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  <pubDate>2026-06-19T12:00:00</pubDate>


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    <title>संकल्प से समाधान: शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने एक लाख लोगों तक पहुंचाया पर्यावरण संरक्षण का संदेश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-19 13:49:54</pubDate>
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	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी द्वारा चलाया गया "संकल्प से समाधान जन-जागरूकता अभियान" एक नई मिसाल बनकर सामने आया है। 27 मई 2026 से प्रारंभ हुए इस अभियान के माध्यम से मात्र 24 दिनों में एक लाख लोगों तक "एक पेड़ मां के नाम" लगाने का संदेश एवं संकल्प पत्र पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया।

यह अभियान मध्य प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम बड़खरा-740, विकासखंड रामपुर नैकिन, जिला सीधी से प्रारंभ हुआ था। अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत बड़खरा-740 की सरपंच स्नेहलता सिंह, अमरपुर के सरपंच वीरेंद्र त्रिपाठी, कुआं पंचायत के सरपंच सत्यनारायण पटेल सहित जनप्रतिनिधियों, शासकीय कर्मचारियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में हुई।

एक लाख लोगों तक पहुंचने का संकल्प

कार्यक्रम के प्रथम दिन ही शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने संकल्प लिया था कि वे कम से कम एक लाख लोगों तक पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संदेश पहुंचाएंगे। उनके इस संकल्प को जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों का भरपूर सहयोग मिला।

अभियान के लिए संकल्प पत्रों की छपाई एवं कागज की व्यवस्था में राजीव तिवारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रामपुर नैकिन), आशीष मिश्रा (तहसीलदार रामपुर नैकिन), महेंद्र द्विवेदी (नायब तहसीलदार), साक्षी गौतम (तहसीलदार चुरहट), सुषमा रावत (प्रभारी तहसीलदार) एवं हंसराज सिंह (नायब तहसीलदार) सहित कई अधिकारियों ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

तीन जिलों में चलाया जन-जागरूकता अभियान

दयाशंकर द्विवेदी ने सीधी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों और नगरों में व्यापक जनसंपर्क किया। इसके बाद उन्होंने रीवा एवं सतना जिले तक अभियान का विस्तार किया। रीवा स्थित अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्रों, रेलवे स्टेशन तथा सतना रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोगों को संकल्प पत्र वितरित कर जागरूक किया गया।

विशेष रूप से सतना रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक ए. मतीन के सहयोग से हजारों यात्रियों तक यह संदेश पहुंचाया गया। रेलवे स्टेशन, प्रशिक्षण संस्थान, महाविद्यालय, जनकल्याण शिविर एवं विभिन्न शासकीय कार्यक्रम अभियान के प्रमुख केंद्र बने।

अनेक अधिकारियों एवं शिक्षाविदों का मिला सहयोग

अभियान को सफल बनाने में रामनरेश पटेल (प्राचार्य, शासकीय शिक्षा महाविद्यालय), पंकज नाथ मिश्रा, प्रियंका द्विवेदी, रीना मिश्रा, दीपक पांडे, महेश विश्वकर्मा, ज्ञानेंद्र पांडे, दिनकर पांडे, शिवशंकर मिश्रा, अवसरण पांडे सहित अनेक अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

सांसद की उपस्थिति में हुई उपलब्धि की घोषणा

चुरहट में आयोजित जनकल्याण शिविर में सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की उपस्थिति में दयाशंकर द्विवेदी ने अपने रजिस्टर में संधारित आंकड़ों का वाचन करते हुए बताया कि एक लाख लोगों तक जन-जागरूकता एवं संकल्प पत्र पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

"एक पेड़ अवश्य लगाएं"

दयाशंकर द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए तथा तालाब, कुएं, नदी-नालों एवं जलस्रोतों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कार्य की हुई सराहना

अभियान की सफलता पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, पूर्व विधायक शरदेंदु तिवारी, देवेंद्र त्रिपाठी, नगर परिषद अध्यक्ष मोनिका गुप्ता, उपाध्यक्ष अजय पांडे, एसडीएम विकास कुमार आनंद, राजीव तिवारी, साक्षी गौतम, सुषमा रावत, आशीष मिश्रा, महेंद्र द्विवेदी, विष्णु पांडे, विनय मिश्रा, सुजीत मिश्रा, प्रवीण तिवारी, दिलीप सिंह, राहुल सिंह, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी के प्रयासों की सराहना की।

संदेश स्पष्ट है— "जब शिक्षक का संकल्प मजबूत हो, तो समाज की दशा और दिशा दोनों बदल सकती हैं।" पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और वृक्षारोपण के लिए चलाया गया यह अभियान आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है।</description>
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    <title>रीवा में ईडी की बड़ी कार्रवाई, स्टोन क्रेशर कारोबारी केके सोहगौरा के घर छापा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-19 12:13:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- रीवा शहर में शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित स्टोन क्रेशर संचालक एवं ठेकेदार कृष्णकांत (केके) सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के पद्मधर कॉलोनी स्थित आवास "लालता सदन" पर छापेमार कार्रवाई की। सुबह-सुबह ईडी की टीम के पहुंचने से इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

जानकारी के अनुसार ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों के साथ सुबह तड़के आवास पहुंची और परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि अधिकारी वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई तथा पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है। बताया जाता है कि जांच के दौरान परिवार के सदस्यों ने अधिकारियों से पहचान पत्र और कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी।

केके सोहगौरा के भाई प्रदीप सोहगौरा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और उन्हें विश्वास है कि एजेंसी को जांच में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिलेगी।

कृष्णकांत सोहगौरा रीवा जिले के प्रमुख ठेकेदारों और स्टोन क्रेशर व्यवसायियों में गिने जाते हैं। उनके नाम सेमरिया क्षेत्र की राजनीतिक और व्यावसायिक गतिविधियों में भी चर्चा में रहते हैं। इसी वजह से ईडी की कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तरह-तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ईडी की यह कार्रवाई किस विशेष मामले या आर्थिक अनियमितता की जांच के संबंध में की जा रही है। एजेंसी की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

ईडी की कार्रवाई को लेकर पूरे रीवा और सेमरिया क्षेत्र में लोगों की निगाहें जांच के परिणाम पर टिकी हुई हैं। अब सभी को एजेंसी की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।

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    <title>10 दिन और बढ़ा मानसून का इंतजार, रीवा-सीधी समेत 18 जिलों में गर्मी का असर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-19 08:47:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। सामान्य तिथि की तुलना में इस बार मानसून करीब 10 दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विभाग ने भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा सहित 39 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कुछ स्थानों पर राहत की बारिश होने की संभावना है।

वहीं दूसरी ओर विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के कई जिलों में गर्मी का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली सहित 18 जिलों में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इन जिलों में दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियों की गति अपेक्षाकृत धीमी रहने के कारण मध्यप्रदेश में मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। हालांकि आगामी दिनों में परिस्थितियां अनुकूल होने पर मानसून की रफ्तार बढ़ने की संभावना है।

गर्मी और उमस के बीच किसान भी मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और पर्याप्त वर्षा का इंतजार किया जा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतने तथा बिजली गिरने की घटनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है।

प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। जहां कुछ जिलों में बारिश और तेज हवाएं राहत देंगी, वहीं रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली सहित कई क्षेत्रों में गर्मी का असर बरकरार रहने की संभावना है।
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    <title>सीएम डॉ. यादव ने दिए अहम निर्देश, टाइगर स्ट्राइक फोर्स जैसी बनेगी टास्क फोर्स</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-19 05:43:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग के कार्यों और गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान उसकी प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता और समृद्ध वन क्षेत्रों से है, इसलिए इनके संरक्षण के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी और दीर्घकालिक पहल सुनिश्चित की जानी चाहिए। जैविक एवं वानस्पतिक विविधताओं का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, यह हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी और संकल्प है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों के विस्तार, पौधरोपण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की उनके रीति-रिवाजों के साथ सहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग वन्य पर्यटन का तेजी से विस्तार करे। इस क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। वन पर्यटन बढ़ाने के लिए पर्यटकों के लिए सुविधाएं भी बढ़ाई जाएं। उन्हें होम स्टे जैसे आकर्षणों के बारे में भी बताया जाए। सफारी गाड़ियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जाए। इससे पर्यटक तेजी से जुड़ेंगे। 

सीएम डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध वन सम्पदा के संरक्षण, संवर्धन और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अभ्यारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था अपनाई जाए। साथ ही नए वन्य प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में मुक्त कर प्रदेश की वन सम्पदा को और भी समृद्ध बनाया जाए। जंगल की सीमा के अंदर जनजातीय बंधुओं के देवस्थानों को समुचित तरीके से उनके रीति-रिवाजों के अनुसार ही विकसित करें। बताया गया कि इस साल 300 देवस्थान विकसित किए जाएंगे। इससे पहले 1421 देवस्थान विकसित किए जा चुके हैं। 

कंट्रोल रूम की स्थापना का अनुमोदन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से मध्यप्रदेश से बाघ और गौर देने का अनुरोध मिला है। उन्हें बाघ और गौर देने के लिए कार्यवाही की जाए। इसके बदले में आंध्रप्रदेश से वाइल्ड डाग्स या अन्य वन्य प्राणी लेने के प्रयास किए जाएं। इसी प्रकार राजस्थान सरकार द्वारा सोन चिड़िया देने पर सहमति व्यक्त की गई है। उनसे सोन चिड़िया प्राप्त कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स की तर्ज पर वनों के संगठित अपराधों के सख्ती से नियंत्रण के लिए 'राज्य स्तरीय टास्क फोर्स' का गठन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसी प्रकार वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन मुख्यालय स्तर पर 'कमाण्ड एवं कन्ट्रोल रूम' की स्थापना के प्रस्ताव को भी अनुमोदन दिया। उन्होंने खनिज के परिवहन के लिए वन विभाग को 'परिवहन अनुज्ञा शुल्क' में वृद्धि करने के प्रस्ताव को भी अनुमति दी। उन्होंने कहा कि मानव और वन्य जीव द्वन्द को राज्य आपदा घोषित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि ऐसे द्वन्द में प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और आपदा मोचन बल मिलकर ऐसी आपदा का समुचित प्रबंधन कर सकेंगे।  

*बढ़ाई जाएगी सहायक महावतों की संख्या*
बैठक में प्रमुख सचिव वन संदीप यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि राजस्थान से सोन चिड़िया प्राप्त कर उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों से घाटीगांव और गांधीसागर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल 52 चीतें मौजूद हैं, इनमें से 32 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जन्में हैं। सागर जिले के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को प्रदेश में चीतों के तीसरे घर के रूप में विकसित किया जा रहा है। मंदसौर जिले के गांधीसागर अभ्यारण में नर-मादा (दो) चीते जुलाई 2026 में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाघ, चीता, तेंदुआ, भेड़िया, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या और इनके संरक्षण के मामले में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। प्रमुख सचिव यादव ने बताया कि प्रदेश में पांच स्थानों यथा कान्हा, बांधवगढ़, पेंच एवं पन्ना नेशनल पार्क के समीप वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जंगली हाथियों का प्रबंधन सीखने के लिए वन विभाग की एक टीम पश्चिम बंगाल गई है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश की सीमा में मौजूद 6 हाथियों को रेडियो कॉलर लगाने की अनुमति दे दी गई है। प्रदेश में हाथियों के अनुरक्षण के लिए सहायक महावत के पद बढ़ाए जाएंगे। वन राजस्व भूमि सीमा विवाद के निराकरण के लिए वन व्यवस्थापन अधिकारी के पद को और अधिकार सम्पन्न बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनूपपुर एवं डिण्डौरी जिलों के जंगलों में साल बोरर आपदा देखने को मिली है। यह बीमारी 30 साल में एक बार देखने मे आती है। पिछली बार 1997 में यह बीमारी आई थी। इस आपदा के विमोचन के लिए अतिरिक्त बजट से बीमारीग्रस्त वृक्षों का विदोहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 में कुल 17.76 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण हुआ है। तेंदुपत्ता संग्राहकों को इस साल कुल 710.71 करोड़ रुपए की तेंदूपत्ता बोनस राशि वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 700 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने के लिए कार्यवाही की जा रही है।</description>
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    <title>20 जून को आएगी पीएम किसान की अगली किस्त</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-18 19:32:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के करोड़ों किसानों को 20 जून को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा योजना की 23वीं किस्त जारी की जाएगी, जिसके तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। इस किस्त से देशभर के लगभग 9 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिसमें प्रत्येक चार माह के अंतराल पर 2-2 हजार रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा उनकी आय को सुदृढ़ करना है।

खरीफ सीजन की शुरुआत के समय मिलने वाली यह राशि किसानों के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही है। किसान इस धनराशि का उपयोग बीज, खाद, कीटनाशक तथा अन्य कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति में कर सकेंगे। इससे खेती की लागत का कुछ भार कम होगा और किसानों को समय पर कृषि कार्य करने में सहायता मिलेगी।

कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया, बैंक खाते की जानकारी तथा आधार लिंकिंग की स्थिति की जांच कर लें। जिन किसानों की ई-केवाईसी या अन्य आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया अधूरी होगी, उन्हें किस्त मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी पात्र किसानों को समय रहते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है।

योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहे किसान अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति ऑनलाइन माध्यम से भी देख सकते हैं। यदि किसी किसान के खाते में पूर्व की किस्त नहीं पहुंची है या कोई तकनीकी समस्या है, तो संबंधित विभाग से संपर्क कर उसका निराकरण कराया जा सकता है।

सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 20 जून को जारी होने वाली 23वीं किस्त से लाखों किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
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    <title>90% शिक्षकों पर पड़ सकता है तबादला नीति का असर, नई शर्तों से बढ़ी नाराजगी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-18 16:21:08</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में मनचाहे स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया 19 जून से शुरू होने जा रही है। विभाग द्वारा 23 जून तक स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे, लेकिन नई शर्तों को लेकर शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि बनाए गए नियम इतने सख्त हैं कि बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन करने से ही वंचित हो जाएंगे।

शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने दावा किया है कि वर्तमान नियमों के कारण प्रदेश के लगभग 95 प्रतिशत शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया का लाभ नहीं ले सकेंगे। संगठन ने सरकार से नियमों में संशोधन कर राहत देने की मांग की है।

 तीन प्रमुख शर्तों पर सबसे ज्यादा आपत्ति

तबादला नीति में सबसे अधिक विरोध 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को लेकर हो रहा है। शिक्षकों का कहना है कि कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे अनेक शिक्षकों की उपस्थिति निर्धारित मानक से कम रह गई है।

दूसरी बड़ी शर्त जनगणना ड्यूटी से जुड़ी है। वर्तमान में प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षक जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। विभागीय निर्देशों के अनुसार जनगणना ड्यूटी में संलग्न शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए जाएंगे। यहां तक कि पहले से जारी प्रशासनिक तबादला आदेश भी प्रभावहीन माने जा सकते हैं।

तीसरी शर्त के तहत केवल वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे जिनकी सेवा अवधि तीन वर्ष या उससे अधिक पूर्ण हो चुकी है। तीन वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षक इस प्रक्रिया से बाहर रहेंगे।

 4.25 लाख शिक्षकों पर असर

प्रदेश में लगभग 4.25 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें करीब 1.75 लाख प्राथमिक शिक्षक, 1.50 लाख माध्यमिक शिक्षक और लगभग 1 लाख उच्च माध्यमिक शिक्षक (व्याख्याता) शामिल हैं। पारिवारिक, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत कारणों से वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हजारों शिक्षक नई शर्तों से निराश बताए जा रहे हैं।

 किन शिक्षकों के नहीं होंगे तबादले

* जिनकी ड्यूटी जनगणना कार्य में लगी हुई है।
* जिनकी सेवा अवधि तीन वर्ष से कम है।
* जिनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है।
* जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम समय शेष है।
* जिनका गृह जिला और वर्तमान पदस्थापना जिला एक ही है।

हालांकि विभाग ने अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं तथा स्वयं या पति-पत्नी की गंभीर बीमारी जैसी विशेष परिस्थितियों में गृह जिले या सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापना पर विचार करने का प्रावधान रखा है।

 सरकार से नियमों में राहत की मांग

शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि ई-अटेंडेंस, जनगणना ड्यूटी और तीन वर्ष की सेवा अवधि जैसी शर्तों में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाए। उनका कहना है कि यदि नियमों में लचीलापन नहीं बरता गया तो बड़ी संख्या में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रह जाएंगे और स्वैच्छिक तबादला व्यवस्था का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।

19 जून से शुरू होने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया पर अब पूरे प्रदेश के शिक्षकों की नजरें टिकी हैं। शिक्षक संगठनों का मानना है कि सरकार अंतिम समय में कुछ राहत देती है तो हजारों शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है।
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    <title>शासकीय भूमि और हैंडपंप विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से मारपीट का वीडियो वायरल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-18 14:55:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भदौरा के चौहट्टा टोला में गुरुवार सुबह शासकीय भूमि और सार्वजनिक हैंडपंप को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से जमकर मारपीट होने लगी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, गांव में शासकीय भूमि पर कथित कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार सुबह विवादित स्थल के समीप स्थित सार्वजनिक हैंडपंप के उपयोग को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में उग्र संघर्ष में बदल गई।

वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में तिवारी परिवार के तीन लोगों को हाथों में लाठी-डंडे लेकर मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। वहीं कुछ महिलाओं के साथ भी मारपीट होती दिखाई दे रही है। हालांकि विवाद केवल एक पक्ष तक सीमित नहीं था, बल्कि दोनों पक्षों के बीच संघर्ष हुआ है और दोनों ओर से लोग घायल हुए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना में रमेश तिवारी, अमित तिवारी, सुमित तिवारी, गोबिंद सेन और मुन्ना सेन सहित दोनों पक्षों के कई लोग शामिल रहे। मारपीट के दौरान महिलाओं की भी मौजूदगी रही और वे भी विवाद की चपेट में आ गईं।

घटना में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए जिला अस्पताल सीधी भेजा गया है। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, हालांकि पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।

मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे तथा जांच के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    <title>सीएम डॉ. मोहन ने आईटी पार्क-3 का किया निरीक्षण, बोले- एमपी को बनाएंगे एडवांस सर्विस सेंटर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-18 12:58:25</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/इंदौर(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी आईटी और सेवा क्षेत्र का केंद्र बनाने का है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन (UIMR) इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4 आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इकोसिस्टम तैयार करेंगी, जो मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर को हम मध्यप्रदेश के आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं । आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इकोसिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित किये जा रहे आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल केपीबिलिटी सेंटर (GCC) और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।

मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ आईटी पार्क
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि निर्माणाधीन आईटी पार्क 557 करोड़ रुपए की लागत से ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। विश्वस्तरीय यह 22 मंजिला भवन 11.25 लाख वर्गफीट के कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ आईटी पार्क बनने जा रहा है।</description>
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    <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एमपी प्रवास पर, सीएम डॉ. मोहन बोले- राज्य के लिए अहम है उनका दौरा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-18 12:29:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/इंदौर(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। इसके बाद वे मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पावन धरती, मां अहिल्या की नगरी में लोकतंत्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति जी का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत है। आज राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट तथा अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ राष्ट्रपति जी का स्वागत करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को गति प्रदान कर रही है। राष्ट्रपति जी का मध्यप्रदेश प्रवास अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी तथा सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी सहभागी होंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपति जी ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। इससे स्वयंसेवी एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मैं मध्यप्रदेश की जनता की ओर से महामहिम राष्ट्रपति जी का स्वागत, अभिनंदन एवं वंदन करता हूं तथा विश्वास व्यक्त करता हूं कि उनका यह दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है। हमने नक्सलवाद के ‘लाल सलाम’ को अंतिम सलाम देने का कार्य किया है। बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जैसे क्षेत्रों में विकास की नई बयार बह रही है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं प्रगति का वातावरण निर्मित हुआ है।

देश-दुनिया के लिए आश्चर्य का विषय बने एमपी के कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड दुर्घटना से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने कचरे के सुरक्षित निस्तारण का कार्य संपन्न कर भोपाल गैस त्रासदी के दंश से मुक्ति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नदी जोड़ो अभियान सहित अनेक बड़े विकास कार्य मध्यप्रदेश में संपन्न हुए हैं, जो देश-दुनिया के लिए आश्चर्य और प्रेरणा का विषय बने हैं। चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश ने विश्व स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के अवसर पर धार स्थित भोजशाला में शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा एवं नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। भोजशाला से जुड़े लगभग 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय हुआ है।

प्रदेश के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तथा उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की नई संस्थाओं की स्थापना की गई है। देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में मध्यप्रदेश अग्रणी है तथा पीएम एक्सीलेंस कॉलेज की अवधारणा को सबसे पहले मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया। विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। आगामी ढाई वर्षों में प्रदेश में सिंचित क्षेत्र का विस्तार कर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार बनने से पूर्व प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो बढ़कर पहले 1 लाख 30 हजार रुपये हुई और वर्तमान में 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है। हमारी सरकार प्रदेशवासियों की आय एवं समृद्धि बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रति व्यक्ति आय को लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।</description>
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    <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर, इंदौर से कूनो तक विभिन्न कार्यक्रमों में होंगी शामिल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-18 07:55:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 जून से 22 जून तक पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान वे इंदौर, बैतूल, खंडवा जिले के ओंकारेश्वर, जबलपुर, ग्वालियर एवं श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु 18 जून को इंदौर पहुंचेंगी। इसके बाद वे बैतूल में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “एम्पावरमेंट ऑफ ट्रायबल सोसायटी बाय स्पिरिचुअल अवेकनिंग” कार्यक्रम में सहभागिता करेंगी। इसी दिन वे ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं आरती में शामिल होंगी।

19 जून को राष्ट्रपति अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगी। इसके बाद 20 जून को वे जबलपुर पहुंचेंगी। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में भी सहभागिता करेंगी।

प्रवास के अंतिम दिन 22 जून को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगी। इसके पश्चात वे ग्वालियर पहुंचकर नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

राष्ट्रपति के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर राज्य शासन ने विभिन्न स्थानों पर उनकी अगवानी एवं विदाई के लिए मंत्रियों को “मिनिस्टर-इन-वेटिंग” नामित किया है। इंदौर में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, बैतूल में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, ओंकारेश्वर में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी, जबलपुर में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, श्योपुर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला तथा ग्वालियर में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट राष्ट्रपति की अगवानी एवं विदाई की जिम्मेदारी निभाएंगे।

राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर संबंधित जिलों में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
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  <item>
    <title>एमपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 29 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले, रीवा को मिला नया कमिश्नर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 20:27:11</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार ने बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 29 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई संभागीय आयुक्त, सचिव, आयुक्त एवं विभागाध्यक्ष स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

तबादला सूची में सबसे चर्चित बदलाव रीवा संभाग में हुआ है। रीवा संभाग के आयुक्त बाबू सिंह जामोद को सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग बनाया गया है, जबकि वर्तमान में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव रहे शीलेन्द्र सिंह को रीवा संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है।

भोपाल संभाग में भी बड़ा बदलाव किया गया है। भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह को सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया आयुक्त बनाया गया है।

राजस्व विभाग में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। डॉ. ई. रमेश कुमार को प्रमुख सचिव राजस्व विभाग एवं राहत आयुक्त बनाया गया है, जबकि विवेक कुमार पोरवाल को प्रमुख सचिव खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार ने सहकारिता, ऊर्जा, जनजातीय कार्य, स्कूल शिक्षा, वित्त, ग्रामीण आजीविका मिशन, उद्यानिकी, स्वास्थ्य, निर्वाचन आयोग तथा अन्य विभागों में भी व्यापक स्तर पर पदस्थापनाएं की हैं। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं।

आदेश के अनुसार अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं अनिरुद्ध मुखर्जी को पर्यावरण विभाग, पर्यावरण आयुक्त एवं एप्को महानिदेशक का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। प्रमुख सचिव गुलशन बामरा को अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

प्रदेश सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को आगामी विकास योजनाओं, विभागीय कार्यों में तेजी और प्रशासनिक कसावट से जोड़कर देखा जा रहा है।

मुख्य बदलाव एक नजर में

* बाबू सिंह जामोद → सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग
* शीलेन्द्र सिंह → आयुक्त, रीवा संभाग
* संजीव सिंह → सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग
* कर्मवीर शर्मा → आयुक्त, भोपाल संभाग
* डॉ. ई. रमेश कुमार → प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग
* विवेक कुमार पोरवाल → प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग
* दीपक सिंह → आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं
* अमित तोमर → ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा आयुक्त

 29 IAS अधिकारियों की तबादला सूची

| क्र. | अधिकारी का नाम      | वर्तमान पद                                  | नवीन पद                                             |
| ---- | ------------------- | ------------------------------------------- | --------------------------------------------------- |
| 1    | मुकेश चन्द गुप्ता   | सचिव, मानव अधिकार आयोग                      | प्रमुख सचिव, जेल विभाग                              |
| 2    | डॉ. ई. रमेश कुमार   | प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण           | प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग एवं राहत आयुक्त           |
| 3    | विवेक कुमार पोरवाल  | प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग                   | प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग                        |
| 4    | संजीव सिंह          | आयुक्त, भोपाल संभाग                         | सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग                     |
| 5    | बाबू सिंह जामोद     | आयुक्त, रीवा संभाग                          | सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग                    |
| 6    | दीपक सिंह           | सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग                   | आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं                   |
| 7    | आलोक कुमार सिंह     | सचिव, मुख्यमंत्री                           | पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक             |
| 8    | अमित तोमर           | पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक     | प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम                     |
| 9    | सतेन्द्र सिंह       | संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं   | आयुक्त-सह-संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण |
| 10   | कर्मवीर शर्मा       | खाद्य आयुक्त                                | आयुक्त, भोपाल संभाग                                 |
| 11   | भास्कर लक्षकार      | आयुक्त, कोष एवं लेखा                        | खाद्य आयुक्त एवं संचालक                             |
| 12   | दिनेश श्रीवास्तव    | संचालक, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण     | राज्य निर्वाचन आयोग में सचिव                        |
| 13   | शीलेन्द्र सिंह      | सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग            | आयुक्त, रीवा संभाग                                  |
| 14   | सौरव कुमार सुमन     | आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण   | आयुक्त-सह-संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण    |
| 15   | नेहा मारव्या सिंह   | अपर सचिव, जनजातीय कार्य विभाग               | संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं           |
| 16   | मनोज पुष्प          | आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं           | संचालक, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण             |
| 17   | प्रीति जैन          | संभागीय सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल इंदौर    | संयुक्त आयुक्त (लिटिगेशन एवं समन्वय), इंदौर         |
| 18   | रोहित सिंह          | अपर सचिव, वित्त विभाग                       | प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम                    |
| 19   | हर्षिका सिंह        | CEO, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन             | संचालक, बजट                                         |
| 20   | भारती जाटव ओगरे     | अपर सचिव, खनिज साधन विभाग                   | अपर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग                        |
| 21   | अमनबीर सिंह बैंस    | प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम             | आयुक्त, कोष एवं लेखा                                |
| 22   | कैलाश वानखेड़े      | अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन                   | अपर सचिव, ऊर्जा विभाग                               |
| 23   | अमर बहादुर सिंह     | अपर आयुक्त (राजस्व), जबलपुर                 | अपर सचिव, जनजातीय कार्य विभाग                       |
| 24   | पवन कुमार जैन       | अपर आयुक्त (राजस्व), सागर                   | उप सचिव, सहकारिता विभाग                             |
| 25   | रानी बाटड           | उप सचिव, सहकारिता विभाग                     | उप सचिव, श्रम विभाग                                 |
| 26   | विनय निगम           | महाप्रबंधक, पाठ्य पुस्तक निगम               | CEO, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन                     |
| 27   | मंजूषा विक्रांत राय | उप सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग                 | उप सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग                    |
| 28   | शैली कनाश           | संयुक्त आयुक्त (लिटिगेशन एवं समन्वय), इंदौर | संभागीय सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल इंदौर            |
| 29   | अरविन्द कुमार शाह   | अपर आयुक्त, नगर निगम जबलपुर                 | CEO, आयुष्मान भारत, भोपाल                           |

 अतिरिक्त प्रभार प्राप्त अधिकारी

* के.सी. गुप्ता – कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार
* अनिरुद्ध मुखर्जी – पर्यावरण विभाग, पर्यावरण आयुक्त एवं एप्को महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार
* गुलशन बामरा – प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार
* सोनिया मीना – आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त का अतिरिक्त प्रभार

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  <item>
    <title>एक तरफ सीएम डॉ. यादव ने महिदपुर के लिए खोला खजाना, दूसरी तरफ कांग्रेस पर साधा निशाना</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 19:11:56</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/उज्जैन(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जून को उज्जैन के महिदपुर को बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 207.57 करोड़ की लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इन विकास कार्यों में 188.42 करोड़ रुपए की लागत के सामाकोटा बैराज सहित उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन, महाविद्यालय भवन और कुछ स्कूल भी सामिल हैं। इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन कांग्रेस पर भी भड़के। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कर्मों की वजह से गर्त में जा रही है। उन्होंने कहा कि महिदपुर की मावा बाटी और महिदपुर की गुलाटी दोनों प्रसिद्ध है। यहां आने का अलग ही आनंद है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का स्थान महिदपुर में है। समय गणना में भी यहां के डोंगला का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि राजा जयसिंह ने 300 साल पहले उज्जैन, बनारस, जयपुर, मथुरा और दिल्ली में वैधशालाओं (जंतर-मंतर) का निर्माण कराया। सम्राट विक्रमादित्य और आर्यभट्ट की विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने डोंगला में आधुनिक ऑब्जर्वेटरी बनवाई है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दुनिया अपनी घड़ी में डोंगला से स्टैंडर्ड टाइम तय करे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्र को मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा जी का आशीर्वाद प्राप्त है। मैया क्षिप्रा क्षेत्र के किसानों को अन्न पैदा करने के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराती है। महिदपुर इस मामले में भाग्यशाली है कि क्षिप्रा नदी पर बने सभी बांध और जलाशल महिदपुर में ही स्थित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य जारी हैं। डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन महिदपुर की नई तकदीर लिखेगा। महिदपुर शहर ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी अपनी अलग पहचान रखता है।

जन-कल्याण के लिए समर्पित हैं पीएम मोदी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में विश्व में भारत ने अपनी अलग छवि बनाई है। पीएम मोदी देश में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने देशवासियों को नि:शुल्क आवास, गरीबों को गैस और 5 लाख तक के नि:शुल्क इलाज की बड़ी सौगातें दी हैं। राज्य सरकार ने भी नवाचार करते हुए एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क पर घायलों की मदद करने वालों को सरकार 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। हमारी सरकार गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। 

किसानों-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सम्मान निधि और लाड़ली बहना को निरंतर राशि दी जा रही है। अब तक लाड़ली बहनों को 60 हजार करोड़ की राशि अंतरित कर चुकी है। हमारी सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं और बहनों के सम्मान के लिए कृत संकल्पित होकर आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने पिछला वर्ष उद्योग और रोजगार को और यह साल किसान कल्याण को समर्पित किया है। प्रदेश में लगभग 55 साल तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन सिंचाई का रकबा मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर था। उन्होंने कहा कि बंटाढार सरकार में किसान बिजली, पानी और सकड़ों के लिए तरस रहे थे। लेकिन 2002-03 से प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की शुरुआत हुई। वर्ष 2023 में हमारी सरकार बनने तक प्रदेश की 44 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित थी। अब ढाई साल में ही यह आंकड़ा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आगामी ढाई वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिया जा रहा है। किसानों को एमएसपी की गारंटी देकर 2652 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन पर भी किसानों को भावांतर योजना का लाभ दिया है। प्रदेश में किसानों के लिए सड़क, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली प्रदाय की जाएगी।

नौसिखिये चला रहे कांग्रेस को
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1894 में जब उज्जैन में परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं, तब अहिल्या महारानी के वंशज और तत्कालीन महाराज ने महिदपुर में सिंहस्थ का आयोजन कराया था। महिदपुर में महारानी गंगाबाई के नाम पर एक घाट भी बना है। उनकी वीरता और 1857 की क्रांति के सूर्यवीरों के अदम्य साहस, पुरुषार्थ एवं पराक्रम का गौरवशाली संग्राम महिदपुर की ऐतिहासिक धरा पर लड़ा गया, जिसने स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेसी माता-बहनों की इज्जत नहीं करते हैं। कांग्रेस अपने कर्मों के कारण गर्त में जा रही है। कांग्रेसियों के पप्पू और उनके चप्पू सभी एक लाइन में हैं। जब पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में कांग्रेस ने अपनी पार्टी की कमान नौसिखियों के हाथों में दी है। वे नौसिखिए गाड़ी आगे बढ़ाने की बजाय पीछे ठोंक रहे हैं।</description>
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    <title>पॉक्सो अधिनियम के संवेदनशील क्रियान्वयन एवं बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय स्टेकहोल्डर कार्यशाला आयोजित</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 19:06:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी द्वारा एडीआर भवन में जिला स्तरीय जागृति योजना-2025 के अंतर्गत ष्पॉक्सो अधिनियम के संवेदनशील क्रियान्वयन, बाल संरक्षण एवं सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्यष् विषय पर जिला स्तरीय स्टेकहोल्डर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

 	कार्यशाला का उद्देश्य पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी एवं संवेदनशील क्रियान्वयन के साथ बाल अधिकारों की सुरक्षा, पीड़ित बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में न्यायपालिका, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की।

 	इस अवसर पर तृतीय जिला न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार शर्मा एवं तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश राकेश जामरा ने पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि नाबालिग बालकों एवं बालिकाओं को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करना तथा उनके अधिकारों की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव, पीड़ित बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

 	न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अर्पिता त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि पॉक्सो मामलों में बालकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बाल गवाहों के बयान दर्ज करते समय गोपनीयता एवं संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि बच्चे पुनः मानसिक आघात का सामना न करें। उन्होंने समाज से पीड़ित बच्चों के प्रति सहानुभूति एवं सम्मान का भाव रखने की अपील करते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

 	कार्यशाला में बाल संरक्षण, किशोर न्याय प्रणाली, साइबर सुरक्षा, लैंगिक अपराधों की रोकथाम तथा पीड़ित बच्चों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा एवं कल्याण के लिए सभी विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्य करने तथा ष्सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्यष् के लक्ष्य को साकार करने का संकल्प लिया।

 	कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार शिवहरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अर्पिता त्रिपाठी, जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग प्रवेश कुमार मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार कड़वे, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति शांत शिरोमणि पयासी, सदस्य बाल कल्याण समिति सचीन्द्र मिश्रा, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड धर्मेन्द्र शुक्ला, सुप्रिया मिश्रा, दीपा मिश्रा (महिला सुरक्षा शाखा), जी.पी. सुखेन्द्र द्विवेदी, ए.जी.पी. श्रद्धा सिंह, पूजा गोस्वामी, ए.डी.पी.ओ. आसिता मिश्रा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार श्रीवास्तव एवं बाबूलाल सिंह, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल देवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी, सत्यप्रकाश पाण्डेय एवं ऋषभ सिंह, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</description>
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  <item>
    <title>तेजी से प्रगति कर रहा एमपी, सीएम डॉ. मोहन बोले- राम राज्य की भावना पर चल रही हमारी सरकार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 17:52:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/उज्जैन(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 जून को उज्जैन के नागदा के बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा व ध्वज पूजा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बना है। दुनिया देख रही है कि कैसे दूसरी सरकारों ने इस मंदिर की राह में रोड़े अटकाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरयू के किनारे भव्य मंदिर निर्माण हुआ और हमारा 500 वर्ष का लंबा संघर्ष पूर्ण हुआ। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 11 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। राज्य सरकार दो हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य चित्रकूट धाम का निर्माण कर रही है। प्रदेश में जहां-जहां प्रभु श्रीराम के चरण पड़े, हमारी सरकार उन्हें श्रीराम वन गमन पथ में शामिल कर विकसित कर रही है। भगवान श्री गोपाल कृष्ण से संबंधित धर्म स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, इंदौर और आसपास के सभी जिलों में विकास को गति मिल रही है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री बाल और पेयजल जैसी सभी बुनियादी व्यवस्थाएं करने की घोषणा की। 

*दूध उत्पादन को 12% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के विराट व्यक्तित्व से हमें मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की सीख मिलती है। प्रभु श्रीराम त्याग की प्रतिमूर्ति थे, वे एक आदर्श पुत्र, आदर्श पिता, आदर्श भाई थे। राम राज्य में नागरिकों को किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। इसी भावना के साथ हमारी सरकार गरीब, किसान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण द्वारा अंत्योदय के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हनुमान जी के जीवन का प्रत्येक क्षण प्रभु श्रीराम के लिए समर्पित था। हमें हनुमान जी के जीवन की अच्छाइयों को धारण करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान किया है। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में प्राकृतिक खेती और गोपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपए महीना सहायता दी जाएगी।</description>
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  <item>
    <title>सीधी में प्रशासनिक सर्जरी: 39 पटवारियों के तबादले,जारी हुए आदेश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 16:18:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कार्यालय सीधी द्वारा 39 पटवारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों तथा जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद यह स्थानांतरण सूची जारी की गई है। आदेश के अनुसार विभिन्न तहसीलों में पदस्थ पटवारियों को प्रशासनिक आधार पर नवीन पदस्थापना स्थल पर भेजा गया है।

जारी आदेश के तहत सिहावल, बहरी, कुसमी, रामपुर नैकिन, मड़वास, चुरहट, मझौली और गोपद बनास तहसीलों के पटवारी प्रभावित हुए हैं। कई पटवारियों को एक तहसील से दूसरी तहसील में स्थानांतरित किया गया है, जबकि कुछ को नए हल्कों में पदस्थ किया गया है।

स्थानांतरित किए गए प्रमुख पटवारियों में मुनिबादेश्वर सिंह, दिवाकर सिंह, नागेंद्र सिंह, राजीव सोनी, कमलेश साकेत, अंकित सिंह, राघवेंद्र नरवरिया, अनुज आदिवासी, रामलखन प्रजापति, विपिन सिंह, डिगनलाल सिंह, देवेन्द्र सिंह, राममिलन प्रजापति, अमरेश तिवारी, राजीव तिवारी, विकास पाण्डेय, प्रवीणा शुक्ला, आशीष तिवारी, रविशंकर शुक्ला, रामबहोर कोल, राजकुमार सिंह, अतुल कुमार तिवारी सहित कुल 39 पटवारी शामिल हैं।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित पटवारियों को सात दिवस के भीतर कार्यमुक्त करना अनिवार्य होगा। इस अवधि में सामान्यतः किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति अनुपस्थित पाया जाता है तो उसकी अनुपस्थिति को "डाइज नान" मानते हुए विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अपर कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।


 सीधी जिले में स्थानांतरित पटवारियों की सूची

| क्र. | पटवारी का नाम            | वर्तमान पदस्थापना            | नवीन पदस्थापना            |
| ---- | ------------------------ | ---------------------------- | ------------------------- |
| 1    | मुनिबादेश्वर सिंह        | राजगढ़, सिहावल               | मझौली                     |
| 2    | दिवाकर सिंह              | घोपारी, सिहावल               | कुसमी                     |
| 3    | नागेंद्र सिंह            | मुर्दाड़ीह, सिहावल           | रामपुर नैकिन              |
| 4    | राजीव सोनी               | पोखडौर, बहरी                 | चुरहट                     |
| 5    | कमलेश साकेत              | भनमारी, बहरी                 | मड़वास                    |
| 6    | अंकित सिंह               | लौआर नानकार, बहरी            | अमरोला, कुसमी             |
| 7    | राघवेंद्र नरवरिया        | नकझर कला, बहरी               | कुसमी                     |
| 8    | अनुज आदिवासी             | ददरी कला, बहरी               | चुरहट                     |
| 9    | रामलखन प्रजापति          | कुशियारी, बहरी               | चुरहट                     |
| 10   | विपिन सिंह               | डिहुली नंबर-3, सिहावल        | रामपुर नैकिन              |
| 11   | डिगनलाल सिंह             | डिहुली खास, सिहावल           | मड़वास                    |
| 12   | देवेन्द्र सिंह           | चन्दोही डोल, मड़वास          | मझौली                     |
| 13   | राममिलन प्रजापति         | धुपखड़, कुसमी                | रामपुर नैकिन              |
| 14   | अमरेश तिवारी             | भरतपुर, रामपुर नैकिन         | मड़वास                    |
| 15   | राजीव तिवारी             | जमोड़ी सेंगरान, गोपद बनास    | पड़रा, गोपद बनास          |
| 16   | विकास पाण्डेय            | जमोड़ी खुर्द, गोपद बनास      | सीधी गिर्द, गोपद बनास     |
| 17   | प्रवीणा शुक्ला           | खैरा, बहरी                   | जमोड़ी कला, गोपद बनास     |
| 18   | आशीष तिवारी              | सिहावल (सम्बद्ध गोपद बनास)   | खैरी, गोपद बनास           |
| 19   | रविशंकर शुक्ला           | सीधी गिर्द, गोपद बनास        | जमोड़ी सेंगरान, गोपद बनास |
| 20   | रामबहोर कोल              | उमरिया, कुसमी                | कुन्दौर, कुसमी            |
| 21   | राजकुमार सिंह            | कुन्दौर, कुसमी               | उमरिया, कुसमी             |
| 22   | अतुल कुमार तिवारी        | लुरघुटी, कुसमी               | गोपद बनास                 |
| 23   | रामचरण प्रजापति          | खोरी, बहरी                   | गोपद बनास                 |
| 24   | अमित सिंह                | टिकरी, मड़वास                | बरिगवां, गोपद बनास        |
| 25   | रणबहादुर सिंह            | सिहावल                       | मड़वास                    |
| 26   | शुभम दांगी               | मोहनी, रामपुर नैकिन          | पटौहा, चुरहट              |
| 27   | नवनीत सिंह               | शंकरपुर, कुसमी               | चुरहट                     |
| 28   | चन्द्र प्रताप सिंह       | जूरी, कुसमी                  | मझौली                     |
| 29   | मो. इस्लाम               | कंजवार, मड़वास               | रामपुर नैकिन              |
| 30   | दीपक कुमार शुक्ला        | पड़रा, गोपद बनास             | डैनिहा, गोपद बनास         |
| 31   | उपेन्द्र सिंह            | नौढ़िया, गोपद बनास           | सेमरिया, गोपद बनास        |
| 32   | अतुल कुमार सिंह          | पनवार चौहानन टोला, गोपद बनास | जमोड़ी खुर्द, गोपद बनास   |
| 33   | अशोक कुमार गिरि          | बड़ेसर, रामपुर नैकिन         | चुरहट                     |
| 34   | नन्दलाल पटेल             | दुआरी, कुसमी                 | चुरहट                     |
| 35   | जितेन्द्र कुमार द्विवेदी | धुंआडोल, मड़वास              | पटेहरा खुर्द, गोपद बनास   |
| 36   | राजीव सिंह               | अमगांव, कुसमी                | मझौली                     |
| 37   | अरविन्द द्विवेदी         | पटेहरा खुर्द, गोपद बनास      | झगरहा, गोपद बनास          |

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    <title>सीधी की स्वास्थ्य कुर्सी पर फिर 'खरे-खरे' प्रयोग! आखिर सरकार का इशारा किस ओर?</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 11:56:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)। प्रदेश में तबादलों की बयार चल रही है और सीधी भी इससे अछूता नहीं रहा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का तबादला कर दिया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद एक और आदेश सामने आया और सीधी की सीएमएचओ कुर्सी पर एक और "खरे" की ताजपोशी हो गई।

अब जिले में चर्चा यह नहीं है कि कौन आया और कौन गया, बल्कि चर्चा इस बात की है कि क्या स्वास्थ्य विभाग को लगता है कि सीधी की यह कुर्सी सिर्फ "खरे" नाम वालों के लिए ही आरक्षित है!
वैसे सीधी में सीएमएचओ और सिविल सर्जन की कुर्सियों के इर्द-गिर्द वर्षों से चर्चाओं, समीकरणों और खींचतान का लंबा इतिहास रहा है। ऐसे में जैसे ही नया आदेश आया, गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई कि सरकार के बहादुर का आशीर्वाद आखिर किस दिशा में बह रहा है।

लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि तबादला तो "खरे" का हुआ है, लेकिन सीधी का स्वास्थ्य महकमा अभी भी "खरे युग" से बाहर निकलने को तैयार नहीं दिख रहा। मानो विभाग का मानना हो कि "खरे जाएँ तो खरे आएँ", तभी व्यवस्था का संतुलन बना रहेगा।

अब सबकी निगाहें सरकार बहादुर पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि यह नया अध्याय स्थायी साबित होता है या फिर तबादलों के इस मौसम में कोई और आदेश नई कहानी लिख देता है।
फिलहाल इतना तो तय है कि सीधी के स्वास्थ्य महकमे में कुर्सियाँ बदल रही हैं, लेकिन चर्चाओं का विषय अब भी वही पुराना है—"खरे गए, खरे आए!</description>
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  <item>
    <title>एक दिन की मोहलत के बाद एमपी में 5 हजार तबादले, देर रात तक जारी रही प्रशासनिक सर्जरी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 11:38:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में तबादला अवधि समाप्त होने से पहले सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए करीब 5 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तबादलों की अंतिम तिथि 15 जून से बढ़ाकर 16 जून की मध्यरात्रि तक कर दी गई थी, जिसके बाद विभिन्न विभागों ने बड़ी संख्या में तबादला आदेश जारी किए। ([Patrika News][1])

जानकारी के अनुसार, कई विभागों में मंत्रियों की मंजूरी मिलने के बावजूद तकनीकी कारणों और ई-ऑफिस सिस्टम पर बढ़े दबाव के चलते समय पर आदेश जारी नहीं हो सके थे। इस मुद्दे को कैबिनेट बैठक में उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने एक दिन की अतिरिक्त अवधि देने का निर्णय लिया। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने तत्काल आदेश जारी किए और देर रात तक स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी रही। ([Patrika News][1])

तबादलों की इस प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य एवं वन विभाग सहित कई विभागों के कर्मचारी और अधिकारी प्रभावित हुए हैं। वहीं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भी बड़ी सूची जारी की गई। सरकार ने 56 पदोन्नत एडीएम सहित 155 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के स्थानांतरण किए, जबकि डिप्टी कलेक्टर स्तर के 99 अधिकारियों का भी तबादला किया गया। ([Patrika News][1])

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 जून से तबादला नीति लागू हुई थी और 15 जून तक स्थानांतरण किए जाने थे। सरकार ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया संचालित की थी। ([Patrika News][2])



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    <title>सीएम 207 करोड़ की सौगात देंगे आज, सामाकोटा बैराज का करेंगे लोकार्पण</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-17 08:32:59</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>उज्जैन(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री Mohan Yadav आज बुधवार को उज्जैन जिले की झारड़ा तहसील में 188.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण करेंगे। छोटी कालीसिंध नदी पर बने इस बैराज से क्षेत्र के 18 गांवों के 11 हजार से अधिक किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।

परियोजना की जल संग्रहण क्षमता 17.57 मिलियन घन मीटर है। बैराज के माध्यम से 7,236 हेक्टेयर कृषि भूमि में पाइपलाइन पद्धति से सिंचाई की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को बेहतर जल उपलब्धता और कृषि उत्पादन में वृद्धि का लाभ मिलेगा।

सामाकोटा बैराज परियोजना से नलखेड़ा, पनोडिया, नीमखेड़ा, घट्टियाजस्सा, मेलाखेड़ी, खोरियापदमा, खेरला, लसूड़ियानहाटा, नागपुरा, छज्जुखेड़ी, देलाखेड़ी, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, कसोन, महिदपुरिया, सोमचिड़ी और झारड़ा सहित अनेक गांवों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

मुख्यमंत्री इस अवसर पर 19 करोड़ रुपये से अधिक लागत के अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे। इनमें उच्च शिक्षा विभाग का नया महाविद्यालय भवन, सेमलिया, महिदपुर रोड और कुंडीखेड़ा के कन्या विद्यालय भवन, मोचीखेड़ा का 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र तथा झारड़ा क्षेत्र के 13 उप स्वास्थ्य केंद्र भवन शामिल हैं।

इस प्रकार मुख्यमंत्री लगभग 207 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित करेंगे, जिससे सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

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    <title>उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीएम डॉ. मोहन की बड़ी सौगात, अब वे पुलिस में कर सकेंगे नौकरी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-16 21:32:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके करियर के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। वे पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती फिर शुरू करने जा रहे हैं। इसके लिए गृह विभाग ने 'मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021' में महत्वपूर्ण संशोधन भी कर दिए हैं। इस संबंध में 15 जून को अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है। संशोधित नियमों के माध्यम से उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन, पात्रता एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया गया है।

गौरतलब है कि इन संशोधनों से अब मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शासकीय सेवा के लिए अन्य राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने ही राज्य में मध्यप्रदेश पुलिस के अंतर्गत 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक के पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। सीएम डॉ. यादव की यह पहल खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी को निरंतर जारी रखने में भी सहायक होगी। गृह विभाग नए प्रावधानों के तहत खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से हर साल आयोजित करेगा। इससे खिलाड़ियों को स्थायी और संरचित अवसर मिलेंगे। होंगे। यह पहल राज्य में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

मापदंडों में मिलेगी छूट
बता दें, नए संशोधन के तहत पुलिस मुख्यालय हर साल आरक्षक और उप निरीक्षक पदों की रिक्तियों का विज्ञापन देंगे। पदक विजेताओं के साथ अब ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमण्डल खेलों में सहभागिता करने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंड (ऊंचाई) में पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से भी छूट रहेगी। उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्तियां किसी आरक्षित वर्ग के अंतर्गत न होकर अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में शामिल की जाएंगी। केवल वे खेल विधाएं मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रही हों। मेरिट अंक समान होने की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण ओलंपिक, एशियाई खेल, विश्व कप आदि की प्राथमिकता तथा खिलाड़ी की आयु के आधार पर किया जाएगा।

कौन बन सकेगा उप निरीक्षक
उप निरीक्षक पद पर केवल उन उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति प्रदान की जाएगी, जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमण्डल खेल, विश्व कप-विश्व चैम्पियनशिप में सहभागिता की हो। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत अथवा कांस्य पदक विजेता और सहभागिता करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे।

कौन बन सकेगा आरक्षक
उप निरीक्षक पद के लिए पात्र सभी खिलाड़ी, जो खिलाड़ी उप निरीक्षक पद हेतु निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, वे आरक्षक पद के लिए भी स्वतः पात्र माने जाएंगे। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी। अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के पात्र होंगे।</description>
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    <title>NEET: सीएम डॉ. मोहन ने की समीक्षा, कहा- जरूरत पड़े तो पुलिस-अधिकारी अपनी गाड़ी से ले जाएं परीक्षार्थियों को</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-16 17:36:18</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 जून को मंत्रालय में नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा 21 जून को होने जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जरिये हो रही समीक्षा के दौरान सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नीट राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसके लिए सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं। बेहतर प्रबंधन एवं कार्य कुशलता से पूरी पारदर्शिता के साथ यह परीक्षा सम्पन्न कराएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजन में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी या त्रुटि न रहे। परीक्षा कराने में संलग्न सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन करें। यह परीक्षा प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों में सम्पन्न कराई जाएगी। नीट परीक्षा की कुल अवधि 'सवा तीन घंटे' की होगी। इस बार सभी परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीट परीक्षा के समन्वयक उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी परीक्षा केन्द्रों में लगाई जाने वाली बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी कैमरे एवं जैमर 19 जून को ही परीक्षा केन्द्रों में लगा दिए जाएं और 20 जून को इनका ट्रायल रन भी कर लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 21 जून को राष्ट्रपति महोदया का जबलपुर प्रवास प्रस्तावित है। जबलपुर शहर में 24 केंद्रों में नीट परीक्षा होनी है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी यातायात का ऐसा प्रबंधन करें कि सभी परीक्षार्थी बिना किसी बाधा के अपने-अपने परीक्षा केंद्रों में सुगमता से पहुंच जाएं। 

परीक्षार्थियों की सुविधा का रखें ख्याल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि नीट परीक्षा के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में भी होने हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखा जाए कि इन आयोजनों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। यातायात का बेहतर नियोजन करें। सुनिश्चित करें कि सभी परीक्षार्थी तय समय से पहले तक केन्द्रों में पहुंच जाएं। यदि किसी परीक्षार्थी को सेंटर तक पहुंचने में आवागमन के साधन की परेशानी आ रही है तो प्रशासन और पुलिस अधिकारी किसी शासकीय वाहन या खुद अपने वाहन से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने परीक्षा केंद्रों वाले सभी 30 जिलों के कलेक्टर्स-एसपी और परीक्षा सम्पन्न कराने की व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया कि नीट परीक्षा की तैयारियों के लिए उपयोग में लाई गई एसओपी अब प्रदेश में होने वाली सभी परीक्षाओं में उपयोग में लाई जाएगी। परीक्षा केन्द्रों वाले जिलों के पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारियों ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से जुड़कर परीक्षा की अब तक की तैयारियों की जानकारी दी।

परीक्षा के लिए हुआ समितियों का गठन
अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क अनुपम राजन ने बताया कि नीट परीक्षा आयोजन के लिए जिलास्तरीय समन्वय समिति का गठन कर इनकी बैठकें भी कर ली गई है। नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर जिला नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गई है। प्रत्येक 3-4 परीक्षा केन्द्रों के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर सहायक उपनिरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की गई है। राजन ने बताया कि नीट परीक्षा आयोजन के लिए संबंधित जिलों में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं। परीक्षा के प्रश्नपत्र प्रदेश के पांच एयरपोर्ट के जरिए पहुंच चुके हैं। प्रश्न पत्र एनटीए द्वारा तय किए गए दो अधिसूचित बैंकों में सुरक्षित रखे गए हैं। परीक्षा के दिन वाहनों की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। इन वाहनों की जानकारी आज शाम तक एनटीए को दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों में दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। बाहरी सुरक्षा परत राज्य पुलिस / होमगार्ड की होगी। आंतरिक सुरक्षा परत एनटीए द्वारा नियुक्त एजेंसी की रहेगी। महिला विद्यार्थियों के लिए अलग से फ्रिस्किंग सुविधा रहेगी। इसके लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। 

परीक्षा केंद्रों पर होगी हर प्रकार की सुविधा
अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क अनुपम राजन ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर जनरेटर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी। परीक्षा कक्ष में उचित प्रकाश व्यवस्था तथा पंखे चालू अवस्था में हों, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। परीक्षा केंद्रों में सभी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस और ग्लूकोज़ की व्यवस्था, प्रत्येक केंद्र पर एक प्राथमिक स्वास्थ्यकर्मी एवं प्राथमिक उपचार किट, नियंत्रण कक्ष में डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की स्वास्थ्य टीम भी रहेगी, जिनका प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रहेगा। परीक्षा केंद्र में विद्यार्थियों के साथ आने वाले परिजनों-अभिभावकों-संरक्षकों के लिए पर्याप्त आकार का टेंट और मोबाइल शौचालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक क्लॉक रूम भी होगा। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए समुचित तरीके से भीड़ प्रबंधन किया जाएगा, साथ ही शहर से दूर स्थापित परीक्षा केंद्र तक विद्यार्थियों को पहुंचाने के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि एनटीए द्वारा एयरफोर्स के जरिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जा रहे है। बालाघाट में हेलिकॉप्टर से प्रश्न प्रत्र पहुंचाए जा रहे हैं।

इन जिलों में होगी नीट की परीक्षा
नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा - 2026 मध्यप्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केन्द्रों में होगी। यह परीक्षा इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट, अशोकनगर, छतरपुर, रतलाम, बड़वानी, खरगौन, धार, खंडवा, नर्मदापुरम्, दमोह, दतिया, देवास, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा और सतना जिले में होगी। परीक्षा की तिथि: रविवार, 21 जून 2026। परीक्षा का समय: दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक। परीक्षा की समयावधिः 3 घंटे 15 मिनट (कुल 195 मिनट)। परीक्षा का मोड- पेन एवं पेपर से। अधिक परीक्षा केन्द्र वाले जिलेः इन्दौर (57), भोपाल (32), ग्वालियर (24), जबलपुर-(24), रीवा (12), बड़वानी (11), खरगौन (09), रतलाम (09), उज्जैन (08)।</description>
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  <item>
    <title>कैबिनेट के बड़े फैसले: तबादलों की अवधि बढ़ी, 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निजी हाथों में जाएंगे</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-16 14:56:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण की समय-सीमा एक दिन के लिए बढ़ाने सहित इंदौर मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत, स्वास्थ्य सेवाओं में निजी भागीदारी और चिकित्सा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देने संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

आज रात 12 बजे तक जारी हो सकेंगे तबादला आदेश

कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। अब विभाग आज रात 12 बजे तक स्थानांतरण आदेश जारी कर सकेंगे। इससे पहले सरकार ने स्थानांतरण की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की थी। समय-सीमा बढ़ने से विभिन्न विभागों में लंबित तबादला प्रकरणों के निपटारे का रास्ता साफ हो गया है।

 इंदौर मेट्रो की लागत बढ़कर पहुंची 12,900 करोड़ रुपये

बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत को भी स्वीकृति प्रदान की गई। वर्ष 2017 में इस परियोजना की अनुमानित लागत 7,515 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन एलाइनमेंट में बदलाव और कुछ हिस्सों को अंडरग्राउंड किए जाने के कारण परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 12,900 करोड़ रुपये हो गई है।

करीब 31 किलोमीटर लंबे इंदौर मेट्रो नेटवर्क के लिए पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार का मानना है कि परियोजना के पूर्ण होने से इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को नई गति मिलेगी और नागरिकों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

जबलपुर में होगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम

कैबिनेट बैठक में जानकारी दी गई कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जबलपुर में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

 रीवा, देवास और गुना में निजी भागीदारी से संचालित होंगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक नई पायलट परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत रीवा, देवास और गुना जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन निजी भागीदारी मॉडल पर किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि 20 बिस्तरों से अधिक क्षमता वाले कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ की कमी देखी गई है। ऐसे में निजी एजेंसियां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य संसाधनों की व्यवस्था कर अस्पतालों का संचालन करेंगी।

हालांकि अस्पतालों की परिसंपत्तियां सरकार के स्वामित्व में ही रहेंगी तथा दवाइयों की उपलब्धता भी शासन द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और न्यूनतम लागत पर बेहतर सेवाएं देने वाले संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

परोपकारी संस्थाओं को अस्पताल स्थापना के लिए मिलेगी जमीन

कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि कोई परोपकारी या कल्याणकारी संस्था मध्यप्रदेश में चिकित्सालय स्थापित करना चाहती है, तो सरकार उसे भूमि उपलब्ध कराएगी। साथ ही सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और मशीनों हेतु पूंजीगत अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।

 पांच मंत्रियों की समिति करेगी मापदंड तय

स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी भागीदारी की नई व्यवस्था के लिए सरकार ने पांच मंत्रियों की एक समिति गठित की है। यह समिति पूरी योजना के मापदंड, संचालन प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था तय करेगी।

समिति में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री राकेश सिंह, चेतन्य काश्यप, नरेंद्र शिवाजी पटेल तथा राधा सिंह को शामिल किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन केंद्रों में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को उपचार की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

कैबिनेट के इन निर्णयों को प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और अधोसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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  <item>
    <title>भंवरसेन घाट हादसा: चारों डूबे लोगों के शव बरामद, दूसरे दिन पूरा हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-16 13:08:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित सोन नदी के भंवरसेन घाट में हुए दर्दनाक हादसे में डूबे चारों लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सोमवार को एक युवती का शव मिलने के बाद मंगलवार को एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम ने दो अन्य युवतियों एवं एक युवक का शव भी नदी से बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से आए कुछ युवक-युवतियां सोमवार को भंवरसेन घाट पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान सोन नदी में स्नान करते समय तीन युवतियां गहरे पानी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के प्रयास में एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी तेज बहाव और गहरे भंवर की चपेट में आकर डूब गया। देखते ही देखते खुशियों का माहौल मातम में बदल गया और घाट पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा, रामपुर नैकिन थाना पुलिस एवं खड्डी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। सोमवार को एक युवती का शव घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर नदी में बरामद किया गया था।

मंगलवार को कलेक्टर विकास मिश्रा और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी भी घटनास्थल पहुंचे। उनके मार्गदर्शन में एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने सघन तलाश अभियान चलाते हुए शेष तीन शवों को भी बरामद कर लिया। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान ज्योति सेन (24) निवासी बूढ़ा बाउर, थाना रामनगर जिला मैहर, सुभि सेन (15) पिता रामदयाल सेन, नीलू बैस (22) पिता लल्लू बैस, दोनों निवासी बूढ़ा बाउर जिला मैहर तथा लखन केवट (26) पिता मोहनलाल केवट निवासी घोगटपुर जिला राजगढ़ के रूप में हुई है।

 खतरनाक माना जाता है भंवरसेन घाट

स्थानीय लोगों के अनुसार सोन नदी का भंवरसेन घाट क्षेत्र गहरे भंवर और तेज बहाव के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण माना जाता है। बावजूद इसके यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग पिकनिक और स्नान के लिए पहुंचते हैं। इस हादसे ने एक बार फिर घाट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों की आवश्यकता को उजागर किया है।

 हाल ही में छोड़े गए थे मगर और घड़ियाल

भंवरसेन घाट सोन नदी का वही क्षेत्र है जहां सोन घड़ियाल अभयारण्य विकसित करने की योजना पर कार्य चल रहा है। कुछ समय पूर्व यहां 14 मगर और घड़ियाल छोड़े गए थे। वहीं पांच दिन पहले भी एक तालाब से रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को इसी क्षेत्र में छोड़ा गया था। ऐसे में यह इलाका वन्यजीवों की दृष्टि से भी संवेदनशील माना जा रहा है।</description>
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  <item>
    <title>सीधी मे पंचायत सचिवों का तबादला , देर रात जारी हूई सूची ...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-16 10:41:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिला पंचायत सीधी ने पंचायत व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए जिले के 55 ग्राम पंचायत सचिवों का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण कर दिया है। देर रात जारी आदेश के बाद पंचायत महकमे में हलचल तेज हो गई है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशों के तहत प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद की गई है।

जिला पंचायत सीधी द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुसमी, मझौली, सिहावल, रामपुर नैकिन और सीधी जनपद पंचायतों में पदस्थ सचिवों को नई पंचायतों में पदस्थ किया गया है। कई सचिवों का एक जनपद से दूसरे जनपद में स्थानांतरण किया गया है, जबकि कई पंचायतों में लंबे समय से पदस्थ सचिवों को भी बदला गया है।

आदेश में सभी स्थानांतरित सचिवों को तत्काल प्रभाव से वर्तमान पंचायत का प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार सौंपकर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण किए बिना वेतन आहरित नहीं किया जा सकेगा। आदेश के उल्लंघन अथवा बिना अनुमति अवकाश पर जाने की स्थिति में संबंधित सचिवों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला पंचायत द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। पंचायत विभाग के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक कसावट और पंचायतों में कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


 सीधी जिले में स्थानांतरित  पंचायत सचिवों की सूची

| क्र. | सचिव का नाम             | वर्तमान पदस्थापना        | नवीन पदस्थापना         |
| ---- | ----------------------- | ------------------------ | ---------------------- |
| 1    | तेजभान सिंह             | कुन्दौर (कुसमी)          | लुरघुटी (कुसमी)        |
| 2    | संतोष पनिका             | डेवा (कुसमी)             | कुन्दौर (कुसमी)        |
| 3    | हर्षनारायण सिंह         | लुरघुटी (कुसमी)          | पोंडी (कुसमी)          |
| 4    | दीपक मिश्रा             | भुईमाड़ (कुसमी)          | केशलार (कुसमी)         |
| 5    | रावेन्द्र यादव          | अमरौला (कुसमी)           | करैल (कुसमी)           |
| 6    | गुलाब सिंह              | रून्दा (कुसमी)           | अमरौला (कुसमी)         |
| 7    | सुरेश कुमार बैंस        | नौढिया (मझौली)           | खंतरा (मझौली)          |
| 8    | महेन्द्र शुक्ला         | टिकरी (मझौली)            | बकवा (मझौली)           |
| 9    | सुधाकर सिंह             | महखोर (मझौली)            | करौदिया (रामपुर नैकिन) |
| 10   | ऋषिकेश गुप्ता           | घुआडोल (मझौली)           | महखोर (मझौली)          |
| 11   | अमरबहादुर सिंह          | पड़रिया (सिहावल)         | डोल (सिहावल)           |
| 12   | मोतीलाल द्विवेदी        | डोल (सिहावल)             | पड़रिया (सिहावल)       |
| 13   | शैलेन्द्र प्रताप सिंह   | पोखरा (सिहावल)           | गोतरा (कुसमी)          |
| 14   | शशांक कुमार द्विवेदी    | मौहार (सिहावल)           | ददरीकला (सिहावल)       |
| 15   | राजबहोर गौतम            | महुआर (सिहावल)           | पिपराहा/इटवा खास       |
| 16   | उमाशंकर पटेल            | कोदौरा (सिहावल)          | अमिलई (रामपुर नैकिन)   |
| 17   | श्यामसुंदर पटेल         | हटवा खास (सिहावल)        | शिकरा (मझौली)          |
| 18   | धर्मराज सिंह            | घोपारी (सिहावल)          | टमसार (कुसमी)          |
| 19   | संदीप कुमार वर्मा       | चोराही (सिहावल)          | घोपारी (सिहावल)        |
| 20   | राजकुमार सिंह           | लिलवार (सिहावल)          | दुअरा (सिहावल)         |
| 21   | रामकृष्ण तिवारी         | दुधमनिया (सिहावल)        | पिपरहा (सिहावल)        |
| 22   | धमेन्द्र कुमार दीक्षित  | दुअरा (सिहावल)           | हटवा (सिहावल)          |
| 23   | रामसजीवन पटेल           | राजगढ़ (सिहावल)          | हिनौती (सिहावल)        |
| 24   | सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय | झगरी (रामपुर नैकिन)      | हनुमानगढ़ (सिहावल)     |
| 25   | पवन कुमार मिश्रा        | झगरी (रामपुर नैकिन)      | मधुगांव उत्तर (सीधी)   |
| 26   | शिवकुमार गौतम           | डढ़िया (रामपुर नैकिन)    | पटेहरा (रामपुर नैकिन)  |
| 27   | मनोज कुमार शुक्ला       | पटेहरा (रामपुर नैकिन)    | सलैया (सीधी)           |
| 28   | रवि कुमार पाण्डेय       | कुशगहर (रामपुर नैकिन)    | डिहुली (सीधी)          |
| 29   | रामरूप विश्वकर्मा       | बूसी (रामपुर नैकिन)      | कुशमहर (रामपुर नैकिन)  |
| 30   | दुष्यंत सिंह            | पैपखरा (रामपुर नैकिन)    | बस्तुआ (कुसमी)         |
| 31   | अरविन्द कुमार गुप्ता    | मड़वा (रामपुर नैकिन)     | उमरिहा (रामपुर नैकिन)  |
| 32   | अंजनी कुमार पटेल        | पडखुरी 586               | कपुरी बैदौलियान        |
| 33   | रामदरश पाण्डेय          | कपुरी बैदौलियान          | पडखुरी 586             |
| 34   | विद्याशंकर द्विवेदी     | अमिलई (रामपुर नैकिन)     | कमर्जी (सीधी)          |
| 35   | दिनेश कुमार जायसवाल     | रामगढ़ नं. 2 (सीधी)      | पड़ी (सीधी)            |
| 36   | गौहर सिंह               | करूईखाड़ (सीधी)          | रामगढ़ नं. 2 (सीधी)    |
| 37   | सुधीर कुमार तिवारी      | वरिगवां नं. 2 (सीधी)     | ओबरहा (सीधी)           |
| 38   | प्रवीण कुमार द्विवेदी   | चूल्ही (सीधी)            | कुवरी (सीधी)           |
| 39   | विजय सिंह सेगर          | करगिल (सीधी)             | रामगढ़ नं. 1 (सीधी)    |
| 40   | रीता सिंह               | धनखोरी (सीधी)            | कोचिला (रामपुर नैकिन)  |
| 41   | सत्यदेव सिंह            | देवगढ़ (सीधी)            | बहेरा पश्चिम (सीधी)    |
| 42   | नागेश्वर द्विवेदी       | बहेरा पश्चिम (सीधी)      | पटेहरा कला (सीधी)      |
| 43   | कृष्णकुमार जायसवाल      | कोचिला (सीधी)            | जमुनिहा कला (सीधी)     |
| 44   | सूरज अग्रहरी            | छवारी (सीधी)             | जमोड़ी सेगरान (सीधी)   |
| 45   | विजय सिंह               | पडैनिया खुर्द (सीधी)     | सरेठी (सीधी)           |
| 46   | उर्मिला सिंह            | चूल्ही (सीधी)            | चिलरीकला (सीधी)        |
| 47   | विनीती भूर्तिया         | हरदी कुसमी (कुसमी)       | ददरी (कुसमी)           |
| 48   | ब्रहमेंन्द्र मिश्रा     | सिलवार (मझौली)           | उमरिया (कुसमी)         |
| 49   | रामदुरेश कुशवाहा        | चकडौर (रामपुर नैकिन)     | वडेसर (रामपुर नैकिन)   |
| 50   | रामदुलारे रावत          | धनहा (रामपुर नैकिन)      | इटहा (रामपुर नैकिन)    |
| 51   | सुरेन्द्र पाण्डेय       | हनुमानगढ़ (रामपुर नैकिन) | झगरी (रामपुर नैकिन)    |
| 52   | अविनाश चतुर्वेदी        | पिपरहा (सिहावल)          | अमिलिया (सिहावल)       |
| 53   | तेजा प्रसाद पटेल        | चमरौहा (सिहावल)          | राजगढ़ (सिहावल)        |

**नोट:** जिला पंचायत सीधी के आदेश क्रमांक 4863/सचिव स्थापना/जि.प./2026 दिनांक 15 जून 2026 के तहत यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। सभी सचिवों को तत्काल कार्यभार हस्तांतरित कर नवीन पदस्थापना स्थल पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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  <item>
    <title>99 डिप्टी कलेक्टरों के तबादले, सीधी के तीन एसडीएम भी बदले</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-16 08:31:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/सीधी(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के 99 अधिकारियों (डिप्टी कलेक्टर/संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी डिप्टी कलेक्टर) के तबादला आदेश जारी कर दिए। इस तबादला सूची का असर सीधी जिले पर भी पड़ा है, जहां पदस्थ तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है।

जारी आदेश के अनुसार संयुक्त कलेक्टर सीधी विकास कुमार आनंद का तबादला अशोकनगर कर दिया गया है। वहीं परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर प्रियल यादव, जो सीधी जिले में पदस्थ थीं, उन्हें देवास भेजा गया है। इसके अलावा प्रभारी डिप्टी कलेक्टर शैलेष त्रिवेदी को सीधी से स्थानांतरित कर सागर जिले में पदस्थ किया गया है।

राज्य शासन द्वारा जारी सूची में विभिन्न जिलों के संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को प्रशासनिक आधार पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कार्यों में गति और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से यह तबादले किए गए हैं।

इस बड़े फेरबदल के बाद कई जिलों में प्रशासनिक समीकरण बदलेंगे। सीधी जिले में भी रिक्त होने वाले पदों पर नए अधिकारियों की पदस्थापना जल्द होने की संभावना है।

सीधी से प्रभावित अधिकारी

विकास कुमार आनंद– संयुक्त कलेक्टर, सीधी → संयुक्त कलेक्टर, अशोकनगर
प्रियल यादव – परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर, सीधी → परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर, देवास
शैलेष त्रिवेदी – प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, सीधी → प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, सागर

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  <item>
    <title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में हुआ अहम एमओयू, किसानों को होगा फायदा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 21:07:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एग्रो सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की मंशा पर एक और उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में राज्य सरकार के नवीन-नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और जर्मन सरकार समर्थित इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना (आईजीसीए) के मध्य 15 जून को मंत्रालय में एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। एग्री वोल्टाइक, कृषि और सौर ऊर्जा के संयुक्त उपयोग को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया एक संगठन है। इसका उद्देश्य कृषि भूमि पर खेती के साथ-साथ उसी खेत में ही सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, जिससे अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता कम हो, खाद्य सुरक्षा बनी रहे और भूमि संबंधी विवादों से भी बचा जा सके। 

इस काम में जर्मन कंपनी सरकार को सहयोग देगी। यह पहल पीएम-कुसुम 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं के अनुरूप राज्य में विशिष्ट एग्रीवोल्टाइक ढांचा विकसित करने, किसानों की आय बढ़ाने, भूमि उपयोग दक्षता सुधारने, उत्पादित ऊर्जा की सुरक्षा सुदृढ़ करने तथा जलवायु-अनुकूल ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी। यह एमओयू मई 2030 तक प्रभावी रहेगा। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड अमनवीर सिंह बैस, भारत में जर्मन दूतावास के पदाधिकारी, एग्री वोल्टाइक संगठन से एलेक्जेंडर, जर्मनी की जीआईजै़ड कम्पनी के पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे
एग्री सौर पीवी के तहत सरकार किसानों को सब्सिडी देगी। इससे किसान अपनी जमीन के मालिकाना हकदार होंगे। किसान जमीन में खेती करेंगे और उसी खेत में सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित करेंगे। यह किसानों के लिए द्विलाभी सौगात होगी। राज्य सरकार और इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना के मध्य हुई इस परस्पर साझेदारी के अंतर्गत कंपनी द्वारा एग्रीवोल्टाइक परियोजनाओं की पहचान, तकनीकी एवं आर्थिक मूल्यांकन, डिजाइन, वित्तीय व्यवहार्यता और क्रियान्वयन में सहयोग किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, ऊर्जा विकासकर्ताओं, डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनीज (डिस्कॉम) एवं अन्य संबंधित हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कम्पनी द्वारा राज्य में कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा को संरक्षित रखते हुए उपयुक्त नीतिगत एवं नियामक ढांचा विकसित करने में भी सहयोग किया जाएगा।</description>
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  <item>
    <title>ईवी से गए गलियों के अंदर, 12वीं टॉपर चांदनी के साथ ली सेल्फी, देखें अपने सीएम डॉ. मोहन का अंदाज</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 19:02:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जून को "विकसित भारत संकल्प अभियान" के तहत राजधानी भोपाल के भीम नगर पहुंचे। उन्होंने यहां लोगों से संवाद किया और उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संवाद के लिए काफिला छोड़ इलेक्ट्रिकल व्हीकल का इस्तेमाल किया। इस मौके पर वे एमपी बोर्ड की 12वीं की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर भी गए। वहां उन्होंने पूरे परिवार के साथ बातचीत की। उन्होंने परिजनों के साथ सेल्फी भी ली। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में अद्वितीय प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की। इस उल्लेखनीय सफलता पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। चांदनी ने विषम परिस्थितियों के बीच भी अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो सफलता अर्जित की है, वह प्रेरणादायी है। उनकी उपलब्धि न सिर्फ अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है।

जनता से संपर्क-संवाद
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर हमने पार्टी पदाधिकारियों के साथ यहां जनता से संपर्क-संवाद दिया। यहां तक आने के लिए ईवी का इस्तेमाल किया । इसे चलाकर अच्छा भी लगा। ईवी केवल पेट्रोल के दाम ही नहीं बचाती, बल्कि हमारे कई अन्य तरह के खर्चे भी कम करती है।

जनता रह गई अचंभित
आज भीम नगर का माहौल पूरी तरह बदल गया। अमूमन अपने-अपने कामों में मशरूफ रहने वाले भीम नगर के लोग आज बेहद उत्साहित और जागरूक दिखाई दिए। सीएम डॉ. यादव को अचानक अपने सामने देख लोग अचंभित हो गए। लोगों को समझ में ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया। इस बीच सीएम डॉ. यादव ने लोगों से बातचीत करनी शुरू कर दी। उन्होंने बेटियों को गोद में लेकर दुलार किया और सेल्फी ली। इस दौरान जनता से उन्हें अपना पूरा हाल कह सुनाया। सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जिंदगी भविष्य में और भी बेहतर होगी।</description>
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  <item>
    <title>सीएम डॉ. मोहन की बड़ी घोषणा, एमपी में स्थापित होगा साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 15:49:59</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 जून को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 'राज्य डेटा के लिए सायबर सुरक्षा फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाने' विषय पर आयोजित परामर्श कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बदलते दौर में हर तरह की की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। साइबर अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस ने अच्छा काम करके दिखाया है। ऑपरेशन सिंदूर के समय भी नए दौर में नई तकनीक की चुनौतियां हमने देखी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे समय रहते चुनौतियों को भांप लेते हैं और उससे निपटने के लिए शासन-प्रशासन के स्तर पर व्यवस्थाएं तैयार कर लेते हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी समय रहते समाज और सरकारों को आने वाले खतरों के प्रति जागरूक करते हैं। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जीरो बैलेंस पर बैंक अकाउंट खोलने की शुरुआत की। उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी। जनधन खाते खुलने का परिणाम यह रहा कि देशभर में जरूरतमंदों को सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे उनके बैंक खाते में दिया जाने लगा। एक समय जब 1 रुपए में 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच रहे थे। डीबीटी की पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से शत प्रतिशत लाभ हितग्राहियों तक पहुंचने लगा। उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए डेटा की सुरक्षा सीमा की सुरक्षा के बढ़कर है। सुरक्षा के तमाम चाकचौबंद उपायों के बाद भी अगर जीवनभर की गाढ़ी कमाई एक झटके में कोई साइबर अपराधी उड़ा ले जाए तो दु:ख होता है। 

प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर क्राइम के अदृश्य राक्षसों के खिलाफ देवदूत तैयार कर सभी आवश्यक प्रबंधन करना वर्तमान दौर की जरूरत है। दुनिया ने भारत की यूपीआई पेमेंट सिस्टम का लोहा माना है। ऐसे समय में जब नागरिकों को डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से लाभ पहुंच रहा है तो सरकार पर सुरक्षा की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करने के लिए राज्य सरकार हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह पर साइबर अपराध, डीप फेक और अन्य चुनौतियों पर केंद्रित इस कार्यशाला में सभी मार्ग खोजे जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यशाला में बताया कि साइबर क्राइम और डेटा सेफ्टी के मामले में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। राज्य का डेटा हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति है। डेटा ब्रीच की स्थिति में आर्थिक भरपाई की जिम्मेदारी भी सरकार की होगी। प्रदेश सरकार साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।      

सरकार ने उठाया अहम कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साइबर अपराध और डेटा सुरक्षा की दिशा में ठोक कदम उठाते हुए राज्य में साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महू स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से यह रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। जो केंद्रीय साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अटैक की समय पर पहचान और निगरानी में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने में इसकी महती भूमिका होगी। यह व्यवस्था केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूर्वानुमान आधारित निरंतर सतर्कता की दिशा में ठोस कदम साबित होगी।</description>
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  <item>
    <title>भंवरसेन घाट फिर बना मौत का घाट तीन युवतियां और उन्हें बचाने कूदा युवक डूबा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 15:39:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले की जीवनदायिनी सोन नदी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बनी है। रामनगर थाना क्षेत्र के भंवरसेन घाट में अमावस्या के अवसर पर स्नान करने पहुंची तीन युवतियां गहरे पानी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए नदी में कूदे एक युवक भी तेज बहाव और गहराई की चपेट में आ गया। हादसे में चार लोगों के डूबने की सूचना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार ज्योति सेन (17 वर्ष) पिता रामाधार सेन, शुभी सेन (15 वर्ष) पिता रामदयाल सेन तथा नीलू बैस (22 वर्ष) पिता लदे बैस, सभी निवासी बूढ़ा बाडर थाना रामनगर, अमावस्या पर सोन नदी के भंवरसेन घाट में स्नान करने पहुंची थीं। स्नान के दौरान तीनों युवतियां नदी के गहरे हिस्से में चली गईं और डूबने लगीं।

युवतियों को बचाने के लिए लखन केवट (26 वर्ष) पिता मोहनलाल केवट निवासी जोगरपुर जिला राजगढ़, जो अपनी ससुराल शिकारगंज आया हुआ था, बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में कूद पड़ा। लेकिन दुर्भाग्यवश वह भी नदी की गहराई और तेज बहाव में फंस गया और डूब गया।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। प्रशासन, पुलिस और राहत दल द्वारा तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। देर शाम तक ज्योति सेन का शव बरामद कर लिया गया था, जबकि शुभी सेन, नीलू बैस और लखन केवट की तलाश जारी थी।

घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे क्षेत्र में शोक और मातम का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भंवरसेन घाट पर यह कोई पहली घटना नहीं है। यहां पहले भी कई लोग नदी में डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। घाट के कई हिस्सों में गहरे भंवर और खतरनाक जलधाराएं होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड और निगरानी के इंतजाम नहीं किए गए हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भंवरसेन घाट को चिन्हित कर खतरनाक क्षेत्रों में सुरक्षा बैरिकेडिंग कराई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा पर्व और विशेष अवसरों पर गोताखोरों एवं सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल प्रशासन द्वारा राहत एवं खोज अभियान जारी है और तीन लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है। पूरे जिले की निगाहें अब इस अभियान पर टिकी हुई हैं।
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  <item>
    <title>सीधी:थाना प्रभारी पर टांगी-हंसिए से हमला, जिला चिकित्सालय में जारी है इलाज </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 13:47:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के कमर्जी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पटपरा में सोमवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क जाम हटाने पहुंचे थाना प्रभारी पर ही धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में कमर्जी थाना प्रभारी इंद्राज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर पर गहरी चोट आने के बाद तत्काल डायल-112 की सहायता से जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पटपरा में शासकीय मार्ग को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। एक पक्ष का आरोप है कि कुछ लोगों ने सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण कर रखा है। इस संबंध में कई बार प्रशासन को शिकायतें दी गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सड़क जाम कर दिया।

सड़क जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर मार्ग बहाल कराने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने अचानक टांगी व हंसिए से थाना प्रभारी पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें भीड़ से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस ने मामले में दिनेश पटेल उर्फ गुंठी, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल तथा रितेश उर्फ सिंटू पटेल को नामजद आरोपी बनाया है। आरोप है कि आरोपियों ने सड़क जाम हटाने का विरोध करते हुए पुलिस टीम के साथ मारपीट की और थाना प्रभारी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी जिला अस्पताल पहुंचे और घायल थाना प्रभारी का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेने के बाद कहा कि पुलिस अधिकारी पर हमला बेहद गंभीर अपराध है। मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

दिनदहाड़े पुलिस अधिकारी पर हुए इस हमले से जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

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    <title>सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे बोर्ड टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 13:32:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/भीमनगर(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा चांदनी विश्वकर्मा के घर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को पहुंचे। मुख्यमंत्री ईवी वाहन से भीमनगर की गलियों में पहुंचकर चांदनी और उनके परिवार से आत्मीय मुलाकात की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी विश्वकर्मा को उनकी शानदार सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने छात्रा और उसके परिजनों के साथ बातचीत की तथा परिवार के साथ सेल्फी भी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी चांदनी ने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर जो सफलता हासिल की है, वह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि मेहनत और समर्पण से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। चांदनी की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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    <title>मानसून की दस्तक करीब, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 12:51:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है और अब अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मध्यप्रदेश में इसकी एंट्री होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के करीब 30 जिलों में सोमवार को आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की प्रगति लगातार जारी है। मध्यप्रदेश में मानसून के प्रवेश से पहले प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहेगा। कई स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

देशभर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। रविवार को चित्तौड़गढ़ में एक इंच तक वर्षा दर्ज की गई। वहीं उत्तर प्रदेश के 32 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 से 20 जून के बीच मानसून उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

मध्यप्रदेश में आगामी दो दिनों तक मौसम का असर बना रहेगा। 16 और 17 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की एंट्री के साथ ही प्रदेश में तापमान में और गिरावट आएगी तथा लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
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    <title>बाघ का आतंक: दो महिलाओं को बनाया शिकार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 12:50:59</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिवनी(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में रविवार को बाघों के दो अलग-अलग हमलों में दो महिलाओं की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं, मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में भी बाघ के हमले में एक वन श्रमिक की जान चली गई।

जानकारी के अनुसार बरघाट थाना क्षेत्र के बीजाटोला गांव निवासी सेवबती मर्सकोले (45) जंगल से लगे खेत में गुल्ली फल बीनने गई थीं। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल में उनका क्षत-विक्षत शव मिला। ग्रामीणों के अनुसार बाघ उन्हें खेत से घसीटकर जंगल में ले गया था और शव के कमर से नीचे के हिस्से को नोच डाला था।

दूसरी घटना दक्षिण सामान्य वनमंडल के कुरई वन परिक्षेत्र स्थित जामरापानी सर्किल में हुई। यहां जिलापुर गांव निवासी शांति बाई कुमरे (55) पर बाघ ने हमला कर दिया। बाद में खेत से लगे जंगल में उनका शव मिला। बाघ शव का सिर और छाती सहित ऊपरी हिस्सा खा चुका था।

लगातार दो महिलाओं की मौत के बाद बीजाटोला, जिलापुर और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है।

वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों घटनास्थलों का निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने मृतक महिलाओं के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

इधर, मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में भी रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना हुई। नकटी घाटी बीट में पैदल गश्त के दौरान बाघ ने अग्नि सुरक्षा श्रमिक लखन सिंह (29) पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।

तीन अलग-अलग घटनाओं में हुई मौतों के बाद वन क्षेत्रों से लगे गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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    <title>बिजली फिटिंग के दौरान छत से गिरा युवक, मौत से परिवार में मातम</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 09:13:50</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>जियावन थाना क्षेत्र के समदा गांव में हुआ दर्दनाक हादसा, दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

सिंगरौली/देवसर(ईन्यूज एमपी)- जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम समदा में रविवार शाम बिजली फिटिंग का कार्य कर रहे एक युवक की छत से गिरने के कारण मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार ग्राम गोड़गवा निवासी 23 वर्षीय राम लल्लू विश्वकर्मा पिता त्रिवेणी प्रसाद विश्वकर्मा, समदा गांव में मनोज द्विवेदी के मकान की छत पर बिजली फिटिंग का कार्य कर रहे थे। कार्य के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे छत से नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद साथ में काम कर रहे मजदूरों और परिजनों ने तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बताया गया है कि घटना के समय मृतक के साथ दो अन्य मजदूर भी कार्य कर रहे थे। हादसा रविवार शाम करीब 7 बजे हुआ। युवक अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गया है। कम उम्र में हुई इस असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना की सूचना मिलने पर जियावन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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  <item>
    <title>कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सस्ते होने की बढ़ी उम्मीद</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 08:48:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर सहमति बनने के बाद वैश्विक तेल बाजार में तेजी से नरमी आई है। 

रिपोर्टों के अनुसार, समझौते की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति सामान्य होगी, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम रहेगा। 

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने का सीधा असर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू ईंधन दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। 

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है। वहीं, तेल कीमतों में नरमी से महंगाई पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। 

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है, जिससे तेल आयात करने वाले देशों को आर्थिक राहत मिल सकती है। </description>
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    <title>लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-15 06:09:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सागर(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सागर जिले में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस दौरान उन्होंने 190 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया तथा बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को स्कूटी वितरित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास का स्वर्णिम काल देखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं ने गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना, मुफ्त राशन और शौचालय जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने हमेशा जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लाड़ली बहना योजना को लेकर भी भ्रम फैलाने का प्रयास किया था, लेकिन सरकार ने अपना वादा निभाते हुए लगातार बहनों के खातों में राशि पहुंचाई है।

