khabar</title>
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  <pubDate>2026-11-02T12:00:00</pubDate>


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    <title>शराब तस्करी रोकने पहुंचे TI को ट्रक ने कुचला, खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-11-02 12:30:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>देवास(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शराब से भरे संदिग्ध ट्रक को पकड़ने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए चालक ने ट्रक आगे बढ़ा दिया, जिससे उसका पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल टीआई को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच हरदा-नेमावर हाईवे की बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही देवास पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से भरा एक ट्रक इंदौर होते हुए गुजरात की तरफ जा रहा है। सूचना के आधार पर देवास एसपी ने संदिग्ध वाहन को पकड़ने के लिए पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित की थीं। इनमें कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें वाहन का पीछा कर रही थीं और रास्ते में नाकाबंदी भी की गई थी।

इसी दौरान हरदा-नेमावर हाईवे पर संदिग्ध ट्रक एक स्थान पर रुका। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरने के लिए कहा। इसी बीच दोनों के बीच झूमाझटकी होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि चालक ने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए ट्रक आगे बढ़ा दिया। इस दौरान टीआई नीचे गिर गए और वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।

घटना में शामिल वाहन का नंबर MP 43 H 4786 बताया गया है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में ट्रक से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई है। पुलिस अब शराब कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस कारोबार में किन लोगों की भूमिका है, इसकी पड़ताल कर रही है।

शराब तस्करी के मामले में हरदा के राहुल नामक व्यक्ति का नाम भी सामने आने की जानकारी है। हालांकि, पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


थाना प्रभारी दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के उप निरीक्षक थे। खातेगांव में पदस्थ होने से पहले वे सतवास थाने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके अलावा इंदौर के हीरानगर और चंदननगर थानों में भी पदस्थ रह चुके थे। करीब दो महीने पहले ही उन्हें खातेगांव थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

वे मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजन देवास पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को गृह ग्राम ले जाकर अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आई है।


गौरतलब है कि देवास जिले के चंदाना और बिजाना गांवों में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत के मामले के बाद से ही अवैध शराब कारोबार को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई चर्चा में है। ऐसे में शराब तस्करी रोकने के अभियान के दौरान एक थाना प्रभारी की मौत ने जिले में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।

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  <item>
    <title>अर्नव के बाद अब ‘मुरासु’ तूफान का असर, सीधी-सिंगरौली समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-11-02 07:31:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में अर्नव तूफान के असर के बाद अब नए तूफान 'मुरासु' के चलते मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 नवंबर तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौसम का असर देखने को मिलेगा। इसके चलते दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों को दिन में भी ठंड का एहसास होने लगा है।

पिछले चार दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, रात के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री तक कमी आई है। मौसम में आए इस बदलाव का असर खासतौर पर जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा।

सीधी-सिंगरौली सहित 15 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने सोमवार को जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली में तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले रविवार को सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई।

इन संभागों में दिखेगा ज्यादा असर

मौसम विभाग के मुताबिक मुरासु तूफान का प्रभाव जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के जिलों में अधिक रहने की संभावना है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।

नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज होने लगेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। नवंबर में ग्वालियर का न्यूनतम तापमान पहले 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि उज्जैन में 2.3 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड दर्ज किया जा चुका है।

भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी नवंबर के दौरान बारिश होने का पुराना ट्रेंड रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर फिर बारिश की संभावना बन सकती है।

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  <item>
    <title>सीधी में ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार, रीवा से खरीदकर करता था सप्लाई</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-11-01 18:37:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जमोड़ी पुलिस ने एक युवक को 10.05 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आईफोन 12 प्रो मोबाइल और करीब 1 लाख 30 हजार रुपये कीमत की मोटरसाइकिल भी जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक मोटरसाइकिल क्रमांक MP53 ZE 9892 से बाईपास रोड पर ब्राउन शुगर बेचने के लिए खड़ा है। सूचना पर जमोड़ी पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 10.05 ग्राम ब्राउन शुगर जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ।गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित लखेरा (25 वर्ष), पिता कृष्णपाल लखेरा, निवासी सर्वोदय चौराहा, थाना कोतवाली, सीधी के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह रीवा निवासी आशुतोष से व्हाट्सऐप के माध्यम से ब्राउन शुगर खरीदता था और उसे सीधी लाकर बिक्री करता था। आरोपी के मुताबिक वह करीब डेढ़ साल से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था। पुलिस अब रीवा निवासी आशुतोष की भूमिका और मादक पदार्थ की सप्लाई के नेटवर्क की जांच कर रही है।

आरोपी के विरुद्ध थाना जमोड़ी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21 एवं 22 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं डीएसपी मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी केदार परौहा सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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    <title>रीवा में धूमधाम से मनाया गया मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने किया ध्वजारोहण</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-11-01 14:56:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को पूरे विंध्य क्षेत्र में उत्साह और उमंग के साथ समारोह आयोजित किए गए। इसी क्रम में रीवा के टाउनहॉल में प्रदेश स्तरीय गरिमा के अनुरूप जिला स्तरीय स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान किया गया। वहीं मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई और किसानों को ट्रैक्टर वितरित किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के साथ विंध्य क्षेत्र भी लगातार विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहा है। क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


उपमुख्यमंत्री ने रीवा की हवाई कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए बताया कि हवाई सेवा शुरू होने के बाद 300 दिनों में करीब 2500 यात्रियों ने इसका लाभ उठाया है। उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि हवाई सेवा से विंध्य में आवागमन और विकास की संभावनाओं को मजबूती मिली है।

दिसंबर 2028 तक पूरी होगी रीवा-सिंगरौली रेल परियोजना

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा-सिंगरौली रेल परियोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिसंबर 2028 तक इस रेल परियोजना का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना के पूर्ण होने से विंध्य क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।</description>
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    <title>मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस आज से, लाल परेड ग्राउंड पर होगा भव्य समारोह</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-11-01 08:36:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल।** मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस समारोह रविवार से शुरू हो रहा है। तीन दिवसीय राज्यस्तरीय आयोजन का मुख्य समारोह 1 नवंबर को शाम 6:30 बजे भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समारोह का शुभारंभ करेंगे। आयोजन में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, विकास कार्यों, कृषि नवाचारों और महिला उद्यमिता की झलक देखने को मिलेगी। इस वर्ष समारोह की थीम **‘विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश’** रखी गई है।

आम नागरिक बिना किसी प्रवेश पत्र या पास के सीधे आयोजन स्थल पर पहुंच सकेंगे। वहीं, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए विशेष स्टूडेंट ब्लॉक बनाया जा रहा है। विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए अपने संस्थान का पहचान-पत्र दिखाना होगा।

मुख्यमंत्री रविवार सुबह 11 बजे लाल परेड ग्राउंड में आधुनिक कृषि प्रदर्शनी, विकास दीर्घा, महिला उद्यमिता मंडप और देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन करेंगे। शाम को मुख्य सांस्कृतिक समारोह आयोजित होगा। इसका प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति रहेगी। वे मुंबई के साथी कलाकारों के साथ सुगम संगीत प्रस्तुत करेंगी। मोनाली ठाकुर ‘लुटेरा’ फिल्म के गीत ‘सवार लूं’ और ‘दम लगा के हईशा’ के लोकप्रिय गीत ‘मोह मोह के धागे’ के लिए जानी जाती हैं।

समारोह में 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैंड राष्ट्रगान प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम का समापन आतिशबाजी के साथ होगा।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति प्रदान करेंगे। प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को एक लाख रुपए की सम्मान राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की इस योजना के तहत जिलों से विद्यार्थियों का चयन किया गया है। खंडवा जिले से सर्वाधिक छह विद्यार्थी चुने गए हैं, जबकि अशोकनगर, बड़वानी, नर्मदापुरम, सिवनी, सिंगरौली और उमरिया से चार-चार विद्यार्थियों का चयन हुआ है।


मुख्यमंत्री ‘किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज’ के 165 विजेताओं को भी पुरस्कृत करेंगे। ऑनलाइन आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के करीब 40 हजार किसानों ने भाग लिया था। चयनित विजेताओं को 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक जिले से तीन विजेताओं का चयन किया गया है। भोपाल के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं पुरस्कार देंगे, जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री पुरस्कार वितरित करेंगे।

लाल परेड ग्राउंड पर विकास और संस्कृति से जुड़ी कई प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की ओर से तैयार ‘राजा भोज का भोपाल’ विषय पर 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। आधुनिक कृषि प्रदर्शनी में उन्नत बीज, जैविक इनपुट्स, स्मार्ट सिंचाई और एग्री स्टार्टअप्स के नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे। महिला उद्यमिता मंडप और किसान बाजार में स्व-सहायता समूहों के उत्पाद तथा हस्तशिल्प बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।

देशज व्यंजन मेले में मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकौशल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा। इसके साथ ही हस्तशिल्प और विकास प्रदर्शनियां भी आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। तीन दिवसीय आयोजन के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, उपलब्धियों और विकास यात्रा को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।</description>
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    <title>सीधी पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, एक दिन में 6 जगह दबिश; 18 किलो से अधिक गांजा जब्त</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-31 20:50:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष एंटी-नारकोटिक्स अभियान के तहत सीधी पुलिस ने एक ही दिन में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छह प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 18 किलो 185 ग्राम गांजा एवं हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 81 हजार रुपये बताई गई है। सभी छह मामलों में छह आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रीवा रेंज हेमंत चौहान के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के नेतृत्व में जिलेभर में समन्वित कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार थाना बहरी क्षेत्र में राजकुमार सिंह गोड़ निवासी नकझर खुर्द के कब्जे से 8 किलो 200 ग्राम हरे गांजे के पौधे जब्त किए गए। वहीं थाना मझौली क्षेत्र में जयकरण साहू (36), निवासी चुवाही अतरैला टोला के यहां से 8 किलो 503 ग्राम हरे गांजे के पौधे बरामद हुए।

इसी तरह कोतवाली पुलिस ने पन्ना लाल सिंह चंदेल (49), निवासी बेल्हा के पास से 400 ग्राम गांजा जब्त किया। चुरहट थाना क्षेत्र में कल्पना कोरी (35), निवासी मिश्रगवां मोड़ के पास से 300 ग्राम, रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में कामता कोल (50), निवासी कंधवार केदार सिंह टोला के पास से 332 ग्राम तथा कमर्जी थाना क्षेत्र में रावेन्द्र कुशवाहा (30), निवासी किरौहा के कब्जे से 450 ग्राम गांजा बरामद किया गया।

एक ही दिन में छह थाना क्षेत्रों में हुई इस कार्रवाई को जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। सीधी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, परिवहन और बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार या इससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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    <title>उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से की सौजन्य भेंट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-31 20:22:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के विकास तथा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

श्री शुक्ल ने प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास एवं आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ।</description>
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    <title> ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत मानस भवन में हुआ राष्ट्र चिंतन कार्यक्रम, ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन के लिए 10 वर्षों के संघर्ष को किया साझा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-31 20:19:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मानस भवन सीधी में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रबुद्ध जन गोष्ठी एवं राष्ट्र चिंतन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीधी विधायक एवं विंध्य क्षेत्र की संगठन प्रभारी रीति पाठक शामिल हुईं। इस दौरान जिला संगठन प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष देव कुमार सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ‘मुन्नू’, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लालचंद गुप्ता, इंद्रशरण सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता शत्रुघ्न तिवारी सहित जिले के अनेक वरिष्ठ नागरिक एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष की भूमिका पर अपने विचार रखे । सीधी विधायक रीति पाठक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अपनी जिम्मेदार भूमिका का निर्वहन नहीं कर रहा है। उन्होंने विपक्ष की कथित अराजकतावादी सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो देश का नहीं हुआ, वह किसी का नहीं हो सकता। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में जिम्मेदार राजनीतिक व्यवहार और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन के संघर्ष को किया याद

कार्यक्रम के दौरान रीति पाठक ने ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान इस रेल परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों और करीब 10 वर्षों के संघर्ष को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन उनका सपना रहा है और इसे साकार करने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी ने उनका सहयोग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए परियोजना को लेकर किए गए प्रयासों का उल्लेख किया।

गोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने भी विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र, राष्ट्रहित और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना रहा।</description>
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    <title>ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में जुटें डॉक्टर, मरीजों का विश्वास जीतें : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-31 11:33:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सीधी(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए चिकित्सकों को समर्पण, संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ काम करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देकर ग्रामीणों का विश्वास जीतें। साथ ही आशा, एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर सहित मैदानी स्वास्थ्य अमले से लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखें।

शनिवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उप मुख्यमंत्री ने सीधी, सिंगरौली एवं डिंडोरी जिले में पदस्थ बॉन्डेड डॉक्टर्स से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया।

संवाद के दौरान जानकारी दी गई कि सीधी जिले में 16, सिंगरौली में 54 और डिंडोरी जिले में 21 नए बॉन्डेड डॉक्टर्स की पदस्थापना की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। उप मुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन और एनीमिया मुक्त भारत सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करने और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को होने वाली निःशुल्क जांच का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

संवाद के दौरान सीधी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनजारी में पदस्थ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से चिकित्सक की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उनकी पदस्थापना के बाद ग्रामीणों में उत्साह बढ़ा है और ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखरा में पदस्थ डॉ. आदित्य गौतम ने भी ओपीडी में मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे वृद्धि होने की जानकारी दी।

सिंगरौली जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गन्नई में पदस्थ डॉ. नितिश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 25 से 30 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। वहीं कोरसर में पदस्थ डॉ. सुभाष सिंह चंदेल ने बताया कि लंबे समय से डॉक्टर की उपलब्धता नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी होती थी। उनकी पदस्थापना पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य जांच के हब एंड स्पोक मॉडल को प्रभावी बनाने के साथ टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके साथ ही उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मुख एवं स्तन कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सेवाओं को सक्रिय बनाने पर जोर दिया।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि ग्रामीणजन चिकित्सकों को कलयुग का भगवान मानते हैं, लेकिन यह सम्मान उन्हीं चिकित्सकों को मिलता है जो मरीजों और पीड़ित मानवता को सर्वोपरि रखकर सेवा करते हैं। चिकित्सक की मधुर वाणी, संवेदनशीलता और आत्मीय व्यवहार मरीज के आधे कष्ट को दूर कर देता है। इसलिए बेहतर उपचार के साथ मरीजों के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार भी जरूरी है।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, आवश्यक सहयोगी स्टाफ और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सुमन पंचायत कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायतों को प्रेरित करने और सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कहा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा, डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, सिंगरौली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तीनों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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    <title>सीधी में 1 नवंबर से शुरू होगा आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत अभियान, रोज घोषित होंगी जिले की टॉप-3 पंचायतें</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-31 08:03:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले की ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सीधी द्वारा 1 नवंबर 2026 से आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतों की स्वयं के स्रोत से होने वाली आय बढ़ाने, वित्तीय अनुशासन स्थापित करने और पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सौम्या आनंद ने बताया कि अभियान के माध्यम से ग्राम पंचायतों को स्थानीय संसाधनों से आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए पंचायतों को अपनी आय के संभावित स्रोतों की पहचान कर नियमानुसार करों, शुल्कों और उपयोगकर्ता प्रभारों की वसूली सुनिश्चित करनी होगी। अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।

अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने क्षेत्र में उपलब्ध आय के स्रोतों को चिह्नित करेगी। इनमें संपत्ति कर, बाजार एवं हाट शुल्क, दुकानों का किराया, जल प्रदाय शुल्क, स्वच्छता शुल्क तथा अन्य अनुमन्य शुल्क शामिल हैं। इन माध्यमों से पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।

वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पंचायत दर्पण पोर्टल पर निर्धारित एफटी कोड के माध्यम से ही राशि प्राप्त की जाएगी। प्रत्येक भुगतान की ऑनलाइन रसीद जारी करना और उसका नियमानुसार लेखा संधारण करना अनिवार्य होगा। पंचायतों को अपनी आय एवं वसूली से संबंधित जानकारी पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज और अपडेट करनी होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में नियमों और शासन के निर्देशों के विपरीत वसूली नहीं की जाएगी।

अभियान की खास बात यह होगी कि पंचायतों के प्रदर्शन के आधार पर प्रतिदिन जिले की शीर्ष तीन ग्राम पंचायतों की सूची जारी की जाएगी। पंचायत दर्पण पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर स्वयं के स्रोत से आय, उपयोगकर्ता प्रभार और कर वसूली के निर्धारित मानकों पर पंचायतों का मूल्यांकन किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करना और बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित करना है।

प्रतिदिन की रैंकिंग के अलावा प्रत्येक माह निर्धारित मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायत को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज अभिलेखों और आवश्यक सत्यापन के आधार पर पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

अभियान के सफल संचालन के लिए सरपंच, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई है। सरपंच ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने के लिए नेतृत्व प्रदान करेंगे और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।

पंचायत सचिव नियमानुसार शुल्कों की वसूली, ऑनलाइन रसीद जारी करने, लेखा संधारण और पंचायत दर्पण पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं ग्राम रोजगार सहायक अभियान के क्रियान्वयन, संबंधित अभिलेखों और पोर्टल प्रविष्टियों को अद्यतन करने में सहयोग करेंगे।

संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे। कमजोर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सौम्या आनंद ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक राजस्व वसूली करना नहीं है, बल्कि पंचायतों में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय संसाधनों से प्राप्त आय का उपयोग ग्राम पंचायतें स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव एवं सुधार में कर सकेंगी। इससे पंचायतें अपनी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनेंगी।

सीईओ जिला पंचायत ने जिले के सभी सरपंचों, पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को निर्देशित किया है कि 1 नवंबर से अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित करें और पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करें।</description>
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    <title>जनभागीदारी समिति अध्यक्ष पवन मिश्रा की दादी का निधन, मझौली क्षेत्र में शोक की लहर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-30 18:00:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सीधी/मझौली(ईन्यूज एमपी)ग्राम पंचायत दादर के प्रतिष्ठित व्यौहर परिवार सहित पूरे मझौली अंचल में शोक का माहौल है। शासकीय महाविद्यालय मझौली की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष पवन मिश्रा की दादी का 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार सुबह करीब 7 बजे अपने निज निवास पर अंतिम सांस ली। बताया गया कि वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे पूरी तरह सचेत रहती थीं और परिवार के सदस्यों को अपना स्नेह एवं आशीर्वाद देती थीं।

दिवंगत दादी व्यौहर परिवार की सबसे उम्रदराज सदस्य और परिवार की मुखिया थीं। उन्होंने अपने स्नेह, संस्कार और मार्गदर्शन से परिवार की कई पीढ़ियों को एक सूत्र में बांधे रखा। उनका सादगीपूर्ण जीवन और अनुभव परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत रहा।

वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। शोकाकुल परिवार में रामप्रसाद मिश्रा, तारकेश्वर मिश्रा, शिवप्रसाद मिश्रा, महेश मिश्रा, उमेश मिश्रा, रमेश मिश्रा, धीरेश मिश्रा, तारा प्रसाद मिश्रा, पवन मिश्रा, रोहित मिश्रा, दीपक मिश्रा, अम्बुज मिश्रा, अंबिकेश मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, दिव्यांश मिश्रा, अनिमेश मिश्रा, शीतांश मिश्रा, अभय मिश्रा सहित समस्त मिश्रा परिवार शामिल है।

निधन की खबर मिलते ही मझौली, दादर सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का जमावड़ा लगा रहा। स्थानीय मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की।

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    <title>सीधी में सड़क हादसा बस और कार की आमने-सामने भिड़ंत, महिला समेत तीन की मौत; 5 साल की बच्ची गंभीर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-30 17:02:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के चुरहट थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अमरपुर के बेहड़ा मोड़ के पास वैष्णवी बस और कार के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई, जबकि पांच वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार दुर्घटना शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और बस का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद कार में सवार तीन लोगों के शव सड़क पर पड़े थे, जबकि पांच साल की बच्ची खून से लथपथ हालत में कार के अंदर रो रही थी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तत्काल डायल 112 और एंबुलेंस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को कार से बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

चुरहट पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों में मैहर जिले के देवरा निवासी अनिल तिवारी (35) और मनोरमा तिवारी (30) शामिल हैं। तीसरे मृतक की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं घायल पांच वर्षीय बच्ची ने अपना नाम रानी तिवारी बताया है।

चुरहट अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर अनूप सिंह के अनुसार दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि घायल बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है।
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने तक घायल बच्ची को बचाने में मदद की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

इस दर्दनाक दुर्घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में तीन लोगों की मौत और मासूम बच्ची के गंभीर रूप से घायल होने से क्षेत्र में शोक का माहौल है।</description>
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    <title>मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को सौगात, 2% बढ़ा महंगाई भत्ता, पेंशनर्स को भी मिलेगी राहत</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-30 12:43:11</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से देय होगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 तक नौ महीने की बकाया राशि (एरियर्स) का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। वहीं अक्टूबर माह के वेतन, जिसका भुगतान नवंबर में होगा, से कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद लाभ मिलने लगेगा।

सरकार के निर्णय के अनुसार कर्मचारियों को जनवरी से सितंबर तक की बकाया राशि एकमुश्त नहीं मिलेगी, बल्कि इसे तीन समान मासिक किस्तों में दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। अक्टूबर के वेतन से बढ़ी हुई दर के अनुसार महंगाई भत्ते का नियमित नकद भुगतान होगा।

राज्य सरकार ने पेंशनर्स को भी राहत देने का निर्णय लिया है। पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) में जुलाई 2026 से 2 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इससे प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके हितों में सदैव उनके साथ खड़ी है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।</description>
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    <title>किसानों को हर साल मिल रहे 12 हजार रुपये, सम्मान और आत्मनिर्भरता हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-30 12:28:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों को प्रतिवर्ष 6-6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इस प्रकार प्रदेश के पात्र किसानों को सालाना कुल 12 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि का महत्व केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के प्रति सम्मान, विश्वास और आत्मीयता का प्रतीक भी है। इस योजना के माध्यम से सरकार ने किसानों को यह भरोसा दिलाया है कि उनके परिश्रम और योगदान को महत्व दिया जाता है तथा सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।

डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के हित में इस अभिनव सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए प्रधानमंत्री का हृदय से अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विकास और जनकल्याण के लिए जो संकल्प लिए हैं, उन्हें पूरा करने में मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संकल्पों और प्रतिबद्धताओं के आधार पर किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके जीवन में खुशहाली लाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों का सम्मान, उनका सशक्तीकरण और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उनके परिश्रम से ही कृषि क्षेत्र आगे बढ़ता है। इसलिए किसानों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।</description>
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    <title>शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशीबाई का निधन, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जताया शोक</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-30 12:20:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल ( ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी श्रीमती काशीबाई के निधन का समाचार सामने आया है। उनके निधन पर मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि इस दुख की घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति और धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

भोपाल एम्स में ली अंतिम सांस, जैत में होगा अंतिम संस्कार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीमती काशीबाई का भोपाल स्थित एम्स में उपचार के दौरान निधन हुआ। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए भोपाल के साकेत नगर स्थित आवास पर रखा गया। इसके बाद सीहोर जिले के पैतृक ग्राम जैत में दोपहर 3 बजे अंतिम संस्कार निर्धारित किया गया है। </description>
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    <title>खराब मौसम ने बिगाड़ा कार्यक्रम, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का बढ़ौरा दौरा निरस्त....</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-30 10:42:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के बड़ौरा स्थित श्री बढ़ौरा नाथ धाम में प्रस्तावित स्वागत द्वार के लोकार्पण एवं सम्मान समारोह का कार्यक्रम खराब मौसम के चलते निरस्त कर दिया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का सीधी दौरा भी फिलहाल स्थगित हो गया है।

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे शिव मंदिर बढ़ौरा धाम परिसर में भव्य लोकार्पण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाना प्रस्तावित था। इस दौरान श्री बढ़ौरा नाथ धाम के स्वागत द्वार का लोकार्पण किया जाना था। साथ ही सरपंच, पूर्व सरपंच, जनपद सदस्य एवं पूर्व जनपद सदस्यों का सम्मान समारोह भी आयोजित होना था।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे, जबकि अध्यक्षता लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येन्द्र भूषण सिंह को करनी थी। विशिष्ट अतिथियों में सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक रीती पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष देव कुमार सिंह एवं जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित था।

जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं कार्यक्रम आयोजक धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने कार्यक्रम निरस्त होने की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए निर्धारित कार्यक्रम फिलहाल स्थगित किया गया है। मौसम अनुकूल होने पर नई तिथि निर्धारित कर कार्यक्रम की सूचना पृथक से जारी की जाएगी।

प्रकृति के प्रतिकूल हालात के कारण कार्यक्रम स्थगित होने पर जनपद अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने खेद व्यक्त किया है। अब क्षेत्रवासियों को श्री बढ़ौरा नाथ धाम के स्वागत द्वार के लोकार्पण एवं सम्मान समारोह की नई तारीख का इंतजार रहेगा।
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    <title>एमपी में 2 नवम्बर तक रहेगा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर,33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-30 08:57:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों से आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों यानी 2 नवंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। शुक्रवार को ग्वालियर, जबलपुर सहित 33 जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

बारिश और सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। गुरुवार को कई इलाकों में दिन का तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को दिन में भी ठंडक महसूस होने लगी है।


मौसम विभाग ने शुक्रवार को सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर सहित प्रदेश के 33 जिलों में आंधी और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अन्य जिलों में भी मौसम प्रभावित रहने की संभावना है।

वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धार, झाबुआ, खरगोन और बुरहानपुर सहित कई जिलों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने के आसार जताए गए हैं।


अचानक हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल और खुले में रखी कृषि उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पांढुर्णा की मंडी में खुले में रखे मक्के के ढेर बारिश में भीग गए, जिससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की फसल खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। रायसेन के दशहरा मैदान में करीब 200 ट्रॉलियों में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी बारिश के बीच अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।


बेमौसम बारिश से जहां धान और मक्का उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं तुअर, कपास और संतरे की फसलों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


आंधी और बारिश के कारण प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगा है। गुरुवार रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17 तथा धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार दिनों तक प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।</description>
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    <title>मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत पोड़ी में जिलास्तरीय शिविर आयोजित होगा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-29 19:56:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत विकासखंड कुसमी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोड़ी में 30 अक्टूबर को जिलास्तरीय शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के दौरान कमिश्नर रीवा संभाग शीलेन्द्र सिंह द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण एवं लंबित शिकायतों की समीक्षा की जाएगी।

  कमिश्नर द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ हितग्राहियों से संवाद भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण कर विभागीय कार्यों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

  समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों से शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली जाएगी तथा उनके त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। शिविर का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने, शासकीय सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने तथा प्रशासन के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना है।
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    <title>कैलाश स्वर्ण वृद्धाश्रम पनवार में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-29 19:35:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीधी के अध्यक्ष प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में कैलाश स्वर्ण वृद्धाश्रम, पनवार में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं उनके लिए संचालित विधिक सेवा योजनाओं के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

  शिविर में तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार शिवहरे ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों, भरण-पोषण एवं कल्याण, संपत्ति संबंधी अधिकारों, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की विधिक समस्या होने पर वरिष्ठ नागरिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

  जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवा योजना, 2016 के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही नालसा की टोल-फ्री विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।

  शिविर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए सम्मानजनक, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।

  इस अवसर पर तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार शिवहरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी धीरज आर्य, जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक सहित वृद्धाश्रम के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
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  <item>
    <title>मध्यप्रदेश के निजी कॉलेजों पर सख्ती, नकद वेतन दिया तो अटक जाएगी मान्यता</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-29 18:34:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में निजी महाविद्यालयों में फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन भुगतान में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। अब निजी कॉलेजों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नकद करने पर मान्यता और संबद्धता मिलने में परेशानी होगी। विभाग ने वेतन भुगतान के लिए कैशलेस व्यवस्था अनिवार्य करते हुए बैंक संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

नए निर्देशों के अनुसार, निजी महाविद्यालयों को मान्यता प्राप्त करने, नए संकाय शुरू करने अथवा पहले से संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता जारी रखने के लिए आवेदन के साथ शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के प्रमाण देने होंगे। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट, कॉलेज की कैशबुक और कर्मचारियों की बैंक पासबुक की प्रतियां प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बैंक खातों के माध्यम से वेतन भुगतान के वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले कॉलेजों के आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों की जानकारी को लेकर भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आवेदन के दौरान संबंधित कर्मचारियों के नाम, फोटो, आधार कार्ड और विश्वविद्यालय से प्राप्त अनुमोदन पत्र की प्रतियां विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।

यदि कोई महाविद्यालय निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता या पोर्टल पर गलत जानकारी प्रस्तुत करता है, तो मामले की गंभीरता के आधार पर संबंधित संस्था पर अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है।


निजी महाविद्यालयों में कागजों पर शिक्षकों की नियुक्ति दिखाकर नियमों का पालन करने का दावा करने जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाना इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। बैंक खातों के माध्यम से वेतन भुगतान होने से कर्मचारियों की वास्तविक नियुक्ति और भुगतान की जांच करना आसान होगा।

इसके साथ ही, नकद वेतन भुगतान करने वाले कॉलेजों को नए संकाय शुरू करने या मान्यता की निरंतरता के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मिलने में बाधा आएगी। एनओसी नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित विश्वविद्यालय भी कॉलेज को संबद्धता नहीं दे सकेंगे।

उच्च शिक्षा विभाग की इस व्यवस्था का उद्देश्य निजी कॉलेजों के वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना और शैक्षणिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है। फीस निर्धारण की प्रक्रिया में भी बैंक के माध्यम से किए गए भुगतान और खर्चों को आधार बनाया जाता है। ऐसे में वेतन भुगतान को कैशलेस करना कॉलेजों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नए निर्देशों के बाद निजी महाविद्यालयों को कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतन भुगतान और संबंधित दस्तावेजों के रखरखाव में निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। लापरवाही या गलत जानकारी देने पर आर्थिक दंड के साथ मान्यता और संबद्धता की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
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  <item>
    <title>सोमेश्वर सिंह प्रलेस के प्रांतीय अध्यक्ष मंडल के सदस्य चुने गए बधाई</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-29 13:37:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)--इंदौर में सम्पन्न मध्यप्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ के 14वें राज्य सम्मेलन में प्रसिद्ध लेखक,कवि मोहन कुमार डहरिया छिंदवाड़ा अध्यक्ष, अनिल करमेले भोपाल महासचिव, सोमेश्वर सिंह सीधी अध्यक्ष मंडल सदस्य तथा अशोक तिवारी अकेला कार्यकारिणी सदस्य निर्वाचित हुए। निवर्तमान अध्यक्ष सेवाराम त्रिपाठी ने अस्वस्थता के चलते अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया था।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री डहरिया ने कहा कि वे प्रगतिशील लेखक संघ की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। सीधी इकाई के अध्यक्ष सोमेश्वर सिंह को अध्यक्ष मंडल का सदस्य तथा अशोक तिवारी अकेला को कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने पर सीधी प्रलेस के साथी संरक्षक राजेंद्र भदौरिया, प्रो.अनिल कुमार सिंह, शिव शंकर मिश्रा सरस, जगदीश मिश्रा, राजीव सिंह चौहान, अधिवक्ता महेंद्र सिंह गौतम, रावेद्र शुक्ला, संतोष तिवारी, अरविंद त्रिपाठी, महेश पटेल आदि ने बधाई देते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की है।</description>
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  <item>
    <title>सीधी में राजस्थान मिष्ठान भंडार पर प्रशासन की छापेमारी, मिठाइयों के लिए नमूने</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-29 13:24:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में सीधी स्थित राजस्थान मिष्ठान भंडार में राजस्व, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर स्वर्णा दीवान और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक खरे मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान में उपलब्ध छेना मिठाई, मावा सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।

जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना तथा आम लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। टीम ने प्रतिष्ठान में तैयार और बिक्री के लिए रखी गई खाद्य सामग्री की सैंपलिंग की, ताकि उनकी गुणवत्ता का प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जा सके।

### खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपलिंग

मिठाई की दुकानों में उपयोग होने वाले मावे, छेना और अन्य सामग्री की गुणवत्ता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन द्वारा लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

### दूध उत्पादन और मिठाई निर्माण क्षमता पर भी उठे सवाल

कार्रवाई के दौरान सीधी में उपलब्ध दूध उत्पादन की तुलना में बड़े स्तर पर मिठाइयों के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, उत्पादन क्षमता, कच्चे माल की उपलब्धता और प्रतिष्ठान में तैयार मिठाइयों की वास्तविक मात्रा से संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना आवश्यक है।

फिलहाल अधिकारियों द्वारा की गई सैंपलिंग की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रतिष्ठान में तैयार और बेची जा रही मिठाइयां निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जांच और निगरानी का महत्व एक बार फिर सामने आया है। अब नमूनों की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी।</description>
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  <item>
    <title>करवा चौथ पर मौसम की बेरुखी, सीधी में रात से रुक-रुककर बारिश; चांद के दीदार पर संशय</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-29 11:27:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)। सीधी जिले में मौसम का मिजाज बदल गया है। बीती रात से रुक-रुककर हो रही बारिश और आसमान में छाए घने बादलों ने जनजीवन के साथ करवा चौथ के पर्व को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास के बाद रात में चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण करेंगी, लेकिन मौसम की मौजूदा स्थिति के बीच चांद के दीदार को लेकर असमंजस बना हुआ है।

मौसम में आए इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का प्रभाव बताया जा रहा है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश के रीवा संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और बादल छाए रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के सीधी केंद्र के पूर्वानुमान में भी 29 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने तथा मध्यम बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है।


करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार, महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपने पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। ऐसे में शाम होते-होते मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए बैठी महिलाओं की नजरें आसमान पर रहेंगी। यदि बादलों का घनत्व अधिक रहा, तो निर्धारित समय पर चंद्रमा के उदय होने के बावजूद उसके दर्शन में देरी हो सकती है।

हालांकि, चंद्रमा दिखाई देगा या नहीं, इसकी निश्चित जानकारी स्थानीय स्तर पर शाम के समय आसमान की वास्तविक स्थिति से ही मिल सकेगी। बादलों के बीच से चांद निकलने की उम्मीद में महिलाएं उसके दीदार का इंतजार कर सकती हैं।

फिलहाल सीधी में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच मौसम की स्थिति पर नजर बनी हुई है। करवा चौथ का यह पर्व इस बार महिलाओं के लिए आस्था के साथ मौसम की परीक्षा भी बन गया है। अब देखना होगा कि शाम तक बादल छंटते हैं और सुहाग की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत रखने वाली महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन हो पाते हैं या उन्हें इसके लिए इंतजार करना पड़ता है।</description>
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  <item>
    <title>देर रात 12 IPS के तबादले, 5 जिलों के SP बदले</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-29 09:25:02</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश में बुधवार देर रात गृह विभाग ने 12 IPS अधिकारियों के तबादले किए। बैतूल, पन्ना, आलीराजपुर और हरदा में नए पुलिस अधीक्षक (SP) पदस्थ किए गए हैं। वहीं, कुछ अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय और भोपाल में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।बैतूल के SP वीरेंद्र जैन को भोपाल में पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) बनाया गया है। नर्मदापुरम के SP साईकृष्ण एस. थोटा को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह उज्जैन की 32वीं वाहिनी के कमांडेंट दीपक कुमार शुक्ला नर्मदापुरम के नए SP होंगे।

इंदौर में साइबर SP रहे सब्यसाची सराफ को पन्ना का SP बनाया गया है। वहीं, हरदा के SP शशांक को पुलिस मुख्यालय भोपाल में AIG पदस्थ किया गया है।
आलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह को पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं, उज्जैन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में पुलिस अधीक्षक समर वर्मा को आलीराजपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अतिरिक्त, विशेष सशस्त्र बल की विभिन्न वाहिनियों में भी पदस्थापना संबंधी बदलाव किए गए हैं। इन तबादलों के जरिए पुलिस मुख्यालय और मैदानी स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है।

प्रशासनिक फेरबदल के बाद संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति से कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन के कामकाज में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।


मध्यप्रदेश IPS तबादला सूची

| क्र. | अधिकारी का नाम      | वर्तमान पदस्थापना                       | नई पदस्थापना                                                               |
| ---- | ------------------- | --------------------------------------- | -------------------------------------------------------------------------- |
| 1    | वीरेंद्र जैन        | एसपी, बैतूल                             | डीसीपी (यातायात), भोपाल                                                    |
| 2    | दीपक कुमार शुक्ला   | कमांडेंट, 32वीं वाहिनी, उज्जैन          | एसपी, नर्मदापुरम                                                           |
| 3    | साईकृष्ण एस. थोटा   | एसपी, नर्मदापुरम                        | AIG, पुलिस मुख्यालय                                                        |
| 4    | सब्यसाची सराफ       | साइबर एसपी, इंदौर                       | एसपी, पन्ना                                                                |
| 5    | अमित सक्सेना        | AIG, पुलिस मुख्यालय                     | एसपी, बैतूल                                                                |
| 6    | अंकित जायसवाल       | एसपी रेल, भोपाल                         | एसपी, हरदा                                                                 |
| 7    | शशांक               | एसपी, हरदा                              | AIG, पुलिस मुख्यालय, भोपाल                                                 |
| 8    | समर वर्मा           | एसपी, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, उज्जैन     | एसपी, आलीराजपुर                                                            |
| 9    | रघुवंश कुमार सिंह   | एसपी, आलीराजपुर                         | डीआईजी, पुलिस मुख्यालय                                                     |
| 10   | निवेदिता नायडू      | एसपी, पन्ना                             | कमांडेंट, 10वीं वाहिनी, विसबल, सागर                                        |
| 11   | अभिषेक आनंद         | कमांडेंट, प्रथम वाहिनी, इंदौर           | कमांडेंट, 15वीं वाहिनी, विसबल, इंदौर; एसपी पीटीसी इंदौर का अतिरिक्त प्रभार |
| 12   | श्रुतकीर्ति सोमवंशी | कमांडेंट, 13वीं वाहिनी, विसबल, ग्वालियर | कमांडेंट, 21वीं वाहिनी, विसबल, ग्वालियर                                    |

जिलों में नए SP की सूची

* बैतूल: अमित सक्सेना

* नर्मदापुरम: दीपक कुमार शुक्ला

* पन्ना: सब्यसाची सराफ

* हरदा: अंकित जायसवाल

* आलीराजपुर: समर वर्मा

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  <item>
    <title>चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश में 3 मौतें, 57 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-28 20:37:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली/भोपाल(ईन्यूज एमपी)- बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कई राज्यों में मौसम पर असर डाल रहा है। तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 31 घरों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। तूफान के कारण रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है।

बताई गई जानकारी के अनुसार, चक्रवात मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। तूफान के चलते करीब 50 ट्रेनें रद्द की गईं। वहीं, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम हवाई अड्डों पर 21 उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई है।

विशाखापट्टनम में 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक करीब 18 घंटे में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। यह मात्रा जुलाई में होने वाली औसत बारिश 133 मिलीमीटर से भी काफी अधिक है।

चक्रवात का असर ओडिशा में भी दिखाई दे रहा है। भारी बारिश की आशंका के चलते 16 जिलों में स्कूल बंद रखने की जानकारी दी गई है। राज्य में करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में लोगों को आश्रय देने के लिए लगभग 4,000 चक्रवात राहत केंद्र तैयार किए जाने की जानकारी भी दी गई है।

तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं, भारी बारिश और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए मध्यप्रदेश सहित नौ राज्यों में बारिश की चेतावनी बताई गई है। अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति के अनुसार भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

* आंध्र प्रदेश और ओडिशा:भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाएं और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा।
* तेलंगाना और छत्तीसगढ़: 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना, कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
* मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र:पूर्वी मध्यप्रदेश तथा विदर्भ में बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है।
* झारखंड और बिहार:28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
* **उत्तर प्रदेश:पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

मध्यप्रदेश में चक्रवात के प्रभाव से पूर्वी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है। सीधी, सिंगरौली, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग सहित प्रभावित क्षेत्रों में मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और आवागमन में परेशानी हो सकती है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए नागरिकों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना चाहिए। तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

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    <title>सीधी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के खिलाफ युवक कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-28 14:50:39</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिला अस्पताल सीधी की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बुधवार को युवक कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में प्रतीकात्मक अर्थी लेकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट चौराहे तक पहुंचे थे।

प्रदर्शन का नेतृत्व युवक कांग्रेस नेता अभिषेक परमार और करुण सिंह ने किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और डॉक्टरों की कमी जैसे मुद्दे उठाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जमोड़ी, कोतवाली और बहरी सहित कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी सामने आई।

युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से प्रतीकात्मक अर्थी लेकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट चौराहे पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें कलेक्टर कार्यालय की ओर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी और पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस पदाधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन में करीब दो हजार कार्यकर्ता शामिल हुए। हालांकि, यह संख्या संगठन की ओर से बताई गई है।

युवक कांग्रेस नेता अभिषेक परमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट में जाने से रोकने के दौरान उनके साथ हाथापाई की, जिससे कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। उन्होंने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अस्पताल में दवाओं की कमी, गंदगी और डॉक्टरों की कमी जैसी समस्याओं से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।

इस मामले में डीएसपी राघवेंद्र द्विवेदी ने वाटर कैनन के इस्तेमाल की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने किसी के घायल होने से इनकार किया। डीएसपी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर होमगार्ड कार्यालय ले जाया गया।

प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस ने जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। वहीं, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने से रोका।

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    <title>मध्यप्रदेश से राज्यसभा जाएंगे हरदीप सिंह पुरी, भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने नाम पर लगाई मुहर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-28 14:27:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है। भाजपा के केंद्रीय कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी घोषणा की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से हरदीप सिंह पुरी के नाम पर निर्णय लिया गया। उनके प्रत्याशी घोषित होने के बाद मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट के उपचुनाव को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। इस सीट को भरने के लिए निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राज्यसभा उपचुनाव के लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान और मतगणना होनी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर निर्धारित की गई है। 

हरदीप सिंह पुरी भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उनका नाम मध्यप्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए घोषित किए जाने से अब पार्टी की चुनावी तैयारी अगले चरण में पहुंच गई है। हालांकि, प्रत्याशी घोषित होने और राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने की प्रक्रिया अलग-अलग है। उपचुनाव में निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदान के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश की इस राज्यसभा सीट के उपचुनाव पर राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें रहेंगी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मतदान और मतगणना 12 नवंबर को प्रस्तावित है।

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    <title> चक्रवात ‘अर्नब’ से सीधी-सिंगरौली समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-28 07:10:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक कहीं तेज बारिश तो कहीं आंधी, गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बुधवार को प्रदेश के 31 जिलों में मौसम प्रभावित रहने का अनुमान है। वहीं, सीधी, सिंगरौली सहित छह जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को चक्रवात का प्रभाव अधिक रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। पूर्वानुमान में 11 जिलों में अति भारी और नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी का उल्लेख किया गया है, जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।

29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व भी मनाया जाएगा। ऐसे में बादल छाए रहने और बारिश होने की स्थिति में कुछ स्थानों पर चंद्रमा के दर्शन में परेशानी आ सकती है। हालांकि, चांद दिखाई देगा या नहीं, यह स्थानीय मौसम और आसमान में बादलों की स्थिति पर निर्भर करेगा।

पूर्वानुमान के अनुसार, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं दी गई है। इन क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम अधिक प्रभावित हो सकता है। 29 और 30 अक्टूबर को बारिश का प्रभाव बढ़ने की संभावना है। इसके बाद 30 और 31 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम बदला हुआ रह सकता है।

मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और यात्रियों को भी स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

