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Home विंध्य प्रदेश संजय गांधी में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग करेगा रेस्‍क्‍यू.....

संजय गांधी में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग करेगा रेस्‍क्‍यू.....

उमरिया(ईन्यूज एमपी)- जिले के बिरसिंहपुर पाली जनपद क्षेत्र में स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह के ट्रिपर साइडिंग में एक मगरमच्छ घुस गया। यह मगरमच्छ एक संकरी नाली में फंस गया और लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। हालांकि रेलवे के कर्मचारियों की नजर ना पड़ती तो यह मगरमच्छ लोगों के लिए खतरनाक भी हो सकता था।


इस मगरमच्छ को रेलवे के कर्मचारियों ने सबसे पहले देखा और इसकी सूचना संजय गांधी ताप विद्युत प्रबंधन को दी। संजय गांधी ताप विद्युत प्रबंधन ने ट्रिपर साइडिंग में मगरमच्छ के घुसने की सूचना वन विभाग को दे दी। वन विभाग यहां से रेस्क्यू कर मगरमच्छ को नदी में छोड़ेगा।

कोयले की रैक लेकर पहुंचे मालगाड़ी के कर्मचारियों ने सबसे पहले मगरमच्छ को ट्रिपर साइडिंग में रेलवे ट्रैक के किनारे नाली में देखा था। मालगाड़ी के चालक ऋषिकेश मीणा ने मगरमच्छ को देखने के बाद गार्ड जय चंद्र पीजी को इसकी सूचना दी।

मालगाड़ी का यह रैक पॉइंट पर खड़ा था और यहां दूसरे स्टाफ को चार्ज दिया जाना था। गार्ड का चार्ज लेने पहुंचे राकेश सोनकर को जब इस बात की जानकारी लगी तो उन्होंने संजय गांधी ताप विद्युत गृह प्रबंधन से संपर्क किया और उन्हें इसकी सूचना दी इसके बाद अपनी ड्यूटी करने के साथ रेलवे के कर्मचारियों ने ट्रैक के किनारे से निकालने वालों को मगरमच्छ से सतर्क करने का काम शुरू कर दिया।

मगरमच्छ ट्रिपर साइडिंग में घुसने के बाद एक संकरी नाली में चला गया था, जहां उसका विशालकाय शरीर बुरी तरह से फंस गया। नाली संकरी होने के कारण मगरमच्छ अपनी जगह से हिलडुल भी नहीं पा रहा था। यदि मगरमच्छ नाली में ना फंसा होता तो निश्चित तौर पर उसने आसपास मौजूद मजदूरों को नुकसान पहुंचा दिया होता। ट्रिपर साइडिंग में ठेका मजदूर काम करते हैं जो कोयलेे को रैक से उतरने और यहां से दूसरी जगह भेजने के कई तरह के कार्यों को अंजाम देते हैं। यह मजदूर मगरमच्छ का शिकार हो सकते थे।


जोहिला से आने की संभावना
मगरमच्छ के यहां जोहिला नदी से आने की संभावना जताई जा रही है। अमरकंटक से निकलने वाली जोहिला नदी पर ही संजय गांधी ताप विद्युत गृह का विशाल डैम बना हुआ है। जहां पर मगरमच्छ देखा गया है वहां से जोहिला नदी की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि जोहिला नदी में आया यह मगरमच्छ किसी नाले अथवा ऐसे स्थान से चलता हुआ यहां पहुंच गया होगा जो उसके लिए आसान रहा होगा। अमरकंटक से निकलने वाली नदियों में मगरमच्छ पाए जाते हैं और जोहिला नदी भी अमरकंटक से निकलकर ही यहां तक पहुंचती है।

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