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया, जिसके कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में आवश्यक जानकारी नहीं दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने केसली में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना, देवरी में 100 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण, लहसुन एवं प्याज मंडी की स्थापना, देवखंडेरा मंदिर के जीर्णोद्धार, गौरझांवर एवं केसली को नगर पंचायत बनाने सहित अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नए जलाशयों का निर्माण किया जाएगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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    <title>900 एमएसएमई इकाइयों को 360 करोड़ की सौगात, सीएम ने बढ़ाया उद्यमियों का उत्साह</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-14 15:49:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित "समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश" कार्यक्रम में प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 900 एमएसएमई इकाइयों को 360 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। साथ ही उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए आशय पत्र, स्टार्टअप सहायता राशि और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में तेजी से उभर रहा है और मध्यप्रदेश भी औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने एक करोड़ पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे दो करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। सरकार उद्योगों के विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा उद्यमियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में 5.26 लाख से अधिक विनिर्माण इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 42 हजार 700 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इन इकाइयों से लगभग 44 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने 6,136 एमएसएमई उद्यमियों को 3,723 करोड़ रुपये की निवेश सहायता प्रदान की है, जो पूर्व अवधि की तुलना में तीन गुना अधिक है।

कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और युवा उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीति निवेशकों और उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
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    <title>टाइगर रिजर्व में आदमखोर बाघ का आतंक: 24 घंटे में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत, गांव में दहशत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-14 11:37:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>उमरिया(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर वन परिक्षेत्र में बाघ के हमलों ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। झलवार गांव के पास 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार के दो लोगों की बाघ के हमले में मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को झलवार गांव निवासी 52 वर्षीय फूल बाई जंगल में महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला की मौत से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि शनिवार सुबह उनके भतीजे 30 वर्षीय कल्याण सिंह को भी बाघ ने अपना शिकार बना लिया। कल्याण सिंह गांव के समीप जंगल की ओर गया था, जहां बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले हमले के बाद यदि वन विभाग ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाई होती तो दूसरी घटना टाली जा सकती थी। लोगों ने हमलावर बाघ को तत्काल पकड़ने और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

घटनाओं की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि दोनों घटनाओं की जांच की जा रही है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों हमले एक ही बाघ ने किए हैं या अलग-अलग बाघों ने। उन्होंने बताया कि घटना स्थल कोर एरिया में स्थित है, जहां बाघों का लगातार मूवमेंट बना रहता है। निगरानी के लिए क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं और वन अमले की गश्त भी बढ़ा दी गई है।

लगातार दो जानें जाने के बाद झलवार गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में लोग जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले जंगल की ओर न जाने की अपील की है।
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  <item>
    <title>सीएम मोहन आज करेंगे प्रोत्साहन राशि और हितलाभ का वितरण</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-14 07:58:12</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित "समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश" कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि और लाभों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप संचालकों एवं अन्य हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित करेंगे। 

कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को प्रोत्साहन देना, युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करना है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों को आर्थिक सहायता, प्रोत्साहन और रोजगार सृजन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई नवाचार आधारित योजनाएं संचालित की जा रही हैं। 

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप उद्यमी और हितग्राही बड़ी संख्या में शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से प्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। 

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    <title>प्री-मानसून का असर: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी, 18 जून तक मानसून की दस्तक के आसार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-14 07:48:10</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश का मौसम लगातार बदला हुआ है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से 3 से 4 दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है और 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

शनिवार को भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी चली, जिसकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं कुछ स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग ने रविवार के लिए शिवपुरी और अशोकनगर जिलों में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय ट्रफ लाइन के कारण अगले चार दिनों तक आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

शनिवार को नर्मदापुरम जिले के इटारसी क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। एक एंबुलेंस पर पेड़ गिरने की घटना भी सामने आई। कई जगह बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं और यातायात प्रभावित रहा। भोपाल, सीहोर, नरसिंहपुर, पचमढ़ी और पिपरिया सहित कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश दर्ज की गई।

तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। भोपाल में अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 38.1 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री और जबलपुर में 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के आगमन तक प्रदेश में मौसम इसी प्रकार बदलता रहेगा और कई जिलों में तेज हवाओं के साथ वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी।
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    <title>CM डॉ. मोहन लाड़ली बहनों के खातों में डालेंगे 1835 करोड़ की राशि, सागर को देंगे करोड़ों की सौगात...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-13 21:45:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 14 जून को सागर जिले के केसली विकासखंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 37 वीं किश्त लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित करेंगें। इसमें एक करोड़ 25 लाख बहनों के खातों में 1835 करोड़ रूपये अंतरित किये जायेंगे। साथ ही देवरी विधानसभा को लगभग 190.85 करोड़ रुपये की लागत के 53 विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। इनमें 122.02 करोड़ रूपये की लागत के 28 कार्यों का भूमि-पूजन और 68.83 करोड़ रूपये की लागत के 25 कार्यों का लोकार्पण होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव क्षेत्र के विकास को गति देने वाले सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा तकनीकी शिक्षा विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इन विकास कार्यों से देवरी एवं केसली विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।</description>
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    <title>आईजी कॉन्फ्रेंस में CM डॉ. यादव ने  कहीं बड़ी बात : बिल में छुपे सपोलों को पकड़ने में समर्थ है हमारी पुलिस...  </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-13 15:58:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जून को पुलिस मुख्यालय में राज्य स्तरीय आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अभिवादन किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने पुलिस द्वारा पकड़े गए आतंकियों के सहयोगी को लेकर कहा कि हमारी पुलिस बिल में छुपे ऐसे सपोलों को पकड़ने में समर्थन है। 

आईजी कॉन्फ्रेंस में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता- सक्रियता- सतर्कता और सेवा भाव  से मध्यप्रदेश पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण, देश दुनिया में प्रस्तुत कर सकेगी। उन्होंने निर्देशित किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।  सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को  अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं-
कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि हम सब प्रारंभिक सत्र में शामिल हुए। वल्लभ भवन में गृह विभाग की पूरी समीक्षा हुई। मुझे इस बात का संतोष भी है कि पुलिस ने हमारी ढाई साल की सरकार में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इन उपलब्धियों के आधार पर हम मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व कर सकते हैं। एक तरफ सालों पुरानी नक्सलवाद की परेशानी थी। उन्होंने कहा कि हमारे मंडला, बालाघाट, डिंडोरी सहित कई जगहों पर नक्सलवाद की वजह से विकास अवरुद्ध था। उनकी वजह से कई लोगों को जान गंवानी पड़ी। पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में नक्सलवादियों का पूरा सफाया करके कर्तव्यपरायणता और उत्कृष्ट कार्य की मिसाल पेश की है। भारत में मध्यप्रदेश वो राज्य है जिसने सबसे पहले अपने यहां के नक्सलवादी दंश को समाप्त किया। 

पुलिस के सामने कई चुनौतियां-
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला के मामले में भी कोर्ट के आदेश का अनुपालन करवाकर पुलिस ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर कई चुनौतियां भी हैं। पुलिस के सामने साइबर अपराध सहित नई-नई प्रकार की चुनौतियां हैं। लेकिन, प्रत्येक चुनौती से निपटने के लिए हम संसाधन जुटा रहे हैं। हमारी सरकार पुलिस जवानों की भर्ती में भी प्रोत्साहन दे रही है, सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती की गई है। हमने पिछले साल से लगातार 22 हजार लोगों की भर्ती का अभियान चलाया है। हर साल भर्ती निकालने के लिए हम सभी तरह के प्रबंध कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि पुलिस का कोई पद खाली न रहे। उम्मीद करते हैं कि विकास के इस क्रम में पुलिस अपनी क्षमता से काम करे, प्रशासन ताकत से काम करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन की बयार चल रही है। मुझे गृह विभाग के कामों को लेकर संतोष है। हमारी पुलिस ने तत्परतापूर्वक आतंकवादियों के सहयोगी को दबोच कर उसके पूरे नेटवर्क का खात्मा करने के काम किया और पूरे षडयंत्र का पर्दाफाश किया है। घटना स्थल से जिहादी मानसिकता का बड़ा साहित्य भी पकड़ में आया है। हमारी पुलिस बिल में छुपे ऐसे सपोलों को पकड़ने में समर्थ है।

मुझे संतोष है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने समय रहते ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया, जो भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। पुलिस ने न सिर्फ संदिग्ध व्यक्ति को समय रहते दबोचा, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और षड्यंत्र का भी भंडाफोड़ किया। साथ ही जिहादी विचारधारा से संबंधित बड़ी मात्रा में साहित्य भी बरामद किया गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं सक्षम कार्रवाई करने में पूरी तरह समर्थ है।
- *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*</description>
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    <title>मध्यप्रदेश में 15 से 18 जून के बीच मानसून की दस्तक, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-13 09:07:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की एंट्री 15 से 18 जून के बीच होने की संभावना है। इसके पहले प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। नागरिकों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

वहीं प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। मानसून की अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं और अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी करने की सलाह दी गई है, हालांकि बुवाई के लिए स्थायी और व्यापक वर्षा का इंतजार करना बेहतर रहेगा।
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    <title> 20 जुलाई से शुरू होगा मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र, 25 जुलाई तक चलेगी कार्यवाही</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-13 09:02:16</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सत्र 25 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान सदन की कुल छह बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें विभिन्न शासकीय कार्यों के साथ जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। 

मानसून सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सत्र में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बिजली-पानी की व्यवस्था, रोजगार, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विपक्ष सरकार को कई जनहित और क्षेत्रीय मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है। 

विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, स्थगन प्रस्ताव तथा अन्य संसदीय कार्यों से संबंधित सूचनाएं निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सत्र के दौरान आवश्यक विधायी और वित्तीय कार्य भी संपादित किए जाएंगे। 

राज्यसभा चुनाव और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद होने वाला यह मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सदन में कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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    <title>अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने में पीछे न रहें, जानें आपकी सुरक्षा के लिए सीएम डॉ. ने दिए क्या-क्या निर्देश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-13 08:56:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 जून को गृह विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी।

*पुलिस ने किए सराहनीय नवाचार*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे। बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई।</description>
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  <item>
    <title>अपराधियों की संपत्ति अब होगी कुर्क , जानें आपकी सुरक्षा के लिए सीएम डॉ. मोहन ने क्या कहा...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-12 23:09:38</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 जून को गृह विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी।

पुलिस ने किए सराहनीय नवाचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे। बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई।</description>
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    <title>तेज आंधी बनी जानलेवा: उड़ती लोहे की चादर की चपेट में आने से किसान की मौत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-12 19:20:14</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>बहरी(ईन्यूज एमपी)- सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंदवाही में शुक्रवार सुबह आई तेज आंधी एक किसान के लिए जानलेवा साबित हुई। तेज हवाओं के दौरान उड़कर आई लोहे की चादर (सीट) की चपेट में आने से 60 वर्षीय किसान रघुनाथ साकेत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे क्षेत्र में अचानक तेज आंधी और तूफान शुरू हो गया। तेज हवाओं के चलते कई मकानों की लोहे की चादरें उड़ने लगीं। इसी दौरान रघुनाथ साकेत अपनी सुरक्षा के लिए घर से बाहर निकलकर भाग रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर से करीब 80 मीटर दूर पहुंचते ही एक उड़ती हुई लोहे की चादर उनके पैर के ऊपरी हिस्से में जा लगी। वह खुद को संभालने का प्रयास कर ही रहे थे कि दूसरी चादर भी तेज रफ्तार से उड़कर उनके शरीर में आ लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक के बड़े भाई जगन्नाथ साकेत ने बताया कि आंधी शुरू होते ही परिवार के सभी लोग सुरक्षित स्थान की ओर भाग रहे थे। रघुनाथ सबसे आगे थे, तभी उड़ती हुई चादर उन्हें लग गई। उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कुछ ही क्षण बाद दूसरी चादर भी उन्हें लग गई, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी राजेश पांडे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आकस्मिक दुर्घटना का प्रतीत होता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्राकृतिक आपदा राहत मद से मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
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    <title>पेट्रोल पंपों से डीजल-पेट्रोल नहीं खरीद सकेंगे उद्योग और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-12 10:14:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता (Industrial, Commercial and Institutional Users) सामान्य पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल नहीं खरीद सकेंगे। उन्हें अपनी जरूरत का ईंधन केवल अधिकृत बल्क सप्लाई प्वाइंट्स या उपभोक्ता पंपों से ही लेना होगा। 

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था प्रारंभिक रूप से 90 दिनों तक लागू रहेगी। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं बेचा जाए तथा खरीदे गए डीजल का पुनर्विक्रय भी नहीं किया जा सकेगा। 

बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में डीजल की खुदरा और बल्क कीमतों में अंतर बढ़ने के कारण कई उद्योग और बड़े उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने लगे थे। इससे कुछ क्षेत्रों में डीजल की मांग अचानक बढ़ गई और आम उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति प्रभावित होने लगी। 

सरकार का मानना है कि इस फैसले से खुदरा पेट्रोल पंपों पर ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। साथ ही ईंधन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन भी कायम रहेगा। 

विशेषज्ञों के अनुसार इस निर्णय का असर उद्योगों, परिवहन कंपनियों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ईंधन खरीद व्यवस्था पर पड़ सकता है, क्योंकि अब उन्हें सीधे बल्क सप्लायरों से ईंधन की व्यवस्था करनी होगी। 

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    <title>मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री में 3-4 दिन की देरी, 17-18 जून को दस्तक के आसार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-12 07:18:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब 3 से 4 दिन देरी से होने के संकेत हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून 17 से 18 जून के बीच प्रदेश के दक्षिणी जिलों में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में पूरे प्रदेश को कवर करने की संभावना है।

मानसून आने से पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार शुक्रवार को कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना है। मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओले गिरने का अनुमान जताया गया है।

भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

वहीं इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी और खरगोन जिलों में गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर में आधा इंच वर्षा हुई, जबकि मंडला, सिवनी और दतिया सहित कई जिलों में भी बारिश का दौर चला। इसके बावजूद गर्मी का असर कायम रहा और खजुराहो व नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा, सतना, दमोह, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच बना रहा।

मौसम विभाग ने लोगों को तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
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    <title>नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए सीएम डॉ. मोहन यादव, विकसित भारत-2047 के लिए मध्यप्रदेश का विजन रखा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-12 06:38:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सुशासन, समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य ने निर्धारित समय से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने में सफलता प्राप्त की है और प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास कार्यों को और गति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण, कृषक कल्याण, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हो रही हैं और आयुष्मान योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में आरोग्य मंदिर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। वहीं नदी जोड़ो परियोजनाओं की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं। पीएम श्री महाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विविध विषयों के अध्ययन का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की स्थापना की गई है, जहां जल्द ही औद्योगिक इकाइयों का संचालन शुरू होगा। इसके अलावा भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के अपशिष्ट के निष्पादन सहित कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कार्यों पर भी सरकार का फोकस है।

गौरतलब है कि नीति आयोग की बैठक में मानव पूंजी विकास, रोजगार सृजन, उद्यमिता, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विकसित भारत के निर्माण में राज्यों की भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए।

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    <title>एमपी में कमजोर रह सकता है मानसून, 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश के संकेत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-11 20:41:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से केवल 90 से 95 प्रतिशत तक वर्षा होने की संभावना है। राजधानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित अधिकांश जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज हो सकती है। 

हालांकि मानसून की औपचारिक एंट्री अभी प्रदेश में नहीं हुई है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं। जून के शुरुआती दिनों में कई जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। निवाड़ी, भोपाल, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर और सीहोर समेत 14 जिलों में 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। 

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी का असर भी बना हुआ है। खजुराहो में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि प्रदेश के 26 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। 

विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो के प्रभाव और मौसमीय परिस्थितियों के कारण इस बार मानसून कमजोर पड़ सकता है। आईएमडी ने देशभर में भी सामान्य से कम वर्षा का अनुमान जताया है, जिससे कृषि और जल संसाधनों पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। 

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खरीफ फसलों की बुवाई से पहले स्थायी और पर्याप्त वर्षा का इंतजार करें। वहीं प्रशासन ने भी नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

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    <title>रामगढ़ नंबर-2 में 49 लाख के उप स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण, 100 दिवसीय ग्रामोत्सव का भव्य शुभारंभ</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-11 20:22:10</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- ग्राम पंचायत रामगढ़ नंबर-2 में बुधवार को विकास और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्य अतिथि सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने लगभग 49 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ में 3.42 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित अतिरिक्त निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसी अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा आयोजित 100 दिवसीय बारहवें ग्रामोत्सव का शुभारंभ भी किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, नदी पूजन और ग्राम विकास के संकल्प के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद सदस्य श्रीमती नीतू सिंह चौहान ने की।

लोकार्पण अवसर पर विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र के प्रारंभ होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

ग्रामोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विधायक श्रीमती पाठक ने कहा कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्राम विकास, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने ग्रामवासियों से गांव के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

जिला समन्वयक मुकेश कुमार गौर ने कहा कि ग्रामोत्सव के माध्यम से सामाजिक चेतना, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और जनसहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामोत्सव संयोजक अमित कुमार गौतम "स्वतंत्र" ने बताया कि यह आयोजन का बारहवां वर्ष है। 10 जून से शुरू हुआ यह 100 दिवसीय ग्रामोत्सव 11 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान 50 से अधिक सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेलकूद और जनजागरूकता आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

सरपंच शिवटहल कोल ने कहा कि यह आयोजन ग्रामवासियों की सामूहिक शक्ति, संकल्प और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन के सफल संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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    <title>मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का संदेश, विकसित भारत के निर्माण में सभी दें योगदान</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-11 20:08:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 जून को विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने इस संदेश में योग की महत्ता तो बताई ही साथ ही, आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित होने वाले योग के विशेष ऑनलाइन सत्र की जानकारी भी दी है। उन्होंने हर उम्र के नागरिकों से अपील की है कि वे इस सत्र में जरूर शामिल हों। इस तरह के कार्यक्रमों से ही स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संदेश में कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक जन-आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के 7वें काउंटडाउन के अवसर पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा 14 जून को प्रातः 6:30 बजे से 7:35 बजे तक विशेष ऑनलाइन योग सत्र का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को योग से जोड़ते हुए स्वस्थ, जागरूक एवं निरोग समाज का निर्माण करना है। 

प्रदेश के नागर‍िकों से मुख्‍यमंत्री की अपील-योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं प्रदेश के सभी नागरिकों-युवाओं-महिलाओं-वरिष्ठजनों-विद्यार्थियों-शासकीय सेवकों-सामाजिक संगठनों से आग्रह करता हूं कि इस ऑनलाइन योग सत्र में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनें तथा योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएं। इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए टोल-फ्री नंबर 18003157008 जारी किया गया है। इस पर मिस कॉल देकर आप पंजीयन कर सकते हैं। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आइए हम सभी मिलकर 'घर-घर योग-हर व्यक्ति निरोग' के संकल्प के साथ अब हर घर योग का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में सहभागी बनें तथा स्वस्थ मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।</description>
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    <title>कांग्रेस ने तथ्य छिपाए, अपनों ने ही खोली पोल: सीएम डॉ. मोहन यादव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-10 16:33:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हार के डर से अपने प्रत्याशी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर छिपाने का प्रयास किया, लेकिन अंततः उसकी सच्चाई सामने आ गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के भीतर ही राज्यसभा सीट को लेकर कई नेता दावेदार थे। टिकट नहीं मिलने से असंतुष्ट नेताओं ने ही पार्टी के अंदरूनी मामलों और संबंधित तथ्यों को उजागर कर दिया, जिससे कांग्रेस की कार्यशैली और आंतरिक कलह जनता के सामने आ गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा समाज को बांटने की राजनीति करती रही है और सत्ता में रहते हुए केवल अपने स्वार्थों की पूर्ति पर ध्यान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व विकास किया है। करोड़ों लोगों को आवास, मुफ्त राशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है। आज भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यसभा में एनडीए के सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है और भाजपा सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" के मंत्र के साथ कार्य कर रही है।

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    <title>राज्यसभा चुनाव में नया मोड़: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त, कांग्रेस आज चुनाव आयोग से करेगी शिकायत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-10 10:22:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने भाजपा की आपत्ति पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

भाजपा ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की हैदराबाद स्थित अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर शाम 5:30 बजे तक जवाब मांगा गया था। जवाब पर विचार करने के बाद नामांकन पत्र को निरस्त कर दिया गया।

नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस ने फैसले का कड़ा विरोध किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें केवल न्यायालय का एक नोटिस प्राप्त हुआ था। कांग्रेस ने आरोपों को निराधार बताते हुए इस निर्णय को अदालत में चुनौती देने की घोषणा की है।

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आज सुबह 11 बजे चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में शिकायत दर्ज कराएंगे और आयोग से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार देर रात तक कांग्रेस विधायक और नेता भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। वहीं दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात का समय मांगा था। आयोग ने उन्हें बुधवार दोपहर 12 बजे का समय दिया है।

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस इस मुद्दे को कानूनी तथा राजनीतिक स्तर पर उठाने की तैयारी में जुट गई है।

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  <item>
    <title>एमपी में कमजोर मानसून के संकेत, फिर भी प्री-मानसून ने दिखाई ताकत; 14 जिलों में सामान्य से 100% से 672% अधिक बारिश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-10 07:04:49</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से 90 से 95 प्रतिशत तक ही वर्षा होने की संभावना है। हालांकि मानसून की औपचारिक एंट्री अभी प्रदेश में नहीं हुई है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां जोरदार बनी हुई हैं।

1 जून से 9 जून के बीच प्रदेश में औसतन आधा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान 14 जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें भोपाल, निवाड़ी, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, अलीराजपुर, अशोकनगर, देवास, हरदा, मुरैना, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर प्रमुख हैं।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो निवाड़ी में सामान्य 1.9 मिमी के मुकाबले 14.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 672 प्रतिशत अधिक है। नीमच में 493 प्रतिशत, आगर-मालवा में 385 प्रतिशत, श्योपुर में 346 प्रतिशत, मंदसौर में 334 प्रतिशत तथा भोपाल में 304 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

वहीं दूसरी ओर प्रदेश में गर्मी भी अपने तेवर दिखा रही है। मंगलवार को छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। प्रदेश के 26 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। दतिया में 44 डिग्री, रीवा, राजगढ़ और टीकमगढ़ में 43 डिग्री के आसपास तापमान रहा।

मौसम विभाग ने बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।

उधर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सतना, टीकमगढ़, छतरपुर समेत कई जिलों में गर्मी और उमस का असर बना रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जबकि प्रदेश में मानसून की दस्तक अगले कुछ दिनों में होने की उम्मीद है।
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    <title>सीएम डॉ. मोहन यादव की मंजूरी से अगले 5 साल जारी रहेगा 'शौर्या दल', महिलाओं की साइलेंट आर्मी बनेगी समाज की ताकत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-09 18:48:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में संचालित 'शौर्या दल' को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

वर्ष 2013 में प्रदेश के छह जिलों से शुरू हुई यह पहल आज पूरे मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में शौर्या दल से 22.52 लाख से अधिक महिलाएं और किशोरियां जुड़ी हुई हैं, जो समाज में जागरूकता और सुरक्षा का मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही हैं।

शौर्या दल की सदस्य महिलाएं घरेलू हिंसा, बाल विवाह, मानव तस्करी, लैंगिक भेदभाव और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अन्य अपराधों की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर वे संबंधित विभागों और प्रशासन को सूचित करने के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर संवाद और समझाइश के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास करती हैं।

इस विशाल नेटवर्क में 7.64 लाख से अधिक किशोरियां एवं छात्राएं शामिल हैं, जबकि लगभग 14.88 लाख गृहणियां और अनुभवी महिलाएं भी इसका हिस्सा हैं। युवा ऊर्जा और सामाजिक अनुभव का यह समन्वय समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार शौर्या दल केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति महिलाओं को जागरूक करने का भी कार्य कर रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में यह पहल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने में प्रभावी साबित हुई है।

प्रदेश सरकार का मानना है कि शौर्या दल ने महिला सशक्तिकरण को व्यवहारिक रूप दिया है। यही कारण है कि इस मॉडल को आगे भी जारी रखते हुए महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार के इस फैसले से आने वाले वर्षों में महिलाओं की सामाजिक भागीदारी, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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  <item>
    <title>सीएम डॉ. मोहन ने लगाई अहम फैसलों पर मुहर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-09 17:19:16</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव   ने 9 जून को जन कल्याण के लिए कई अहम फैसले किए। उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट ने कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रुपये से बढ़ाकर एक रुपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रुपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए एमपीएससीएससी और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे।

कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। कैबिनेट ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रुपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रुपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रुपये का अतिरिक्त पीटीए-आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।

आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आईटी संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रुपये स्वीकृत
कैबिनेट द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना से वीबीटीसी प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जाएगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन
कैबिनेट ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जीएसटी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी।

8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति
कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूं उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आरबीआई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर एमपीएससीएससी और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग मप्र शासन को प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आरबीआई द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी।

मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय
कैबिनेट द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जाएगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियों की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जाएगा।</description>
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    <title>एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: मंडी टैक्स बढ़ा, कपास शुल्क घटा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-09 16:03:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, व्यापारियों और शहरी अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने कृषि उपज मंडियों में लगने वाले मंडी शुल्क में वृद्धि करने के साथ ही कपास पर लगने वाले शुल्क में कमी को मंजूरी दी। इसके अलावा भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं की बढ़ी हुई लागत को भी स्वीकृति प्रदान की गई। 

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कृषि उपज पर मंडी शुल्क को बढ़ाकर डेढ़ प्रतिशत किया जाएगा। वहीं कपास पर लगने वाले शुल्क को कम करने का फैसला लिया गया है, जिससे कपास उत्पादकों और व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से मंडियों के संसाधनों में वृद्धि होगी और कृषि अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। 

बैठक में भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजनाओं की संशोधित लागत को भी मंजूरी दी गई। निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि तथा परियोजना के विस्तार को देखते हुए लागत में बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि मेट्रो परियोजनाएं प्रदेश के प्रमुख शहरों में यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी

मंत्रिपरिषद ने विभिन्न विभागों से जुड़े अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी चर्चा कर आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान कीं। सरकार ने कहा कि लिए गए निर्णयों से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी तथा शहरी परिवहन ढांचे के विकास को गति मिलेगी।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य की आर्थिक गतिविधियों, कृषि विपणन व्यवस्था और शहरी विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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    <title>घर में घुसा तेज रफ्तार ट्रेलर, युवक की मौत; आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-09 11:47:22</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले के बंधौरा चौकी क्षेत्र अंतर्गत सितूल गांव में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रेलर सड़क किनारे स्थित एक घर में जा घुसा, जिसकी चपेट में घर के बाहर सो रहा युवक आ गया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान राजेंद्र कुमार शाह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रेलर बंधौरा से परसौना की ओर जा रहा था। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रेलर सीधे घर में घुस गया।

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोमवार रात करीब 11 बजे से ही पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर मौजूद हैं। जिले के कई थाना प्रभारी भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं।

बंधौरा चौकी प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। उसकी पहचान कर ली गई है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस ग्रामीणों को समझाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है।
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    <title>एमपी में अगले सप्ताह मानसून की एंट्री, 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 5 जिलों में लू का खतरा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-09 09:10:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब करीब है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। इससे पहले प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिसके चलते कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मानसून इंदौर और जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर अथवा बैतूल जिले से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले मंगलवार को प्रदेश के 20 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अलर्ट वाले जिलों में बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 9, 10 और 11 जून तक प्रदेश में आंधी और बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। वहीं 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में फिलहाल गर्मी का असर भी बरकरार है। सोमवार को कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला में सबसे अधिक 42.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि छिंदवाड़ा में 42.1, खजुराहो में 42, दमोह में 41.8 और मलाजखंड में 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा सहित मध्य क्षेत्र के जिलों में भी बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के प्रभाव से मौसम लगातार बदल रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी पकड़ सकती हैं।

किसानों को सलाह दी गई है कि खरीफ फसलों की बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी वर्षा का इंतजार करें। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है।
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  <item>
    <title>राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस विधायकों को कर्नाटक भेजेगी, क्रॉस वोटिंग रोकने की रणनीति तैयार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-09 08:51:38</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने के बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की रणनीति अपनाने का फैसला किया है। इसी क्रम में कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट करने की तैयारी में है।

सूत्रों के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब 12:30 बजे कांग्रेस विधायकों को चार्टर्ड विमान से भोपाल से बेंगलुरु ले जाया जाएगा। अगले 10 दिनों तक राज्यसभा चुनाव की वोटिंग और विधायकों की सुरक्षा को लेकर विशेष रणनीति बनाई जाएगी।

इससे पहले सोमवार देर शाम नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भोपाल स्थित आवास पर कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। डिनर बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, विधायकों की एकजुटता और उन्हें दूसरे राज्य भेजने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, फूल सिंह बरैया, सज्जन सिंह वर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं और राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है। एक उम्मीदवार की जीत के लिए 58 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता है। कांग्रेस के पास 61 विधायक हैं, जिससे वह एक सीट जीतने की स्थिति में है। हालांकि भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की आशंका सताने लगी है।

राजनीतिक गलियारों में इस आशंका को और बल तब मिला जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने इस्तीफा दे दिया। वहीं बीना विधायक निर्मला सप्रे की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को राज्य से बाहर सुरक्षित रखने और चुनाव तक एकजुट बनाए रखने के उद्देश्य से कर्नाटक भेजने का निर्णय लिया है। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी हलचल देखने को मिल सकती है।
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  <item>
    <title>समान नागरिक संहिता पर जन-परामर्श बैठक आज, नागरिकों से सुझाव आमंत्रित</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-09 06:12:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य श्री अनूप नायर के सीधी प्रवास के दौरान मंगलवार 09 जून 2026 को जन-परामर्श बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक अपराह्न 3:30 बजे शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1, सीधी स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में संपन्न होगी।

जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बैठक का उद्देश्य समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों पर समाज के विभिन्न वर्गों, समुदायों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों के सुझाव, विचार एवं आपत्तियां प्राप्त करना है। इसके माध्यम से विषय के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा और विमर्श सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि जन-परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त सुझावों से समिति को विभिन्न सामाजिक दृष्टिकोणों को समझने में सहायता मिलेगी तथा विषय पर संतुलित एवं व्यापक विचार-विमर्श संभव हो सकेगा।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से निर्धारित तिथि एवं समय पर बैठक में उपस्थित होकर अपने बहुमूल्य सुझाव एवं विचार प्रस्तुत करने की अपील की है। साथ ही जन-परामर्श प्रक्रिया को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।

यह बैठक समाज के विभिन्न वर्गों के विचारों को संकलित करने तथा समान नागरिक संहिता से जुड़े मुद्दों पर जनमत प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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  <item>
    <title>सीधी:तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 5 मजदूर गंभीर घायल; 2 की हालत नाजुक, रीवा रेफर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-08 18:12:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र अंतर्गत कोदईडाड़ गांव में सोमवार दोपहर मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें दो की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली बिजली टावर निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को लेकर चुरहट की ओर जा रही थी। दोपहर करीब 3 बजे कोदईडाड़ गांव के पास एक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण हादसा गंभीर हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर नैकिन पहुंचाया गया। 108 एंबुलेंस के ईएमटी रवि शुक्ला ने बताया कि हादसे में घायल पांच लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया।

घायलों में शिव प्रसाद रावत एवं आशा रावत को सिर और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर कर दिया है।

वहीं मुन्ना, रामनाथ और सानू रावत का उपचार रामपुर नैकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली में 15 से अधिक मजदूर सवार थे, जिनमें कई लोगों को मामूली चोटें भी आई हैं।

हादसे के बाद चालक ने पलटे हुए वाहन को सीधा किया और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है तथा चालक की तलाश की जा रही है।
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  <item>
    <title>पत्नी की हत्या कर शव जलाने वाला पति गिरफ्तार, बहरी पुलिस ने अंधे कत्ल का किया खुलासा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-08 15:38:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के बहरी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे जली हुई अवस्था में मिले महिला के शव के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि भरण-पोषण राशि को लेकर हुए विवाद के बाद पति ने पत्नी की हत्या कर शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था।

पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को ग्राम दुअरा कला में सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का अधजला शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल से जले-अधजले कपड़ों के टुकड़े, धागे के खोखे, जूट के बोरे के अवशेष सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी स्वयं घटनास्थल पहुंचे और निरीक्षण किया। घटनास्थल पर मिले सिलाई-कटाई से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने जांच को टेलरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों की ओर केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलेभर में गुमशुदगी की सूचनाओं और संबंधित व्यक्तियों की जानकारी का मिलान किया गया।

जांच के दौरान मृतका की पहचान ममता नामदेव (35) निवासी खैरा, जिला सीधी के रूप में हुई। वह अपने पति सुरेश नामदेव से अलग रह रही थी तथा अपनी पुत्री के साथ सीधी में किराये के मकान में रहकर मजदूरी करती थी। न्यायालय द्वारा उसे भरण-पोषण राशि भी स्वीकृत थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि 5 जून को ममता नामदेव अपने पति की सिलाई दुकान पर भरण-पोषण राशि लेने पहुंची थी। इसी दौरान दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ, जो बढ़कर हत्या तक पहुंच गया। आरोप है कि सुरेश नामदेव ने पत्नी की हत्या कर शव को बोरे में भरकर ग्राम दुअरा कला के पहाड़ी मार्ग के किनारे फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए शव पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।

घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस ने आरोपी सुरेश नामदेव पिता रमेश नामदेव, निवासी खैरा, थाना कोतवाली सीधी को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 238(क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि सूक्ष्म भौतिक साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और लगातार की गई विवेचना के माध्यम से इस अंधे कत्ल का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।
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    <title>संकल्प से समाधान अभियान: 1000 लोगों तक पहुंचा वृक्षारोपण का संदेश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-08 14:35:49</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रामपुर नैकिन(ईन्यूज एमपी)- पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन के उद्देश्य से शिक्षक दयाशंकर द्विवेदी द्वारा संचालित "संकल्प से समाधान" अभियान लगातार जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है। 27 मई 2026 से शुरू हुए इस जन-जागरूकता अभियान के तहत उन्होंने एक लाख लोगों से मिलकर प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अभियान के अंतर्गत अब तक 1000 लोगों से प्रत्यक्ष संपर्क कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वृक्षारोपण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा चुका है। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दयाशंकर द्विवेदी ने कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति लोगों की बढ़ती जिम्मेदारी और सहभागिता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान, घटते जलस्तर और पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। वृक्ष न केवल स्वच्छ वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री द्विवेदी ने समाज के सभी वर्गों से अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि लोग अपने घरों, खेतों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और खाली भूमि पर पौधारोपण करें तथा उनकी देखभाल का भी संकल्प लें। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और बेहतर पर्यावरण का अमूल्य उपहार साबित होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहयोग और सामूहिक प्रयासों के बल पर एक लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा तथा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक जनआंदोलन का रूप लेगा।

"एक पेड़ – अनेक जीवन" के संदेश के साथ अभियान निरंतर जारी है। 🌳
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    <title>लाइसेंस बनवाना हुआ मुश्किल, चार पहिया वाहन चालकों को टेस्ट में लाने होंगे 60 अंक</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-08 11:38:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी)-भोपाल में अब चार पहिया वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना पहले की तुलना में अधिक कठिन होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीकी और पारदर्शी बनाने की तैयारी की है। नए नियमों के तहत आवेदक को ड्राइविंग टेस्ट में 100 में से कम से कम 60 अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। 60 से एक अंक भी कम मिलने पर अभ्यर्थी को असफल माना जाएगा और उसे दोबारा परीक्षा देनी होगी। 

नई व्यवस्था में सेंसर और कैमरों की मदद से ड्राइविंग कौशल का आकलन किया जाएगा, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और दलालों तथा अनियमितताओं पर रोक लग सकेगी। टेस्ट के दौरान सीट बेल्ट का उपयोग, पार्किंग, ट्रैफिक नियमों का पालन, चौराहों पर वाहन संचालन और निर्धारित ट्रैक पर ड्राइविंग जैसे बिंदुओं पर अंक दिए जाएंगे। 

परिवहन अधिकारियों का मानना है कि इस प्रणाली से केवल प्रशिक्षित और सक्षम चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। असफल होने वाले आवेदकों को निर्धारित अवधि के बाद पुनः टेस्ट देने का अवसर मिलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए नई व्यवस्था से योग्य चालकों की पहचान बेहतर ढंग से हो सकेगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनेगी। 

इस बदलाव के बाद लाइसेंस प्राप्त करने के लिए केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आवेदकों को अपनी ड्राइविंग क्षमता भी साबित करनी होगी। परिवहन विभाग का उद्देश्य सड़कों पर प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालकों की संख्या बढ़ाना है। 

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    <title>लो रीवा के तर्ज पर हमने लगा दिया आधी रात सीधी शहर में पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार की प्रतिमा ....</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-08 08:58:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- लो रीवा के तर्ज पर हमने लगा  दिया आधी रात सीधी शहर में पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार की प्रतिमा ....जी हां झूंठा नही यह सच है हमने खूब गिड़गिड़ाया ..खूब पर्खा पर आपने एक नही सुनी .. इसीलिए हम सब आधी रात उस महान पुरुष की प्रतिमा को चिन्हित स्थान पर रीवा यानी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी की तरह स्थापित कर दिया  ... जी हां सात बार सीधी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके मानव सेवा पुरस्कार से सम्मानित पूर्व मंत्री स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार की प्रतिमा आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद स्थापित कर दी गई। हालांकि प्रतिमा की स्थापना जिस तरीके से आधी रात को की गई, उसने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद द्वारा पूर्व में प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन प्रस्तावित स्थल को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी कारण स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार की प्रतिमा लंबे समय से एक स्थान पर रखी हुई थी और स्थापना का इंतजार कर रही थी।

बताया जा रहा है कि रविवार देर रात वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद वर्मा एवं पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष विक्रम सिंह की मौजूदगी में प्रतिमा को प्रस्तावित एवं विवादित स्थल पर स्थापित कर दिया गया। आधी रात को प्रतिमा लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।

प्रतिमा स्थापना को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रतिमा स्थापना का मामला सार्वजनिक और नगर पालिका के प्रस्ताव से जुड़ा था, तो फिर इसे दिन के उजाले में विधिवत कार्यक्रम आयोजित कर स्थापित करने के बजाय आधी रात को लगाना पड़ा यह एक बड़ा सबाल है ।

उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार सीधी जिले की राजनीति का बड़ा नाम रहा हैं। वे सात बार विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। उन्हें गरीबों का नेता माना जाता रहा है।ऐसे में उनकी प्रतिमा की स्थापना लंबे समय से उनके समर्थकों की मांग रही है। फिलहाल प्रतिमा स्थापना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं विवादित स्थल पर प्रतिमा लगाए जाने को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।</description>
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    <title>सीधी:ग्रामीणों की शिकायतों पर कार्रवाई: पटवारी बृजेश प्रजापति निलंबित</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-08 07:17:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- कलेक्टर विकास मिश्रा के क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों के बाद राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खड्डी खुर्द एवं खड्डी कला हल्के के पटवारी बृजेश कुमार प्रजापति को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार राजस्व निरीक्षक मंडल खड्डी के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन समेत विभिन्न राजस्व मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी किए जाने तथा कार्य के बदले अवैध राशि मांगने की शिकायत कलेक्टर से की थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जांच कराई गई।

जांच के दौरान कई राजस्व प्रकरण लंबे समय से लंबित पाए गए। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना किए जाने की भी पुष्टि हुई।

नायब तहसीलदार हनुमानगढ़ द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद उपखंड अधिकारी (राजस्व) रामपुर नैकिन विकास आनंद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत पटवारी बृजेश कुमार प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन निर्धारित किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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    <title>12 से 18 जून तक प्रदेशभर में लगेंगे जनकल्याण शिविर, पात्र हितग्राहियों को मिलेगा योजनाओं का लाभ</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-07 22:43:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 12 से 18 जून तक प्रदेश के सभी जिलों में जनकल्याण शिविर आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री Mohan Yadav के निर्देश पर प्रत्येक विकासखंड एवं नगरीय निकाय मुख्यालय में तीन दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे, जहां पात्र लेकिन योजनाओं से वंचित लोगों की पहचान कर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिविरों में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों का पंजीयन, स्वीकृति और लाभ वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साथ ही आमजन की शिकायतों और लंबित मामलों का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए भी आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी अनिवार्य

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार शिविरों का रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि कलेक्टर, अपर कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा सभी विभागों के जिला अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर योजनाओं, शिकायतों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें तथा यथासंभव तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से होगी मॉनिटरिंग

अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों का पंजीयन एवं निराकरण सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल पर विशेष मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों को शिविरों की तिथियां, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा कार्ययोजना पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, राजस्व प्रकरणों और अन्य जनशिकायतों के निराकरण के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी सुविधाएं

शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पंजीयन और सेवा वितरण की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी, हितग्राही संवाद, सफलता की कहानियों का प्रस्तुतीकरण और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन आवेदनों का निराकरण तत्काल संभव नहीं होगा, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवेदकों को जानकारी दी जाए। शिविरों के आयोजन के लिए प्रभारी मंत्री की स्वीकृति प्राप्त की जाएगी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार नवाचार करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र नागरिकों को उनकी पात्रता अनुसार सभी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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  <item>
    <title>मेडिकल स्टोर पर पुलिस का छापा, 658 नशीली ट्रामाडोल गोलियां जब्त</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-07 18:17:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सेमरिया में संचालक गिरफ्तार, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेमरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सेमरिया पुलिस ने स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल स्टोर से 658 ट्रामाडोल युक्त नशीली गोलियां जब्त की हैं। मामले में मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, तथा एसडीओपी चुरहट के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को 6 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेमरिया बाजार स्थित एक मेडिकल स्टोर में अवैध रूप से नशीली दवाओं का भंडारण किया गया है।

सूचना के आधार पर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने *शश्रीराम मेडिकल स्टोर पर दबिश दी। जांच के दौरान दुकान संचालक राकेश गुप्ता (35 वर्ष) निवासी कठार, हाल मुकाम सेमरिया के कब्जे से विभिन्न ब्रांड की कुल 658 ट्रामाडोल युक्त गोलियां** बरामद की गईं। जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत 9 हजार 724 रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी नशीली दवाओं के भंडारण और बिक्री से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद आरोपी के खिलाफ धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

 सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त नशीली दवाएं कहां से लाई गई थीं और इनके अवैध कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

 नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों एवं नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में थाना सेमरिया पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की भूमिका सराहनीय रही।
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    <title>SAFF महिला चैंपियनशिप-2026 पर भारत का कब्जा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-07 17:58:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए SAFF महिला चैंपियनशिप-2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। गोवा के मडगांव में आयोजित फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को हराकर दक्षिण एशिया की सबसे प्रतिष्ठित महिला फुटबॉल प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठता साबित की।
भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत देश की बेटियों के साहस, प्रतिभा, समर्पण और टीम भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला फुटबॉल टीम की यह उपलब्धि खेल जगत में प्रेरणा का नया अध्याय लिखेगी और देश की युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से पूरे देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी दल को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

25 मई से 6 जून तक चला टूर्नामेंट
साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) महिला चैंपियनशिप का आयोजन 25 मई से 6 जून 2026 तक गोवा के मडगांव में किया गया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में कुल 18 गोल दागे और फाइनल में भी शानदार जीत दर्ज की।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी बधाई
भारतीय महिला टीम की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जताते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम का यह प्रदर्शन देश की खेल प्रतिभा और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

चारों ओर हो रही सराहना
अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में भारतीय महिला खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन की खेल जगत में व्यापक सराहना हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता भारत में महिला फुटबॉल को नई पहचान और ऊर्जा प्रदान करेगी।
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश की बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।</description>
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    <title>24 घंटे में दूसरी सनसनी: महिला के शव के बाद युवक की हत्या से दहला झुमरिया गांव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-07 17:26:31</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>बहरी/सीधी(ईन्यूज एमपी)- सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत झुमरिया में रविवार सुबह जमीन और मकान निर्माण को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद के दौरान एक युवक की कथित रूप से उसके पिता और दो भाइयों द्वारा की गई मारपीट में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान भोला साकेत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भोला साकेत अपनी हिस्से की जमीन पर मकान निर्माण का कार्य करा रहा था। इसी बात को लेकर उसका अपने पिता विश्वेश्वर साकेत तथा दो भाइयों से लंबे समय से विवाद चल रहा था।