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    <title>सोमेश्वर सिंह जन सरोकार के प्रतिबद्ध कवि: पूजा  चलो कहीं और चलें का लोकार्पण संपन्न </title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-27 17:53:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-- इंदौर में आयोजित प्रगतिशील लेखक संघ मध्य प्रदेश के चौदहवें राज्य सम्मेलन के अवसर पर सोमेश्वर सिंह के कविता संग्रह चलो कहीं और चलें का लोकार्पण वरिष्ठ कवि कुमार अंबुज, सीपीआई राज्य सचिव शैलेंद्र शैली, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष नथमल शर्मा, हरनाम सिंह, मोहन कुमार डेहरिया, पवित्र सलालपुरिया, सारिका श्रीवास्तव, सत्यम पांडे के कर कमलों से संपन्न हुआ।
कविता संग्रह की प्रस्तावना एसजीएस कॉलेज हिंदी विभाग की रिटायर्ड विवाह का अध्यक्ष डॉक्टर लहरी सिंह ने लिखी है।
प्रकाशित पुस्तक की प्रस्तावना में प्रगतिशील मध्य प्रदेश लेखक संघ के वर्तमान अध्यक्ष डॉ सेवाराम त्रिपाठी में अपनी राय व्यक्त करते हुएसोमेश्वर सिंह को मैं वर्षों से जानता हूं उनके कितने रूप मेरे दिल के तहखाने में हैं, उनकी सोच मार्क्सवादी है, लेकिन पूरा घिरा हुआ जीवन उनके लेखन में प्रतिबिंबित होता है। जिसमें सच्चाई की सुगंध, आपबीती की एक ठसक और संवेदना का संसार है। सोमेश्वर सिंह के लेखन में जिंदगी के संघर्षों का ताप है।
प्रलेस के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा की राय में सोमेश्वर सिंह की कविताओं में एक ईमानदार आदमी की छटपटाहट है, वह पत्रकार रहे हैं सामाजिक राजनीतिक जीवन को करीब से देखा है, इसलिए ऐसा लगता है कि वह कुछ जिम्मेदारियों से बचने के लिए कविता के माध्यम से कह देना चाहते हैं तथा अपने आप को अभिव्यक्त करने के लिए लिखते हैं।
कविता संग्रह में मैं टिप्पणी देते हुए आकाशवाणी के पूर्व निदेशक राजीव शुक्ला ने कहा कि- सोमेश्वर सिंह की कविताएं सन्नाटे को तोड़ती हैं। उनकी कविताओं में अनेक रंग रूप में कविता का कर्म देखने को मिलता है, जो एक सहयात्री की तरह ऊष्मा साथ लेकर चलती है।
चंचला बाई कॉलेज जबलपुर हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर संजुल शर्मा का कहना है कि कविता साहित्य की सबसे कठिन विधा है जो किसी इमारत की तरह तैयार की जाती है। जिसके लिए विचार, भाषा मजबूत होना चाहिए। सोमेश्वर सिंह की कविताएं आसानी से समझ में नहीं आती और जब समझ में आ जाती हैं तो वह आदमी को भीतर से हिला देती है। उनकी कविताओं में धार भी है, मार भी है और दुलार भी है।
महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान से पुरस्कृत सागर की कवित्री कुमारी पूजा दुबे ने सोमेश्वर सिंह को जन सरोकारी प्रतिबद्ध कवि बताते हुए कहा कि उनकी कलम सत्ता की विरुदावली नहीं गाती, वह सत्ता को आईना दिखाने का साहस रखती है। झंझावातों से घबराती नहीं, डटकर मुकाबला करती है। सोमेश्वर सिंह जन चेतना के संवाहक कवि, लेखक है। उनका जन से गहरा जुड़ाव है।</description>
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    <title>तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 को जनआंदोलन बनाने की अपील, 28 अक्टूबर से शुरू होगा 60 दिवसीय अभियान</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-27 17:49:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेशवासियों से तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि तंबाकू और निकोटीन की लत युवाओं के स्वास्थ्य, क्षमता और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। बच्चों और युवाओं को इस लत से बचाना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश में यह अभियान 28 अक्टूबर से 26 दिसंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसे केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। इसके लिए युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संगठनों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय और महाविद्यालय को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही, हर गांव को तंबाकू मुक्त गांव बनाने की दिशा में सामूहिक पहल जरूरी है। ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

उन्होंने तंबाकू नियंत्रण से जुड़े नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन से अभियान की सफलता के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को तंबाकू उत्पादों के प्रलोभन तथा सामाजिक दबाव से बचाने के लिए परिवार और समाज को सजग रहना होगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को उचित परामर्श और सहायता उपलब्ध कराने के लिए तंबाकू व्यसन मुक्ति केंद्रों तथा राष्ट्रीय तंबाकू क्विटलाइन की सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए। तंबाकू की लत छोड़ने के लिए सहायता चाहने वाले लोग राष्ट्रीय तंबाकू क्विटलाइन के टोल-फ्री नंबर **1800-11-2356** पर संपर्क कर सकते हैं।

राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेशवासियों से अपने घर, विद्यालय, गांव और शहर को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन को सामान्य मानने वाली सोच में बदलाव लाना समय की आवश्यकता है। जागरूक युवा स्वस्थ परिवार की नींव हैं और तंबाकू मुक्त गांव स्वस्थ मध्यप्रदेश की पहचान बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा, तंबाकू मुक्त गांव, सशक्त मध्यप्रदेश और तंबाकू मुक्त भारत का लक्ष्य जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही हासिल किया जा सकता है।
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    <title>मध्यप्रदेश में 5 IAS अधिकारियों के तबादले, सागर-देवास-सिवनी को मिले नए कलेक्टर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-27 17:31:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में राज्य शासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पांच अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया है। मंगलवार को जारी आदेश के तहत सागर, देवास और सिवनी जिले में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा एक अधिकारी को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और एक अधिकारी को सामान्य प्रशासन विभाग में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल द्वारा जारी आदेश में पांच अधिकारियों की नई पदस्थापना निर्धारित की गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

तबादला सूची के अनुसार, सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल (2012 बैच) को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। यह पद अपर सचिव के समकक्ष है। वहीं, पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव (2014 बैच) को सागर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

सिवनी की कलेक्टर नेहा मीना (2014 बैच) का तबादला देवास जिले में किया गया है। उन्हें देवास का नया कलेक्टर बनाया गया है। वहीं, देवास के कलेक्टर ऋतुराज (2015 बैच) को मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत अंजू अरुण कुमार (2017 बैच) को सिवनी जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के साथ सिवनी जिले की प्रशासनिक कमान अब उन्हें सौंपी गई है।

शासन के आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना के अनुरूप कार्यभार ग्रहण करना होगा। आदेश की प्रतियां भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राज्यपाल के प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।

इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत तीन जिलों में कलेक्टरों की जिम्मेदारी बदली गई है, जबकि पर्यटन निगम और मंत्रालय में भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं।
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    <title>एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: 3378 करोड़ की 4 नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, 2026 होगा किसान कल्याण वर्ष</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-27 15:29:26</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ब्रीफिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 3378 करोड़ रुपये की चार नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। वहीं, वर्ष 2026 को प्रदेश में 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत 80 प्रतिशत से कम बारिश वाले 12 जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान सरकार के फैसलों, उपलब्धियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

सिंचाई परियोजनाओं पर खर्च होंगे 3378 करोड़ रुपये

प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए चार नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों में लागू की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य सिंचाई सुविधाओं को मजबूत कर किसानों को लाभ पहुंचाना है।

इसके साथ ही वन विभाग की कैंपा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2050 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के कार्यों को मजबूती देने के लिए भी 345 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

2026 किसान कल्याण वर्ष, 12 जिलों पर विशेष ध्यान

मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। कम बारिश की स्थिति से प्रभावित किसानों को ध्यान में रखते हुए 12 जिलों पर विशेष फोकस रहेगा।

सूखे के मापदंडों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री चेतन कश्यप ने स्पष्ट किया कि सूखा घोषित करने के दो प्रमुख आधार हैं। इनमें सामान्य से कम यानी 80 प्रतिशत से कम बारिश होना और फसल की बोवनी का रकबा कम होना शामिल है।

सामाजिक कल्याण की 7 योजनाओं के लिए 651 करोड़

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की सात योजनाओं के लिए 651 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से संबंधित वर्गों के कल्याण और सहायता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।

वहीं, निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिलों में जिला शिक्षा कार्यालय खोलने की मंजूरी दी गई है। इससे इन नए जिलों में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सेवा संकल्प अभियान में 50 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सेवा संकल्प अभियान के तहत पिछले एक महीने में 1345 शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 50 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

सरकार ने अभियान को जनभागीदारी और जनसेवाओं से जोड़ने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया।

मध्य प्रदेश को मिले राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार

कैबिनेट ब्रीफिंग में प्रदेश की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। राष्ट्रीय पोषण माह में मध्य प्रदेश को देश में तीसरा स्थान मिला है। पर्यटन विभाग को 'स्टेट टूरिज्म ऑफ इंडिया' अवार्ड मिलने की जानकारी भी दी गई।

पन्ना के अजय अहिरवार ने वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के ब्रिकलेइंग वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा, बिजली ट्रांसमिशन लॉस को घटाकर 2.6 प्रतिशत तक लाने के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।

सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव में 5800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव के दौरान 5800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई। इसे प्रदेश में औद्योगिक निवेश और तकनीकी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वहीं, दीपावली के अवसर पर मंत्रियों और आमजन से मिट्टी के दीये खरीदने तथा माटी कला को बढ़ावा देने की अपील की गई। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करना है।

1 नवंबर को स्थापना दिवस, दिसंबर में सेवा चिंतन शिविर

प्रदेश में आगामी आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती मनाई जाएगी।

इसके अलावा, 21 और 22 दिसंबर को सेवा चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा।

भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का दावा

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान एक अतिरिक्त मुख्य सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच डेढ़ साल से लंबित होने का मुद्दा उठाया गया।

इस पर मंत्री चेतन कश्यप ने कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में ऐसे 201 मामलों में कार्रवाई की गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

GeM पोर्टल की खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

नगरीय निकायों में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी और दरों में कथित गड़बड़ी को लेकर भी सवाल पूछा गया।

मंत्री ने कहा कि GeM पोर्टल राष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था है। यदि इस व्यवस्था के माध्यम से होने वाली खरीदी में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की बात भी कही।

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    <title>सीधी:धान की गहाई के दौरान ट्रैक्टर में लगी आग, जलकर खाक हुआ महिंद्रा युवो 275</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-27 13:35:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के मझौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत दिया डोल में धान की गहाई के दौरान अचानक ट्रैक्टर में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते ट्रैक्टर का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम दिया डोल में चंदन सिंह के घर पर धान की फसल की गहाई का काम चल रहा था। इसी दौरान गोलई केवट के स्वामित्व वाले महिंद्रा युवो 275 ट्रैक्टर में अचानक आग लग गई। आशंका जताई जा रही है कि ट्रैक्टर के साइलेंसर से निकली चिंगारी के कारण आग लगी, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया।

आग की लपटें उठती देख मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आग तेजी से फैलने के कारण ट्रैक्टर को बचाना मुश्किल हो गया और उसका अधिकांश हिस्सा जल गया।

बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर मालिक घटना की सूचना मझौली थाने में दे रहे हैं। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों और नुकसान का विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है।</description>
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    <title>30 फीट गहरी खाई में गिरी कार, 6 लोग बाल-बाल बचे</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-27 10:39:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>मऊगंज(ईन्यूज एमपी)- जिले के हनुमना थाना क्षेत्र स्थित कैलाशपुर घाटी में मंगलवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। अंधे मोड़ पर अचानक जंगली पशु सामने आने से अनियंत्रित हुई कार करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में चालक समेत छह लोग सवार थे। गनीमत रही कि हादसे में सभी को मामूली चोटें आईं और कोई जनहानि नहीं हुई। कार के एयरबैग खुलने से यात्रियों को गंभीर चोटों से बचाव हुआ।

जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे की है। कार में सवार सभी छह लोग सीधी जिले के ग्राम पोखरा से इलाज कराने के लिए बनारस जा रहे थे। इसी दौरान जब वाहन कैलाशपुर घाटी के अंधे मोड़ पर पहुंचा, तभी अचानक एक जंगली पशु सड़क के सामने आ गया।

पशु को बचाने के प्रयास में चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से नीचे करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कार में फंसे तीन पुरुषों और तीन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में सभी यात्रियों को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है।

सुबह क्रेन और अन्य साधनों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को खाई से बाहर निकाला गया। वाहन के एयरबैग समय पर खुलने को यात्रियों के लिए राहतकारी माना जा रहा है।

घटना की सूचना मिलने पर हनुमना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। कैलाशपुर घाटी के अंधे मोड़ पर अचानक पशु सामने आने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है।

इस हादसे में छह लोगों की जान सुरक्षित बच जाने से राहत है। घटना एक बार फिर घाटी और अंधे मोड़ों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है।
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    <title>MP में फिर बदलेगा मौसम: 28 से 30 अक्टूबर तक बारिश की चेतावनी, विंध्य के जिलों पर नजर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-27 07:21:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 27 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश में 28 अक्टूबर को भारी बारिश, 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 30 अक्टूबर को फिर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है। 

मौसम विभाग के उपखंडवार पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले तीन दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए 28 से 30 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं से संबंधित चेतावनी दर्ज की गई है। बारिश की तीव्रता और असर अलग-अलग स्थानों पर अलग हो सकता है। 
सीधी, रीवा, सतना, मऊगंज और सिंगरौली सहित विंध्य क्षेत्र के लोगों को मौसम विभाग के ताजा जिला-स्तरीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए जारी चेतावनी के चलते इस क्षेत्र में भी मौसम बदलने की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, उपखंड स्तर की चेतावनी का अर्थ यह नहीं है कि हर जिले में एक जैसी या समान मात्रा में बारिश होगी।

मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान और उससे जुड़ी मौसम प्रणालियों का प्रभाव बताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के कारण मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। 

बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को कृषि कार्यों की योजना स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बनाने की जरूरत है। वहीं, यात्रियों को सफर से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।

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    <title>स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन और अधोसंरचना विकास में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं – डिप्टी CM राजेन्द्र शुक्ल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-26 20:04:11</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी) - उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं आमजन की प्राथमिकता से जुड़ा विषय हैं। स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण, उन्नयन, मानव संसाधन की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं के प्रभावी संचालन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सक्षम स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए और जहां भी अनावश्यक विलंब पाया जाए, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास, चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा अस्पतालों के प्रबंधन से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और जनसामान्य को समय पर सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

  बैठक में कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नवीन एवं उन्नयित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि अनुमोदित 71 स्वास्थ्य संस्थानों में 29 नवीन स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं, जिनके प्रशासनिक अनुमोदन जारी हो चुके हैं। इन संस्थानों के निर्माण के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। शेष 42 स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नयन कार्य किए जाने हैं। इनमें से 22 संस्थानों के उन्नयन का कार्य पीआईयू तथा 20 संस्थानों के उन्नयन का कार्य मध्यप्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीबीडीसी) द्वारा किया जाना है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण एजेंसियों से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं। निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।

*एम्बुलेंस सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश*

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एम्बुलेंस सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं के प्रदर्शन की सघन मॉनिटरिंग की जाए तथा आवश्यक निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध हो सके। सेवा प्रदायगी में होने वाले विलंब और अन्य व्यावहारिक समस्याओं की नियमित समीक्षा करते हुए व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ उनकी समयबद्धता और सुगमता भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए संबंधित अधिकारी सेवाओं के प्रदर्शन पर निरंतर नजर रखें तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं।
 
  बैठक में अस्पताल प्रबंधक पदों पर पदस्थापना से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अस्पताल प्रबंधकों की काउंसलिंग शीघ्र आयोजित कर पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा संबंधित प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में प्रतीक्षा सूची से चयन की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की विभाग स्तर पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करने तथा साक्षात्कार आयोजित करने से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाते हुए चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

  बैठक में प्रदेश के पुराने पांच मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागों के विकास एवं आधुनिक उपकरण की उपलब्धता से संबंधित विषय पर चर्चा की गई। बैठक में डायलिसिस सेवाओं के संचालन के लिए नवीन टेंडर जारी करने की कार्यवाही की समीक्षा की गई। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरा करने के उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए।

  बैठक में कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इनमें समस्त जिला अस्पतालों में नवीन पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव, सी.सी.एच.बी. के अंतर्गत लगभग 4,000 नवीन पदों की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव तथा सुषेण योजना के विस्तार का प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रीवा, ग्वालियर एवं जबलपुर मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन से संबंधित प्रकरणों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन प्रस्तावों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करना, मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाना और प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है। संबंधित प्रस्तावों को आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

  उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता और सेवा प्रदायगी की प्रभावी निगरानी पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं और प्रस्तावित कार्यों को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त श्री धनराजू एस., अपर संचालक स्वास्थ्य श्री मनोज कुमार सरयाम सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।</description>
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    <title>गोपद नदी के गोतरा पुल पर आवागमन बंद, दरारों से बढ़ा हादसे का खतरा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-26 17:40:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>कुसमी(ईन्यूज एमपी)- सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में गोपद नदी पर बने गोतरा पुल में दरारें मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए पुल से वाहनों की आवाजाही पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। पुल के तीसरे स्लैब (S-14) में हेयर क्रैक यानी बारीक दरारें सामने आने के बाद संभावित दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी जांच और सुरक्षा संबंधी अनुशंसा मिलने के बाद ही आवागमन बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण उपसंभाग सीधी की तकनीकी रिपोर्ट में पुल के तीसरे स्लैब में दरारें पाए जाने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारी वाहनों की आवाजाही से पुल की संरचनात्मक सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है। इसके बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी कुसमी ने 25 अक्टूबर 2026 को आदेश क्रमांक 1480 जारी कर पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी।

गोतरा पुल में दरारें सामने आने के बाद इसकी मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से भारी वाहनों और रेत परिवहन में लगे वाहनों की आवाजाही से जोखिम की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। प्रतिबंध का असर इस मार्ग से गुजरने वाले स्थानीय लोगों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है।

एसडीएम ने संबंधित थाना प्रभारी और तहसीलदार को पुल के दोनों ओर बैरियर लगाने तथा चेतावनी संकेतक प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य प्रतिबंधित मार्ग पर वाहनों के प्रवेश को रोकना और संभावित दुर्घटना से बचाव करना है।

वहीं, लोक निर्माण विभाग को पुल की तकनीकी जांच कर उसकी वर्तमान स्थिति, आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

गोतरा पुल पर प्रतिबंध का असर रेत परिवहन पर भी पड़ सकता है। प्रशासन ने संबंधित रेत खदान संचालकों और परिवहन कंपनियों को प्रतिबंध की जानकारी देने तथा वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आमजन को सूचित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही सीधी और सिंगरौली जिले के संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही न हो।

फिलहाल गोतरा पुल पर यातायात बहाल करने की कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है। पुल की तकनीकी जांच, जरूरी मरम्मत और सक्षम अधिकारी की सुरक्षा संबंधी अनुशंसा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

प्रशासन का उद्देश्य पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ किसी संभावित बड़े हादसे को रोकना है। ऐसे में जांच पूरी होने तक पुल से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।</description>
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    <title>काल बनकर दुकान में घुसा बेकाबू ट्रक, बेटे की मौके पर मौत; पिता गंभीर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-26 14:17:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>उमरिया(ईन्यूज एमपी)- जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 38 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। कटनी से उमरिया की ओर जा रहा एक अनियंत्रित कैप्सूल ट्रक हाईवे किनारे स्थित दुकान में जा घुसा। अचानक हुए इस हादसे में दुकान में मौजूद युवक को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह कैप्सूल वाहन क्रमांक MP 18 ZD 1174 कटनी से उमरिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान चंदिया थाना क्षेत्र में अज्ञात कारणों से चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू ट्रक हाईवे किनारे नत्थू कुशवाहा की दुकान में जा घुसा। हादसे के समय दुकान में मौजूद उनके 38 वर्षीय बेटे संतोष कुशवाहा ट्रक की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, नत्थू कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए।


हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घायल नत्थू कुशवाहा को 108 एंबुलेंस की मदद से चंदिया अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

हाईवे किनारे काम कर परिवार पालता था परिवार

बताया जाता है कि पीड़ित परिवार पिछले कई वर्षों से हाईवे किनारे कच्चे मकान में रहकर वाहनों की धुलाई के लिए पानी की आपूर्ति करने का काम करता था। इसी काम से परिवार का भरण-पोषण होता था। हादसे में बेटे की मौत और पिता के गंभीर रूप से घायल होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


चंदिया हाईवे पर हुए इस हादसे ने सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार और अनियंत्रित भारी वाहन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकते हैं। हालांकि, ट्रक अनियंत्रित होने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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    <title>बसों में लगी भीषण आग धू-धू कर जलीं इस शहर की 8 बसें...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-26 08:49:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल ( ईन्यूज एमपी) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) में रविवार शाम भीषण आग लग गई। वर्मा ट्रेवल्स की खड़ी 8 बसों ने देखते ही देखते आग पकड़ ली, जिसमें 4 बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं और 4 बसें आधी क्षतिग्रस्त हो गईं। लपटें इतनी तेज थीं कि एक किलोमीटर दूर से काला धुआं दिख रहा था।

ये सभी बसें डीजल इंजन वाली थीं और सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बालाघाट, छिंदवाड़ा और बैतूल रूट पर चलती थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 7 बजे धमाके के साथ आग फैली। सूचना पर 10 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।</description>
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    <title>करवा चौथ पर मौसम बिगाड़ सकता है रंग, मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-26 07:16:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। करवा चौथ के दिन 29 अक्टूबर को भी बादल, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद के दीदार के लिए मौसम का साथ मिलने का इंतजार करना पड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 26 अक्टूबर को जारी उपखंडवार पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश में 28 अक्टूबर को भारी बारिश और 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है।

सीधी, रीवा, सतना और मऊगंज सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। बारिश का समय और तीव्रता जिले-दर-जिले अलग हो सकती है। इसलिए किसी एक चेतावनी के आधार पर पूरे क्षेत्र में एक जैसी बारिश मानना सही नहीं होगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान में पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए 28 अक्टूबर को भारी बारिश और 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है

बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसके असर से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, सिस्टम की दिशा और तीव्रता के अनुसार स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव संभव है।


29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। यदि शाम के समय आसमान में घने बादल या बारिश रहती है, तो चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, अभी यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि प्रदेश के सभी शहरों में चांद के दर्शन नहीं होंगे।

लोगों को सलाह है कि पर्व के दिन अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय परिस्थितियां जरूर देखें। मौसम संबंधी चेतावनियों में बदलाव हो सकता है, इसलिए अंतिम अपडेट के लिए</description>
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    <title>शहडोल में इस्पात फैक्ट्री, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की घोषणा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-25 18:55:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को शहडोल के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने जिले में इस्पात फैक्ट्री स्थापित करने, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉमन कॉलेज खोलने के साथ इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा गीता भवन के निर्माण की बात कही। इस्पात फैक्ट्री से करीब 4 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई। वहीं, हाथियों के उत्पात से प्रभावित परिवारों को सर्वे के आधार पर पक्के मकान उपलब्ध कराने और किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों में फेंसिंग कराने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने शहडोल में इस्पात फैक्ट्री स्थापित करने की घोषणा करते हुए औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। प्रस्तावित फैक्ट्री से करीब 4 हजार लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया गया है। इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।

शिक्षा के क्षेत्र में शहडोल को नई सौगात देने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉमन कॉलेज खोलने की घोषणा की। इन संस्थानों के खुलने से विद्यार्थियों को जिले में ही उच्च शिक्षा के अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।

इसके साथ ही शहर में इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गीता भवन बनाने की घोषणा की गई। इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकेंगी, जबकि गीता भवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

शहडोल क्षेत्र में हाथियों के उत्पात से प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर भी मुख्यमंत्री ने बात की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकानों को हाथियों के कारण नुकसान पहुंचा है, उन्हें सर्वे के आधार पर पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। किसानों की फसलों को हाथियों से बचाने के लिए खेतों में फेंसिंग कराने की भी बात कही गई। इन घोषणाओं से प्रभावित परिवारों और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में 461.83 करोड़ रुपये की लागत के 134 विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण की जानकारी दी गई। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण का कार्यक्रम भी रखा गया।

मुख्यमंत्री ने नए डीएफओ कार्यालय का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। दौरे के दौरान घोषित योजनाओं और विकास कार्यों को जिले में औद्योगिक गतिविधियों, शिक्षा, खेल सुविधाओं और जनकल्याण के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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    <title>मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों की खरीदी पर सवाल, लोकायुक्त ने शुरू की जांच</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-25 14:48:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों द्वारा सरकारी सामग्री की खरीदी में कीमतों के भारी अंतर का मामला सामने आने के बाद सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 374 नगरीय निकायों ने करीब 1,134 करोड़ रुपये की खरीदी की। खरीद संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण में कई वस्तुओं की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है। 
खरीदी की समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों ने अधिकारियों को भी चौंकाया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक नगरीय निकाय में 60 वॉट की एलईडी लाइट 306 रुपये में खरीदी गई, जबकि भोपाल में एक खरीद आदेश में प्रति लाइट 11,800 रुपये की कीमत दर्ज होने का उल्लेख है।

इसी तरह, एक निकाय में कचरा वाहन करीब दो लाख रुपये में खरीदा गया, जबकि दूसरे निकाय में चार अतिरिक्त डस्टबिन के साथ इसी तरह के वाहन की कीमत छह लाख रुपये बताई गई। कीटाणुनाशक की खरीद में भी असामान्य मूल्य अंतर सामने आया है। हालांकि, इन मामलों में उत्पादों की तकनीकी विशेषताओं, गुणवत्ता, मात्रा और अन्य खर्चों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। 
विभागीय प्रस्तुति में अनुमान जताया गया कि यदि GeM पोर्टल से सामग्री की खरीद औसत दरों के करीब की जाती, तो करीब 250 करोड़ रुपये की संभावित बचत हो सकती थी। यह आंकड़ा संभावित बचत का अनुमान है, प्रमाणित वित्तीय नुकसान का अंतिम निष्कर्ष नहीं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगरीय निकायों के खर्च और खरीद संबंधी विवरणों की निगरानी की जा रही है तथा अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। 

नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने GeM पोर्टल से सामग्री की खरीद और निर्माण कार्यों में संभावित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच में गड़बड़ी प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

उधर, 25 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लोकायुक्त ने 1,134 करोड़ रुपये की खरीद से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में जांच शुरू की है। जांच में खरीद के रिकॉर्ड, कीमतों के अंतर और संबंधित प्रक्रियाओं की पड़ताल की जाएगी। 

इस पूरे मामले ने सरकारी खरीद व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। GeM पोर्टल का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और प्रतिस्पर्धी दरों पर सामग्री उपलब्ध कराना है। ऐसे में समान वस्तुओं की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आना जांच का विषय है।

अब जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होगा कि मूल्य अंतर के पीछे तकनीकी कारण थे या कहीं खरीद नियमों का उल्लंघन हुआ। यदि अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करना तथा सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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    <title>सीधी में कोदई खाने के बाद एक ही परिवार के 5 लोग बीमार, दो मासूमों की हालत नाजुक</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-25 09:19:02</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के शिवपुरवा गांव में भोजन करने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर आनन-फानन में जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, बीमारों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है।

जानकारी के अनुसार, परिवार ने शनिवार रात करीब 10 बजे भोजन किया था। खाने में लौकी की सब्जी, सूअर का मांस और कोदई शामिल थी। भोजन करने के लगभग एक घंटे बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जिसके बाद परिजनों ने मदद के लिए सूचना दी।

108 एंबुलेंस के चालक जितेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 2 बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद दो एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं और सभी मरीजों को जिला अस्पताल सीधी पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

बीमार होने वालों में गोविंद बंसल (52), अन्मिका बंसल (2), श्तेंद बंसल, राम बंसल और सुमित बंसल (50) शामिल हैं। परिजनों ने दो बच्चों की हालत को लेकर चिंता जताई है।

भोजन के बाद एक साथ पांच लोगों की तबीयत बिगड़ने से मामला गंभीर हो गया है। हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल सभी मरीजों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है।
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    <title>टमसार में आज से सजेगा तीन दिवसीय नगाड़ा उत्सव, आठ राज्यों के लोकनृत्य बनेंगे आकर्षण</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-24 10:24:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के कुसमी जनपद पंचायत अंतर्गत टमसार में आज, 24 अक्टूबर से तीन दिवसीय नगाड़ा उत्सव का आगाज होगा। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन सीधी के संयुक्त सहयोग से 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस उत्सव में मध्यप्रदेश सहित आठ राज्यों के पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। पी.एम.श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टमसार में प्रतिदिन शाम 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उत्सव में हरियाणा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, झारखंड, महाराष्ट्र, केरल और ओडिशा के लोक कलाकार अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र और क्षेत्रीय लोककलाएं प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

पहले दिन छह लोकनृत्यों की प्रस्तुति

नगाड़ा उत्सव के पहले दिन 24 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के तालकचहरी, गुदुमबाजा एवं घसियाबाजा नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इनके साथ हरियाणा का बनचारी, छत्तीसगढ़ का गौर और कर्नाटक का ढोलुकुनीथा नृत्य दर्शकों को देखने मिलेगा।

दूसरे दिन दिखेगी आठ राज्यों की सांस्कृतिक झलक

25 अक्टूबर को उत्सव के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के गुदुमबाजा एवं भड़म नृत्य की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा हरियाणा का बनचारी, झारखंड का उरांव, छत्तीसगढ़ का गौर, महाराष्ट्र का लेझिम, कर्नाटक का ढोलुकुनीथा, केरल का चेंडा मेलम और ओडिशा का दुलदुली नृत्य कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

26 अक्टूबर को होगा समापन

तीन दिवसीय उत्सव का समापन 26 अक्टूबर को होगा। अंतिम दिन मध्यप्रदेश के भड़म, तालकचहरी एवं गुदुमबाजा नृत्य के साथ झारखंड का उरांव, महाराष्ट्र का लेझिम, केरल का चेंडा मेलम और ओडिशा का दुलदुली नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।

लोकसंस्कृति और परंपराओं से रूबरू होंगे दर्शक

नगाड़ा उत्सव का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की लोककला, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करना है। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय लोगों को देश के अलग-अलग राज्यों की लोकपरंपराओं को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। टमसार में आयोजित होने वाला यह उत्सव लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।</description>
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    <title>आज से रेल नेटवर्क से जुड़ेगा सीधी, सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट रेलखंडों का होगा उद्घाटन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-24 06:58:25</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी/जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- विंध्य क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार सीधी जिला रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। शनिवार, 24 अक्टूबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना–देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर तथा रीवा–चुरहट के 65 किलोमीटर रेलखंडों का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही देवेंद्रनगर–चुरहट नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

रेल नेटवर्क के विस्तार से सीधी सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में यात्री परिवहन और माल ढुलाई को नई गति मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे जिले के लोगों के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। रेल संपर्क स्थापित होने से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम यात्रियों को आवागमन का नया विकल्प मिलेगा।

118 किलोमीटर रेल लाइन का होगा उद्घाटन

पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शनिवार को कुल 118 किलोमीटर रेल लाइन का उद्घाटन किया जाएगा। इसमें सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड की लंबाई 53 किलोमीटर और रीवा–चुरहट रेलखंड की लंबाई 65 किलोमीटर है। ये दोनों रेलखंड ललितपुर–सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

इस परियोजना के विस्तार से सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली सहित विंध्य क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। खासकर खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों को औद्योगिक एवं परिवहन केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

पहाड़ों के बीच बनी 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग

रीवा–चुरहट रेलखंड का निर्माण इंजीनियरिंग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। पहाड़ी भूभाग में रेलवे पुलों और सुरंगों सहित कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए गए हैं। इस रेलखंड में 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग भी शामिल है। इसके चालू होने से रीवा और सीधी क्षेत्र के बीच रेल संपर्क का विस्तार होगा।

सीधी जिले के लिए यह परियोजना इसलिए भी खास है, क्योंकि पहली बार जिला रेल नेटवर्क से जुड़ रहा है। इससे भविष्य में यात्री परिवहन के साथ सीमेंट, क्लिंकर और अन्य खनिज आधारित माल की ढुलाई की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

चुरहट में आयोजित होगा कार्यक्रम

रीवा–चुरहट रेलखंड के उद्घाटन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

वहीं, सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड के उद्घाटन के लिए नागौद रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा और नागौद विधायक नागेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

व्यापार, उद्योग और पर्यटन को मिलेगी नई गति

रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। सतना और आसपास के क्षेत्रों में चूना पत्थर आधारित उद्योगों तथा सीमेंट संयंत्रों के लिए माल परिवहन अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

इसके अलावा, मुकुंदपुर स्थित व्हाइट टाइगर सफारी सहित क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने की संभावना है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय परिवहन, होटल कारोबार और अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है।

वित्त वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश में रेल विकास के लिए 15,188 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। पश्चिम मध्य रेल के अनुसार, प्रदेश में लगभग 1,18,379 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

कुल मिलाकर, 24 अक्टूबर विंध्य क्षेत्र के रेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख बनने जा रही है। सीधी का रेल नेटवर्क से जुड़ना जिले के विकास, यातायात, व्यापार और रोजगार की संभावनाओं के लिहाज से एक नए अध्याय की शुरुआत है।

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    <title>प्रलेस का राज्य सम्मेलन 24-25 अक्टूबर को इंदौर में</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-23 10:04:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- -प्रगतिशील लेखक संघ मध्य प्रदेश का 14वाँ राज्य सम्मेलन, आगामी 24-25 अक्टूबर 2026 ,"उम्मीद से भर दें ये जहान" इंदौर में आयोजित किया गया है। जिसमें सीधी इकाई से 10 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सभी कार्यक्रम स्थल  
अभिनव कला समाज सभागृह  गाँधी हॉल प्रांगण, एम.जी. रोड, इन्दौर में संपन्न होगा। यह जानकारी प्रगतिशील लेखक संघ जिला इकाई सीधी के अध्यक्ष सोमेश्वर सिंह ने दी है।

प्रथम दिवश 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को उद्घाटन सत्र 10.00 बजे सुबह सुखदेव सिंह सिरसा, जितेन्द्र भाटिया, सेवाराम त्रिपाठी, शैला शिन्ले, सुबोध कुमार श्रीवास्तव, सुरेश शर्मा, जया मेहता, नथमल शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, कुमार अम्बुज, रणेन्द्र, विनीत तिवारी, प्रेमचंद गांधी, सुसंस्कृति परिहार, राकेश वानखेड़े के उपस्थिति में प्रारंभ होगा।

 अधिवेशन का पहला सत्र 10.30 बजे से 1.00 बजे तक  विषय "प्रतिरोध का अतीत और वर्तमान की चुनौतियाँ "रखा गया है। जिसके अध्यक्ष मंडल में सेवाराम त्रिपाठी, शैला शिन्ले, आलोक खरे, हरिओम राजोरिया शामिल होंगे। वक्ता के रूप में जितेन्द्र भाटिया, सुखदेव सिंह सिरसा, जया मेहता, रणेन्द्र अपना व्याख्यान देंगे ।आभार अभय नेमा तथा संचालन : पवन करण करेंगे।

दूसरे सत्र में 2.00 बजे से 4.00 बजे तक "हाशिये का समाज और साहित्य"विषय पर व्याख्यान रखा गया है। अध्यक्षता राजेन्द्र शर्मा, नथमल शर्मा, सुरेश शर्मा, पैट्रिस फुसकेले, सुसंस्कृति परिहार करेंगे। वक्ता  दिनेश भट्ट, असअद अंसारी, आरती, विजेन्द्र सोनी, जितेन्द्र बिसारिया होंग। सायं कालीन जनसत्र 5.30 बजे से 8.30 बजे तक  विषय"भूमंडलीय समकाल में लेखकों का हस्तक्षेप" रखा गया है। जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष सेवाराम जी, सुबोध श्रीवास्तव, सुरेश शर्मा करेंगे। जिसमें प्रलेसं अध्यक्ष मंडल के सदस्य, सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी 

केंद्रीय वक्तव्य मुख्य अतिथि गणेश देवी देंगे। अन्य विशिष्ट अतिथियों के रूप में जितेन्द्र भाटिया, सुखदेव सिंह सिरसा, रणेन्द्र कभी व्यक्तत्व होगा।।दूसरे दिन 25 अक्टूबर2026, रविवार पहला सत्र 10.00 बजे से  11.30 बजे तक  रखा गया है।"लेखक संगठन, विचार और प्रतिबद्धता"विषय पर वक्त विचार व्यक्त करेंगे। सांगठनिक सत्र 12.00 बजे से  
1.30 बजे तक रखा गया है। जिसमें इकाइयों के प्रतिनिधियों के वक्तव्य होंगे 2.30 बजे से  4.30 बजे तक  14वें राज्य सम्मेलन के समक्ष प्रस्तावों की प्रस्तुति की जाएगी। तथा  निवृत्तमान कार्यकारिणी द्वारा नयी कार्यकारिणी के प्रस्ताव और अनुमोदन होंगे।

राज्य सम्मेलन के आयोजन समिति का मानना है कि साहित्य समाज की स्मृति भी है और उसके भविष्य की संभावना भी ।लेखन केवल शब्द नहीं, एक अधिक मानवीय, न्यायपूर्ण और समान दुनिया के लिए कल्पनाशील स्वप्न है, संवेदित और विचारशील आकांक्षा है ।</description>
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    <title>सिंगरौली में ₹22 हजार करोड़ के निवेश की तैयारी! बिरला की सीएम मोहन से मुलाकात, विंध्य को बड़ी उम्मीद</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-23 09:59:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है। आदित्य बिरला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के दौरान प्रदेश में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सिंगरौली जिले में समूह की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज से जुड़ी परियोजनाओं के लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव की बात सामने आई है। यदि यह प्रस्ताव योजनाबद्ध तरीके से जमीन पर उतरता है, तो सिंगरौली सहित पूरे विंध्य क्षेत्र की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सकता है। 
सिंगरौली पहले से ही ऊर्जा और खनिज आधारित उद्योगों के लिए जाना जाता है। यहां हिंडाल्को का महान एल्युमिनियम संयंत्र भी संचालित है। ऐसे में कंपनी की ओर से प्रस्तावित नया निवेश क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।

हिंडाल्को, आदित्य बिरला समूह की प्रमुख धातु उत्पादक कंपनी है, जिसका कारोबार एल्युमिनियम, कॉपर और उनसे जुड़े औद्योगिक उत्पादों तक फैला हुआ है। कंपनी की उत्पादन क्षमता में विस्तार होने से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन, मशीनरी, निर्माण, रखरखाव और स्थानीय आपूर्ति से जुड़े कारोबारों को भी अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, प्रस्तावित परियोजना से कितनी नौकरियां पैदा होंगी, इसकी आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। <Cite refs=

हिंडाल्को ने फरवरी 2025 में मध्यप्रदेश में अगले दो वर्षों के दौरान करीब 15 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की थी। यह घोषणा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान की गई थी। उस समय कंपनी ने महान एल्युमिनियम संयंत्र सहित प्रदेश में अपने औद्योगिक विस्तार की योजनाओं का उल्लेख किया था। 
जुलाई 2026 में कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला ने हिंडाल्को के लिए देशभर में संभावित रणनीतिक परियोजनाओं के तहत 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर विचार किए जाने की जानकारी भी दी थी। कंपनी की निवेश योजनाएं एल्युमिनियम और अन्य धातुओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं। 

सिंगरौली में बड़े निवेश की परियोजना आगे बढ़ने पर इसके संभावित लाभ केवल उद्योग परिसर तक सीमित नहीं रहेंगे। निर्माण कार्यों से स्थानीय ठेकेदारों और श्रमिकों को काम मिल सकता है। परिवहन, खानपान, आवास, तकनीकी सेवाओं और छोटे कारोबारों की मांग बढ़ने की संभावना भी रहेगी।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिहाज से कौशल प्रशिक्षण और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही औद्योगिक विस्तार के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों और आसपास के गांवों पर पड़ने वाले प्रभावों का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उद्योगपतियों से मुलाकातों का उद्देश्य मध्यप्रदेश में नए निवेश आकर्षित करना और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार को प्रोत्साहित करना है। कुमार मंगलम बिरला के साथ हुई मुलाकात को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

हालांकि, ₹22 हजार करोड़ की परियोजना के संबंध में निवेश की अंतिम स्वीकृति, विस्तृत परियोजना योजना, निर्माण शुरू होने की समयसीमा और रोजगार के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में विंध्य क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी संभावना जरूर है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ परियोजना के क्रियान्वयन और स्थानीय लोगों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।
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    <title>सेमरिया में आज लगेगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का जिलास्तरीय शिविर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-23 07:52:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आज 23 अक्टूबर को सेमरिया में जिलास्तरीय शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में विकासखंड सीधी की सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित आवेदनों की समीक्षा की जाएगी।

शिविर में संबंधित विभागों के अधिकारियों से लंबित शिकायतों और आवेदनों की जानकारी लेकर उनके निराकरण की कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना और शासकीय सेवाओं को समय-सीमा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा करना है।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की विभिन्न शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण भी किया जाएगा। इस दौरान शासकीय योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।</description>
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    <title>विपक्ष देशवासियों और युवाओं को कर रहा दिग्भ्रमित :  रीति पाठक </title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-22 19:46:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी ( ईन्यूज एमपी) कांग्रेस सहित समाचार विपक्ष एस आई आर का हवाला देकर देश में अराजकता,  अलगाववाद एवं देश का माहौल को बिगड़ने का प्रयास कर रहा है। पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मुखर होकर आक्रामक अंदाज में कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष के मंसूबों को एवं इसके पीछे घटिया मानसिकता को उजागर करें। विपक्ष के पास ना तो नेता है, ना नियत और नहीं नीति।
 उक्त आशय के उद्गार भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिला संगठन प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी ने लोकतंत्र बचाओ भीड़ तंत्र हटाओ कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय टोली को भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता एवं सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक की विशिष्ट उपस्थिति में कहीं। 
 जिला संगठन प्रभारी श्री त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र बचाओ भीड़ तंत्र हटाओ का कार्यक्रम 22 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर तक 13 प्रकार के कार्यक्रम किए जाएंगे। यह सभी कार्यक्रम कांग्रेस सहित समूचे इंडी गठबंधन के मंसूबों को नाकाम करने एवं जन जागरण से प्रेरित हैं। जिनमें प्रमुख रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस, पदयात्रा, संवाद, छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं, घुसपैठिया भगाओ लोकतंत्र बचाओ, सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्रकार के विषयों पर बड़े-बड़े कार्यक्रम शामिल हैं। संगठन प्रभारी श्री त्रिपाठी ने सभी कार्यक्रमों को शानदार और ऐतिहासिक ढंग से संपन्न कराने की अपील की।
 अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि यस आई आर के बहाने कांग्रेस और समूचा विपक्ष अनावश्यक रूप से देश में अराजकता का माहौल फैलाकर,  संवैधानिक शक्तियों के प्रति भ्रम फैलाकर, तुष्टिकरण, अलगाववाद एवं घुसपैठ को बढ़ावा देना चाहता है।जिला, मंडल से लेकर बूथ स्तर तक कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष को पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता 22 तारीख से लेकर 5 नवंबर तक बेनकाब करने का कार्यक्रम चलाएंगे।भाजपा जिला अध्यक्ष श्री चौहान ने कहा कि यस आई आर का उद्देश्य मतदाता सूची का शुद्धिकरण एवं पवित्रता बनाए रखना होता है। यह कार्य कोई पहली बार नहीं किया गया है। बल्कि चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर किया जाता रहा है। वर्तमान समय में भी अभियान चलाकर मतदाता सूची में नाम जोड़े जा रहे हैं। विपक्ष राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए हमेशा खड़ा रहता है।
सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष को आढे हाथों लेते हुए कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है  देशवासी एवं युवाओं को कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष संवैधानिक शक्तियों पर,  अधिक भ्रम में फैलाकर,बार-बार झूठ परोश रहा है ।देश की जनता के सामने सच आना चाहिए और सत्य क्या है। पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अभियान चलाकर घर-घर पहुंचाएं। 
विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश मुख्य मंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में प्रतिपल उन्नति कर रहा है और आज देश विश्व की ऐतिहासिक ऊंचाई पर है और भारत विश्व महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है,  जिसे देखकर कांग्रेस और समूचे विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है। विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कांग्रेस और समूचे विपक्ष को आढे हाथों लेते हुए कहा कि यस आई आर एक बहाना है, देश में अराजकता फैलाना उनकी चाहत है। इससे हमें सावधान रहने की जरूरत है। बैठक का संचालन जिला महामंत्री अनिल पाण्डेय ने किया। 
 इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष के के तिवारी वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ देवेंद्र त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष अशोक पटेल, विश्व वन्धुधर द्विवेदी, शिवदान साकेत, मनीला सिंह चौहान, अखिलेश पाण्डेय, प्रदेश सह संयोजक रवि केसरी, डॉ विक्रम सिंह चौहान, प्रमोद द्विवेदी, जिला मंत्री सूर्य प्रताप सिंह, जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे ,जिला मोर्चा अध्यक्ष अजय गुप्ता, जगदंबा सोनी, कृष्ण पाल सिंह, हरिकेश साकेत, सोशल मीडिया से सूचक जितेन्द्र तिवारी,  मण्डल अध्यक्ष पंकज पाण्डेय, सूबेदास यादव,आशीष तिवारी, राजेश द्विवेदी , योगेन्द्र सिंह चौहान, अनीता सिंह, प्रवीण तिवारी, राम सजीवन कचेर, के के मिश्रा, अखण्ड प्रताप सिंह, विमलेश रावत, रजनीश शुक्ल, प्रमोद सिंह, हीरा सिंह गौड, विनोद पटेल, बुद्धसेन साहू, विजय शंकर शुक्ला, विमल सिंह, सुनीता रानी वर्मा, अजीत वर्मा, बाबूलाल कुशवाहा, पुष्पराज सिंह चौहान, पवन मिश्रा, संदीप द्विवेदी, अभय सिंह, विभा शर्मा, सीता शरण शर्मा, राकेश मौर्य सहित जिला पदाधिकारी, मंडल प्रभारी एवं टोली के सदस्य उपस्थित रहे।</description>
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    <title>सीधी में बस स्टैंड बचाने सड़कों पर उतरे व्यापारी, पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ल की मौजूदगी में निकली रैली</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-22 17:45:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- पुराने सोनांचल बस स्टैंड से बसों का संचालन दोबारा शुरू कराने और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी बचाने के लिए सीधी में आवाज बुलंद होने लगी है। बुधवार को सोनांचल बस स्टैंड बचाओ–व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में व्यापारियों और नागरिकों ने रैली निकालकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। पूर्व विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला की मौजूदगी में कलेक्टर और नगरपालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया।

