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Home मध्य प्रदेश बाढ़ तथा अतिवृष्टि की आपदा से बचाव के प्रबंध करें - मुख्य सचिव,अधिकारियों को दिए निर्देश...

बाढ़ तथा अतिवृष्टि की आपदा से बचाव के प्रबंध करें - मुख्य सचिव,अधिकारियों को दिए निर्देश...

सीधी(ईन्यूज एमपी)- मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं तथा कार्यक्रमों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी कलेक्टर बाढ़ तथा अतिवृष्टि की आपदा से बचाव के समुचित प्रबंध करें। बाढ़ राहत के लिए बचाव दलों तथा आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिला और तहसील स्तर पर 15 जून से कंट्रोल रूम स्थापित कर दें। बड़े सिंचाई बांधों की लगातार निगरानी कराएं। बांधों में यदि सीपेज है तो उसे तत्काल ठीक करा दें।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूल चलें हम अभियान तीन दिवस चलाया जाएगा। अभियान के प्रथम दिन प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। सभी शाला त्यागी बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रवेश उत्सव का आयोजन करें। दूसरे दिन विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ बैठक कर उनसे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के संबंध में सुझाव प्राप्त करें। अभियान के तीसरे दिन भविष्य से भेंट का कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के ख्यातिलब्ध व्यक्तियों के प्रेरक भाषण स्कूलों में होंगे। अधिकारी भी चिन्हित स्कूलों में जाकर बच्चों को कम से कम एक पीरियड पढ़ाएं। प्रदेश भर में 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाएगा। आयुष विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग इसके लिए आवश्यक प्रबंध करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी फसल के लिए कलेक्टर कृषि आदान की नियमित समीक्षा करें। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में बीज भण्डारित हैं। किसानों की मांग के अनुसार इनका वितरण कराएं। प्रदेश में यूरिया खाद का भी पर्याप्त भण्डार है। मुख्य सचिव ने कहा कि आग दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी अस्पतालों, माल तथा अन्य बड़े भवनों में फायर ऑडिट अनिवार्य रूप से कराएं। आग दुर्घटना रोकने के अन्य उपायों पर भी ध्यान दें। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि कलेक्टर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित कर वर्षा जनित रोगों से बचाव के उपायों की समीक्षा करें। दवायें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इनका वितरण सुनिश्चित करें। सभी अस्पतालों में विभिन्न रोगों की जाँच की सुविधा की भी समीक्षा करें।
बैठक में प्रमुख सचिव पीएचई पी नरहरि ने कहा कि कलेक्टर जल जीवन मिशन के कार्यों की सतत निगरानी करें। समूह नल-जल योजनाओं के संशोधित प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत कर दें। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई का अभियान चलाएं। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करें।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में एनआईसी कक्ष में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, वनमण्डलाधिकारी क्षितिज कुमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल धोटे, अपर कलेक्टर राजेश शाही, संयुक्त कलेक्टर नीलेश शर्मा, उपखण्ड अधिकारी कुसमी एस.पी. मिश्रा, सिहावल प्रशांत त्रिपाठी, मझौली आर.पी. त्रिपाठी, चुरहट शैलेष द्विवेदी, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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