रविवार सुबह करीब 10 बजे एक बार फिर इसी मुद्दे को लेकर परिवार के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान पिता और दोनों भाइयों ने भोला साकेत की डंडों से जमकर पिटाई कर दी। मारपीट में गंभीर रूप से घायल भोला साकेत घर के पास ही बेहोश होकर गिर पड़ा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी तथा उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 24 घंटे में दूसरी बड़ी घटना से दहशत

गौरतलब है कि झुमरिया गांव पिछले 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी घटना को लेकर चर्चा में है। एक दिन पूर्व ही गांव में एक अज्ञात महिला का अधजला शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। उस मामले की जांच अभी जारी है, वहीं अब युवक की हत्या की घटना ने ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
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    <title>एमपी में शिक्षकों के तबादलों की गाइडलाइन जारी: 8 जून से शुरू होगी ऑनलाइन प्रक्रिया</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-07 08:35:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के लिए शिक्षकों एवं शैक्षणिक कर्मचारियों के प्रशासनिक तथा स्वैच्छिक स्थानांतरण की विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्थानांतरण प्रक्रिया 8 जून से प्रारंभ होकर 15 जुलाई 2026 तक संचालित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।

विभागीय निर्देशों के अनुसार सबसे पहले प्रशासनिक आधार पर तबादले किए जाएंगे, इसके बाद रिक्त पदों के आधार पर स्वैच्छिक स्थानांतरण किए जाएंगे। अंतर्जिला स्थानांतरण के लिए 8 से 15 जून तक तथा जिला, संभाग और राज्य कैडर के स्थानांतरण के लिए 8 से 17 जून तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।

 सरप्लस शिक्षकों का होगा समायोजन

नई नीति के तहत जिन विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक होगी, वहां के अतिशेष (सरप्लस) शिक्षकों को शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्र हित को देखते हुए सरप्लस शिक्षकों के तबादले शैक्षणिक सत्र के बीच भी किए जा सकेंगे।

किसी संस्था में सामान्यतः सबसे लंबे समय से पदस्थ शिक्षक को अतिशेष माना जाएगा। हालांकि यदि पिछले दो वर्षों में स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों के कारण अतिरिक्तता की स्थिति बनती है, तो ऐसे शिक्षकों को पहले सरप्लस श्रेणी में रखा जाएगा।

 स्वैच्छिक तबादलों का कार्यक्रम

* रिक्त पदों का प्रकाशन : 18 जून
* ऑनलाइन आवेदन : 19 से 23 जून
* डेटा प्रोसेसिंग एवं अनुमोदन : 24 से 26 जून
* स्थानांतरण आदेश जारी : 28 से 30 जून
* कार्यमुक्ति एवं कार्यभार ग्रहण : 30 जून से 6 जुलाई
* ऑनलाइन आपत्तियां : 1 से 7 जुलाई

 इन कर्मचारियों को मिलेगी प्राथमिकता

स्वैच्छिक स्थानांतरण में बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्य एवं शैक्षणिक अमले, गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों, पति-पत्नी एक ही स्थान पर पदस्थ होने के इच्छुक कर्मचारियों, दिव्यांग शिक्षकों, विधवा एवं परित्यक्ता महिला कर्मचारियों, राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों तथा मृतक कर्मचारी के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 सेवानिवृत्ति के करीब कर्मचारियों का नहीं होगा तबादला

जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम समय शेष है, उनका प्रशासनिक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। वहीं अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं तथा गंभीर बीमारी से प्रभावित कर्मचारियों के मामलों में गृह जिले अथवा सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापना पर विशेष विचार किया जाएगा।

 वेतन भुगतान और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण आदेश लागू होने के बाद कर्मचारी का वेतन पुराने संस्थान से आहरित नहीं होगा। कार्यभार ग्रहण नहीं करने, बिना अनुमति अनुपस्थित रहने या आदेश की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 ई-अटेंडेंस को लेकर उठे सवाल

शासकीय शिक्षक संगठन ने स्वैच्छिक तबादलों के लिए ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता पर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि यह प्रावधान वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे कई शिक्षकों के लिए बाधा बन सकता है। संगठन ने शासन से इस शर्त को हटाने की मांग की है।

 पारदर्शी व्यवस्था का दावा

स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि नई स्थानांतरण नीति पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। इससे शिक्षकों को अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी तथा प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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  <item>
    <title>मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में अफसरों की भारी कमी, 5 हजार नियमित पद खाली</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-07 08:10:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों में लगभग 5 हजार नियमित अधिकारियों के पद रिक्त होने से प्रशासनिक और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई निकायों में एक ही अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसेवाओं पर असर पड़ रहा है। 

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO), इंजीनियर, वित्त अधिकारी और अन्य तकनीकी पदों की कमी है। कई नगर निकायों में नियमित अधिकारियों के अभाव में अतिरिक्त प्रभार व्यवस्था लागू है, जिसके कारण निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। 

अतिरिक्त प्रभार व्यवस्था पर सख्ती

स्थिति को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रिक्त पदों पर अनधिकृत प्रभार देने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब केवल पात्र अधिकारियों को ही नियमानुसार प्रभार दिया जाएगा और सभी प्रस्ताव संचालनालय की स्वीकृति से ही लागू होंगे। 

विकास कार्यों पर पड़ रहा असर

अधिकारियों की कमी का असर शहरी विकास परियोजनाओं, निर्माण कार्यों, कर वसूली, स्वच्छता प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं पर दिखाई दे रहा है। कई नगर निकायों में तकनीकी और प्रशासनिक निर्णय समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे योजनाओं की गति धीमी पड़ रही है। 

भर्ती की तैयारी तेज

राज्य सरकार लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की दिशा में प्रयास कर रही है। इससे पहले नगरीय निकायों में हजारों रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी भी की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित नियुक्तियां होने से नगरीय निकायों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। 

सरकार की प्राथमिकता

सरकार का कहना है कि शहरी क्षेत्रों के तेजी से विस्तार को देखते हुए नगर निकायों को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है। रिक्त पदों की पूर्ति और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है। 

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  <item>
    <title>महंगाई का एक और झटका: घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा, तीन महीने में 89 रुपए बढ़े दाम</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-07 06:38:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- आम उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें शनिवार रात 12 बजे के बाद से लागू हो गई हैं। राजधानी भोपाल में अब 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर 918.50 रुपए की जगह 947.50 रुपए में मिलेगा।

यह बीते तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की वृद्धि की गई थी। इस तरह मार्च से जून के बीच घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपए महंगा हो चुका है।

बड़े शहरों में बढ़ी कीमतें

मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में भी गैस सिलेंडर की नई दरें लागू हो गई हैं। ग्वालियर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 1025 रुपए पहुंच गई है, जबकि उज्जैन में यह 1001 रुपए में मिलेगा। इंदौर में सिलेंडर की कीमत 970 रुपए और जबलपुर में 919 रुपए हो गई है।

 तेल कंपनियों ने बताई वजह

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में लगातार वृद्धि और घरेलू बिक्री पर हो रहे नुकसान के कारण यह निर्णय लिया गया है। कंपनियों का दावा है कि प्रत्येक घरेलू गैस सिलेंडर पर उन्हें करीब 703 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में कीमतों में की गई बढ़ोतरी केवल आंशिक राहत प्रदान करेगी।

 छोटे सिलेंडर भी हुए महंगे

घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे एलपीजी सिलेंडर उपयोगकर्ताओं पर भी असर पड़ा है। 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 11 रुपए की वृद्धि की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 821.50 रुपए हो गई है।

 पेट्रोल, डीजल और सीएनजी भी पहले हो चुके महंगे

एलपीजी से पहले पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो चुकी है। मई महीने में पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर लगभग 7.50 रुपए प्रति लीटर तक बढ़े हैं, जबकि सीएनजी करीब 6 रुपए प्रति किलोग्राम महंगी हुई है। तेल कंपनियों का दावा है कि बढ़ी हुई लागत के बावजूद पेट्रोल और डीजल अभी भी लागत मूल्य से कम दर पर बेचे जा रहे हैं।

 आम जनता पर बढ़ेगा बोझ

गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ेगा। रसोई गैस पहले से ही कई परिवारों के लिए महंगी साबित हो रही है और अब नई बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में कमी नहीं आई तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।

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    <title>जापान में लहराया तिरंगा: अंडर-18 एशिया कप विजेता भारतीय हॉकी टीम को CM डॉ. यादव ने दी बधाई</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-06 22:58:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी): जापान के काकामिगाहारा में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारतीय हॉकी टीम ने शानदार विजय प्राप्त कर देश का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक जीत पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय टीम को बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान है। पुरुष हॉकी अकादमी के छह खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन और स्वर्ण पदक विजेता दल का हिस्सा बनना मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि आज भारतीय खिलाड़ी न सिर्फ हॉकी, बल्कि कई अन्य खेलों में भी विश्व पटल पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वैश्विक खेल जगत के अनेक क्षेत्रों में भारत की विजयी पताका लगातार लहरा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा की "पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारे युवा खिलाड़ियों ने अटूट टीम भावना और अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन किया है। यह जीत उनकी कड़ी मेहनत और देश के प्रति समर्पण का परिणाम है।

इस खिताबी मुकाबले और पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष खिलाड़ियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की इस बड़ी विजय में आशीष तानी पूर्ति की शानदार हैट्रिक और कप्तान केतन कुशवाहा के गोल की भूमिका बेहद प्रेरक और निर्णायक रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि अंडर-18 की इस ऊर्जावान टीम के खिलाड़ी आने वाले समय में अपनी काबिलियत के बलबूते भारत की सीनियर राष्ट्रीय हॉकी टीम में भी जगह बनाएंगे और देश को गौरवान्वित करना जारी रखेंगे।</description>
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    <title>वृद्धजनों के बीच पहुंचीं विधायक रीती पाठक, आत्मीय संवाद कर जाना हालचाल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-06 19:00:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक ने शुक्रवार को पनवार स्थित सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित कैलाश स्वर्ण वृद्धाश्रम का भ्रमण कर वहां निवासरत वृद्धजनों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने वृद्धजनों का हालचाल जाना तथा आश्रम में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

 	विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सत्या सरोवर समाज सेवा संस्थान द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोली का विधायक ने अवलोकन कर उसकी सराहना की। इसके पश्चात उन्होंने वृद्धाश्रम भवन का निरीक्षण करते हुए आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विधायक ने आश्रम संचालक एवं प्रबंधन को निर्देशित किया कि वृद्धजनों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा साफ-सफाई, गुणवत्तापूर्ण भोजन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 	विधायक श्रीमती पाठक ने वृद्धजनों के साथ समय बिताते हुए उनकी आवश्यकताओं, सुझावों एवं समस्याओं को भी सुना। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनका सम्मान एवं देखभाल करना हम सभी का दायित्व है।

 	भ्रमण के दौरान उपस्थित उपखंड अधिकारी राकेश शुक्ला ने भी आश्रम की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए आश्रम संचालन को और अधिक बेहतर एवं व्यवस्थित बनाए रखें।

 	इस दौरान विश्वबन्धुधर द्विवेदी, पंकज पाण्डेय, पुष्पराज सिंह सहित गणमान्य जन उपस्थित रहे।

 	इस अवसर पर विधायक श्रीमती पाठक आश्रम परिसर में आयोजित श्रावी गुप्ता पिता मनीष गुप्ता (रामा मेडिकल स्टोर, जोगीपहाड़ी) के जन्मदिवस कार्यक्रम में भी शामिल हुईं। उन्होंने श्रावी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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  <item>
    <title>सीधी:बोरी में बंद मिला महिला का जला शव, हत्या की आशंका</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-06 14:20:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत झरिया में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक अज्ञात महिला का जला हुआ शव बोरी में बंद अवस्था में मिला। शव मिलने की सूचना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या कर पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाया गया है।

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित झरिया गांव में ग्रामीणों ने एक संदिग्ध बोरी देखी। पास जाकर देखने पर उसमें जला हुआ शव होने की जानकारी मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही बहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी भी वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास करीब 200 मीटर के क्षेत्र को सील कर दिया है तथा सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव किसी महिला का प्रतीत हो रहा है। शव के माथे पर बिंदी के निशान तथा एक हाथ में जली हुई चूड़ी दिखाई दी है। हालांकि मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। घटनास्थल से एक जली हुई बोरी भी बरामद हुई है, जिसके आधार पर पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।

घटना की सूचना मिलने पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। टीम घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर रही है, जिससे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस हत्या सहित सभी संभावित एंगल को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों तथा घटनाक्रम का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

फिलहाल अज्ञात महिला की पहचान और घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस आसपास के क्षेत्रों में गुमशुदगी की रिपोर्टों का भी मिलान कर रही है। घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और चर्चा का माहौल बना दिया है।

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  <item>
    <title> भूमिगत खदान में बड़ा हादसा: एयर ब्लास्ट से दो श्रमिकों की मौत, चार घायल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-06 10:38:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। खदान के भीतर निर्माण कार्य के दौरान अचानक हुए एयर ब्लास्ट और छत का हिस्सा धंसने से दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल बचाव एवं राहत अभियान शुरू किया गया। 

जानकारी के अनुसार हादसा शहडोल मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित सोहागपुर क्षेत्र की बंगवार अंडरग्राउंड खदान में हुआ। श्रमिक खदान के अंदर "स्टॉपिंग वॉल" (सुरक्षा दीवार) निर्माण का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक खदान की छत का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे तेज दबाव वाली हवा का झटका (एयर ब्लास्ट) उत्पन्न हुआ और वहां कार्यरत श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। 

 दो श्रमिकों की मौत

हादसे में मृतकों की पहचान बल्लू बैगा (43 वर्ष) और गोलू बैगा (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों श्रमिक मलबे में दब गए थे और उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारियों और बचाव दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

 चार श्रमिक घायल

हादसे में अंजनी बैगा (38 वर्ष), अमित कुमार यादव (28 वर्ष), प्रेमलाल विश्वकर्मा (39 वर्ष) और राजकुमार यादव (37 वर्ष) घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। 

 खदान के अंदर चल रहा था सुरक्षा कार्य

अधिकारियों के अनुसार जिस स्टॉपिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा था, वह भूमिगत खदानों में वेंटिलेशन नियंत्रित करने, खतरनाक गैसों के फैलाव को रोकने तथा खनन समाप्त हो चुके हिस्सों को सील करने के लिए बनाई जाती है। हादसा इसी निर्माण कार्य के दौरान हुआ। 

जांच के आदेश

घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र को तत्काल सील कर दिया गया है। खदान सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। **डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (DGMS)** की टीम को भी जांच सौंपी गई है, जो घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों का पता लगाएगी। प्रारंभिक तौर पर छत की कमजोर चट्टानों और मिट्टी के अचानक धंसने को हादसे का कारण माना जा रहा है। 

 क्षेत्र में शोक की लहर

हादसे की खबर मिलते ही मृतक श्रमिकों के परिवारों में मातम छा गया। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए खदानों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की मांग की है। वहीं, SECL प्रबंधन ने घायलों के समुचित उपचार और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 

 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बंगवार खदान में हुए इस हादसे ने एक बार फिर भूमिगत खदानों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठनों का कहना है कि खदानों में नियमित निरीक्षण, छत की मजबूती की जांच और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना इस तरह की घटनाओं को रोकना मुश्किल है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारियों का खुलासा हो सकेगा। ([Hindustan Times][2])

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  <item>
    <title>एमपी में प्री-मानसून का जोर: 52 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई शहरों में तापमान में गिरावट</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-06 07:01:59</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गई हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी है। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

 इन जिलों में बारिश और आंधी के आसार

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अनेक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।

बारिश से लुढ़का पारा, श्योपुर बना सबसे ठंडा शहर

लगातार हो रही बारिश और आंधी के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। हैरानी की बात यह रही कि प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी भी श्योपुर से गर्म रहा। श्योपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

गुना में 35.4 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, बैतूल में 36.5 डिग्री तथा सतना में 36.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं खरगोन, नरसिंहपुर, खजुराहो, खंडवा और छिंदवाड़ा जैसे कुछ जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहा।

 बड़े शहरों में भी मौसम हुआ सुहाना

प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री, उज्जैन का 35 डिग्री, भोपाल का 35.5 डिग्री, ग्वालियर का 37.9 डिग्री और जबलपुर का 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में शुक्रवार शाम तेज आंधी और बारिश के कारण कई क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल गया।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों में न रुकने तथा तेज हवाओं के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। मानसून के आगमन से पहले प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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  <item>
    <title>एमपी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल: 8 आईपीएस समेत 74 अधिकारियों के तबादले</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 19:52:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 8 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों और राज्य पुलिस सेवा के 66 अधिकारियों सहित कुल 74 अधिकारियों के तबादले किए हैं। गृह विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सतना, सीधी, रीवा समेत प्रदेश के लगभग 30 जिलों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं।

तबादला सूची में कई जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, पुलिस इकाइयों के अधिकारियों और विशेष शाखाओं में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।

 8 आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी

जारी आदेश के अनुसार अनु बेनिवाल को ग्वालियर से जबलपुर, ओमप्रकाश को बालाघाट से इंदौर, करणदीप को बालाघाट से उज्जैन, आयुष जाखड़ को शिवपुरी से जबलपुर तथा गौरव पांडेय को सिंगरौली से सतना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

इसी तरह मिनी शुक्ला को भोपाल नगरीय पुलिस, राज कृष्णा को इंदौर ग्रामीण तथा सुजावल जग्गा को ग्वालियर में पदस्थ किया गया है।

 राज्य पुलिस सेवा के 66 अधिकारियों का भी तबादला

गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के 66 अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। इनमें कई अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, विशेष सशस्त्र बल, एसटीएफ, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, रेल पुलिस तथा विभिन्न जिला पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

तबादलों के तहत सीधी में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव को एसटीएस रीवा भेजा गया है। वहीं कमला जोशी — बैतूल से सीधी पदस्थ किया गया है इसके अलावा कई अधिकारियों को भोपाल, इंदौर, रीवा, ग्वालियर, सागर, बालाघाट, मंदसौर, धार, देवास, शिवपुरी, उमरिया और अन्य जिलों में नई पदस्थापनाएं मिली हैं।

 प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप

पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार यह तबादला सूची प्रशासनिक आवश्यकता और विभागीय कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जारी की गई है। नई पदस्थापनाओं के बाद विभिन्न जिलों में पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रदेश में तबादलों पर लगी रोक हटने के बाद यह पुलिस विभाग की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है, जिसका असर कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर देखने को मिलेगा।

 मध्यप्रदेश पुलिस विभाग तबादला सूची (राज्य पुलिस सेवा अधिकारी)

| क्रमांक | अधिकारी का नाम        | वर्तमान पदस्थापना     | नवीन पदस्थापना                  |
| ------- | --------------------- | --------------------- | ------------------------------- |
| 1       | सीताराम ससत्या        | उमरिया                | उज्जैन                          |
| 2       | मुकेश कुमार वैश्य     | उमरिया                | 6वीं वाहिनी, जबलपुर             |
| 3       | आर.डी. प्रजापति       | पुलिस मुख्यालय भोपाल  | 17वीं वाहिनी, भिंड              |
| 4       | रेखा थर्मेंद्र सिंह   | जबलपुर                | डिंडौरी                         |
| 5       | अमित वर्मा            | डिंडौरी               | निवाड़ी                         |
| 6       | प्राची द्विवेदी       | इंदौर                 | भोपाल नगरीय पुलिस               |
| 7       | सुरेंद्र सिंह गौर     | धार                   | इंदौर                           |
| 8       | रूपेश कुमार द्विवेदी  | इंदौर ग्रामीण         | पुलिस मुख्यालय भोपाल            |
| 9       | कमल मौर्य             | मुरैना                | कटनी                            |
| 10      | हेमलता कुरील          | मंदसौर                | पुलिस मुख्यालय भोपाल            |
| 11      | रामसनेही मिश्रा       | इंदौर                 | मंदसौर                          |
| 12      | प्रमोद कुमार सोनकर    | इंदौर                 | भोपाल ग्रामीण                   |
| 13      | प्रदीप पटेल           | अलीराजपुर             | भिंड                            |
| 14      | नीरज सोनी             | पांढुर्णा             | पुलिस मुख्यालय भोपाल            |
| 15      | प्रतिमा पटेल          | सागर                  | पीटीएस सागर (अतिरिक्त प्रभार)   |
| 16      | मनु व्यास             | पुलिस मुख्यालय रीवा   | पुलिस मुख्यालय भोपाल            |
| 17      | प्रदीप शेण्डे         | मंडला                 | बुरहानपुर                       |
| 18      | जयवीर सिंह भदौरिया    | देवास                 | बीना (सागर)                     |
| 19      | रचना मुकाती भदौरिया   | इंदौर                 | 8वीं वाहिनी, छिंदवाड़ा          |
| 20      | मनकामना प्रसाद        | पुलिस मुख्यालय भोपाल  | पांढुर्णा                       |
| 21      | अन्तर सिंह कनेश       | बुरहानपुर             | अशोकनगर                         |
| 22      | डॉ. संजीव कुमार उड़के | सागर                  | शिवपुरी                         |
| 23      | ज्योति ठाकुर          | निवाड़ी               | पीटीएस पचमढ़ी                   |
| 24      | गजेंद्र सिंह वर्धमान  | पचमढ़ी                | देवास                           |
| 25      | नवल सिंह सिसोदिया     | नीमच                  | 9वीं वाहिनी, रीवा               |
| 26      | रशिम धुर्वे           | बालाघाट               | धार                             |
| 27      | सुनीता रावत           | सीहोर                 | एसएएफ पुलिस अधीक्षक             |
| 28      | कमलेश कुमार           | रायसेन                | बैतूल                           |
| 29      | गजेंद्र सिंह कंवर     | अशोकनगर               | खंडवा                           |
| 30      | सुनील कुमार शिवहरे    | दतिया                 | पुलिस मुख्यालय भोपाल            |
| 31      | गौतम सोलंकी           | भोपाल                 | इंदौर नगरीय पुलिस               |
| 32      | डॉ. नीरज चौरासिया     | भोपाल ग्रामीण         | 5वीं वाहिनी, मुरैना             |
| 33      | आरती सिंह महाजन       | रीवा                  | पीटीसी इंदौर                    |
| 34      | शिवेश सिंह बघेल       | सतना                  | ग्वालियर                        |
| 35      | विक्रम सिंह           | मऊगंज                 | इंदौर                           |
| 36      | मंजीत सिंह घायला      | इंदौर                 | दतिया                           |
| 37      | ऋषि सिरोठिया          | जबलपुर जोन            | रेडियो मुख्यालय भोपाल           |
| 38      | नितेश भार्गव          | भोपाल                 | बालाघाट                         |
| 39      | बल्लभ सैयाम           | मंडला                 | 23वीं वाहिनी भोपाल              |
| 40      | मनोज कर्वेती          | ग्वालियर              | 18वीं वाहिनी शिवपुरी            |
| 41      | लोकेश कुमार सिन्हा    | सागर                  | एसएफ भोपाल                      |
| 42      | लवली सोनी             | पीटीएस सागर           | रेल इंदौर                       |
| 43      | स्टेला सूलिया         | भोपाल                 | नारकोटिक्स इंदौर                |
| 44      | राकेश पंद्रो          | बालाघाट               | रतलाम                           |
| 45      | कमला जोशी             | बैतूल                 | सीधी                            |
| 46      | संतोष कुमार डेहरिया   | कटनी                  | 36वीं वाहिनी बालाघाट            |
| 47      | आलोक शर्मा            | 36वीं वाहिनी बालाघाट  | उमरिया                          |
| 48      | हेमलता अग्रवाल        | उज्जैन                | नीमच                            |
| 49      | संजीव पाठक            | भिंड                  | भोपाल नगरीय पुलिस               |
| 50      | स्वाति मुराब          | पुलिस मुख्यालय भोपाल  | पीटीएस उमरिया                   |
| 51      | संजीव मुले            | शिवपुरी               | पुलिस मुख्यालय नर्मदापुरम       |
| 52      | एलरिज विसेंट          | नर्मदापुरम            | एसटीएफ                          |
| 53      | मलकीत सिंह            | भोपाल                 | आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW/FOW) |
| 54      | गीता डोंगरे चौहान     | पीटीसी इंदौर          | भोपाल नगरीय पुलिस               |
| 55      | मनोज शर्मा            | रीवा                  | पीटीआरआई भोपाल                  |
| 56      | विक्रम रघुवंशी        | पीटीआरआई भोपाल        | इंदौर ट्रैफिक                   |
| 57      | मान सिंह ठाकुर        | गुना                  | एसटीएफ भोपाल                    |
| 58      | अरविंद श्रीवास्तव     | सीधी                  | एसटीएस रीवा                     |
| 59      | अखिलेश तिवारी         | एसटीएस रीवा           | यातायात जबलपुर                  |
| 60      | नरेंद्र सोलंकी        | 6वीं वाहिनी छिंदवाड़ा | सागर                            |
| 61      | ज्योति उमठ            | भोपाल                 | अलीराजपुर                       |
| 62      | ऋतु केवरे             | 18वीं वाहिनी शिवपुरी  | 13वीं वाहिनी ग्वालियर           |
| 63      | प्रशांत सिंह सुमन     | गुना                  | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, गुना    |
| 64      | हेमंत चौहान           | रेल इंदौर             | रीवा                            |
| 65      | शशिकांत सस्याम        | रीवा                  | मऊगंज                           |
| 66      | दीपक नायक             | भोपाल                 | रायसेन                          |

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  <item>
    <title>जल संकट के समाधान की ओर बढ़ता नवानगर, कलेक्टर ने दिए निर्देश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 19:31:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-कलेक्टर विकास मिश्रा ने गुरुवार को जल स्वावलंबी ग्राम नवानगर का निरीक्षण कर जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं ग्रामीणों के साथ चर्चा करते हुए जल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए विभिन्न नवाचारों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

 	निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम में निर्मित छोटे-छोटे स्टॉप डेम, जल अवरोधक संरचनाओं तथा वाटर रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि जल संकट के स्थायी समाधान के लिए वर्षा जल को गांव में ही रोकना और उसे भू-जल स्तर बढ़ाने में उपयोग करना आवश्यक है।

 	कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्रोतों एवं बहाव मार्गों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करते हुए उन्हें कूपों एवं हैंडपंपों से जोड़ा जाए, जिससे भू-जल का पुनर्भरण हो सके और गर्मी के मौसम में भी पेयजल स्रोतों की उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने जल स्रोतों के डायवर्जन तथा रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 	निरीक्षण के दौरान ग्राम में अस्थायी पत्थर चिनाई एवं स्थानीय संसाधनों की मदद से जलधाराओं को रोकने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कम लागत वाले ऐसे नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी साबित हो सकते हैं। उन्होंने समुदाय की सहभागिता बढ़ाने तथा जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया।

 	कलेक्टर ने कहा कि नवानगर में किए जा रहे प्रयास न केवल भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक होंगे, बल्कि कृषि, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा वर्षा ऋतु से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 	इस दौरान उपखंड अधिकारी कुसमी शैलेश द्विवेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ज्ञानेंद्र मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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  <item>
    <title>जमोड़ी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बलेनो कार से 239 लीटर अवैध शराब जब्त, तस्कर गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 18:13:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए जमोड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रीवा-सिंगरौली बाईपास ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर पुलिस ने एक बलेनो कार से 239 लीटर अवैध शराब बरामद की है। जब्त शराब की कीमत ₹1.17 लाख से अधिक बताई गई है, जबकि परिवहन में प्रयुक्त कार की कीमत करीब ₹6 लाख आंकी गई है।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं डीएसपी अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रीवा की ओर से एक सफेद रंग की कार में भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर खाम घाटी की ओर जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बाईपास ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर संदिग्ध बलेनो कार को रोक लिया। तलाशी के दौरान कार से देशी शराब, बीयर और अंग्रेजी शराब की कुल 239 लीटर मात्रा बरामद हुई।

पकड़े गए आरोपी की पहचान **नीरज सिंह कुशवाहा (37 वर्ष)** निवासी बंजारी, थाना मझौली, जिला सीधी के रूप में हुई है। शराब परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने मौके से ₹1,17,198 मूल्य की अवैध शराब और करीब ₹6 लाख कीमत की बलेनो कार जब्त कर ली है।

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  <item>
    <title>अशोक का पौधा लगाकर सीएम ने शुरू किया हरित सहकार अभियान, बोले- किसानों को दिलाएंगे MSP से अधिक दाम</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 15:39:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल स्थित अपेक्स बैंक मुख्यालय परिसर में अशोक का पौधा रोपकर "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान के तहत प्रदेशव्यापी हरित सहकार अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के अंतर्गत अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंकों और प्रदेश की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों (पैक्स) में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 जून से 21 जून विश्व योग दिवस तक सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेशभर में एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का महत्वपूर्ण अभियान बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से भी अधिक मिले। प्रदेश में गेहूं उत्पादन और खरीदी में नया रिकॉर्ड बना है तथा किसानों को बोनस सहित बेहतर भुगतान किया गया है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को "मिल्क कैपिटल" बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सांची मॉडल को मजबूत किया जा रहा है। वहीं गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शिवपुरी जिले के कोलारस में नई शुगर फैक्ट्री स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सहकारी समितियों में पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी पैक्स में अधिकारी या कर्मचारी द्वारा गड़बड़ी की जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि इसका असर किसानों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा और दोषियों को ही जवाबदेह ठहराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई, बिजली, कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में लगातार कार्य कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, नाबार्ड के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सहकारिता विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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  <item>
    <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जेपी अस्पताल परिसर में  किया पौधारोपण</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 14:54:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जयप्रकाश जिला चिकित्सालय परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री अशोक बर्णवाल, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री धनराजू एस., स्थानीय पार्षद श्रीमती बृजला सचान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अस्पताल परिसर में पौधारोपण किया।

     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा भावी पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान उपहार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से देश में जन-जागरूकता बढ़ी है, इस दिशा में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने सार्वजनिक स्वच्छता के नियमों का पालन करने, जल एवं ऊर्जा संरक्षण को अपनाने तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली विकसित करने पर भी बल दिया। उल्लेखनीय है कि विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्वभर में मनाया जाता है। वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यावरण संबंधी वैश्विक राजनीतिक एवं सामाजिक चेतना को प्रोत्साहित करने के लिए इस दिवस को मनाने की घोषणा की गई थी। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस "इंस्पायर्ड  बाय  नेचर, फ़ॉर  क्लाइमेट, फॉर  अवर  फ्यूचर" थीम के साथ मनाया जा रहा है।</description>
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    <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान का शुभारंभ</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 13:59:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में "एक पेड़ माँ के नाम 2.0"अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभागार परिसर में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है और प्रत्येक नागरिक को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित पांच कोर्स मॉड्यूल्स तथा एप्को एवं इन्टैक द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सर्कुलर इकॉनॉमी से जुड़े नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न संस्थाओं द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की।

कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के लिए 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार भी प्रदान किए गए। ये पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों एवं व्यक्तियों को प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।

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    <title>समय सीमा में सीमांकन नहीं करने पर 8 राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई, कलेक्टर ने लगाया जुर्माना</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 12:43:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ राजस्व अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया है। सीमांकन प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण न करने पर प्रत्येक अधिकारी पर 500-500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान पाया कि विभिन्न तहसीलों में सीमांकन संबंधी कई आवेदन समय पर निपटाए नहीं गए। इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए धारा 4 एवं धारा 5(1) व 5(2) के तहत यह कार्रवाई की गई।

कार्रवाई की जद में आने वाले अधिकारियों में नायब तहसीलदार कोरावल ज्ञानेंद्र साकेत, प्रभारी तहसीलदार सरई धर्म प्रकाश मिश्रा, नायब तहसीलदार सासन राजेंद्र बंसल, तहसीलदार देवसर ऋषि नारायण सिंह, नायब तहसीलदार निवास अमित मिश्रा, तहसीलदार माड़ा जाह्नवी शुक्ला, तहसीलदार चितरंगी नागेश्वर पनिका तथा नायब तहसीलदार मकरोहर वृत्त माड़ा प्रतीक्षा सिंह शामिल हैं।

कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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    <title>संपदा 2.0 से बदली रजिस्ट्री की तस्वीर, डिजिटल संपत्ति पंजीयन में मध्यप्रदेश बना देश का पहला राज्य</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 11:54:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश ने संपत्ति पंजीयन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए देश का पहला पूर्णतः डिजिटल और पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम विकसित किया है। राज्य सरकार की संपदा 2.0 व्यवस्था के माध्यम से अब नागरिकों को संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस नई प्रणाली से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। 

जानकारी के अनुसार प्रदेश में प्रतिवर्ष करीब16 लाख दस्तावेजों का पंजीयन होता है, जिससे राज्य को 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। संपदा 2.0 के लागू होने के बाद इन प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप दिया गया है। 

नई व्यवस्था में आधार आधारित ई-केवाईसी, वीडियो केवाईसी, ई-साइन, डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। नागरिक घर बैठे ही कई प्रकार के दस्तावेजों का पंजीयन करा सकते हैं। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद दस्तावेज ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं। 

संपदा 2.0 के तहत भारतीय स्टाम्प अधिनियम से संबंधित लगभग 75 प्रकार के दस्तावेजों की **फेसलेस और पेपरलेस रजिस्ट्री** संभव हो गई है। इसमें उप-पंजीयक कार्यालय में भौतिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता भी काफी हद तक समाप्त हो गई है। 

राज्य सरकार का दावा है कि इस प्रणाली से फर्जीवाड़े और भूमि विवादों में कमी आएगी तथा नागरिकों को समय और धन दोनों की बचत होगी। संपदा 2.0 को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिल चुका है। 

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    <title>आंधी का कहर: कमिश्नर निवास पर गिरा विशाल पेड़, वाहन और गेट क्षतिग्रस्त</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 11:40:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल(ईन्यूज एमपी)- जिले में गुरुवार रात आई तेज आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कमिश्नर निवास के समीप एक विशाल पेड़ जड़ समेत उखड़कर गिर गया। पेड़ का बड़ा हिस्सा निवास परिसर में गिरने से कमिश्नर का वाहन और मुख्य गेट क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धूलभरी आंधी के दौरान शहर के कई हिस्सों में पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं। कमिश्नर निवास के पास पेड़ गिरने से घरौला मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका, बिजली विभाग और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत क्षेत्र की घेराबंदी कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया। कर्मचारियों ने देर रात तक मशक्कत कर पेड़ को हटाया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात आंशिक रूप से बहाल हो सका।

आंधी का असर शहर के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि कुछ स्थानों पर बिजली के पोल और तार भी क्षतिग्रस्त हुए। बिजली विभाग की टीम रातभर मरम्मत कार्य में जुटी रही।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से जिले में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। तेज गर्मी के बीच आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। हाल ही में जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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    <title>एमपी को ई-गवर्नेंस में दो राष्ट्रीय पुरस्कार, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 09:16:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 के अंतर्गत दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और तकनीक आधारित सुशासन का प्रमाण बताया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ई-गवर्नेंस और नवाचार के क्षेत्र में मिली यह राष्ट्रीय पहचान पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार डिजिटल तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी जनसेवा प्रदान करने के लिए कार्य कर रही है।

जानकारी के अनुसार, **शहरी विकास एवं आवास विभाग की ई-नगर पालिका परियोजना** को साइबर सुरक्षा व्यवस्था में उत्कृष्ट कार्य के लिए **स्वर्ण पुरस्कार** प्रदान किया गया है। वहीं **महाकालेश्वर मंदिर एवं महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र की एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली "त्रिनेत्र"** को **रजत पुरस्कार** से सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों उपलब्धियों में योगदान देने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी मध्यप्रदेश तकनीक आधारित सुशासन और जनहितकारी नवाचारों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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    <title>एमपी में प्री-मानसून का कहर: तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित, 45 जिलों में अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 09:09:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री भले अभी नहीं हुई हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में जोर पकड़ चुकी हैं। शुक्रवार सुबह झाबुआ में तेज बारिश हुई, जबकि गुरुवार शाम राजधानी भोपाल में करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिरने से यातायात बाधित रहा।

देवास जिले में बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। मसुरिया-भंडारिया मार्ग पर एक कार रपटे में बह गई, हालांकि कार में सवार चार लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के लगभग 45 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। नौगांव 42.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रहा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केरल में 4 जून को मानसून पहुंच चुका है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश करता है। इस आधार पर प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच मानसून की दस्तक की संभावना जताई जा रही है।

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  <item>
    <title>रिटायरमेंट से पहले खंगाला जाएगा कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड, एमपी सरकार का बड़ा फैसला</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-05 07:03:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार ने कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों और वेतन निर्धारण की विशेष जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारियों के पूरे सेवाकाल के रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी को नियम विरुद्ध वित्तीय लाभ दिए गए पाए जाते हैं तो संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन विभागों में लगभग 38 हजार कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी कार्यरत हैं।

सरकार ने वेतन निर्धारण, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति, वेतनमान स्वीकृति तथा सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए हैं। विभागों को कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर त्रुटियों को सुधारने तथा आवश्यक होने पर सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर कार्रवाई करने को कहा गया है।

वित्त विभाग का कहना है कि कई मामलों में वेतनमान और सेवा लाभों से जुड़े विवादों के कारण कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों के समाधान के लिए विभागवार विशेष अभियान चलाया जाएगा और इसकी नियमित प्रगति रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी।

सरकार ने छह माह के भीतर सेवा अभिलेखों, वेतन निर्धारण, समयमान, क्रमोन्नति वेतनमान एवं अन्य वित्तीय लाभों से संबंधित लंबित मामलों के निराकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।

विशेष अभियान के तहत सेवा में कार्यरत तथा सेवानिवृत्त दोनों प्रकार के कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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  <item>
    <title>प्रयागराज संगम से अयोध्या सरयू तट तक गूंजा जल संरक्षण का संदेश, शिक्षक दया शंकर द्विवेदी की पहल बनी मिसाल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 21:48:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रामपुर नैकिन/सीधी(ईन्यूज एमपी)- जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में विकासखंड रामपुर नैकिन के शिक्षक **दया शंकर द्विवेदी** द्वारा चलाया गया "जल गंगा संवर्धन अभियान" इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रयागराज के पावन त्रिवेणी संगम और अयोध्या धाम स्थित पवित्र सरयू नदी तट पर आयोजित इस विशेष जन-जागरूकता अभियान ने जल संरक्षण का संदेश हजारों लोगों तक पहुंचाया।

अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित जल उपलब्ध कराने के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना था। धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन दोनों तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को जल के महत्व तथा जल संकट की संभावित चुनौतियों से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान "जल है तो कल है", "हर बूंद कीमती है" और "नदियों को बचाएं, भविष्य संवारें" जैसे प्रेरक संदेशों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। अभियान में सनत द्विवेदी, उमेश द्विवेदी, मोहित द्विवेदी, प्रदीप तिवारी (चुरहट), विनोद मिश्रा, मामदार, जीवेश सेन, शिवमूर्ति साकेत सहित अनेक सहयोगियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

अभियान को प्रयागराज और अयोध्या के स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग तथा मीडिया प्रतिनिधियों ने सराहा। उपस्थित लोगों ने इसे समाज और पर्यावरण के हित में एक अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि ऐसे अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।

इस जनहितकारी प्रयास के लिए सीधी जिला प्रशासन, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा क्षेत्रीय नागरिकों ने दया शंकर द्विवेदी को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

### शिक्षक की भूमिका का उत्कृष्ट उदाहरण

भारतीय संस्कृति में शिक्षक को केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज का मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माता माना गया है। दया शंकर द्विवेदी ने यह साबित किया है कि शिक्षक यदि सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़ जाए तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की बड़ी भूमिका निभा सकता है।

राष्ट्रीय जनगणना, मतदाता जागरूकता, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण तथा विभिन्न शासकीय जन-जागरूकता कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी लंबे समय से रही है। जल संरक्षण के लिए प्रयागराज और अयोध्या जैसे आस्था केंद्रों से दिया गया उनका संदेश आज एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि देश का प्रत्येक शिक्षक इसी प्रकार सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करे तो भारत को पुनः विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। दया शंकर द्विवेदी का यह प्रयास शिक्षा, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के अद्भुत संगम के रूप में उभरकर सामने आया है।

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  <item>
    <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू होगा ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान, सीएम मोहन यादव करेंगे शुभारंभ</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 21:43:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे आयोजित होगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों एवं व्यक्तियों को वर्ष 2024-25 के लिए 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान करेंगे।

इस अवसर पर "इंस्पायर्ड बाय नेचर, फॉर क्लाइमेट एंड फॉर अवर फ्यूचर" थीम पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित 5 कोर्स मॉड्यूल्स तथा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का भी विमोचन करेंगे।

अभियान के तहत नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों, स्व-सहायता समूहों, पंचायतों और नगरीय निकायों को बड़े पैमाने पर पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा। लगाए गए पौधों का जियो-टैगिंग कर उनका पंजीयन "मेरी लाइफ" (Meri LiFE) पोर्टल पर किया जाएगा।

यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में जनभागीदारी के साथ संचालित होगा। इसके अलावा सभी जिलों में पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण शपथ, संगोष्ठी, रैली, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार सहित पर्यावरणविद एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।

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  <item>
    <title>मध्यप्रदेश में बनेगी ‘सैक’, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 21:38:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की तर्ज पर राज्य स्तर पर **स्टेट असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (SAAC)** के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार नए महाविद्यालय खोले जाएं तथा छात्र संख्या बढ़ने पर कॉलेजों में सुबह और शाम की शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने पर भी विचार किया जाए। उन्होंने रोजगारपरक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

डॉ. यादव ने कहा कि आगामी वर्ष को **"युवा वर्ष"** के रूप में मनाने की तैयारी की जाए और विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रम एवं योजनाएं लागू की जाएं। उन्होंने कृषि शिक्षा को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि प्रदेश में 20 हजार से अधिक विद्यार्थी कृषि स्नातक पाठ्यक्रमों से जुड़े हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन (एविएशन) बीबीए पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। वहीं प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जल्द ही 100 नए शोध केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने रोजगारपरक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान जैसे विषयों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था विकसित करने पर भी बल दिया।

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    <title>पीजी कॉलेज सीधी में हिन्दी और अंग्रेजी का पेपर निरस्त, 22 जून को होगी पुनः परीक्षा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 19:08:25</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस सीधी की स्वशासी मुख्य परीक्षा अप्रैल 2026 के अंतर्गत आयोजित बी.ए./बी.कॉम. तृतीय वर्ष की हिन्दी भाषा एवं संस्कृति तथा अंग्रेजी भाषा एवं संचार कौशल विषयों की परीक्षा निरस्त कर दी गई है।

महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 3 जून 2026 को प्रथम पाली में प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक आयोजित उक्त परीक्षा अपरिहार्य कारणों से रद्द की गई है।

प्राचार्य ने बताया कि निरस्त की गई परीक्षा अब 22 जून 2026 को प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक पुनः आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे नई परीक्षा तिथि को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखें तथा किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए महाविद्यालय से संपर्क करें।

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    <title>कन्या महाविद्यालय के सामने चला प्रशासन का बुलडोजर, शासकीय भूमि से हटाया अतिक्रमण</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 18:59:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रिया पाठक के नेतृत्व में संयुक्त कार्रवाई की गई। नगर पालिका, राजस्व एवं नजूल विभाग की टीम ने शासकीय कन्या महाविद्यालय के सामने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया।

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जों को हटाया और संबंधित लोगों को भविष्य में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी। प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा छात्राओं और आम नागरिकों के लिए आवागमन को सुगम बनाना बताया गया।

डिप्टी कलेक्टर प्रिया पाठक ने कहा कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों, शासकीय परिसरों और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित रूप से अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में सहयोग करें और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने से बचें। प्रशासन का कहना है कि जिलेभर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