समिति का कहना है कि पुराने बस स्टैंड पर बसों का संचालन बंद होने से आसपास के फुटकर दुकानदारों और फुटपाथ व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों से सीधी आने वाले यात्रियों और विद्यार्थियों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

समिति ने मांग की कि पुराने सोनांचल बस स्टैंड को यथावत रखते हुए वहां से बसों का संचालन पुनः शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ छोटे व्यापारियों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके।

ज्ञापन में बताया गया कि पुराने बस स्टैंड का उद्घाटन 16 सितंबर 1991 को तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के कार्यकाल में हुआ था। समिति के अनुसार, नगर पालिका द्वारा परिसर का जीर्णोद्धार भी कराया गया है और भवन उपयोग के योग्य है। ऐसे में बस स्टैंड का उपयोग जारी रखने की मांग की गई।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि वह शहर के विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समिति ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, रीवा संभागायुक्त और जिला प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

रैली में नगरपालिका सीधी के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, समाजसेवी आकाश सिंह रिंकू, संजय सोनी, व्यापारी गोपाल दास गुप्ता, रोशन लाल गुप्ता सहित अनेक व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समिति अध्यक्ष सुनील चौधरी और संरक्षक पंडित केदारनाथ शुक्ला की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन के बाद अब व्यापारियों को प्रशासन के निर्णय का इंतजार है।</description>
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    <title>सीधी में धर्मांतरण के विरोध में पैदल मार्च, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-22 16:59:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में कथित धर्मांतरण की गतिविधियों के विरोध में गुरुवार को धर्म रक्षा समिति ने पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 3 बजे पूजा पार्क से शुरू हुआ मार्च सम्राट चौराहे से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर विकास मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर धर्मांतरण के मामलों में सख्त कार्रवाई करने और इस पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की।

समिति ने दावा किया कि सीधी जिले में धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में जमोड़ी थाना क्षेत्र में भी ऐसा एक मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बाहरी लोग अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहे हैं।

सख्त कानून बनाने की उठाई मांग

भाजपा नेता एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष सीधी धर्मेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों को लेकर मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों में भी चिंता जताई जा रही है। उन्होंने ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की जरूरत बताई।

प्रदर्शन के दौरान समिति के सदस्यों ने प्रशासन से धर्मांतरण से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।</description>
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    <title>एन एच किनारे बने घर में पलटा कोयले से भरा ट्रक,तीन बकरियों की मौत</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-22 15:03:12</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल(ईन्यूज एमपी)- जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। रामपुर खदान से कोयला लेकर अनूपपुर जा रहा एक ट्रक अमलाई थाना क्षेत्र में अचानक टायर फटने के बाद अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे बने एक मकान के कमरे पर पलट गया। हादसे में कमरे को काफी नुकसान पहुंचा, जबकि ट्रक की चपेट में आने से तीन बकरियों की मौत हो गई। दुर्घटना में ट्रक चालक घायल हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक कोयला लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान एनएच-43 पर अचानक उसका टायर फट गया। इससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित ट्रक सड़क से नीचे उतर गया और पास में बने मकान के कमरे पर पलट गया। ट्रक का भारी वजन पड़ने से कमरे और उसमें रखे सामान को नुकसान पहुंचा।

हादसे के समय मकान में रहने वाले परिवार के सभी सदस्य आंगन में मौजूद थे। इस वजह से वे ट्रक की चपेट में आने से बच गए। हालांकि, दुर्घटना में तीन बकरियों की जान चली गई। यदि परिवार के सदस्य कमरे में मौजूद होते, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल ट्रक चालक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी में टायर फटना हादसे की वजह बताई जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। हादसे के बाद मकान के कमरे और सामान को हुए नुकसान से परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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    <title>MP में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव का ऐलान, 12 नवंबर को होगा मतदान</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-22 12:35:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को चुनाव की समय-सारिणी जारी की। इस सीट के लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। 
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव के लिए 26 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। 

मतदान 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। मतगणना भी उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी, यदि मतगणना की आवश्यकता हुई। पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने की अंतिम तारीख 16 नवंबर तय की गई है। इस उपचुनाव में निर्वाचित होने वाले सदस्य का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक रहेगा। 
राज्यसभा की यह सीट डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। वे केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं। रिक्त सीट को भरने के लिए निर्वाचन आयोग ने अब उपचुनाव की प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। 

मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 विधायक हैं।  रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के 164, कांग्रेस के 65 और भारत आदिवासी पार्टी के एक विधायक हैं। इस संख्याबल के चलते उपचुनाव में राजनीतिक दलों की रणनीति और उम्मीदवार के चयन पर नजर रहेगी। हालांकि, भाजपा या अन्य दलों की ओर से उम्मीदवार को लेकर अंतिम घोषणा होने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी। 

राज्यसभा की इस सीट के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर उम्मीदवारों के नाम और आगामी चुनावी गतिविधियों पर रहेगी।
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    <title>पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ल के नेतृत्व में आज निकलेगा पैदल मार्च, पुराने सोनांचल बस स्टैंड को बचाने लामबंद होंगे व्यापारी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-22 10:00:26</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-पुराने सोनांचल बस स्टैंड को यथावत रखने और यहां से बसों का संचालन पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर आज 22 अक्टूबर को व्यापारी सड़क पर उतरेंगे। सोनांचल बस स्टैंड बचाओ–व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में सुबह 11 बजे पुराने बस स्टैंड परिसर में व्यापारी, फुटपाथ व्यवसायी और फुटकर दुकानदार एकत्रित होंगे। इसके बाद समिति के संरक्षक एवं पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ल के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

संघर्ष समिति ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। समिति का कहना है कि पुराने सोनांचल बस स्टैंड को यथावत रखना और यहां से बसों का संचालन बहाल करना स्थानीय व्यापारियों की आजीविका के साथ-साथ आम लोगों की आवागमन संबंधी सुविधा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

समिति की प्रमुख मांग है कि पुराने सोनांचल बस स्टैंड को पूर्ववत रखा जाए और यहां से बसों का संचालन फिर शुरू किया जाए। व्यापारियों का मानना है कि बस स्टैंड की व्यवस्था का सीधा असर आसपास के कारोबार, फुटपाथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर पड़ता है। बसों का संचालन बंद रहने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।


निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह 11 बजे पुराने सोनांचल बस स्टैंड से पैदल मार्च शुरू होगा। इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बस स्टैंड को यथावत रखने और बस संचालन दोबारा शुरू करने की मांग रखी जाएगी।

संघर्ष समिति ने कहा है कि यह पहल व्यापारियों के रोजगार की सुरक्षा के साथ छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को होने वाली आवागमन संबंधी परेशानियों को प्रशासन के सामने रखने के उद्देश्य से की जा रही है। अब सभी की नजर आज होने वाले पैदल मार्च और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर रहेगी।
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    <title>MP Weather Update: अक्टूबर के आखिरी सप्ताह भी होगी बारिश, 24 अक्टूबर से फिर बदलेगा मौसम</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-22 07:01:52</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाले नए मौसम तंत्र का असर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे सकता है। वहीं, अगले दो दिनों तक इंदौर संभाग के कई जिलों में बारिश होने के आसार हैं। नर्मदापुरम संभाग में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा।

11 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

मौसम केंद्र के अनुसार, गुरुवार को इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दशहरे पर चार साल बाद हुई बारिश

इस साल दशहरे के दौरान भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश ने त्योहार के उत्साह पर असर डाला। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात प्रदेश के 15 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, गुना, सागर, सीहोर और रतलाम शामिल हैं।

रायसेन जिले के गैरतगंज में सबसे ज्यादा करीब सवा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में एक इंच पानी गिरा। सीहोर में हवा की रफ्तार 37 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

इससे पहले वर्ष 2022 में भी दशहरे के दिन तेज बारिश हुई थी। भोपाल में बारिश के कारण रावण का पुतला नहीं जल पाया था। बाद में पुतले पर केरोसिन और पेट्रोल डालकर दहन करने की कोशिश की गई थी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश के चलते रावण दहन के कार्यक्रम प्रभावित हुए थे।

कई शहरों में बदला मौसम, रात का तापमान गिरा

गुरुवार को दोपहर बाद इंदौर, सीहोर और शाजापुर में तेज बारिश हुई। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और रात के समय कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

आंधी और बारिश के बीच प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। बीती रात अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा में पारा 16 डिग्री, पचमढ़ी में 16.6 डिग्री, मंदसौर में 16.8 डिग्री और दतिया में 17 डिग्री सेल्सियस रहा।

अगले चार दिन में और गिरेगा पारा

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले चार दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। हालांकि, दिन के समय कई शहरों में गर्मी का असर बना हुआ है।

भोपाल, राजगढ़, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, खजुराहो, नर्मदापुरम और मंदसौर में अधिकतम तापमान 34.4 से 35.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

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    <title>वाह रे रेलवे! ट्रेन चलने से पहले ही भविष्य में पहुंच गया आदेश, अधिकारी के हस्ताक्षर ने खोली सिस्टम की पोल!</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-21 22:12:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (सचीन्द्र मिश्र)-सीधी से रीवा के बीच मेमू ट्रेन चलाने की खबर विंध्यवासियों के लिए राहत भरी हो सकती है, लेकिन रेलवे बोर्ड के नाम से सामने आए आदेश ने एक अलग ही सवाल खड़ा कर दिया है। आदेश में ट्रेन सेवा 24 अक्टूबर 2026 से शुरू करने की मंजूरी दी गई है और नीचे आदेश जारी होने की तारीख भी 24 अक्टूबर 2026 ही दर्ज है। जबकि आज 21 अक्टूबर है।

अब सवाल यह है कि जब आदेश की तारीख आने में अभी तीन दिन बाकी हैं, तो यह आदेश आज ही कैसे सामने आ गया? क्या रेलवे के अधिकारी भविष्य में पहुंच गए हैं, या फिर फाइलों में तारीखें भी अपनी मर्जी से चलती हैं?

कमाल देखिए! रेलवे में ट्रेन भले ही अपने निर्धारित समय से चले या लेट हो जाए, लेकिन आदेश समय से पहले ही पटरी पर उतर गया!

जिस अधिकारी के हस्ताक्षर आदेश पर दिखाई दे रहे हैं, क्या उन्होंने तारीख देखे बिना हस्ताक्षर कर दिए? क्या यह भविष्य की तारीख में तैयार किया गया अग्रिम आदेश है, जिसे गलती से पहले सार्वजनिक कर दिया गया? या फिर दस्तावेज की तारीख में कोई तकनीकी अथवा लिपिकीय त्रुटि है? इन सवालों का जवाब रेलवे को ही देना चाहिए।

आमतौर पर आम आदमी बैंक की एक तारीख गलत भर दे तो उसे कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकारी दफ्तर में किसी आवेदन पर तारीख गलत हो जाए तो फाइल अटक सकती है। लेकिन यहां तो मामला रेलवे बोर्ड के आदेश का है, जहां तारीख ही भविष्य की लिखी हुई है!

जनता को ट्रेन का इंतजार रहता है, लेकिन यहां तो जनता से पहले आदेश ही भविष्य की यात्रा पर निकल पड़ा!

सीधी-रीवा रेल सेवा विंध्य क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से जुड़ी उम्मीदों का विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण मामले में आदेश की तारीख को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसलिए रेलवे को स्पष्ट करना चाहिए कि आदेश वास्तव में कब जारी हुआ और 24 अक्टूबर की तारीख दर्ज होने के पीछे क्या वजह है।

फिलहाल तस्वीर यही सवाल पूछ रही है—रेलवे की ट्रेन समय पर चलेगी या नहीं, यह तो बाद की बात है; लेकिन रेलवे का आदेश आखिर भविष्य से वर्तमान में कैसे पहुंच गया?</description>
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    <title>विंध्य की स्वास्थ्य सेवाओं की वेहतरी के लिये कृत संकल्पित हैं डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-21 21:18:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल ( ईन्यूज एमपी)मध्यप्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिगकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेंद्र शुक्ल प्रदेश के साथ साथ खासतौर से विंध्यरीजन की स्वास्थ्य सेवाओं की वेहतरी के लिये हमेंशा कटिवद्ध रहे हैं । वह आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सिविल अस्पतालों में पदस्थ मेडिकल ऑफीसर्स के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।


 उप मुख्यमंत्री ने ओपीडी संचालन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चिकित्सकों को निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर मिले। ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास करें तथा पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ मरीजों का समुचित उपचार करें। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को वहाँ किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और जवाबदेही के साथ करें।
        	उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बंधपत्र चिकित्सक अनिवार्य रूप से अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास करें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। स्वास्थ्य संस्थाओं के परिसर में स्वच्छता बनाए रखें। आवश्यक एवं जीवनरक्षक औषधियों का समुचित भंडारण सुनिश्चित करें। दवाओं की उपलब्धता पर सतत निगरानी रखें। चिकित्सकों का व्यवहार एवं आचरण मरीजों के प्रति संवेदनशील, सहयोगात्मक और सम्मानजनक होना चाहिए।, प्रत्येक चिकित्सक मरीजों से प्रभावी संवाद स्थापित करे। उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समुचित उपचार करें। स्वास्थ्य संस्थाओं में अनावश्यक संलग्नीकरण समाप्त कर मानव संसाधन का उपयोग निर्धारित कार्यस्थल पर करें। अस्पतालों में पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज का समुचित परीक्षण, आवश्यक जांच, उपचार एवं रेफरल की व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार करें। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। नए एवं पूर्व से कार्यरत स्टाफ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की अद्यतन जानकारी दें तथा जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से समय-समय पर प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण सुनिश्चित करें, जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
        	उप मुख्यमंत्री ने रीवा जिले में शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि  गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी, सुरक्षित प्रसव तथा नवजात शिशुओं की समुचित देखभाल पर विशेष ध्यान दें। सभी अस्पतालों के प्रभारी अपने कार्यक्षेत्र में विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हितग्राहियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करें। सूचीबद्ध मरीजों को उनकी बीमारी के अनुरूप जांच, उपचार, आवश्यक दवाएं एवं फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध कराते हुए शत-प्रतिशत उपचार सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें।</description>
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    <title>दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर से गिर कर युवक की मौत, सदमे में चाचा ने तोड़ा दम...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-21 18:28:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>मऊगंज(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार में दो लोगों की जान ले ली। प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे 28 वर्षीय युवक की ट्रैक्टर से गिरकर मौत हो गई। बुधवार सुबह भतीजे की मौत की खबर सुनकर शव देखने पहुंचे 84 वर्षीय चाचा सदमे में आ गए। परिजनों के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक आया और करीब एक घंटे बाद उनकी भी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से गिरा युवक, पेट के ऊपर से गुजरा पहिया

मृतक की पहचान लालेंद्र सिंह (28), निवासी सगरा गांव, थाना लौर के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान घर में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। मंगलवार रात परिवार के लोग न्यू सोनालिका ट्रैक्टर से प्रतिमा विसर्जन के लिए नईगढ़ी स्थित अष्टभुजा धाम जा रहे थे।

इसी दौरान नईगढ़ी थाना क्षेत्र के लालगंज तिराहे के पास ट्रैक्टर की रफ्तार तेज होने के कारण आगे बैठा लालेंद्र नीचे गिर गया। गिरते ही ट्रैक्टर का पिछला पहिया उसके पेट के ऊपर से गुजर गया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

बुधवार सुबह करीब 8 बजे कृष्ण कुमार सिंह (84) को भतीजे की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद वे उसका शव देखने पहुंचे। परिजनों के अनुसार, भतीजे का शव देखकर उन्हें गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत बिगड़ गई।

सुबह करीब 10 बजे उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके लगभग एक घंटे बाद सुबह 11 बजे उनकी भी मौत हो गई। एक ही परिवार में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो मौतों से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

लालेंद्र सिंह के पिता चंद्रभूषण सिंह ने अपने भाई जगजीवन सिंह के साथ नईगढ़ी थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।

नईगढ़ी थाना प्रभारी अनिल काकड़े के मुताबिक, सड़क हादसे में युवक की मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।</description>
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    <title>कविता संग्रह "चलो कहीं और चलें "का विमोचन इंदौर में </title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-21 12:27:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सीधी(ईन्यूज एमपी)-- वरिष्ठ लेखक, पत्रकार सोमेश्वर सिंह के दूसरे कविता संग्रह "चलो कहीं और चलें"का विमोचन आगामी 24-25 अक्टूबर 2026 को इंदौर में आयोजित प्रगतिशील लेखक संघ मध्य प्रदेश के राज्य स्तरीय सम्मेलन में किया जाएगा। यह जानकारी प्रलेस इकाई सीधी के महासचिव अशोक तिवारी "अकेला" ने दी है।
   अकेला ने बताया कि प्रगतिशील लेखक संघ इकाई सीधी के अध्यक्ष सोमेश्वर सिंह की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। यह उनका दूसरा कविता संग्रह है। कविता संग्रह का विमोचन देश प्रलेस के नामचीन लेखकों ,साहित्यकारों के मौजूदगी में संपन्न होगा।
जिसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकार, भाषाविद डॉक्टर गणेश एन देवी , प्रदेश के राष्ट्रीय महासचिव सुखदेव सिंह सिरसा, जितेंद्र भाटिया, कुमार अंबुज प्रमुख हैं। कविता संग्रह "चलो कहीं और चले" ऑनलाइन अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, गूगल में उपलब्ध है।</description>
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    <title>मध्यप्रदेश में 2 दिन और आंधी-बारिश का अलर्ट, दशहरे पर भी भीगे रावण के पुतले</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-21 07:53:12</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में पिछले पांच दिनों से आंधी-बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को दशहरे के दिन भी कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे रावण दहन की तैयारियों पर असर पड़ा। कई जगह रावण के पुतले भीग गए, जबकि कुछ स्थानों पर उन्हें बरसाती से ढकना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को इंदौर, उज्जैन, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।

इस साल दशहरे के दिन मंगलवार को रतलाम, महू समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। बारिश के कारण रावण के पुतले भीग गए। कुछ स्थानों पर आयोजकों ने पुतलों को बरसाती से ढककर सुरक्षित रखने की कोशिश की।
इससे पहले वर्ष 2022 में भी दशहरे पर तेज बारिश हुई थी। उस दौरान भोपाल में बारिश से रावण का पुतला भीग गया था और उसे जलाने में परेशानी हुई थी। बाद में पुतले पर केरोसिन और पेट्रोल डालकर दहन की कोशिश की गई थी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश के कारण रावण दहन प्रभावित हुआ था।</description>
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    <title>चबूतरे पर मिला नवजात का शव, इलाके में मचा हड़कंप</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-21 07:39:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पाड़ेन टोला में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब बाबू चक्की के पास स्थित संन्यासी बाबा के चबूतरे पर एक नवजात का शव मिला। शव के साथ नाल जुड़ी हुई थी। वहीं, छाती के दाहिने हिस्से में छेद जैसा निशान मिलने की बात भी सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पाड़ेन टोला में स्थित करीब 50 साल पुराने चबूतरे पर नवजात का शव मिलने की खबर क्षेत्र में तेजी से फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नवजात के शव से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की।

घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि नवजात का शव किसी अन्य स्थान से लाकर चबूतरे पर छोड़ा गया होगा। वहीं, कुछ लोग इसे नरबलि और टोना-टोटका जैसी आशंकाओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी ऐसी किसी आशंका को प्रमाणित नहीं किया है।

सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपुष्ट जानकारियों को प्रसारित करने से बचें।

फिलहाल पुलिस नवजात की पहचान, घटना की परिस्थितियों और शव चबूतरे तक पहुंचने से जुड़े तथ्यों का पता लगाने में जुटी है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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    <title>विजयादशमी पर पुलिस लाइन सीधी में विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-20 18:36:49</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-विजयादशमी के पावन पर्व पर पुलिस लाइन सीधी स्थित शस्त्रागार में शस्त्र पूजन कार्यक्रम हर्षाेल्लास एवं पारंपरिक श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, कलेक्टर विकास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी सहित उपस्थित अतिथियों एवं पुलिस अधिकारियों ने शक्ति स्वरूपा मां काली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। इसके पश्चात शस्त्रों एवं पुलिस वाहनों का पूजन किया गया। अतिथियों ने विशेष शस्त्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने शस्त्रों के सम्मान और शास्त्रों के ज्ञान को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए वीरता, शौर्य एवं कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया।

 	सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि “शस्त्र का सम्मान और शास्त्र का ज्ञान, यही है हमारी संस्कृति का महान प्रमाण।” विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें शक्ति, साहस, आत्मसम्मान और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

 	उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्र शक्ति, साहस और सुरक्षा के प्रतीक हैं। शस्त्रों की सार्थकता धर्म की रक्षा, अन्याय के प्रतिकार तथा समाज में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में है। वहीं, शास्त्र हमें विवेक, मर्यादा और सही मार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं। शक्ति का उपयोग सदैव न्याय, जनकल्याण और लोकहित के लिए किया जाना चाहिए।

 	सांसद ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। शस्त्र पूजन की परंपरा कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का संदेश देती है। उन्होंने जिले में शांति, सद्भाव और खुशहाली बनाए रखने की कामना करते हुए जिलेवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।

 	जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह ने जिलेवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा है। यह पर्व हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सत्य के मार्ग पर चलने और समाज में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। शक्ति का उपयोग सदैव जनकल्याण, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए होना चाहिए। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

 	कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिलेवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य, धर्म और न्याय की विजय का संदेश देता है। विजयादशमी हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तथा समाज के व्यापक हित में कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। त्योहारों के अवसर पर नागरिकों की सहभागिता और सहयोग से शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित होता है। उन्होंने सभी जिलेवासियों से आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाने तथा जिले की सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने की अपील की।

 	पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने जिलेवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शस्त्र पूजन हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। यह पुलिस बल को शक्ति के साथ जिम्मेदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का भी स्मरण कराता है। पुलिस शस्त्रों का उपयोग कानून के दायरे में रहकर नागरिकों की सुरक्षा, अपराधों पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। त्योहारों के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और सुरक्षित जीवन की कामना की।

 	कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह परिहार, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, डीएसपी मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी, एसडीओपी चुरहट रविप्रकाश कौल, डीएसपी आजाक श्री रावेंद्र द्विवेदी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 
	
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    <title>मध्यप्रदेश में बिजली संकट की आहट, कोयले की आपूर्ति पर टिकी नजर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-20 11:23:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग के बीच आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। कोयले की आपूर्ति में संभावित बाधा, बारिश की कमी और बिजली उत्पादन इकाइयों में तकनीकी खराबी के चलते प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए बंद पड़ी इकाइयों को दोबारा चालू करने की कवायद से फिलहाल राहत मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को प्रदेश में बिजली की मांग के अनुरूप करीब 16,975 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा लगभग 12,685 मेगावाट था। यह अंतर बताता है कि प्रदेश में बिजली की जरूरत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में मांग के अनुरूप पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना ऊर्जा विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।

बिजली उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों के तहत खंडवा थर्मल पावर प्लांट की कुल 1,200 मेगावाट क्षमता वाली दो इकाइयों को दोबारा चालू किया गया। इसके अलावा बीरसिंहपुर, जेपी बीना, लेनको पावर और एनटीपीसी मोहदा की कुछ इकाइयों से भी उत्पादन बहाल करने की दिशा में काम किया गया है। इन इकाइयों के चालू रहने से बिजली की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

प्रदेश में कम बारिश के कारण जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। वहीं, ताप विद्युत संयंत्रों के संचालन के लिए पर्याप्त कोयले की उपलब्धता जरूरी है। यदि कोयले की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो बिजली उत्पादन पर इसका असर पड़ सकता है। सौर ऊर्जा से दिन के समय बिजली की उपलब्धता बढ़ती है, लेकिन मांग और उत्पादन के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों के बीच आने वाले दिनों में बिजली उत्पादन इकाइयों की स्थिति, कोयले की उपलब्धता और मांग के अनुसार आपूर्ति पर नजर रहेगी। फिलहाल बिजली कटौती को लेकर किसी व्यापक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था में निरंतर सुधार प्रदेश के लिए जरूरी है।
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  <item>
    <title>दशहरा पर मध्यप्रदेश के 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, बारिश से बचाने पुतलों को ढका</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-20 08:22:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-दशहरा के दिन मध्यप्रदेश के आधे हिस्से में मौसम बिगड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम और सागर संभाग के 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश की आशंका को देखते हुए भोपाल में रावण दहन की तैयारियों में जुटे कलाकारों ने पुतलों को बरसाती से ढक दिया है।

साल 2022 में बारिश के कारण रावण के पुतले ठीक से नहीं जल पाए थे। उस समय पुतलों को जलाने के लिए केरोसिन और पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार आयोजक पहले से सतर्क नजर आ रहे हैं।

इन 25 जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम में बदलाव की वजह चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ को बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में अगले चार दिन यानी 23 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे या इससे अधिक रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग में राहत के आसार

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में धूप निकलने की संभावना जताई गई है। वहीं, बारिश के अलर्ट के बीच दशहरा आयोजकों को रावण दहन और अन्य कार्यक्रमों के लिए मौसम पर नजर रखनी होगी।

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  <item>
    <title>कलेक्टर ने गऊ घाट विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की, श्रद्धालुओं से सुरक्षित विसर्जन की अपील</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-19 19:43:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में मां दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा ने आज गऊ घाट विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नागरिकों से निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।

 	कलेक्टर ने विसर्जन स्थल पर सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्कता के साथ सभी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विसर्जन के दौरान पुलिस बल, होमगार्ड के प्रशिक्षित तैराक, नाव के साथ आवश्यक बचाव उपकरण, रस्सा, टॉर्च, लाइफ जैकेट, बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, टेंट, लाउडस्पीकर, चेतावनी बोर्ड एवं वायरलेस संचार व्यवस्था सहित आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 	जिले की नदियों में जल स्तर अधिक होने के कारण नाव से दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के गहरे पानी में प्रवेश न करें, तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें और बैरिकेडिंग पार कर विसर्जन करने का प्रयास न करें। घाटों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि से बचें।

 	प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की है कि छोटे बच्चों को नदी के घाटों और पानी के किनारे न जाने दें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को अपने साथ रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें। विसर्जन के दौरान धक्का-मुक्की एवं जल्दबाजी से बचें और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न न करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की मदद लें।

 	जिला प्रशासन ने नागरिकों से निर्धारित स्थलों पर ही दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करने, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धा और उत्साह के साथ सुरक्षा एवं सावधानी भी आवश्यक है। सभी श्रद्धालु संयमित व्यवहार अपनाते हुए स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।</description>
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    <title>दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के मद्देनजर सीधी-कमर्जी मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-19 18:57:08</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सीधी-कमर्जी मार्ग पर दो दिनों तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अपर जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 20 और 21 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक सभी मालवाहक वाहनों (लोडेड एवं अनलोडेड) के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

 	पुलिस अधीक्षक सीधी के प्रस्ताव के अनुसार, दोनों दिनों में मऊगंज, सीधी शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गऊघाट स्थित सोन नदी पर विसर्जन के लिए पहुंचने की संभावना है। सोन नदी पर एकल पुलिया होने के कारण दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

 	आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 एवं मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।</description>
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    <title>सीधी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 22 किलो गांजा जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-19 17:00:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम विजयपुर में एक घर की तलाशी के दौरान 22 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 2 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर को नवरात्रि के मद्देनजर शहर भ्रमण और यातायात व्यवस्था ड्यूटी के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम विजयपुर निवासी शिवम सिंह उर्फ शिब्बू सिकरवार अपने घर में बिक्री के लिए गांजा रखे हुए है। सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने स्वतंत्र साक्षियों की मौजूदगी में आरोपी के घर दबिश देकर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान कमरे में रखे दो बैगों से अलग-अलग पैकेटों में भरा कुल 22 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे का वजन कर उसे विधिवत जब्त कर लिया।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने गांजा रखने के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर शिवम सिंह उर्फ शिब्बू सिकरवार, पिता संतोष सिंह सिकरवार, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम विजयपुर, थाना कोतवाली, जिला सीधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध धारा 8/20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गांजे के स्रोत और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य संभावित लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत द्वारा संचालित ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत उप पुलिस महानिरीक्षक रीवा क्षेत्र हेमंत चौहान के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी का नेतृत्व रहा।

कोतवाली थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में एएसआई राजमणि रजक, प्रधान आरक्षक रणबहादुर, बालेन्द्र, सूरज सिंह, ममता और आरक्षक अवधेश कुशवाहा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सीधी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।</description>
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    <title>सीधी में सरकारी स्कूल की जमीन पर रातों-रात खड़ी हुईं 30 से ज्यादा झोपड़ियां, प्रशासन ने हटाने के दिए निर्देश</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-19 14:53:50</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी) जिले के सिहावल जनपद पंचायत अंतर्गत खुटेली गांव में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल की जमीन पर रातों-रात 30 से ज्यादा अस्थायी झोपड़ियां बना दी गईं। रविवार देर रात हुए इस घटनाक्रम की जानकारी सोमवार सुबह प्रशासन को मिली, जिसके बाद राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

मौके पर सिहावल एसडीएम राकेश शुक्ला, बहरी तहसीलदार हिमांशु शुक्ला और बहरी थाना पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने झोपड़ियां बनाने वाले लोगों को समझाइश दी और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही सभी अस्थायी झोपड़ियों को हटाने के निर्देश दिए।

एसडीएम राकेश शुक्ला ने बताया कि सरकारी जमीन पर अस्थायी रूप से कब्जा किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोग किसी के बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में लोगों को उकसाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, गांव के रामभद्र कोल का कहना है कि झोपड़ियां बनाने वाले लोगों के पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है। इसी वजह से उन्होंने स्कूल की जमीन पर अस्थायी झोपड़ियां बना ली हैं।

सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन सख्त

घटना के बाद सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला चर्चा में है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इन झोपड़ियों को हटाने के निर्देश पर कब तक अमल कराता है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।</description>
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    <title>देर रात मध्यप्रदेश में 4 आईएएस अधिकारियों के तबादले</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-19 08:28:52</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने रविवार रात चार आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक फेरबदल में भोपाल और जबलपुर नगर निगम के आयुक्त बदले गए हैं। संस्कृति जैन को वित्त विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि रामप्रकाश अहिरवार को भोपाल नगर निगम आयुक्त बनाया गया है।

संस्कृति जैन को वित्त विभाग में जिम्मेदारी

भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को वित्त विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है। उनके पास अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी था।

अंजू अरुण कुमार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थ

अंजू अरुण कुमार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है। वह मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्मार्ट सिटी भोपाल और अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

रामप्रकाश अहिरवार बने भोपाल नगर निगम आयुक्त

वर्ष 2018 बैच के प्रमोटी आईएएस अधिकारी रामप्रकाश अहिरवार को भोपाल नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह अब तक जबलपुर नगर निगम आयुक्त के पद पर पदस्थ थे। नई जिम्मेदारी के साथ उन्हें अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

अग्रिम कुमार को जबलपुर नगर निगम की कमान

वर्ष 2020 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रिम कुमार को जबलपुर नगर निगम आयुक्त नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।

सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश के प्रमुख नगरीय निकायों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के पुनर्निर्धारण के रूप में देखा जा रहा है।</description>
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    <title>दशहरे पर MP के 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-19 07:30:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में दशहरे के दिन 20 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के 14 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कई इलाकों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।

इससे पहले रविवार को इंदौर, सीहोर और शाजापुर में तेज बारिश हुई। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण कई जगह माता पंडालों के टेंट उड़ गए। इससे दुर्गा उत्सव समितियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सोमवार को 15 जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार को भी प्रदेश के 15 जिलों में बारिश हो सकती है। इनमें भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।

दशहरे पर इन 14 जिलों में अलर्ट

20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।

22 अक्टूबर तक पश्चिमी MP में बदला रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 20, 21 और 22 अक्टूबर को प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं, पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

दशहरा आयोजकों के लिए सलाह: तेज हवाओं और बारिश की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों में लगे पंडालों, टेंट, होर्डिंग और अस्थायी विद्युत कनेक्शनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।</description>
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    <title>सीधी में खनिज परिवहन पर सख्ती, 6 नवंबर तक RFID टैग जरूरी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 19:40:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)मध्यप्रदेश में खनिज के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों पर आरएफआईडी (RFID) टैग अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए 6 नवंबर 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। तय समय तक टैग नहीं लगवाने वाले वाहनों का ई-खनिज पोर्टल से पंजीयन समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित वाहन खनिज परिवहन नहीं कर सकेंगे।

जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के नेतृत्व में रविवार को खनिज विभाग की टीम ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान खनिज परिवहन में लगे वाहनों को रोककर वाहन चालकों और संबंधित लोगों को आरएफआईडी टैग लगवाने की अनिवार्यता तथा नई व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी गई।

नंबर प्लेट में गड़बड़ी करने वालों पर रहेगी नजर

विभाग के अनुसार, कुछ वाहन चालक ई-चेक गेट से बचने के लिए नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाना, नंबर प्लेट बदलना और विभागीय वाहनों के डुप्लीकेट नंबर का इस्तेमाल जैसी अनियमितताएं कर रहे थे। इससे वाहनों की पहचान करने और खनिज के अवैध परिवहन पर निगरानी रखने में परेशानी हो रही थी। इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आरएफआईडी टैग आधारित तकनीकी व्यवस्था लागू की गई है।

टैग और ई-ट्रांजिट पास होंगे लिंक

नई व्यवस्था के तहत जिस वाहन के नाम पर आरएफआईडी टैग जारी होगा, उसी वाहन के लिए ई-ट्रांजिट पास (eTP) जनरेट किया जाएगा। दोनों को आपस में लिंक किया जाएगा। वाहन के ई-चेक गेट से गुजरने पर टैग स्कैन होगा और खनिज की मात्रा व प्रकार से संबंधित जानकारी भोपाल स्थित स्टेट कंट्रोल रूम में दर्ज होगी।

निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने और सर्वर संबंधी समस्याओं से बचने के लिए भोपाल के अतिरिक्त चिन्हित जिलों में भी 20 दिनों के भीतर छोटे कंट्रोल रूम स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

जिले में दो स्थानों पर ई-चेक गेट

सीधी जिले में खनिज परिवहन की निगरानी के लिए बघवार और कोष्टा कोठार में दो ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। दोनों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जिससे खनिज परिवहन पर निगरानी रखी जा सके।

विभागीय जानकारी के अनुसार, शासन ने 16 अप्रैल 2026 को गजट अधिसूचना जारी कर इस व्यवस्था के तहत जुर्माना लगाने को वैधानिक आधार प्रदान किया था। इसके बाद छह माह की अवधि में जिले में खनिज के अवैध परिवहन के 156 प्रकरण दर्ज किए गए और संबंधित मामलों में जुर्माना लगाया गया।

खनिज राजस्व की सुरक्षा पर जोर

जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के नेतृत्व में चलाए गए अभियान का उद्देश्य वाहन मालिकों और चालकों को निर्धारित समय-सीमा में आरएफआईडी टैग लगवाने के लिए जागरूक करना है। विभाग को उम्मीद है कि नई तकनीकी व्यवस्था से खनिज परिवहन में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और शासन के खनिज राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

खनिज विभाग ने जिले के सभी खनिज परिवहन वाहन स्वामियों और ठेकेदारों से अपील की है कि वे 6 नवंबर 2026 तक आरएफआईडी टैग लगवाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें, ताकि उनका वाहन खनिज परिवहन के लिए पंजीकृत बना रहे।</description>
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    <title>आयुष्मान आरोग्य मंदिर कोडार में दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने किया गुणवत्ता मूल्यांकन, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की हुई जांच</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 17:47:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)। जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर कोडार में 17 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत मूल्यांकन किया गया। दिल्ली से पहुंचीं विशेषज्ञ डॉ. इंद्रदीप कौर एवं डॉ. मनीषा चौधरी ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई और अभिलेखों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान ओपीडी, प्रयोगशाला, एनसी रूम, टीकाकरण कक्ष और दवा स्टोर सहित विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के आधार पर परखा गया।

मूल्यांकन के दौरान जिला एवं विकासखंड स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने टीम को केंद्र में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। जिला स्तर पर डीसीएम नरेंद्र पटेल ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं और सेवाओं से संबंधित विवरण प्रस्तुत किया। वहीं विकासखंड स्तर पर बीएमओ डॉ. सुप्रिया सिंह एवं बीसीएम देवेंद्र सिंह ने विभागीय गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। स्वास्थ्य केंद्र की कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर सहित एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा कार्यकर्ताओं और आशा सुपरवाइजर ने भी अपने कार्यक्षेत्र एवं जिम्मेदारियों से संबंधित जानकारी दी।

विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, रिकॉर्ड संधारण, उपलब्ध सुविधाओं और जन-जागरूकता संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। मूल्यांकन के दौरान ग्राम पंचायत कोडार की सरपंच सीता सिंह भी मौजूद रहीं। जिला एवं विकासखंड स्वास्थ्य विभाग का अमला निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सक्रिय रहा और टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। यह प्रक्रिया शाम करीब छह बजे तक चली, जिसके बाद विशेषज्ञ टीम जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुई।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत किया गया यह मूल्यांकन स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करने की प्रक्रिया है। अब मूल्यांकन के आधिकारिक परिणाम एवं प्राप्त स्कोर के आधार पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कोडार की गुणवत्ता संबंधी स्थिति स्पष्ट होगी।</description>
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  <item>
    <title>सीधी में सड़क किनारे मिला अज्ञात युवक का शव, पहचान में जुटी पुलिस</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 15:57:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के मझौली थाना क्षेत्र अंतर्गत मुनगहा माटा पंचायत में रविवार दोपहर सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है। सूचना मिलते ही मझौली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे स्थानीय निवासी रामकुमार बैगा ने सड़क किनारे युवक का शव देखा। उन्होंने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

मृतक के बाल काले हैं और चेहरे पर हल्की मूंछें हैं। युवक ने हल्के लाल रंग की टी-शर्ट, जिस पर DIKE FIT HUNKY 85 का टैग है, ग्रे रंग की बनियान, स्लेटी-काले रंग का लोअर और मैरून रंग का अंडरवियर पहना हुआ था। अंडरवियर पर ANIK का टैग लगा है। पुलिस इन्हीं शारीरिक विशेषताओं और कपड़ों के आधार पर युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक स्थानीय गांव का निवासी नहीं है।

मझौली थाना प्रभारी विशाल शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों के आधार पर मृतक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल युवक की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आ सकेगी।

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    <title>बड़ी खबर:रिश्वत लेते सुपरवाइजर रंगे हाथों पकड़ाया,विंध्य में लोकायुक्त का ट्रैप...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 15:26:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सतना(ईन्यूज़ एमपी)- हाजिरी दर्ज करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त रीवा की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम सतना के एक सुपरवाइजर को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी की पहचान बालकृष्ण आदिवासी के रूप में हुई है, जो नगर निगम सतना में सुपरवाइजर के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त की टीम आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रही है।

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, सतना निवासी राजकिशोर समुंद्रे नगर निगम में सफाईकर्मी के रूप में वार्ड क्रमांक 15 में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि सितंबर माह में उन्होंने 25 दिन काम किया था, लेकिन सुपरवाइजर ने रजिस्टर में कम हाजिरी दर्ज की। इस संबंध में बात करने पर सही हाजिरी दर्ज करने के एवज में उनसे 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सत्यापन के दौरान आरोपी पहले ही 1 हजार रुपये प्राप्त कर चुका था। इसके बाद 18 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। बिरला हॉस्पिटल के सामने, सतना में शिकायतकर्ता से 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सुपरवाइजर बालकृष्ण आदिवासी को पकड़ लिया गया। इस तरह शिकायत में बताई गई कुल 3 हजार रुपये की मांग के शेष 2 हजार रुपये लेते हुए आरोपी को ट्रैप किया गया।

आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने की। ट्रैपकर्ता अधिकारी निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित लोकायुक्त टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है।

लोकायुक्त ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो लोकायुक्त रीवा से मोबाइल नंबर 98936 07619 पर संपर्क कर शिकायत की जा सकती है।</description>
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    <title>ग्वालियर हादसा: सीएम डॉ. मोहन यादव एक्शन में, सीएसपी को हटाया, 8 को किया सस्पेंड*</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 13:57:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- ग्वालियर जिले में हुए सड़क हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई की है। हादसे को लेकर उन्होंने सीएसपी को हटा दिया है। इसके अलावा 3 थाना प्रभारियों, एक निरीक्षक यातायात, एक प्रधान आरक्षक और 3 आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने सड़क हादसे में मृत लोगों के परिजनों के लिए 4-4 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुआ भीषण सड़क हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने इस गंभीर घटना में लापरवाही बरतने पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी, आरक्षक किशन खन्ना, आरक्षक अनिल जैतपुरिया और आरक्षक पवन सेंगर को निलंबित करने के भी निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर से हैं। उन्होंने मंत्री एदल सिंह कंषाना और मंत्री राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति देने और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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  <item>
    <title>सीधी: छूही खदान धंसने से महिला दबी, ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला; एक की हालत गंभीर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 12:06:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पैगमा के मटिहानी हाई स्कूल के पास रविवार सुबह छूही निकालने के दौरान खदान धंस गई। हादसे में एक महिला के दबने की सूचना है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, महिला छूही निकालने के लिए खदान में गई थी, तभी अचानक खदान धंस गई और वह मलबे में दब गई। घटना की जानकारी मिलते ही जनपद सदस्य संपूर्ण सिंह, ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर रेस्क्यू कर महिला को बाहर निकाला।

इसके बाद तत्काल 108 एंबुलेंस को बुलाकर महिला को जिला अस्पताल सीधी भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही थी।

फिलहाल, हादसे में घायल महिलाओं की स्थिति और घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।</description>
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    <title>सीधी के गांधी चौक की चौपाटी में आग से तीन दुकानें खाक, 70 हजार से ज्यादा का नुकसान</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 11:23:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- शहर के गांधी चौक स्थित पार्किंग परिसर की चौपाटी में रविवार सुबह आग लगने से तीन दुकानों को भारी नुकसान हुआ। चाऊमीन, डोसा और पिज्जा की दुकान समेत तीन दुकानों में आग से सामान जलकर राख हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। दुकानदारों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

जानकारी के अनुसार, गांधी चौक पार्किंग परिसर स्थित चौपाटी में रविवार सुबह करीब 7 से 7:30 बजे के बीच आग लगी। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोगों ने दुकानदारों को सूचना दी। दुकानदार मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग फैल चुकी थी। आग की चपेट में आने से दुकानों में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। समय रहते दमकल टीम ने आग पर काबू पा लिया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों तक आग फैलने का खतरा टल गया।

इस घटना में देवेंद्र कुमार सोनी, सत्यनारायण भुजवा और राहुल सिंह की दुकानों को नुकसान पहुंचा है। देवेंद्र सोनी ने अपनी दुकान में 70 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान जताया है। आग से अन्य दुकानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।


घटना की जानकारी मिलने पर सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। सांसद ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित दुकानदारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कोतवाली थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर भेजा गया था। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है।</description>
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    <title>मध्य प्रदेश की 12 जेलें होंगी शहरों से बाहर, 106 एकड़ जमीन पर बनेंगे प्रोजेक्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-18 09:03:37</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में सागर और रीवा समेत प्रदेश की 12 जेलों को शहरों के आबादी वाले इलाकों से बाहर शिफ्ट करने की योजना है। इसमें 2 केंद्रीय जेल, 7 जिला जेल और 3 उप जेल शामिल हैं। जेलों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के बाद मौजूदा जमीन निजी डेवलपर्स को दी जाएगी।

योजना के तहत करीब 106 एकड़ बेशकीमती जमीन पर निजी डेवलपर्स प्रोजेक्ट विकसित करेंगे। इसके बदले डेवलपर्स शहर के बाहर नई जेलों का निर्माण करके सरकार को सौंपेंगे।

नई जेलों के निर्माण पर करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि पुरानी जेलों की जमीन पर विकसित होने वाले प्रोजेक्ट की कीमत 1900 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। इस व्यवस्था से सरकार को नई जेलें मिलने के साथ करीब 1000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आर्थिक बचत या लाभ मिलने की उम्मीद है।

योजना का उद्देश्य शहरों के बीच स्थित जेलों को बाहर स्थानांतरित करना और उनकी मौजूदा जमीन का बेहतर उपयोग करना है।</description>
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  <item>
    <title>एक्सप्रेस-वे में भीषण सड़क हादसा: एमपी के 8 श्रद्धालुओं की मौत, 17 घायल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-17 14:36:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>बैतूल/कोटा(ईन्यूज एमपी)-राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से जुड़े आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। भोपाल से खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रही यात्रियों से भरी टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरी। हादसे में 17 लोगों के घायल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सीमलिया थाना क्षेत्र के पास हुआ। ट्रैवलर में सवार यात्री खाटूश्यामजी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। वाहन में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। नाले में पानी और कीचड़ होने के कारण राहत कार्य में परेशानी आने की भी जानकारी सामने आई है।

हादसे में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र के जामगांव, मीरापुर और घाट बिरोली से जुड़े परिवारों के सदस्य प्रभावित बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई यात्री आपस में रिश्तेदार थे और कामकाज के सिलसिले में भोपाल में रह रहे थे। मृतकों में मुलताई क्षेत्र से जुड़ी करीब 24 वर्षीय कॉलेज छात्रा की भी मौत होने की जानकारी है।

