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Home सीधी दर्पण मोहनिया टनल हादसे पर शुरू हुई बयानबाजी, एसी ट्रायवल व सीईओ कि गलती से गई आदिवासियों कि जान...?

मोहनिया टनल हादसे पर शुरू हुई बयानबाजी, एसी ट्रायवल व सीईओ कि गलती से गई आदिवासियों कि जान...?

सीधी (ईन्यूज एमपी)-सीधी में मोहनिया टनल के पास नेशनल हाईवे पर शुक्रवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में 14 बस यात्रियों की मौत हो गई। 8 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि बाकी की मौत अस्पताल में हुई। रीवा और सीधी अस्पताल में कुल 60 यात्रियों को भर्ती कराया गया है। इनमें 10 की हालत गंभीर है। हादसा ट्रक का टायर फटने से हुआ। बेकाबू ट्रक ने तीन खड़ी बसों को पीछे से टक्कर मार दी। सरकारी आंकड़े कि बात करे तो अभी तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें 7 चुरहट अस्पताल, 2 सीधी अस्पताल, 5 रीवा मेडिकल कॉलेज में शव रखे गए हैं। 10 लोगों की शिनाख्त हो गई है, जबकि शेष कि शिनाख्त नहीं हो सकी है।


ये बसें सतना में हुए कोल समाज के महाकुंभ में शामिल होने के बाद सीधी लौट रही थीं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और CM शिवराज सिंह भी शामिल हुए थे। CM शिवराज सतना में थे। वे सूचना मिलते ही घटनास्थल बड़खरा गांव पहुंच गए।

पूरे घटनाक्रम के बाद धीरे-धीरे घटना के कारण और कहीं ना कहीं घटना के पीछे हुई लापरवाही की परत धीरे-धीरे खुलने लगी है पूरे घटनाक्रम के बाद गृहमंत्री और सीएम से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं द्वारा शोक संवेदना व्यक्त की गई है और सीएम शिवराज सहित जिले के जनप्रतिनिधि घायलों का हाल जानने उन तक पहुंचे हैं। घटना के बाद देर रात जहां सीएम शिवराज सिंह प्रदेश अध्यक्ष भाजपा बीडी शर्मा सहित कई लोग घटनास्थल मोहनिया टनल में पहुंचे थे तो वही अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा हॉस्पिटल में पहुंचकर भी अपने क्षेत्र के लोगों का हाल जाना गया।

चुरहट विधानसभा क्षेत्र के आम आदमी पार्टी के नेता अनेद्र मिश्र राजन द्वारा पूरे घटनाक्रम को लेकर बताया गया कि घटना में घायल हुए और मृतक चुरहट विधानसभा के बागढ एवं चोभरा के आदिवासी थे जिन्हें सतना से वाया गोविंदगढ़ ले जाया जा सकता था इससे दूरी भी कम थी लेकिन ना जाने क्यों संहायक आयुक्त आदिवासी एवं सीईओ रामपुरनैकि की लापरवाही के चलते उन्हें घुमाकर मोहनिया टनल द्वारा ले जाया गया और बाहर पूडी़ और पानी बांटने के चक्कर में यह घटना घटित हो गई जो दुर्भाग्यपूर्ण है उनके द्वारा सभी मृत आत्मा को श्रद्धांजलि एवं घायल आदिवासी भाइयों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई है।

अनेद्र मिश्र के वक्तव्य पर ध्यान दिया जाए तो यह बात सही है कम दूरी से जिन्हें जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सकता था उन्हें प्रशासनिक चूक के कारण असमय काल के गाल में समाना पड़ गया। सूत्रों की माने तो मोहनिया टनल के बाहर थोक में इन आदिवासियों के लिए जानवरों कि तरह लंच पैकेट के गड्ढे लगाए गए थे और उन्हें लंच पैकेट को बांटने के चक्कर में बसों को वहां पर रोका गया था जिसके कारण यह घटना हो गई है पूरे घटनाक्रम में आदिवासी विकास विभाग सीधी के असिस्टेंट कमिश्नर एवं रामपुर नैकिन जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की लापरवाही प्रतीत हो रही है सरलता और सहजता से आदिवासियों को उनके गंतव्य तक छोड़ने की वजह अपनी व्यवस्था के अनुरूप उन्हें घुमा कर लाया जा रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात 9 बजे मोहनिया टनल से कुछ दूरी पर यह हादसा हुआ। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से दो बसें 10 फीट गहरी खाई में गिर गईं। एक बस हाईवे पर ही पलट गई। ट्रक सीमेंट से भरा था, टक्कर के बाद पलट गया।
घायल यात्रियों को काफी मशक्कत के बाद बस से निकाला गया। पैर में चोट लगने से कई वहीं बैठ गए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रात में रीवा के अस्पताल एवं घटनास्थल मोहनिया टनल पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया। उनके साथ प्रदेश भाजपाध्यक्ष वीडी शर्मा भी मौजूद रहे। इससे पहले सीधी कलेक्टर और SP ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। सीधी सांसद रीती पाठक,चुरहट विधायक शरदेंदु तिवारी भी मौके पर पहुंचे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता कमलनाथ, अजय सिंह राहुल, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी हादसे पर दुख जताया। जबकि सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा आज अस्पताल में जाकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की गई एवं उन्हें सांत्वना दिया गया।

बताया जा रहा है कि सतना में आयोजित कोल जनजाति महाकुंभ के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए विंध्य क्षेत्र के सभी जिलों को 300-300 बसें भरकर लोगों को लाने का टारगेट दिया गया था। शाम साढ़े 5 बजे कार्यक्रम खत्म हुआ।। सभी बसें सतना से रामपुर बघेलान और रीवा के रास्ते मोहनिया टनल होकर सीधी जा रही थीं।

टनल से एक किलोमीटर दूर सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र में बड़खड़ा गांव के पास तीन बसें कुछ देर के लिए रोकी गई थीं। यहां यात्रियों के लिए चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। इसी बीच, पीछे से आ रहे सीमेंट से भरे ट्रक ने तीनों बसों को टक्कर मारी। तीनों बसों से 50 से 60 सवार थे।

हादसे में घायल शिक्षक ने बताया कि टनल के पास खाना वितरण करना गलत था। बसों में सीधे ट्रक ने आकर टक्कर मारी, जिससे दो बस खाई में गिर गई और एक बस ऊपर रह गई। कार-जीप को भी टक्कर लगी थी जिससे वह भी दूर तक फिका गईं। हादसे के समय हम बीस-तीस मीटर तक भागे हैं, तब कहीं जाकर हमारी जान बस सकी है। जो लोग भाग नहीं सके हैं उनकी मौत हो गई।

चुरहट विधानसभा के समाजसेवी एवं नेता बद्रीश मिश्रा ने कहा है कि आदिवासी महाकुंभ से लौट रहे मृतक के परिजनों को एक करोड़ रूपए प्रति मृतक के मान से परिजनों को सहायता दी जाए व एक एक बारिश को शासकीय सेवा में नौकरी दी जाए। भविष्य में हितग्राही सम्मेलन आयोजित किए जाते समय सतर्कता बरती जाए जिससे अकाल मौत रोकी जा सके।

घटना पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य बृजेंद्र नाथ मिश्रा द्वारा शोक जाहिर किया गया है मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई है घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई है।

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