कार्रवाई के दौरान नगर पालिका, राजस्व एवं नजूल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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    <title>एमपी में लागू होगी यूसीसी, लेकिन जनजातीय समुदाय रहेगा दायरे से बाहर : सीएम मोहन यादव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 12:29:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में यूसीसी लागू होने पर भी जनजातीय समुदायों को इससे अलग रखा जाएगा और उन्हें अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार जीवन जीने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी।

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में "एक निशान, एक विधान और एक कानून" की भावना को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय सोच में कोई बुराई नहीं है और मध्यप्रदेश सरकार भी यूसीसी लागू करने के लिए सकारात्मक रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यूसीसी के प्रारूप और विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। समिति प्रदेशभर में विभिन्न वर्गों, संगठनों और नागरिकों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है।

डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात में लागू व्यवस्था की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी जनजातीय समुदायों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा। आदिवासी समाज की परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेगी तथा उनके अधिकारों पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सरकार का कहना है कि यूसीसी लागू करने से नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी, जबकि जनजातीय समुदायों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का भी पूरा सम्मान किया जाएगा।

बताया गया कि समिति जिला स्तर पर विभिन्न समुदायों और सामाजिक संगठनों से संवाद कर रही है। सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि उत्तराखंड सहित कुछ राज्यों में यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा चुके हैं। अब मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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    <title>20 जून के बाद दस्तक देगा मानसून, फिलहाल 39 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 06:53:08</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री 20 जून के बाद होने की संभावना है, लेकिन उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। बुधवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहा, वहीं गुरुवार को 39 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि के साथ 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। वहीं भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के 33 अन्य जिलों में 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियां बनी हुई हैं। इसके चलते कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

हालांकि इंदौर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में तेज धूप निकलने की संभावना है, लेकिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

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    <title>अवैध रेत भंडारण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 25 ट्रॉली रेत जब्त</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-04 06:53:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में अवैध खनन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा तथा पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में खनिज विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम निधिपुरी, तहसील मड़वास में अवैध रेत भंडारण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए लगभग 25 ट्रॉली रेत जब्त की है।

 	जिला खनिज अधिकारी कपिलमुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत धुम्माडोल के सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। खनिज रेत के अवैध उत्खनन एवं भंडारण संबंधी लगातार प्राप्त शिकायतों के आधार पर संयुक्त दल ने ग्राम निधिपुरी के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया।

 	जांच में विभिन्न स्थानों पर खनिज रेत लावारिस अवस्था में भंडारित पाई गई। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि निकट स्थित गोपद नदी घाट से आसपास के क्षेत्रों के लोगों द्वारा अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर उसका भंडारण किया गया था। अधिकारियों द्वारा की गई पैमाइश में लगभग  25 ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया।

 	संयुक्त दल ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जब्त रेत को हाइवा वाहन के माध्यम से उठवाकर अभिरक्षा में लिया। मामले में अवैध भंडारण एवं उत्खनन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम-2022 एवं मध्यप्रदेश खनिज रेत नियम-2019 के तहत प्रकरण तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

 	प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा खनिज संपदा के अवैध दोहन में संलिप्त व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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    <title>डॉ. मोहन देश के पहले सीएम, जिन्होंने काफिले में शामिल की EV, दिया पीएम मोदी का संदेश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-03 18:36:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील का लगातार पालन कर रहे हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने 3 जून को बड़ा फैसला किया। वे देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल शामिल किया है। दरअसल, मुख्यमंत्री के काफिले में अब महिंद्रा कंपनी की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार शामिल की गई है। कंपनी के दावे के मुताबिक यह कार एक बार चार्ज करने पर 500 किमी का सफर तय करती है। सीएम डॉ. यादव इस ईवी से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक गए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नई कार को MP-02-VB-2047 नंबर मिला है। इस नंबर में VB का अर्थ विकसित भारत से लगाया जा रहा है। जबकि, 2047 को प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। कार में 360 डिग्री कैमरा सहित सारी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इस कार से सफर करके मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। गौरतलब है कि इसके ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।

पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा पर सीएम डॉ. मोहन का फोकस
बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को लेकर काफी संवेदनशील हैं। इन दोनों के लिए वे नई-नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अलग-अलग जगह गिद्धों और मगरमच्छों को छोड़ा। उनका मानना है कि कोई भी विकास बिना पर्यावरण संरक्षण के अधूरा है। वे मानते हैं कि सौर ऊर्जा से उत्पन्न विकल्प देश-दुनिया को विकास का नया मार्ग दिखा सकते हैं। 

कई बार पेश की सादगी की मिसाल
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दौरे के दौरान मितव्ययता का लगातार ध्यान रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने इंदौर में एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया। उससे पहले सिंगरौली दौरे के दौरान वे टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। बता दें, पहले सीएम डॉ. यादव के काफिले में गाड़ियों की संख्या को भी घटाकर कम कर दिया गया है।</description>
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    <title>स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए वरिष्ठ संयुक्त संचालक का दो दिवसीय दौरा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-03 18:28:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>स्वास्थ्य सेवाओं को जनोन्मुखी बनाने के लिए दिए महत्वपूर्ण निर्देश

सीधी(ईन्यूज एमपी)-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल के वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी ने 2 एवं 3 जून को सीधी जिले का दो दिवसीय भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

 	भ्रमण के प्रथम दिन डॉ. तिवारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया एवं रामपुर नैकिन का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी व्यवस्था, दवा वितरण, स्वच्छता, मरीज सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण में सामने आई कमियों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 	इसी दिन कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। डॉ. तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण पर विशेष जोर दिया।

औषधि उपलब्धता और संसाधन प्रबंधन पर विशेष फोकस

बुधवार को आयोजित जिला कार्यक्रम प्रबंधक इकाई की समीक्षा बैठक में डॉ. तिवारी ने परख चेकलिस्ट के आधार पर कार्यों का मूल्यांकन किया। उन्होंने जिला एवं ब्लॉक स्तरीय स्टोर्स के निरीक्षण, औषधियों एवं उपकरणों की उपलब्धता, सामग्री क्रय एवं वितरण प्रक्रिया तथा इंडेंटिंग व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए।

 	उन्होंने जिला कार्यक्रम प्रबंधकों एवं ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों को निर्देशित किया कि दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता का नियमित आकलन किया जाए तथा सभी गुणवत्ता संबंधी अभिलेख समय पर अद्यतन रखे जाएं। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए स्वास्थ्य संस्थानों में छतों की सफाई, विद्युत मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता से दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए।

जन्मदिन और वर्षगांठ पर रक्तदान का दिया संदेश

भ्रमण के दौरान डॉ. तिवारी ने जिला चिकित्सालय सीधी के विभिन्न वार्डों, मुख्य भंडार गृह, ब्लड बैंक एवं स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए अभिनव पहल सुझाते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों पर रक्तदान करने का संकल्प लें।

 	उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल रक्त की उपलब्धता बढ़ाएगी, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उप स्वास्थ्य केंद्रों का भी किया निरीक्षण

भ्रमण के अंतिम चरण में डॉ. तिवारी ने उप स्वास्थ्य केंद्र जमोड़ी एवं बढ़ौरा का निरीक्षण किया। जमोड़ी में उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही भंडार कक्षों में अनुपयोगी सामग्री को हटाकर स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

 	डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार और आमजन को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।</description>
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    <title>सीधी के वरिष्ठ समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता भारत सिंह का निधन, जिलेभर में शोक की लहर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-03 17:40:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के वरिष्ठ समाजसेवी, प्रतिष्ठित व्यापारी एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भारत होटल के संचालक भारत सिंह का लंबी बीमारी के बाद भोपाल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही जिलेभर में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक, पत्रकारिता, अधिवक्ता एवं व्यापारिक जगत से जुड़े लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल ने शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुःखद है कि आदरणीय भारत सिंह जी अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने अंतिम समय तक कांग्रेस पार्टी के प्रति कर्मठता, निष्ठा और समर्पण भाव से कार्य किया। कई दशकों तक विशेष रूप से चुरहट क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अजय सिंह ने कहा कि भारत सिंह का स्नेह, समर्पण और कार्यशैली सदैव स्मरणीय रहेगी। उनका निधन न केवल कांग्रेस परिवार बल्कि पूरे सीधी जिले और व्यक्तिगत रूप से उनके लिए भी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

भारत सिंह अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने समाज सेवा, व्यापार और राजनीति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में सीधी सांसद डॉक्टर राजेश मिश्र ,  चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल भैया , सीधी विधायक रीती पाठक ,  धौहनी विधायक कुंअर सिंह टेकाम , सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक , पूर्व सांसद गोविंद मिश्र , पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ल , पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल , कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान , बीजेपी पूर्व अध्यक्ष के.के.तिवारी , जनपद अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार सहित समाजसेवी उमेश तिवारी ,  पत्रकार सोमेश्वर सिंह , विजय सिंह , ब्रजेश पाठक , आर.बी.सिंह , नंदलाल सिंह , सचीन्द्र मिश्र , मनोज पाण्डेय , आदित्य सिंह , नीलाम्बुज पाण्डेय  आदि सीधी वासी शामिल हैं ।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

विनम्र श्रद्धांजलि।


"भारत सिंह जी का निधन सीधी जिले के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका स्नेह, सरलता और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करें।"</description>
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  <item>
    <title>अवैध रेत कारोबार पर अब जागी पुलिस और माइनिंग टीम, सवालों के घेरे में पुरानी कार्यप्रणाली...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-03 17:09:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>देवसर/जियावन (ईन्यूज़ एमपी)। सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत कारोबार पर अब पुलिस और माइनिंग विभाग ने संयुक्त कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण और परिवहन के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई जारी है, लेकिन इस पूरे अभियान ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जियावन और देवसर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन लंबे समय से खुलेआम चल रहा था। कई बार ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों द्वारा शिकायतें की गईं, समाचार भी प्रकाशित हुए, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली।
अब क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर अचानक प्रशासन इतना सक्रिय कैसे हो गया? लोगों के मुताबिक सहकार ग्लोबल कंपनी के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट और एफआईआर के बाद प्रशासन हरकत में आया, जिसके बाद पुलिस और माइनिंग विभाग ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिना संरक्षण के इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं हो सकता। उनका कहना है कि केवल रेत भंडारण जब्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी जरूरी है।
फिलहाल क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि यह अभियान कुछ दिनों तक सीमित रहेगा या अवैध रेत कारोबार के खिलाफ लगातार और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।</description>
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    <title>तिरपाल, ताबेदारी और तैरता गेहूं!  कलेक्टर साहब की तिरपाल भी हार गई...?</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-03 13:55:46</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (सचीन्द्र मिश्र)- जिले में इस बार गेहूं उपार्जन ऐसा हुआ कि किसान तो खुश रहे होंगे, लेकिन गेहूं शायद अपने भाग्य को कोस रहा होगा। प्रशासन ने दावा किया था कि खरीदी केन्द्रों पर ऐसी चाक-चौबंद व्यवस्था है कि अगर बादल भी बरसने आएंगे तो पहले अनुमति लेकर आएंगे। संसाधन इतने पुख्ता बताए गए कि लगता था गेहूं नहीं, किसी वीआईपी मेहमान की सुरक्षा की जा रही है।

कलेक्टर साहब खुद मैदान में उतरे। खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को फटकार लगाई। यहां तक कि अपने हाथों से तिरपाल भी चढ़ाई। तस्वीरें खिंचीं, खबरें छपीं और जनता ने सोचा कि अब गेहूं सुरक्षित है। लेकिन शायद बादलों ने अखबार नहीं पढ़ा था।

बरसात आई और सीधे गेहूं से मिलने पहुंच गई। तिरपाल बेचारा सरकारी फाइल की तरह किनारे पड़ा रहा और पानी अपना काम करता रहा। नतीजा यह हुआ कि कई केन्द्रों पर गेहूं अंकुरित होने की तैयारी में लग गया और कुछ जगहों पर ऐसी सुगंध फैलने लगी कि लोगों को लगने लगा कहीं खाद बनाने की यूनिट तो नहीं खुल गई।

कमर्जी खरीदी केन्द्र की हालत तो और भी दिलचस्प है। वहां करीब 100 क्विंटल गेहूं सड़ गया। अब सामान्य सोच कहती है कि खराब अनाज अलग कर दिया जाए, लेकिन सरकारी सोच सामान्य थोड़ी होती है। इसलिए सड़े हुए गेहूं को भी बड़े प्यार से बोरों में भरवाया जा रहा है, मानो उसकी विदाई किसी सम्मान समारोह की तरह हो रही हो।

कहने वाले तो यह भी कह रहे हैं कि गेहूं इतना "परिपक्व" हो गया है कि अब उसमें खुशबू नहीं, सीधे "सुगंधित चेतावनी" निकल रही है। लेकिन जिम्मेदारों को शायद यह खुशबू विकास की महक लग रही है।

सबसे मजेदार बात यह है कि जब गेहूं भीग रहा था, तब जिम्मेदारों की जवाबदेही भी शायद किसी तिरपाल के नीचे आराम कर रही थी। बारिश थमी, गेहूं सड़ा, बदबू फैली, लेकिन कागजों में सब कुछ "सुरक्षित भंडारित" ही रहा।

अब जनता भी सोच रही है कि अगर कलेक्टर साहब के हाथों चढ़ी तिरपाल और प्रशासन की चौकसी मिलकर गेहूं को नहीं बचा पाई, तो फिर गेहूं को अगली बार जीवन बीमा ही करवा लेना चाहिए।

कुल मिलाकर इस खरीदी सीजन का निष्कर्ष यही है कि
"गेहूं पानी में डूब गया, जिम्मेदारी फाइलों में सूख गई और तिरपाल सरकारी दावों की तरह हवा में उड़ती रह गई!"</description>
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    <title>वन अपराधियों की अब खैर नहीं, एमपी वन विभाग ने लॉन्च किया 'गुप्तचर' ऐप</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-03 09:55:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में वन अपराधों और वन्यजीवों के अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 'गुप्तचर' (Guptchar) मोबाइल एप लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से आम नागरिक गुप्त रूप से वन अपराधों की जानकारी सीधे वन विभाग तक पहुंचा सकेंगे।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह एप वन्यजीवों के अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी, जंगलों की अवैध कटाई, वन भूमि पर अतिक्रमण और अन्य वन अपराधों की सूचना देने के लिए विकसित किया गया है। एप के जरिए प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी तथा सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

वन विभाग का मानना है कि प्रदेश के विशाल वन क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। ऐसे में 'गुप्तचर' ऐप वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा अभियान को नई मजबूती देगा।

प्रदेश में बाघ, तेंदुआ, भालू समेत अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में वन विभाग द्वारा अवैध शिकार और वन अपराधों पर नियंत्रण के लिए कई विशेष अभियान भी संचालित किए गए हैं। ऐसे में नया एप विभाग के लिए एक प्रभावी तकनीकी हथियार साबित हो सकता है। 

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन अपराध, अवैध कटाई, शिकार या वन संपदा को नुकसान पहुंचाने की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल 'गुप्तचर' ऐप के माध्यम से दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। ([MP Forest Department][2])

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    <title>जंगली हाथी के हमले में मृत दंपत्ति के परिजनों को 16 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-03 07:06:37</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-जिले के ग्राम तिलया में एक जून को जंगली हाथी के हमले में हुई दुखद घटना में मृतक स्व. श्री भैयालाल यादव एवं स्व. श्रीमती सियावती यादव के निकटतम वारिसों को शासन के नियमानुसार कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राहत राशि स्वीकृति पत्र वारिसों को सौंपा।

  सांसद डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने का संबल प्रदान किया। उन्होंने कहा कि शासन एवं प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

  बैठक में जिला प्रशासन की ओर से भी घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों को सतर्कता संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

  इस अवसर पर संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत विस्थापन कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रभावित गांवों की स्थिति, पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने विस्थापन प्रक्रिया को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

  कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का सतत मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने गुरुवार को स्वयं क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने की बात कही। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को शासन की सभी पात्र हितलाभ योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

  जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन एवं वन विभाग को दें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

  इस दौरान उपसंचालक संजय टाइगर रिजर्व राजेश कन्ना टी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    <title>पानी की आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता, सीएम डॉ. मोहन बोले- जनता को न हो किसी प्रकार की कमी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 21:40:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 जून को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। गर्मी के मौसम और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी की जाए। जहां जैसी आवश्यकता, वहां वैसी त्वरित व्यवस्थाएं की जाएं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पीएचई की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पत्तिया उइके ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि विभाग तेजी से अपनी लक्ष्य पूर्ति की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का काम पूरा कर लिया जायेगा। मिशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का शत् प्रतिशत काम हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त कर कहा कि ऐसे गांवों-ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन-सम्मानित किया जाए, जिन्होंने अपने बलबूते पर नल जल योजनाओं का संचालन-संधारण किया। 

*बोरवेल अधिनियम से रोकेंगे आकस्मिक दुर्घटनाएं*
मंत्री उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं-मृत्यु को रोकने के लिए प्रदेश में बोरवेल अधिनियम बनाया गया है। ऐसा अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को अधिक बेहतर बनाने के लिए विभाग के सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 के तहत डिंडौरी और मंडला जिले में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस काम को 'कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओर' अवधारणा से जोड़ा जाए।

*नलजल योजनाओं के लिए बनाएं मैकेनिज्म*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनाओं विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन के तहत करीब 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने स्वयं मध्यप्रदेश को यह आवंटन जारी करने की सहमति दी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार किया जाए, कि सभी नलजल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहें। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल बचाने वाले और इस कार्य में सहयोग देने वालों का राज्य एवं जिलास्तर पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित करें। बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश में एकल एवं समूह नल जल योजना के संचालन एवं प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संर्वधन अभियान के साथ जोड़े और जल बचाने के लिए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी एवं स्कूलों में स्थापित जल सोत्रों की वॉटर टेस्टिंग की जा रही है साथ ही हैंडपंपों की जांच एवं नल जल योजना के ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
 
*14 हजार से ज्यादा गांवों की व्यवस्था पूरी तरह ठीक*
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल सोत्रों के लिए पीएचई केवल टयूबवेल जैसे माध्यम पर ही आश्रित न रहे। जल सोत्र के रूप में तालाब सरोवर निर्माण से कई लाभ होंगे। इससे जल संरक्षण होगा। क्षेत्र में वॉटर रिचार्जिंग बढ़ेगी। जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ ही नल-जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचना भी उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकॉस्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ लें। बैठक में प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या की सूचना मिलते ही उसे तत्काल दूर किया जा रहा है। पेयजल से निर्माण कार्य करने वालों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि मप्र जल निगम के समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण खर्चे को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही हैं। क्योंकि पीएचई सोलर एंड विंड एनर्जी का बल्क यूजर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दिसम्बर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक  क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिए गए, साथ ही 15 हजार 238 नए नलकूप-हैंडपंप भी स्थापित किए गए। प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में जल प्रदाय व्यवस्था का शत् प्रतिशत काम पूरा कर इन्हें हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवारों को नल से जल के तहत कवर कर लिया गया है।   

*डिजिटल माध्यम से जल प्रदाय की मॉनिटरिंग*
मप्र जल निगम के प्रबंध संचालक वीएस कोलसानी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि उज्जैन राजस्व संभाग की एकल ग्राम नलजल योजनाओं के काम पूरे कर लिए गए हैं। यहां 7 लाख 9 हजार 65 परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दे दिए गए हैं। प्रदेश की 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से प्रमाणित करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की उपयोगिता के आंकलन और हितग्राहियों से शिकायतें-सुझाव प्राप्त कर उनका निराकरण करने के लिए ऑनलाइन जलदर्पण पोर्टल भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया गया कि विभाग में प्रचलित प्रमुख विकास योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल जीवन मिशन 2.0 की तैयारी की जा रही है। विभाग में रिक्त पदों की भर्ती भी तेजी से की जा रही है। विभागीय कार्यों में गुणवत्ता एवं सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल माध्यम से जल प्रदाय की मॉनिटरिंग, एकल नल जल योजनाओं आईओटी सेंसर्स लगाने तथा राज्य एवं जिला स्तर पर एक कमांड एण्ड कंट्रोल सेन्टर की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2026 में जल उत्सव आयोजित किया जाएगा।</description>
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    <title>मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: जमीन की रजिस्ट्री मुफ्त, छात्रों को मिलेगी सिली हुई यूनिफॉर्म</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 15:47:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत लाखों परिवारों को उनकी आबादी वाली जमीन के पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराने और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को तैयार सिलाई की हुई यूनिफॉर्म देने का निर्णय लिया।

कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे के माध्यम से आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का चिह्नांकन किया गया है। अब लाभार्थियों को स्वामित्व पत्र के साथ-साथ जमीन की रजिस्ट्री के पंजीकृत दस्तावेज भी दिए जाएंगे। प्रदेश में 48.80 लाख निजी और लगभग 19 लाख सरकारी संपत्तियों का सर्वे किया गया है। रजिस्ट्री में लगने वाला पंजीयन शुल्क और पंचायत उपकर सरकार स्वयं वहन करेगी, जिस पर करीब 3800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को अब तैयार यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। अभी तक छात्रों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपये भेजे जाते थे, लेकिन शिकायतों के बाद सरकार ने व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया है।

बैठक में बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच को मंजूरी दी गई। साथ ही इंदौर के पिपल्याहाना में बन रहे जिला न्यायालय भवन की लागत 400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 626 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट ने पंचायत राज ग्राम स्वराज अधिनियम एवं उपकर अधिनियम में संशोधन संबंधी अध्यादेशों को मंजूरी दी। इसके अलावा हिंदी फीचर फिल्म "तन्वी द ग्रेट" को मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री करने के निर्णय का भी अनुमोदन किया गया।

बैठक में गेहूं खरीदी, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और एमबीबीएस सीटों में वृद्धि जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने बताया कि यूसीसी को लेकर सुझाव लेने की प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी।

मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़कर 11 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। पशुपालकों की सुविधा के लिए "गोरस" मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। वहीं पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक 4 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।

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    <title>रक्षाबंधन पर बहनें करेंगी बसों में सफर, सीएम डॉ. मोहन बोले- कांग्रेस शासन में बंद हुई थी राज्य परिवहन सेवा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 13:46:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनें रक्षाबंधन पर राज्य परिवहन की बसों में सफर करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसकी पूरी योजना तैयार कर ली है। मध्यप्रदेश सरकार कदम-दर-कदम राज्य में बसों का संचालन करेगी। सरकार के इस कदम से जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें जबरदस्ती किसी ऐसे वाहन में सफर नहीं करना पड़ेगा, जिनमें जान का खतरा रहता है। राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। 

इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने 3 जून को मीडिया से कहा कि राज्य परिवहन गरीबों के जीवन में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। लेकिन, कांग्रेस शासनकाल में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बंद करने का कार्य किया गया था। अब हमारी सरकार न सिर्फ प्रदेश में बेहतर और आधुनिक सड़कों का तेजी से निर्माण कर रही है, बल्कि जल्द ही नागरिकों को राज्य परिवहन की विशेष सुविधाओं का लाभ भी मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की ओर बढ़ रही है। 

सभी समस्याएं होंगी खत्म
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस बार रक्षाबंधन पर हमारी बहनें परिवहन विभाग की बसों में सफर करें, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति के कारण शहरों के बीच दूरी अधिक है। बसें उपलब्ध नहीं होने पर लोगों को मजबूरी में लोडिंग गाड़ियों में सफर करना पड़ता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इन सभी समस्याओं को खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि राज्य के अंदरूनी हिस्सों और पड़ोसी राज्यों के साथ मध्यप्रदेश सरकार का यह प्रयास सुगम परिवहन सेवा के रूप में देखने को मिलेगा। प्रदेश में जनसुविधाओं के विस्तार और प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ कार्य कर रही है।</description>
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    <title>लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्रवाई,75 हजार की रिश्वत लेते सहायक खंड लेखापाल गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 13:40:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शहडोल(ईन्यूज एमपी)- रीवा लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहडोल जिले के ब्योहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर सरकारी मकान से जुड़े प्रकरण के निपटारे के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार बाणसागर निवासी रमेश प्रसाद रजक ने शिकायत दर्ज कराई थी। रमेश प्रसाद रजक नगर परिषद खांड की उपाध्यक्ष सुधा रजक के पति हैं। शिकायत में बताया गया था कि सरकारी मकान से संबंधित मामले को सुलझाने और कब्जा हटाने के नाम पर सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति रिश्वत की मांग कर रहा था।

शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। मंगलवार को शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक आरोपी को रिश्वत की दूसरी किश्त के रूप में 75 हजार रुपये देने पहुंचे। जैसे ही आरोपी ने राशि स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इस मामले में शिकायतकर्ता से पहले ही 35 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। शेष राशि के लिए वह लगातार दबाव बना रहा था।

गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि ब्योहारी क्षेत्र में हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर लगातार कार्रवाई हो रही है। करीब 15 दिन पहले भी लोकायुक्त टीम ने एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। लगातार दूसरी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति है।

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    <title>नरोत्तम-शिवराज की सीएम से मुलाकात से तेज हुई सियासी चर्चाएं</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 13:14:09</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव और संभावित उपचुनावों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अलग-अलग मुलाकातों ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

सोमवार को पूर्व गृहमंत्री एवं दतिया से भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। खास बात यह रही कि कुछ समय बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं की अलग-अलग मुलाकातों को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन मुलाकातों का संबंध आगामी राज्यसभा चुनाव और संभावित दतिया विधानसभा उपचुनाव से हो सकता है। दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती का निर्वाचन शून्य घोषित होने के बाद रिक्त मानी जा रही है, जिसके चलते उपचुनाव की चर्चा जोरों पर है। भाजपा की ओर से इस सीट पर नरोत्तम मिश्रा को संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है।

इधर, जून माह में मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। वर्तमान में इनमें से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के पास है। दोनों दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हुए हैं। भाजपा जहां अपनी दोनों सीटें बरकरार रखने के साथ तीसरी सीट पर भी नजर बनाए हुए है, वहीं कांग्रेस अपनी सीट बचाने की रणनीति तैयार कर रही है।

निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि पहले दिन कोई भी उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने नहीं पहुंचा। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री से हुई इन मुलाकातों और राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

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  <item>
    <title>सीमांकन के बदले 80 हजार की रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 12:50:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहपुरा तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी सीमांकन कार्य कराने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार संगम कॉलोनी उखरी निवासी रोहित जैन ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि उनके एक व्यापारी मित्र द्वारा ग्राम कुलोन, तहसील शाहपुरा में खरीदी गई जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत में बताया गया कि सीमांकन कराने के बदले आरोपी ने एक लाख रुपये मांगे थे।

लोकायुक्त टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान आरोपी 80 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की।

मंगलवार को रतन कॉलोनी, कटंगा क्षेत्र में निर्धारित स्थान पर जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी करण सिंह लोधी को 80 हजार रुपये दिए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी करण सिंह लोधी (56) शाहपुरा तहसील कार्यालय में राजस्व निरीक्षक के पद पर पदस्थ है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशन तथा पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक राहुल गजभिए सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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    <title>36 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए एस.एन. द्विवेदी, प्रशासनिक कार्यशैली की छोड़ गए मिसाल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 12:35:12</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- प्रशासनिक सेवा में लंबे समय तक कार्य करते हुए अपनी सादगी, निष्पक्षता और कार्यकुशलता से अलग पहचान बनाने वाले आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्रीनिवास (एस.एन.) द्विवेदी 31 मई को 36 वर्ष 4 माह की सफल सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति के साथ ही एक ऐसे अधिकारी की प्रशासनिक पारी का समापन हुआ, जिसने अपने पूरे सेवाकाल में बिना किसी विवाद के जनहित और प्रशासनिक दायित्वों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

एस.एन. द्विवेदी की पहली नियुक्ति 29 जनवरी 1990 को जबलपुर में मंडल संयोजक के रूप में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2000 में वे सीधी पहुंचे और आदिवासी विकास विभाग में अपनी सेवाएं देना शुरू किया। सीधी और तत्कालीन संयुक्त सिंगरौली जिले के लगभग सभी विकासखंडों में उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन किया।

वर्ष 2006 में पदोन्नति के बाद वे संयोजक बने। वर्ष 2014 में उनका स्थानांतरण शहडोल हुआ, लेकिन एक वर्ष बाद ही जनपद पंचायत कुसमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में पुनः क्षेत्र में लौट आए। इसके बाद नरसिंहपुर, आदिवासी परियोजना कुसमी, मझौली तथा सीधी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। जनवरी 2025 में वे सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थ हुए और वहीं से सेवानिवृत्त हुए।

 वनांचल क्षेत्र के विकास में निभाई अहम भूमिका

कुसमी और वनांचल क्षेत्रों में उनकी विशेष पहचान रही। आदिवासी अंचलों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की निगरानी तथा प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय लोग उन्हें एक अधिकारी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में देखते थे।

कोरोना काल में अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने कुसमी और मझौली क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान की। वहीं कुसमी में विकसित की गई "तमन्ना वाटिका" और व्यापक वृक्षारोपण अभियान आज भी उनकी दूरदर्शिता और पर्यावरण प्रेम की पहचान बने हुए हैं।

 पद नहीं, जिम्मेदारी को दी प्राथमिकता

सेवानिवृत्ति के अवसर पर एस.एन. द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कभी किसी पद की मांग नहीं की। प्रशासन ने जहां जो जिम्मेदारी सौंपी, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा प्रयास रहा कि सभी के साथ सामंजस्य बनाकर कार्य करें और किसी के साथ मनमुटाव की स्थिति न बने।

मुस्कान और सादगी बनी पहचान

लंबे समय तक सीधी जिले में सेवाएं देने वाले एस.एन. द्विवेदी का व्यक्तित्व भी हमेशा चर्चा में रहा। चेहरे पर मंद मुस्कान, सहज व्यवहार और अपनी विशिष्ट शैली ने उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाई। कलेक्टर बदलते रहे, प्रशासनिक परिस्थितियां बदलती रहीं, लेकिन उनकी कार्यशैली और व्यवहार में कभी बदलाव नहीं आया।

उनकी सेवानिवृत्ति पर प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को याद किया। लोगों का कहना है कि एस.एन. द्विवेदी ने प्रशासनिक सेवा में ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

वनांचल के विकास, आदिवासी हितों और जनसेवा को समर्पित रही एस.एन. द्विवेदी की 36 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा</description>
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    <title>जुलाई से दौड़ेंगी सरकारी इलेक्ट्रिक बसें, इंदौर से होगी शुरुआत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 08:14:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश में जुलाई माह से सरकारी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। इसकी शुरुआत इंदौर से होगी।

योजना के प्रथम चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा। इन बसों का संचालन शहरी एवं अंतरजिला परिवहन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त यात्रा का विकल्प मिलेगा।

पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत मध्यप्रदेश को सात क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इंदौर के बाद भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर से भी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।

विशेष बात यह है कि बस सेवा को केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और गुजरात तक इंटरस्टेट बस संचालन की भी योजना बनाई गई है। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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    <title>बाणसागर बांध से आज सुबह छोड़ा जाएगा पानी, सोन नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-02 08:00:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सतना/सीधी(ईन्यूज एमपी)- खरीफ सिंचाई वर्ष 2026 की तैयारियों के तहत बाणसागर परियोजना से 2 जून की सुबह 6 बजे पानी छोड़ा जाएगा। बाणसागर पक्का बांध संभाग क्रमांक-3 देवलोंद द्वारा जारी आदेश के बाद सोन नदी के किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने नदी तट के निवासियों, पशुपालकों और किसानों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। 

जानकारी के अनुसार सिंचाई एवं जल प्रबंधन की आवश्यकताओं को देखते हुए बांध से नियंत्रित मात्रा में जल छोड़ा जाएगा। इसके चलते सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को नदी में न उतरने, मछली पकड़ने और पशुओं को नदी के समीप न ले जाने की सलाह दी है। 

बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने का असर सतना, रीवा, सीधी और सोन नदी के तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने तथा नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी और सूचना प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित विभागों से संपर्क करने की अपील की है। जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए नदी तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। 

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    <title>सीधी को रोशन कर सेवा से विदा हुए पंचराज तिवारी ने जीता सीधी का दिल ...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 21:30:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- 23 दिन कम तीन साल तक रहे बिजली विभाग  सीधी के  आधीक्षण यंत्री पंचराज तिवारी अपने सेवाकाल की सफल पारी पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए। करीब तीन वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने अपनी कार्यशैली, सरल स्वभाव और जनहितकारी कार्यों से सीधी जिले की जनता का दिल जीत लिया। तीन साल की सेवा में  आपने किसी को निराश नही किया हर उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वारित निराकरण करना उनकी फितरत में है । 

उनके नेतृत्व में जिले के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने का अभियान तेज हुआ और 4 हजार से अधिक नए बिजली कनेक्शन प्रदान किए गए। जिन बस्तियों में वर्षों से अंधेरा था, वहां भी बिजली की रोशनी पहुंची।

पंचराज तिवारी की पहचान ऐसे अधिकारी के रूप में रही, जिन्होंने फाइलों से ज्यादा संवाद और समाधान पर भरोसा किया। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी बताते हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में किसी भी जरूरतमंद को निराश नहीं किया।

उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में मुख्य अभियंता रमा पाण्डेय, प्रभारी अधीक्षण यंत्री शिवेंद्र सिंह बघेल, डीई जनमेजय सिंह चंदेल, एई नृपेन्द्र सिंह गहरवार, जेई शिव उजागर मिश्र सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, परिजन एवं नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पंचराज तिवारी केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि जनता और विभाग के बीच मजबूत सेतु रहे हैं। उनकी सेवाएं और कार्यशैली लंबे समय तक याद की जाएंगी।</description>
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    <title>महिलाओं-बच्चों का कल्याण प्राथमिकता, सीएम डॉ. यादव बोले- लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करें</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 19:57:19</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जून को  मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग के कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक से अधिक जन भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। महिलाओं और बच्चों के कल्याण से संबंधित योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार हो। बच्चों और महिलाओं में पोषण स्तर को बेहतर करने के लिए संचालित गतिविधियों में स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित निजी अस्पतालों और संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। इस दिशा में अन्य राज्यों और प्रदेश के जिलों में हो रहे सफल नवाचारों को अपनाने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए । 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैदानी स्तर पर बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहन और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन औद्योगिक इकाइयों में महिला कर्मियों की संख्या अधिक है, उन  इकाइयों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण की पीपीपी मोड पर कार्य योजना बनाई जाए। बैठक में बताया गया कि देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण प्रारंभ हो गया है। संकटग्रस्त महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के लिए पांढुर्णा, मऊगंज, मैहर, पेटलावद-झाबुआ, इंदौर के लसूड़िया और सांवेर तथा धार के मनावर और पीथमपुर में वन स्टॉप सेन्टर स्वीकृत किए गए हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन के अंतर्गत 51 जिला स्तरीय और 01 राज्य स्तरीय हेल्प सेंटर के माध्यम से  66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता उपलब्ध करवाई गई। जोखिम ग्रस्त बच्चों की मैपिंग के लिए 13 जिलों में प्रक्रिया जारी है।

5-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए आयोजित की गई ग्रेजुएशन सेरेमनी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के 9 लाख 28 हजार बच्चों के लिए ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित कर उन्हें विद्यारंभ प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया और बच्चों का शाला में सुगम प्रवेश सुनिश्चित किया गया। प्रदेश के इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली है। बाल देखरेख संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। मुख्यमंत्री  डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि सक्षम आंगनबाड़ी उन्नयन के अंतर्गत प्रदेश में एक साथ 12 हजार 670 मिनी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी के रूप में उन्नत कर मध्यप्रदेश देश में अग्रणी बना है। इस प्रकार की पहल में मध्यप्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत जनवरी 2024 से मई 2026 तक प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक पात्र बहनों को 47 हजार 775 करोड़ रुपये से अधिक की मासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मई 2026 तक 15 लाख 84 हजार बालिकाओं का पंजीयन कर 537 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की गई। 

मध्यप्रदेश ढाई साल से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में देश में अव्वल
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में दर्ज 15 लाख 51 हजार गर्भवती महिलाओं को 798 करोड़ 68 लाख से अधिक का भुगतान किया गया। इस योजना के क्रियान्वयन में पिछले ढाई साल से मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका को बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पोषण स्तर में सुधार के लिए किये जा रहे नवाचारों की जानकारी भी दी गई।</description>
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    <title>किसानों की सहमति के बिना टावर निर्माण पर रोक लगे, अडानी कंपनी दे चार गुना मुआवजा: अजय सिंह</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 18:14:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीधी जिले के चुरहट क्षेत्र में संचालित पावर ट्रांसमिशन परियोजना को लेकर किसानों के पक्ष में आवाज उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की सहमति के बिना उनकी कृषि भूमि में जबरन टावर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी एवं किसानों के अधिकारों का हनन है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में अजय सिंह ने कहा कि अडानी समूह की कंपनी के कर्मचारी किसानों के खेतों में प्रवेश कर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले किसानों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है तथा उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां भी दी जा रही हैं।

अजय सिंह ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अवगत कराया है और मांग की है कि किसानों की सहमति तथा मुआवजे के प्रकरणों का निराकरण होने तक महान पावर ट्रांसमिशन परियोजना के अंतर्गत टावर निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

उन्होंने कहा कि किसान शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्तमान बाजार मूल्य से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जो नियमानुसार है। इसके बावजूद यदि कंपनी या प्रशासन किसानों पर दबाव बनाकर कार्य कराने का प्रयास करता है तो यह न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन कंपनी के दबाव में किसानों के साथ मनमानी कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी की गई और उनकी भूमि पर जबरन कार्रवाई जारी रही तो पूरे क्षेत्र में चक्का जाम एवं जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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    <title>राज्यपाल मंगुभाई पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 12:58:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकभवन पहुंचकर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र तथा बाबा महाकाल की प्रतिकृति भेंट कर राज्यपाल का सम्मानपूर्वक अभिवादन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री पटेल के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन एवं दीर्घायु होने की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल की संवैधानिक मूल्यों, अंत्योदय की भावना तथा जनकल्याण के प्रति निष्ठा प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की कर्तव्यपरायणता और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता सभी के लिए अनुकरणीय है।

लोकभवन में हुए इस सौजन्य भेंट कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की मंगलकामना की।

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    <title>पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष: युवक की मौत, महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 11:10:57</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सतना(ईन्यूज एमपी)-जिले के कोटर थाना क्षेत्र अंतर्गत खोहर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध दर्ज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान **अनंत प्रताप सिंह (28 वर्ष)** पुत्र भानु प्रताप सिंह निवासी खोहर गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अनंत प्रताप सिंह का अपने पारिवारिक चाचा **रामभान सिंह (60 वर्ष)** के साथ लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। शुक्रवार रात दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर फिर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें अनंत प्रताप सिंह और रामभान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने अनंत प्रताप सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं रामभान सिंह का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही कोटर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शनिवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रामभान सिंह, उनके पुत्र **अतुल सिंह (26 वर्ष)**, **इंद्रसेन सिंह (30 वर्ष)** तथा बहू **सीमा सिंह (30 वर्ष)** के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को महिला आरोपी सीमा सिंह सहित अतुल सिंह और इंद्रसेन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल रामभान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती हैं और पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में घटना का कारण पुरानी पारिवारिक रंजिश सामने आया है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस द्वारा सतर्कता बरती जा रही है।

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  <item>
    <title>सीधी:हाथियों के हमले में वृद्ध दंपति की दर्दनाक मौत, विस्थापन नीति पर उठे सवाल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 07:48:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी/कुसमी(ईन्यूज एमपी)- जिले के वनांचल क्षेत्र कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत गाजर के चिनगी गांव में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना में जंगली हाथियों के हमले से वृद्ध दंपति की मौत हो गई। घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, वहीं प्रभावित परिवार को विस्थापन का लाभ नहीं मिलने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम तिलिया निवासी भैयालाल यादव (60 वर्ष) पिता लालमन यादव एवं उनकी पत्नी रविवार रात लगभग 2 बजे अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान हाथियों का झुंड गांव में पहुंच गया। बताया जाता है कि हाथियों ने घर को घेर लिया और दोनों वृद्ध दंपति को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सूचना पर पुलिस, राजस्व एवं वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। हालांकि ग्रामीणों का आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने मृतकों के शवों को उठाने से इंकार कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगे इस गांव में हाथियों का लगातार खतरा बना रहता है। वन विभाग द्वारा गांव के कुछ परिवारों को तो विस्थापित कर दिया गया, लेकिन मृतक परिवार सहित करीब 40 लोगों को अब तक विस्थापन का लाभ नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार एसडीएम कार्यालय सहित अन्य अधिकारियों को आवेदन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कई परिवार उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण विस्थापन नहीं कर पाए हैं, जबकि कुछ परिवारों को योजना से ही वंचित रखा गया। ऐसे में गांव का आंशिक विस्थापन होने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति लगातार बनी हुई है।

ग्रामीणों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए प्रभावित परिवारों के समुचित पुनर्वास, उचित मुआवजा तथा पूरे गांव के व्यवस्थित विस्थापन की मांग की है।फिलहाल प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं तुकड़ों में किए जा रहे विस्थापन की नीति पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

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    <title>आज से तबादलों पर से प्रतिबंध समाप्त, 15 जून तक होंगे स्थानांतरण</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 06:25:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य सरकार द्वारा आज 1 जून से तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है। अब विभिन्न विभाग 15 जून तक प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर स्थानांतरण कर सकेंगे।

सरकारी निर्देशों के अनुसार रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। जिले के भीतर होने वाले स्थानांतरण का अधिकार प्रभारी मंत्री के पास रहेगा, जबकि प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के समन्वय एवं अनुमति से किए जाएंगे।

जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को फिलहाल स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इनके अलावा अन्य पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए जा सकेंगे।

कुछ सेवाएं स्थानांतरण नीति के दायरे से बाहर

राज्य सरकार की स्थानांतरण नीति के अनुसार मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, राज्य वन सेवा तथा मंत्रालय के कर्मचारियों के स्थानांतरण इस नीति के दायरे में नहीं आएंगे। इनके लिए अलग व्यवस्था लागू रहेगी।

इसी प्रकार शिक्षकों के तबादले स्कूल शिक्षा विभाग की पृथक स्थानांतरण नीति के अनुसार किए जाएंगे। वहीं पुलिस विभाग में स्थानांतरण की प्रक्रिया तबादला बोर्ड के माध्यम से संचालित होगी।

कलेक्टर और विभागीय मंत्री को मिले अधिकार

जिले के भीतर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री की मंजूरी के बाद किए जाएंगे। वहीं राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण संबंधित विभागीय मंत्री की अनुमति से प्रशासनिक विभाग करेगा।

डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की पदस्थापना भी प्रभारी मंत्री की सलाह के आधार पर की जाएगी।

प्रदेश के हजारों अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय से स्थानांतरण नीति लागू होने का इंतजार कर रहे थे। प्रतिबंध हटने के साथ ही विभागों में स्थानांतरण संबंधी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
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    <title>सुशासन की दिशा में वरदान साबित हो रहा विज्ञान... मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-06-01 06:10:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ का लोकार्पण तथा ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाइल एप का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स का लोकार्पण कर इन्हें इंदौर पुलिस के बेड़े में शामिल कराया। यह ड्रोन्स पुलिस की तीसरी आंख के रूप में हर वक्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और भी अधिक प्रभावी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर इंदौर शहर में तीन नए पुलिस थाने खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी की पूर्ति भी क्रमबद्ध रूप से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर साल पुलिस विभाग के 22 हजार 500 पदों पर भर्ती कर रहे हैं। लगभग सभी पदों पर भर्ती जारी है। हम प्रदेश के हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार हमेशा पुलिस विभाग के साथ है। परन्तु नागरिकों को बेवजह परेशानी या अपने पदीय कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक लोगों के हित में है, तो एक चुनौती भी है, इसलिए इसका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन पुलिस का कान्सेप्ट इंदौर से ही आया है। अब यह एक नजीर बनेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पुलिस के उपयोग के लिए 10 नए शासकीय वाहनों (4 दो पहिया और 6 चार पहिया वाहन) को हरी झंडी दिखाकर लोकार्पित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सरकार 'विरासत से विकास' के मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने जिस इंदौर को सेवा, सुशासन और जनकल्याण के जीवन मूल्यों से जोड़ा था, अपनी श्रम साधना से सींचा था, आज वही शहर नवाचार और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। इंदौर में इस तरह के आधुनिक नवाचारों का शुभारंभ होना अपार खुशी देता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान वास्तव में सुशासन की दिशा में 'लोक कल्याणकारी राज्य' के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार तकनीक से लोगों की तकदीर बदलने, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और लोकसेवा का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ और ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ जैसे नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को नई ताकत प्रदान करेंगे। आज इंदौर में हुआ यह नवाचार पुलिस और प्रशासन दोनों को बेहतर काम करने की नई ऊर्जा देगा तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्मार्ट और सुरक्षित इंदौर की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। आज लोकार्पित ड्रोन्स कानून व्यवस्था की स्थापना में पुलिस के लिए सहायक होंगे, वहीं ट्रेफिक साथी एप वाहन चालकों के लिए बेहद कारगर साबित होगा। इस एप के जरिए वाहन चालक पार्किंग की बेहतर लोकेशन जान सकेंगे। 