घायलों में बैतूल निवासी हेमलता संतोष गायकवाड़, मुलताई क्षेत्र के मोहनिश झरबड़े, मीरापुर निवासी रीता झरबड़े तथा घाट बिरोली के दो नाबालिग बच्चे वेदांत और सारांश के नाम सामने आए हैं। घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दुख जताया और मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों राज्यों के प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों और घायलों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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  <item>
    <title>363 गांवों में विद्युतीकरण का एलान,सीधी सांसद का दावा कितना सच ....?</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-17 11:11:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- लोकसभा क्षेत्र के बिजली से वंचित बसाहटों तक विद्युत सुविधा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होने की विज्ञप्ति आई है। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के अनुसार, नवंबर 2025 से किए जा रहे प्रयासों के बाद केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के माध्यम से संसदीय क्षेत्र के 363 गांवों की बस्तियों और मजरों में विद्युतीकरण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इससे कुल 14,085 प्रभावित घरों को लाभ मिलने की उम्मीद सांसद डॉक्टर राजेश मिश्र ने जताई है है। लेकिन सच्चाई की बात करें सांसद के दावों की बात करें तो आज भी सीधी संसदीय क्षेत्र के पचासों गांव टोला मजरा अंधेरे में हैं ।

जारी विज्ञप्ति के अनुसार सीधी जिले के 123 गांवों के 3,444 घर, सिंगरौली जिले के 188 गांवों के 8,628 घर और ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के 54 गांवों के 2,013 घर शामिल हैं। इस प्रकार तीनों क्षेत्रों को मिलाकर 363 गांवों और 14,085 घरों के विद्युतीकरण का रास्ता साफ हुआ है।

सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संसदीय क्षेत्र के ऐसे स्थानों तक बिजली पहुंचाने के लिए नवंबर 2025 से प्रयास किए जा रहे थे, जहां अब तक विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए गए प्रयासों को अब सांसद अपनी सफलता बता रहे हैं। सांसद डॉक्टर राजेश मिश्र एक अच्छे चिकित्सक के साथ साथ उन्हें सीधी संसदीय क्षेत्र के भौगोलिक इलाके की भी जानकारी है । और विज्ञप्ति जारी करने के पहले  चितरंगी और कुशमी इलाके के वनांचल इलाकों की हकीकत उन्हे जानने की जरूरत है ।</description>
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  <item>
    <title>MP के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण का नया मेनू जारी: बघेलखंड का पारंपरिक व्यंजन 'इंद्रहर' अब बच्चों की थाली में...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-17 10:14:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी)- मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को अब मध्याह्न भोजन (PM पोषण) में अधिक विविधता, स्वाद और पोषण मिलेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आदेश जारी कर स्कूलों के साप्ताहिक मेनू का पुनर्निरूपण करने के निर्देश दिए हैं।

इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रदेश की समृद्ध स्थानीय खाद्य संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों को स्कूल के भोजन में शामिल किया गया है।


नई गाइडलाइन के अनुसार, सप्ताह में कम से कम एक दिन बच्चों को क्षेत्रीय और पारंपरिक पोषक व्यंजन परोसे जाएंगे। इसी कड़ी में बघेलखंड और महाकौशल क्षेत्र के प्रमुख व प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन 'इंद्रहर' व कोदौ-कुटकी की खीर को मध्याह्न भोजन के मेनू में खास तौर पर शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

इंद्रहर विभिन्न प्रकार की दालों (दालों के मिश्रण) से तैयार किया जाने वाला अत्यंत स्वादिष्ट और प्रोटीन से भरपूर पारंपरिक व्यंजन है। 


प्रदेश के अन्य सांस्कृतिक क्षेत्रों के बच्चों को भी उनके स्थानीय स्वाद के अनुसार भोजन दिया जाएगा:

 * मालवा एवं भोपाल-नर्मदापुरम: दाल-बाफला, भुट्टे का कीस और गेहूं की लापसी।

 * बुंदेलखंड: महरिया, बेसन के चीले और दाल-बाटी।

 * ग्वालियर-चंबल: बाजरे की राबड़ी, बेड़ई और बाजरा-ज्वार की रोटी।
 
 * जनजातीय क्षेत्र (झाबुआ, अलीराजपुर, मंडला, डिंडौरी): महुआ-अलसी के लड्डू, कोदो-कुटकी की खीर और खिचड़ी।

भारत सरकार की 2022 की गाइडलाइन के आधार पर तय किए गए पोषण मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा जिसमें प्राथमिक शाला (कक्षा 1 से 5) के प्रति विद्यार्थी को प्रतिदिन 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं माध्यमिक शाला (कक्षा 6 से 8) के प्रति विद्यार्थी को प्रतिदिन 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन निर्धारित किया गया है।


मेनू में मौसमी सब्जियों (जैसे कद्दू, लौकी, भिंडी, तोरई) के साथ-साथ सप्ताह में कम से कम दो बार पालक, मेथी, बथुआ, चौलाई और मुनगा (सहजन) जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों का उपयोग अनिवार्य किया गया है। आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए भोजन में टमाटर या नींबू की खटाई जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्थानीय फलों और दूध-छाछ जैसे उत्पादों को भी शामिल करने पर जोर दिया गया है।

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति स्थानीय परिस्थितियों, खाद्य उपलब्धता और बच्चों की पसंद का आकलन कर एक माह के भीतर जिलेवार नया मेनू लागू करेगी। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और एकरूपता बनाए रखने के लिए मानकीकृत रेसिपी पुस्तिका तैयार कर स्कूलों को उपलब्ध कराई जाएगी।</description>
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  <item>
    <title>MP में हर साल महंगा होगा टोल टैक्स! </title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-17 07:14:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल ()मध्यप्रदेश में वाहन चालकों के लिए टोल टैक्स से जुड़ा अहम बदलाव सामने आया है। भोपाल बायपास से गुजरने वाले वाहनों के टोल शुल्क में अब हर साल संशोधन किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 15 अक्टूबर को जारी गजट अधिसूचना में सालाना टोल दरें बदलने का प्रावधान किया है। दरें थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर निर्धारित की जाएंगी और संशोधित दरें हर साल 1 सितंबर से प्रभावी होंगी।


अधिसूचना में कार, हल्के वाणिज्यिक वाहन, बस और ट्रक सहित विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए टोल दरों का प्रावधान किया गया है। पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, दरें प्रति किलोमीटर एक तरफ की यात्रा के आधार पर इस प्रकार हैं:

| वाहन श्रेणी          | प्रति किमी दर |
| -------------------- | ------------- |
| कार                  | ₹0.35         |
| हल्के वाणिज्यिक वाहन | ₹0.85         |
| बस                   | ₹1.75         |
| ट्रक                 | ₹2.11         |
| मल्टी-एक्सल ट्रक     | ₹4.21         |

टोल प्लाजा की भौतिक स्थिति और लागू दरों का निर्धारण मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम करेगा।

टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोगों के निजी वाहन स्थानीय यातायात की श्रेणी में रखे जाएंगे। ऐसे वाहन मालिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत मासिक पास ले सकेंगे। रिपोर्ट में मासिक पास की वर्तमान दर ₹110 बताई गई है। हालांकि, एक से अधिक टोल प्लाजा पार करने वाले वाहनों को इस श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा।

अधिसूचना में एक तरफ की यात्रा के लिए देय टोल का 150 प्रतिशत भुगतान करके पास लेने का प्रावधान भी बताया गया है। यह पास भुगतान के समय से 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा के लिए मान्य होगा। वहीं, 50 या उससे अधिक एकतरफा यात्राओं के टिकट लेने पर निर्धारित शुल्क के दो-तिहाई के बराबर रियायती दर का प्रावधान है।

इस व्यवस्था से भोपाल बायपास का नियमित उपयोग करने वाले वाहन चालकों के खर्च पर असर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, यह वार्षिक संशोधन और लागू की जाने वाली दरों पर निर्भर करेगा।

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  <item>
    <title>MP में 2026-27 से शुरू होंगे एलाइड एंड हेल्थकेयर पाठ्यक्रम, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दिए निर्देश</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-16 21:06:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी)- मध्य प्रदेश में सह-चिकित्सीय क्षेत्र में प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एलाइड एंड हेल्थकेयर पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में कार्यवाही की जाएगी। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय एलाइड एंड हेल्थकेयर आयोग द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री ने वल्लभ भवन में आयोजित बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए सह-चिकित्सीय क्षेत्र में दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता आवश्यक है। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और तकनीकों के अनुरूप युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आयोग के अंतरिम दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करते हुए संबद्धता और प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश भी दिए।

राष्ट्रीय एलाइड एंड हेल्थकेयर आयोग ने इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से सह-चिकित्सीय क्षेत्र में कौशल उन्नयन, आधुनिक तकनीकों के विस्तार और देशभर में पाठ्यक्रमों में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंतरिम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मध्यप्रदेश में पाठ्यक्रमों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे।

बैठक में उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिंह, एलाइड काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, सचिव डॉ. शेलोज जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</description>
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  <item>
    <title>सीधी में संभाग स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ, 800 खिलाड़ी दिखा रहे दमखम</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-16 19:10:10</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- संभाग स्तरीय शालेय खेल कैलेंडर के तहत शुक्रवार को सीधी जिले में दो दिवसीय संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ। 16 और 17 अक्टूबर तक आयोजित इन प्रतियोगिताओं में संभाग के चार जिलों के लगभग 800 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थी विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह ने बालक 14 वर्ष आयु वर्ग की 100 मीटर दौड़ को हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी ने पुलिस लाइन सीधी स्थित वुशू ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित कुरास प्रतियोगिता का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कई खेल विधाओं में हो रही प्रतिस्पर्धा

प्रतियोगिता के अंतर्गत बालक-बालिका 14 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की एथलेटिक्स, बालक 14 वर्ष क्रिकेट, बालक-बालिका 19 वर्ष थ्रो बॉल, बालक-बालिका 14 वर्ष बास्केटबॉल, साइकिलिंग, कुरास, स्क्वैश और ताइक्वांडो की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने और खेल कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

चार स्थानों पर हो रहे मुकाबले

संभाग स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताएं छत्रसाल स्टेडियम, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1, क्रिकेटर हब अकादमी हाउसिंग बोर्ड और वुशू ट्रेनिंग सेंटर पुलिस लाइन सीधी में आयोजित की जा रही हैं। दो दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ी अपनी दक्षता और खेल भावना का प्रदर्शन करेंगे।</description>
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  <item>
    <title>MP में 3,447 गांवों तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी, ₹3,076 करोड़ से चार जिलों की बदलेगी तस्वीर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-16 16:22:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली जिले की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 3,076.37 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से चार जिलों के 3,447 गांवों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है।सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक पानी पहुंचाने, नहरों के नेटवर्क का विस्तार करने और किसानों की मानसून पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।



योजना के तहत चारों जिलों में गांवों की संख्या के अनुसार सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

रायसेन: 1,485 गांवों में सिंचाई नेटवर्क मजबूत किया जाएगा।

मंदसौर: 955 गांवों के खेतों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।

सिंगरौली: 744 गांवों को परियोजना के दायरे में शामिल किया जाएगा।

बुरहानपुर: 263 गांवों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।

इस तरह कुल 3,447 गांवों में सिंचाई के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की योजना है।

नहरों की मरम्मत और नेटवर्क का होगा विस्तार

स्वीकृत राशि से नए जलाशयों के निर्माण, पुरानी नहरों के जीर्णोद्धार और जल वितरण प्रणाली को मजबूत करने जैसे कार्य किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना है, ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके।

सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से खरीफ और रबी की फसलों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने तथा कृषि उत्पादन में सुधार आने की उम्मीद है। इससे किसानों को खेती की योजना बनाने में भी सुविधा मिल सकती है।

सिंगरौली के 744 गांवों के लिए अहम पहल

इस परियोजना में सिंगरौली जिले के 744 गांवों को शामिल किया जाना क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में सिंचाई नेटवर्क मजबूत होने से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, गांवों को वास्तविक लाभ परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की प्रगति और सिंचाई नेटवर्क के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा। सरकार की इस पहल का उद्देश्य कृषि भूमि तक पानी की पहुंच बढ़ाकर किसानों की उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

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    <title>कोहरे का कहर: बायपास पर दो ट्रकों की भिड़ंत, ड्राइवर का पैर कटा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-16 12:36:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत किटवरिया बायपास पर शुक्रवार सुबह घने कोहरे के कारण दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि एक ट्रक का चालक केबिन में ही फंस गया। उसे बाहर निकालने के लिए ट्रक का गेट तोड़ना पड़ा। दुर्घटना में चालक का पैर कट गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ट्रक बनारस से सतना की ओर जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक सतना से उत्तर प्रदेश की तरफ जा रहा था। इसी दौरान किटवरिया बायपास पर दोनों ट्रक आपस में टकरा गए। हादसे में शामिल ट्रकों के पंजीयन नंबर MP 17 HH 5350 और NL 01 AC 0672 बताए गए हैं।

टक्कर के बाद एक ट्रक का चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलने पर चोरहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। चालक को बाहर निकालने के लिए ट्रक का गेट तोड़ना पड़ा। इसके बाद घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

चोरहटा थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि हादसे में घायल चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस चालक की पहचान करने के प्रयास कर रही है।

सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की जरूरत है।
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    <title>सीधी में आज लगेगा युवा संगम मेला, रोजगार और स्वरोजगार के मिलेंगे अवसर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-16 06:46:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार, स्वरोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज 16 अक्टूबर को युवा संगम संयुक्त रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जाएगा। मेला सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शासकीय कन्या महाविद्यालय परिसर में लगेगा।

कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देशानुसार जिला रोजगार कार्यालय, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सीधी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले में निजी कंपनियों के साथ विभिन्न शासकीय विभाग भी शामिल होंगे।

निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे जुड़ सकेंगे युवा

मेले में देश, प्रदेश और स्थानीय स्तर की निजी कंपनियां युवाओं को रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भाग लेंगी। वहीं, स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे युवाओं को नौकरी के अवसर तलाशने के साथ अपना रोजगार शुरू करने के लिए जरूरी जानकारी मिल सकेगी।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस मेले का उद्देश्य युवाओं को रोजगार की संभावनाओं से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के इच्छुक बेरोजगार युवक-युवतियों से अपील की है कि वे आज सुबह 11 बजे से शासकीय कन्या महाविद्यालय परिसर में आयोजित मेले में पहुंचकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं।</description>
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    <title>सीधी में अवैध कॉलोनियों पर कलेक्टर का शिकंजा, 3 कॉलोनियां घोषित अवैध; जमीन पर कब्जे के आदेश</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-15 20:22:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में अवैध कॉलोनियों के निर्माण और बिना वैध अनुमति प्लॉटिंग के मामलों में कलेक्टर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। सीधी खुर्द की तीन अलग-अलग भूमियों पर विकसित की जा रही कॉलोनियों को अवैध घोषित करते हुए संबंधित जमीनों पर कब्जा प्राप्त करने और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कलेक्टर विकास मिश्रा के न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के बाद अवैध कॉलोनी निर्माण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने की संभावना है। आदेशों में नगर पालिका परिषद सीधी को संबंधित भूमियों पर भू-प्रवेश की कार्रवाई कर कब्जा प्राप्त करने तथा कॉलोनी विकास और नागरिक अधोसंरचना के लिए प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यायालय के आदेशों के अनुसार, ग्राम सीधी खुर्द में तीन अलग-अलग खसरा नंबरों की जमीन पर बिना वैध अनुमति प्लॉटिंग की जा रही थी। इनमें खसरा नंबर 303 की 0.2430 हेक्टेयर, खसरा नंबर 157/5/1/1 की 0.0854 हेक्टेयर और खसरा नंबर 156/2/1/1 की 0.2799 हेक्टेयर भूमि शामिल है।

आदेशों में इन जमीनों पर क्रमशः नौ, दो और छह भूखंडों के विक्रय का उल्लेख किया गया है। कुल मिलाकर इन तीनों मामलों में 17 भूखंडों के विक्रय का उल्लेख सामने आया है।

कलेक्टर न्यायालय ने संबंधित भूमियों को नगर पालिका परिषद सीधी से संबद्ध करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जमीनों पर भू-प्रवेश कर कब्जा प्राप्त करने के साथ कॉलोनी विकास और नागरिक सुविधाओं से संबंधित अधोसंरचना के लिए प्राक्कलन तैयार किया जाना है।

आदेशों में मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 339-क एवं 339-ख तथा कॉलोनाइजर पंजीयन नियम, 1998 के प्रावधानों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। संबंधित मामलों में अनावेदकों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराने के लिए तहसीलदार, गोपदबनास को अधिकृत किया गया है।

प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे बिना वैध अनुमति कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।
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    <title>लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्यवाही , रामपुरनैकिन के फरियादी से रिश्वत लेते  गिरफ्तार...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-15 15:41:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली/रीवा(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने सिंगरौली जल संसाधन विभाग में पदस्थ सहायक वर्ग-2 के कर्मचारी दिनेश कुमार श्रीवास्तव को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोप है कि कर्मचारी ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की लंबित बीमा राशि उसकी पत्नी के खाते में जमा कराने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

 पिता की मृत्यु के बाद लंबित थी बीमा राशि

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता रज्जन साकेत (21), निवासी मुर्तला कोठार, वार्ड नंबर-2, रामपुर नैकिन, जिला सीधी ने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के पिता जल संसाधन विभाग, संभाग क्रमांक-2, सिंगरौली में सुपरवाइजर के पद पर पदस्थ थे और 1 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे।

सेवानिवृत्ति के बाद उनकी बीमा राशि का भुगतान लंबित था। इसी दौरान 22 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हो गया। इसके बाद लंबित बीमा राशि शिकायतकर्ता की मां के खाते में जमा कराने के संबंध में वह कार्यालय के सहायक वर्ग-2 दिनेश कुमार श्रीवास्तव से मिला।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने राशि का भुगतान कराने के बदले 4,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत कर दी।

 शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने उसका सत्यापन कराया। शिकायत की पुष्टि होने पर 15 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मेन ब्रांच, बैढ़न के पास कार्रवाई करते हुए दिनेश कुमार श्रीवास्तव को कथित तौर पर 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

आरोपी जल संसाधन विभाग, संभाग क्रमांक-2, सिंगरौली में सहायक वर्ग-2 के पद पर पदस्थ है। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। लोकायुक्त टीम द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

रिश्वत मांगे तो लोकायुक्त को करें शिकायत

इस कार्रवाई में निरीक्षक नरेश बेहरा और निरीक्षक एस. राम मरावी सहित लोकायुक्त कार्यालय रीवा की टीम शामिल रही। लोकायुक्त पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा के मोबाइल नंबर 98936 07619 पर की जा सकती है।
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    <title>दिवाली से पहले मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-15 13:59:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने जबलपुर से भोपाल होते हुए इंदौर तक औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए उद्योग विभाग के माध्यम से एक नई कंपनी गठित की गई है, जो परियोजना के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का काम करेगी।

 सरकार देगी 100 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, नई कंपनी पूरी तरह मध्यप्रदेश शासन के स्वामित्व में रहेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है। कंपनी की गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे, ताकि परियोजना से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकें और औद्योगिक विकास के कार्यों को गति मिल सके।

 पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ भूमि विकसित करने की योजना

प्रस्तावित कॉरिडोर के तहत जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, देवास और इंदौर सहित सात जिलों में औद्योगिक विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है।

इस क्षेत्र में कृषि, पर्यटन, खनन, भारी उद्योग और आधुनिक विनिर्माण से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। सड़क, बिजली, पानी और हवाई संपर्क जैसी सुविधाओं का लाभ लेकर उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा।

 मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ के निवेश का अनुमान

सरकार का अनुमान है कि मार्च 2028 तक इस कॉरिडोर के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है। इससे लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

आगामी तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान भी जताया गया है। हालांकि, ये संभावित लक्ष्य हैं; वास्तविक निवेश और रोजगार परियोजना के क्रियान्वयन तथा उद्योगों की स्थापना पर निर्भर करेंगे।

सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर केवल औद्योगिक क्षेत्रों के विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाकौशल से लेकर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र इंदौर तक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।

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    <title>सीधी में कथित धर्मांतरण मामले में दो महिलाएं गिरफ्तार, आज न्यायालय में होंगी पेश</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-15 11:21:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र में कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने नीलम दीक्षित और गीता दीक्षित को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी केदार परौहा ने दोनों महिलाओं को देर रात जिला चिकित्सालय से गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और बयान संबंधी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

मामले में फरियादी रघुनाथ प्रजापति ने 11 अक्टूबर को जमोड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन पर धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसके बदले एक लाख रुपये देने की बात कही गई थी। साथ ही, अन्य लोगों को लाने पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक लाख रुपये, सरकारी नौकरी तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रलोभन दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। फरियादी के अनुसार, उन्होंने इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया और पुलिस से शिकायत की। रात होने के कारण उन्हें वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था।

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे जमोड़ी क्षेत्र की एमपीईबी कॉलोनी के पीछे स्थित एक निजी घर में प्रार्थना सभा आयोजित होने की सूचना पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने वहां कथित धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाया था। इसी दौरान विवाद और मारपीट की घटना हुई, जिसमें तीन कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों महिलाओं को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</description>
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    <title>MP में फिर होगा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! दिसंबर में IAS अफसरों के प्रमोशन, जनवरी में बदल सकते हैं कई जिलों के कलेक्टर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-15 07:15:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में हाल ही में 11 जिलों के कलेक्टरों के तबादलों के बाद अब एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी है। दिसंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की पदोन्नति प्रस्तावित है। इसके बाद जनवरी 2027 में प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टरों की जिम्मेदारियां बदल सकती हैं। 
दिसंबर में उप सचिव से प्रमुख सचिव स्तर तक प्रमोशन

 रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधिकारियों के अनुसार दिसंबर के अंतिम सप्ताह में उप सचिव से लेकर प्रमुख सचिव स्तर तक पदोन्नतियां प्रस्तावित हैं। इस प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों को अपर सचिव, कुछ को सचिव और कुछ को प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नति मिल सकती है।

पदोन्नति के कारण मंत्रालय और विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव होने की संभावना है। इसके साथ ही वरिष्ठ पदों पर होने वाली नई नियुक्तियों के चलते कुछ जिलों में कलेक्टरों के पद भी रिक्त हो सकते हैं। 
 रुचिका चौहान की पदोन्नति के बाद बदलेगा ग्वालियर का समीकरण

रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान भी पदोन्नति के बाद सचिव बन सकती हैं। ऐसे में ग्वालियर में नए कलेक्टर की नियुक्ति की संभावना जताई गई है। हालांकि, उनकी पदोन्नति और नई पदस्थापना को लेकर अंतिम निर्णय सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। <Cite 
2017 बैच के अधिकारियों को मिल सकता है मौका

प्रशासनिक फेरबदल में वर्ष 2017 बैच के उन अधिकारियों को भी कलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जो राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस संवर्ग में आए हैं। पदोन्नति के बाद रिक्त होने वाले पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है।

जनवरी 2027 में जारी हो सकती है नई तबादला सूची

दिसंबर के अंत में पदोन्नति सूची जारी होने के बाद जनवरी 2027 में नई पदस्थापनाओं और तबादलों के आदेश आने की संभावना जताई गई है। इससे जिलों के साथ मंत्रालय स्तर पर भी प्रशासनिक बदलाव हो सकते हैं।

फिलहाल यह संभावित प्रशासनिक फेरबदल है। किन अधिकारियों को पदोन्नति मिलेगी और किन जिलों में नए कलेक्टर नियुक्त होंगे, इसकी अंतिम जानकारी सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही सामने आएगी।
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    <title>सीएम मोहन यादव ने जारी की लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त, 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में पहुंचे ₹1500</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-14 19:00:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>उमरिया(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उमरिया जिले के गुरुवाही गांव से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी की। सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये ट्रांसफर किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 144.15 करोड़ रुपये की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।

उमरिया को मिलीं कई सौगातें

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले में सांदीपनि स्कूल खोलने की घोषणा की। इसके अलावा पाली और मानपुर में सिविल अस्पताल खोलने तथा अमरपुर को तहसील बनाने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने चिल्हारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा करते हुए परीक्षण के बाद चिल्हारी को नगर परिषद बनाने की बात भी कही।

विधायक और सांसद रहे मौजूद

गुरुवाही में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मीना सिंह, विधायक शिवनारायण सिंह और सांसद हिमाद्री सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के जरिए क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

जून 2023 में शुरू हुई थी योजना

मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। योजना के तहत पात्र सामान्य लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सितंबर 2026 तक योजना की 40 किस्तों का भुगतान किया जा चुका था। बुधवार को 41वीं किस्त जारी होने के साथ ही पात्र महिलाओं को नई किस्त की राशि मिली।

योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली पंजीकृत पात्र महिलाओं को प्रावधानों के अनुसार हर महीने 900 रुपये की सहायता दी जाती है। राशि आधार से जुड़े और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) सक्रिय बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाती है।</description>
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  <item>
    <title>MP में 27% OBC आरक्षण के लिए आंदोलन का ऐलान, 15 अक्टूबर से प्रदेशभर में प्रदर्शन; नवंबर में भोपाल में महाआंदोलन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-14 14:43:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने आंदोलन का ऐलान किया है। महासभा तीन चरणों में आंदोलन चलाएगी। इसकी शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के साथ होगी। इसके बाद 28 अक्टूबर को सभी संभागों में धरना दिया जाएगा। नवंबर में भोपाल में महाआंदोलन आयोजित करने की तैयारी है, जिसकी तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

 तीन चरणों में होगा आंदोलन

ओबीसी महासभा के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में 15 अक्टूबर से प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को सभी संभागों में धरना देकर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने सहित विभिन्न मांगें उठाई जाएंगी।

तीसरे चरण में नवंबर के दौरान भोपाल में प्रदेशस्तरीय महाआंदोलन किया जाएगा। इसके लिए तारीख और अन्य तैयारियों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी।

 हाईकोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण की मांग तेज

27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद महासभा ने आंदोलन का रास्ता अपनाने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि आरक्षण से जुड़े मुद्दे के समाधान के लिए ठोस आंकड़ों और वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है।

महासभा की प्रमुख मांगों में ओबीसी वर्ग की सामाजिक एवं शैक्षणिक परिस्थितियों का वैज्ञानिक अध्ययन कराना और पर्याप्त क्वांटिफिएबल डेटा जुटाना शामिल है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति या आयोग गठित करने की मांग भी उठाई जाएगी।

 13 प्रतिशत होल्ड पदों के अभ्यर्थियों को राहत की मांग

महासभा उन अभ्यर्थियों के मामले में भी राहत की मांग करेगी, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया 13 प्रतिशत पदों के होल्ड रहने से प्रभावित हुई है। संगठन सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण के पक्ष में प्रभावी पैरवी करने और लंबित बैकलॉग पदों को भरने की मांग भी सरकार के सामने रखेगा।

 सरकार से समाधान की मांग

ओबीसी महासभा के इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य 27 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े विवाद का समाधान, प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत और ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण संबंधी मांगों पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार आंदोलन के दौरान उठाई जाने वाली मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
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    <title>MP में 2,975 करोड़ की लागत से बनेगी चौथी रेल लाइन, कटनी से पेंड्रा रोड तक होगा विस्तार; किसानों की जमीन का होगा सर्वे</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-14 14:13:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> कटनी(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। करीब 2,975 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत 201.37 किलोमीटर लंबा रेल ट्रैक बिछाया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है और सर्वे के जरिए यह चिह्नित किया जाएगा कि किन गांवों में कितनी निजी जमीन की आवश्यकता होगी। 

 कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में जमीन चिह्नित करने की तैयारी

परियोजना के लिए मध्यप्रदेश के कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। सर्वे के बाद स्पष्ट होगा कि रेल लाइन के निर्माण के लिए किन क्षेत्रों की जमीन प्रभावित हो सकती है। संभावित प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों की नजर अब सर्वे तथा मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया पर रहेगी। <Cite refs={["turn130741view0"]}/>

 2,975 करोड़ रुपये की है परियोजना

केंद्र सरकार ने 9 सितंबर 2026 को कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन समेत तीन रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इन तीनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये है। इनमें कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन परियोजना पर लगभग 2,975 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 
 मालगाड़ियों के साथ यात्री ट्रेनों को भी मिलेगा फायदा

इस रेलखंड पर चौथी लाइन बनने से रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। खासतौर पर कोयले की ढुलाई करने वाली मालगाड़ियों के बढ़ते दबाव को संभालने में मदद मिल सकती है। अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को एक-दूसरे के लिए रास्ता देने की जरूरत कम हो सकती है।

इससे ट्रेनों के अनावश्यक ठहराव में कमी, परिचालन में सुधार और भविष्य में अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। कटनी, शहडोल, अनूपपुर और बिलासपुर की ओर रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। <Cite refs=
 किसानों की नजर सर्वे और मुआवजे पर

रेल लाइन के लिए जमीन का सर्वे महत्वपूर्ण चरण होगा। इससे पता चलेगा कि किन गांवों के किसानों की जमीन परियोजना के दायरे में आ सकती है। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रभावित होने वाली जमीनों का अंतिम विवरण और किसानों को मिलने वाले मुआवजे की राशि स्पष्ट नहीं है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ प्रभावित जमीन मालिकों के लिए जमीन का सीमांकन, अधिग्रहण की शर्तें और मुआवजे से संबंधित जानकारी अहम रहेगी।
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    <title>MP में 15 से 17 अक्टूबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट, सीधी-सिंगरौली समेत 20 जिलों में असर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-14 06:50:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। 15 से 17 अक्टूबर के बीच प्रदेश के 20 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना है। मौसम में बदलाव का असर ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल, सागर और जबलपुर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा। हालांकि, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में मौसम विभाग ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नए चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मौसम बदलेगा। 15 और 16 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में बारिश होने की संभावना है। वहीं, 17 अक्टूबर को जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में भी बारिश हो सकती है।

सीधी-सिंगरौली समेत इन 20 जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में आंधी-बारिश की संभावना है।

किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह

गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचें। आकाशीय बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को भी फसलों की सुरक्षा और कटाई के कार्यों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

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    <title>बड़ी खबर: MP में IAS अफसरों की बड़ी सर्जरी! सुखबीर सिंह बने CM के प्रमुख सचिव, कई जिलों के कलेक्टर बदले...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-14 01:18:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी)-  मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इस फेरबदल में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से लेकर महत्वपूर्ण विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रदेश के कई जिलों के कलेक्टरों की पदस्थापना बदली गई है। सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें लोक निर्माण विभाग (PWD) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं, भारत यादव को जनसंपर्क विभाग का सचिव बनाया गया है।

प्रशासनिक बदलाव के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रश्मि अरुण शमी को चिकित्सा विभाग में अपर मुख्य सचिव (ACS) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि केसी गुप्ता को खाद्य विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। विभागीय स्तर पर किए गए इन बदलावों के साथ सरकार ने विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्निर्धारण किया है।

जिला स्तर पर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। बालाघाट के कलेक्टर कुमार सत्यम को हरदा जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। रायसेन के कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को जबलपुर की कमान सौंपी गई है, जबकि जबलपुर के कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह को मंडी बोर्ड का प्रबंध संचालक (MD) नियुक्त किया गया है। रायसेन जिले में रोहित सिसोनिया को नया कलेक्टर बनाए जाने की जानकारी है। वहीं, शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना के स्थान पर इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परीक्षित झाड़े को जिले की जिम्मेदारी सौंपे जाने का उल्लेख है।

इसी क्रम में आईएएस अधिकारी आशीष वसिष्ठ को नर्मदापुरम का कलेक्टर बनाया गया है, जबकि कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के संचालक अंकित अस्थाना को सिंगरौली जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अंकिता धाकरे को नीमच का नया कलेक्टर नियुक्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन नियुक्तियों के बाद संबंधित जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव होगा और नए अधिकारियों के सामने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों की निगरानी तथा जनसमस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी रहेगी।

इस प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। उपलब्ध विवरण में मूंग खरीदी से जुड़े घटनाक्रम, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किन अधिकारियों का स्थानांतरण किन विशिष्ट कारणों से किया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। राज्य सरकार के इस फेरबदल में राजधानी के महत्वपूर्ण विभागों से लेकर जिलों तक अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।</description>
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    <title>ट्रक से 735 किलो गांजा बरामद,एक करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक का मशरूका जब्त, </title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-13 19:05:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> शहडोल(ईन्यूज एमपी)- जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जयसिंहनगर पुलिस ने गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक की तलाशी के दौरान 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद किया। मामले में ट्रक चालक और खलासी को गिरफ्तार किया गया है। गांजा, ट्रक और तीन मोबाइल फोन सहित कुल एक करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, नवरात्रि पर्व के दौरान रात्रि गश्त और प्रभात गश्त के समय जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध ट्रक को रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान ट्रक से 18 बोरियों और 81 पैकेटों में भरा 735 किलो 440 ग्राम गांजा मिला। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 73 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक चालक राहुल विश्वकर्मा (36), निवासी जमीनबारी गांव, जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) और खलासी नारायण मंडल (50), निवासी अलगडीहा गांव, जिला गिरिडीह (झारखंड) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 20 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

### ट्रक और मोबाइल सहित 1.13 करोड़ की जब्ती

पुलिस ने गांजे के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक की अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये आंकी है। वहीं, आरोपियों के कब्जे से जब्त तीन मोबाइल फोन की कीमत पांच हजार रुपये बताई गई है। गांजे की कीमत 73 लाख 50 हजार रुपये, ट्रक की कीमत 40 लाख रुपये और मोबाइल फोन की कीमत जोड़कर कुल जब्ती एक करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये की हुई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई नेटवर्क और संभावित खरीदारों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। कार्रवाई के संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने जानकारी दी।
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    <title>सीधी के स्वास्थ्य विभाग में 9 महीने से वेतन गायब, अस्पताल में ड्यूटी जारी...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-13 18:22:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीएमएचओ से कलेक्टर तक गुहार... फिर भी नहीं खुला भुगतान का रास्ता, कर्मचारी पूछ रहे—एक ही जिले में वेतन के लिए दो नियम क्यों?

सीधी(ईन्यूज़ एमपी)- सीधी जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की सेवा और अस्पताल की व्यवस्थाएं संभाल रहे मल्टी टास्क वर्कर, डाटा एंट्री ऑपरेटर और प्यून कर्मचारी पिछले करीब 9 महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, काम लगातार हो रहा है, लेकिन मेहनताने का भुगतान कब होगा—इसका जवाब अब तक स्पष्ट नहीं है।

सिहावल, कुसमी, रामपुर नैकिन, चुरहट और सेमरिया क्षेत्र के विभिन्न सीएचसी तथा पोखरा, बंजारी, अमिलिया, करवाही, सिहावल, अमरपुर, कुसमी, सेमरिया, मझौली सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत करीब 40 से 50 से अधिक कर्मचारियों के सितंबर 2025 से अगस्त 2026 तक के वेतन भुगतान लंबित बताए जा रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान जिला अस्पताल में कार्यरत कुछ कर्मचारियों का भुगतान किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में कर्मचारियों का सीधा सवाल है—जब भर्ती और व्यवस्था एक ही स्वास्थ्य विभाग की है, तो भुगतान के मामले में जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी के कर्मचारियों के बीच यह अंतर क्यों?
वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार का खर्च चलाने से लेकर त्योहार मनाने तक का संकट खड़ा हो गया है। लंबे समय तक बिना मेहनताना काम करने की स्थिति ने उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

कर्मचारियों के अनुसार, जब उन्होंने सीएमएचओ सीधी से वेतन भुगतान को लेकर गुहार लगाई तो उन्हें बताया गया कि उनकी भर्ती प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है और मामला जांच के लिए भेजा गया है।

इसके बाद मंगलवार को कर्मचारी जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष पहुंचे और लंबित वेतन भुगतान की गुहार लगाई। कर्मचारियों के मुताबिक, कलेक्टर ने भी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात सामने आने पर सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए। अब वहीं कुछ कर्मचारी वेतन की आस में श्रम विभाग व न्यायालय की शरण में जाने लगे है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी है तो उसकी जांच पूरी होने तक कर्मचारियों से लगातार काम क्यों लिया जा रहा है? और यदि कर्मचारी विभाग के अस्पतालों में नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे हैं, तो उनके मेहनताने का भुगतान आखिर कब होगा?
कर्मचारियों का कहना है कि वे उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का लगातार निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद आठ महीने से वेतन लंबित है।

यानी अस्पताल में मरीजों का इलाज जारी है, कर्मचारियों की ड्यूटी जारी है, सरकारी व्यवस्था जारी है... बस कर्मचारियों की जेब में पहुंचने वाला वेतन ही जैसे रास्ते में कहीं अटक गया है।

अब देखना यह है कि जांच के नाम पर लंबित भुगतान की कहानी कितने दिन और चलती है और इन कर्मचारियों को उनके मेहनताने के लिए आखिर कब तक गुहार लगानी पड़ेगी।</description>
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    <title>सीधी:21 साल से न्याय की आस में सुनीता, रसूख के आगे बेबस प्रशासन?</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-13 17:40:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिस जमीन के नक्शे में सुधार कराने के लिए एक महिला 21 साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हो, उस महिला की पीड़ा का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। हर बार न्याय की उम्मीद लेकर राजस्व अधिकारियों के दरवाजे पहुंचना, आदेश जारी होने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार करना और अपनी ही जमीन के विवाद को सुलझाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना—सुनीता गुप्ता की कहानी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सुनीता गुप्ता का आरोप है कि राजस्व विभाग जमीन के नक्शे में आवश्यक बदलाव नहीं कर रहा है। इसी वजह से जमीन का विवाद आज तक नहीं सुलझ पाया। उनका कहना है कि वर्षों से न्याय की गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि जब एक महिला की शिकायत पर जांच हो चुकी थी और तत्कालीन कलेक्टर ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे, तो उन निर्देशों पर अमल क्यों नहीं हुआ?

सुनीता गुप्ता के मुताबिक, वर्ष 2021 में राममिलन साहू ने उनकी जमीन के बगल की जमीन खरीदी और इसके बाद कब्जा कर लिया। महिला का आरोप है कि नक्शे में सुधार नहीं होने के कारण विवाद लगातार बना हुआ है। उनके पति बाबूलाल गुप्ता का दावा है कि राममिलन साहू प्रभावशाली व्यक्ति हैं और इसी कारण उन्हें न्याय मिलने में परेशानी हो रही है।

विवादित जमीन की कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, जमीन पर कब्जे और विवाद से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इसके बावजूद यह मामला राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने की व्यवस्था पर सवाल जरूर उठाता है।

मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि तत्कालीन कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने 22 सितंबर 2025 को जांच के बाद पटवारी विनोद पटेल और राजस्व निरीक्षक दिलीप दीपांकर को दोषी पाया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिना आवेदन के सीमांकन की प्रक्रिया को नियमों के विरुद्ध माना गया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए थे।

सुनीता गुप्ता का आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार राकेश शुक्ला और एसडीएम प्रिया पाठक ने इन आदेशों पर कार्रवाई नहीं की। यदि जांच के बाद आदेश जारी हुए थे, तो उनका पालन क्यों नहीं हुआ? क्या आदेशों को संबंधित स्तर पर लंबित रखा गया या फिर मामले में आगे कोई कार्रवाई ही नहीं की गई? इन सवालों का जवाब अब भी सामने आना बाकी है।

महिला की शिकायत और पुराने आदेशों को लेकर जब वर्तमान कलेक्टर विकास मिश्रा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक इस आदेश की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब मामला सामने आने के बाद एसडीएम के माध्यम से पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि पूर्व में कलेक्टर द्वारा कोई आदेश जारी किए गए हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, एसडीएम प्रिया पाठक ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस प्रकरण में पहले ही जांच और कार्रवाई के आदेश की बात सामने आ रही है, वह अब तक जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में क्यों नहीं पहुंचा?

सुनीता गुप्ता के लिए यह केवल जमीन के नक्शे में सुधार का मामला नहीं है। यह वर्षों से लंबित उस उम्मीद की लड़ाई है, जिसमें वह चाहती हैं कि उनकी शिकायत सुनी जाए, दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच हो और नियमों के अनुसार विवाद का समाधान किया जाए।

एक आम महिला के लिए 21 साल तक राजस्व कार्यालयों के चक्कर काटना आसान नहीं है। ऐसे में यदि जांच के बाद आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब निगाहें कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर होने वाली जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या सुनीता गुप्ता को इस बार न्याय मिलेगा? क्या पुराने आदेशों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी? और क्या जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?

सुनीता गुप्ता को अब आश्वासन नहीं, न्यायपूर्ण कार्रवाई का इंतजार है। 21 साल का संघर्ष यही सवाल पूछ रहा है—आखिर एक महिला को अपनी जमीन के विवाद का समाधान पाने के लिए और कितने साल इंतजार करना पड़ेगा?

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    <title>UPI चार्ज पर फिलहाल राहत, दिवाली तक टला नया नियम; दुकानदारों से वसूली जाने वाली फीस पर सस्पेंस</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-13 15:04:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और कारोबारियों के लिए यूपीआई चार्ज को लेकर चर्चा तेज है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर से लागू होने वाला प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज दिवाली तक टाल दिया गया है। हालांकि, इसकी नई तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। प्रस्ताव के तहत कुछ शर्तों के साथ दुकानदारों से बड़े यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लेने की बात कही गई है।

ग्राहकों को राहत की बात यह है कि प्रस्तावित शुल्क सीधे उनसे नहीं, बल्कि पात्र व्यापारियों से लिया जाना है। सामान्य ग्राहकों के यूपीआई भुगतान पर सीधे चार्ज लगाने का प्रावधान इस प्रस्ताव में नहीं बताया गया है।

 ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर कितना लगेगा चार्ज?

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, पात्र बड़े व्यापारियों को ₹2,000 से अधिक के प्रत्येक यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क देना पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर ₹2,500 के भुगतान पर ₹10, ₹5,000 पर ₹20 और ₹10,000 के भुगतान पर ₹40 शुल्क बनेगा। इसके अतिरिक्त लागू होने वाला जीएसटी भी ध्यान में रखना होगा।

₹75,000 या उससे अधिक के बड़े लेनदेन पर अधिकतम ₹300 शुल्क की सीमा प्रस्तावित है। वहीं, रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसे कुछ क्षेत्रों में निर्धारित शर्तों के तहत ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर ₹5 का फ्लैट शुल्क प्रस्तावित बताया गया है।

 छोटे दुकानदारों को मिल सकती है राहत

प्रस्ताव में छोटे कारोबारियों को राहत देने की बात भी शामिल है। जिन व्यापारियों का मासिक यूपीआई कलेक्शन ₹1 लाख तक है, उन्हें शुल्क से छूट देने का प्रावधान बताया गया है। इससे अधिक कलेक्शन वाले पात्र व्यापारियों पर निर्धारित शुल्क लागू हो सकता है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि शुल्क की गणना प्रत्येक अलग-अलग भुगतान के आधार पर होगी। यानी ₹2,000 तक के भुगतान पर प्रस्तावित छूट और बड़े भुगतान पर शुल्क की व्यवस्था अलग-अलग होगी।

 दिवाली तक क्यों टला फैसला?