पुलिस कमिश्नर इंदौर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इंदौर पुलिस के बेड़े में 18 ड्रोन्स शामिल किए जा रहे हैं। अब इंदौर पुलिस भीड़ के समुचित‍ प्रबंधन में इन अत्याधुनिक ड्रोन्स के बेहतर उपयोग करने के लिये तैयार हो गई है। इन ड्रोन्स से 2 किलोमीटर का दायरा कवर होगा। उन्होंने कहा कि अब हम न सिर्फ ट्रैफिक बल्कि अपराधों पर भी नजर रख सकेंगे। इसका प्रयोग इंदौर में रंगपंचमी पर निकली गैर और बसंत पंचमी पर भोजशाला में कानून व्यवस्था के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस ने 4 हजार 370 लोगों को नि:शुल्क हेलमेट बांटे हैं।</description>
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    <title>महंगाई पर अजय सिंह का हमला, पेट्रोल-डीजल पर 50% टैक्स कटौती की मांग</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-31 17:35:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- प्रदेश में बढ़ती महंगाई को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले राज्य करों में 50 प्रतिशत कटौती की मांग की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार को तत्काल राहतकारी कदम उठाने चाहिए।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में अजय सिंह ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई लगातार वृद्धि का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ा है, जिसके कारण बाजार में आवश्यक वस्तुओं और खाद्यान्नों के दाम काफी बढ़ गए हैं। इससे आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि पेट्रोल-डीजल पर वेट टैक्स में तत्काल 50 प्रतिशत की कटौती की जाए। उनका कहना है कि ऐसा होने पर परिवहन लागत कम होगी और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी कमी आएगी।

अजय सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गेहूं, चावल, दाल, खाद्य तेल और शक्कर जैसी जरूरी वस्तुएं नियंत्रित दरों पर उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। घर का खर्च चलाने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन होता जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने करों में कमी और सस्ते राशन जैसी राहतकारी व्यवस्थाएं नहीं कीं, तो जनता आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर हो सकती है।
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    <title>प्री-मानसून की दस्तक से विंध्य में मौसम सुहाना, बारिश के साथ चली तेज हवाएं</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-31 17:29:14</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- विंध्य क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार शाम से सीधी सहित विंध्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और तापमान सामान्य स्तर पर पहुंच गया है।

सीधी शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जानकारी के अनुसार कुछ इलाकों में पिछले एक घंटे से विद्युत सप्लाई ठप रही। वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़-पौधों और टहनियों के टूटकर गिरने की भी खबरें सामने आई हैं।

बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिनभर की उमस और गर्मी से लोगों को राहत महसूस हुई। मौसम के अचानक बदले मिजाज से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सीधी सहित पूरे विंध्य क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया।

मौसम जानकारों के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधियों का प्रभाव है और आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है।
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    <title>पीएम की मन की बात' सुनने के बाद सीएम का ऐलान, गांव से शहर आने वाले किसानों को हेलमेट देगी सरकार...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-31 14:46:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल (ईन्यूज एमपी) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मई को अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखाई दिए। उन्होंने शाजापुर जिले के शुजालपुर में एक तरफ जनप्रतिनिधियों-किसानों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" का 134वां संस्करण सुना, तो दूसरी तरफ किसानों के साथ आत्मीय संवाद किया। संवाद में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों की आय बढ़ाएगी। इतना ही नहीं, गांव से शहर आकर सामान बेचने वाले किसानों की जान बचाने के लिए सरकार उन्हें हेलमेट देगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि हमारी सरकार जो निर्णय करती है, उसे लागू करती है। हमने आज 2625 रुपये क्विंटल के दाम देकर 1 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदी का रिकॉर्ड बनाया है। अभी तक हमने अपने ही सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लगभग 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड भी मध्यप्रदेश सरकार ने बनाया है। यह हमारी सरकार के काम करने का तरीका है। उन्होंने कहा कि सरकार सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के माध्यम से किसानो को लाभ देकर वचन को निभा रही है। हमारी सरकार उड़द को भी प्रोत्साहन दे रही है। पहली बार हम उड़द पर बोनस दे रहे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में नंबर-1 है। हम उसमें और आगे बढ़ रहे हैं। 

मूंग के साथ उड़द पर भी 600 रूपये का मिलेगा बोनस
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि एक तरफ हम खेती पर जोर दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ कारखानों के माध्यम से दालों का उत्पादन भी यहीं करने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम  तूअर दाल के आयात पर कारखानों को टैक्स की छूट देकर हमने वचन निभाया। कपास से लेकर कई चीजों में सरकार सभी को लाभ दे रही है। आने वाले समय में बरसात के बाद जब रबी की फसल आएगी तब हम दिन में बिजली देकर किसानों को कठिनाइयों से मुक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जिन्होंने उड़द लगाई, मूंग लगाया, उनका पंजीयन भी सरकार ने शुरू कर दिया है। हम मूंग की खरीदी भी करने वाले हैं। मूंग के साथ जो उड़द लगाया है, उसे हम 600 रुपये क्विंटल का विशेष बोनस देंगे। 

मिशन ज्ञान पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम गरीब-युवा-अन्नदाता-महिलाओं के लिए भी काम कर रहे हैं। किसान दूध-फल-सब्जी जैसा सामान मोटरसाइकिल पर गांव से शहर लाते हैं। हेलमेट न होने की वजह से उन पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हमारी सरकार हेलमेट देकर किसानों की जान बचाएगी। इस तरह हम दुर्घटनाओं को भी रोकेंगे और किसानों को सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन को लेकर भी हमारी सरकार योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आवारा पशुओं के लिए गौशाला बनवा रहे हैं। हम गौ-माता का पालन करने वाले को प्रति गाय 40 रुपये रोज भुगतान कर रहे हैं। ताकि, गौमाता को भूखा न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि हम गौमूत्र सहित कई बातों पर रिसर्च को भी बढ़ावा दे रहे हैं। हमारी प्रतिबद्धता है कि आने वाले दिनों में हम दूध का उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाएं। नेशनल डेयरी बोर्ड के माध्यम से हम दूध का कलेक्शन 15 लाख लीटर तक ले गए हैं। हमें दूध उत्पादन में देश में 20 फीसदी का योगदान करना है। इस तरह हमारे किसानों की आय दूध के माध्यम से भी बढ़ रही है।</description>
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    <title>किसानों को टावर कंपनी पर नहीं भरोसा, क़ानून का पालन कराने कलेक्टर से उम्मीद-उमेश तिवारी  दाम नहीं तो काम नहीं, कंपनी की तानाशाही मंजूर नहीं! </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-31 14:39:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-टोंको-रोको-ठोको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने बताया है की महान ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा टावर लाइन का कार्य किया जा रहा है जो सीधी जिले के कई गांव में हो रहा है। जानकारी में हो की अडानी के थर्मल पावर हेतु सिंगरौली जिले में पुलिस के संगीनों के साए में जो लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं उसी हेतु यह टावर लाइन है। कंपनी द्वारा टावर लाइन के किये जा रहे कार्य में भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार की गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। कंपनी की मनमानी का प्रभावित किसान विरोध कर रहे हैं किसानों की आपत्ति के चलते जिला प्रशासन सीधी द्वारा समाधान हेतु तहसील रामपुर नैकिन के ग्राम कुआं में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में किसान,कलेक्टर प्रतिनिधि तथा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में अपनी बात रखते हुए किसानों ने कहा कि कंपनी गाइड लाइन अनुसार तीन सदस्यी समिति (किसान प्रतिनिधि, कलेक्टर प्रतिनिधि और कम्पनी प्रतिनिधि) के माध्यम से मुआवजा निर्धारण ना करा कर स्वतः से मुआवजा मनमानी तौर पर नाम मात्र का किया जा रहा है साथ ही गाइड लाइन अनुसार मुआवजा एक मुस्त और अग्रिम भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। कंपनी द्वारा सरहंगता पूर्वक किसान के जमीन में टावर लाइन का कार्य करके अपराध किया जा रहा है। कंपनी प्रतिनिधि के द्वारा अपनी बात रखते हुए कहा गया की गाइड लाइन चाहे जो हो कंपनी मुआवजा स्वतः से ही निर्धारित करेगी तथा मुआवजा किस्तों में ही देगी। कंपनी के प्रतिनिधि की बेतुका बात पर आपत्ति करते हुए कलेक्टर प्रतिनिधि तहसीलदार रामपुर नैकिन द्वारा कहा गया कि आपको नियम से ही कार्य करना होगा हाँ जहां टावर लाइन का कार्य जरूरी है वही किसान को अपना मुआवजा प्राप्त करना भी किसान का अधिकार है। आप यदि गाइड लाइन को पालन करने को तैयार नहीं हैं तो इसकी जानकारी हम वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराएंगे निराकरण होने तक कंपनी कार्य बंद रखे जिससे विवाद की स्थिति निर्मित ना हो। कंपनी के हठी रवैया और मनमानी से आक्रोशित होकर किसानों ने सर्वसम्मत से निर्णय किया की न्यायिक समाधान न होने तक हम अपने जमीन में टावर लाइन का काम नहीं होने देंगे। किसानों ने कहा कि कंपनी पर हमें कोई भरोसा नहीं है कलेक्टर सीधी से उम्मीद करते हैं कि वह किसानों के साथ न्याय करेंगे।
बैठक में सैकड़ो की संख्या में किसान उपस्थित रहे। कंपनी से भयभीत किसानों को अस्वस्त करते हुए टोंको-रोंको-ठोंको क्रन्तिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी, अधिवक्ता अंबुज पांडे एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष सीधी प्रभात वर्मा ने कहा कि आप अपनी लड़ाई मजबूती से लड़े हम सब आपके साथ हैं।
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  <item>
    <title>अवैध खनिज परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा, चार वाहन जब्त</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-31 13:37:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)- जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को खनिज विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाते हुए बिना वैध अभिवहन पास के रेत और बोल्डर का परिवहन करते पाए जाने पर चार वाहनों को जब्त किया गया।

कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर संचालित इस अभियान के संबंध में खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों की सघन जांच की गई।

जांच के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66 ए 4891 अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पाई गई। चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके चलते वाहन को जब्त कर थाना माड़ा में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया।

इसी प्रकार ग्राम जैतपुर क्षेत्र में एक बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली बोल्डर का परिवहन करते हुए मिली। चालक के पास वैध अभिवहन पास नहीं पाया गया। वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66 ए 1557 भी बिना वैध दस्तावेजों के रेत परिवहन करते पकड़ी गई। दोनों वाहनों को पुलिस चौकी जयंत में खड़ा कराया गया है।

एक अन्य कार्रवाई में एक बिना नंबर का डंपर भी अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया। विभाग ने डंपर को जब्त कर थाना नवानगर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया है।

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त सभी वाहनों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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    <title>17 साल पुराना विवाद समाप्त: अल्ट्राटेक प्रबंधन और 29 परिवारों में बनी सहमति, मुआवजा लेकर खाली किए मकान</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-31 07:59:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट और स्थानीय ग्रामीणों के बीच पिछले 17 वर्षों से चला आ रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। खनन गतिविधियों से प्रभावित 29 परिवारों को प्रति मकान साढ़े तीन लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया, जिसके बाद सभी परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए।

जानकारी के अनुसार, प्लांट के माइनिंग क्षेत्र के आसपास स्थित मकानों को खनन कार्यों के कारण नुकसान पहुंचने और सुरक्षा संबंधी खतरे की शिकायत लंबे समय से की जा रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग और खनन गतिविधियों से उनके मकानों में दरारें आ रही हैं तथा वहां रहना जोखिमपूर्ण हो गया है। इस मुद्दे को लेकर कई बार आंदोलन और शिकायतें भी की गईं, लेकिन वर्षों तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने हस्तक्षेप किया। उनके निर्देश पर तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा और थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी को दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रशासन की पहल और लगातार वार्ताओं के बाद प्लांट प्रबंधन तथा प्रभावित परिवारों के बीच सहमति बन गई।

सहमति के तहत शांति साकेत, सीमा साकेत, निराशा साकेत और सुनीता साकेत सहित कुल 29 परिवारों को उनके मकानों के एवज में साढ़े तीन लाख रुपये प्रति मकान की दर से मुआवजा दिया गया। मुआवजा प्राप्त होने के बाद सभी परिवारों ने स्वेच्छा से अपने मकान खाली कर दिए।

इसके बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार आशीष मिश्रा और थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी की मौजूदगी में खाली कराए गए सभी 29 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित क्षेत्र माइनिंग जोन में आता है, जहां निवास करना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता था। संभावित दुर्घटनाओं और जनहानि की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।

प्रशासन ने इसे लंबे समय से लंबित विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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    <title>कुसमी पुलिस की कार्रवाई: किराना दुकान से 80 लीटर के करीब अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-30 17:16:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- 30 मई। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक किराना दुकान से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं एसडीओपी कुसमी संतोष तिवारी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार 29 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम टमसार में एक व्यक्ति अपनी किराना दुकान में अवैध शराब रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर थाना कुसमी पुलिस ने टीम गठित कर दुकान पर दबिश दी।

तलाशी के दौरान दुकान से 10 खाकी रंग के कार्टूनों में रखी देशी एवं अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 79.94 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 61,297 रुपये आंकी गई है।

मौके से पुलिस ने कैलाश जायसवाल (50 वर्ष), निवासी टमसार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।

कार्रवाई में उप निरीक्षक प्रदीप सिंह, प्रधान आरक्षक कमलेश प्रजापति तथा आरक्षक शिवराम वैस एवं शुभम सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में टमसार क्षेत्र में अवैध शराब के परिवहन और बिक्री को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही थीं। पुलिस की इस आधिकारिक कार्रवाई के बाद मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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    <title>अवैध उत्खनन पर कार्रवाई: कांग्रेस उपाध्यक्ष मनोज शाह की गाड़ी जब्त</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-30 16:39:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज़ एमपी)- जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार 30 मई 2026 को माइनिंग टीम ने अवैध उत्खनन में संलिप्त पाए जाने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष मनोज शाह से जुड़ी एक गाड़ी को पकड़कर नवानगर थाने में जब्त करा दिया।
जानकारी के अनुसार, माइनिंग विभाग की टीम क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन की जांच कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि मिलने पर वाहन को रोका गया। जांच में वाहन अवैध उत्खनन कार्य में उपयोग होता पाया गया, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को कब्जे में लेकर नवानगर थाने पहुंचाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, मामले में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन द्वारा वाहन से संबंधित दस्तावेजों और उत्खनन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
जिले में लगातार बढ़ रहे अवैध उत्खनन को लेकर प्रशासन पहले से सख्त नजर आ रहा है। माइनिंग विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियम विरुद्ध खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।</description>
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    <title>अनूपपुर हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत, CM ने किया मुआवजे का ऐलान</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-30 13:26:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>अनूपपुर(ईन्यूज़ एमपी)- मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा हो गया। पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के बिजौरा गांव में हुए इस हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
बताया जा रहा है कि श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचा तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।</description>
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    <title>सीधी:तेज रफ्तार ट्रक ने तोड़ा 33 केवी बिजली पोल, नौ गांवों की बिजली गुल; चालक घायल</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-30 09:36:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कपूरी में शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर 33 केवी विद्युत लाइन के मुख्य पोल से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक घायल हो गया, जबकि पोल और विद्युत उपकरणों को भारी क्षति पहुंचने से बघवार क्षेत्र सहित करीब नौ गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 7 बजे ‘बालाजी’ नामक ट्रक सड़क से अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे 33 केवी बिजली पोल से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पोल, इंसुलेटर और अन्य विद्युत उपकरण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

दुर्घटना के बाद बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासी सुनील गुप्ता के अनुसार लाइन तत्काल ऑटोमैटिक ट्रिप हो गई, जिससे हाईटेंशन करंट फैलने और किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।

सुरक्षा की दृष्टि से बघवार, कपूरी, बुढगौना सहित लगभग नौ गांवों की विद्युत आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।

विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोल और इंसुलेटर को बदलने के लिए नई सामग्री मंगाई गई है तथा मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने में कुछ घंटों का समय लग सकता है।

पिपराव चौकी प्रभारी शेषमणि मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर दुर्घटनास्थल पर यातायात को नियंत्रित किया गया है। घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त विद्युत तारों और पोल के आसपास न जाने तथा सावधानी बरतने की अपील की है।
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    <title>सीधी:उजियार’ से रोशन होंगे बैगा अंचल के सपने</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-30 07:35:51</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>पोड़ी से शुरू हुई विशेष साक्षरता पहल, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जागरूकता के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का लक्ष्य


सीधी (ईन्यूज एमपी)-दूरस्थ आदिवासी अंचलों में शिक्षा की नई रोशनी पहुंचाने और समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प के साथ जनपद पंचायत कुसमी एवं सर्व शिक्षा अभियान के संयुक्त प्रयास से विशेष साक्षरता अभियान ‘उजियार’ का शुभारंभ ग्राम पोड़ी में विधायक कुंवर सिंह टेकाम द्वारा किया गया। यह पहल विशेष रूप से बैगा जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के जीवन में ज्ञान, जागरूकता और आत्मनिर्भरता का प्रकाश फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की कुंजी है। उन्होंने कहा कि ‘उजियार’ अभियान के माध्यम से उन बसाहटों तक शिक्षा पहुंचाई जाएगी, जहां आज भी अनेक लोग पढ़ने-लिखने जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। विशेष साक्षरता कक्षाओं के माध्यम से लोगों को पढ़ना, लिखना, सामान्य गणना करना, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करना, अपनी जमीन एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को समझना तथा शासन की योजनाओं का लाभ लेने योग्य बनाया जाएगा।

  उन्होंने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक व्यक्ति के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी व्यक्ति केवल जानकारी या संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे शिक्षा को अपने परिवार और समाज के विकास का सबसे बड़ा माध्यम मानते हुए इस अभियान से जुड़ें।

  विधायक टेकाम ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई छात्र या छात्रा आर्थिक अभाव के कारण डी.एड., डी.एल.एड. अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ है, तो उसकी पढ़ाई में हर संभव आर्थिक सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी 45 विद्यार्थी इस प्रकार के सहयोग से अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। उनकी इस घोषणा का उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुसमी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि कलेक्टर विकास मिश्रा के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार जनपद पंचायत और शिक्षा विभाग द्वारा क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाने तथा प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही विकसित समाज की आधारशिला है। हमारा लक्ष्य है कि कुसमी क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अशिक्षा के कारण विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। जब प्रत्येक नागरिक जागरूक और साक्षर होगा, तभी शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और विकसित कुसमी की परिकल्पना साकार होगी।

  बीआरसीसी अंगिरा प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि क्षेत्र की सभी बसाहटों में विशेष सर्वेक्षण कर ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है जो अब तक साक्षरता से वंचित हैं। अभियान के माध्यम से उन्हें शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और शासकीय योजनाओं की उपयोगी जानकारी भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बन सकें। उन्होंने बताया कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए विभागीय अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

  कार्यक्रम में उपयंत्री प्रदीप द्विवेदी द्वारा स्वप्रेरणा से पेन, कॉपी, चाक, बिछौना एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री की व्यवस्था की गई, जिसने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्राम पंचायत द्वारा बच्चों एवं उपस्थित ग्रामीणों को लड्डू वितरित कर इस जनभागीदारी आधारित पहल का स्वागत किया गया।

  कार्यक्रम में नायब तहसीलदार टोप्पो, समाजसेवी अनीता सिंह, विधायक प्रतिनिधि इंद्रप्रकाश गुप्ता, गायत्री परिवार के ब्लॉक समन्वयक एवं समाजसेवी राजेंद्र मिश्र, समाजसेवी जवाहर यादव, अनीता नामदेव, पेसा अध्यक्ष श्री मती सिंह, प्राचार्य पोड़ी, प्राचार्य बस्तुआ, शिक्षक राकेश मिश्र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  ‘उजियार’ केवल एक साक्षरता अभियान नहीं, बल्कि आदिवासी समाज में आत्मविश्वास, जागरूकता और अवसरों की नई रोशनी जगाने का संकल्प है। बैगा अंचल में प्रज्ज्वलित यह ज्ञानदीप आने वाले समय में शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक परिवर्तन की नई इबारत लिखेगा तथा विकसित कुसमी के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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    <title>लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्रवाई : जनजातीय कार्य विभाग का बाबू 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-29 20:19:05</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश पर लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जनजातीय कार्य विभाग सिंगरौली के बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार आरोपी मुन्नालाल वर्मा, जो सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सिंगरौली कार्यालय में स्थापना प्रभारी बाबू के पद पर पदस्थ है, को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।

लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता श्रवण तिवारी, निवासी नौढिया वीरान थाना जियावन जिला सिंगरौली, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना देवसर में भृत्य पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 25 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2024 से 2026 तक की वेतन वृद्धि लगाने और एरियर राशि निकालने के एवज में आरोपी बाबू द्वारा 7 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में ट्रैप टीम गठित की गई।

गुरुवार 29 मई 2026 को लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मुन्नालाल वर्मा को कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सिंगरौली के कक्ष में शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक एस. राम मरावी, निरीक्षक संदीप भदौरिया सहित 12 सदस्यीय टीम एवं दो स्वतंत्र शासकीय गवाह शामिल रहे। लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो लोकायुक्त रीवा के मोबाइल नंबर 9893607619 पर शिकायत कर सकते हैं।
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    <title>सबसे ज्यादा किसानों से गेहूं खरीदने में एमपी नंबर-1, सीएम डॉ. यादव बोले- किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हमारी सरकार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-29 13:29:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अन्नदाताओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी सरकार किसानों के हित में लगातार काम करती रहेगी। दरअसल, सीएम डॉ. यादव के किसानों के लिए किए गए प्रयास सफल होने लगे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश इस मामले में नंबर-1 पर है। इस परिणाम पर सीएम डॉ. मोहन ने खुशी जाहिर की और जनता के लिए संदेश जारी किया।    

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं मध्यप्रदेश के किसानों और प्रदेशवासियों को बधाई देता हूं। किसी राज्य ने अगर पूरे देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा है, तो वो मध्यप्रदेश है। मध्यप्रदेश ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूं खरीदी के दौरान किसानों की संख्या सबसे ज्यादा होने में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। और, सर्वाधिक लंबे समय तक किसी राज्य ने गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखी, तो वो भी मध्यप्रदेश है। 

लघु किसानों से खरीदी पहले
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जब मैं अपने सर्वाधिक गेहूं उपार्जन वाले राज्य की तरफ देखता हूं तो गेहूं की मात्रा में भी पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है, जिसके पास गेहूं का इतना विपुल उत्पादन होने के बाद उसने खरीदी की है। मध्यप्रदेश में पहली बार हमने लघु किसान, मध्यम श्रेणी के किसान का गेहूं खरीदने का निर्णय किया। हमने छोटे किसानों से लगभग 32. 72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की। मुझे बताया गया है कि लगभग पौने चौदह लाख किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया है। जिन किसानों ने पंजीयन कराया था, उनका गेहूं गोडाउन तक पहुंच चुका है। 

किसान कल्याण वर्ष में यह परिणाम खास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए हमने यह गेहूं खरीदी की है। किसान कल्याण वर्ष में यह परिणाम खास है। हमने 24 हजार करोड़ से ज्यादा की धनराशि प्रेषित की है। हमने किसानों से समर्थन मूल्य 2585 रुपये और 40 रुपये बोनस अर्थात 2625 रुपये क्विंटल गेहूं खरीदा है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी और किसान कल्याण के काम तेज होंगे। गेहूं का इतना उत्पादन होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी सरकार किसान कल्याण के काम लगातार करती रहेगी।</description>
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  <item>
    <title>सबसे ज्यादा किसानों से गेहूं खरीदने में एमपी नंबर-1, CM डॉ. यादव बोले- किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हमारी सरकार...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-29 12:21:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज़ एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अन्नदाताओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी सरकार किसानों के हित में लगातार काम करती रहेगी। दरअसल, सीएम डॉ. यादव के किसानों के लिए किए गए प्रयास सफल होने लगे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश इस मामले में नंबर-1 पर है। इस परिणाम पर सीएम डॉ. मोहन ने खुशी जाहिर की और जनता के लिए संदेश जारी किया।    

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं मध्यप्रदेश के किसानों और प्रदेशवासियों को बधाई देता हूं। किसी राज्य ने अगर पूरे देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा है, तो वो मध्यप्रदेश है। मध्यप्रदेश ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूं खरीदी के दौरान किसानों की संख्या सबसे ज्यादा होने में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। और, सर्वाधिक लंबे समय तक किसी राज्य ने गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखी, तो वो भी मध्यप्रदेश है। 

लघु किसानों से खरीदी पहले
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जब मैं अपने सर्वाधिक गेहूं उपार्जन वाले राज्य की तरफ देखता हूं तो गेहूं की मात्रा में भी पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है, जिसके पास गेहूं का इतना विपुल उत्पादन होने के बाद उसने खरीदी की है। मध्यप्रदेश में पहली बार हमने लघु किसान, मध्यम श्रेणी के किसान का गेहूं खरीदने का निर्णय किया। हमने छोटे किसानों से लगभग 32. 72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की। मुझे बताया गया है कि लगभग पौने चौदह लाख किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया है। जिन किसानों ने पंजीयन कराया था, उनका गेहूं गोडाउन तक पहुंच चुका है। 

किसान कल्याण वर्ष में यह परिणाम खास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए हमने यह गेहूं खरीदी की है। किसान कल्याण वर्ष में यह परिणाम खास है। हमने 24 हजार करोड़ से ज्यादा की धनराशि प्रेषित की है। हमने किसानों से समर्थन मूल्य 2585 रुपये और 40 रुपये बोनस अर्थात 2625 रुपये क्विंटल गेहूं खरीदा है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी और किसान कल्याण के काम तेज होंगे। गेहूं का इतना उत्पादन होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी सरकार किसान कल्याण के काम लगातार करती रहेगी।</description>
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  <item>
    <title>पुरानी रंजिश के चलते महिला की हत्या, परिजनों ने  किया सेमरिया हनुमानगढ़ रोड में चक्का जाम...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-28 21:33:04</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description> सीधी ( ईन्यूज एमपी) सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोंडी में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। गांव की 55 वर्षीय राजवंती जायसवाल की कथित रूप से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों सहित ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार गांव के ही रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे का किसी बात को लेकर राजवंती जायसवाल से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान रामसजीवन विश्वकर्मा ने महिला के साथ जमकर मारपीट की। वहीं मृतिका के परिजनों का आरोप है कि आरोपी की पत्नी सुशीला विश्वकर्मा ने राजवंती को पकड़ रखा था, जिससे वह खुद को बचा नहीं सकीं। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सेमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे को गिरफ्तार कर लिया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सेमरिया-हनुमानगढ़ मार्ग पर चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों तक प्रभावित रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी कि मामले में शामिल महिला आरोपी को भी तत्काल गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे पहले भी अपने भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है और जेल से बाहर आने के बाद उसने एक बार फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है। 


घटना के संबंध में थाना प्रभारी सेमरिया केदार परौहा ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। वहीं आंदोलनकारियों को भी समझाइस दी गई है कि पूरे मामले की विधिवत जांच होगी इसमें और जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। थाना प्रभारी के आश्वास के बाद चक्काजाम आंदोलन समाप्त हम गया है  फिलहाल कानून व्यवस्था दुरुस्त है ।</description>
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  <item>
    <title>पुरानी रंजिश के चलते महिला की हत्या, परिजनों ने  किया सेमरिया हनुमानगढ़ रोड में चक्का जाम...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-28 21:20:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी) सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोंडी में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। गांव की 55 वर्षीय राजवंती जायसवाल की कथित रूप से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों सहित ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार गांव के ही रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे का किसी बात को लेकर राजवंती जायसवाल से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान रामसजीवन विश्वकर्मा ने महिला के साथ जमकर मारपीट की। वहीं मृतिका के परिजनों का आरोप है कि आरोपी की पत्नी सुशीला विश्वकर्मा ने राजवंती को पकड़ रखा था, जिससे वह खुद को बचा नहीं सकीं। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सेमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे को गिरफ्तार कर लिया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सेमरिया-हनुमानगढ़ मार्ग पर चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों तक प्रभावित रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी कि मामले में शामिल महिला आरोपी को भी तत्काल गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे पहले भी अपने भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है और जेल से बाहर आने के बाद उसने एक बार फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है। 

घटना के संबंध में थाना प्रभारी सेमरिया केदार परौहा ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। वहीं आंदोलनकारियों को भी समझाइस दी गई है कि पूरे मामले की विधिवत जांच होगी इसमें और जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। थाना प्रभारी के आश्वास के बाद चक्काजाम आंदोलन समाप्त हम गया है  फिलहाल कानून व्यवस्था दुरुस्त है ।</description>
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    <title>सफल हुई सीएम डॉ. यादव की मेहनत, गेहूं उपार्जन में एमपी लगातार बना रहा रिकॉर्ड</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-28 21:05:09</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गेहूं खरीदी को लेकर मध्यप्रदेश लगातार नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है। नए रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन की जगह 104 लाख 22 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हुआ है। मध्यप्रदेश को गेहूं खरीदी के लिए 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से केन्द्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 13 लाख 41 हजार 266 किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नंबर-1 स्थान हासिल किया है। जबकि, प्रदेश गेहूं उपार्जन के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। 

कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है। प्रदेश में लघु एवं सीमांत किसानों से सबसे पहले गेहूं की खरीदी की गई। कुल 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत एवं लघु कृषकों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन किया गया। प्रदेश में हो रहे गेहूं उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा किया। उन्होंने किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूं के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लॉट बुक करा लिये थे, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी थी।
 
किसानों को हुआ 23,708.13 करोड़ से अधिक का भुगतान
किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 23,708.13 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। उपार्जित गेहूं में से 96 लाख 52 हजार 957 मीट्रिक टन का परिवहन भी किया जा चुका है। यह उपार्जित गेहूं का 93 प्रतिशत है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया है।

संभागवार उपार्जन की स्थिति
रीवा संभाग में 6 लाख 15 हजार 851 मीट्रिक टन, जबलपुर में 12 लाख 73 हजार 667, शहडोल में 70 हजार 666, सागर में 8 लाख 56 हजार 968, भोपाल में 28 लाख 47 हजार 284, नर्मदापुरम में 9 लाख 22 हजार 508, उज्जैन में 22 लाख 84 हजार 47, इंदौर में 8 लाख 62 हजार 719, ग्वालियर में 4 लाख 36 हजार 805 और चंबल संभाग में 2 लाख 40 हजार 581 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ है।

उपार्जन के किए गए समुचित प्रबंध
हर उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया गया। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के छायादार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई थी। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं।</description>
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    <title>ड्यूटी के दौरान बीमार या घायल पुलिसकर्मियों को मिलेगी 14 लाख तक सहायता</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-28 09:31:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में ड्यूटी के दौरान बीमार या घायल होने वाले पुलिसकर्मियों को अब आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों के लिए विशेष सहायता योजना लागू की है, जिसके तहत गंभीर बीमारी, दुर्घटना या ड्यूटी के दौरान घायल होने की स्थिति में अधिकतम 14 लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी। 
जानकारी के अनुसार यह सहायता राशि पुलिसकर्मियों की बीमारी या चोट की गंभीरता के आधार पर तय की जाएगी। योजना का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान जोखिम उठाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा एवं आर्थिक संबल प्रदान करना है।

सरकार का मानना है कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्य करते हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में पुलिस परिवारों को राहत मिल सकेगी। 
सूत्रों के मुताबिक योजना के अंतर्गत सहायता राशि सीधे संबंधित पुलिसकर्मी या उसके परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया और दिशा-निर्देश भी तय किए जा रहे हैं।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने इस पहल को पुलिसकर्मियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे बल के जवानों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक सुरक्षा एवं विश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।
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    <title>सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वचालन योजना को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-27 23:21:36</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा “सार्थक-पीडीएस फेज-2” के लिए 25 हजार 530 करोड़ रुपए की मंजूरी दिए जाने पर आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता- सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वचालन के साथ आय” योजना गरीब कल्याण और पारदर्शिता की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्थक-पीडीएस योजना के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राशन वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह निर्णय गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सोच को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें लागू की गई हैं। इनमें टीपीडीएस का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण, पीडीएस का एकीकृत प्रबंधन (आईएम-पीडीएस), स्मार्ट पीडीएस, “मेरा राशन”, “अन्न मित्र”, “राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड” और “अन्न सहायता” जैसी नागरिक केंद्रित योजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से उचित मूल्य दुकानों का स्वचालन, ऑनलाइन आवंटन और कम्प्यूटरीकृत आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन जैसी तकनीकी सुधारों से देशभर में पीडीएस व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
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    <title>योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-27 16:09:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि योग और खजुराहो भारतीय प्राचीन ज्ञान परंपरा के अत्यंत संवेदनशील एवं गौरवपूर्ण प्रतीक हैं। आज योग केवल व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि “वन अर्थ, वन हेल्थ” की भावना को साकार करने वाला समग्र जीवन-दर्शन बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार “घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग” के ध्येय वाक्य के साथ आयुष सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है। प्रदेश में आयुष विभाग के माध्यम से आयुष आरोग्य मंदिरों, योग वेलनेस सेंटर्स तथा विभिन्न जनजागरूकता अभियानों का संचालन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन अभियानों के जरिए नागरिकों को योग, आयुष पद्धति और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि लोग निरोगी जीवन अपना सकें।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और यह मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक संतुलन का सशक्त माध्यम बनकर विश्वभर में पहचान बना चुका है।
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    <title>सीधी के जंगल में गुफा से मिला महिला का कंकाल, 15 दिन से लापता थी गुड़िया बैगा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-27 15:09:11</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत कुन्दौर गांव में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल की एक गुफा से महिला का कंकाल बरामद हुआ। माटी डोंगर पहाड़ स्थित दुर्गम गुफा में कंबल में लिपटा शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान कंकाल की पहचान करीब 15 दिनों से लापता गुड़िया बैगा के रूप में की गई।

जानकारी के अनुसार यह गुफा सीधी जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर घने जंगल और पहाड़ियों के बीच स्थित है। दोपहर के समय ग्रामीणों ने गुफा के भीतर कंबल में लिपटा शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पोड़ी चौकी और कुसमी थाना पुलिस जब मौके पर पहुंची और कंबल हटाया, तब शव पूरी तरह सड़-गलकर कंकाल में तब्दील हो चुका था।

दुर्गम रास्ते के कारण पुलिसकर्मियों को महिला के शव को कंधे पर लादकर जंगल से बाहर लाना पड़ा। घटनास्थल पर थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी और चौकी प्रभारी डीके रावत सहित पुलिस टीम मौजूद रही।

पति पर बढ़ा शक

ग्रामीण सत्यवान बैगा ने बताया कि गुड़िया बैगा करीब 15 दिनों से गांव से लापता थी। वहीं उसका पति बुद्धसेन बैगा भी पिछले दो दिनों से गांव में दिखाई नहीं दिया है। ग्रामीणों के अनुसार पत्नी के गायब होने के बाद उसने न तो उसकी तलाश की और न ही किसी को इसकी सूचना दी, जिससे मामले में संदेह और गहरा गया है।

 हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी

थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि शव काफी पुराना है और उसे कंबल में लपेटकर गुफा में रखा गया था। प्रारंभिक तौर पर महिला की हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

करीब 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत का यह मामला अब हत्या और साक्ष्य छिपाने की आशंका के चलते पुलिस जांच का बड़ा विषय बन गया है।
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    <title>सिंहस्थ: 2028, श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के जल से स्नान का पुण्य लाभ* : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-27 07:10:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 में 30 किलोमीटर से अधिक लंबाई में निर्मित शिप्रा के घाट श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान का लाभ देंगे। मां शिप्रा के स्वच्छ जल की उपलब्धता आयोजन को पावन बनाएगी। लगभग छह दशक बाद यह संभव होगा जब श्रद्धालु सिर्फ माँ शिप्रा के प्रवाहमान जल से सिंहस्थ के लिए पहुंचकर स्नान कर सकेंगे। गत सिंहस्थ : 2016 में माँ नर्मदा के जल से स्नान की सुविधा प्राप्त होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने कामना की थी कि मां शिप्रा का जल पूरी तरह से प्रवाहित हो और स्नान लाभ ले सकें। श्रद्धालुओं की आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। बाबा महाकाल और संतों के आशीर्वाद से श्रेष्ठ प्रबंध कर हम सिंहस्थ: 2028 को यादगार बनाएंगे। सिंहस्थ के आयोजन से नए कीर्तिमान बनेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा के आशीर्वाद से समारोह में अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहे हैं। दीपामलिकाएं देखकर लगता है जैसे दीप पर्व आ गया हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि सभी को यश प्राप्त हो। त्रिवेणी से सिद्धनाथ तक शिप्रा जी के घाट पवित्र माने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से अनेक कार्य संचालित हैं, जो सिंहस्थ के आयोजन को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने का कार्य करेंगे।

भारत की मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी हो रहा है। हाल ही में हुए न्यायालय के निर्णय भी परिपालन की दृष्टि से स्वर्णकाल का आभास करवाते हैं। देश के नागरिक सभी निर्णयों पर भरोसा करते हुए परस्पर सहयोग और समरसता का परिचय दे रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के भूमि-पूजन और लोकार्पण में ऐसे सभी लोग उपस्थित हुए जिन्होंने मंदिर के संबंध में वर्षों तक न्यायालय में मुकदमा लड़ा। हमारे देश में मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा है।

राजभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध है। धार में भोजशाला में मां वागदेवी की प्रतिमा स्थापित होगी। न्यायालय के निर्णय के बाद यह मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का शासन काल सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल की याद दिलवाता है, जिसमें प्रत्येक नागरिक का हित सर्वोपरि रहा।

जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने तीन माह से अधिक अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान में कुओं- तालाबों, नदियों, पोखर, जलाशय और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण संवर्धन के कार्यों का संचालन किया है। इसमें जनता की भागीदारी भी हो रही है। मध्यप्रदेश नदी जोड़ो अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी बना है।

समारोह में दरभंगा से कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए आई गायिका और बिहार विधानसभा की सदस्य सुश्री मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व सुश्री ठाकुर का मध्यप्रदेश आगमन पर स्वागत किया।</description>
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    <title>गांव-गांव पहुंच रहे एसपी संतोष कोरी, जूरी में जन चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-26 19:33:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जूरी में मंगलवार शाम पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष जन चौपाल एवं जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांव के बगीचे में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी स्वयं पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। शाम 6 बजे से 7 बजे तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

जन चौपाल में ग्राम पंचायत की सरपंच अनीता सिंह, कलेश्वर प्रजापति, आक्रमण सिंह, दीनेन्द्र सिंह, जगजीवन सिंह, शिव प्रसाद सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी भी पुलिस टीम के साथ उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से आवेदन पत्रों के माध्यम से शिकायतें प्राप्त की गईं। कई ग्रामीणों ने व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से जुड़े आवेदन पुलिस अधीक्षक को सौंपे। इस पर एसपी संतोष कोरी ने संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी को दिए।

जनसुनवाई के दौरान एसपी ने ग्रामीणों को नशा मुक्ति अभियान, कानून व्यवस्था और साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या ओटीपी को साझा करने से बचें तथा ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।

एसपी संतोष कोरी ने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से इस तरह के जन चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं।
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  <item>
    <title>उज्जैन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा:CM डॉ. मोहन यादव ने बांटीं 40 निःशुल्क ई-साइकिलें...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-26 18:12:35</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>उज्जैन (ईन्यूज़ एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में महिला कर्मयोगी बहनों को निःशुल्क ई-साइकिलें वितरित कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की। सीएसआर फंड के माध्यम से उपलब्ध कराई गई 40 ई-साइकिलों का वितरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है और मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के दौर में इलेक्ट्रिक वाहन सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ई-साइकिलें महिला कर्मयोगियों की दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाने के साथ उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि जल गंगा संरक्षण महाभियान के तहत प्रदेशभर में लगभग दो लाख से अधिक कार्य संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रयासों के कारण मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने धार की भोजशाला में गंगा दशहरा उत्सव के सफल आयोजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोजशाला को लेकर उच्च न्यायालय के निर्णय का सभी वर्गों ने सम्मान किया है और राज्य सरकार न्यायालय के आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है।</description>
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    <title>शिवपुरी सहकारी बैंक में किसानों की जमा पूंजी फंसी, सरकार संवेदनहीन: अजय सिंह राहुल...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-26 18:05:43</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>शिवपुरी (ईन्यूज़ एमपी) पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शिवपुरी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वर्षों से किसानों, व्यापारियों और मजदूरों की जमा राशि फंसे होने के मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हजारों जमाकर्ता अपनी ही गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति उदासीन बना हुआ है।
अजय सिंह ने कहा कि लोगों को बेटियों के विवाह, इलाज और कृषि कार्यों के लिए अपनी जमा राशि निकालने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन और न ही राज्य सरकार ने कोई ठोस पहल की है।
उन्होंने कहा कि यदि बैंक की वित्तीय स्थिति खराब होने के पीछे अनियमितताएं जिम्मेदार हैं, तो दोषियों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर विशेष राहत पैकेज जारी करे, ताकि जमाकर्ताओं को उनकी राशि वापस मिल सके तथा जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</description>
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    <title>कुआं खुदाई के दौरान बड़ा हादसा, मिट्टी धंसने से 5 मजदूर दबे; एक की मौत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-26 13:54:44</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>पन्ना। जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में मंगलवार को कुएं की खुदाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ग्राम बीहरपुरवा के नयापुरवा में खेत पर खुदाई के समय अचानक मिट्टी धंसने से 5 मजदूर कुएं के अंदर दब गए। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई, जबकि सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गया।

जानकारी के अनुसार बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले करीब 10 दिनों से 7 मजदूर कुएं की खुदाई कर रहे थे। मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आए थे, तभी अचानक कुएं की मिट्टी भरभराकर धंस गई। अंदर काम कर रहे 5 मजदूर मलबे में दब गए।

हादसे में दबे मजदूरों की पहचान चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव और चुनवाद पाल सहित अन्य के रूप में हुई है। रेस्क्यू अभियान के दौरान राजकुमार यादव का शव बाहर निकाल लिया गया, जबकि बाकी 4 मजदूरों की तलाश और बचाव कार्य जारी है।

घटना के बाद मौके पर पुलिस टीम, राजस्व विभाग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाया जा रहा है।

हादसे ने खड़े किए कई सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर कुएं की खुदाई की जा रही थी, वहां की मिट्टी काफी भुसभुसी और कमजोर थी। ऐसे में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और तकनीकी परीक्षण के गहरी खुदाई करना जोखिम भरा माना जा रहा है।

हादसे के बाद कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्या कुएं की खुदाई के लिए तकनीकी निरीक्षण कराया गया था? क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया? और यह कार्य निजी स्तर पर कराया जा रहा था या किसी शासकीय योजना के तहत?