दिवाली के दौरान बाजारों में कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, आभूषण और अन्य सामानों की खरीदारी बढ़ जाती है। इस समय डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल भी अधिक होता है। कारोबारियों और भुगतान क्षेत्र से जुड़े लोगों ने आशंका जताई थी कि त्योहार के बीच नई शुल्क व्यवस्था लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है और भुगतान व्यवस्था को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है।

इन्हीं चिंताओं के बीच प्रस्तावित व्यवस्था को दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इसे लागू करने की अंतिम तारीख और सभी शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

 व्यापारियों ने जताई थी चिंता

प्रस्तावित शुल्क को लेकर कारोबारी संगठनों और विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए थे। कारोबारियों का तर्क है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई को सस्ता और आसान बनाए रखना जरूरी है। वहीं, शुल्क लागू होने पर छोटे और बड़े व्यापारियों की लागत पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चर्चा हुई।

MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की सुविधा के बदले बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को देता है। इस प्रस्ताव में शुल्क की जिम्मेदारी व्यापारियों पर रखे जाने की बात है, न कि सीधे ग्राहकों पर।

 यूपीआई भुगतान का बढ़ता दायरा

यूपीआई देश में डिजिटल लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। बड़े भुगतान संख्या के लिहाज से कुल मर्चेंट ट्रांजैक्शन का छोटा हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन लेनदेन की कुल रकम में उनकी हिस्सेदारी काफी अधिक है। ऐसे में प्रस्तावित शुल्क का असर मुख्य रूप से उन कारोबारियों पर पड़ सकता है, जिनका मासिक यूपीआई कलेक्शन निर्धारित सीमा से अधिक है।

महत्वपूर्ण: इस खबर में दिए गए शुल्क और छूट संबंधी विवरण प्रस्तावित व्यवस्था पर आधारित हैं। इसे लागू करने से पहले NPCI या संबंधित आधिकारिक संस्था की अधिसूचना से नियमों, तारीख और पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है।
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    <title>मध्य प्रदेश में बजट की कमी! दोनों उप मुख्यमंत्रियों की नई गाड़ियों का प्रस्ताव लौटा, 5.65 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-13 10:20:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>इंदौर(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में आर्थिक संसाधनों पर दबाव के बीच राज्य सरकार ने नई गाड़ियों की खरीद पर फिलहाल रोक लगा दी है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के लिए नई इनोवा क्रिस्टा हाइब्रिड गाड़ियां खरीदने का प्रस्ताव वित्त विभाग ने बजट की कमी का हवाला देते हुए लौटा दिया है। विभाग ने फिलहाल पुराने वाहनों की मरम्मत कराकर काम चलाने के निर्देश दिए हैं।

 5.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज

मध्य प्रदेश सरकार पर 5 लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बताया जा रहा है। वहीं, वित्त विभाग द्वितीय अनुपूरक बजट की तैयारियों में जुटा है। ऐसे में विभाग ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे प्रस्ताव नहीं भेजे जाएं, जिनसे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़े।

 1.10 लाख किलोमीटर चलने के बाद वाहन बदलने का नियम

शासकीय वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से 1 लाख 10 हजार किलोमीटर चलने के बाद बदलने का प्रावधान है। रिपोर्ट के मुताबिक, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की वर्ष 2024 मॉडल इनोवा क्रिस्टा 1 लाख 29 हजार किलोमीटर से अधिक चल चुकी है। वहीं, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की 2024 मॉडल इनोवा क्रिस्टा भी 1 लाख 32 हजार किलोमीटर से अधिक चल चुकी है। इसी आधार पर नए वाहनों की मांग की गई थी।

 जगदीश देवड़ा ने दी सफाई, राजेंद्र शुक्ल ने कही ये बात

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मौजूदा वाहन निर्धारित सीमा से अधिक चल चुका है, इसलिए नए वाहन का प्रस्ताव भेजा गया था। वहीं, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि नए वाहन का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी उनके निजी स्टाफ को होगी।

फिलहाल वित्त विभाग के रुख से स्पष्ट है कि राज्य सरकार नई गाड़ियों की खरीद के बजाय मौजूदा वाहनों की मरम्मत को प्राथमिकता दे रही है। बजट पर दबाव के बीच यह फैसला सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
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    <title>6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति, डॉ. सुधा यादव समेत 6 नामों पर मुहर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-13 08:36:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)-देश के छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ओम प्रकाश माथुर, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, बृज मोहन राम, डॉ. सुधा यादव, डॉ. ढाल सिंह बिसेन और दुष्यंत गौतम को अलग-अलग राज्यों में राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ छह राज्यों के राजभवनों में नई जिम्मेदारियां तय हो गई हैं।

जारी आदेश के मुताबिक, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर अब तमिलनाडु के राज्यपाल होंगे। वहीं, बृज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।


 छह राज्यों में नियुक्त राज्यपालों की सूची

* केरल — ओम प्रकाश माथुर

* तमिलनाडु — राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर

* ओडिशा — बृज मोहन राम

* कर्नाटक — डॉ. सुधा यादव

* उत्तराखंड — डॉ. ढाल सिंह बिसेन

* सिक्किम — दुष्यंत गौतम

इन छह नियुक्तियों में डॉ. सुधा यादव प्रमुख महिला नाम हैं। राष्ट्रपति भवन के आदेश के अनुसार, सभी नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी।
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    <title>राष्ट्रीय मंच पर चमका सीधी, कृषि विकास के लिए कलेक्टर विकास को मिला बड़ा सम्मान....</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-12 18:06:39</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर विकास मिश्रा को सौंपी ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र, फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने में जिले के प्रयासों को मिली पहचान

सीधी(ईन्यूज एमपी)-प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत सीधी जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिले को राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह सम्मान फसल कटाई के बाद कृषि उपज की भंडारण क्षमता बढ़ाने के क्षेत्र में जिले के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए दिया गया है।

इस उपलब्धि को जिले में कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि आर.एस. गुप्ता, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक शैलेन्द्र गौतम, अनुविभागीय कृषि अधिकारी अंकिता तिवारी तथा प्रगतिशील कृषक विपिन शुक्ला उपस्थित रहे।

 देश के 100 चयनित जिलों में शामिल है सीधी

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इसके तहत देश के 100 चयनित जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। सीधी भी इस योजना में शामिल है। जिले में कृषि विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षित भंडारण और कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

 फसल कटाई के बाद नुकसान कम करने पर जोर

कृषि उपज का सुरक्षित भंडारण किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पर्याप्त भंडारण सुविधाएं उपलब्ध होने से अनाज और अन्य कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने तथा उपज का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है। इसी क्षेत्र में सीधी जिले के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

योजना के अंतर्गत कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण, टिकाऊ कृषि पद्धतियों, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, कृषि ऋण की उपलब्धता तथा पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जा रहा है।

 8 किसान उत्पादक संगठनों को मिला सहयोग

योजना के डैशबोर्ड पर उपलब्ध अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 8 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं सहकारी संस्थाओं को सहयोग प्रदान किया गया है। इसके अलावा वर्ष के दौरान एक बल्क मिल्क कूलर स्थापित किया गया और 8 डेयरी सहकारी समितियों एवं मिल्क पूलिंग पॉइंट का संचालन दर्ज किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 15 सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को सहायता मिली, जबकि एक महिला सूक्ष्म उद्यम को भी सहयोग प्रदान किया गया। इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, दुग्ध संग्रहण एवं शीतलन सुविधाओं और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

 विभागीय समन्वय से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन, उद्यानिकी, सिंचाई और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग, किसान प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि ऋण की उपलब्धता जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके साथ ही दलहन, तिलहन और श्रीअन्न जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित करना है।

जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत सीधी को मिला राष्ट्रीय सम्मान जिले के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों कलेक्टर विकास मिश्रा को सम्मान मिलना जिले के किसानों, कृषि विभाग और संबंधित संस्थाओं के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलने का प्रतीक है।

यह उपलब्धि जिले में कृषि अधोसंरचना के विकास, सुरक्षित भंडारण सुविधाओं को मजबूत करने और किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा प्रदान करेगी।
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    <title>सीएम मोहन यादव ने की कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की तारीफ, बोले- हर नागरिक एक बार जरूर आए</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-12 15:28:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे कान्हा जरूर आएं और प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने के साथ प्रकृति को करीब से जानने का अवसर प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा में बाघ, तेंदुआ और बारहसिंगा सहित अनेक वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में फल-फूल रहे हैं। विशेष रूप से बारहसिंगा के संरक्षण और पुनर्वास में कान्हा ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। कभी विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी इस प्रजाति को यहां संरक्षण के जरिए नया जीवन मिला है।
 कान्हा में 100 साल बाद जंगली भैंसों की वापसी

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में कान्हा टाइगर रिजर्व में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 अक्टूबर को सूपखार क्षेत्र में असम के काजीरंगा से लाए गए आठ जंगली भैंसों को बड़े बाड़े में छोड़ा। इनमें छह मादा और दो नर जंगली भैंसे शामिल हैं। करीब 100 साल बाद मध्य प्रदेश में इस प्रजाति की पुनर्बसाहट की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीता परियोजना भी आगे बढ़ रही है। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सहयोग से जंगली भैंसों को मध्य प्रदेश में फिर से बसाने की पहल संभव हुई है।

 प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने बाघ, तेंदुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ सहित विभिन्न वन्यजीवों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने संरक्षण कार्यों में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।

कान्हा की जैव विविधता, बारहसिंगा संरक्षण में इसकी भूमिका और जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट जैसे प्रयास मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा देने की कोशिशों को दर्शाते हैं।
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    <title>मध्य प्रदेश में फिर अटका स्वामित्व योजना का काम, पटवारियों ने रजिस्ट्री से किया इनकार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-12 15:15:02</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>बहाली के आदेश जारी नहीं होने पर संघ का फैसला, 4 हजार से अधिक पटवारियों की कार्रवाई निरस्त करने की मांग; 50 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री पर असर की आशंका

भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर पटवारी संघ और सरकार के बीच एक बार फिर गतिरोध की स्थिति बन गई है। पटवारी संघ ने योजना के तहत रजिस्ट्री का काम करने से इनकार कर दिया है। संघ का कहना है कि निलंबित और बर्खास्त किए गए 4 हजार से अधिक पटवारियों की बहाली के आदेश अब तक कलेक्टरों ने जारी नहीं किए हैं। जब तक बहाली के आदेश जारी नहीं होते, तब तक पटवारी स्वामित्व योजना का काम नहीं करेंगे।

रविवार शाम मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह और प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद राजस्व विभाग ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 218 के तहत आदेश जारी किया है। इसके अनुसार, स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री में विवाद या न्यायालयीन प्रकरण की स्थिति में पटवारियों पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। हालांकि, संघ का कहना है कि कार्रवाई निरस्त करने और बहाली के आदेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं।

### 9 अक्टूबर को बनी थी सहमति, अब फिर बढ़ा विवाद

इससे पहले 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद सरकार और पटवारी संघ के बीच सहमति बनी थी। संघ ने 12 अक्टूबर से स्वामित्व योजना का काम शुरू करने की घोषणा की थी।

उस समय 17 सितंबर के बाद पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों को शून्य करने पर सहमति बनने की बात कही गई थी। वेतन विसंगति के मामले में आयोग के गठन के बाद विचार करने और 27 अक्टूबर को प्रस्तावित महासम्मेलन में आर्थिक मांगों पर घोषणा करने का आश्वासन भी दिया गया था।

लेकिन बहाली के आदेश जारी नहीं होने से पटवारी संघ ने अब दोबारा काम से अलग रहने का निर्णय लिया है।

### 50 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री का लक्ष्य

स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कराकर वहां रहने वाले लोगों की संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इसके आधार पर पात्र हितग्राहियों को घर और जमीन की रजिस्ट्री निःशुल्क उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।

मध्य प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक करीब 50 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है। हितग्राहियों से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसका खर्च सरकार वहन कर रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। ऐसे में पटवारियों के काम से अलग रहने के फैसले से रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।

### पटवारियों को किस बात का डर?

पटवारी संघ की मुख्य आपत्ति स्वामित्व योजना में दस्तावेज निष्पादन की भूमिका को लेकर है। योजना में ग्रामीण को क्रेता और पटवारी को विक्रेता अथवा निष्पादक की भूमिका दी गई है। पटवारियों का कहना है कि दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर होने से भविष्य में जमीन की सीमा, हिस्सेदारी या कब्जे को लेकर विवाद होने पर उनकी कानूनी जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

संघ का तर्क है कि पटवारियों के पास जमीन के मालिकाना हक का अंतिम फैसला करने या स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड में बदलाव करने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद दस्तावेज निष्पादन की जिम्मेदारी मिलने से वे भविष्य में कानूनी कार्रवाई की आशंका जता रहे हैं।

फिलहाल, बहाली और कार्रवाई निरस्त करने के आदेश जारी नहीं होने को लेकर पटवारी संघ ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अब निगाहें राजस्व विभाग और जिला कलेक्टरों की ओर से जारी होने वाले अगले आदेशों पर टिकी हैं।
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  <item>
    <title>सीधी में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, युवक गंभीर घायल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-12 13:45:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भमरहा के गाजर गांव के पास रविवार रात करीब 10 बजे दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में 35 वर्षीय अनुज सोंधिया गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और आंख के आसपास गंभीर चोटें आई हैं। घायल को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।

 सामान लेने निकला था युवक

जानकारी के अनुसार, गाजर गांव निवासी अनुज सोंधिया रविवार रात सामान लेने के लिए घर से बाइक लेकर निकले थे। इसी दौरान रास्ते में सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अनुज सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

 दूसरा बाइक चालक मौके से चला गया

एंबुलेंस चालक करण साकेत के मुताबिक, दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर की सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। वहां एक व्यक्ति घायल अवस्था में मिला, जिसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद दूसरा बाइक चालक अपनी बाइक लेकर घटनास्थल से चला गया।

 सिर और आंख के आसपास गंभीर चोटें

घायल के पिता रामस्वरूप सोंधिया ने बताया कि उनका बेटा घर से सामान लेने निकला था, तभी हादसा हो गया। जिला अस्पताल में उपचार कर रहे डॉक्टर अरविंद सोनी के अनुसार, युवक को गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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  <item>
    <title>मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में 4.46% की बढ़ोतरी, 1 अप्रैल से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-12 08:11:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले पीजी मेडिकल विद्यार्थियों और रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में 4.46 प्रतिशत की वृद्धि की है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।

वित्त विभाग की सहमति के बाद स्टाइपेंड में यह बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के तहत पीजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को अब 77,662 रुपये के स्थान पर 81,126 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। वहीं, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का स्टाइपेंड 80,050 रुपये से बढ़ाकर 83,620 रुपये और तृतीय वर्ष का 82,441 रुपये से बढ़ाकर 86,118 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

 सुपर स्पेशियलिटी विद्यार्थियों को भी लाभ

सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों का स्टाइपेंड भी 82,441 रुपये से बढ़ाकर 86,118 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके अलावा सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को अब 90,803 रुपये के स्थान पर 94,853 रुपये और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को 63,324 रुपये की जगह 66,148 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

हड़ताल के बाद बढ़ोतरी का आदेश

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों ने पहले हड़ताल भी की थी। इसके बाद सरकार ने बढ़ोतरी का आश्वासन दिया था। अब विभागीय आदेश जारी होने के साथ ही संशोधित दरें लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। चूंकि बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है, इसलिए पात्र डॉक्टरों को नियमानुसार पिछली अवधि के भुगतान में अंतर की राशि भी मिल सकती है।

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  <item>
    <title>संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाएंगे सीधी के 149 खिलाड़ी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-11 20:56:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाएंगे सीधी के 149 खिलाड़ी

12 और 13 अक्टूबर को रीवा में होगा आयोजन, कबड्डी, बास्केटबॉल, खो-खो और कराते में करेंगे प्रतिभा का प्रदर्शन**

सीधी(ईन्यूज एमपी)- संभाग स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं में सीधी जिले के 149 छात्र-छात्राएं अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रीवा में 12 एवं 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली इन प्रतियोगिताओं में जिले के चयनित खिलाड़ी कबड्डी, बास्केटबॉल, खो-खो और कराते सहित विभिन्न खेल स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करने के लक्ष्य के साथ प्रतियोगिता में उतरेंगे।

लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश, भोपाल एवं संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, रीवा संभाग के निर्देशानुसार शालेय खेल कैलेंडर के तहत इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में चयनित खिलाड़ियों को अब संभाग स्तर पर अपनी प्रतिभा और खेल कौशल दिखाने का अवसर मिलेगा।

 चार खेल विधाओं में दिखाएंगे प्रतिभा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कबड्डी में 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाएं हिस्सा लेंगे। बास्केटबॉल प्रतियोगिता में 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, खो-खो में 14 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं भाग लेंगे।

कराते प्रतियोगिता में 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक और बालिकाएं विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के बीच बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

अधिकारियों के मार्गदर्शन में रवाना होंगे खिलाड़ी

जिले के चयनित 149 खिलाड़ियों को जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा जिला क्रीड़ा अधिकारी हरिशंकर पांडेय के नेतृत्व में संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों से प्रतियोगिता में अनुशासन, खेल भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ जिले का प्रतिनिधित्व करने की अपेक्षा है।

 खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

शालेय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने, शारीरिक दक्षता बढ़ाने और प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। रीवा में होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में सीधी के खिलाड़ियों की भागीदारी से उन्हें अपनी क्षमता साबित करने और आगे की प्रतियोगिताओं के लिए अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा।
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    <title>पुलिस से बचने के लिए नाले में पलटा ट्रैक्टर! रेत खाली कर पिता-पुत्र ने किया खेल, VIDEO आया सामन...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-11 13:44:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल (ईन्यूज एमपी)-शहडोल में अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई से बचने के लिए ट्रैक्टर पलटने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकी तो पिता-पुत्र ने पहले रेत खाली की और फिर ट्रैक्टर को नाले में पलटा दिया। पूरी घटना पुलिस के वीडियो कैमरे में कैद हुई है।


मामला जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के भुरका गांव के अखडार नाला का है। पुलिस को अवैध रेत खनन और परिवहन की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका और दस्तावेज मांगे।
पुलिस के मुताबिक ट्रैक्टर सत्यम मिश्रा चला रहा था और उसके पिता सूर्य प्रकाश मिश्रा साथ थे। थाने ले जाने की बात पर दोनों ने पहले ट्रॉली की रेत खाली की और इसके बाद ट्रैक्टर को नाले में पलटा दिया।
पुलिस ने ट्रैक्टर को नाले से निकलवाकर थाने पहुंचाया है। थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा के मुताबिक वाहन राहुल केवट के नाम दर्ज है। मामले की जांच जारी है और अपराध दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।</description>
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    <title>सीधी: सोन नदी में नहाने उतरा 22 वर्षीय युवक डूबकर लापता, SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-11 13:42:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी: सोन नदी में नहाने उतरा 22 वर्षीय युवक डूबकर लापता, SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

खैरा गांव के पास हुई घटना, दोस्तों के साथ नदी किनारे पहुंचा था युवक; दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग**

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के खड्डी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खैरा के पास सोन नदी में नहाने उतरा 22 वर्षीय युवक डूबकर लापता हो गया। घटना शनिवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। युवक अपने दोस्तों के साथ नदी किनारे पहुंचा था। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर दोस्तों ने तलाश शुरू की और ग्रामीणों को सूचना दी। रविवार को पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। फिलहाल युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

 दोस्तों के साथ नदी किनारे पहुंचा था युवक

लापता युवक की पहचान ज्ञानेंद्र सिंह (22), निवासी ग्राम पड़रा, जिला सीधी के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने बुआ के घर आया हुआ था। शनिवार शाम वह अपने दोस्तों के साथ सोन नदी के किनारे गया था। वहां उसके कुछ दोस्त नदी किनारे मछली पका रहे थे, जबकि ज्ञानेंद्र नहाने के लिए नदी में उतर गया।

काफी देर तक जब ज्ञानेंद्र नदी से बाहर नहीं आया, तो उसके दोस्तों को चिंता हुई। उन्होंने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद गांव के लोगों को सूचना दी गई और पुलिस को घटना से अवगत कराया गया।

 पुलिस और एसडीआरएफ की टीम जुटी तलाश में

प्रत्यक्षदर्शी करण सिंह के मुताबिक, घटना के समय मौके पर तीन लोग मौजूद थे। दो लोग नदी किनारे मछली पकाने में व्यस्त थे, जबकि ज्ञानेंद्र नदी में नहाने चला गया था। उसके काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर तलाश शुरू की गई।

खड्डी चौकी प्रभारी नीरज साकेत ने बताया कि युवक के नदी में डूबने की सूचना मिलने के बाद उसकी तलाश की जा रही है। रविवार को एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से नदी में खोजबीन की जा रही है।

 दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग

सोन नदी में युवक के लापता होने की घटना के बाद परिजन और ग्रामीण चिंतित हैं। रेस्क्यू टीम नदी में लगातार तलाश कर रही है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार रविवार तक युवक का पता नहीं चल सका था। अब सभी की नजर रेस्क्यू अभियान पर टिकी हुई है।
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    <title>राशन वितरण में अनियमितता का आरोप, बैगा समाज ने तहसीलदार से की शिकायत</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-11 10:05:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>कुसमी(ईन्यूज़ एमपी)- जनपद पंचायत कुसमी की ग्राम पंचायत गॉंजर के ग्राम त्रिचुली में शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। बैगा समाज के पदाधिकारियों ने तहसीलदार नारायण सिंह को शिकायत सौंपकर मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन नहीं दिया जा रहा है और खाद्यान्न वितरण में मनमानी की जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि सितंबर माह से हितग्राहियों को राशन नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र परिवारों को नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस दौरान विजय बहादुर बैगा, अध्यक्ष बैगा समाज मध्य प्रदेश, जिला सिंगरौली; प्रेमलाल बैगा, जिला अध्यक्ष बैगा विकास संगठन सीधी; मुकेश बैगा, रीता बैगा सहित समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।</description>
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    <title>MP मंत्रालय में बड़ा बदलाव करने की मांग</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-11 09:11:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के वल्लभ भवन मंत्रालय में कार्यरत सहायक अनुभाग अधिकारी संवर्ग के कर्मचारियों को राजपत्रित सेवा श्रेणी-2 का दर्जा देने की मांग उठी है। मध्यप्रदेश राज्य मंत्रालय शासकीय अधिकारी कर्मचारी संघ ने इस संबंध में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को पत्र लिखकर आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही संघ ने राज्य कर्मचारियों को दीपावली पर एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने की मांग भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की है।

## राजपत्रित सेवा श्रेणी-2 घोषित करने की मांग

संघ के अध्यक्ष ओपी गौर के अनुसार, मंत्रालय में कार्यरत सहायक अनुभाग अधिकारी संवर्ग के कर्मचारियों को अब तक राजपत्रित सेवा श्रेणी-2 घोषित नहीं किया गया है। संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग के 11 अप्रैल 2006 के परिपत्र का हवाला देते हुए मांग की है कि संबंधित निर्देशों के अनुरूप पात्र पदों के लिए राजपत्रित दर्जा घोषित करने के आदेश जारी किए जाएं।

संघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उक्त परिपत्र में निर्धारित वेतनमान वाले सीधी भर्ती एवं पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों को राजपत्रित सेवा श्रेणी-2 घोषित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी आधार पर मंत्रालय के सहायक अनुभाग अधिकारी संवर्ग को भी इसका लाभ देने की मांग की गई है।

इस मांग के समर्थन में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने भी सामान्य प्रशासन विभाग को नोटशीट लिखी है।

## दीपावली पर एक माह के वेतन के बराबर बोनस मांगा

मंत्रालय कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर राज्य कर्मचारियों के लिए दीपावली पर एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने की मांग की है। संघ का कहना है कि राज्य कर्मचारियों को दीपावली से पहले दिया जाने वाला बोनस पिछले वर्षों से बंद है। ऐसे में त्योहार के अवसर पर कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए बोनस की व्यवस्था फिर से शुरू की जानी चाहिए।

संघ ने सरकार से दोनों मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। अब कर्मचारियों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।


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    <title>सीधी जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई, 9 वाहन और 1 जेसीबी जब्त</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-10 20:58:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रेत और मुरूम के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों पर कार्रवाई, संबंधित वाहन चालकों और स्वामियों के विरुद्ध दर्ज होंगे प्रकरण

जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम के लिए खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई की गई। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा तथा पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन और जिला खनिज अधिकारी कपिलमुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में खनिज दल ने तहसील गोपदबनास, बहरी एवं कुसमी के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए रेत और मुरूम के अनाधिकृत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त 9 वाहनों तथा 1 जेसीबी मशीन को जब्त किया।

रेत और मुरूम के अवैध परिवहन पर कार्रवाई

खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान रेत का अनाधिकृत परिवहन करते पाए जाने पर 4 हाइवा वाहन क्रमांक MP17ZM2590, MP17ZP9372, MP17ZL2035 एवं MP17HH4178 तथा 2 ट्रैक्टर क्रमांक MP53ZC2823 एवं MP53ZD6572 को जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त एक 407 वाहन, जिसका चेसिस क्रमांक MAT804301N8D07804 है, को भी जब्त किया गया।

  इसी प्रकार मुरूम के अनाधिकृत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त 2 हाइवा वाहन क्रमांक MP53ZH8001 एवं MP53HA1987 तथा एक जेसीबी मशीन, जिसका चेसिस क्रमांक RAJ3DXE5V03593012 है, को नियमानुसार जब्त किया गया।

विभिन्न थानों में खड़े कराए गए जब्त वाहन

जब्त किए गए वाहनों एवं जेसीबी मशीन को सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न पुलिस थानों में खड़ा कराया गया है। इनमें 6 वाहन एवं 1 जेसीबी मशीन थाना कोतवाली में, 1 वाहन थाना जमोड़ी में, 1 वाहन थाना बहरी में तथा 1 वाहन थाना कुसमी में रखा गया है।

  संबंधित वाहन चालकों एवं स्वामियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी

कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। खनिज विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध गतिविधियों में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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  <item>
    <title>सीधी में 7 स्कूलों के अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त, मेरिट वालों को मिलेगा मौका</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-10 19:20:08</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताओं की शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विकासखंड मझौली, सिहावल और सीधी के सात शासकीय विद्यालयों में नियोजित अतिथि शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं। जांच में मेरिट सूची में अधिक अंक पाने वाले आवेदकों को अवसर नहीं देने और कम अंक वाले आवेदकों को नियुक्त करने की अनियमितता सामने आई है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई सहित अन्य माध्यमों से अतिथि शिक्षकों के आमंत्रण, ज्वाइनिंग और मानदेय भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। कलेक्टर विकास मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत इन शिकायतों की जांच कराई गई।

आठ सदस्यीय समिति ने की जांच

18 सितंबर 2026 को गठित आठ सदस्यीय जिला स्तरीय समिति ने 23 और 24 सितंबर को संबंधित संस्था प्रमुखों एवं शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में अभिलेखों का परीक्षण किया। जांच में प्रथम दृष्टया लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के 24 अगस्त 2026 के निर्देशों की अनदेखी पाई गई। विकासखंड पैनल की मेरिट सूची में अधिक स्कोर वाले आवेदकों को मौका देने के बजाय कम स्कोर वाले आवेदकों को आमंत्रित कर नियोजित किया गया था।

इन सात विद्यालयों में हुई कार्रवाई

आदेश के अनुसार, मझौली विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौढ़िया, सिहावल के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय खेतौही, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोखरा, शासकीय प्राथमिक शाला समरदह और शासकीय माध्यमिक शाला कन्या सोनवर्षा तथा सीधी विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरम्बाबा एवं शासकीय प्राथमिक शाला करहीखूट में संबंधित अतिथि शिक्षकों की सेवाएं निरस्त की गई हैं।

मानदेय भुगतान की जिम्मेदारी भी तय

संबंधित शाला प्रभारियों एवं संकुल प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि निरस्त किए गए अतिथि शिक्षकों को पोर्टल से तत्काल पृथक कर विकासखंड पैनल की मेरिट सूची में उपलब्ध सर्वाधिक स्कोर वाले पात्र आवेदकों को नियमानुसार अवसर दिया जाए। नियोजन की पूरी प्रक्रिया का विवरण जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित कराना अनिवार्य होगा।

आदेश में पूर्व में नियोजित अतिथि शिक्षकों द्वारा दी गई सेवाओं की अवधि के मानदेय भुगतान की जिम्मेदारी भी संबंधित शाला प्रभारियों पर तय की गई है। भुगतान नहीं होने पर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी देकर आगामी दो दिनों के भीतर शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के अन्य विकासखंडों में लंबित शिकायतों पर भी आगे कार्रवाई की जाएगी।</description>
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  <item>
    <title>सीधी में झोलाछाप क्लीनिक पर छापा, 8 बेड पर चल रहा था अवैध अस्पताल! </title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-10 19:09:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>बहरी में आरके बिन्द क्लीनिक की जांच में खुलासा, आयुर्वेद की डिग्री पर एलोपैथिक इलाज करने का आरोप; जिले में संचालित अन्य अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई को लेकर भी उठे सवाल

सीधी/बहरी(ईन्यूज एमपी)-सीधी जिले के सिहावल ब्लॉक अंतर्गत बहरी क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरके बिन्द क्लीनिक पर औचक छापेमारी की। बीएमओ डॉ. रिकेश शर्मा के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान क्लीनिक के पीछे दो कमरों में आठ बेड लगाकर मरीजों को भर्ती करने और इलाज करने की व्यवस्था सामने आई। विभाग के अनुसार, यहां अस्पताल जैसी व्यवस्था संचालित करने के लिए वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं मिली।

जांच में यह भी सामने आया कि क्लीनिक संचालक आरके बिन्द के पास आयुर्वेद की डिग्री है, जबकि उन पर एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज करने का आरोप है। मौके पर मरीजों को ड्रिप चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने से संबंधित साक्ष्य भी मिले। स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संचालक को एक महीने का समय दिया है। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर क्लीनिक सील करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

15 साल से चल रहा था इलाज, मरीजों को डिग्री की जानकारी नहीं

बीएमओ डॉ. रिकेश शर्मा के मुताबिक, क्लीनिक में अवैध गतिविधियों और मरीजों की जान से खिलवाड़ किए जाने की शिकायतों के आधार पर जांच की गई। संचालक आरके बिन्द पिछले करीब 15 वर्षों से क्षेत्र में प्रैक्टिस कर रहे हैं। बताया गया कि वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और बहरी में मकान बनाकर लंबे समय से यहां इलाज कर रहे हैं।

क्लीनिक में इलाज कराने पहुंचीं रामरति विश्वकर्मा ने बताया कि वह पिछले छह वर्षों से यहां उपचार करा रही हैं। तबीयत खराब होने पर उन्हें ड्रिप चढ़ाई जाती है, इंजेक्शन लगाए जाते हैं और दवाएं दी जाती हैं। हालांकि, उन्हें क्लीनिक संचालक की शैक्षणिक योग्यता और डिग्री के बारे में जानकारी नहीं थी।

वहीं, संचालक आरके बिन्द ने स्वीकार किया कि वह करीब 15 वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले उनके पास कोई डिग्री नहीं थी, लेकिन अब उन्होंने आयुर्वेद की डिग्री हासिल कर ली है। उन्होंने दावा किया कि उनके इलाज से अब तक किसी मरीज को नुकसान नहीं पहुंचा है।

एक महीने की मोहलत, फिर सील होगा क्लीनिक?

कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्लीनिक में नियमों के विपरीत मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था, तो इतने लंबे समय तक इस व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हो सकी। खास बात यह भी है कि स्थानीय जानकारी के अनुसार, पूर्व में क्लीनिक के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित था। ऐसे में क्षेत्र में लंबे समय से चल रही इस गतिविधि की जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को थी या नहीं, इसकी जांच भी जरूरी है।

बहरी से पूरे जिले तक फैला सवाल

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि बहरी सहित सीधी जिले के कई क्षेत्रों में बिना उचित अनुमति या आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के क्लीनिक और अस्पताल जैसी व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं। बहरी थाने के सामने भी एक कथित झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक संचालन की बात सामने लाई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित प्रतिष्ठानों की वैधानिक स्थिति की जांच आवश्यक है।

क्षेत्र में पूर्व में कथित अवैध चिकित्सकीय उपचार से मरीजों की मौत होने के दावे भी किए जा रहे हैं। इन मामलों में तथ्यात्मक जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

आरके बिन्द क्लीनिक पर हुई कार्रवाई के बाद अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर हैं। सवाल यह है कि क्या एक महीने की मोहलत के बाद वास्तव में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा, या कार्रवाई केवल निरीक्षण और चेतावनी तक सीमित रह जाएगी? मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है कि क्लीनिक की वैधानिक स्थिति, संचालक की उपचार संबंधी पात्रता और मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की जांच नियमानुसार पूरी की जाए। साथ ही, जिले में संचालित अन्य संदिग्ध क्लीनिकों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।</description>
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  <item>
    <title>MP में पटवारियों का आंदोलन खत्म, 12 अक्टूबर से फिर शुरू होगा स्वामित्व योजना का काम</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-10 13:04:37</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीएम मोहन यादव से मुलाकात के बाद बनी सहमति, 17 सितंबर के बाद की कार्रवाइयां शून्य करने पर सहमति; 27 अक्टूबर को आर्थिक मांगों पर घोषणा की उम्मीद

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर पटवारी संघ और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार शाम हुई मुलाकात के बाद पटवारी संघ ने 12 अक्टूबर से स्वामित्व योजना का काम दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है। इससे प्रदेश में लंबित भूमि पंजीयन से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल के मुताबिक, बैठक में पटवारियों को न्यायिक संरक्षण देने के लिए आदेश जारी करने और 17 सितंबर के बाद की गई कार्रवाइयों को शून्य करने पर सहमति बनी है। संघ लंबे समय से स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्रियों में पटवारियों की कानूनी जिम्मेदारी को लेकर सुरक्षा की मांग कर रहा था।

रजिस्ट्रियों के विवाद में कानूनी कार्रवाई का था डर

स्वामित्व योजना के तहत भूमि पंजीयन से जुड़े कार्यों में पटवारियों की भूमिका को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। पटवारियों को आशंका थी कि रजिस्ट्री से संबंधित विवाद होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसी मुद्दे पर पटवारी संघ ने विरोध जताते हुए योजना के काम से दूरी बना ली थी।

भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर के अनुसार, बैठक में इन अड़चनों के समाधान पर सहमति बनी है। सरकार की ओर से आवश्यक संरक्षण के प्रावधान किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद संघ ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।

वेतन विसंगति पर आयोग के बाद होगा विचार

बैठक में पटवारियों की वेतन विसंगति और अन्य आर्थिक मांगों पर भी चर्चा हुई। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने बताया कि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। वेतन विसंगति के मामले में आयोग के गठन के बाद विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 अक्टूबर को आयोजित होने वाले महासम्मेलन में पटवारियों की आर्थिक मांगों को लेकर घोषणा करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में अब पटवारी संघ की नजर सरकार की आगामी घोषणा पर रहेगी।

50 लाख भूमि पंजीयन का लक्ष्य

राज्य सरकार स्वामित्व योजना को प्राथमिकता दे रही है। योजना के तहत करीब 50 लाख भूमि पंजीयन का लक्ष्य बताया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने योजना का काम पूरी निष्ठा से करने की बात कही है।

बैठक में राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल, प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

सरकार और पटवारी संघ के बीच सहमति बनने के बाद अब 12 अक्टूबर से स्वामित्व योजना का काम दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इससे योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाएं दूर होने और लंबित कार्यों में तेजी आने की संभावना है।</description>
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  <item>
    <title>मानसून की विदाई के बाद भी बदला मौसम, सीधी-रीवा समेत कई जिलों में हल्की बारिश के आसार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-10 09:32:37</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। चक्रवातीय परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ लाइन के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। शनिवार को सीधी, सिंगरौली, रीवा और मऊगंज में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मौसम साफ रहने और धूप खिलने की संभावना जताई गई है।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम प्रणाली का असर देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में अमरकंटक में करीब 37.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में रात के तापमान में गिरावट आई है, जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है।

पचमढ़ी में सबसे ठंडी रात, दिन में गर्मी का असर

प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट के बीच पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमरकंटक और इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18.8 डिग्री और शाजापुर में 19 डिग्री सेल्सियस रहा।

वहीं, दिन के समय गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। बड़वानी जिले के तालुन में सर्वाधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

 3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, फिर क्यों हुई बारिश?

मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया था। इस बार मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। मानसून की विदाई के बाद भी वायुमंडल में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

 इस बार सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश

जून से सितंबर तक चले मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन 35.8 इंच यानी 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य औसत 37.3 इंच से करीब 4 प्रतिशत कम है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। जून महीने में बारिश का कोटा 14 प्रतिशत कम रहने से पूरे सीजन का गणित प्रभावित हुआ। जुलाई, अगस्त और सितंबर में हुई बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी।

25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी

प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो गया, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

बारिश का कोटा पूरा करने वाले जिलों में भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

वहीं, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, देवास, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नीमच, मंदसौर और धार समेत कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।

कुल मिलाकर, मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम बदलने लगा है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने और धूप निकलने से दिन में गर्मी तथा रात में हल्की ठंड का मिला-जुला असर बने रहने की संभावना है।
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    <title>एमपी पुलिस में बड़ा फेरबदल: 10 अधिकारियों को पदोन्नति</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-10 07:17:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में पुलिस प्रशासन के स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के 10 अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी आदेश के तहत इंदौर के एसीपी कोतवाली विनोद कुमार दीक्षित को उज्जैन में लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, भोपाल की एसीपी बिट्टू शर्मा को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कई अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी

गृह विभाग के आदेश के अनुसार, प्रीतम सिंह बालरे को मंडला जिले के एसडीओपी निवास से स्थानांतरित कर बालाघाट में आईजी कार्यालय में एआईजी पदस्थ किया गया है। मनोहर सिंह गवली को खंडवा जिले के मूंदी एसडीओपी पद से नर्मदापुरम में एसपी, अजाक की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह बाबूलाल वर्मा को रेडियो मुख्यालय में एसपी बनाया गया है। राम शंकर सिलावट को एटीसी, पुलिस मुख्यालय से एआईजी पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है। महेंद्र रायपुरिया को पांचवीं वाहिनी एसएएफ, मुरैना से स्थानांतरित कर भोपाल में आईजी कार्यालय एसएएफ में एआईजी बनाया गया है।

क्यूडी शाखा में भी नई नियुक्तियां

ऋतुराज गुप्ता को पुलिस मुख्यालय की क्यूडी शाखा से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्यूडी, भोपाल पदस्थ किया गया है। सत्येंद्र कुमार वर्मा को भी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्यूडी, पुलिस मुख्यालय भोपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, सतीश कुमार चतुर्वेदी को मंडला से स्थानांतरित कर सागर जोन के आईजी कार्यालय में एआईजी बनाया गया है।

विनोद दीक्षित उज्जैन में संभालेंगे लोकायुक्त की कमान

इस फेरबदल में इंदौर के एसीपी कोतवाली विनोद कुमार दीक्षित की नई पदस्थापना खास मानी जा रही है। उन्हें उज्जैन में लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर, भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में एसीपी के पद पर पदस्थ बिट्टू शर्मा को पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया है।

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    <title>कलेक्टर ने मझौली समूह जल प्रदाय योजना का किया निरीक्षण</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-09 21:24:14</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कलेक्टर विकास मिश्रा ने ग्राम परसिली में मझौली समूह जल प्रदाय योजना के तहत संचालित जल शोधन संयंत्र एवं इंटेक वेल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल शोधन की प्रक्रिया, संयंत्र के विभिन्न अवयवों तथा वाटर टेस्टिंग लैबोरेटरी का अवलोकन कर पेयजल की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

  निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने योजना के अंतर्गत 25 ग्रामों में की जा रही पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जल की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नियमित परीक्षण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

  कलेक्टर ने ग्रामीणों को पेयजल के विवेकपूर्ण एवं समुचित उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने पानी समिति के माध्यम से ग्रामीणों को जलकर का नियमित भुगतान करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए, जिससे जल प्रदाय योजना का सुचारू संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।

  पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश देते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने पौधरोपण भी किया। उन्होंने जल संरक्षण, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक सहभागिता के महत्व पर बल दिया।

  इस दौरान जल निगम के जीएम नीरव अग्रवाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    <title>सीधी में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग को लेकर निकली तिरंगा यात्रा, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-09 20:10:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। जीडीसी सीधी, संजय गांधी कॉलेज सहित अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विश्वविद्यालय स्थापना की मांग उठाई। यात्रा के समापन पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

तिरंगा यात्रा सुबह 11:30 बजे संजय गांधी कॉलेज के पास से शुरू हुई। यात्रा नए बस स्टैंड, पुरानी सीधी स्थित लालता चौक, पुराना बस स्टैंड, गांधी चौराहा और सम्राट चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। तेज धूप और लंबी यात्रा के बावजूद विद्यार्थियों का उत्साह बना रहा। छात्र-छात्राओं ने नारे लगाकर जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग को प्रमुखता से उठाया।

 उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने को मजबूर विद्यार्थी

छात्र संगठन का नेतृत्व कर रहे शोध छात्र इंद्रलाल पटेल ने कहा कि सीधी में विश्वविद्यालय की जरूरत उन विद्यार्थियों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, जिन्हें बेहतर पाठ्यक्रमों और उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। बाहर जाकर पढ़ाई करने में विद्यार्थियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और महंगी शिक्षा का बोझ भी उठाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि जिले के शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए भी विद्यार्थियों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सीधी में विश्वविद्यालय की स्थापना होने से स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

 मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

यात्रा के दौरान छात्र ऋषि पटेल ने नारों के माध्यम से विद्यार्थियों की मांग को बुलंद किया, जबकि ज्ञापन का वाचन जीडीसी सीधी की एमएससी छात्रा ज्योति पटेल ने किया। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि जिले में विश्वविद्यालय की स्थापना होने तक उनकी मांग और प्रयास जारी रहेंगे।

तिरंगा यात्रा में इंद्रलाल पटेल, ज्योति पटेल, केशकली सिंह, प्रांजल कुमार पाठक, श्वेता शुक्ला, कृपाशंकर पटेल, खुशी द्विवेदी, गणेश पनिका, संजय कुमार यादव, रामायण सोंधिया, मनीष कुमार, अल्केश कुमार, दिग्विजय साहू, संजय प्रजापति, अनूप सिंह जानम, अभिषेक कुमार, अर्पित पटेल, रोशनी केवट, राजवती सिंह, अर्चना यादव, विजय पटेल, अजय केवट, हेमा सिंह, मंजू रावत, गीतांजलि पटेल, वर्षा साकेत, सुभाष पटेल, आदित्य पांडे, प्रतिमा पटेल, प्रमिला साहू, पूजा जायसवाल, अमृता साहू, पार्वती यादव, रोहित मिश्रा, विनीत पांडे, नफीस खान, रंजन विश्वकर्मा, वीरेंद्र पटेल, ओम प्रकाश यादव, प्रिंस साकेत, दिवाकर साहू, नागेंद्र कुमार कुशवाहा, देवांश कुमार बैस, कुलदीप सिंह, अभिनव कुमार वर्मा, सुमित, दिलखुश साहू, अमित सिंह चौहान, दीपांजलि, ऋषि पटेल, अमृतेश रावत, अनिल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

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    <title>निलंबित हुए दो पुलिसकर्मी, हाईवे पर रुपये लेने का वीडियो वायरल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-09 12:48:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>एएसआई जवाहरलाल राय और प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक पर कार्रवाई, डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई जांच

शहडोल(ईन्यूज एमपी)- पुलिस विभाग की छवि और कार्यप्रणाली से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में शहडोल एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने सोहागपुर थाने के एएसआई जवाहरलाल राय और बुढ़ार थाने के प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक को निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों को ब्यौहारी थाने से संबद्ध किया गया है। मामलों की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है।

हाईवे पर पिकअप चालक से रुपये लेने का आरोप

एएसआई जवाहरलाल राय के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। वीडियो में वे हाईवे पर एक पिकअप वाहन को रोककर चालक से कथित तौर पर रुपये लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 वारंटी की तलाश में लापरवाही का मामला

दूसरी कार्रवाई बुढ़ार थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक के खिलाफ की गई है। उन पर वारंटी की तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप है। बताया गया कि उन्होंने थाना प्रभारी को जानकारी दिए बिना रवानगी दर्ज कराई, लेकिन संबंधित वारंटी की तलाश नहीं की। इस मामले में आवश्यक रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।

 महिला के साथ वीडियो भी हुआ था वायरल

प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक से जुड़ा एक अन्य वीडियो भी पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में वे एक महिला के साथ रेस्टोरेंट में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान महिला का पति वहां पहुंचता है और वीडियो बनाते हुए पुलिसकर्मी पर कई आरोप लगाता है। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, इस वीडियो से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

दोनों पुलिसकर्मियों के मामलों की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच के दौरान संबंधित तथ्यों और आरोपों की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
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    <title>विंध्यरीजन के दो कर्मचारियों को गुजरात में 8 दिनों तक बंधक बनाने का आरोप...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-09 06:50:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा( ईन्यूज एमपी)  विंध्यरीजन के रीवा से   नितेश तिवारी और सच्चिदानंद उपाध्याय गुजरात के कांडला पोर्ट स्थित अरिहंत एग्रो कंपनी में काम करते थे। आरोप है कि कंपनी मालिक ने दोनों को करीब 8 दिन तक बंधक बनाकर रखा और 4 दिनों तक लाठी-डंडों व सरिया से मारपीट कराई।

घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद उन्होंने रीवा कलेक्टर और एसपी कार्यालय में शिकायत की। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दोनों को मुक्त कराकर रीवा लाया गया। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई की मांग की है।</description>
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    <title>सीधी जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में लाखों की चोरी, मशीनों में तोड़फोड़ से सर्जरी ठप</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-09 06:48:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>ओटी का ताला खुलने पर सामने आया मामला, रोजाना होने वाले चार ऑपरेशन प्रभावित; पुलिस ने दर्ज किया केस**

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिला चिकित्सालय सीधी के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में चोरी और मशीनों में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। अज्ञात चोर ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। घटना के कारण अस्पताल में नियमित ऑपरेशन प्रभावित हो गए हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे जब अस्पताल के स्टाफ ने ऑपरेशन थिएटर का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया, तब चोरी की जानकारी सामने आई। ओटी के अंदर उपकरण गायब मिले, जबकि मशीनों के साथ तोड़फोड़ भी की गई थी। अस्पताल स्टाफ के मुताबिक, चोर पीछे की खिड़की से अंदर घुसे थे।

 कैंची, चादर और मशीनों के उपकरण गायब

सिविल सर्जन डॉ. दीपा रानी इसरानी ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर से कैंची, बेडशीट, चादर, कंबल, कंप्यूटर से संबंधित कुछ सामान और ऑपरेशन में उपयोग होने वाले मशीनों के उपकरण गायब हैं। चोरी गए सामान की वास्तविक कीमत का आकलन किया जा रहा है।

 रोजाना होते थे चार ऑपरेशन, मरीज परेशान

जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन चार ऑपरेशन किए जाते थे। ओटी में चोरी और उपकरणों को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद सर्जरी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में ऑपरेशन की जरूरत वाले मरीजों को रीवा के संजय गांधी अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ सकती है।

 कोतवाली पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस चोरी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी में कौन शामिल था और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई।
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    <title>रीवा में स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही पर 15 पटवारी निलंबित</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-08 15:27:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- स्वामित्व योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर जिले के 15 पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। संबंधित एसडीएम ने सभी पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।

बताया गया कि संबंधित पटवारियों को स्वामित्व योजना के तहत सर्वे, सत्यापन और अभिलेख संबंधी कार्य समय-सीमा में पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। निर्धारित समय में काम पूरा नहीं होने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के चलते कार्रवाई की गई।

नोटिस के बाद भी नहीं सुधरी कार्यप्रगति

प्रशासन के अनुसार, संबंधित पटवारियों को पहले कार्य में सुधार और समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद स्वामित्व योजना के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। इसके बाद प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की।

इन पटवारियों पर हुई कार्रवाई

निलंबित पटवारियों में बृजेश गुप्ता (लौवा लक्ष्मणपुर), अभिनव तिवारी (अमिरती), सौरभ सिंह (इटार पहाड़), आशीष पांडेय (उमरी), मधुर सिंह (मनिकवार), कौशल कोल (भौवार), इकबाल (व्योहरा), प्रकाश सोनी (रौरा), योगेश डाबर (जवा), निशांत नागवंशी (सूती), पुष्पराज सिंह (कोराव अमिलिया), नम्रता साहू (हर्दिकला), प्रशांत त्रिपाठी (मरैला), अजय पटेल (भटिगवां) और योगिता सिंह (बबैया) शामिल हैं।

ग्रामीणों को मिलता है संपत्ति का अधिकार पत्र

स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्तियों का सर्वे और सत्यापन कर पात्र लोगों को उनकी संपत्ति का अधिकार पत्र उपलब्ध कराना है। इसके लिए सर्वे, सत्यापन और राजस्व अभिलेखों से संबंधित कार्य महत्वपूर्ण होते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।</description>
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  <item>
    <title>नाना पाटेकर का कार्डियक अरेस्ट से निधन, PM मोदी समेत कई नेताओं ने जताया शोक</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-08 11:05:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>मुंबई/गोवा(ईन्यूज एमपी)- दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गुरुवार सुबह निधन हो गया। गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म जगत के साथ राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनके अभिनय में अलग तरह की गहराई, मौलिकता और प्रभाव था। उन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और उनके कई किरदार आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे। 

पांच दशक से ज्यादा का शानदार अभिनय सफर

नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक से अधिक समय तक हिंदी और मराठी सिनेमा में काम किया। उनकी दमदार संवाद अदायगी और गंभीर अभिनय शैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘नटसम्राट’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहा गया। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले थे और पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। 

सामाजिक कार्यों में भी रहे सक्रिय

नाना पाटेकर फिल्मों के अलावा सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और किसानों की मदद के लिए काम किया। किसान परिवारों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में उनके सामाजिक कार्यों को भी याद किया जा रहा है। 

नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके साथ जुड़ी यादों को साझा करते हुए उनके सामाजिक सरोकारों और किसानों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनके निधन को भारतीय फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित अन्य तमाम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी अभिनय शैली और संवाद अदायगी ने दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई। 

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  <item>
    <title>फर्जी अंकसूचियों से सरकारी नौकरी का मामला, 100 करोड़ तक हो सकती है वेतन वसूली</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-08 10:43:39</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-इंदौर में फर्जी D.Ed-B.Ed डिग्री और अंकसूचियों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले 51 शिक्षकों पर अब FIR की तैयारी है। ये शिक्षक करीब 20 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। जांच में इनके शैक्षणिक दस्तावेज संदिग्ध और फर्जी पाए गए हैं। इनमें कई शिक्षक प्रमोशन भी हासिल कर चुके हैं।

इन शिक्षकों की वर्तमान मासिक सैलरी करीब 50 हजार से 1 लाख रुपए तक बताई जा रही है। शिक्षा विभाग अब प्रत्येक शिक्षक की सेवा अवधि और नौकरी के दौरान मिले वेतन की गणना कर रहा है। अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक वेतन की वसूली की राशि करीब 100 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है।

मामला सांवेर विकासखंड में वर्ष 2006-07 में हुई संविदा शाला शिक्षक भर्ती से जुड़ा है। शिकायत के बाद दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। माध्यमिक शिक्षा मंडल से जून 2022 से अप्रैल 2023 के बीच मिली जानकारी और चार प्राचार्यों की समिति की मई 2024 की रिपोर्ट में कई अंकसूचियों को लेकर गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।

जांच में कुछ ऐसी अंकसूचियां मिलीं जिन्हें माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी ही नहीं किया था। वहीं कुछ मामलों में एक ही रोल नंबर पर दूसरे परीक्षार्थी की अंकसूची सामने आई। STF भोपाल की जांच में भी संबंधित डिग्रियों को फर्जी पाया गया।

सितंबर 2024 में संबंधित संकुल प्राचार्यों को FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान संबंधित शिक्षक सरकारी सेवा में बने रहे और वेतन लेते रहे।

जांच में सामने आए 51 शिक्षकों के पास D.Ed की डिग्री बताई गई है, जबकि करीब 20 शिक्षकों ने B.Ed भी किया है। इनके दस्तावेजों में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित उज्जैन, देवास और इंदौर के संस्थानों से डिग्री हासिल करने का दावा किया गया है।

अब जिला शिक्षा अधिकारी शौर्य मल्होत्रा ने संबंधित संकुल प्राचार्यों और BEO को 51 शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग वेतन की गणना के साथ उसकी वसूली की प्रक्रिया की तैयारी भी कर रहा है।

वहीं लोकायुक्त ने मामले में 74 शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया है। इसमें पहली नियुक्ति से लेकर वर्तमान पदस्थापना तक की जानकारी मांगी गई है। जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति होने के बावजूद इतने वर्षों तक उनका सत्यापन क्यों नहीं हुआ।

संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले ज्यादातर शिक्षक प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पदस्थ हैं। मामले में किशोर सोलंकी, रेखा चौहान, संदीप मकवाना, वंदना वर्मा, पवन पटेल, महेश परमार, श्याम मेवाड़ा और नवीन पिपलौदिया समेत अन्य शिक्षकों के नाम सामने आए हैं।</description>
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    <title>ओरछा-चित्रकूट में गूंजेगी श्रीरामकथा, 5 से ज्यादा देशों के कलाकार होंगे शामिल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-08 08:13:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में श्रीराम की जीवनगाथा और भारतीय कला-संस्कृति को समर्पित ‘अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। ओरछा और चित्रकूट में होने वाले इस आयोजन में देश-विदेश के कलाकार एवं विद्वान श्रीरामकथा के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

ओरछा में 11 से 13 अक्टूबर तक श्रीराम राजा मंदिर परिसर में रामलीला का मंचन होगा। वहीं चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर 13 से 19 अक्टूबर 2026 तक आयोजन किया जाएगा।

उत्सव में 5 से अधिक देशों के विद्वान और कलाकार शामिल होंगे। श्रीरामकथा के प्रसंगों को 10 से अधिक कला-साहित्य विधाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रसिद्ध लीला मंडलियां श्रीराम के आदर्शों और जीवन प्रसंगों को मंच पर जीवंत करेंगी।

आयोजन में श्रीराम के जन्म, बाल लीलाओं, वनगमन, सीता हरण, हनुमान भक्ति, लंका विजय और अयोध्या वापसी जैसे प्रमुख प्रसंगों का मंचन होगा। इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा और श्रीराम के आदर्शों को देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।</description>
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    <title>पुलिस महकमे में 1000 पदों पर भर्ती</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-08 08:08:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश पुलिस में भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने ड्राइवर आरक्षक के 1000 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

भर्ती प्रक्रिया के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। लिखित परीक्षा 4 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी।

भर्ती में SAF के 200 और जिला पुलिस के 800 रिक्त पद शामिल हैं। सिंहस्थ से पहले पुलिस परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से इन पदों पर भर्ती की जा रही है।

भर्ती की प्रमुख तारीखें

आवेदन शुरू: 15 अक्टूबर 2026

लिखित परीक्षा: 4 जनवरी 2027

कुल पद: 1000

SAF: 200 पद

जिला पुलिस: 800 पद

पद: ड्राइवर आरक्षक</description>
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    <title>जमोड़ी पुलिस की अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई, 4 लाख का ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-07 17:13:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>पुलिस को देखकर चालक वाहन छोड़कर फरार, अवैध रेत परिवहन का मामला दर्ज

सीधी(ईन्यूज एमपी)- अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जमोड़ी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। जब्त वाहन और रेत की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

पुलिस के अनुसार 4 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से रेत लोड कर जमोड़ी खुर्द से विद्युत विभाग कार्यालय होते हुए मुख्य मार्ग की ओर ले जाई जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विद्युत विभाग कार्यालय के पास ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया।

पुलिस को देखकर चालक वाहन छोड़कर भाग गया। जांच के दौरान ट्रॉली में रेत भरी मिली, जिसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस ने सोनालिका DI 745 III ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया।

पुलिस ने चालक की पहचान अनिल कपूर जायसवाल पिता राजमणि जायसवाल, उम्र 36 वर्ष, निवासी भेलकी खुर्द के रूप में बताई है। चालक और वाहन स्वामी के विरुद्ध धारा 303(2), 317(5) BNS तथा खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन तथा जमोड़ी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक केदार परौहा के नेतृत्व में की गई।</description>
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    <title>सीधी में सेवा संकल्प अभियान के तहत भव्य आयोजन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-07 16:51:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>पूजा पार्क में उमड़ा जनसैलाब, सेवा ज्योति प्रज्वलित कर विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना हुईं यात्राएं

सीधी(ईन्यूज एमपी )- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्थानीय पूजा पार्क में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति संकल्प यात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा मुख्य अतिथि रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिला संगठन प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी, धौंहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक और पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व चुरहट विधायक शरदेन्दु तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। छत्रसाल स्टेडियम में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं और आमजन का एकत्रीकरण हुआ। देशभक्ति गीतों के बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया।

इसके बाद दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव संबोधन का प्रसारण किया गया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भागीदारी और सेवा भावना पर जोर दिया। संबोधन के दौरान मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत माता की जय के नारे लगाए तथा समाज सेवा का सामूहिक संकल्प लिया।

सेवा ज्योति प्रज्वलित कर रवाना हुईं यात्राएं

कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्य मशाल से ‘सेवा ज्योति’ प्रज्वलित की। इसके बाद इसी ज्योति से जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की मशालें प्रज्वलित की गईं। विधायक, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सेवा ज्योति लेकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना हुए।

ये यात्राएं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश देंगी। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं और अतिथियों का स्वागत किया तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू रामजी सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र शरण सिंह चौहान, केके तिवारी, लालचंद गुप्ता, पूर्व प्राधिकरण अध्यक्ष सुभाष सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह परिहार, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह मुन्नू, अंजू केसरी सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।</description>
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  <item>
    <title>सीधी में स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री पर पटवारियों का विरोध, कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-07 16:51:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>करीब 200 पटवारियों ने अपर कलेक्टर बीपी पांडे को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी होने तक रजिस्ट्री से दूरी बनाने का ऐलान

सीधी(ईन्यूज एमपी)- स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी की जमीनों की निःशुल्क रजिस्ट्री को लेकर सीधी में पटवारी संघ और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जिले के करीब 200 पटवारियों ने भवन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर विरोध जताया और अपर कलेक्टर बीपी पांडे को ज्ञापन सौंपा।पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में पटवारियों को निष्पादन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। संघ का कहना है कि इस जिम्मेदारी के चलते पटवारियों को संपत्तियों की प्रक्रिया में सीधे शामिल होना पड़ रहा है।

पटवारियों ने आशंका जताई कि भविष्य में जमीन के स्वामित्व को लेकर कोई विवाद या कानूनी मामला सामने आया तो उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। संघ का कहना है कि वे अपनी व्यक्तिगत पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भविष्य की कानूनी जिम्मेदारी लेने की स्थिति में नहीं हैं।

तहसीलदार और एसडीएम स्तर पर भी असमंजस

मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी की संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शासन स्तर पर पटवारी को निष्पादन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारियों को भी पंजीयन से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।पटवारी संघ का दावा है कि तहसीलदार और एसडीएम स्तर पर भी इस कार्य को करने से इनकार की स्थिति बनी है। इससे प्रशासन और पटवारी संघ के बीच विवाद और गहराने की बात कही जा रही है।

मांग पूरी होने तक रजिस्ट्री से दूरी

पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों का समाधान होने तक स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित निःशुल्क रजिस्ट्री अभियान प्रभावित होने की आशंका है।वहीं, अपर कलेक्टर बीपी पांडे ने पटवारियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी उन्हें नहीं है। ज्ञापन को संबंधित स्तर पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</description>
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  <item>
    <title>50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री से पहले पटवारियों का विरोध</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-07 10:57:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री की तैयारी के बीच पटवारियों की भूमिका को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भोपाल में आयोजित पटवारी संघ के जिला अध्यक्षों की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के करीब 23 हजार पटवारी स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्री में निष्पादक (एग्जीक्यूटर) की भूमिका नहीं निभाएंगे।

मप्र पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल और प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि लीज डीड में पटवारी का नाम शामिल किए जाने पर संघ को आपत्ति है। उनका कहना है कि भविष्य में जमीन को लेकर विवाद होने पर पटवारी को भी कानूनी मामले में पक्षकार बनाया जा सकता है।

लीज डीड में नाम शामिल करने पर आपत्ति

उपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि इस मामले में कानूनी सलाह भी ली गई है। संघ की मांग है कि पटवारियों को निष्पादक की भूमिका से हटाया जाए। अश्विन सैनी ने कहा कि संघ स्वामित्व योजना का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि पटवारी को निष्पादक बनाने का विरोध है।

उनका कहना है कि पटवारी टाइटल्ड अधिकारी नहीं हैं। यदि रजिस्ट्री के बाद कोई व्यक्ति अदालत में यह दावा करता है कि संबंधित जमीन पहले से उसके नाम थी, तो ऐसी स्थिति में पटवारी की भूमिका पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

सरकार पर 3800 करोड़ से ज्यादा का खर्च

राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री कराने की तैयारी कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया पर सरकार के 3,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है। प्रदेश में करीब 23 हजार पटवारी हैं और राज्य में प्रतिदिन औसतन 3,500 से 4,000 रजिस्ट्रियां होती हैं।

स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को भी शामिल किया गया है। संघ पदाधिकारियों के अनुसार इन अधिकारियों को योजना के तहत पंजीयक के अधिकार दिए गए हैं।

क्या है स्वामित्व योजना?

केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना वर्ष 2020 से संचालित है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर लंबे समय से काबिज लोगों को उनके संपत्ति अधिकार का दस्तावेज उपलब्ध कराना है। योजना के तहत संबंधित लोगों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए गए हैं।

अब राज्य सरकार इसी आबादी भूमि पर काबिज लोगों को अलग से रजिस्ट्री कराकर मुफ्त में मालिकाना हक देने की तैयारी कर रही है। यह योजना पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबद्ध है।

हरियाणा-राजस्थान का हवाला

पटवारी संघ ने हरियाणा और राजस्थान का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी अधिकार अभिलेख दिए जा रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में रजिस्ट्री के नाम पर पटवारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। संघ का दावा है कि शासकीय भूमि के निष्पादन का अधिकार अधिकृत अधिकारी को ही होना चाहिए।

पटवारी संघ ने साफ किया है कि जब तक पटवारियों को निष्पादक की भूमिका से हटाने पर निर्णय नहीं होता, तब तक वे इस प्रक्रिया में एग्जीक्यूटर के रूप में काम नहीं करेंगे। इससे 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री की प्रस्तावित प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका है।</description>
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  <item>
    <title>MP में मानसून विदा, फिर भी बारिश का सिस्टम एक्टिव; सीधी समेत 12 जिलों में अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-07 09:37:11</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का सिस्टम अभी सक्रिय है। इसके चलते अगले दो दिनों तक जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी समेत पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में करीब 12 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अलर्ट है। 8 और 9 अक्टूबर को भी पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि 10 अक्टूबर से बारिश का सिस्टम कमजोर होने की संभावना है।

वहीं भोपाल, इंदौर समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। यहां दिन में धूप और रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर बढ़ने लगेगा। 

सीधी समेत इन इलाकों में बारिश के आसार

अगले 24 घंटे में रीवा संभाग के सीधी, रीवा और सतना के अलावा जबलपुर संभाग के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसम के कारण गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। किसानों को बारिश और तेज हवा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</description>
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  <item>
    <title>कमर्जी पुलिस ने अंतरजिला चोरी गिरोह के वांछित आरोपी को अलीराजपुर जेल से पकड़ा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-06 21:44:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- कमर्जी थाना पुलिस ने कोल्हूडीह में हुई सनसनीखेज चोरी के मामले में फरार चल रहे अंतरजिला चोरी गिरोह के वांछित आरोपी को अलीराजपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गणेश उर्फ गणेशिया उर्फ गन सिंह पिता मंगू सिंह, निवासी कांठी, थाना टांडा, जिला धार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के हिस्से की नगदी भी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 1 मार्च 2026 को ग्राम कोल्हूडीह निवासी रोशन सिंह चौहान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर उनके पैतृक मकान का दरवाजा तोड़कर आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और 23 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। जांच के दौरान घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में 23 फरवरी की देर रात अर्टिगा कार से पहुंचे बदमाश चोरी करते दिखाई दिए थे।

मामले में थाना कमर्जी में अपराध क्रमांक 72/26 के तहत BNS की धारा 331(4), 305(ए) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार क्रमांक MP 13 AF 4720 और धार जिले के चोरी गिरोह की पहचान की।

इस मामले में पुलिस पहले ही दिनेश मण्डलोई, अदन अलावा, अरल पारधी और परम सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। इनके कब्जे से चोरी का माल और घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि मामले का फरार आरोपी गणेश उर्फ गणेशिया अलीराजपुर जेल में निरुद्ध है। इसके बाद कमर्जी पुलिस ने न्यायालय चुरहट से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और आरोपी को अलीराजपुर जेल से लाकर 1 अक्टूबर को विधिवत गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी की रकम में उसका हिस्सा बरामद किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को जिला जेल सीधी भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार मामले में फरार अन्य आरोपियों और चोरी के माल के खरीदारों की तलाश जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आगे की विवेचना की जा रही है।

कार्रवाई में थाना प्रभारी कमर्जी उपनिरीक्षक सुधाकर सिंह परिहार, सउनि. केशरी पाण्डेय, सउनि. गोविन्दलाल साकेत, प्रधान आरक्षक दयानंद रावत, आरक्षक अनिल सिंह, आरक्षक धीरशाह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</description>
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  <item>
    <title>एमपी के 22 सरकारी कॉलेजों पर 7.50 करोड़ का बोझ</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-06 11:32:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के 22 सरकारी कॉलेजों पर भवन, हॉस्टल और शौचालयों की मरम्मत के करीब 7.50 करोड़ रुपये के भुगतान का भार आ गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इन कार्यों का भुगतान कॉलेजों की जनभागीदारी निधि से करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच इन कॉलेजों में विभिन्न मरम्मत और रखरखाव के कार्य कराए गए थे।

उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने 29 सितंबर को जारी आदेश में सरकारी कॉलेजों के भवन, हॉस्टल और अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए सरकारी बजट अथवा जनभागीदारी निधि से खर्च की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। बजट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अब कॉलेजों को अपनी जनभागीदारी निधि से पुराने कार्यों का भुगतान करना होगा।

विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए इस्तेमाल होती है जनभागीदारी निधि

कॉलेजों में जनभागीदारी निधि का इस्तेमाल अब तक विद्यार्थियों की सुविधाओं, खेल गतिविधियों, छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में किया जाता रहा है। ऐसे में करोड़ों रुपये के पुराने मरम्मत बिलों का भुगतान इसी निधि से करने के निर्देश मिलने से कॉलेज प्रबंधन के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

5 लाख तक के काम में प्राचार्य को अधिकार

विभाग के निर्देश के अनुसार 5 लाख रुपये तक के सामान्य मरम्मत कार्य जनभागीदारी समिति की अनुशंसा और प्राचार्य की स्वीकृति से कराए जा सकेंगे। एक साल में ऐसे कार्यों पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। वहीं 15 लाख रुपये से अधिक के बड़े मरम्मत कार्यों के लिए पीडब्ल्यूडी अथवा पीडब्ल्यूडी की बीआर शाखा से प्रस्ताव और तकनीकी स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।

भोपाल के चार कॉलेजों पर 2.26 करोड़ का भार

भोपाल के चार सरकारी कॉलेजों में कराए गए कार्यों की राशि करीब 2.26 करोड़ रुपये बताई गई है। सरोजिनी नायडू शासकीय महाविद्यालय में गर्ल्स हॉस्टल की मरम्मत पर 91.12 लाख रुपये, आदर्श मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में भवन मरम्मत व रंगाई-पुताई पर 63.44 लाख रुपये, एमवीएम कॉलेज में हॉस्टल और शौचालय की मरम्मत पर 25.97 लाख रुपये तथा डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय में भवन-शौचालय मरम्मत पर 45.59 लाख रुपये खर्च हुए हैं।

जबलपुर के मोहनलाल हरगोविन्ददास गृहविज्ञान एवं विज्ञान महिला कॉलेज में भी मरम्मत कार्यों की राशि 73.42 लाख रुपये बताई गई है।

संबद्धता शुल्क बढ़ने से भी बढ़ेगा आर्थिक दबाव

कॉलेजों पर आर्थिक दबाव सिर्फ मरम्मत के भुगतान तक सीमित नहीं है। संबद्धता शुल्क की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पहले प्रति विषय करीब 5 से 6 हजार रुपये शुल्क देना होता था, जबकि अब बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में यह शुल्क प्रति विषय 50 हजार रुपये तक पहुंच गया है। कॉलेजों को इसकी व्यवस्था स्वयं करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐसे में सरकारी कॉलेजों को एक ओर पुराने मरम्मत कार्यों का करोड़ों रुपये का भुगतान जनभागीदारी निधि से करना होगा, वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए संबद्धता शुल्क का भार भी उठाना पड़ेगा।चाहें तो मैं इसी खबर का , सीधी24 न्यूज पोर्टल के लिए ज्यादा हार्ड-हिटिंग SEO टाइटल और 2 लाइन की लीड भी बना सकता हूं।</description>
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    <title>मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम, 4 दिन बारिश के आसार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-06 11:13:02</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में हल्की बारिश के आसार हैं। 7 और 8 अक्टूबर को भी इन क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।

दिन में तेज धूप, रात में बढ़ी ठंडक

प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है, लेकिन साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। दिन में तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ने लगी है।बीती रात इंदौर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बैतूल में 17.5, छिंदवाड़ा में 17.6, पचमढ़ी में 18 और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बने रहने का अनुमान है।

प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश

इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश में करीब 100 दिन सक्रिय रहा। मानसून 24 जून को प्रदेश में पहुंचा था और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हुई।पूरे मानसूनी सीजन में प्रदेश में 908.4 मिमी यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई।

सीधी-सिंगरौली समेत 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
वहीं 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें रीवा, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, विदिशा, शाजापुर, रतलाम, धार, झाबुआ, आलीराजपुर समेत अन्य जिले शामिल हैं।

सीधी-सिंगरौली के लिए अगले दो दिन विशेष रूप से अहम हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है।</description>
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    <title>आजादी के 80 साल बाद भी सड़क को तरस रहा छुरछड़ा टोला, मरीज को कंधे पर लेकर पहुंचाया अस्पताल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-06 09:48:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और मंत्री राधा सिंह से काजल साह ने किए सवाल, ग्रामीण लंबे समय से उठा रहे सड़क निर्माण की मांग

सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)-जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी का एक मामला सामने आया है। छुरछड़ा टोला में आजादी के करीब 80 साल बाद भी ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ आपात स्थिति में भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हाल ही में एक आदिवासी ग्रामीण की अचानक तबीयत खराब होने पर परिजनों को उसे कंधे पर लेकर अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद छुरछड़ा टोला की सड़क समस्या एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। छुरछड़ा निवासी काजल साह का कहना है कि करीब एक साल से सोशल मीडिया के माध्यम से गांव की सड़क समस्या को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन अभी तक जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी है।

काजल साह ने इस मामले को लेकर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और चितरंगी विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं राज्य मंत्री राधा सिंह से भी सवाल किए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीणों को जनप्रतिनिधियों से अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान की उम्मीद है, लेकिन सड़क जैसी जरूरी सुविधा के लिए भी उन्हें लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है।

मरीज को कंधे पर ले जाने की मजबूरी

छुरछड़ा टोला में सड़क नहीं होने का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई देता है। किसी ग्रामीण के बीमार या घायल होने की स्थिति में वाहन गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में परिजनों को मरीज को कंधे पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। हाल की घटना ने ग्रामीणों की इस परेशानी को सामने ला दिया है।

विकास के दावों पर उठे सवाल

काजल साह ने कहा कि विकास की योजनाओं और दावों का असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए। यदि आज भी किसी गांव में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए कंधे का सहारा लेना पड़ रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से छुरछड़ा टोला तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर है कि छुरछड़ा टोला की सड़क समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम कब उठाया जाता है और उन्हें सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा।</description>
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    <title>सीधी:417 आंगनबाड़ी केंद्रों में गूंजा ‘आंगन मिलन’ का संदेश, टमसार में विधायक टेकाम ने कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-05 21:39:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत सोमवार को 417 आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिलाओं, बच्चों और हितग्राहियों के बीच संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ और उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली गई।

कुसमी एवं चुरहट परियोजना के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित कार्यक्रमों में विशेष रूप से लाड़ली लक्ष्मी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों से सीधा संवाद किया गया। हितग्राहियों ने योजनाओं से मिले लाभ और परिवार पर पड़े सकारात्मक प्रभावों की जानकारी साझा की।

कुसमी परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र टमसार-5 में आयोजित कार्यक्रम में धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान जनपद सदस्य जमुनी देवी, टमसार सरपंच मकरंद सिंह सहित जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।

विधायक टेकाम ने टमसार पंचायत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम में बच्चों को खिलौने एवं शिक्षण सामग्री वितरित की गई। महिलाओं और बच्चों को फल एवं मिठाई भी दी गई। विधायक ने बच्चों से संवाद कर उनके पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण परिवारों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के जरूरतमंद परिवार तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके जीवन में किस तरह का बदलाव ला रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन और ग्रामीण परिवारों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करना जरूरी है।

जिले के 417 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम से सेवा, संवाद और जनभागीदारी की भावना को मजबूती मिली। कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों ने शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ के लिए आभार व्यक्त किया।</description>
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    <title>रेलवे ट्रैक किनारे मिला 25 वर्षीय युवक का शव, जांच में जुटी मोरवा पुलिस</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-05 13:24:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- मोरवा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह सीटीआई रेलवे क्रॉसिंग के पास रेलवे ट्रैक किनारे करीब 25 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर मोरवा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

मृतक की पहचान चकरिया निवासी पवन उर्फ छोटू पनिका, पिता संतधारी पनिका के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार युवक मानसिक रूप से परेशान रहता था और अक्सर रेलवे ट्रैक के पास बने रास्ते से आना-जाना करता था।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि रेलवे ट्रैक के पास चलते समय युवक का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब पांच फीट नीचे गिर गया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत होने की संभावना है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

मोरवा निरीक्षक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</description>
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    <title>सीधी:विवाह का झांसा देकर शोषण और छात्रा से मारपीट के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-05 11:26:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- थाना कोतवाली पुलिस ने महिला संबंधी दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में युवती को विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने का आरोप है। वहीं दूसरे मामले में कॉलेज छात्रा से मारपीट कर मोबाइल छीनने और धमकी देने का मामला सामने आया है।

पुलिस के अनुसार 23 सितंबर को 20 वर्षीय युवती ने थाना मड़वास में शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने आरोपी पर विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने का आरोप लगाया था। जांच के बाद धारा 69 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की पाए जाने पर प्रकरण वहां स्थानांतरित किया गया, जहां पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

दूसरे मामले में कॉलेज छात्रा ने शिकायत में बताया कि पूर्व परिचित युवक उसे लगातार फोन कर परेशान करता था। 13 मई को सीधी के एक सार्वजनिक स्थान पर आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट कर मोबाइल फोन छीन लिया। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी फरार हो गया। बाद में मोबाइल वापस करते समय आरोपी द्वारा जान से मारने और फोटो वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोतवाली उनि दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई।

सराहनीय भूमिका: उनि दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, एसआई प्रीति वर्मा, एचसी बलेंद्र, एचसी केपी सिंह, एचसी दिनेश (थाना बहरी) एवं सी. विकास सिंह (चौकी सिहावल) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।चाहें तो इसे मैं 4 कॉलम अखबार की शैली में और ज्यादा धारदार हेडिंग व 2 छोटे उपशीर्षकों के साथ भी तैयार कर सकता हूं।</description>
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    <title>नशे के खिलाफ अभियान में उत्कृष्ट कार्य, निरीक्षक अरुणा द्विवेदी सम्मानित</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-05 09:40:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान में प्रभावी कार्रवाई और जनजागरूकता के लिए कुसमी थाना प्रभारी निरीक्षक अरुणा द्विवेदी को सम्मानित किया गया है। मध्य प्रदेश पुलिस एवं फ्री प्रेस की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के मार्गदर्शन में कुसमी पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान पुलिस द्वारा की गई प्रभावी कार्रवाई और जनजागरूकता गतिविधियों को देखते हुए निरीक्षक अरुणा द्विवेदी को यह सम्मान दिया गया।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने निरीक्षक द्विवेदी को बधाई देते हुए कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ युवाओं और समाज को जागरूक करना भी पुलिस की प्राथमिकता है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा।

जिला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और नशामुक्त एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान जारी है।</description>
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  <item>
    <title>BSNL के 2G-3G नेटवर्क होंगे बंद, 20 हजार उपभोक्ताओं को बदलनी होगी सिम</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-05 06:45:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>इंदौर(ईन्यूज एमपी)- में BSNL अपने पुराने 2G और 3G नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की तैयारी कर रहा है। नेटवर्क अपग्रेड होने के बाद 2G और 3G सिम इस्तेमाल करने वाले करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को 4G सिम में अपग्रेड करना होगा। 

BSNL ने उपभोक्ताओं को SMS के जरिए 4G सिम लेने की सलाह देना शुरू कर दिया है। कंपनी के अनुसार इंदौर जिले में 2 से 2.5 लाख मोबाइल उपभोक्ता हैं, जिनमें करीब 80 प्रतिशत पहले ही सिम अपग्रेड करा चुके हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर 4G सिम की कमी के कारण उपभोक्ताओं को 3-4 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। 

इंदौर संभाग और जिले में अब तक 326 नए या अपग्रेडेड टावर लगाए जा चुके हैं। वहीं जिले में अभी भी 200 से ज्यादा 2G-3G टावर संचालित हैं। BSNL के मुताबिक 60 प्रतिशत से अधिक स्थानों पर नेटवर्क अपग्रेड किया जा चुका है। 

कंपनी के महाप्रबंधक पंकज उपाध्याय के अनुसार 40 प्रतिशत टावरों में 4G उपकरण लगाने का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। ऐसे में 3G सिम या केवल 3G सपोर्ट करने वाला मोबाइल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को 4G सिम और जरूरत पड़ने पर 4G मोबाइल लेना होगा। 

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    <title>मुक्तिधाम के कायाकल्प की तैयारी, कलेक्टर ने दिए निर्देश</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-04 20:45:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शौचालय, पार्क, शेड और लकड़ी स्टोर बनेगा, पेवर ब्लॉक से व्यवस्थित होगा परिसर, सेवाओं के मोबाइल नंबर भी होंगे प्रदर्शित

सीधी (ईन्यूज एमपी)-शहर के वार्ड क्रमांक 21 स्थित मुक्तिधाम की व्यवस्थाओं को अब व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने रविवार को नगर भ्रमण के दौरान मुक्तिधाम का निरीक्षण किया और नागरिकों तथा अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले परिजनों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नगर पालिका परिषद को व्यापक सुधार के निर्देश दिए। मुक्तिधाम परिसर में शौचालय, पार्क, बैठने के लिए शेड, लकड़ी के सुरक्षित भंडारण के लिए स्टोर रूम तथा आवश्यक स्थानों पर पेवर ब्लॉक लगाने की कार्यवाही की जाएगी।

  कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान मुक्तिधाम की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और परिसर को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए समग्र ले-आउट तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सभी सुविधाओं को एकीकृत रूप से शामिल करते हुए आर्किटेक्ट से नक्शा तैयार कराया जाए, ताकि भविष्य में होने वाले निर्माण कार्य व्यवस्थित योजना के अनुसार किए जा सकें।

अंतिम संस्कार की आवश्यक सेवाओं की मिलेगी जानकारी

मुक्तिधाम परिसर में कर्मकांड एवं अंतिम संस्कार से संबंधित आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों के मोबाइल नंबर और आवश्यक जानकारी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित की जाएगी। इससे बाहर से आने वाले अथवा आवश्यकता के समय सेवाओं की तलाश कर रहे मृतक के परिजनों को संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने में सुविधा होगी।

  मुक्तिधाम की नियमित साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नगर पालिका परिषद के एक कर्मचारी की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं। परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के साथ अन्य नागरिक सुविधाओं की नियमित देखरेख भी सुनिश्चित की जाएगी।

  मुक्तिधाम परिसर में आवश्यकतानुसार पार्क विकसित करने के साथ नागरिकों के बैठने के लिए शेड का निर्माण कराया जाएगा। दाह संस्कार में उपयोग होने वाली लकड़ी को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने के लिए अलग स्टोर रूम बनाया जाएगा। परिसर के आवश्यक हिस्सों में पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।

  भ्रमण के दौरान समाजसेवी कमल कामदार ने मुक्तिधाम को विस्तारित और व्यवस्थित करने के लिए अपनी जमीन का त्यजन करने पर सहमति व्यक्त की है। कलेक्टर ने मुक्तिधाम में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रस्तावित सुविधाओं पर चर्चा के साथ आवश्यक सहयोग और सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।

नगर के अन्य क्षेत्रों का भी किया निरीक्षण

कलेक्टर विकास मिश्रा ने 4 अक्टूबर की सुबह नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सम्राट चौक पार्किंग स्थल और हॉस्पिटल चौक के आसपास के क्षेत्र का भी जायजा लिया गया। इन क्षेत्रों में फुटकर एवं ठेला व्यवसायियों को व्यवस्थित करने, पार्किंग एवं आवागमन को सुचारु बनाए रखने, प्रकाश और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के संबंध में भी नगर पालिका परिषद को निर्देश दिए गए हैं।

  सर्दियों में सड़क किनारे अस्थायी रूप से लगने वाले कपड़ा बाजार को व्यवस्थित करने के लिए गीता भवन निर्माण स्थल को अस्थायी रूप से निर्धारित किए जाने की कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य नगर में यातायात, पार्किंग और फुटकर व्यवसाय की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

  निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक, तहसीलदार राकेश शुक्ला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी महमूद हसन सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    <title>नवीन बस स्टैंड का कलेक्टर ने किया निरीक्षण</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-04 20:42:24</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>यात्री सुविधाओं, फुटकर व्यापारियों की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर दिए निर्देश

सीधी (ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर विकास मिश्रा ने नवीन बस स्टैंड का निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यात्रियों एवं आम नागरिकों की सुविधा, फुटकर व्यापारियों के व्यवस्थित पुनर्वास तथा आपातकालीन सेवाओं की जानकारी को सुगम बनाने के संबंध में नगर पालिका परिषद को आवश्यक निर्देश दिए।

  कलेक्टर ने नवीन बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार दिशा-सूचक एवं सूचना संबंधी साइनेज बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइनेज बोर्ड पर बसों के आवागमन, प्लेटफॉर्म, प्रवेश-निकास, पार्किंग, शौचालय, पेयजल, टिकट काउंटर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित की जाए, जिससे यात्रियों को परिसर में आवागमन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

  उन्होंने बस स्टैंड परिसर में फुटकर व्यापारियों एवं ठेला व्यवसायियों  के लिए चिन्हित स्थलों पर नियमानुसार स्थान आवंटित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फुटकर व्यापारियों की गतिविधियों से यात्रियों के आवागमन, बसों के संचालन एवं यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित रूप से व्यवसाय संचालन सुनिश्चित किया जाए।

  निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बस स्टैंड परिसर में प्रदर्शित आपातकालीन संपर्क नंबर के बोर्ड का आकार बढ़ाकर उसे पर्याप्त बड़ा एवं स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में यात्रियों एवं आम नागरिकों को आवश्यक संपर्क नंबर दूर से ही आसानी से दिखाई दें, इसके लिए बोर्ड प्रमुख स्थान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।

  कलेक्टर ने बस स्टैंड परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग तथा यात्रियों के लिए उपलब्ध अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवीन बस स्टैंड में व्यवस्थाएं यात्रियों की सुविधा और सुचारु यातायात को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित रूप से संचालित हों।

  उल्लेखनीय है कि 1 अक्टूबर से पुराने बस स्टैंड का संचालन बंद कर वहां से संचालित बसों का भी नवीन बस स्टैंड से संचालन प्रारंभ किया गया है। पुराने बस स्टैंड क्षेत्र को अस्थायी रूप से श्रमिक चौक के रूप में उपयोग किए जाने की व्यवस्था की गई है। इसको दृष्टिगत रखते हुए नवीन बस स्टैंड में यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक, तहसीलदार राकेश शुक्ला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी महमूद हसन सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    <title>सिंगरौली में जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राही नहीं पहुंचे, विधायक ने प्रशासन को लगाई फटकार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-04 20:18:02</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- मोरवा जोन में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राहियों के नहीं पहुंचने पर सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक ने मंच से ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शिविर में हितग्राही ही नहीं पहुंच रहे हैं तो ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का क्या औचित्य है।

विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि कार्यक्रम करीब 10 दिन पहले से निर्धारित था। क्षेत्र के सभी वार्डों में वार्ड प्रभारी भी हैं, इसके बावजूद शिविर की जानकारी हितग्राहियों तक नहीं पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को कार्यक्रम की जानकारी ही नहीं होगी तो वे शिविर में कैसे पहुंचेंगे।

विधायक ने प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर कलेक्टर और कमिश्नर को पत्र लिखने की बात कही। उन्होंने मंच से अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि काम नहीं कर पा रहे हैं तो छुट्टी ले लें। विधायक के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर माहौल गरमा गया।

मंच पर पहुंचे एसडीएम तो बोले- कुछ ठंडा-गरम सुन लें

कार्यक्रम के बीच स्थानीय एसडीएम के पहुंचने पर विधायक ने उन्हें भी मंच पर बैठने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने अपने चुटीले अंदाज में कहा कि एसडीएम भी मंच पर बैठें और कुछ "ठंडा-गरम" सुन लें। विधायक के इस तेवर को लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा होती रही।

जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राहियों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विधायक की नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। विधायक द्वारा अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से जवाबदेह ठहराए जाने के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।</description>
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    <title>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज रीवा में, रोड शो से होगा भव्य स्वागत</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-04 11:38:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल रविवार को दो दिवसीय संभागीय प्रवास पर रीवा पहुंचेंगे। शाम 7 बजे चंद्रलोक होटल में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वाहन रैली के साथ वे शहर में प्रवेश करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष का रोड शो जय स्तंभ चौक से शुरू होकर बैजू धर्मशाला तक जाएगा। रोड शो में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता सहित पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और व्यापारियों द्वारा स्वागत किया जाएगा।

इन स्थानों पर होगा स्वागत

जय स्तंभ चौक पर भाजपा कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। खन्ना चौराहा पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा स्वागत किया जाएगा। स्टेच्यू चौराहा पर पार्षद दीनानाथ वर्मा की अगुवाई में फोर्ट रोड के व्यापारी प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करेंगे।

प्रकाश चौराहा पर बैस समाज के अध्यक्ष वंशी साहू के नेतृत्व में स्वागत कार्यक्रम होगा। हेमू कालानी चौक पर सिंधी समाज तथा शिल्पी प्लाजा पुलिस चौक पर स्थानीय व्यापारियों द्वारा स्वागत किया जाएगा।

रोड शो में भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, विधायक नागेंद्र सिंह, दिव्यराज सिंह, सिद्धार्थ तिवारी और नरेंद्र प्रजापति सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, विंध्य विकास प्राधिकरण अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल और नगर निगम अध्यक्ष वेंकटेश पांडेय भी मौजूद रहेंगे।

रोड शो के समापन के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल राजनिवास जाएंगे। आगामी दो दिनों में उनका संभागीय स्तर पर पार्टी संगठन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम है।</description>
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    <title>MP में 4500 संविदा बिजली कर्मचारियों का आंदोलन का अल्टीमेटम</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-04 08:24:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में करीब 4500 संविदा बिजली कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। कर्मचारियों ने सरकार और विभाग को 5 अक्टूबर तक नियमितीकरण परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने का अल्टीमेटम दिया है।

बताया गया है कि 24 जुलाई को नियमितीकरण की योजना लागू की गई थी। योजना के तहत खाली नियमित पदों पर पात्र संविदा बिजली कर्मचारियों को नियुक्ति देने का प्रावधान है। हालांकि, योजना लागू होने के बाद अब तक विभाग की ओर से परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर आवश्यक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि 5 अक्टूबर तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो पहले चरण में एक दिन का काम बंद किया जाएगा। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बिजली सप्लाई प्रभावित करने की चेतावनी दी गई है।

कर्मचारियों ने बताया कि दिवाली से सात दिन पहले नोटिस देकर काम बंद करने की तैयारी है। इससे त्योहार के दौरान बिजली व्यवस्था को लेकर दबाव बढ़ सकता है। कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमितीकरण की प्रक्रिया को जल्द शुरू कर परीक्षा और नियुक्ति संबंधी नोटिफिकेशन जारी करने की है।</description>
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    <title>सेवा सेतु शिविर में ग्रामीणों का टोटा, मंच से अधिकारियों को विधायक ने सुनाई खरी-खरी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-03 16:27:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के विभिन्न विकासखंडों में सेवा सेतु अभियान ‘सरकार आपके द्वार’ के तहत शुक्रवार को खंड स्तरीय शिविरों का आयोजन किया गया। सिहावल विकासखंड के पहाड़ी पंचायत में आयोजित शिविर में ग्रामीणों की बेहद कम मौजूदगी चर्चा का विषय रही। करीब 18 विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में ग्रामीणों की अपेक्षा अधिकारी-कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं अधिक संख्या में नजर आईं।

शिविर में लोगों की कम मौजूदगी को लेकर सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही जनपद पंचायत सिहावल के सीईओ रोहित उपाध्याय और पहाड़ी पंचायत के सचिव अतुल सिंह को फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि इतने बड़े शिविर का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया, जिसके कारण ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर शिविर तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने इसे प्रशासनिक स्तर की त्रुटि बताते हुए अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की बात कही।

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा

शिविर के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं पर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पटवारियों द्वारा सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कराने के मामले सामने आ रहे हैं। विधायक ने अधिकारियों से राजस्व संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेने और ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी, ग्रामीण कम

शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व सहित करीब 18 विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। उद्देश्य था कि ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। हालांकि, पहाड़ी में आयोजित शिविर में ग्रामीणों की कम संख्या के कारण इसकी उपयोगिता पर सवाल उठे।

विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनकी जानकारी आम लोगों तक पहुंचे और ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर शिविरों में आएं। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और पंचायत स्तर पर लोगों को सूचना देने की व्यवस्था जरूरी है।

कागजों तक सीमित रहने का आरोप

ग्रामीणों की कम मौजूदगी को लेकर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि शिविर की जानकारी ही लोगों तक नहीं पहुंची तो इसका आयोजन केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और पंचायत अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई पूरी करना नहीं, बल्कि मौके पर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।

पहाड़ी में आयोजित शिविर में विधायक की नाराजगी के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण को लेकर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए। शिविर में ग्रामीणों की कम उपस्थिति और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विधायक द्वारा उठाए गए सवाल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।</description>
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    <title>50 लाख भूखंडों की मुफ्त रजिस्ट्री पर सरकार-पटवारियों में टकराव</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-03 10:48:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>पटवारी संघ बोला- बर्खास्त किया तो बंद करेंगे सामान्य कामकाज, सरकार ने समय पर लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख ग्रामीण भूखंडों की नि:शुल्क रजिस्ट्री को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच विवाद गहरा गया है। 17 सितंबर से शुरू हुए अभियान में रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर पटवारी संघ ने आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि रजिस्ट्री में पटवारी को विक्रेता बनाए जाने से भविष्य में जमीन संबंधी विवादों में उन्हें कानूनी पक्षकार बनना पड़ सकता है।

सरकार ने 68 लाख 47 हजार से अधिक भूखंडों के सर्वे के बाद करीब 50 लाख पात्र हितग्राहियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा है। अभियान 17 अक्टूबर तक चलना है। सरकार की ओर से पंचायत स्तर पर पटवारियों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में जिम्मेदारी दी गई है, जबकि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

पटवारी संघ ने किया काम से अलग रहने का ऐलान

मप्र पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना से संबंधित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कार्यों से पटवारी अलग रहेंगे। संघ की आपत्ति मुख्य रूप से रजिस्ट्री में पटवारी की भूमिका, निजी दस्तावेजों के इस्तेमाल और भविष्य में उत्पन्न होने वाले विवादों को लेकर है। सितंबर में सरकार के साथ हुई बैठक के बाद भी इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।