एक मजदूर की मौत और चार लोगों के जिंदगी-मौत के संघर्ष के बीच यह मामला अब संभावित लापरवाही और जवाबदेही का विषय बन गया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।
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    <title>सीधी पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कॉम्बिंग गश्त में 31 फरार आरोपी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-26 08:23:17</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले में अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए सीधी पुलिस द्वारा विशेष साप्ताहिक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं समस्त अनुविभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में 24-25 मई 2026 की दरम्यानी रात जिलेभर में यह अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में फरार आरोपियों, वारंटियों, गुंडा बदमाशों और निगरानी बदमाशों के विरुद्ध सघन कार्रवाई की गई। पुलिस ने 3 स्थाई वारंट एवं 28 गिरफ्तारी वारंट तामील करते हुए कुल 31 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

कॉम्बिंग गश्त के दौरान 37 गुंडा बदमाश एवं 24 निगरानी बदमाशों की भी सघन चेकिंग की गई। सभी को भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने और कानून व्यवस्था भंग न करने की सख्त चेतावनी दी गई।

पुलिस विभाग के अनुसार जिले में अपराधों पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जाते हैं। अभियान के तहत हत्या, लूट, डकैती, मारपीट, आबकारी तथा अन्य गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की तलाश कर कार्रवाई की जाती है।

सीधी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    <title>750 साल बाद भोजशाला में गूंजी मां वाग्देवी की आरती, CM मोहन ने किया सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान का ऐलान...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-25 18:41:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>धार (ईन्यूज़ एमपी): धार की ऐतिहासिक भोजशाला में सोमवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। करीब 750 वर्षों में पहली बार भोजशाला में विधि-विधान से मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना हुई, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धार को बड़ी सौगात देते हुए मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना की घोषणा की।

भोजशाला में पूजा-अर्चना के बाद आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि धार राजा भोज की नगरी है और यह भूमि ज्ञान, संस्कृति तथा सनातन परंपरा की गौरवशाली धरोहर रही है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के बाद धार एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और अब इसे पर्यटन, साहित्य और सांस्कृतिक अध्ययन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कराने की क्षमता प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दिखाई दी है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक विकास को लेकर भी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि धार जिले में 88 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 12 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया गया है। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्राचीन बावड़ियों, तालाबों और जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का कार्य भी तेज़ी से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना से धार राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध, संस्कृति और पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर </description>
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    <title>आज से शुरू हुआ नौतपा, 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा; अगले 6 दिन लू का अलर्ट</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-25 08:33:00</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>ग्वालियर(ईन्यूज एमपी)- शहर सहित पूरे अंचल में भीषण गर्मी का दौर तेज हो गया है। रविवार से नौतपा की शुरुआत हो गई है और इसके साथ ही तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक तेज गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। दिनभर चल रही गर्म हवाओं और झुलसा देने वाली धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। 

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होती है। इस बार भी ग्वालियर-चंबल अंचल में नौतपा की शुरुआत तेज गर्मी के साथ हुई है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आईं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। 

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। साथ ही लू से बचाव के लिए लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। 

गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग में भी इजाफा हुआ है, जबकि अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं और मई के अंतिम सप्ताह तक भीषण गर्मी का असर बना रह सकता है। </description>
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    <title>एमपी में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, 11 दिन में चौथी बढ़ोतरी; डीजल पहुंचा 100 के पार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-25 08:14:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा इजाफा हुआ है। ऑयल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल के दाम में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। प्रदेश में टैक्स और वैट के चलते यह बढ़ोतरी करीब 3 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। नई दरें लागू होने के बाद कई शहरों में डीजल 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि पेट्रोल 115 से 116 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा है।

नए रेट के मुताबिक भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपए और डीजल 99.74 रुपए प्रति लीटर हो गया है। प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे महंगा शहर बन गया है, जहां पेट्रोल 115.03 रुपए और डीजल 100.11 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

 11 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार इस महीने 15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी का यह चौथा चरण है। इन चारों बढ़ोतरी को मिलाकर पेट्रोल और डीजल करीब 8 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।

 इस महीने कब-कब बढ़े दाम

* 15 मई 2026 — पहली बढ़ोतरी, करीब ₹3 प्रति लीटर
* 19 मई 2026 — दूसरी बढ़ोतरी, करीब 90 पैसे प्रति लीटर
* 23 मई 2026 — तीसरी बढ़ोतरी, 87 से 91 पैसे प्रति लीटर
* 25 मई 2026 — चौथी बढ़ोतरी, करीब ₹3 प्रति लीटर

 आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर

डीजल की कीमत बढ़ने का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगेगा। ट्रकों और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों में मालभाड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

खेती-किसानी पर भी इसका असर पड़ेगा। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च बढ़ने से फसलों की लागत में इजाफा होगा। वहीं बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए बढ़ने की भी आशंका है।

 क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसकी मुख्य वजह है। ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है और घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में इजाफा किया जा रहा है।

 कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर तेल की बेस कीमत तय होती है। इसके बाद रिफाइनिंग लागत, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार का वैट जुड़ता है।

मध्य प्रदेश में वैट अन्य कई राज्यों की तुलना में अधिक होने के कारण यहां पेट्रोल-डीजल महंगा बिकता है। यही वजह है कि सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के जिलों में ईंधन सस्ता मिलता है, जबकि मध्य प्रदेश में कीमतें ज्यादा हैं।
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    <title>पेयजल को लेकर स्थापित होगा कंट्रोल रूम, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-24 21:23:01</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24  मई को पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को पेयजल संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण और प्रतिदिन मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। इस क्रम में नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम आदि विभागों के पेयजल व्यवस्था से जुड़े समस्त अमले के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों एवं नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई और नगर निगम के अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि वे सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाएं और पेयजल उपलब्धता के लिए अधिकारियों की समिति बनाकर प्रतिदिन समीक्षा करें।

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित करें कि टैंकर से पेयजल आवश्यकता वाले क्षेत्रों में वितरित हो और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हो। उन्होंने टैंकर के दुरुपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों से संवाद और समन्वय रखकर पेयजल की कमी वाले क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। पेयजल उपलब्धता के लिये युद्ध स्तर पर काम करें। शहरी क्षेत्र की पानी की टंकियों को भरने में समानता रखें और अन्य विभागों के साथ ही ऊर्जा विभाग को भी इस पूरे प्लान में शामिल रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी नलजल योजना का विद्युत कनेक्शन न कटे। इस मामले को लेकर मुख्य सचिव जैन ने बताया कि राज्य शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में वोरवेल आदि के खनन के लिए 1500 करोड़ रुपये की राशि जारी की है और पंचायतों को संधारण कार्य के लिए 55 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी गई है। इससे पेयजल उपलब्धता में कोई असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर मेकेनिज्म तैयार करें और नियमित रूप से समीक्षा करें। बैठक में नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पीएचई, ऊर्जा और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

*समस्याओं का न्यूनतम अवधि में हो निराकरण*
मुख्य सचिव जैन कहा कि कंट्रोल रूम को स्वयं कलेक्टर लीड करें और जनप्रतिनिधियों आदि से प्राप्त होने वाली शिकायतों के अलावा लोक सेवा गारंटी तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का न्यूनतम समय अवधि में निराकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ बेहतर संवाद रखें एवं पेयजल उपलब्धता तथा शिकायतों के निराकरण का प्रचार-प्रसार भी करें। उन्होंने कहा कि आगामी एक माह के लिए प्लान बनाकर रोज सख्ती से मॉनीटरिंग की जाए। पेयजल प्रदाय कार्य में लगे सभी विभागों के अमले के अवकाश पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं और अपरिहार्य होने पर ही अवकाश स्वीकृत किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे ट्रीटेड वॉटर का भी समुचित उपयोग करें साथ ही टैंकर से जल प्रदाय पर विशेष ध्यान रखें और यह सुनिश्चित करें कि हर हाल में बसाहटों में टैंकर पहुंचे तथा जल प्रदाय करें। 

*विशेष सतर्कता रखें*
कलेक्टरों से कहा गया है कि नई एसओपी जारी की गई है, एसओआर को रिवाइज किया गया है और अब जल संधारण के 10 हजार तक के कार्य पंचायत स्वयं कर सकती है। मुख्य सचिव ने कहा कि 15वां एवं 16वां वित्त आयोग की राशि का भी पेयजल उपलब्धता में उपयोग किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने बताया कि केन्द्र वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, मूलभूत मद, अन्य अनुदान जो केन्द्र या राज्य शासन से दिया गया है, के अलावा पंचायत की स्वयं के आय के स्रोतों से भी पेयजल व्यवस्था पर पंचायतें व्यय कर सकती हैं। उन्होंने कमिश्नर से भी अपने संभाग में विशेष सतर्कता बनाए रखने के लिए कहा है। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कलेक्टरों से कहा कि वे पेयजल के सभी स्रोतों पर विशेष सतर्कता रखें और पहले से यह जानकारी रखें कि कहीं स्रोत में जल की कोई कमी तो नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रूप से जल स्रोत की उपलब्धता पर भी पहले से काम करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कलेक्टरों से कहा कि 25 मई से प्रदेश में दो दिवसीय गंगा दशहरा के आयोजन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. माहेन यादव स्वयं 25 और 26 मई को उज्जैन के क्षिप्रा तट पर अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शुक्ला ने कहा कि आयोजनों को पेयजल से जोड़कर जनोपयोगी बनाया जाए और जन-प्रतिनिधियों तथा आमजन की उपस्थिति सुनिश्चित करें।</description>
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  <item>
    <title>सीधी के पत्थर खदान में पुलिस और माइनिंग की छापामार कार्रवाई, बिहारी बाबू कर रहे थे अबैध ब्लास्टिंग...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-24 16:36:07</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले की बहरी तहसील अंतर्गत ग्राम दुअरा स्थित स्वीकृत पत्थर खदान में नियमों की अनदेखी और विस्फोटक सामग्री के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाए जाने पर खदान में पत्थर उत्खनन कार्य को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम दुअरा स्थित  पत्थर खदान, जिसका संचालन पट्टेदार  सुरेश तिवारी द्वारा किया जा रहा है, वहां ब्लास्टिंग किए जाने की सूचना प्रशासन को प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए  उपखंड मजिस्ट्रेट सिहावल  राजेश शुक्ला के मार्गदर्शन में संयुक्त छापामार कार्रवाई की गई।

कार्रवाई में खनिज अधिकारी सीधी कपिलमुनि शुक्ला , तहसीलदार बहरी तथा थाना प्रभारी बहरी राजेश पाण्डेय अपने अमले के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि खदान क्षेत्र में नियमानुसार सीमा चिन्ह, तार फेंसिंग और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध नहीं किए गए थे। साथ ही खदान संचालन में निर्धारित शर्तों एवं सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया जा रहा था।

प्रशासनिक टीम को मौके पर विस्फोटक कार्य में प्रयुक्त वाहन क्रमांक MP17G-3415 भी मिला। वाहन के साथ अजय सिंह एवं ईश्वर सिंह राजपूत मौजूद पाए गए। अधिकारियों ने दोनों व्यक्तियों से विस्फोटक सामग्री के परिवहन और उपयोग संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वे तत्काल कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने बताया कि संबंधित दस्तावेज उनके मालिक के पास हैं, जो उन्हें लेकर मौके पर पहुंच रहे हैं।

इसी दौरान अजय सिंह द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से “प्रपत्र RE-13” दिखाया गया। जांच में पाया गया कि उक्त प्रपत्र में विस्फोटक सामग्री के उपयोग का स्थान ग्राम बारी, तहसील गोपद बनास अंकित था, जबकि विस्फोटक सामग्री ग्राम दुअरा, तहसील बहरी क्षेत्र में पाई गई। इससे विस्फोटक सामग्री के परिवहन एवं उपयोग में गंभीर अनियमितता प्रथम दृष्टया सामने आई है।

स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने तत्काल खदान क्षेत्र में उत्खनन कार्य अस्थायी रूप से बंद करा दिया तथा संबंधित वाहन को थाना प्रभारी बहरी के सुपुर्द कर दिया। साथ ही विस्फोटक अधिनियम के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनन कार्यों में सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।</description>
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    <title>बाघ के हमले में महिला की मौत, सीएम डॉ. यादव ने मृतका के परिजनों को दिया 25 लाख रुपये का मुआवजा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-24 13:41:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघ ने एक महिला को मार डाला और कुछ लोगों को घायल कर दिया। इस घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक तरफ मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी, तो वहीं दूसरी ओर घायलों को भी मुआवजा देने और उनका फ्री इलाज करने की घोषणा की। 

घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला, जिला उमरिया में बाघ के हमले में एक महिला की मृत्यु और कुछ नागरिकों के घायल होने का समाचार दुखद है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। हमले में मृतक के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा घायलों के निःशुल्क उपचार एवं आवश्यक मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से दिवंगत की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।</description>
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    <title>भीषण गर्मी की चपेट में मध्यप्रदेश, 37 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-24 09:31:09</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। शनिवार को छतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहे। नौगांव में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस और खजुराहो में 45.4 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों तक प्रदेशवासियों को तेज गर्मी और हीटवेव से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने रविवार के लिए टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू (सीवियर हीटवेव) का रेड अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा दतिया, निवाड़ी, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और रतलाम सहित 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप में लंबे समय तक रहने से परहेज करने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है और अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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  <item>
    <title>सिंगरौली को बनायेंगे सबसे विकसित शहर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-24 07:20:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के हर जिले के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज का दिन सिंगरौली जिले के विकास, गौरव और जनकल्याण को समर्पित रहा है। हम सिंगरौली को प्रदेश का सबसे विकसित और आधुनिक शहर बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सिंगरौली महोत्सव (नगर गौरव दिवस - 2026) के अवसर पर चून कुमारी स्टेडियम, बैढ़न में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का भी विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं और भोजशाला में मां वाग्देवी (सरस्वती) का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और जनमानस को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के लिए प्रत्येक नगर में गीता भवन के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली केवल ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र ही नहीं, विकास, संस्कृति और नई संभावनाओं का भी मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि सिंगरौली महोत्सव और नगर गौरव दिवस जैसे आयोजन जिले की पहचान, सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक सहभागिता को सशक्त बनाने का बड़ा माध्यम हैं, जिन्हें आगे भी हर साल हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।

इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।</description>
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    <title>CM डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली को दी 552 करोड़ की विकास सौगात...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 20:38:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली (ईन्यूज़ एमपी) मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को सिंगरौली जिले को 552 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करने के साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से 317 करोड़ रुपये से अधिक राशि अंतरित की।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश की 24 लाख महिलाओं के खातों में गैस रीफिल के लिए लगभग 115 करोड़ रुपये की अनुदान राशि भेजी। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 33.71 लाख से अधिक हितग्राहियों को 202.28 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई।

सिंगरौली में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है और मध्यप्रदेश भी विकास की इस यात्रा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने सिंगरौली को प्रदेश की “ऊर्जा का पावर हाउस” बताते हुए कहा कि यह जिला आर्थिक दृष्टि से भी मध्यप्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सिंगरौली अब केवल कोयला उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि नई संभावनाओं और संसाधनों के लिए भी पहचाना जा रहा है। जिले के समग्र विकास के लिए सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सिंगरौली जिले में चार सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए गए हैं और इस वर्ष एमपी बोर्ड की मेरिट सूची में जिले के पांच विद्यार्थियों ने स्थान हासिल कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण, नदी जोड़ो अभियान और सामूहिक विवाह जैसी पहलों को भी महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से सादगी अपनाने और अनावश्यक खर्चों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।</description>
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    <title>जमोड़ी पुलिस का नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार: पुलिया के नीचे छिपाई गई 3,480 शीशी ऑनरेक्स जब्त, कीमत 6.96 लाख...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 19:54:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)। रीवा जोन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार 2.0” के तहत जमोड़ी पुलिस ने नशा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 लाख 96 हजार रुपये कीमत की 3,480 शीशी प्रतिबंधित ऑनरेक्स कफ सिरप जब्त की है। 

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सजहवा-नेबूहा-कठौली मार्ग स्थित एक पुलिया के नीचे बिक्री के लिए बड़ी मात्रा में नशीली कफ सिरप छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलते ही थाना जमोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान पुलिया के नीचे रखी 29 बोरियों से ऑनरेक्स कफ सिरप की 3,480 सीलबंद शीशियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार जब्त सिरप में कोडीन फॉस्फेट पाया गया, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत नियंत्रित मादक पदार्थ की श्रेणी में आता है। बरामद सिरप की अनुमानित कीमत 6.96 लाख रुपये बताई गई है।
मामले में थाना जमोड़ी में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट एवं मप्र ड्रग्स कंट्रोल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस खेप के स्रोत, परिवहन और इसमें शामिल तस्करों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और युवाओं का भविष्य खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में जमोड़ी पुलिस टीम द्वारा की गई, जिसे जिले की हालिया सबसे बड़ी नशा विरोधी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।</description>
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    <title>5 हजार की सुपारी, बेटे ने रची पिता की हत्या की साजिश! 10 आरोपी गिरफ्तार...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 19:33:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)। सीधी जिले के मझौली थाना क्षेत्र में सामने आए अंधी हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जंगल के सूखे कुएं से मिले जले हुए शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या की साजिश मृतक के अपने बेटे ने ही रची थी।
पुलिस के अनुसार ग्राम करमाई पड़ोहर टोला निवासी 56 वर्षीय राजभान अगरिया 16 मई की रात से लापता थे। 19 मई को जंगल स्थित एक सूखे कुएं से दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने अंदर देखा तो जला हुआ शव मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक का पुत्र कमलभान अगरिया अपने पिता से चल रहे विवादों के कारण नाराज था। इसी रंजिश में उसने अपने परिचित रबी सिंह गोंड को पिता की हत्या के लिए 5 हजार रुपये देने का सौदा किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि 16 मई की रात आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से राजभान अगरिया को घर से बाहर बुलाया और डंडों व खूंटे से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर जंगल के सूखे कुएं में फेंक दिया गया। पहचान मिटाने के लिए शव में आग लगाई गई और उसे झाड़ियों से ढंक दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट, फ्रैक्चर और शव जलाए जाने के साक्ष्य मिलने के बाद हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने मामले में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की।
मझौली पुलिस ने मामले में मुख्य साजिशकर्ता बेटे समेत कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों को मोबाइल ट्रांजेक्शन के माध्यम से 5 हजार रुपये भी दिए गए थे।

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने कहा कि जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।</description>
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    <title>सीधी अग्निकांड पर मुख्यमंत्री की संवेदना, मृत बच्चों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की सहायता... </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 19:23:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/सीधी(ईन्यूज़ एमपी): सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कसिहवा में हुए दर्दनाक अग्निकांड में तीन मासूम बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए मृतक बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से हुए हादसे में तीन बच्चों की मृत्यु का समाचार बेहद दुखद है। उन्होंने दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करते हुए राज्य शासन की ओर से प्रत्येक मृतक बच्चे के परिजन को 6-6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा जिला रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से भी 20-20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर ग्राम कसिहवा में बिजली के खंभे के ज्वाइंटर में हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियों के कारण घर के आसपास रखी सूखी पत्तियों और झाड़ियों में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने रामरतन साकेत के खपरैल मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे और घर में मौजूद दो बेटियों तथा एक बेटे की आग में झुलसने से मौत हो गई।
घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू की गई। मुख्यमंत्री की आर्थिक सहायता घोषणा के बाद शोकाकुल परिवार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।</description>
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    <title>सीधी में हृदयविदारक हादसा: आग की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत..</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 15:16:45</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी ( ईन्यूज एमपी) जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कसिहवा गांव में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक अग्निकांड में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। भीषण गर्मी के बीच लगी आग ने कुछ ही मिनटों में खपरैल के मकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर के अंदर मौजूद दो बेटियों और एक बेटे की जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कसिहवा निवासी रामरतन साकेत के खपरैल मकान के समीप लगे बिजली के खंभे के ज्वाइंटर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियां घर के आसपास जमा सूखी पत्तियों, झाड़ियों पर गिर गईं। भीषण गर्मी और तेज लपटों के कारण आग तेजी से फैलते हुए सीधे मकान तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय बच्चों के पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे, जबकि मां सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान से राशन लेने गई थी। इसी दौरान घर में मौजूद तीनों मासूम आग की चपेट में आ गए। हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे एक अन्य बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर पुलिस और जिला प्रशासन के स्थानीय अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन द्वारा घटना की जांच कराई जा रही है तथा आग लगने के कारणों की पुष्टि के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत ने कसिहवा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह हादसा भीषण गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है।</description>
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    <title>सीएम डॉ. मोहन ने की नवाचारों की प्रशंसा, कहा- गांव से लेकर शहर तक बढ़ाएं सौर ऊर्जा का उपयोग*</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 09:42:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>*सीएम डॉ. मोहन ने की नवाचारों की प्रशंसा, कहा- गांव से लेकर शहर तक बढ़ाएं सौर ऊर्जा का उपयोग*

- *मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा*
- *सोलर उपकरणों की उपलब्धता-उपयोग को प्राथमिकता से किया जाए सुनिश्चित*
- *प्रदेश में सफल हुआ ड्रोन आधारित नवाचार*

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मई को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा उत्पादन के पारम्परिक स्त्रोतों का उपयोग करते हुए राज्य में सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। किसानों के लिए सोलर पम्प और गांव से लेकर शहर तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर उपकरणों की उपलब्धता एवं उपयोग को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए प्रमुख नवाचारों की प्रशंसा की। बैठक में बताया गया कि गत ढाई वर्ष में प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग का नवाचार सफल हुआ है। इससे विद्युत लाइन ट्रिपिंग को 35 प्रतिशत कम करने और 220 केव्ही के लगभग 10 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग के कार्य में सफलता मिली है। 

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 400 और 132 केव्ही के 23 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग का कार्य ड्रोन द्वारा किया जा रहा है। इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म का नवाचार भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में किया गया। लाइनमैन द्वारा चालू लाइन में ही वेयर हेन्ड तकनीक और हॉटल लाइन स्टिक तकनीक का कार्य इससे संभव होता है। गत वर्ष चालू लाइन में 257 परिचालन किए गए। परिचालन कर्मियों और प्रशिक्षु इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए परिचालन सिम्युलेटर स्थापित किया जा रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी ने विश्वसनीय संचालन का प्रमाण देते हुए विद्युत गृहों द्वारा लगातार विद्युत उत्पादन किया गया है। गत 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति इतिहास की सर्वाधिक पूर्ति है। ट्रांसमिशन कम्पनी का हानियां भी 2.60 प्रतिशत ही हैं। इसी तरह परिषण उपलब्धता का प्रतिशत 99.52 है।

*उपभोक्ताओं को मिला सरचार्ज में छूट का लाभ*
समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत विलंबित बिल के भुगतान पर सरचार्ज में छूट का लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया। कुल 1,970 करोड़ की देनदारियां निराकृत हुईं। उपभोक्ताओं को 473 करोड़ रुपये की सरचार्ज की राशि माफ की गई। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रगति पर है। तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड मीटरिंग के अंतर्गत 47 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड मोड पर संचालित हैं। इस कार्य में 139 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त की गई।

*प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ी*
प्रदेश में मार्च 2024 में कुल विद्युत क्षमता में नवकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 25 था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 33 हो गया है। दो वर्ष पहले जहां 5 हजार 690 मेगावॉट ऊर्जा नवकरणीय स्त्रोतों से उत्पादित की जा रही थी, वहीं अब यह 8 हजार 608 मेगावॉट तक पहुंच गई है। इस उपलब्धि में सर्वाधिक योगदान 5 हजार 376 मेगावॉट सौर ऊर्जा का है। प्रदेश में पवन और अन्य नवकरणीय ऊर्जा से 3 हजार 232 मेगावॉट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय और ऊर्जा विभाग नीरज मंडलोई ने बताया कि विभाग द्वारा मंत्रिपरिषद के निर्णयों के पालन, राजस्व आय में वृद्धि, घोषणाओं को पूर्ण करने के कार्य को प्राथमिकता दी गई। विद्युत अधोसंरचना की वृद्धि के साथ विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ परिणाम लाने के निर्देश दिए गए हैं। केन्द्र शासन से बेहतर समन्वय के कारण जबलपुर आईलैंडिंग योजना के क्रियान्वयन के लिए 5.08 करोड़ रूपए के केन्द्रीय अनुदान की मंजूरी मिली है। 

*सायबर सुरक्षा व्यवस्था के लिए मिले 13.61 करोड़ रुपये* 
बैठक में बताया गया कि राज्य भार प्रेषण केन्द्र की सायबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी 13.61 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। केन्द्र सरकार के पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड से प्राप्त अनुदान से प्रदेश में ओपीजीडब्ल्यू (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) की 10 हजार 752 किलोमीटर लाईन में सफलतापूर्वक स्थापना संभव हुई। इसके लिए केन्द्र सरकार 146 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 63 हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के नागरिकों को आवास गृह के विद्युतीकरण का लाभ दिलवाया गया। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय के 28 हजार से अधिक घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि भी मिली है। कृषि फीडर विभक्तिकरण के 374 फीडर और एचटी लाईन में क्षमता वृद्धि के तहत लगभग 18 हजार कार्य पूर्ण किए गए हैं। 

 *ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश*

·सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रत्येक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।
·मजरों टोलों के सभी घरों तक सभी कार्य पूर्ण करें।
·विद्युत देयक वसूली और नगद  संग्रहण में वृद्धि हुई है ,इसे  कायम रखें।
·ऊर्जा विभाग में 2500 करोड़ रुपए की  हानि को कम किया है। ऐसे प्रयास जारी रखें।
·जबलपुर में वन नेशन वन ग्रिड के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के  कार्य के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।
·विद्युत बचत उपाय पर निरंतर अमल हो।
·प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया, भारिया के घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। इन वर्गों के सभी लोगों को लाभ पहुंचाएं।
·ऊर्जा की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी को अंजाम दें।
·मध्य प्रदेश विद्युत जनरेशन कंपनी लाभ में है। इसके लिए कंपनी के पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं।</description>
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    <title>आज सतना और सिंगरौली दौरे पर रहेंगे सीएम मोहन यादव </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 07:58:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मई को सतना और सिंगरौली जिले के दौरे पर रहेंगे। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। साथ ही हितग्राहियों को योजनाओं की राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण भी करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11:10 बजे भोपाल से रीवा के लिए रवाना होंगे। दोपहर 12:30 बजे रीवा से सतना पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे सतना से एनसीएल ग्राउंड सिंगरौली के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भूमिपूजन करेंगे।

मुख्यमंत्री दोपहर 2:40 बजे भाजपा कार्यालय सिंगरौली पहुंचेंगे और बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 3:15 बजे उमंग भवन, एनटीपीसी सिंगरौली में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि वितरित की जाएगी।

सायं 5:30 बजे मुख्यमंत्री सूर्य गेस्ट हाउस सिंगरौली पहुंचेंगे, जहां स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके बाद रात 7:45 बजे राजमाता चूनकुमारी स्टेडियम पहुंचकर सिंगरौली स्थापना दिवस महोत्सव 2026 का उद्घाटन करेंगे।

कार्यक्रमों के उपरांत मुख्यमंत्री रात 10 बजे सूर्य गेस्ट हाउस पहुंचेंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम प्रस्तावित है।
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    <title>पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, 10 दिन में तीसरी बार बढ़े दाम; आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 07:13:47</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)-देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले इसी सप्ताह पेट्रोल और डीजल के दामों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। वहीं, कुछ दिन पहले ही तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों के दाम में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की थी। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

देश के प्रमुख महानगरों में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोलकाता में पेट्रोल 110.64 रुपये, मुंबई में 108.49 रुपये और चेन्नई में 105.31 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल के दाम कोलकाता में 97.02 रुपये, मुंबई में 95.02 रुपये और चेन्नई में 96.98 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने का असर अब अन्य जरूरी वस्तुओं पर भी दिखाई देगा। ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल और राशन महंगे हो सकते हैं। किसानों के लिए ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने की लागत बढ़ेगी, जिससे कृषि उत्पादन महंगा होने की संभावना है। साथ ही बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बताई जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। कंपनियों का कहना है कि घाटे की भरपाई के लिए दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल और महंगे हो सकते हैं।
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    <title>नौतपा से पहले ही तपने लगा मध्यप्रदेश, 42 जिलों में लू का अलर्ट जारी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-23 07:01:10</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत 25 मई से होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। प्रदेश के ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग इन दिनों हीटवेव की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 42 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार आने वाले दिनों में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ग्वालियर सहित 21 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा 18 जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

शुक्रवार को प्रदेश के 10 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहे। नौगांव में तापमान 46.8 डिग्री और खजुराहो में 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। टीकमगढ़ और सतना में 44.5 डिग्री, दतिया में 44.4 डिग्री, नरसिंहपुर और दमोह में 44.2 डिग्री तथा सागर और राजगढ़ में 44 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

प्रदेश के पांच बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच गया।

मौसम विभाग ने टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, मऊगंज और रीवा में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

भोपाल, उज्जैन, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर समेत 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं इंदौर, देवास, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, नर्मदापुरम, बैतूल और बालाघाट सहित 13 जिलों में तेज गर्मी का असर बना हुआ है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
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  <item>
    <title>सीधी जिला कांग्रेस कार्यकारिणी घोषित,ज्ञानेन्द्र अग्निहोत्री संगठन महासचिव और आकाश राज  पंकज को प्रवक्ता की जिम्मेदारी....</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-22 22:15:55</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी ( ईन्यूज एमपी)प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की स्वीकृति तथा मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल भैया एवं पूर्व मंत्री सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल की सहमति से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह की अनुसंशा पर सीधी की नई जिला कार्यकारिणी का अनुमोदन प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले द्वारा किया गया है।
जारी सूची में संगठन को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि सभी पदाधिकारी पार्टी की नीतियों एवं सिद्धांतों के अनुरूप निष्ठा, समर्पण एवं ऊर्जा के साथ कार्य करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा है कि सीधी जिले में कांग्रेस पार्टी को मजबूत बनाने एवं आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। नए पदाधिकारियों की नियुक्ति पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित सभी सहयोगी संगठनों प्रकोष्ठों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं और बधाई प्रेषित की है।

जिला कांग्रेस कमेटी सीधी की घोषित कार्यकारिणी
जिला अध्यक्ष
ज्ञान प्रताप सिंह चौहान *संगठन महासचिव* ज्ञानेन्द्र कुमार अग्निहोत्री *कोषाध्यक्ष* रजनीश श्रीवास्तव *प्रवक्ता* आकाश राज पाण्डेय, पंकज सिंह  *सोशल मीडिया प्रभारी* विनय मिश्रा, राहुल शुक्ला *उपाध्यक्ष* अभिषेक पाण्डेय, रामू प्रसाद गौतम, विनोद मिश्रा, राम नारायण चंदेल, अर्जुन दास साकेत, दिलीप सितानी, अवध लाल सिंह, दिनेश पाठक, गणेश सोनी, सतेंद्र सिंह, *महासचिव* तेजबहादुर सिंह, देवराज बैस, कमलेश्वर सिंह, हरिहर सोनी, भूपेंद्र सिंह, मोहम्मद हाफिज लाला, रमेश पटेल, अशोक कोरी, वीरेन बैगा, विनोद विश्वकर्मा, शारदा सिंह, नवीन सिंह, संत बहादुर सिंह, जय सिंह, अखंड प्रताप सिंह *सचिव* गुलाबकली गुप्ता, लालवेंद्र सिंह, मोहन लाल गुप्ता, गौरी साकेत, इन्द्रवली सिंह, अशोक पनिका, अरविंद त्रिवेदी, हंसलाल यादव, संतोष तिवारी, मुकेश कुमार सिंह, मार्तण्ड चतुर्वेदी, मंगल सिंह गौड़, कैप्टन वंशमणि वर्मा, दयाशंकर वर्मा, शिवबालक कोल, उमेश गुप्ता, सम्पति साहू, अभिमान प्रजापति, जगदीश पाण्डेय, राम साकेत।</description>
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  <item>
    <title>हाईकोर्ट से नपाध्यक्ष काजल वर्मा को राहत, वित्तीय अधिकार बहाल.... </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-22 22:02:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)। नगर पालिका परिषद सीधी की अध्यक्ष काजल वर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने उनके वित्तीय अधिकारों पर लगी रोक को निरस्त करते हुए पूर्व स्थिति बहाल कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका के कर्मचारी बृजेश सिंह गोरे द्वारा दायर याचिका पर 6 अप्रैल 2026 को पारित अंतरिम आदेश के तहत नपाध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों के प्रयोग पर रोक लगा दी गई थी। काजल वर्मा ने न्यायालय में जवाब प्रस्तुत कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की और आदेश वापस लेने का आवेदन दिया।
22 मई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल के आदेश को वेकेट (निरस्त) कर दिया, जिससे नपाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से बहाल हो गए। हालांकि मूल रिट याचिका की अंतिम सुनवाई आगे होगी।
नपाध्यक्ष काजल वर्मा ने कहा कि याचिका तथ्यों को छिपाकर प्रस्तुत की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित कर्मचारी द्वारा की गई कार्रवाई अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि वित्तीय अधिकारों पर रोक लगने के कारण नगर पालिका में कई भुगतान और वित्तीय स्वीकृतियां प्रभावित हो रही थीं, क्योंकि अनेक चेकों में अध्यक्ष और सीएमओ दोनों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। अब न्यायालय के आदेश के बाद रुके हुए भुगतान और अन्य वित्तीय कार्यों के फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।</description>
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    <title>रहिमन पानी राखिये...,' सुनाकर सीएम डॉ. मोहन बोले- जल गंगा संवर्धन अभियान को सार्थक करे जनता</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-21 18:36:38</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई को जनता से जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि इतना बड़ा अभियान जनता के सहयोग से ही सार्थक हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में रहीम के दोहे का भी जिक्र किया। इस दोहे के जरिये उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में पानी का एक अलग ही स्थान है। कोई अनुष्ठान, कोई पूजा बिना पानी के संकल्प के पूरी नहीं होती।  इसी सिलसिले में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद भी 25 मई को गंगा दशहरे के अवसर पर जल स्रोत पूजन और गंगा कलश यात्रा आयोजित करेगा। इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने मप्र जन अभियान परिषद द्वारा 25 मई से  प्रदेश के सभी जिलों में निकाली जाने वाली जल स्रोत पूजन और गंगा कलश यात्रा के पोस्टर का विमोचन किया। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल संचय के कई काम हो रहे हैं। हमारी सरकार के द्वारा भी जल संरक्षण को लेकर गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। गंगा दशमी के दिन पूरे प्रदेश में एक साथ सभी कूओं-बावड़ियों-नहरों-तालाबों पर श्रमदान किया जाएगा। यह अपने आप में बड़ा अभियान है। हम जन अभियान परिषद, उसके उपाध्यक्ष मोहन नागर, सारे कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और अलग-अलग संस्थाओं को जोड़कर जल गंगा संवर्धन का बड़ा काम करने वाले हैं। हम आम जनता से भी आह्वान करते हैं कि वह भी जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़े। जनता के जुड़ने से ही इस तरह के अभियान सार्थक होते हैं। 

समझने आने लगा पानी का महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में जल का महत्व आदिकाल से है। हमारे यहां कोई भी अनुष्ठान, कोई भी पूजा बिना जल संकल्प के नहीं होती। रहीम ने भी कहा है, रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून, पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून। पानी के बिना सृष्टि की कल्पना अधूरी है। हम बदलते पर्यावरण, बदलते मौसम को देख रहे हैं, ऐसे में सब जगह पानी का महत्व पुनः रेखांकित हो रहा है। आइए हम सब मिलकर जल संरक्षण-जल चेतना के काम करें। इस अभियान में परिषद के सहयोगी नेटवर्क प्रस्फुटन समिति, नवांकुर सखी, सीएमसीएलडीपी के छात्र-परामर्शदाता, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, स्वैच्छिक संगठन, सामाजिक-धार्मिक-सांस्कृतिक-आध्यात्मिक संगठनों के माध्यम से जन-जागरण किया जाएगा। 

जनता के लिए बड़ा अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह अभियान साढ़े आठ करोड़ जनता के लिए जल संरक्षण अभियान से जुड़ने का अवसर है। हम आह्वान करते हैं कि हम सब मिलकर इस अभियान में भागीदार बनें। गंगा दशमी पावन त्योहार है, जिस आधार पर हमारी प्रतिबद्धता सनातन संस्कृति के समय से मां गंगा से भी जुड़ती है। हम मां गंगा के निमित्त हैं। मध्यप्रदेश 250 से ज्यादा नदियों का मायका है। आइए हम सब जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल हों।</description>
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    <title>बड़ी खबर:सांसद बंगले के सामने गैस बम बना ट्रक, मचा हड़कंप, दुकानें बंद कर भागे लोग...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-21 18:30:13</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज़ एमपी)। शहर के व्यस्ततम इलाके में अभी-अभी कुछ देर पहले दहशत का माहौल बन गया, जब सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के बंगले के ठीक सामने गैस से भरे एक ट्रक में अचानक रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते इलाके में गैस की गंध फैलने लगी और संभावित धमाके की आशंका से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में सड़कें सूनी हो गईं, दुकानों के शटर गिरने लगे और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तकनीकी खराबी के चलते ट्रक से गैस का रिसाव शुरू हुआ। शुरुआत में लोगों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं था, लेकिन जैसे-जैसे गैस फैलती गई, भय का माहौल गहराता गया। सांसद के बंगले के सामने हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर ला दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। सुरक्षा के मद्देनजर ट्रक के आसपास का क्षेत्र खाली कराया गया और दोनों ओर से यातायात पूरी तरह रोक दिया गया। अधिकारियों ने लोगों को मौके से दूर रहने की सलाह दी, जबकि तकनीकी टीम को तत्काल बुलाकर रिसाव नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू कराई गई।
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि गैस रिसाव की खबर जंगल की आग की तरह फैली। धमाके की आशंका से कई दुकानदारों ने बिना देर किए अपनी दुकानें बंद कर दीं। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल बना रहा। लोगों के बीच एक ही चर्चा थी कि यदि समय रहते स्थिति नहीं संभाली जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के चलते आखिरकार स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। तकनीकी विशेषज्ञों ने रिसाव को रोक दिया और ट्रक की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कुछ देर के लिए सीधी शहर ने एक संभावित बड़े हादसे का खतरा बेहद करीब से महसूस किया।</description>
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    <title>आने वाले दिनों में बदल जाएगी स्कूलों की सूरत, जानें सीएम डॉ. मोहन ने बनाया क्या प्लान?</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-21 16:38:12</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के स्कूलों की सूरत ही बदल जाएगी। स्कूल न केवल सम्मानित होंगे, बल्कि वे ऐसे छात्र भी तैयार करेंगे जो संस्था के विकास और विस्तार में योगदान देंगे। इतना ही नहीं आने वाले सिलेबस में अब सम्राट वीर विक्रमादित्य की जीवनी भी शामिल होगी। भगवान श्री कृष्ण के गुरु सांदीपनि के जीवन पर भी रोचक पुस्तक तैयार की जाएगी। स्कूलों में बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कई तरह के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं में शिक्षा देकर प्रदेश की एक मजबूत नींव तैयार कर रही है। प्रदेश के हर विद्यार्थी तक बेहतरीन शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन समय पर पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय गतिविधियों में तेजी लाएं और 16 जून से प्रारंभ हो रहे शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराए जाएं, ताकि ऐसे विद्यार्थी जो अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, वे उस विद्यालय के विकास-विस्तार में कुछ योगदान भी कर सकेंगे।

जन-जन तक पहुंचाएं सांदीपनि स्कूल की अवधारणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा परिणामों में और अधिक सुधार लाने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, नियमित मॉनीटरिंग, तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन स्कूलों ने शत-प्रतिशत रिजल्ट दिया है, उनका सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 26 स्कूल ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सारे विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन स्कूलों के अलावा 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाली संस्थाओं को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की अवधारणा-योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ऐसे जिलों को चिन्हित करने को कहा, जहां सभी स्कूलों में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हों, साथ ही भौतिक एवं मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की भी अलग श्रेणी तैयार की जाए। इससे सरकार को इन्हीं जिलों पर फोकस करने में आसानी होगी। कमी वाले जिलों पर इसी साल से काम प्रारंभ किया जाएगा। उन्होने कहा कि प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी स्थानीय विधायक के साथ बैठकर पूरी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए प्रयास करें।

घोषणाओं का जल्द हो पालन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को सम्राट वीर विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुरु सांदीपनि के जीवन पर भी एक रोचक पुस्तक तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का जल्द से जल्द पालन कराएं। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग की वर्तमान में संचालित 14 विभागीय योजनाओं को निरंतर रखने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरी के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए प्रारंभ से ही माहौल बनाया जाए। महिला बाल विकास विभाग भी इसमें योगदान दे। गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अब प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में 1 जुलाई से गुरु पूर्णिमा यानी 29 जुलाई तक शिक्षक वंदना कार्यक्रम, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया जाए। निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाए।

स्कूलों में दिया जाए व्यावसायिक प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी अध्ययन कराया जाए। संभव हो तो क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी ऐसी शालाओं और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए। स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में एआई के कौशल को कैसे जोड़ा जाए, इस पर भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। स्कूलों में एनसीसी, एनएसएस जैसे सामाजिक सेवा कार्य को भी बढ़ावा दिया जाए। स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लायसेंस कैम्प, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की  सुविधा उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय स्कूलों से पास आउट विद्यार्थी  12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पैतृक व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण जैसे किस कार्य-रोजगार में लगे हैं, इसकी ट्रैकिंग भी होनी चाहिए। इससे सरकार के पास हमारे युवाओं का एक डेटाबेस तैयार होगा।  

शासकीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन दर
बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन वृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। इस साल प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में 1 अप्रैल को प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। अप्रैल माह में ही 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों का शाला प्रवेश करा दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजगढ़ जिले के भैंसवामाता एव नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में संस्कृति विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं।

‍ शिक्षा घर योजना को सैद्धांतिक सहमति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विभाग के सचिव की 'शिक्षा घर योजना' के नाम से नई योजना का प्रेजेंटेशन देने की सराहना की और इसकी सैद्धांतिक सहमति दी। इस योजना में किसी वजह से स्कूली शिक्षा पूरी न कर पाने वाले विद्यार्थियों को हाईस्कूल-हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना से ऐसे सभी किशोर-किशोरी, युवक-युवती लाभान्वित होंगे, जिन्होंने कक्षा 8 या इसके बाद की कक्षाओं में अनुत्तीर्ण होने पर पढ़ाई समाप्त कर दी थी। योजना का क्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश होगा, जिसमें प्रदेश की सभी ग्राम, पंचायतें और नगरीय निकाय भी शामिल होंगे। योजना का क्रियान्वयन म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाएगा।</description>
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    <title>स्कूल परिसर में चल रहा था नशे का कारोबार, 208 शीशी नशीली कफ सिरप सहित आरोपी गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-21 16:32:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)-रीवा जोन में चलाए जा रहे ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत सीधी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने स्कूल परिसर में संचालित अवैध नशे के कारोबार का खुलासा करते हुए 208 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप और एक आल्टो कार जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन श्री गौरव राजपूत के निर्देश एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रीवा क्षेत्र श्री हेमंत चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव तथा डीएसपी मुख्यालय अमन मिश्रा के नेतृत्व में थाना कोतवाली और जमोड़ी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस को सूचना मिली थी कि गजराज स्कूल परिसर के आसपास अवैध नशीली कफ सिरप की बिक्री की जा रही है तथा स्कूल के कमरों में बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में दबिश दी, जहां से अमन सिंह चौहान (25) निवासी अमरवाह थाना जमोड़ी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी स्वयं को गजराज स्कूल का डायरेक्टर बता रहा था।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी स्कूल भवन और कमरों का उपयोग नशे के कारोबार के लिए स्टोर रूम और अड्डे के रूप में कर रहा था। आरोपी अपने साथियों के साथ आल्टो कार क्रमांक MP18CA2926 से नशीली कफ सिरप ले जाकर बिक्री करता था।