सरकार का दावा- ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

सरकार का कहना है कि नि:शुल्क रजिस्ट्री से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक दस्तावेज मिलेगा और बैंक ऋण सहित अन्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। मुख्यमंत्री की ओर से अभियान को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के हजारों गांवों में इसके लिए शिविर लगाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों ने उठाए सवाल

जमीनी मामलों के जानकारों ने अभियान की उपयोगिता और रजिस्ट्री की आवश्यकता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि स्वामित्व योजना के तहत पहले से उपलब्ध अधिकार अभिलेखों में नक्शा, खसरा, खतौनी और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। ऐसे में बैंक ऋण के लिए इन दस्तावेजों की स्वीकार्यता सुनिश्चित करने पर भी सरकार ध्यान दे सकती थी।

हालांकि सरकार का पक्ष है कि रजिस्ट्री से ग्रामीण संपत्ति का दस्तावेजी अधिकार और उसका आर्थिक उपयोग आसान होगा। ऐसे में योजना के उद्देश्य और पटवारियों की आपत्तियों के बीच समाधान निकालना प्रशासन के सामने चुनौती बना हुआ है।</description>
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  <item>
    <title>MP में 50 लाख श्रमिकों को महंगाई भत्ते का लाभ, 1 अक्टूबर से बढ़ा न्यूनतम वेतन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-03 10:35:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- प्रदेश के सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब 50 लाख श्रमिकों को एक अक्टूबर से बढ़े हुए परिवर्तनशील महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। श्रम विभाग ने न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन करते हुए प्रतिदिन 6 रुपए की बढ़ोतरी की है। नई दरें 27 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।

नई दरों का लाभ सरकारी क्षेत्र के करीब 10 लाख और निजी क्षेत्र एवं उद्योगों में काम करने वाले करीब 40 लाख श्रमिकों को मिलेगा। श्रमायुक्त शीतला पटले द्वारा जारी आदेश में महंगाई सूचकांक के आधार पर न्यूनतम वेतन दरें निर्धारित की गई हैं।

67 सामान्य नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए 26 दिन के आधार पर मासिक न्यूनतम वेतन तय किया गया है। इसमें अकुशल श्रमिक को 12,575 रुपए, अर्द्धकुशल को 13,571 रुपए, कुशल को 15,294 रुपए और उच्च कुशल श्रमिक को 16,919 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।

अगरबत्ती श्रमिकों की दर भी तय

अगरबत्ती रोलिंग के लिए 1000 अगरबत्ती पर 74.75 रुपए और सुगंधित स्टिक के लिए 75 रुपए की दर निर्धारित की गई है। मुद्रणालय समेत विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए भी नई दैनिक वेतन दरें लागू की गई हैं।

छह माह पहले हुई थी 9 रुपए की बढ़ोतरी

श्रम विभाग ने इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन किया था। उस समय परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के चलते औसतन 9 रुपए प्रतिदिन यानी करीब 234 रुपए मासिक की बढ़ोतरी हुई थी। अब एक अक्टूबर से 6 रुपए प्रतिदिन की अतिरिक्त वृद्धि लागू की गई है।</description>
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    <title>भोपाल में आज अमित शाह का बड़ा कार्यक्रम, गोपालकों को ₹101 करोड़ की सौगात</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-03 07:02:25</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज 3 अक्टूबर को भोपाल दौरे पर रहेंगे। वे भेल दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल होकर विभिन्न योजनाओं की सौगात देंगे।

सम्मेलन में 11 जिलों से करीब 35 हजार गोपालकों के शामिल होने की जानकारी है। इस दौरान पंजीकृत गोशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव के लिए जुलाई-अगस्त 2026 की ₹101 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की जाएगी। सरकार गोशालाओं में दर्ज प्रत्येक गोवंश के लिए ₹40 प्रतिदिन की दर से सहायता देती है।

₹255 करोड़ के डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन

अमित शाह उज्जैन में बनने वाले ₹255 करोड़ के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन करेंगे। प्लांट की शुरुआत प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता से होगी, जिसे भविष्य में 5 लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकेगा।

परियोजना में राज्य सरकार ₹170 करोड़ और दुग्ध संघ ₹85 करोड़ ऋण के माध्यम से लगाएगा। इसे करीब दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्लांट में प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ तैयार करने की क्षमता होगी। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का घी प्लांट भी प्रस्तावित है।

गोपालक दीदियों का सम्मान, बोनस और योजनाओं का लोकार्पण

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों का सम्मान किया जाएगा और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएंगे।

उज्जैन में ₹16.80 करोड़ की लागत से बने फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और भोपाल में ₹12.40 करोड़ की लागत से तैयार आधुनिक प्रयोगशाला का लोकार्पण होगा। शिवपुरी के मिनी डेयरी संयंत्र का उद्घाटन भी किया जाएगा। भोपाल-इंदौर दुग्ध संघ के उत्पादकों को करीब ₹12 करोड़ बोनस दिए जाने की जानकारी है।

2 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति गोपालक दीदी

प्रदेश में लखपति गोपालक दीदी योजना से 2 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। योजना के तहत उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले सीमन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि बेहतर दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले पशु तैयार किए जा सकें।

पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक

गोपालक सम्मेलन से पहले अमित शाह केंद्र और राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे बैठक करेंगे। बैठक में पुलिस व्यवस्था और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

भौंरी में IISER-अत्रि परिसर का शिलान्यास

अमित शाह भोपाल के भौंरी स्थित IISER परिसर में प्रस्तावित IISER भोपाल-अत्रि परिसर का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा।

नए परिसर के लिए राज्य सरकार ने 52 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। यहां क्वांटम विज्ञान, उन्नत पदार्थ, ड्रोन तकनीक, सतत प्रणालियों, चिकित्सा तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास पर काम प्रस्तावित है। परिसर में 'एकात्म पार्क' भी विकसित किया गया है।</description>
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    <title>सेवा संकल्प अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को लगेंगे सेवा सेतु शिविर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-02 19:28:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 3 अक्टूबर को ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 4 अक्टूबर को शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे।

 	ग्रामीण क्षेत्रों में 3 अक्टूबर को कुसमी विकासखंड के पोड़ी, मझौली के मड़वास, सीधी के चौफाल, रामपुर नैकिन के खड्डी तथा सिहावल के पहाड़ी में सेवा सेतु शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। कलेक्टर विकास मिश्रा द्वारा संबंधित अधिकारियों को हितग्राहियों का चयन पूर्व से सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

 	शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने और निराकरण की जानकारी संबंधित पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से नागरिकों को शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सहज और सुगम रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।
	
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    <title>सोन नदी में रेत के अवैध उत्खनन पर वन विभाग की कार्रवाई, दो टाटा 407 जब्त</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-02 17:58:26</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- सोन नदी में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो टाटा 407 वाहनों को जब्त किया है। दोनों वाहनों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज कर उन्हें सुरक्षार्थ कोतवाली सीधी परिसर में खड़ा कराया गया है।

जानकारी के अनुसार 1-2 अक्टूबर 2026 की दरम्यानी रात मुखबिर से सूचना मिलने पर सोन घड़ियाल अभयारण्य सीधी के बीट पिपरोहर अंतर्गत सोन नदी के करही घाट पर वन विभाग की टीम ने दबिश दी। मौके पर रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए गए दो टाटा 407 वाहनों को जब्त किया गया।

यह कार्रवाई संजय टाइगर रिजर्व सीधी के उप संचालक राजेश कन्ना टी.के. के निर्देशन एवं सोन घड़ियाल अभयारण्य सीधी के अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई का नेतृत्व सोन घड़ियाल अभयारण्य के परिक्षेत्र अधिकारी कैलाश चंद्र उइके एवं रामपुर नैकिन के परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश अलावा ने किया।

वन विभाग ने दोनों वाहनों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया है। कार्रवाई में डिप्टी रेंजर संजीव कुमार सोनकर, रामकुमार प्रजापति, राजबहोर पटेल, वनरक्षक रणजीत सिंह, वेद प्रकाश शुक्ला, संजय सिंह, दयाराम प्रजापति, कुंजेश्वर गौतम, रमेश कुमार सोनकर सहित सुरक्षा श्रमिक एवं वाहन चालकों की टीम का योगदान रहा।

वन विभाग की इस कार्रवाई से सोन नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।</description>
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    <title>पीएम किसान की 24वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट, अक्टूबर में मिल सकते हैं ₹2,000</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-02 16:14:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे देशभर के करोड़ों किसानों के लिए अक्टूबर का महीना अहम हो सकता है। 24वीं किस्त के तौर पर पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹2,000 की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजे जाने की संभावना है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक किस्त जारी करने की निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। 

इससे पहले पीएम किसान की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल के अनुसार उस किस्त में करीब 9.44 करोड़ किसानों को लाभ मिला था। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। 

20 अक्टूबर की तारीख की चर्चा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

किसानों के बीच 24वीं किस्त 20 अक्टूबर के आसपास जारी होने की चर्चा है। इसका आधार पिछली किस्तों के बीच का अंतर बताया जा रहा है, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस तारीख की पुष्टि नहीं की है। इसलिए किसानों को किसी भी संभावित तारीख को अंतिम मानने के बजाय आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। 

किस्त के लिए ई-केवाईसी जरूरी

पीएम किसान पोर्टल के मुताबिक ई-केवाईसी अनिवार्य है। इसके अलावा किसान अपने बैंक खाते की आधार लिंकिंग, डीबीटी सक्रिय होने और जमीन से संबंधित जानकारी का स्टेटस भी जांच लें। इन प्रक्रियाओं में कमी होने पर भुगतान प्रभावित हो सकता है। 

घर बैठे ऐसे चेक करें स्टेटस

किसान पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प के माध्यम से अपनी किस्त और भुगतान की स्थिति जांच सकते हैं। पोर्टल पर लाभार्थी की जानकारी और भुगतान से संबंधित विवरण उपलब्ध कराया जाता है। 

जरूरी बात: अभी 24वीं किस्त की पक्की सरकारी तारीख घोषित नहीं हुई है। इसलिए ₹2,000 की राशि किसी निश्चित तारीख को आने का दावा फिलहाल आधिकारिक रूप से पुष्टि किया हुआ नहीं माना जाना चाहिए। 

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    <title>ओवरस्पीड में आमने-सामने भिड़ीं कार और डीसीएम, चालक घायल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-02 12:20:49</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भर्रा में हादसा, कार चालक को प्राथमिक उपचार के बाद बैढ़न ट्रॉमा सेंटर किया रेफर; डीसीएम चालक फरार

सिंगरौली/देवसर(ईन्यूज एमपी)- राष्ट्रीय राजमार्ग पर कर्थुआ के भर्रा में शुक्रवार को तेज रफ्तार के चलते कार और डीसीएम की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार चालक घायल हो गया। घायल की पहचान इलाहाबाद निवासी विवेक पांडे के रूप में बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार कार क्रमांक 25 BH 8648 J सामने से आ रहे आईशर डीसीएम क्रमांक MP 66 G 2840 से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार चालक घायल हो गया। हादसे के बाद डीसीएम चालक मौके से फरार हो गया।

स्थानीय लोगों ने डायल 112 की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए बैढ़न ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

घायल को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस आरक्षक राजेश मिश्रा, चालक राजेश वैश्य और समाजसेवी योगेश द्विवेदी (पप्पू गुरु) ने सहयोग किया। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।</description>
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    <title>गांधी जयंती पर सीधी में स्वच्छता का संदेश,सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की अगुवाई में न्यू बस स्टैंड में श्रमदान</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-02 11:14:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सीधी सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सीधी नगर में गांधी जयंती के अवसर पर गांधी चौराहा स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सर्वदलीय पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही नगर की विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की गई और पुष्पांजलि अर्पित कर महापुरुषों को नमन किया गया।

गांधी चौराहा पर आयोजित कार्यक्रम में सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष देवकुमार सिंह सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में गांधी जी के स्वच्छता, सत्य और अहिंसा के संदेश को याद करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

न्यू बस स्टैंड में चला विशेष स्वच्छता अभियान

गांधी जयंती के अवसर पर सीधी नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराज्यीय बस स्टैंड में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की अगुवाई में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने श्रमदान करते हुए बस स्टैंड परिसर में झाड़ू लगाई तथा साफ-सफाई की।

इस दौरान स्वच्छता कर्मचारियों के कार्य की सराहना करते हुए उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। कार्यक्रम के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और स्वच्छता कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ

स्वच्छता अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छता केवल आसपास के वातावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ और स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए सामाजिक बुराइयों से दूरी बनाना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष देवकुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, व्यापारी संघ अध्यक्ष लालचंद्र गुप्ता सहित भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अन्य लोग उपस्थित रहे। गांधी जयंती पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता, श्रमदान और नशामुक्ति का संदेश देने के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को स्मरण किया गया।</description>
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    <title>सीधी में 2 अक्टूबर को भाजपा का सेवा संकल्प अभियान, स्वच्छता और पौधरोपण के होंगे कार्यक्रम</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-01 20:26:52</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- भारतीय जनता पार्टी द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 2 अक्टूबर को सीधी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा एवं सीधी विधायक रीती पाठक की विशेष उपस्थिति रहेगी।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7:30 बजे गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा की स्वच्छता एवं पुष्पांजलि से होगी। इसके बाद नगर में स्थापित विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्वच्छता एवं पुष्पांजलि की जाएगी।

सुबह 8:30 बजे न्यू बस स्टैंड में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद सुबह 9 बजे मुक्तिधाम में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होगा।

वहीं 3 अक्टूबर को सुबह 7 बजे उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

भाजपा जिला अध्यक्ष देवकुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में पार्टी के सभी पदाधिकारियों, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं कार्यकर्ता बंधु-भगिनियों से शामिल होने का आह्वान किया गया है। जिला महामंत्री अनिल पाण्डेय ने सभी से कार्यक्रमों में उपस्थित रहने की अपील की है।</description>
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    <title>उल्लास के साथ खड़ौरा में कल गुरुदेव रामाधार शास्त्री का मनाया जायेगा जन्म शताब्दी महोत्सव ...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-01 20:11:26</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी) आचार्य रामाधार सेवा संघ आचार्य प्रवर गुरुदेव रामाधार चतुर्वेदी का 100वाँ जन्म महोत्सव विभिन्न प्रकार के आयोजनों के साथ मना रहा है। जिसमें श्री शतचंडी महायज्ञ, विचार गोष्ठी, नि:शुल्क स्वास्थ्य कैंप, वृक्षारोपण सह भोज आदि शामिल है। जन्म दिवस आयोजन समिति के सचिव अमलेश्वर चतुर्वेदी ने बताया की गुरुदेव के जन्मोत्सव कार्यक्रम में सांसद सीधी डॉ राजेश मिश्रा, विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक, समेत विभिन्न क्षेत्रों की गणमान्य विभूतियां, जनप्रतिनिधि गण आंचलिक गणमान्य जन और देश के कोने कोने से उनके अनुयाई भक्त, शिष्यगण शिरकत करेगें साथ ही क्षेत्र के धर्म प्रेमियों को इस भव्य और दिव्य उत्सव में सहभागी होने की अपील की गई है। आचार्य रामाधार सेवा संघ शक्ति सदन गुरु निलयम खड़ौरा देवसर ने उपरोक्त सभी कार्यक्रमों में आत्मीयता पूर्वक पधार कर आध्यात्मिक लाभ लेने एवं विभिन्न आयोजनों में सम्मिलित होने का अनुरोध किया है साथ ही बताया गया कि सम्पूर्ण कार्यक्रम निर्धारित समय पर आयोजित किये जायेग ।

		श्री चतुर्वेदी ने आगे बताया कि शुक्रवार 2 अक्टूबर को शक्ति सदन खड़ौरा देवसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सुबह 8 से 10 बजे तक श्री शतचंडी महायज्ञ का हवन, सुबह 10 से 12 बजे गुरुदेव की पादुका का पूजन, 12 से 2 सत्संग एवं संकीर्तन,दोपहर 2 बजे से गुरुदेव के भक्त जनों और आमंत्रित अतिथियों और उपस्थित जनों के साथ सहभोज, प्रात: 10 बजे से शायं 3.30 बजे तक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन शक्ति सदन गुरु निलयम् खड़ौरा और कमला भारती विद्यापीठ में आयोजित होगा।दोपहर 3 बजे से गुरुदेव के आध्यात्मिक जीवन पर आधारित विचार भाव पुष्पांजलि एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह का कार्यक्रम शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर विद्यालय देवसर में रखा गया है।</description>
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    <title>MP में कमर्शियल गैस सिलेंडर फिर महंगा, ₹65 तक बढ़े दाम</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-01 14:47:10</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम करीब ₹62.50 से ₹65 तक बढ़ाए हैं। नई दरों के बाद रीवा में कमर्शियल सिलेंडर सबसे महंगा ₹3066 का हो गया है।

भोपाल में अब कमर्शियल सिलेंडर ₹2815, इंदौर में ₹2919, जबलपुर में ₹3030, ग्वालियर में ₹3037 और उज्जैन में ₹2980 में मिलेगा। सिंगरौली में इसकी कीमत ₹3064, सतना और नरसिंहपुर में ₹3063.50, कटनी में ₹3062.50 और पन्ना में ₹3061 हो गई है।

26 जिलों में 3 हजार के पार

नई दरों के बाद प्रदेश के 26 जिलों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत ₹3000 या उससे अधिक हो गई है। शाजापुर और सीहोर में भी कीमत बढ़कर ₹2822 पहुंच गई है।

घरेलू गैस के दाम में बदलाव नहीं

घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भोपाल में इसकी कीमत ₹947.50, इंदौर में ₹970, जबलपुर में ₹948.50, ग्वालियर में ₹1025.50 और उज्जैन में ₹1001.50 है।

होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ेगा खर्च

कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और कैफे संचालकों की लागत बढ़ेगी। NRAI के प्रतिनिधि और कैफे संचालक अभिषेक बाहेती के मुताबिक, पहले कमर्शियल सिलेंडर करीब ₹1800 में मिलता था, जो बढ़ते-बढ़ते ₹3300 तक पहुंच गया था। बाद में कीमतों में कमी आई, लेकिन पिछले दो महीनों से लगातार बढ़ोतरी का असर कारोबार पर पड़ रहा है।</description>
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    <title>सीधी में अमित सोनी की प्रापर्टी पर प्रहार शोषल मीडिया में संजय सोनी ने मचाया धमाल ..?</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-01 12:03:50</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में इन दिनों सोशल मीडिया पर दो स्थानीय व्यक्तियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मामला चर्चा में है। भूतपूर्व सैनिक एवं राजनीति में सक्रिय संजय सोनी ने फेसबुक लाइव के माध्यम से व्यापारी अमित सोनी को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने अमित सोनी की संपत्ति और प्रॉपर्टी को लेकर जांच की मांग करते हुए आयकर विभाग से मामले की पड़ताल कराने की बात कही है।

संजय सोनी के अनुसार, सोशल मीडिया पर अमित सोनी की ओर से उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी किए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंच पर की गई इस तरह की टिप्पणी से वह आहत हुए, जिसके बाद उन्होंने फेसबुक लाइव आकर अपना पक्ष रखा।

संपत्ति के स्रोत पर उठाए सवाल

फेसबुक लाइव में संजय सोनी ने अमित सोनी की कथित संपत्ति और प्रॉपर्टी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि संपत्ति कैसे और किन स्रोतों से अर्जित की गई, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आयकर विभाग से भी इसकी जांच की मांग रखी।

हालांकि, संपत्ति से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अमित सोनी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है तो उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।

व्यक्तिगत टिप्पणी पर जताई नाराजगी

संजय सोनी ने अपने लाइव में अपनी पूर्व सैनिक सेवा और राजनीतिक सक्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के निजी जीवन को लेकर सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। हलाकि इस मामले जब एक दूसरे से प्रतिक्रिया चाही गई तो दोनो पक्षों ने अपना अपना पक्ष व्यक्त किया है अमित सोनी ने इसे जंहा  राजनीतिक द्वेष बताया है वंही संजय सोनी ने कहा कि मैं पुरुष हूं या नही इस तरह से कमेंट करना अमित सोनी को शोभा नही देता ।</description>
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    <title>सीधी:पुराने बस स्टैंड पर बसों की नो एंट्री, लेबर चौक का बदला परिसर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-10-01 10:25:10</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>लालता चौक पर पुलिस तैनात, श्रमिकों को भेजा जा रहा पुराने बस स्टैंड

सीधी(ईन्यूज एमपी)-सीधी शहर में बसों के संचालन और श्रमिकों के एकत्र होने को लेकर प्रशासन की नई व्यवस्था आज 1 अक्टूबर से लागू हो गई है। पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब शहर से संचालित होने वाली बसें नए बस स्टैंड से चलेंगी। व्यवस्था के पालन के लिए गुरुवार सुबह से ही पुराने बस स्टैंड और लालता चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

सुबह से पुलिस द्वारा पुराने बस स्टैंड की ओर आने वाली बसों को परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। बसों को नए बस स्टैंड की ओर भेजा जा रहा है। वहीं लालता चौक पर रोजगार की तलाश में पहुंचने वाले श्रमिकों को भी वहां एकत्र होने से रोका जा रहा है और उन्हें पुराने बस स्टैंड परिसर पहुंचने के लिए कहा जा रहा है।

पुराना बस स्टैंड अब अस्थायी लेबर चौक

प्रशासन ने पुराने बस स्टैंड परिसर को आगामी आदेश तक अस्थायी ‘लेबर चौक’ के रूप में निर्धारित किया है। यहां शहर और आसपास के क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिक एकत्र हो सकेंगे। श्रमिकों को काम पर ले जाने वाले नियोजक भी अब लालता चौक या मुख्य सड़क के बजाय सीधे पुराने बस स्टैंड परिसर पहुंचकर श्रमिकों को काम के लिए ले जा सकेंगे।

लालता चौक पर श्रमिकों के एकत्र होने पर रोक

नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों को लालता चौक अथवा मुख्य सड़क पर खड़े होकर काम का इंतजार नहीं करना होगा। प्रशासन की ओर से नियोजकों से भी अपील की गई है कि वे श्रमिकों को लालता चौक या सड़क पर काम के लिए नहीं बुलाएं। रोजगार संबंधी गतिविधियों के लिए पुराने बस स्टैंड परिसर का उपयोग करने को कहा गया है।

व्यवस्था लागू कराने पुलिस की तैनाती

नई व्यवस्था के पहले दिन प्रशासन की ओर से पुराने बस स्टैंड और लालता चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी बसों को पुराने बस स्टैंड में जाने से रोकने के साथ ही लालता चौक पर पहुंचने वाले श्रमिकों को पुराने बस स्टैंड की ओर भेज रहे हैं। इससे शहर में बस संचालन और श्रमिकों के एकत्र होने के लिए निर्धारित स्थानों को लेकर नई व्यवस्था जमीन पर लागू होती दिखाई दे रही है।

प्रशासन का कहना है कि पुराने बस स्टैंड को अस्थायी लेबर चौक बनाने का उद्देश्य श्रमिकों और नियोजकों के लिए रोजगार गतिविधियों का एक निर्धारित स्थल उपलब्ध कराना है। वहीं बसों के लिए नए बस स्टैंड का उपयोग किया जाएगा। इससे मुख्य सड़क और चौराहों पर बसों तथा श्रमिकों के अनियंत्रित जमाव की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी।</description>
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    <title>सीधी:सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर सीएमएचओ की सख्ती, नियमों का पालन नहीं किया तो होगी कार्रवाई</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-30 21:30:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-सीधी जिले में शासकीय चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस किए जाने को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएमएचओ कार्यालय से जारी आदेश में जिले के सभी विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नियमित एवं संविदा चिकित्सकों सहित जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ चिकित्सकों को शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आदेश में मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 7 अगस्त 2013 के आदेश का हवाला देते हुए निजी प्रैक्टिस के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस पर रोक

निर्देश के अनुसार चिकित्सक निजी प्रैक्टिस केवल अपने कर्तव्य की अवधि के बाहर ही कर सकेंगे। शासकीय चिकित्सक अपने निवास पर निजी प्रैक्टिस के तहत केवल परामर्श सेवाएं दे सकेंगे। वे अपने या परिजन के नाम से क्लीनिक, नर्सिंग होम या निजी चिकित्सालय संचालित नहीं कर सकेंगे।

साथ ही परामर्श सेवाएं पदस्थापना मुख्यालय पर ही देने की बात कही गई है।

निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में प्रैक्टिस की अनुमति नहीं

शासकीय चिकित्सक किसी निजी नर्सिंग होम, निजी चिकित्सालय या प्राइवेट क्लीनिक में जाकर किसी भी प्रकार की प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। ऐसे संस्थानों में परामर्श सेवाएं देना भी प्रतिबंधित रहेगा।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि चिकित्सक अपने निवास पर केवल मूलभूत उपकरणों, जैसे स्टेथोस्कोप, बीपी इंस्ट्रूमेंट, ऑर्थोस्कोप, ईसीजी मशीन आदि का उपयोग परामर्श के लिए कर सकेंगे।

एक्स-रे, सोनोग्राफी जैसे उपकरणों पर भी रोक

ऐसे उपकरण जिनके लिए अलग लाइसेंस की आवश्यकता होती है, जैसे एक्स-रे मशीन, यूएसजी और इकोकार्डियोग्राफी मशीन आदि, उन्हें चिकित्सक अपने निवास पर अपने नाम से पंजीकृत नहीं करा सकेंगे।

इसके अलावा अपने निवास पर किसी अन्य व्यक्ति या परिजन के नाम से स्थापित अथवा पंजीकृत उपकरणों पर भी कार्य करना और उसकी रिपोर्टिंग करना प्रतिबंधित किया गया है।

आदेश में डेंटल चेयर, गामा मशीन सहित अन्य ऐसे उपकरणों को भी निजी प्रैक्टिस के लिए चिकित्सक के निवास पर रखने पर रोक बताई गई है। पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जांच के लिए भी निजी प्रैक्टिस के तहत कोई उपकरण रखने की अनुमति नहीं होगी।

नियम तोड़ा तो विभागीय कार्रवाई

सीएमएचओ ने आदेश में स्पष्ट किया है कि उपरोक्त व्यवस्था का उल्लंघन मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 18 के उपनियम (4) का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जा सकती है।

सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार खरे ने सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक तथा जिले के सभी संबंधित मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेश की प्रति सभी अधीनस्थ विशेषज्ञों एवं चिकित्सा अधिकारियों को उपलब्ध कराकर इसका पालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही जिला जनसंपर्क विभाग को भी आदेश के अनुसार समाचार निःशुल्क प्रकाशित कराने के लिए सूचना भेजी गई है।</description>
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  <item>
    <title>जिला अस्पताल में सीएमएचओ का औचक निरीक्षण, 12 डॉक्टर मिले गायब</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-30 20:24:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>24 घंटे में जवाब तलब, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिला चिकित्सालय सीधी में मंगलवार सुबह सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार खरे के औचक निरीक्षण में 12 चिकित्सक अनुपस्थित मिले। खास बात यह रही कि इनमें से कई चिकित्सक अपने संबंधित वार्ड में भी मौजूद नहीं थे।

सीएमएचओ डॉ. खरे ने सुबह करीब 9:30 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. दीपा रानी इसरानी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों में डॉ. अमन सिंह, डॉ. अंकिता अवधिया, डॉ. के.बी. प्रजापति, डॉ. सरसिज सिंह परिहार, डॉ. राजेश कोल, डॉ. प्रतीक प्रजापति, डॉ. अरविन्द सोनी, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. असलम खान, डॉ. बृजेश पाण्डे, डॉ. विवेक कुशवाहा (बंध पत्र) और डॉ. ऋषभ (बंध पत्र) शामिल हैं।

24 घंटे में देना होगा जवाब

बड़ी संख्या में चिकित्सकों के बिना सूचना अनुपस्थित मिलने पर सीएमएचओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल मरीजों की जीवन रक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। यहां लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएमएचओ ने सिविल सर्जन को सभी अनुपस्थित चिकित्सकों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब लेने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

उन्होंने अस्पताल के सभी चिकित्सकों और स्टाफ को समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत भी दी।</description>
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    <title>सीधी में बाइक चोर गिरफ्तार, 4 मोटरसाइकिल बरामद</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-30 20:19:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी( ईन्यूज एमपी)- कोतवाली पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए मऊगंज निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी की चार मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1.20 लाख रुपए बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी की शिकायतें मिली थीं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान महबूब अंसारी निवासी भाटी चक्र, थाना मऊगंज, जिला मऊगंज की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ में आरोपी द्वारा सीधी शहर के विभिन्न स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें मऊगंज ले जाने की जानकारी सामने आई।

चार चोरी की बाइक बरामद

आरोपी की निशानदेही/कब्जे से पुलिस ने ये वाहन बरामद किए—

1. टीवीएस मोटरसाइकिल — MP 66 MF 4133


2. प्लैटिना मोटरसाइकिल — MP 53 MG 8020


3. हीरो होंडा HF डीलक्स — MP 53 MK 0539


4. हीरो होंडा स्प्लेंडर — MP 53 MC 5456



चारों वाहनों की कुल अनुमानित कीमत 1.20 लाख रुपए है। आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोतवाली उनि. दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई।उनि. दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक आनंद, आरक्षक रन बहादुर और आरक्षक बालेन्द्र की भूमिका रही।</description>
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    <title>भाजपा कोर ग्रुप की बैठक आज, पंचायत-नगरीय चुनाव की रणनीति पर मंथन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-30 07:04:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश कोर ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार शाम 5 बजे प्रदेश कार्यालय में होगी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

बैठक में आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने के साथ सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा होने की संभावना है। नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, सह प्रभारी रेखा वर्मा और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी भी पहली बार कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होंगे।

प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब बुधवार सुबह लालघाटी स्थित गुफा मंदिर के बूढ़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। शाम 4 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से भेंट के बाद शाम 5 बजे कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होंगे।

प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा सुबह 11:30 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। इसके बाद वे पार्टी कार्यकर्ता के निवास पर भोजन करेंगी और शाम को कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होंगी।

बैठक के अगले दिन 1 अक्टूबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारियों और विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की परिचय बैठक होगी। इसमें प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी और संगठन महामंत्री भी शामिल होंगे।</description>
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    <title>छुहिया घाटी में पुलिस टीम पर फायरिंग! चार गाड़ियों में आए बदमाशों ने NDPS आरोपी को छुड़ाया, मचा हड़कंप</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-29 23:27:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी/रीवा (ईन्यूज़ एमपी)। रीवा-सीधी सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में पुलिस टीम पर हमले और NDPS के आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर चार वाहनों में पहुंचे बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और फायरिंग करते हुए पुलिस के कब्जे में मौजूद आरोपी को छुड़ाकर फरार हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओडिशा पुलिस की टीम NDPS मामले में गिरफ्तार आरोपी आदित्य मिश्रा को रीवा जिला न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान छुहिया घाटी में चार वाहनों से आए बदमाशों ने पुलिस टीम को घेर लिया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई।

बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर तीन बार फायरिंग की। इसके साथ ही बेसबॉल बैट से पुलिस वाहन पर हमला किया गया। हमले में वाहन के शीशे टूट गए और टायर को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल की तस्वीरों में टूटा हुआ कांच और बेसबॉल बैट दिखाई दे रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक आरोपी को लेकर जा रही पुलिस टीम में करीब आठ पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम के पास AK-47 और पिस्टल जैसे हथियार भी होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद हमलावर पुलिस वाहन को घेरकर आरोपी आदित्य मिश्रा को छुड़ाने में कामयाब रहे और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही सीधी एसपी संतोष कोरी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना की जांच शुरू करने के साथ ही आरोपी और हमलावरों की तलाश के लिए संभावित मार्गों पर अभियान शुरू कर दिया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावरों के वाहनों के मैहर जिले की ओर जाने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस द्वारा संभावित रास्तों पर नाकाबंदी और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस की ओर से घटना का विस्तृत आधिकारिक विवरण और हमलावरों की पहचान सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही फायरिंग की पूरी घटना, हमलावरों की संख्या और NDPS आरोपी को छुड़ाने के पीछे की पूरी कहानी स्पष्ट हो सकेगी।</description>
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    <title>दिव्यांगजनों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल,43 का हुआ चयन...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-29 17:40:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)- दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, सीधी द्वारा रेड्डी फाउंडेशन, भोपाल के सहयोग से जनपद पंचायत सीधी के सभाकक्ष में विशेष कार्यशाला एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देशन में आयोजित हुआ।

कार्यशाला में रेड्डी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों, कौशल विकास प्रशिक्षण, प्रशिक्षण उपरांत रोजगार तथा जॉब प्लेसमेंट की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान जिले के 127 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इनमें से 43 अभ्यर्थियों का विशेष कौशल प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को लगभग दो माह का विशेष एवं व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उनकी योग्यता एवं प्रशिक्षण के अनुरूप जॉब प्लेसमेंट उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तक सीमित न रखते हुए उन्हें कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की ओर से बताया गया कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।</description>
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  <item>
    <title>बिजली बिल पर फिर बढ़ा बोझ, अब 5.063% लगेगा सरचार्ज</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-29 09:42:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>24 सितंबर से 23 अक्टूबर तक जारी होने वाले बिलों में नई दर लागू, ज्यादा खपत पर ज्यादा असर

भोपाल (ईन्यूज एमपी)-प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल में अतिरिक्त राशि चुकानी होगी। 24 सितंबर से 23 अक्टूबर तक जारी होने वाले बिजली बिलों में ईंधन एवं बिजली खरीदी समायोजन सरचार्ज (FPPAS) की दर 4.59% से बढ़ाकर 5.063% कर दी गई है। यानी सरचार्ज में 0.473 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।

यह सरचार्ज सभी उपभोक्ताओं के बिल में लागू होगा, लेकिन इसका वास्तविक असर बिजली की खपत और ऊर्जा शुल्क के स्लैब के अनुसार अलग-अलग होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि 5.063% सरचार्ज पूरे बिजली बिल पर नहीं, बल्कि केवल ऊर्जा शुल्क पर लगाया जाएगा।

300 यूनिट पर करीब 80 रुपए सरचार्ज

उदाहरण के तौर पर 300 यूनिट बिजली खपत पर यदि ऊर्जा शुल्क 1,576.50 रुपए है तो 5.063% के हिसाब से FPPAS करीब 79.82 रुपए होगा। वहीं 500 यूनिट की खपत पर 3,024.50 रुपए ऊर्जा शुल्क होने पर सरचार्ज करीब 153.23 रुपए बनेगा।

पिछली 4.59% दर की तुलना में 300 यूनिट पर करीब 7.46 रुपए और 500 यूनिट पर करीब 14.31 रुपए अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसी तरह 100 यूनिट पर करीब 2.46 रुपए और 200 यूनिट पर करीब 4.12 रुपए की अतिरिक्त राशि बनेगी।

खपत बढ़ने के साथ बढ़ेगा असर

बिजली उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा शुल्क अलग-अलग स्लैब में निर्धारित है। मौजूदा दरों में पहले 50 यूनिट पर 4.71 रुपए, 51 से 150 यूनिट पर 5.67 रुपए, 151 से 300 यूनिट पर 7.05 रुपए और 300 यूनिट से अधिक खपत पर 7.24 रुपए प्रति यूनिट ऊर्जा शुल्क है। इसी कारण FPPAS का प्रभाव भी सभी उपभोक्ताओं पर समान नहीं होगा।

बिजली मामलों के जानकार एवं सेवानिवृत्त एडिशनल चीफ इंजीनियर राजेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, वास्तविक बिल में फिक्स्ड चार्ज, बिजली शुल्क, मीटर शुल्क, सब्सिडी और अन्य मद भी शामिल होते हैं। इसलिए किसी उपभोक्ता के बिल में बढ़ी पूरी राशि को केवल FPPAS की दर में हुई वृद्धि से जोड़ना सही नहीं होगा।

क्यों बढ़ता है FPPAS

बिजली उत्पादन और बिजली खरीद की लागत हर महीने एक जैसी नहीं रहती। कोयला, ईंधन और पावर खरीद की कीमतों में बदलाव होने पर अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए FPPAS लगाया जाता है। लागत बढ़ने पर सरचार्ज बढ़ सकता है और लागत घटने पर इसमें कमी भी हो सकती है।

बिल में अलग दिखाई देगा सरचार्ज

उपभोक्ताओं के बिल में ऊर्जा शुल्क और FPPAS की राशि अलग-अलग दर्शाई जाएगी। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि अतिरिक्त राशि कितनी है। यह सरचार्ज बिजली की मूल दर में स्थायी बढ़ोतरी नहीं है। बाद में वास्तविक बिजली खरीद लागत के आधार पर इसका टू-अप भी किया जा सकता है।</description>
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  <item>
    <title>सीधी:पंचायत भवन से लाखों का सामान चोरी, पांच ताले तोड़कर कंप्यूटर-लैपटॉप ले गए चोर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-28 17:50:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी) सेमरिया थाना क्षेत्र के बढ़ौरा गांव स्थित पंचायत भवन में रविवार रात अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। चोर मुख्य गेट सहित अंदर के चार कमरों के कुल पांच ताले तोड़कर कंप्यूटर, दो लैपटॉप, टीवी, प्रिंटर समेत अन्य उपकरण चोरी कर ले गए। पंचायत के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज भी गायब बताए जा रहे हैं।

घटना रविवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। चोरों ने पहले पंचायत भवन के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और इसके बाद अंदर के चार कमरों को निशाना बनाया। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब दो से तीन लाख रुपए बताई गई है।

जरूरी दस्तावेज भी चोरी

सरपंच रामप्रसाद कोल ‘मुन्ना’ के अनुसार पंचायत भवन से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेज भी चोरी हुए हैं। इससे पंचायत के सरकारी कामकाज और रिकॉर्ड से संबंधित कार्य प्रभावित होने की आशंका है।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पंचायत भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में रात करीब 2 बजे संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी हैं।

सोमवार दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी विवेक द्विवेदी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और उनकी तलाश की जा रही है।</description>
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  <item>
    <title>बैंक कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल स्थगित, IBA और UFBU के बीच बनी सहमति</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-28 09:33:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- बैंक कर्मचारियों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल स्थगित कर दी गई है। इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई सहमति के बाद हड़ताल टालने का निर्णय लिया गया।

हड़ताल की घोषणा के चलते भोपाल सहित प्रदेश के कई शहरों में रविवार को भी बैंक शाखाएं खोली गई थीं, ताकि ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं में परेशानी न हो।

बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन कामकाज (5 डे वर्किंग) लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी पहले भी कई बार हड़ताल कर चुके हैं।

हड़ताल स्थगित होने के बाद अब बैंकिंग सेवाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी।</description>
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  <item>
    <title>MP में मानसून की विदाई की आहट, अगले 4 दिन भारी बारिश नहीं; मंगलवार से कई हिस्सों में तेज धूप</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-28 08:21:52</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी समेत 26 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश, प्रदेश में अब तक कोटे की 95.8% बारिश

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू होने के आसार हैं। अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई हिस्सों में तेज धूप खिलने लगेगी।

रविवार तक प्रदेश में औसतन 37.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य बारिश के कोटे का 95.8 प्रतिशत है। सामान्य बारिश की श्रेणी में आने के लिए अब महज 0.2 प्रतिशत बारिश की जरूरत है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले तीन दिनों में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है।

48 घंटे की बारिश के बाद कमजोर पड़ा सिस्टम

पिछले दिनों गहरे अवदाब के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में करीब 48 घंटे तक भारी से अति भारी बारिश का दौर चला। लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर आ गईं और कई बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। रविवार से मौसम सिस्टम कमजोर पड़ने लगा, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया।

भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित कई जिलों में रविवार को धूप-छांव की स्थिति रही। सोमवार से सिस्टम की सक्रियता कम होने के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम साफ रहने और कई जिलों में तेज धूप निकलने का अनुमान है।

पूर्वी MP में सामान्य से 4% ज्यादा बारिश

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

सीधी समेत इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

मानसून की विदाई शुरू होने के साथ ही अब प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ने की संभावना है। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर इस साल प्रदेश में सामान्य बारिश के 100 प्रतिशत आंकड़े तक पहुंचने की संभावना कम बताई जा रही है।</description>
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  <item>
    <title>रीवा से सीधी अब 90 मिनट में! आज से दौड़ेंगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की AC बसें, देखें पूरा टाइमटेबल...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-28 01:07:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज़ एमपी)- सीधी और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत रीवा-सीधी मार्ग पर नई बस सेवा आज से शुरू होने जा रही है। आधुनिक सुविधाओं से लैस बसें रीवा से गुढ़ और चुरहट होते हुए सीधी पहुंचेंगी। जारी रूट चार्ट के अनुसार करीब 80 किलोमीटर का सफर 1 घंटे 30 मिनट में पूरा किया जाएगा।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 25 सितंबर से शुरू की गई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में रीवा को 18 इंटरसिटी बसें मिली हैं। प्रदेश में पहले चरण में कुल 351 बसों को विभिन्न मार्गों पर उतारा गया है।

इलेक्ट्रिक एसी बसों से सफर-
रीवा-सीधी मार्ग पर शुरू होने वाली बस सेवा यात्रियों के लिए सुविधाजनक होने वाली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सेवा में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया गया है। बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए GPS, CCTV और पैनिक बटन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं रखी गई हैं।
इंटरसिटी सेवा का किराया ₹2 प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है। हालांकि वास्तविक किराया यात्रा की दूरी और निर्धारित किराया संरचना के अनुसार होगा।

 रीवा–सीधी रूट
रीवा ➝ गुढ़ ➝ चुरहट ➝ सीधी
चार ट्रिप में दोनों तरफ चलेगी बस
जारी किए गए बस रनिंग शेड्यूल के अनुसार इस मार्ग पर BUS-A और BUS-B के जरिए प्रतिदिन दोनों दिशाओं में कुल 8 ट्रिप संचालित होंगी।

 BUS-A
सुबह का ट्रिप
रीवा से प्रस्थान — सुबह 6:00 बजे
सीधी आगमन — सुबह 7:30 बजे
सीधी से वापसी — सुबह 8:30 बजे
रीवा आगमन — सुबह 10:00 बजे

दोपहर का ट्रिप
रीवा से प्रस्थान — दोपहर 12:00 बजे
सीधी आगमन — दोपहर 1:30 बजे
सीधी से वापसी — दोपहर 3:00 बजे
रीवा आगमन — शाम 4:30 बजे

 BUS-B
सुबह का ट्रिप
रीवा से प्रस्थान — सुबह 7:30 बजे
सीधी आगमन — सुबह 9:00 बजे
सीधी से वापसी — सुबह 10:00 बजे
रीवा आगमन — सुबह 11:30 बजे

दोपहर/शाम का ट्रिप
रीवा से प्रस्थान — दोपहर 3:15 बजे
सीधी आगमन — शाम 4:45 बजे
सीधी से वापसी — शाम 5:30 बजे
रीवा आगमन — शाम 7:00 बजे

रीवा और सीधी के बीच बड़ी संख्या में रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह सेवा महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकती है। नियमित समय-सारणी और आधुनिक बसों के संचालन से दोनों शहरों के बीच सार्वजनिक परिवहन का विकल्प बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में विस्तार देने की योजना है। सरकार ने आगे चलकर प्रदेश में सार्वजनिक बसों का नेटवर्क बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा है।</description>
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    <title>आचार्य रामाधार चतुर्वेदी के 100वें जन्म महोत्सव पर 2 अक्टूबर को होंगे विभिन्न आयोजन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-27 19:35:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>खड़ौरा में शतचंडी महायज्ञ हवन, आध्यात्मिक सत्संग, नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह


सीधी(ईन्यूज एमपी)-आचार्य रामाधार सेवा संघ खड़ौरा, देवसर जिला सिंगरौली द्वारा परम पूज्य आचार्य प्रवर गुरुदेव श्री रामाधार चतुर्वेदी के 100वें जन्म दिवस के अवसर पर जन्म शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। विक्रम संवत 2083, आश्विन कृष्ण पक्षी तदनुसार 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

महोत्सव के तहत सुबह 8:30 बजे तक शक्ति सदन श्री गुरु निलयम खड़ौरा में श्री शतचंडी महायज्ञ हवन होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक शक्ति सदन परिसर स्थित पं. विष्णुदत्त सभागार में आध्यात्मिक सत्संग आयोजित किया जाएगा।

इसी क्रम में कमला भारती विद्यापीठ खड़ौरा में सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। वहीं, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवसर में दोपहर 3 बजे से विचार पुष्पांजलि एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह आयोजित होगा।


जन्मदिवस समारोह समिति के सचिव अमलेश्वर चतुर्वेदी ने श्रद्धालुओं एवं आमजन से कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है। समारोह में प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था भी रखी गई है।</description>
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    <title>छात्राओं के बीच पहुंचे कलेक्टर विकास मिश्रा, सामान्य ज्ञान पूछा और बांटीं पुस्तकें</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-27 18:38:16</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- कलेक्टर विकास मिश्रा ने रविवार को आदिवासी कन्या आश्रम शाला गांधी ग्राम का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई और सामान्य ज्ञान की जानकारी ली। सामान्य ज्ञान से जुड़े सवालों के सही जवाब देने वाली छात्राओं को कलेक्टर ने पेन और पुस्तक देकर पुरस्कृत किया।

कलेक्टर ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें अपने हाथों से मिठाई और नाश्ता भी परोसा। उन्होंने छात्राओं से पूरी लगन और तन्मयता के साथ पढ़ाई करने की बात कही। साथ ही कहा कि वे नियमित रूप से छात्राओं के बीच पहुंचकर आश्रम शाला की व्यवस्थाओं और पढ़ाई की स्थिति का जायजा लेते रहेंगे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास की स्वच्छता, भोजन व्यवस्था, छात्राओं की उपस्थिति व अनुशासन, शैक्षणिक गतिविधियों, स्वास्थ्य-सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। व्यवस्थाएं बेहतर मिलने पर उन्होंने अधीक्षिका कांति वर्मा के प्रबंधन की सराहना की।

छात्रावास में करीब 95 प्रतिशत छात्राओं की उपस्थिति, निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन, नियमित शैक्षणिक गतिविधियां, स्वच्छता और अनुशासन के साथ बागवानी, योग एवं सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित मिलीं। निरीक्षण के दौरान शिकायतों की स्थिति भी शून्य पाई गई।

उत्कृष्ट व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर ने अधीक्षिका कांति वर्मा को ‘बेस्ट मैनेजमेंट-बेस्ट स्टार ऑफ द मंथ’ सम्मान के लिए चयनित करने के निर्देश दिए। संबंधित विभाग को उन्हें 28 सितंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित करने के लिए आमंत्रित करने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान सहायक परियोजना प्रशासक पी.के. पाण्डेय, मंडल संयोजक संजय सिंह, अधीक्षिका कांति वर्मा, आश्रम शाला के कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।</description>
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    <title>MP के युवाओं की नदी सफाई की गूंज ‘मन की बात’ तक, PM मोदी ने किया जिक्र</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-27 17:20:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>दिल्ली (ईन्यूज एमपी)-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में मध्य प्रदेश के युवाओं के नदी सफाई अभियान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ नौजवान नदी की सफाई के काम में जुटे हैं और उनके छोटे से प्रयास से धीरे-धीरे पूरा समाज जुड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे जनभागीदारी का उदाहरण बताया।

महात्मा गांधी जयंती के संदर्भ में स्वच्छता अभियानों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में लोग अपने-अपने स्तर पर स्वच्छता के लिए प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी ऐसे प्रयासों की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार किसी अभियान की शुरुआत एक व्यक्ति से होती है और उसके साथ धीरे-धीरे दूसरे लोग जुड़ते जाते हैं। यही प्रयास आगे चलकर बड़े जनअभियान का रूप ले लेता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के प्रति सबसे सुंदर श्रद्धांजलि स्वच्छता ही है।

हालांकि, प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के नदी सफाई अभियान के दौरान नदी, स्थान या अभियान से जुड़े युवाओं के नाम का उल्लेख नहीं किया। इसलिए उनके संबोधन के आधार पर अभियान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी।

सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का किया स्मरण

‘मन की बात’ की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के उल्लेख से की। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को एक दिन बाद 10 साल पूरे होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक भारतीय सेना ने एलओसी पार जाकर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।

उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति स्पष्ट की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रहा है।

जनगणना में 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज

प्रधानमंत्री ने देश में चल रही जनगणना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि नागरिक मोबाइल के माध्यम से स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए जनगणना पोर्टल पर लॉगिन कर परिवार से जुड़ी जानकारी भरने की सुविधा उपलब्ध है। यह सुविधा हिंदी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है। प्रधानमंत्री के अनुसार अब तक 2 करोड़ 60 लाख से अधिक लोग मोबाइल के जरिए स्व-गणना कर चुके हैं।

अशोक सिंहल की 100वीं जयंती पर किया स्मरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर को विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंहल की 100वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भी याद किया। उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंहल की भूमिका का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अशोक सिंहल ने सामाजिक भेदभाव और विषमता के खिलाफ भी काम किया। उन्होंने बताया कि सिंहल का जन्म एक समृद्ध परिवार में हुआ था और उन्होंने आईआईटी बीएचयू से शिक्षा प्राप्त की थी, लेकिन बाद में अपना जीवन समाज और संस्कृति के लिए समर्पित कर दिया।</description>
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    <title>बाणसागर बांध से बढ़ाया जाएगा जल डिस्चार्ज, सोन नदी किनारे रहने वालों के लिए अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-27 09:56:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल (ईन्यूज एमपी)-बाणसागर मुख्य बांध में आवक बढ़ने और पूर्ण भराव जलस्तर बनाए रखने के लिए 27 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे बांध के रेडियल गेटों की ओपनिंग बढ़ाई जाएगी।

बांध के गेट क्रमांक 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और 13 की ओपनिंग 2.00 मीटर से बढ़ाकर 2.50 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही गेट क्रमांक 4 और 5 को भी 2.50 मीटर तक खोला जाएगा।

इससे स्पिलवे के 10 रेडियल गेटों से कुल 5075 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा। वहीं बाणसागर मुख्य बांध के स्पिलवे और पावर हाउस क्रमांक-3 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी को मिलाकर कुल प्रवाह 5247.97 क्यूमेक्स रहेगा।

जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बांध में आवक बढ़ने की स्थिति में डिस्चार्ज की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।

विभाग ने मैदानी अमले को अलर्ट एवं सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और नदी में नहीं जाने के लिए आवश्यक सूचना एवं अलर्ट जारी करने को कहा गया है।

नोट: सोन नदी के जलस्तर और प्रवाह में वृद्धि की स्थिति को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।</description>
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    <title>बैंक आज खुले, कल से तीन दिन हड़ताल; 5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े कर्मचारी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-27 09:50:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- बैंक से जुड़े जरूरी काम हैं तो उन्हें आज ही निपटा लेना बेहतर होगा। रविवार की छुट्टी के बावजूद आज 27 सितंबर को सरकारी बैंक खुले रहेंगे। इसके बाद सोमवार 28 सितंबर से बुधवार 30 सितंबर तक बैंक कर्मचारियों की हड़ताल प्रस्तावित है। हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

बैंक कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की मांग को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि जब तक सरकार पांच-डे वर्किंग लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

10 साल बाद रविवार को खुले बैंक

रविवार को बैंक खोलने का मौका करीब 10 साल बाद आया है। इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान रविवार को बैंक खोले गए थे। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने, जमा करने और नकदी निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंकों में पहुंचे थे। भीड़ को देखते हुए रविवार को भी बैंकिंग सेवाएं चालू रखी गई थीं।

एटीएम से कैश निकालने पर नहीं लगेगा अतिरिक्त चार्ज

हड़ताल के दौरान एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक समेत सरकारी बैंकों के एटीएम से नकदी निकालने पर राहत रहेगी। मंथली फ्री लिमिट पूरी होने के बाद भी हड़ताल अवधि में एटीएम से कैश निकालने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।

नियम के मुताबिक अपने बैंक के एटीएम से हर महीने पांच बार तक मुफ्त नकद निकासी की सुविधा मिलती है। दूसरे बैंक के एटीएम से मेट्रो शहरों में तीन और अन्य शहरों में पांच मुफ्त लेनदेन की सीमा है। सीमा से अधिक लेनदेन पर सामान्य तौर पर 23 रुपये प्लस जीएसटी शुल्क लगता है।

90 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने का दावा

हड़ताल में सात प्रमुख बैंक यूनियनों के शामिल होने की बात कही गई है। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियनों का दावा है कि इन संगठनों से देश के 90 फीसदी से अधिक बैंक कर्मचारी जुड़े हैं।

वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से हड़ताल टालने की अपील की गई थी, लेकिन यूनियनों ने इसे स्वीकार नहीं किया।

5-डे वर्किंग और पीएलआई को लेकर विवाद

बैंक कर्मचारियों की पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की मांग को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच मतभेद बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार की ओर से पांच-डे वर्किंग लागू करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया गया है। वहीं कर्मचारी यूनियनें लंबे समय से इस मांग को उठा रही हैं।

इसके अलावा अधिकारियों के लिए लागू किए गए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर भी यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद हैं। यूनियनें अधिकारियों के लिए नए बोनस प्रावधानों का विरोध कर रही हैं।

सरकारी बैंकों में 7.58 लाख कर्मचारी

देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में लाखों कर्मचारी कार्यरत हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एसबीआई में 2,36,221, पंजाब नेशनल बैंक में 1,02,746, केनरा बैंक में 81,260, यूनियन बैंक में 73,945 और बैंक ऑफ बड़ौदा में 73,742 कर्मचारी हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं।

हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है, जबकि डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है।</description>
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    <title>भोपाल में आज से शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना, तीन मांगों को लेकर आंदोलन</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-27 09:00:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर शिक्षक संगठनों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में आज से शिक्षक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि मांगों का निराकरण होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

शिक्षकों की प्रमुख मांगों में टीईटी परीक्षा को निरस्त करना, सेवावधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किया जाना और ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक किया जाना शामिल है।

टीईटी परीक्षा के मुद्दे को लेकर शिक्षक इससे पहले भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। अब शिक्षक संगठनों ने मांगों के निराकरण के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। संगठनों का कहना है कि जब तक तीनों मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।</description>
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    <title>सहायता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे दिव्यांगजन, सीधी के 5 दिव्यांग भोपाल में ले रहे निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-26 23:49:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)- दिव्यांगजनों को केवल सहायता और सुविधाओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल रंग ला रही है। इसी क्रम में सीधी जिले के पांच दिव्यांगजनों को भोपाल भेजकर दो माह के निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। खास बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद योग्य प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
कलेक्टर विकास मिश्रा एवं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, सीधी द्वारा दिव्यांगजनों को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल की रेड्डी फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से जिले के पांच दिव्यांगजनों का चयन कर उन्हें भोपाल स्थित प्रशिक्षण केंद्र पहुंचाया गया। इनमें पुष्पेंद्र रावत, रवि कुमार पनिका, उमा मिश्रा, अखिलेश पटेल और कृष्ण कुमार शामिल हैं। सभी को दो माह के निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप रोजगारपरक एवं व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य उन्हें रोजगार अथवा स्वरोजगार के लिए आवश्यक दक्षता प्रदान कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

इस पहल की खास बात यह है कि यह केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले योग्य प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। यानी दिव्यांगजनों को सहायता से आगे बढ़ाकर कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पहल में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, सीधी के वरिष्ठ भौतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. दीपक त्रिपाठी की सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ने, उन्हें भोपाल पहुंचाने और प्रशिक्षण में शामिल कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का उद्देश्य दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उनकी क्षमता के अनुरूप कौशल एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
जिला प्रशासन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र सीधी और रेड्डी फाउंडेशन भोपाल के संयुक्त प्रयास से संचालित यह पहल “सहायता से आत्मनिर्भरता” की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में सामने आई है।</description>
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    <title>विंध्य के रीवा सुपर स्पेशलिटी औचक पंहुचे डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल , मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सहानभूतिपूर्ण और मानवीय व्यवहार पर दिया जोर...</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-26 20:33:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा ( ईन्यूज एमपी) उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने आज विंध्य के रीवा सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल  का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। और मरीजों के लिये हर वक्त समस्याओं से निजात दिलाने आला अधिकारियों को दो टूक कड़े निर्देश दिये इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर, विभिन्न वार्डों तथा अति-गंभीर देखरेख इकाइयों का गहन अवलोकन किया और भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधा संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री स्वयं मरीजों के पास पहुँचे और उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से अस्पताल में मिल रहे इलाज, दवाओं की उपलब्धता आदि विषय पर चर्चा की। मरीजों द्वारा अधिकांश सेवाओं पर संतोष व्यक्त करने पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई, साथ ही अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीजों की हर छोटी-बड़ी समस्या का त्वरित और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में आने वाले हर पीड़ित व्यक्ति को न केवल उत्कृष्ट चिकित्सा देखभाल मिले, बल्कि उसके साथ सहानभूतिपूर्ण और मानवीय व्यवहार भी किया जाए।
		अस्पताल की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज के डीन, अस्पताल अधीक्षक, विभागाध्यक्षों तथा वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने ओपीडी प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं की तत्परता, चिकित्सा उपकरणों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पताल में आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रहे, ताकि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने की आवश्यकता न पड़े। जांच उपकरण सदैव सुचारू रूप से कार्यशील रहें। तकनीकी खराबी आने पर उसका तत्काल निराकरण कराया जाए। श्री शुक्ल ने निर्देशित किया कि वार्डों, आईसीयू और शौचालयों में स्वच्छता का उच्चतम स्तर बनाए रखने के लिए सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

		बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए एक वरदान सिद्ध हो रहा है। निरंतर यह प्रयास है कि इस क्षेत्र के नागरिकों को गंभीर एवं जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बाहर अन्य शहरों की ओर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि रीवा में स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। आने वाले समय में सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में नए विभागों के विस्तार, सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती और नई उन्नत तकनीकों के समावेश पर तेजी से कार्य चल रहा है, ताकि क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।</description>
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  <item>
    <title>नर्सिंग परीक्षा परिणाम के लिए विद्यार्थियों ने उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल का जताया आभार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-26 18:48:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-नर्सिंग विद्यार्थियों के लंबे समय से लंबित परीक्षा परिणाम घोषित होने से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, प्रवेश और करियर से जुड़ी बाधाएं दूर हुई हैं। विद्यार्थियों एवं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने रीवा में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।

  उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नर्सिंग विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित होने पर सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए न्यायालय के समक्ष छात्र हित का पक्ष मजबूती से रखा और न्यायालय के आदेश के परिपालन में परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। सरकार विद्यार्थियों के हितों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

  नर्सिंग विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा परिणाम लंबित होने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई, उच्च कक्षाओं में प्रवेश तथा करियर संबंधी योजनाओं को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। परीक्षा परिणाम घोषित होने से विद्यार्थियों को राहत मिली है और उनकी आगे की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन के सदस्यों श्री विनय शुक्ला, डॉ. सुमन सिंह परिहार, डॉ. जी.एल. पटेल सहित अन्य संचालकों के नेतृत्व में नर्सिंग विद्यार्थियों ने उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल से भेंट की। विद्यार्थियों एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर परीक्षा परिणाम घोषित होने पर धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।</description>
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  <item>
    <title>भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप प्रकाशित, हरित क्षेत्र और सुगम यातायात पर जोर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-26 15:15:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- लंबे अंतराल के बाद राजधानी भोपाल की बहुप्रतीक्षित भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। गणेश अनंत चतुर्दशी के अवसर पर जारी किए गए इस प्रारूप में भोपाल के सुनियोजित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास पर जोर दिया गया है। 

योजना में भोपाल की प्राकृतिक धरोहर भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण को प्राथमिकता देने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सुगम मोबिलिटी, शहर के व्यवस्थित विस्तार और आर्थिक विकास के अवसरों को भी योजना में शामिल किया गया है।

हरित TDR का प्रावधान

भोपाल विकास योजना-2047 में हरित TDR का प्रावधान किया गया है। इसके तहत हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों को क्षतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी।

प्रस्तावित योजना में शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। पहले से तैयार किए गए खाके में शहर के विस्तार, यातायात, आवास, व्यावसायिक गतिविधियों और अधोसंरचना से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। 

नागरिक दे सकेंगे आपत्ति और सुझाव

प्रकाशित प्रारूप पर नागरिकों से आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इससे शहर के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर नागरिक अपनी राय दर्ज करा सकेंगे।

भोपाल का पिछला विकास प्लान लंबे समय से प्रभावी रहा है और नए प्लान की आवश्यकता को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी। मध्यप्रदेश विधानसभा के दस्तावेजों में भी भोपाल विकास योजना-2005 के स्थान पर विकास योजना-2047 तैयार किए जाने का उल्लेख किया गया था। 

नई विकास योजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में भोपाल को व्यवस्थित, सुगम और पर्यावरणीय रूप से संतुलित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा तय करना है।</description>
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    <title>एमपी के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिल सकता है महंगाई भत्ते का तोहफा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-26 13:06:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख शासकीय कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले अच्छी खबर सामने आ सकती है। राज्य सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, 15 अक्टूबर के बाद इस संबंध में घोषणा की जा सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय और आधिकारिक आदेश जारी होना अभी बाकी है।

वर्तमान में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। प्रस्तावित 2 प्रतिशत वृद्धि के बाद डीए बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लंबित बताई जा रही है।

यदि सरकार जनवरी से अक्टूबर तक के 10 महीने का एरियर देने का निर्णय करती है, तो कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी राशि मिल सकती है। अनुमान के मुताबिक डीए में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी से सरकार पर हर महीने करीब 82 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, जबकि 10 महीने के एरियर के लिए करीब 820 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।

वेतन पर भी पड़ेगा असर

डीए बढ़ने से कर्मचारियों के मासिक वेतन में मूल वेतन के आधार पर अलग-अलग वृद्धि होगी। करीब 30 हजार रुपये के मूल वेतन वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगभग 600 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त मिल सकते हैं। वहीं 40 से 50 हजार रुपये के मूल वेतन वाले तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की मासिक आय में करीब 800 से 1000 रुपये की वृद्धि हो सकती है।

70 हजार से एक लाख रुपये या उससे अधिक मूल वेतन वाले अधिकारियों को लगभग 1400 से 2000 रुपये प्रतिमाह का लाभ मिल सकता है। सुपर क्लास-1 अधिकारियों के वेतन में करीब 3500 से 4000 रुपये तक की मासिक वृद्धि का अनुमान है।

अक्टूबर में आदेश का इंतजार

राज्य के कर्मचारी अब सरकार के आधिकारिक निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। यदि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में आदेश जारी होता है तो नवंबर में मिलने वाले वेतन में बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता शामिल किए जाने की संभावना है। एरियर के भुगतान को लेकर भी अंतिम आदेश के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।</description>
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    <title>27 सितंबर को रविवार के बावजूद खुले रहेंगे सभी बैंक</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-26 10:38:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के निर्देश पर रविवार 27 सितंबर 2026 को सभी जिलों में बैंक खुले रहेंगे।अग्रणी जिला प्रबंधक गणेश तईकर ने बताया कि 28, 29 एवं 30 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए 27 सितंबर को बैंकों को सामान्य कार्यदिवस की तरह संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जिले के सभी बैंक रविवार को खुले रहेंगे।ग्राहक 27 सितंबर को अपने संबंधित बैंक में जाकर सामान्य दिनों की तरह बैंकिंग एवं वित्तीय लेनदेन कर सकेंगे।

उन्होंने बैंक ग्राहकों से अपील की है कि प्रस्तावित हड़ताल को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बैंकिंग कार्य रविवार को ही निपटा लें।</description>
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    <title>MP में अगले 48 घंटे भारी बारिश का दौर, 18 जिलों में चेतावनी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-26 09:04:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

शनिवार को जबलपुर और रीवा समेत 18 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, कटनी, शहडोल और जबलपुर सहित कई जिलों में भी भारी बारिश की आशंका है।

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए सतना जिले में शनिवार को कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मैहर जिले में कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा।

प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम सहित अन्य जिलों में भी मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</description>
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    <title>आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री का जताया आभार</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-25 20:01:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी - प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों की समीक्षा की भनक लगते ही स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्परता दिखाते हुए आयुक्त लोक शिक्षण के निर्देशन में प्रदेश भर 618 पात्र आवेदकों की सहायक ग्रेड 3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी किए जाने पर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ म.प्र. के भरत पटेल प्रांताध्यक्ष, हरीश मिश्र जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय सचिव, विजय तिवारी प्रांतीय उपाध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं शिक्षामंत्री राव उदयप्रताप सिंह जी के प्रति आभार व्यक्त किया है साथ ही प्रदेश भर में शिक्षा विभाग के  परिवेदना पोर्टल पर शिक्षकों की लगभग 15000 से ज्यादा लंबित मामलों की समीक्षा कर उन्हें  भी शीघ्र निराकरण हेतु आग्रह किया है। परिवेदना पोर्टल में दर्ज समस्याओं के शीघ्र निराकरण हो जाने से संबंधित लोकसेवक स्वस्थ्य मानसिकता के साथ शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करेगा जिससे प्रदेश के नौनिहाल भी लाभान्वित होंगे।</description>
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    <title>कुसमी में अंत्योदय स्वास्थ्य मेले में उमड़ी हजारों मरीजों की भीड़, छोटी पड़ गई अस्पताल की व्यवस्था</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-25 16:34:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>लगातार बारिश के बावजूद जारी रहा इलाज, विधायक टेकाम बोले—शिविर में आए सभी मरीजों को मिले स्वास्थ्य लाभ

कुसमी(ईन्यूज एमपी)- सीधी जिले के कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को आयोजित विशाल अंत्योदय स्वास्थ्य मेले में हजारों की संख्या में मरीज उपचार और स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचे। मरीजों की भारी भीड़ के चलते अस्पताल परिसर की व्यवस्थाएं छोटी पड़ गईं। लगातार बारिश के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय मेडिकल टीम ने मरीजों की जांच, उपचार और परामर्श का कार्य लगातार जारी रखा।

मध्य प्रदेश शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन और कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विभिन्न बीमारियों की जांच एवं परामर्श दिया गया। मरीजों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।

कार्यक्रम में धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम सिंह जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद, जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह, जनपद सदस्य सावित्री पनिका, भाजपा मंडल अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार खरे, एसडीएम सागर दिलीप जैन, तहसीलदार नारायण सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा, बीआरसीसी अंगिरा द्विवेदी सहित जिला मेडिकल टीम, कुसमी खंड प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच-सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला मौजूद रहा।

विधायक टेकाम ने की स्वास्थ्य टीम के प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि शिविर के दौरान इंद्रदेव भी काफी प्रसन्न रहे और लगातार बारिश हुई। इसके बावजूद अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरी लगन और मेहनत से मरीजों की जांच एवं उपचार किया, जो सराहनीय है। उन्होंने शिविर में पहुंचे सभी मरीजों से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने और स्वस्थ रहने की अपील की।

10 आंगनबाड़ी केंद्रों का भूमिपूजन

स्वास्थ्य मेले के दौरान विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कुसमी क्षेत्र में बनने वाले 10 आंगनबाड़ी केंद्रों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर क्षेत्र में बच्चों एवं महिलाओं से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

सांदीपनि विद्यालय की छात्राओं ने दी रंगारंग प्रस्तुति

कार्यक्रम में सांदीपनि विद्यालय की छात्राओं ने गीत एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। वहीं नाट्य कलाकारों द्वारा नाटक प्रस्तुत कर लोगों को विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य विषयों के प्रति जागरूक किया गया।

जिला पंचायत सीईओ ने कहा कुसमी की रैंकिंग कमजोर

शिविर में पहुंचीं जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने कहा कि उन्हें जिले में कार्यभार संभाले अभी करीब लगभग 25 दिन हुए हैं। इस दौरान की गई समीक्षा में कुसमी की रैंकिंग काफी कम पाई गई है। समीक्षा के बाद जिला पंचायत सीईओ ने अब तक कोई ठोस कदम उठाया या नहीं यह बात तो सामने नहीं आ पा आयी है पर कुसमी आदिवासी जनपद की रैंकिंग को आगामी समय में रैंन्किगं की स्थिति को वो कितना बेहतर कर पाती है यह आने वाले वक्त पर ही पता चल सकेगा।

*छह माह के भीतर दोबारा शिविर लगाने का आश्वासन*

कार्यक्रम के समापन पर एसडीएम सागर दिलीप जैन ने उपस्थित अतिथियों एवं क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग बारिश के बावजूद शिविर में पहुंचे। बारिश के कारण लोगों को हुई असुविधा के लिए उन्होंने खेद जताया। साथ ही उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगामी छह माह के भीतर दोबारा इसी तरह का स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा, जिससे जो लोग इस बार स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी अवसर मिल सके।

*बारिश के कारण कुछ मरीज लौटे, दोबारा शिविर लगाने की मांग*

शिविर में पहुंचे कुसमी क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य मेले का आयोजन काफी अच्छा किया गया था। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अधिकारी, कर्मचारी एवं मेडिकल टीम लगातार मरीजों की सेवा में लगी रही। कई लोग बारिश और भीड़ के कारण शिविर का पूरा लाभ नहीं ले सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम व जिला कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कुसमी में एक बार फिर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने की मांग की, ताकि छूटे हुए मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच एवं उपचार की सुविधा मिल सके।

*थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने संभाली पार्किंग और यातायात व्यवस्था*

अंत्योदय स्वास्थ्य मेले के दौरान थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात की बेहतर व्यवस्था की गई। शिविर में आने वाले वाहनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था कराई गई। कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन में परेशानी नहीं हुई।

पुलिस की मुस्तैदी के चलते कार्यक्रम के दौरान कहीं भी जाम की स्थिति निर्मित नहीं होने पाई और भारी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रही। पुलिस प्रशासन की इस व्यवस्था से शिविर में पहुंचे मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा मिली।</description>
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    <title>21 साल बाद मध्यप्रदेश में लौटी सरकारी बस सेवा, 351 बसों से शुरू हुआ नया सफर</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-25 14:17:50</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी हो गई है। शुक्रवार को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और पीएम ई-बस सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में सरकारी बस सेवा के नए चरण की शुरुआत हुई।

पहले चरण में प्रदेश में 351 बसें संचालित की जा रही हैं। इनमें इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की बस सेवाएं शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड में इन बसों का संचालन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सुविधा से जोड़ना है।

नई सेवा के तहत 180 इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बसों में आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों की सुरक्षा और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी। सरकार ने 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले साल में 1,500 बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य है। नई सेवा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित होगी, जिसमें निजी ऑपरेटरों की भी भागीदारी रहेगी। निजी ऑपरेटरों को विज्ञापन और कार्गो से अतिरिक्त आय के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार द्वारा जारी किराया चार्ट के अनुसार बस किराया ₹2 प्रति किलोमीटर के आधार पर तय किया गया है। भोपाल से इंदौर की करीब 190 किलोमीटर दूरी के लिए किराया ₹380, जबलपुर की 327 किलोमीटर दूरी के लिए ₹654 और रीवा की करीब 498 किलोमीटर दूरी के लिए ₹996 रखा गया है। भोपाल से देवास की करीब 142 किलोमीटर दूरी के लिए ₹284, कटनी की 387 किलोमीटर दूरी के लिए ₹774 और भिंड की 469 किलोमीटर दूरी के लिए ₹938 किराया बताया गया है। भोपाल में लोकल बसों का किराया दूरी के आधार पर निर्धारित होगा।

शुरुआती चरण में भोपाल में 106, इंदौर में 145, जबलपुर में 67, रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रमुख शहरों के बीच आवागमन के साथ स्थानीय परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया गया। साथ ही मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड तथा आईआईएम इंदौर और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। इन संस्थानों के सहयोग से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य की परिवहन योजनाओं को प्रभावी बनाने पर काम किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में रोजगार को लेकर भी बड़ा लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि सरकार सालभर में 1 लाख पदों पर भर्ती करने की दिशा में काम करेगी। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन के विस्तार के साथ प्रदेश में यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।चाहें तो इसे मैं 4 कॉलम के अखबारी फॉर्मेट में और ज्यादा कसा हुआ, करीब 500-600 शब्दों में भी कर सकता हूं।</description>
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    <title>बाणसागर बांध से सोन नदी में बढ़ाया जाएगा जल प्रवाह, डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-25 10:27:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी/रीवा(ईन्यूज एमपी)- बाणसागर मुख्य बांध में आवक बढ़ने और पूर्ण भराव जलस्तर बनाए रखने के लिए शुक्रवार 25 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे स्पिलवे के रेडियल गेटों की ओपनिंग बढ़ाई जाएगी।

जारी सूचना के अनुसार, खुले हुए रेडियल गेट क्रमांक 9 की ओपनिंग 0.20 मीटर से बढ़ाकर 0.25 मीटर की जाएगी। वहीं गेट क्रमांक 10 और 11 को भी 0.25-0.25 मीटर खोला जाएगा। इसके परिणामस्वरूप स्पिलवे के तीन रेडियल गेटों से कुल 158 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा।

बाणसागर मुख्य बांध के स्पिलवे और पावर हाउस क्रमांक-3 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी को मिलाकर कुल प्रवाह 332.30 क्यूमेक्स रहेगा। सूचना में यह भी कहा गया है कि बांध में आवक बढ़ने की स्थिति में जल निकासी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।

सोन नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील

बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मैदानी अमले को लोगों तक सूचना पहुंचाने तथा उन्हें सोन नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और नदी में नहीं जाने के लिए अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह सूचना मुख्य अभियंता, गंगा कछार जल संसाधन विभाग, रीवा के आदेशानुसार जारी की गई है।</description>
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    <title>रीवा से अपहृत ढाई साल की बच्ची सीधी से बरामद</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-25 07:25:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>संतान न होने पर बच्ची को पालने की नीयत से अपहरण का आरोप, चार गिरफ्तार

रीवा(ईन्यूज एमपी)- समान थाना क्षेत्र की गड़रिया बस्ती से अपहृत ढाई साल की मासूम बच्ची को पुलिस ने सीधी जिले के धनहा गांव से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची को अगवा करने की वजह संतान न होना और उसे पालने की नीयत सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, गड़रिया बस्ती निवासी मजदूर महिला काम से घर लौटी तो उसकी ढाई साल की बच्ची गायब थी। महिला ने समान थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लोगों से पूछताछ शुरू की।

जांच में सामने आया कि बच्ची सुबह अपने भाई के साथ आंगनवाड़ी गई थी। पुलिस के मुताबिक, आंगनवाड़ी में काम करने वाली युवती और पास में रहने वाली महिला ने बच्ची के अपहरण की साजिश रची। आरोपियों ने बच्ची को बोरी में बंद किया और केशकली कोल अपने पति रविशंकर मालवीय के साथ उसे लेकर सीधी जिले के धनहा गांव स्थित मायके चली गई।

पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर रात में ही सीधी पहुंचकर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया और परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस ने रविशंकर मालवीय, केशकली कोल, रिया वर्मा और रीनू रावत को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।</description>
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  <item>
    <title>मौसम के बदले मिजाज!सीधी-रीवा समेत 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-25 07:01:29</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-  मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत मौसमी सिस्टम के प्रभाव से शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 16 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का अलर्ट है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर 24 घंटे के दौरान 4 इंच से अधिक बारिश हो सकती है।

सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, कटनी, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल सहित 16 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

सतना में दो दिन स्कूल बंद

अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने 25 और 26 सितंबर को नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। आदेश शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय, नवोदय और आईसीएसई सहित सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू रहेगा।

27 सितंबर तक रहेगा असर

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब मजबूत होकर मौसमी सिस्टम के रूप में सक्रिय है। इसका असर 25 और 26 सितंबर को अधिक रहेगा। 27 सितंबर को भी कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम आगे बढ़ जाएगा।

विदाई में छह दिन शेष

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक है। अब मानसून की विदाई में करीब छह दिन शेष हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौट चुका है। सितंबर के अंतिम सप्ताह से मध्य प्रदेश में भी मानसून की विदाई का दौर शुरू होने की संभावना है।चाहें तो इसे मैं 4 कॉलम अखबार लेआउट के हिसाब से और ज्यादा धारदार हेडिंग व उपशीर्षक के साथ भी तैयार कर सकता हूं।</description>
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    <title>सीधी:अवैध खनिज उत्खनन में पोकलेन मशीन जब्त</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-24 19:38:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन तथा जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम ने बहरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी के ग्राम झरिया में अवैध खनिज पत्थर उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई की।

 	जांच के दौरान मौके पर पोकलेन ह्युंडई मशीन से बिना वैधानिक अनुमति खनिज पत्थर का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। खनिज दल को देखकर मशीन ऑपरेटर एवं अन्य मजदूर मौके से फरार हो गए। टीम ने मशीन को नियमानुसार जब्त कर सुरक्षार्थ थाना प्रभारी, पुलिस थाना बहरी की अभिरक्षा में सुपुर्द किया।मामले में संबंधित उत्खननकर्ता एवं मशीन स्वामी के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

 	जिला प्रशासन के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। अनाधिकृत गतिविधियों में आदतन संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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    <title>स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिये गर्म है डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल के तेवर , बालाघाट मामले में बर्दाश्त नही करेंगें लापरवाही : राजेन्द्र शुक्ल</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-24 15:04:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल ( ईन्यूज एमपी) मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल इन दिनों स्वास्थ्य विभाग को लेकर काफी सख्त रुख अपना रहे हैं आम जनमानस के स्वास्थ्य के प्रति कतई लापरवाही वर्दाश्त नही होगी वह प्रदेश के तमाम जिलों पर पैनी नजर वनाये हुये हैं , खासतौर से आदिवासी बाहुल्य वनांचल इलाकों की स्वास्थ्य सुविधाओं की पल पल पर समीक्षा कर रहे  हैं । वह आज राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खसरा-रूबेला, डायरिया एवं मलेरिया नियंत्रण तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए की जा रही कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा करते हुये आला अधिकारियों को दो टूक कहा है कि किसी तरीके की लापरवाही अब बर्दाश्त नही होगी ।

बतादें कि उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा है  कि बालाघाट में महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपसी समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी, समय पर उपचार, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहें।

बालाघाट को आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गंभीरता, समर्पण और बेहतर समन्वय के साथ सेवा प्रदाय किया जाए तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान प्रयासों को निरंतर बनाए रखते हुए बालाघाट को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करें और मैदानी स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर श्री कुमार सत्यम तथा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। 

उल्लेखनीय है कि सुमन पंचायत के रूप में पंचायतों को विकसित करने के लिए एक वर्ष की अवधि में शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु सुनिश्चित करना प्रमुख मानकों में शामिल है। गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं नवजात देखभाल और समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना इसका लक्ष्य है। इन मानकों की सतत पूर्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के आधार पर पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि एएनसी चेकअप का कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचना महत्वपूर्ण प्रगति है। इसे शत-प्रतिशत तक ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का समय पर चिन्हांकन, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय से भर्ती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बर्थ वेटिंग होम की उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं है। अधिकारी एवं मैदानी अमला पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करें। इसी गति से प्रयास जारी रहे तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बालाघाट में किए जा रहे कार्यों को प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित कर पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनाने पर जोर दिया।

खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी

बालाघाट में खसरा नियंत्रण के लिए बुखार एवं दाने वाले मामलों की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें MR वैक्सीन से सुरक्षित करने के लिए कैच-अप राउंड एवं आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन (ORI) गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है। संदिग्ध रोगियों को आवश्यकता अनुसार विटामिन-A की खुराक दी जा रही है तथा फीवर-रैश सर्विलांस लगातार जारी है। दुर्गम एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों की मैपिंग कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण एवं विशेष सर्विलांस किया जा रहा है। वैक्सीन को दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए अल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (AVD) व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।

डायरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान

जिले में दस्त एवं डायरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्तर पर ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस तथा 1,60,431 परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर सफल उपचार किया गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाते हुए बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए मोबिलाइजेशन की व्यवस्था की गई है।

मलेरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्क्रीनिंग

बालाघाट के प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम एंडेमिक क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर बुखार की जांच के लिए 15 टीमें लगातार कार्यरत हैं। इन टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक जांच की जा रही हैं। 19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई है, जिसमें 980 मलेरिया प्रकरण पाए गए। इनमें 895 प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम तथा 85 प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के प्रकरण शामिल हैं। सभी चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है तथा उपचार पूर्ण कराया जा रहा है। मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों के 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है। अतिरिक्त मानव संसाधन के रूप में एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

बिरसा एवं बैहर विकासखंडों में 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की गई हैं। इन मोबाइल इकाइयों के माध्यम से बुखार स्क्रीनिंग, ओपीडी, एएनसी/पीएनसी सेवाएं, एनसीडी एवं टीबी स्क्रीनिंग, दवा वितरण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में स्क्रीनिंग गतिविधियों का विस्तार लगभग 50 गांवों तक किया गया है तथा 10 से अधिक चिकित्सक एवं CHO मैदानी स्तर पर सेवाएं दे रहे हैं। कुंडेकसा विद्यालय में अस्थायी अस्पताल एवं स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था भी की गई है। बिरसा एवं बैहर क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए 600 से अधिक जल स्रोतों को शुद्ध किया गया है। स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा समुदाय स्तर पर स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के संबंध में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ी

जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 51 नए बॉन्ड डॉक्टर जॉइन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त एएनएम, सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर सहित आवश्यक मैदानी मानव संसाधन की तैनाती की गई है।

बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान से स्वास्थ्य अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत ₹332 करोड़ लागत के विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा बालाघाट में सुविधाओं एवं अधोसंरचनाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। योजना अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य भी किया जाएगा। योजना के अंतर्गत 22 उप स्वास्थ्य केंद्रों/आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में मरम्मत एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। दुर्गम क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त मोबिलिटी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विठती तथा सानमुद्दा को 30-बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन तथा घुम्मूर एवं पाथरी के दो उप स्वास्थ्य केंद्रों को 6-बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही 2 नई मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वीकृत की गई हैं तथा 10 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं एवं अन्य स्वास्थ्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रोत्साहन आधारित व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।

महिला एवं बाल स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

कलेक्टर बालाघाट श्री कुमार सत्यम ने महिला एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप बढ़कर 90 प्रतिशत हो गया है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी कारणवश बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो उनके घरों तक हॉट कुक्ड मील पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और नियमित निगरानी पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</description>
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    <title>सीधी जिला अस्पताल का सांसद राजेश मिश्रा ने किया औचक निरीक्षण</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-24 13:56:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- सांसद राजेश मिश्रा ने आज सीधी जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपचाररत मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सांसद ने चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों एवं अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान डॉ. मनोज सिंह परिहार, अमित प्रधान, चंदन मिश्रा सहित प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक एवं चिकित्सालय का स्टाफ मौजूद रहा।</description>
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    <title>रीवा में देर रात अचानक अस्पताल पहुंचे कलेक्टर-एसपी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-24 11:52:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए बुधवार देर रात कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक अचानक आयुष्मान अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों के एक साथ अस्पताल पहुंचने से वहां मौजूद स्टाफ में हलचल मच गई।

कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मौजूद कर्मचारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं एवं स्टाफ से संबंधित जानकारी ली। हालांकि, निरीक्षण के दौरान किन बिंदुओं पर विशेष रूप से जानकारी जुटाई गई, इसकी विस्तृत जानकारी प्रशासन की ओर से अभी सामने नहीं आई है।

कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने निरीक्षण को रूटीन जांच बताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की जांच की गई है और जांच टीम की विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही निरीक्षण में सामने आए तथ्यों और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल प्रशासन की ओर से अस्पताल में किसी गड़बड़ी या अनियमितता की पुष्टि नहीं की गई है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निरीक्षण में क्या तथ्य सामने आए और क्या किसी कार्रवाई की आवश्यकता है।</description>
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    <title>मध्य प्रदेश में तेज बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय, 25-26 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-24 07:14:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अगले 24 घंटे में और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अनुमान है।

वहीं सीधी, रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

25-26 सितंबर को ज्यादा असर

मौसम केंद्र के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ सिस्टम अगले 24 घंटे में मजबूत हो सकता है। इसके चलते 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया जा सकता है।

औसत बारिश 34.3 इंच

मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 34.3 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का करीब 91.9 प्रतिशत है। सितंबर के आखिरी दिनों में सक्रिय हो रहे सिस्टम से बारिश का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

मानसून की विदाई में छह दिन बाकी

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। यानी मानसून की विदाई में अब करीब छह दिन शेष हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से प्रदेश में मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत हैं। राजस्थान के कई इलाकों से मानसून लौट चुका है।

बुधवार को भी कई जिलों में बारिश

बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। नर्मदापुरम के इटारसी में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। खरगोन में तेज बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा करीब 200 क्विंटल मक्का भीग गया। खंडवा, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।</description>
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    <title>स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण में देरी पर डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल नाराज, जिम्मेदारी तय करने के निर्देश</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-23 19:34:12</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज़ एमपी)। स्वास्थ्य संस्थाओं के भवन निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति को लेकर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नाराजगी जताई है। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और पूर्ण हो चुके स्वास्थ्य संस्थानों के लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की सतत और सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य संस्था का भवन तैयार होने के बाद उसके संचालन में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्माण पूरा होते ही आवश्यक उपकरण, फर्नीचर और मानव संसाधन की व्यवस्था समय-सीमा में पूरी की जाए, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन तत्काल शुरू किया जा सके।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों, अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभागीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। सभी स्तरों पर निर्माण, उपकरण, फर्नीचर और मानव संसाधन से जुड़े कार्यों की एकीकृत मॉनिटरिंग करने तथा तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सामने आया कि पूर्व निर्धारित लक्ष्य की तुलना में वर्तमान में कम स्वास्थ्य संस्थाएं लोकार्पण के लिए तैयार हो पाई हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री ने प्रगति में कमी के कारणों की विस्तृत समीक्षा करने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त धनराजू एस., भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबी चक्रवर्ती, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक अवि प्रसाद सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</description>
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    <title>सीधी में बलराम कृषि महोत्सव: किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली, धान-बाजरा-ज्वार की होगी सीधी खरीदी</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-23 19:54:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-शासकीय कन्या महाविद्यालय सीधी के अहिल्याबाई सभागार में बुधवार को बलराम कृषि महोत्सव का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन के साथ खरीदी, सिंचाई, बिजली, प्रसंस्करण और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी किसानों से धान, बाजरा और ज्वार की सीधी खरीदी की जाएगी। किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की गई।

सीधी को सिंचाई परियोजनाओं में प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं में सीधी जिले को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले सीजन से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की बात भी कही गई, ताकि किसानों को रात में खेतों की सिंचाई करने की परेशानी से राहत मिल सके।

उन्होंने कृषि उपज के मूल्य संवर्धन के लिए फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने के साथ पशुपालन, मुर्गीपालन, बकरीपालन और मत्स्यपालन को किसानों की अतिरिक्त आय का साधन बनाने पर जोर दिया। 25 गाय या 25 भैंस की डेयरी के लिए 40 लाख रुपये तक की योजना में 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने की जानकारी दी।

सीधी के श्रीअन्न और महुआ प्रसंस्करण की सराहना

मुख्यमंत्री ने सीधी के कोदो, कुटकी, मेझरी और सांवा जैसे श्रीअन्न की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिलेट को बढ़ावा मिलने से किसानों के लिए बाजार और आय के नए अवसर बनेंगे। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे महुआ प्रसंस्करण की भी सराहना की गई।

पंजा-दरी और कालीन जैसे स्थानीय ओडीओपी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा पर्यटन विकास पर भी जोर दिया गया।

25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की जाएगी। इसके तहत राज्य परिवहन की बसें संचालित होंगी।

प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना से सीधी को नए अवसर

सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने सीधी को प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना में शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से किसानों को फसल विविधीकरण के साथ पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम और विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक ने भी किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

प्रगतिशील किसान और मेधावी छात्र सम्मानित

महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से कृषि यंत्र, उर्वरक, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्यपालन की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में कृषि, मत्स्यपालन, प्राकृतिक खेती, दाल उत्पादन, बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल, डेयरी और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

हितग्राहियों को ऋण और योजनाओं का लाभ

कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राहियों को ऋण, स्वीकृति पत्र और योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। परिवहन व्यवसाय के लिए 25 लाख रुपये, नमकीन व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये तथा कृषि यंत्रों के लिए 15.30 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया।

इसके अलावा स्व-सहायता समूह को 5 लाख रुपये का सीसीएल, महिला मछुआ सहकारी समितियों को किसान क्रेडिट कार्ड, बेसन प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग इकाई के लिए 10 लाख रुपये तथा राइस मिल के लिए 3 लाख रुपये का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, लाड़ली लक्ष्मी प्रमाण पत्र और राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम के तहत बीज का हितलाभ भी वितरित किया गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर विकास मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद, एसडीएम गोपद बनास प्रिया पाठक, उप संचालक कृषि आर.एस. गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।</description>
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    <title>भाजपा ने बदले 31 प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी, मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी बिप्लब कुमार देव को</title>
    <lastmod>2026-11-02T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-09-23 15:07:11</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्तियां की हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है। यह बदलाव भाजपा के संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत किया गया है। 

नई सूची में मध्यप्रदेश के प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी भी बदले गए हैं। अब बिप्लब कुमार देव मध्यप्रदेश के नए प्रदेश प्रभारी होंगे, जबकि रेखा वर्मा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इससे पहले मध्यप्रदेश के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी डॉ. महेंद्र सिंह के पास थी और सतीश उपाध्याय सह प्रभारी के रूप में संगठन का काम देख रहे थे। जुलाई 2024 में भाजपा ने डॉ. महेंद्र सिंह को मध्यप्रदेश प्रभारी और सतीश उपाध्याय को सह प्रभारी नियुक्त किया था। 

मध्यप्रदेश में नई जिम्मेदारी

प्रदेश प्रभारी: बिप्लब कुमार देव

सह प्रभारी: रेखा वर्मा

पूर्व प्रभारी: डॉ. महेंद्र सिंह

पूर्व सह प्रभारी: सतीश उपाध्याय


बिप्लब कुमार देव इससे पहले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अगस्त 2026 में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई थी। वहीं रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। 

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