तलाशी के दौरान पुलिस ने स्कूल परिसर और वाहन से कुल 208 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 52 हजार रुपये बताई गई है। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने कफ सिरप और वाहन जब्त कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों आशू केवट, प्रिंस मिश्रा, अम्बिकेश सिंह गोंड, नवीन नामदेव और अमन सोधिया के नाम बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में धारा 8/21/22 एनडीपीएस एक्ट तथा 5/13 मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।

पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने कहा कि स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र होते हैं। ऐसी संस्थाओं की आड़ में नशे का अवैध कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि कहीं भी इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
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    <title>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज करेंगे छह विभागों की बैक टू बैक समीक्षा बैठकें</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-21 09:05:16</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों की लगातार समीक्षा बैठकें लेंगे। मुख्यमंत्री आज स्कूल शिक्षा, परिवहन, सहकारिता, जनजातीय कार्य, पशुपालन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 10:50 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक होगी। दोपहर 12 बजे परिवहन विभाग तथा 1 बजे सहकारिता विभाग की समीक्षा की जाएगी।

दोपहर 2:30 बजे से 3 बजे तक का समय मुलाकात के लिए आरक्षित रखा गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री 3 बजे जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा करेंगे। शाम 4 बजे पशुपालन विभाग और 5 बजे लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक आयोजित होगी।

बैठकों में विभागीय योजनाओं की प्रगति, कार्यों की गुणवत्ता, बजट उपयोग तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विभागीय अधिकारियों को कार्यों में तेजी और बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश भी दे सकते हैं।
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    <title>प्रताप गैस एजेंसी की भर्रेसही, उपभोक्ता पर पड़ रही भारी-उमेश तिवारी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-21 09:05:33</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>गैस एजेंसी संचालक पर आपराधिक प्रकरण क़ायम करने कलेक्टर को लिखा पत्र

सीधी ( ईन्यूज एमपी)-टोंको- रोंको-ठोंको क्रन्तिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी नें कलेक्टर सीधी को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग करते हुए कहा है की सीधी शहर के अस्पताल चौक में संचालित प्रताप गैस एजेंसी नें गैस संकट को "आपदा में अवसर मान लिया है"। जिसके चलते गैस वितरण में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार किया जा रहा है। गैस एजेंसी के संचालक की काली कमाई तो छानबीन से उजागर होगी परन्तु एजेंसी के लग्गू-भग्गू करोड़ों में खेलते दिख रहे है। निर्देशित नियम का पालन न करने के कारण गैस उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रताप गैस एजेंसी की बेलगाम भर्रेशाही पर लगाम लगाने हेतु गैस उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत भी की जाती है, दंडात्मक कार्यवाही न होने के कारण उपभोक्ताओं में मायूसी एवं नाराजगी है तथा गैस एजेंसी संचालक के हौसले बुलंद है।
श्री तिवारी नें शिकायत पत्र देकर कलेक्टर से आग्रह है की शिकायत पत्र में अंकित बिंदुवार अनियमिताओं की जांच कर प्रताप गैस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कराये जाने की कार्यवाही करें और संचालक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण क़ायम कराएं।
पत्र जो जाँच कर कार्यवाही हेतु कलेक्टर को दिया गया है उसके बिंदु निम्नानुसार है- 

1.  गैस बुकिंग के बाद 48 से 72 घंटे के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी होना आवश्यक है, लेकिन उपभोक्ताओं को कई-कई दिनों एवं सप्ताह तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। 
2. जो उपभोक्ता स्वतः गैस एजेंसी के गोदाम से सिलेंडर प्राप्त कर रहा है तो उससे डिलीवरी शुल्क नहीं लेना चाहिए, किंतु एजेंसी द्वारा आज तक किसी भी उपभोक्ता को यह लाभ न देकर अबैध उगाही की जा रही है।
3. पिछले लगभग 2 महीनों से एजेंसी द्वारा KYC के नाम पर प्रति उपभोक्ता ₹240 की अवैध वसूली की जा रही है। हजारों उपभोक्ताओं से राशि वसूली गई, परंतु न कोई रसीद दी गई और न ही कोई वैधानिक जानकारी। जबकि KYC प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क होती है।
4. प्रताप गैस एजेंसी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के वास्तविक कनेक्शनधारियों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाता जबकि एजेंसी से जुड़े दलालों एवं अवैध विक्रेताओं को बड़ी मात्रा में सिलेंडर दिए जाते हैं, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में ₹2500 से ₹3000 तक में बेचा जा रहा है। 
5. प्रताप गैस एजेंसी द्वारा जिले भर में ग्रामीण दुकानदारों एवं अवैध विक्रेताओं को सीधे सिलेंडर उपलब्ध कराकर मनमानी क़ीमत पर बिक्री कराकर कालाबाजारी की जा रही है, जबकि वास्तविक कनेक्शनधारी उपभोक्ता गैस के लिए भटकते रहते हैं। 
6. नियम अनुसार उपभोक्ता द्वारा OTP सत्यापन के बाद ही सिलेंडर वितरण होना चाहिए, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति को 15 से 20 सिलेंडर तक दिए जाने की शिकायतें हैं, जो गंभीर अनियमितता एवं कालाबाजारी का अपराध है।
7.  उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों के नाम फर्जी बुकिंग दिखाकर सिलेंडरों को बड़ी क़ीमत पर ब्लैक किया जाता है।
8. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में फर्जी नाम से गैस कनेक्शन दिया गया है तथा पात्र महिलाओं को गैस कनेक्शन देने में टाल-मटोल किया जाता है जिस कारण कई महिलाएं योजना के लाभ से बंचित है। उज्ज्वला योजना के समस्त हितग्राहियों की सूची एवं वितरण विवरण सार्वजनिक करायें। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले निःशुल्क चूल्हा एवं सिलेंडर पर हितग्राही से ₹1500 से ₹2000 तक की अवैध वसूली की जाती है। जाँच कर एजेंसी संचालक पर आपराधिक प्रकरण क़ायम कराएं।
9. गैस वितरण नियमों के अनुसार डिलीवरीमैन के पास वजन मापने की मशीन होना अनिवार्य है तथा उपभोक्ता की मांग पर सिलेंडर का वजन तौलकर दिखाना एजेंसी की जिम्मेदारी है, किंतु ऐसा कभी नहीं किया जाता।
10. गैस लीकेज की शिकायत पर एजेंसी द्वारा तत्काल निःशुल्क निरीक्षण एवं मरम्मत सुविधा उपलब्ध कराना नियम है, किंतु उपभोक्ताओं को यह सुविधा नहीं दी जाती।
11. सुरक्षा मानकों के अनुसार प्रत्येक 2 से 5 वर्ष में एजेंसी के मैकेनिक द्वारा उपभोक्ताओं के घर जाकर चूल्हा, पाइप एवं रेगुलेटर की सुरक्षा जांच की जानी चाहिए, परंतु वर्षों से ऐसी कोई जांच नहीं की गईं है यदि किया गया है तो उन उपभोक्ताओं की सूची प्रसारित की जाय।
12. गोदाम में सुरक्षा नियम को दर किनार कर बड़े से छोटे सिलेंडर में गैस रिफिलिंग का विडिओ प्रमाण के साथ शिकायत पर अभी तक बैधानिक कर्यवाही नहीं की गईं। शीघ्र दंडात्मक कार्यवाही करें।
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    <title>सिंहस्थ-2028 में सबकुछ AI करेगा, जानें सीएम डॉ. यादव की गूगल क्लाउड इंडिया से क्या हुई बात?</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-20 17:23:48</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 20 मई को मंत्रालय में गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन पदाधिकारियों के साथ प्रदेश में प्रशासनिक दक्षता संवर्धन और सिंहस्थ - 2028 की तैयारियों में मदद के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकी सहयोग के संबंध में राउंड टेबल मीटिंग की। मीटिंग में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मप्र शासन श्री एम. सेल्वेन्द्रम, गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर) आशीष वत्तल, वरिष्ठ पदाधिकारी मदन ओबेरॉय, पंकज शुक्ला, लोकेश लोहिया, डॉ. श्रुति गाडगिल, विजय गुंजाटे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक में अपर मुख्य सचिव मंडलोई ने बताया कि गूगल क्लाउड इंडिया के साथ राज्य सरकार का एक बड़ा करार होने जा रहा है। सरकार और गूगल क्लाउड के सहयोग से इंदौर में 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' की स्थापना की जा रही है। सेंटर की स्थापना के लिए जल्द ही एमओयू भी साइन किया जाएगा। इस सेंटर से 10 हजार से अधिक एआई डेवेलपर्स को जोड़ा जाएगा, जो मध्यप्रदेश सहित पूरे देश और साउथ ग्लोबल को एआई की रीयल टाइम नीड टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। 

हर तकनीकी सहयोग देने के लिए तैयार
गूगल के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि एआईं समिट के दौरान मप्र सरकार से अभूतपूर्व समर्थन और सहयोग मिला। इससे प्रेरित गूगल क्लाउड द्वारा प्रदेश के प्रमुख विभागों कृषि, शिक्षा, वन, महिला बाल विकास सहित अन्य विभागों को एआई से सशक्त किया जा रहा है। सिंहस्थ 2028 आयोजन की तैयारियों में भी एआई सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ के दौरान भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक संचालन, नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को भी अत्याधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाया जा सकता है। एआई और डिजिटल समाधान के उपयोग से सिंहस्थ को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्व स्तरीय अनुभव के रूप में स्थापित करने के लिए गूगल क्लाउड सरकार को हर तकनीकी सहयोग देने के लिए तत्पर है। बैठक में अन्य विषयों पर भी विस्तार से बात हुई।</description>
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    <title>मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: 1 से 15 जून तक खुलेंगे तबादलों के रास्ते</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-20 16:02:23</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में 1 जून से 15 जून 2026 तक तबादलों का रास्ता खुल गया है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चैतन्य कश्यप ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नई तबादला नीति में पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।

नई नीति के अनुसार विभागों में कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तबादलों की सीमा तय की गई है। जिन विभागों में 200 कर्मचारी हैं वहां अधिकतम 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे। 1000 कर्मचारियों वाले विभागों में 15 प्रतिशत, 2000 कर्मचारियों वाले विभागों में 10 प्रतिशत तथा 2000 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 5 प्रतिशत तक तबादले हो सकेंगे।

सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में तबादलों को लेकर चर्चाओं और लॉबिंग का दौर शुरू होने के आसार हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक समीकरणों के बीच अब विभिन्न विभागों में तबादलों को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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    <title>मध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक अगले साल उज्जैन में, गृह मंत्री शाह करेंगे सिंहस्थ की तैयारियों का मुआयना</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-20 15:55:20</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली 27वीं बैठक वर्ष-2027 में मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में होगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 19 मई को बस्तर में परिषद की 26वीं बैठक में इस आशय की सहमति दे दी। मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक लेने के बाद गृह मंत्री शाह उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारी को लेकर हो रही व्यापक नागरिक व्यवस्थाओं, मानव प्रबन्धन और आपदा प्रबंधन का भी मुआयना करेंगे। इसे लेकर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त हो चुका है। इस विचारधारा का मूल गढ़ बस्तर ही हुआ करता था। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक बस्तर में ही करके देश में नक्सलवाद की समाप्ति का जन संदेश दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 20 मई को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रियों के साथ बीते सप्ताह राज्य में हुई विशेष गतिविधियों और सरकार को मिली उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में अपने शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह द्वारा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव सहित 'नक्सल उन्मूलन अभियान' में सक्रिय योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया गया है।

मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा लाने का प्रयास करेगी सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर को लेकर मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है। प्रदेश में कानून व्यवस्था नियंत्रण हमारी प्राथमिकता है। इसमें कोई ढिलाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने करीब 750 साल पुराने और धार्मिक-ईश वंदना से जुड़े इस मसले का सकारात्मक एवं शांतिपूर्ण समाधान किया है। सरकार इस विषय से जुड़े सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उच्च न्यायालय के निर्णय का पालन कराएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मां वाग्देवी की वास्तविक प्रतिमा विदेश से स्वदेश लाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ हर जरूरी प्रयास एवं समन्वय करेगी। मुख्यमंत्री ने इस बड़े फैसले के मद्देनजर मध्यप्रदेश में शांति, सौहार्द और सद्भावना बनाए रखने के लिए प्रदेशवासियों को सरकार की ओर से बधाई भी दी।

प्रधानमंत्री का सम्मान देश का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व में भारत का मान बढ़ाया है। उन्हें विदेश में मिल रहा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पूरे देश का सम्मान है। उन्होंने धान, जवार-बाजरा, कपास, तिल, सोयाबीन और अन्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि करने के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के किसानों को यह नई सौगात दी है। 

सरकार फ्रांस के साथ हर  क्षेत्र में मिलकर काम करेगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों को बीते सप्ताह हुए इंडो-फ्रांस कान्क्लेव (भारत-फ्रांस निवेश सम्मेलन) के सफल आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार फ्रांस के साथ हर  क्षेत्र में मिलकर काम करेगी। फ्रांस के राजदूत थियरी माथू, आईएफसीसीआई की महानिदेशक पायल एस कंवर और लगभग 150 प्रतिनिधियों से इसमें हिस्सा लिया, जिसमें भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राजनियक, नीति निर्माता, शासकीय अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोमा रोपवेस, एआई वैनसिटी एण्ड मेडिकेप्स यूनीवर्सिटी, डासाल्ट सिस्टमस, सफलेट, सियस्ट्रा, एन्जी सहित विश्व के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सीईओ-सीओओ और बहुराष्ट्रीय कंपनी प्रतिनिधियों की इस कान्क्लेव में सहभागिता मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों के प्रति दिनों-दिन बढ़ रहे वैश्विक विश्वास का प्रतीक है।

निगम-मंडलों के पदाधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार के अधीन विभिन्न निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग, प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की हाल ही में नियुक्ति की गई है। शासकीय विभागों के प्रमुख निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग एवं प्राधिकरण के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों के लिए प्रदेश में पहली बार कार्य प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार का एक नवाचारी प्रयास है। इसमें सभी नए पदाधिकारियों को उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन की रीति-नीति, नियम-कायदे और वित्त प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देकर सभी से मन लगाकर प्रदेश के विकास के लिए काम करने की अपील की।</description>
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  <item>
    <title>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज गूगल के साथ करेंगे उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-20 08:22:06</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन और स्मार्ट गवर्नेंस को नई गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 20 मई को भोपाल में गूगल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक करेंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित इस बैठक में तकनीक आधारित विकास और डिजिटल नवाचार पर विस्तृत चर्चा होगी।

बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर) आशीष वाट्टल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स) मदन ओबेरॉय सहित सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई एवं डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

बैठक के दौरान मध्यप्रदेश और गूगल के बीच दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी, उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के उपयोग पर विचार किया जाएगा। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने तथा तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा होगी।

सिंहस्थ-2028 के तकनीक आधारित प्रबंधन, स्मार्ट भीड़ नियंत्रण, एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग और डेटा आधारित निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान प्रणाली, कृषि क्षेत्र में किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच तथा शिक्षा में एआई आधारित शिक्षण और कौशल विकास पर भी मंथन किया जाएगा।

बैठक में एआई स्किलिंग, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यह बैठक मध्यप्रदेश और गूगल के बीच तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने के साथ प्रदेश को नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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  <item>
    <title>ग्रामीणों के साथ तेंदूपत्ता संग्रहण में शामिल हुए सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, योजनाओं की दी जानकारी </title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-19 21:51:08</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी (ईन्यूज एमपी)-सीधी संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा जिले के ग्राम चौफाल पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ तेंदूपत्ता संग्रहण में सहभागिता कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस दौरान सांसद ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी आजीविका, दैनिक चुनौतियों और आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने और जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे प्रयासों से स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी, रामरति सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, प्रभाशंकर शर्मा, हंसराज यादव, बब्बू भुजवा, विनोद यादव, वन विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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  <item>
    <title>सीएम डॉ. मोहन ने किए मां दंतेश्वरी के दर्शन, बोले- सबके कल्याण के लिए मां से मांगा आशीर्वाद</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-19 19:00:32</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/बस्तर(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 मई को छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल हुए। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों से चर्चा भी की। इसके अलावा उन्होंने दंतेवाड़ा विज्ञान केंद्र का भी भ्रमण किया।

दंतेश्वरी मंदिर के बाहर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि बैठक के बाद मैं मां दंतेश्वरी के दर्शन करने आया हूं। मां के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम लगातार जन कल्याणकारी काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश जैसे आगे बढ़ रहा है, सनातन धर्म की पताका भी फहरा रही है और सभी धर्मों के लोग आनंद के साथ रह रहे हैं। हमने मां से कामना की है कि वे सब पर दया करें। जन कल्याण बेहतर तरीके से हो। हमने कामना की है कि मां गरीब-युवा-अन्नदाता-नारी शक्ति, सबका कल्याण करें। 

जारी रहेगा विकास का क्रम
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार भी जन कल्याण के कामों में लगी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारें विकास में लगातार आगे बढ़ रही हैं। हमें उम्मीद है कि विकास का यह क्रम जारी रहेगा।</description>
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  <item>
    <title>एक्शन मोड़ में कलेक्टर, 41 अधिकारी-कर्मचारियों के एक दिन के वेतन काटने के निर्देश</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-19 17:34:30</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सिंगरौली(ईन्यूज एमपी)-जिले में प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी कार्यालयों में अनुशासन सुधारने के उद्देश्य से कलेक्टर गौरव बैनल ने मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं की उपस्थिति पंजी की जांच की गई, जिसमें सुबह 10:45 बजे तक 41 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

जांच में सामने आया कि कई कर्मचारियों ने न तो उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किए थे और न ही किसी प्रकार की पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति ली थी। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से सभी 41 अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।

इस कार्रवाई की जद में कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी भी आए। कलेक्टर कोर्ट के दो कर्मचारियों और एक स्टेनो का वेतन काटा गया, वहीं लोक सेवा केंद्र शाखा के चार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई।

कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासकीय कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारी सुबह 11 बजे तक कार्यालय पहुंचते हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

उन्होंने सभी कर्मचारियों को कार्यालय समय का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में देर से आने या बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि संबंधित कर्मचारियों का यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इस सख्त कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।
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    <title>मंत्रियों के स्वेच्छानुदान में बढ़ोतरी, अब एक मामले में 25 हजार तक सहायता</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-19 16:33:27</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश शासन ने मंत्रियों को दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की सीमा में बढ़ोतरी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राज्य मंत्री एक मामले में अधिकतम 25 हजार रुपये तक अनुदान दे सकेंगे।

जारी आदेश के मुताबिक पहले यह सीमा 16 हजार रुपये निर्धारित थी, जिसे संशोधित कर बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। विभाग ने इस संबंध में पूर्व अधिसूचना में संशोधन करते हुए नए प्रावधान लागू किए हैं।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी एक वर्ष में, किसी एक मामले के संबंध में राज्य मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की अधिकतम सीमा अब 25 हजार रुपये होगी।

यह नया आदेश 18 मई 2026 से प्रभावशील कर दिया गया है। आदेश मंत्री परिषद के 11 मई 2026 को लिए गए निर्णय के पालन में जारी किया गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सुमन रैकवार द्वारा जारी इस आदेश में अन्य सभी प्रावधानों को यथावत रखा गया है।

इस निर्णय से मंत्रियों को जरूरतमंदों को राहत देने के लिए पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का अधिकार मिल गया है।
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    <title>लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: डीपीसी 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-19 13:45:54</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>धार(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। धार जिले में इंदौर लोकायुक्त टीम ने जिला शिक्षा केंद्र में पदस्थ जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) प्रदीप कुमार खरे को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 

बताया जा रहा है कि शौचालय निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में आरोपी अधिकारी द्वारा बड़ी रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त को बताया कि कुल 17 लाख रुपए की मांग की गई थी, जिसमें पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपए लिए जा रहे थे। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। 

जानकारी के अनुसार, जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, लोकायुक्त टीम ने कार्यालय में ही उसे दबोच लिया। कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। 

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    <title>पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-19 09:23:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार से 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को ईंधन के दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, जिससे आम जनता पर महंगाई का असर और बढ़ गया है।

नई दरों के अनुसार भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपए और डीजल 95.91 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इंदौर और जबलपुर में पेट्रोल 110.79 रुपए, ग्वालियर में 110.69 रुपए और उज्जैन में 111.27 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल उज्जैन में 96.40 रुपए, इंदौर में 95.97 रुपए, जबलपुर में 95.98 रुपए और ग्वालियर में 95.86 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

ईंधन महंगा होने से अब रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जी, फल और राशन महंगे हो सकते हैं। वहीं किसानों के लिए खेती की लागत भी बढ़ेगी, क्योंकि ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने में अधिक खर्च आएगा। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी इजाफा संभव है।

विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। पहले जहां क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब यह 100 डॉलर के पार पहुंच गया है। इसके चलते तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है और घाटे की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।

देश में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर तय होती हैं। इसके अलावा रिफाइनिंग लागत, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट के कारण उपभोक्ताओं तक पहुंचते-पहुंचते कीमतें काफी बढ़ जाती हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं।

यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और इजाफा हो सकता है, जिससे महंगाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है।
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    <title>चिकित्सा पेशा नहीं, मानव सेवा का माध्यम: सीएम मोहन यादव</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-18 21:05:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सशक्त माध्यम है और ऐसे चिकित्सकों की आवश्यकता है, जो सेवा भावना के साथ समाज के प्रति समर्पित हों। वे सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित समझौता ज्ञापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की उपस्थिति में राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग तथा सेवांकुर भारत प्रकल्प, डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान, छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) के बीच पांच वर्ष की अवधि के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य मध्यप्रदेश को सेवा-प्रधान स्वास्थ्य नेतृत्व के मॉडल राज्य के रूप में विकसित करना है। इसके तहत ऐसे डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने पर जोर दिया जाएगा, जो पेशेवर दक्षता के साथ-साथ सामाजिक बदलाव के वाहक भी बनें।

कार्यक्रम के अंतर्गत “एक सप्ताह देश के नाम” पहल चलाई जाएगी, जिसमें लगभग 300 प्रतिभागियों को छत्रपति संभाजीनगर में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद निरंतर सहभागिता के लिए अनुभव साझा सत्र और व्यक्तित्व विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह पूरी पहल अनुभव-आधारित शिक्षण और मूल्य-आधारित नेतृत्व विकास की अवधारणा पर आधारित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनाओं का समावेश अत्यंत आवश्यक है, ताकि मरीजों को बेहतर और संवेदनशील उपचार मिल सके। उन्होंने इस साझेदारी को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उल्लेखनीय है कि डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान की स्थापना वर्ष 1989 में हुई थी और संस्था अब तक 70 लाख से अधिक जरूरतमंदों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर चुकी है। संस्था वर्तमान में देशभर में 46 परियोजनाओं का संचालन कर रही है, जिनमें बहु-विशेषज्ञता अस्पताल, चिकित्सा शिक्षा संस्थान, अत्याधुनिक रक्तपेढी तथा ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य परियोजनाएं शामिल हैं। संस्था हृदय शल्य चिकित्सा, आईवीएफ, नवजात शिशु देखभाल, एमआरआई और कैथ लैब जैसी उन्नत सुविधाओं के साथ महिला एवं बाल विकास और जनस्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
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    <title>मंत्रियों का ‘मिड टर्म एग्जाम’ आज: सीएम हाउस में वन-टू-वन समीक्षा, कामकाज का होगा पूरा लेखा-जोखा</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-18 09:42:28</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश सरकार में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा का दौर जारी है। इसी कड़ी में आज 11 मंत्रियों का ‘मिड टर्म एग्जाम’ लिया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनसे वन-टू-वन चर्चा कर उनके विभागीय कार्यों का विस्तृत आकलन कर रहे हैं। इससे पहले बीते दिन 20 मंत्री अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार, सुबह 9 से 11 बजे तक सीएम हाउस में यह समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें मंत्रियों को एक-एक कर बुलाकर उनके कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। इस दौरान सरकार के वचन पत्र, निर्धारित लक्ष्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

बैठक में मंत्रियों से न केवल उनके विभागीय कामकाज बल्कि संगठन से समन्वय, प्रभार वाले जिलों और अपने गृह जिलों में राजनीतिक व प्रशासनिक सक्रियता को लेकर भी सवाल पूछे जा रहे हैं। खास तौर पर उन विधानसभा सीटों पर किए गए कार्यों का भी आकलन किया जा रहा है, जहां पार्टी को पिछली बार हार का सामना करना पड़ा था।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर आगे की रणनीति तय कर सकते हैं। इस समीक्षा को संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे मंत्रियों में सक्रियता और जवाबदेही दोनों बढ़ी है।

सरकार के इस ‘मिड टर्म एग्जाम’ को प्रशासनिक कसावट और राजनीतिक संतुलन साधने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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    <title>सीधी:खदानों में ब्लास्टिंग पर सख्ती: प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, औचक निरीक्षण तेज—नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई तय</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-18 07:05:03</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में पत्थर खदानों और क्रशर संयंत्रों में ब्लास्टिंग को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देश पर विस्फोटक सामग्री के उपयोग और सुरक्षा मानकों की निगरानी तेज कर दी गई है। इसके तहत खनिज विभाग द्वारा लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में खनि अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला ने खनि निरीक्षक शिशिर यादव के साथ गोपदबनास तहसील अंतर्गत ग्राम बहेरा पश्चिम, अमहवा और उपनी क्षेत्र की स्वीकृत खदानों एवं क्रशर संयंत्रों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान कहीं भी विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई, जिससे फिलहाल नियमों के पालन की पुष्टि हुई।

निरीक्षण के दौरान खदान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग गतिविधि केवल सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही की जाए। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि सुरक्षा मानकों या नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उल्लंघन पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सभी खदानों और क्रशर इकाइयों का व्यापक स्तर पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा ब्लास्टिंग प्रक्रिया, विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित भंडारण और उपयोग को लेकर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

इस संबंध में 18 मई 2026 को चुरहट एवं रामपुर नैकिन क्षेत्र के खदान संचालकों के साथ उपखंड मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी। बैठक में सुरक्षा उपायों की समीक्षा, नियमों के पालन की स्थिति और भविष्य की जांच रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।

प्रशासन की इस सख्ती को खदान क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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    <title>35 फीट गहरे कुएं में गिरी कार: 3 युवक घायल, 5 घंटे चले रेस्क्यू में निकाले गए बाहर</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-17 22:20:42</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>बैतूल(ईन्यूज एमपी)- जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर 35 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो के हाथ-पैर टूटने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

पुलिस के अनुसार घटना शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे ग्राम गुदगांव और धामनगांव के बीच मोड़ पर हुई। कार (क्रेटा) में सवार राहुल (36) निवासी अडवी जिला अमरावती, कृष्णा बोकदे (36) निवासी कन्नौद और सत्यम तोमर (35) निवासी मुरैना किसी कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ता भटकने और मोड़ पर नियंत्रण खोने से वाहन करीब 10 फीट ढलान पार करते हुए सड़क से लगभग 20 फीट दूर स्थित कुएं में गिर गया।

हादसे के बाद एक युवक ने साहस का परिचय देते हुए खुद को कुएं से बाहर निकाला और पास के खेतों में सो रहे ग्रामीणों को जगाकर मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही डायल-112 और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कुएं में फंसे अन्य दो युवकों को बाहर निकाला गया। कुएं में करीब तीन फीट पानी भरा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। एक युवक कार के गेट में फंसा हुआ था, जिसे काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।

भैंसदेही थाना प्रभारी राजेश सातनकर और एसआई आशीष कुमरे के नेतृत्व में चलाए गए इस बचाव अभियान में पुलिस जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार और रास्ता भटकना माना जा रहा है।
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  <item>
    <title>आकाशीय बिजली की चपेट में आया नाबालिग, खेत में काम करते समय हादसा—जिला अस्पताल में भर्ती</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-17 17:53:53</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कतरी काड़ी में आकाशीय बिजली गिरने से एक नाबालिग गंभीर रूप से झुलस गया। घटना रविवार दोपहर की है, जब 17 वर्षीय संतोष सिंह खेत में काम कर रहा था। अचानक मौसम खराब होने के बीच बिजली गिरने से वह बेहोश होकर खेत में गिर पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतोष सिंह दोपहर करीब 3 बजे अपने खेत में मेढ़ बनाने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और हल्की बारिश शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज चमक के साथ गिरी आकाशीय बिजली सीधे संतोष की चपेट में आ गई, जिससे वह मौके पर ही गिरकर कांपने लगा।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल संतोष को उसके परिजनों के साथ बाइक से जिला अस्पताल सीधी पहुंचाया, जहां तत्काल उपचार शुरू किया गया।

जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर बृजेश पांडे के अनुसार, युवक आकाशीय बिजली की चपेट में आया है और उसकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि युवक सदमे के कारण घबराहट और कंपकंपी की स्थिति में है, हालांकि इलाज जारी है और जल्द सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने खराब मौसम के दौरान खेतों में काम न करने की अपील की है। मौसम विशेषज्ञों द्वारा भी लगातार चेतावनी जारी की जाती रही है कि बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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    <title>खुले में चिकन बिक्री पर सख्ती: 1 जून से मीट मंडी में ही होगी बिक्री, उल्लंघन पर कार्रवाई</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-17 11:29:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी(ईन्यूज एमपी)- शहर में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए खुले में चिकन बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने शहर क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रिया पाठक सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने चिकान मोहल्ला पहुंचकर खुले में चिकन बिक्री कर रहे विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 जून से सभी विक्रेता वार्ड क्रमांक 6 स्थित निर्धारित मीट मंडी में ही बिक्री करें। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान कलेक्टर ने सुखा नाला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और वहां हो रहे अतिक्रमण पर नाराजगी जताई। संबंधित विभाग को तत्काल अतिक्रमण हटाने और नाला क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की इस कार्रवाई को “स्वच्छ शहर, स्वस्थ शहर” अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शहर को स्वच्छ व व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।
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  <item>
    <title>राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग, 68 यात्री सुरक्षित निकाले गए—रेलवे ट्रैक पर आवागमन प्रभावित</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-17 09:34:41</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रतलाम/आलोट(ईन्यूज एमपी)- त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार तड़के आग लगने की घटना सामने आई है। हादसा रतलाम जिले के आलोट के पास लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच हुआ, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12431 राजधानी एक्सप्रेस रात करीब 3:45 बजे रतलाम जंक्शन से रवाना हुई थी। सुबह करीब 5:15 बजे राजस्थान सीमा में प्रवेश से पहले एसी कोच बी-1 में अचानक आग लग गई। कोच में कुल 68 यात्री सवार थे, जिन्हें रेलवे कर्मचारियों और स्टाफ की तत्परता से लगभग 15 मिनट के भीतर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के बाद एहतियात के तौर पर ट्रेन का बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया गया और प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया। साथ ही दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रैफिक अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिससे अन्य ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।

घटना स्थल कोटा रेल मंडल क्षेत्र में आता है, लेकिन नजदीकी होने के कारण रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार तत्काल मौके के लिए रवाना हो गए। रेलवे प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य के लिए दुर्घटना राहत ट्रेन और टॉवर वैगन भी मौके पर भेज दी है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। रेलवे द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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    <title>देवास पटाखा काण्ड के बाद जागा सीधी का प्रशासन ,सेमरिया बाजार में अवैध पटाखा भंडारण पर बड़ी कार्रवाई...</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-16 21:29:21</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी ( ईन्यूज एमपी) देवास पटाखा काण्ड के बाद सीधी का भी प्रशासन जाग गया है एहतियातन जिले में उस वक्त  हड़कंप मच गया जब राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध पटाखा भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये के पटाखे जब्त कर लिए।  देवास हादसे के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और अब सेमरिया में भी कार्रवाई का बड़ा असर देखने को मिला है ।

सेमरिया बाजार स्थित उमेश पटाखा स्टोर पर नायब तहसीलदार  एकता शुक्ला और सेमरिया थाना प्रभारी केदार परौहा की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि लाइसेंस होने के बावजूद भारी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण घर के अंदर किया गया था। बताया जा रहा है कि करीब 3 लाख रुपये से अधिक के पटाखे जब्त किए गए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मुख्य बाजार और रिहायशी इलाके में इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे जमा कर दी गई? अगर जरा सी चिंगारी भड़क जाती तो पूरा बाजार तबाही में बदल सकता था। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विस्फोटक अधिनियम 1884 और विस्फोटक नियम 2021 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

नायब तहसीलदार एकता शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन सामने आया है और अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का साफ संदेश है कि लोगों की जान जोखिम में डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सेमरिया क्षेत्र में अभी भी कई जगहों पर चोरी-छिपे पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उन ठिकानों तक नहीं पहुंच पाए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे बाजार में व्यापक जांच अभियान चलाया जाए ताकि किसी बड़े हादसे से पहले खतरे को खत्म किया जा सके।

देवास की दर्दनाक घटना के बाद अब प्रशासन एक्शन में है और सीधी सेमरिया की यह कार्रवाई साफ बता रही है कि अवैध पटाखा कारोबारियों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो चुका है।</description>
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    <title>समारोहपूर्वक मनाई गई निषादराज/केवट जयंती, मछुआ चैपाल में दी गई योजनाओं की जानकारी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-16 19:25:34</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भगवान निषादराज के आदर्शों पर चलकर सामाजिक समरसता और जनकल्याण का लिया संकल्प


सीधी(ईन्यूज एमपी)-जिले के रामपुर नैकिन विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुजरेड़ में निषादराज/केवट जयंती का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर मछुआ चैपाल का आयोजन कर मत्स्यपालकों को विभागीय योजनाओं एवं उन्नत मत्स्य पालन तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई।

 	गुरुवार 15 मई  को सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के मुख्य आतिथ्य तथा श्रीमती करुणा केवट, सरपंच ग्राम पंचायत गुजरेड़ की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया।

 	कार्यक्रम में स्थानीय केवट समाज के प्रबुद्धजन, मत्स्य पालक, मछुआ सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य, ग्रामीण तालाबों के पट्टाधारक तथा स्थानीय मत्स्यपालक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों को मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न शासकीय योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों और आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

 	इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अपने उद्बोधन में भगवान निषादराज जी के आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, समर्पण, सामाजिक समरसता और जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान निषादराज ने अपने आचरण से समाज को निस्वार्थ सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया। सांसद ने उपस्थित जनसमुदाय से उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही भगवान निषादराज के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

 	कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रामपुर नैकिन, तहसीलदार रामपुर नैकिन, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, मत्स्य विभाग की टीम सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।यह आयोजन सामाजिक परंपराओं के सम्मान के साथ-साथ मत्स्यपालक समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।

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    <title>देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: सीएम डॉ. मोहन ने लिया सख्त एक्शन,एसडीएम-नायब तहसीलदार-एसडीओ (पुलिस) को तत्काल प्रभाव से निलंबित, आदेश जारी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-16 18:18:15</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल(ईन्यूज एमपी)- देवास जिले के पटाखा फैक्ट्री हादसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा और एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे को निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में सक्सेना और शर्मा को देवास कलेक्टर कार्यालय अटैच किया गया है। जबकि, दीपा को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। शासन की ओर से इनके निलंबन के आदेश भी जारी हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट कहना है कि इस हादसे के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। 

संभागायुक्त के आदेश के मुताबिक, एसडीएम संजीव सक्सेना और टप्पा चिडावद, तहसील टोंकखुर्द के नायब तहसीलदार रवि शर्मा द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितता बरती गई। इसके कारण यह घटना हुई। उनका यह कृत्य अनुशासनहीनता और कदाचरण की श्रेणी में आता है। इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। वहीं, गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में लिखा है कि 14 मई को देवास की तहसील टोंकखुर्द में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के कारण कुछ लोगों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एसडीओ (पुलिस) दीपा मांडवे ने समय-समय पर शासन स्तर से जारी निर्देशों के आधार पर उक्त फैक्ट्री के संचालन का निरीक्षण नहीं किया। उन्होंने वरिष्ठ कार्यालय को प्रतिवेदन भी प्रेषित नहीं किया। यह कृत्य कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीन आचरण है। इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

सीएम डॉ. यादव ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
गौरतलब है कि, देवास जिले में 14 मई को पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया था। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया था। उन्होंने उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की थी। उन्होंने एक ओर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल जाने के निर्देश दिए थे, तो दूसरी ओर, हादसे की जांच के आदेश भी दे दिए थे। उन्होंने कहा है कि इस घटना के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</description>
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    <title>डिजिटल न्याय की नई क्रांति: एमपी हाईकोर्ट ने लॉन्च किए आधुनिक प्लेटफॉर्म, सीएम बोले—अब न्याय होगा और आसान, तेज व पारदर्शी</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-16 16:51:52</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>भोपाल/जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में न्याय व्यवस्था को आधुनिक, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हाईकोर्ट ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की नई श्रृंखला लॉन्च की। जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चर एंड इंफॉर्मेशन सेंटर में आयोजित ‘फ्रेगमेंटेशन ऑफ फ्यूजन: एम्पावरिंग जस्टिस वाया-यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, केंद्रीय विधि राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित न्यायपालिका के कई वरिष्ठ न्यायाधीश मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की न्याय परंपरा प्राचीन काल से ही समृद्ध रही है और सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की मिसाल आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से न्याय प्रणाली को सरल बनाना समय की आवश्यकता है और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी, फाइलों का त्वरित निपटारा होगा और नागरिकों को बिना देरी के न्याय मिल सकेगा।

कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायपालिका को 24×7 सेवा प्रणाली की ओर ले जाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जैसे अस्पतालों में हर समय इलाज उपलब्ध रहता है, वैसे ही न्याय व्यवस्था भी हर समय नागरिकों को राहत देने में सक्षम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंटीग्रेशन से कोर्ट, पुलिस, जेल, फॉरेंसिक और मेडिकल सिस्टम एक साथ काम करेंगे, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश ‘ईज ऑफ जस्टिस’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने डिजिटल नवाचारों को न्याय व्यवस्था का भविष्य बताते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने भी इस पहल को न्यायिक प्रणाली में बड़ा बदलाव करार दिया।

इस दौरान हाईकोर्ट ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधाएं शुरू कीं, जिनमें लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ‘CLASS’ सिस्टम, डिजिटल डेटा मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म ‘प्रथम’, ऑनलाइन क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम, ई-समन व्यवस्था, कोर्ट ऑर्डर की डिजिटल कॉपी, और ‘संकेत वाणी’ मोबाइल ऐप शामिल हैं, जो विशेष रूप से मूक-बधिर नागरिकों की सहायता के लिए विकसित किया गया है। इसके अलावा ‘वन केस-वन डाटा’ सिस्टम के जरिए विभिन्न विभागों के बीच रियल टाइम में जानकारी साझा करना संभव होगा।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा कि इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फरियादियों को अब फैसलों की कॉपी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम होगी। उन्होंने इसे भविष्य की न्याय व्यवस्था की मजबूत नींव बताया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की वार्षिक रिपोर्ट-2025 का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में न्यायपालिका, पुलिस, प्रशासन और विधिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, जिससे आम नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
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    <title>सीधी बना देश का पहला ‘संकेत संवाद’ जिला, मूक-बधिरों के लिए पुलिसिंग का नया मॉडल शुरू</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-16 16:09:58</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>सीधी/जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश का सीधी जिला अब समावेशी पुलिसिंग और न्याय व्यवस्था का नया उदाहरण बनकर सामने आया है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर और जिला पुलिस सीधी की संयुक्त पहल से जिले के सभी थानों को मूक-बधिर अनुकूल बनाते हुए ‘संकेत संवाद मध्यस्थता केन्द्र’ की शुरुआत की गई है, जिसका शनिवार को भव्य ई-लोकार्पण किया गया।

इस केंद्र का वर्चुअल लोकार्पण भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया, जबकि जबलपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम से सीधी के कोतवाली थाना परिसर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया, जहां स्थानीय स्तर पर भी गरिमामयी आयोजन हुआ।

सीधी में स्थापित यह केंद्र मूक-बधिर नागरिकों के लिए न्याय और पुलिस सेवाओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करेगा। अब ऐसे नागरिकों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिले के सभी थानों में विशेष क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन करते ही पीड़ित सीधे सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ से वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ सकेगा। इसके बाद इंटरप्रेटर शिकायत को समझकर पुलिस अधिकारियों तक सटीक जानकारी पहुंचाएगा।

इस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि शिकायतों के निराकरण में भी तेजी आएगी। थाना स्तर पर यह बदलाव पुलिस और आमजन के बीच भरोसे को मजबूत करेगा और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करेगा।

सीधी कोतवाली में आयोजित कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी.एल. दिनकर, कलेक्टर विकास मिश्रा, एडीजे रविंद्र शर्मा, राकेश कुमार सोनी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार वर्मा सहित न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इस पहल को सफल बनाने में सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ अपराजिता पाण्डेय, मूक-बधिर सेवा संघ के प्रतिनिधियों और आनंद सर्विस सोसाइटी के ज्ञानेंद्र पुरोहित एवं मोनिका पुरोहित का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सीधी में शुरू किया गया यह मॉडल अब पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गया है। जानकारी के अनुसार, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और रीवा जैसे बड़े शहरों में भी इसी तरह के मूक-बधिर अनुकूल केंद्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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    <title>लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्रवाई,रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार,</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-16 16:00:40</pubDate>
    <link>https://www.enewsmp.com/</link>
	<description>रीवा(ईन्यूज एमपी)- लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख के निर्देश पर तथा पुलिस उप महानिरीक्षक श्री मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने शनिवार को की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी मनोज पांडे (52)पटवारी हल्का खजूहा कला, निवासी वार्ड क्रमांक 9 राजीव मार्ग निराला नगर, को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।शिकायतकर्ता कमलेश पटेल, निवासी ग्राम खजुआ कला तहसील गुड़, ने 13 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता की भूमि के सीमांकन मामले में पटवारी मनोज पांडे द्वारा 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें सामने आया कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए ले चुका था और शेष 5 हजार रुपए की मांग कर रहा था। इसके बाद 16 मई 2026 को ट्रैप की कार्रवाई की गई।

टीम ने आरोपी को राजीव मार्ग निराला नगर क्षेत्र में 5 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 (क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक श्री प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में निरीक्षक श्री संदीप सिंह भदौरिया सहित 12 सदस्यीय टीम शामिल रही।

लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना लोकायुक्त कार्यालय रीवा को मोबाइल नंबर 9893607619 या दूरभाष नंबर 07662-256569 पर दें।इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और एक बार फिर लोकायुक्त की सख्ती का संदेश स्पष्ट हो गया है।
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  <item>
    <title>तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिला पर बाघ का हमला, मौके पर मौत</title>
    <lastmod>2026-06-19T12:00:00</lastmod>
	<pubDate>2026-05-16 11:51:04</pubDate>
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	<description> बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 15 दिन में दूसरी मौत, दहशत में ग्रामीण


उमरिया(ईन्यूज एमपी)- विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आज शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तेंदूपत्ता तोड़ने गई एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, घटना पनपथा कोर क्षेत्र के कुदरी जंगल की है। मृतका की पहचान कुदरी निवासी 30 वर्षीय **ममता यादव** के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी, तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व के अधिकारी और वन अमला मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी गई है। शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

परिक्षेत्र अधिकारी रमेश पतले ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार ग्रामीणों को जंगल में सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाता है। घटना के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और गश्त तेज कर दी गई है।

इस घटना के बाद यह साफ हो गया है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। बीते 15 दिनों में यह दूसरी मौत है, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो चुके हैं।

बताया जाता है कि 3 मई को कुदरी क्षेत्र में ही एक ग्रामीण की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 10 मई को तेंदूपत्ता तोड़ने गई एक युवती पर भालू ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। वहीं 11 और 12 मई को भी दो अलग-अलग घटनाओं में बाघ के हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए थे।

लगातार हो रही घटनाओं के चलते स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता और अन्य वन उपज संग्रह के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल में न जाएं और निर्धारित समय व सुरक्षित क्षेत्रों में ही प्रवेश करें।
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